Message Schedule List : 12,068
| S. No. | Message | Language | Created By | Date | Time | Status | Action |
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| 11 | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Baran ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 15 May - 24 May के दौरान दिन में 43 और रात में 29 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। मूंग की फसल में पोषक तत्वों की कमी के फूल गिरने की समस्या होती है अधिक मात्रा में फूल गिरने से उपज प्रभावित होती है इसके लिए पेक्लोबुटराजोल 40 प्रतिशत SC 30 मिलीलीटर प्रति एकड़ की दर से उपयोग करना चाहिए I जब मूंग एवं उड़द की फसल में 85 प्रतिशत फलियां परिपक्व हो जायें तब फसल की कटाई करें। अधिक पकने पर फलियां चटक सकती हैं अत: कटाई समय पर किया जाना आवश्यक होता है। कटाई उपरांत फसल को गहाई करके बीज को 9 प्रतिशत नमी तक सुखाकर भंडारण करें। स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिये शून्य दबाए I | Hindi | Rajasthan User | 15-05-2026 | 15:02:00 | SCHEDULED |
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| 12 | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Kota ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 15 May - 24 May के दौरान दिन में 42 और रात में 30 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। मूंग की फसल में पोषक तत्वों की कमी के फूल गिरने की समस्या होती है अधिक मात्रा में फूल गिरने से उपज प्रभावित होती है इसके लिए पेक्लोबुटराजोल 40 प्रतिशत SC 30 मिलीलीटर प्रति एकड़ की दर से उपयोग करना चाहिए I जब मूंग एवं उड़द की फसल में 85 प्रतिशत फलियां परिपक्व हो जायें तब फसल की कटाई करें। अधिक पकने पर फलियां चटक सकती हैं अत: कटाई समय पर किया जाना आवश्यक होता है। कटाई उपरांत फसल को गहाई करके बीज को 9 प्रतिशत नमी तक सुखाकर भंडारण करें। स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिये शून्य दबाए I | Hindi | Rajasthan User | 15-05-2026 | 15:00:00 | SCHEDULED |
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| 13 | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Tonk ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 15 May - 24 May के दौरान दिन में 43 और रात में 29 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। मूंग की फसल में पोषक तत्वों की कमी के फूल गिरने की समस्या होती है अधिक मात्रा में फूल गिरने से उपज प्रभावित होती है इसके लिए पेक्लोबुटराजोल 40 प्रतिशत SC 30 मिलीलीटर प्रति एकड़ की दर से उपयोग करना चाहिए I जब मूंग एवं उड़द की फसल में 85 प्रतिशत फलियां परिपक्व हो जायें तब फसल की कटाई करें। अधिक पकने पर फलियां चटक सकती हैं अत: कटाई समय पर किया जाना आवश्यक होता है। कटाई उपरांत फसल को गहाई करके बीज को 9 प्रतिशत नमी तक सुखाकर भंडारण करें। स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिये शून्य दबाए I | Hindi | Rajasthan User | 15-05-2026 | 14:55:00 | SCHEDULED |
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| 14 | জিলা: তিনিচুকীয়া ( ষ্টেচন: দৰিয়াভেটি_AWS ) বতৰৰ বতৰা আৰু আমাৰ পৰামৰ্শ (বৈধতাৰ সময়সীমা: ৬ৰ পৰা ১৫ মে’লৈ, ২০২৬) চলিদাৰীডেড ৰ প্রিয় ক্ষুদ্ৰ চাহ খেতিয়ক সকল। ভি আই স্মাৰ্ট কৃষি (VI Smart Agri) পৰামৰ্শলৈ স্বাগতম। তিনিচুকীয়া জিলাৰ দৰিয়াভেটিত অৱস্থিত স্বয়ংক্ৰিয় বতৰ বিজ্ঞান কেন্দ্ৰৰ (Automatic Weather Station) পৰা পোৱা বতৰৰ আগলি বতৰা অনুযায়ী ৬ৰ পৰা ১৫ মে’লৈ, ২০২৬ বতৰ সাধাৰণতে ডাৱৰীয়াৰ পৰা আংশিকভাৱে ডাৱৰীয়া হৈ থাকিব আৰু লগতে পাতলীয়াৰ পৰা মজলীয়া বৰষুণৰ সম্ভাৱনা আছে। দিনৰ উষ্ণতা প্ৰায় ২৪-৩৩ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ আৰু নিশাৰ উষ্ণতা প্ৰায় ২২-২৫ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ হব বুলি অনুমান কৰা হৈছে। ৰাতিপুৱা আৰু আবেলিৰ আপেক্ষিক আৰ্দ্ৰতা ক্ৰমান্বয়ে প্ৰায় ৯০ % আৰু ৬০ % আশে-পাশে থাকিব। বতাহ প্ৰতি ঘন্টাত ২-৯ কিলোমিটাৰ বেগত উত্তৰ-পূব দিশৰ পৰা প্ৰবাহিত হব। চাহ খেতিৰ বাবে: • এই সময়ত সকলো বোৰ বাগানত জনম পাতৰ ওপৰত ৬/৭ দিনৰ ব্যৱধানত পাত তুলিব লাগে। গোল পাতৰ বা FISH LEAF ৰ ওপৰত তুলিলে পাততোলা টেবুল খন লাহে লাহে ওখ হৈ পৰে আৰু গছৰ উৎপাদন কমি যায়। • Black rot, Red rust আদি বেমাৰ বাগান বোৰত দেখা যাব পাৰে। প্ৰতিৰোধমূলক ব্যৱস্থাৰ বাবে ৫০০ গ্ৰাম Copper Fungicide (ভেঁকুৰনাশক) প্ৰতি ২০০ লিটাৰ পানীত মিহলাই স্প্ৰে কৰিব পাৰে। ৰোগ নিয়ন্ত্ৰণৰ বাবে প্ৰয়োগ কৰিব লগা সকলো ৰাসায়নিক পদাৰ্থ নিম্নতম ৬-৭ দিনৰ ব্যৱধানত পাততোলাৰ পিছত স্প্ৰে কৰিব লাগিব যাতে পিছত কোনো এম.আৰ.এল. (MRL) সমস্যা নাহে। • যোৱা কেইদিনমানত যথেষ্ট পৰিমাণৰ বৰষুণ লাভ কৰা হৈছে, গতিকে এই সময়ত পৈণত আৰু অপৈণত চাহ গছত First Split Dose সাৰ প্ৰয়োগ কৰিলে গছৰ উৎপাদনত যথেষ্ট সহায় কৰিব। বৰষুণৰ ফলত যাতে সাৰৰ অপচয় নহয় তাৰ প্ৰতি লক্ষ্য ৰাখিব লাগিব। অন্যান্য শস্যৰ বাবে: • পাচলিৰ বাৰীখনৰ পৰা যাতে অতিৰিক্ত পানীভাগ ওলাই যাব পাৰে তাৰ বাবে সৰু সৰু নলা খান্দি দিয়াৰ ব্যৱস্থা কৰিব । • এই সময়ত জলকীয়া খেতিত ফল পচন ( Fruit rot) ৰোগৰ লক্ষণ দেখা যাব পাৰে। কাৰ্যকৰী নিয়ন্ত্ৰণৰ বাবে, কেপ্টান 50 WP @ 2 গ্ৰাম প্ৰতি লিটাৰ পানীত (@2g/litre) মিহলাই স্প্ৰে কৰিব লাগিব। বৰষুণ হোৱাৰ সম্ভাৱনা আছে বাবে ফৰকাল বতৰ চাইহে দৰৱ স্প্ৰে কৰিব। বতৰ আৰু কৃষি সম্পৰ্কীয় তথ্যৰ বিষয়ে জানিবলৈ কৃষকসকলে ৭০৬৫-০০-৫০৫৪ নম্বৰত মিছড কল দিব পাৰে। ধন্যবাদ । | Assamese | Assam | 14-05-2026 | 15:00:00 | SCHEDULED |
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| 15 | জিলা: তিনিচুকীয়া ( ষ্টেচন: ৰূপজান_AWS ) বতৰৰ বতৰা আৰু আমাৰ পৰামৰ্শ (বৈধতাৰ সময়সীমা: ৬ৰ পৰা ১৫ মে’লৈ, ২০২৬) চলিদাৰীডেড ৰ প্রিয় ক্ষুদ্ৰ চাহ খেতিয়ক সকল । ভি আই স্মাৰ্ট কৃষি ( VI Smart Agri) পৰামৰ্শলৈ স্বাগতম। তিনিচুকীয়া জিলাৰ ৰূপজানত অৱস্থিত স্বয়ংক্ৰিয় বতৰ বিজ্ঞান কেন্দ্ৰৰ (Automatic Weather Station) পৰা পোৱা বতৰৰ আগলি বতৰা অনুযায়ী ৬ৰ পৰা ১৫ মে’লৈ, ২০২৬ বতৰ সাধাৰণতে ডাৱৰীয়াৰ পৰা আংশিকভাৱে ডাৱৰীয়া হৈ থাকিব আৰু লগতে পাতলীয়াৰ পৰা মজলীয়া বৰষুণৰ সম্ভাৱনা আছে। দিনৰ উষ্ণতা প্ৰায় ২৫-৩৩ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ আৰু নিশাৰ উষ্ণতা প্ৰায় ২৩-২৫ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ হব বুলি অনুমান কৰা হৈছে। ৰাতিপুৱা আৰু আবেলিৰ আপেক্ষিক আৰ্দ্ৰতা ক্ৰমান্বয়ে প্ৰায় ৯৫ % আৰু ৫০ % আশে-পাশে থাকিব। বতাহ প্ৰতি ঘন্টাত ৩-৯ কিলোমিটাৰ বেগত উত্তৰ-পূব দিশৰ পৰা প্ৰবাহিত হব। চাহ খেতিৰ বাবে: • এই সময়ত সকলো বোৰ বাগানত জনম পাতৰ ওপৰত ৬/৭ দিনৰ ব্যৱধানত পাত তুলিব লাগে। গোল পাতৰ বা FISH LEAF ৰ ওপৰত তুলিলে পাততোলা টেবুল খন লাহে লাহে ওখ হৈ পৰে আৰু গছৰ উৎপাদন কমি যায়। • Black rot, Red rust আদি বেমাৰ বাগান বোৰত দেখা যাব পাৰে। প্ৰতিৰোধমূলক ব্যৱস্থাৰ বাবে ৫০০ গ্ৰাম Copper Fungicide (ভেঁকুৰনাশক) প্ৰতি ২০০ লিটাৰ পানীত মিহলাই স্প্ৰে কৰিব পাৰে। ৰোগ নিয়ন্ত্ৰণৰ বাবে প্ৰয়োগ কৰিব লগা সকলো ৰাসায়নিক পদাৰ্থ নিম্নতম ৬-৭ দিনৰ ব্যৱধানত পাততোলাৰ পিছত স্প্ৰে কৰিব লাগিব যাতে পিছত কোনো এম.আৰ.এল. (MRL) সমস্যা নাহে। • যোৱা কেইদিনমানত যথেষ্ট পৰিমাণৰ বৰষুণ লাভ কৰা হৈছে, গতিকে এই সময়ত পৈণত আৰু অপৈণত চাহ গছত First Split Dose সাৰ প্ৰয়োগ কৰিলে গছৰ উৎপাদনত যথেষ্ট সহায় কৰিব। বৰষুণৰ ফলত যাতে সাৰৰ অপচয় নহয় তাৰ প্ৰতি লক্ষ্য ৰাখিব লাগিব। • পাচলিৰ বাৰীখনৰ পৰা যাতে অতিৰিক্ত পানীভাগ ওলাই যাব পাৰে তাৰ বাবে সৰু সৰু নলা খান্দি দিয়াৰ ব্যৱস্থা কৰিব । • এই সময়ত জলকীয়া খেতিত ফল পচন ( Fruit rot) ৰোগৰ লক্ষণ দেখা যাব পাৰে। কাৰ্যকৰী নিয়ন্ত্ৰণৰ বাবে, কেপ্টান 50 WP @ 2 গ্ৰাম প্ৰতি লিটাৰ পানীত (@2g/litre) মিহলাই স্প্ৰে কৰিব লাগিব। বৰষুণ হোৱাৰ সম্ভাৱনা আছে বাবে ফৰকাল বতৰ চাইহে দৰৱ স্প্ৰে কৰিব। বতৰ আৰু কৃষি সম্পৰ্কীয় তথ্যৰ বিষয়ে জানিবলৈ কৃষকসকলে ৭০৬৫-০০-৫০৫৪ নম্বৰত মিছড কল দিব পাৰে। ধন্যবাদ । | Assamese | Assam | 14-05-2026 | 15:00:00 | SCHEDULED |
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| 16 | Nagpur (1)_नमस्कार शेतकरी बंधूंनो...सॉलिडरीडॅड, वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन आणि एरिक्सन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. कळमेश्वर तालुक्यातील सावळी येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे दिनांक १४ मे २०२६ ते दिनांक २३ मे २०२६ दरम्यानचा हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान २८ ते ३० अंश सेल्सियस तर कमाल ४२ ते ४४ अंश सेल्सियस राहण्याची शक्यता आहे. तसेच दिनांक १४ मे २०२६ ते दिनांक १९ मे २०२६ दरम्यान वातावरण अंशतः ढगाळ राहण्याची शक्यता आहे. वातावरणीय बदलास अनुसरून शेती (Climate Resilient Agriculture) करण्यास खालील बाबींचा विचार करावा. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:- उन्हाळ्यात जमिनीतील सुप्तावस्थेतील कीटक, अळ्या/कोष ह्यांच्या व्यवस्थापनासाठी कापणी केलेल्या शेतांची उथळ नांगरणी करावी, त्यामुळे जमीन तपण्यास मदत होवून किडींचे कोष व घातक बुरशीचा नायनाट होईल. शेतातील काडीकचरा व पिकाचे अवशेष न जाळता त्याऐवजी त्यांचे कंपोस्ट/सेंद्रिय खत तयार करावे. कंपोष्ट खत तयार करण्यासाठी वेस्ट डिकंपोजर किंवा S-९ कल्चर किंवा जीवामृतचा वापर करावा. शेतकरी शेतातील कापसाच्या अवशेष/पराट्या पासून बायोचार सुद्धा तयार करू शकतात. सध्या तीळ व भुईमूंग पीक हे काढणीच्या अवस्थेत आहे. तर काही भागात काढणी सुरु आहे. लवकरात लवकर पिकाची काढणी करावी कारण काढणी उशिरा केल्यास बोन्डे/शेंगा फुटून तीळ शेतात गळून पडतात त्यामुळे वेळेवर काढणी करावी व पाऊसापासून सुरक्षितेसाठी योग्य कोरड्या ठिकाणी त्याची साठवणूक करावी. खरीपपूर्व हंगामाच्या तयारीसाठी शेतजमीन तयार करावी. शेतकऱ्यांनी पाण्याच्या उपलब्धतेनुसार व जमिनीच्या मगदुरानुसार कापूस पीक लागवडीसाठी योग्य बियाण्यांची निवड करावी तसेच लागवडीपूर्व शेतात सरी-वरंबा तयार करून ठेवावे. जेणेकरून मांसूनच्या पावसामध्ये लवकर पेरणी करून पिकाचा कालावधी मर्यादित करता येईल तसेच बोण्डअळीच्या प्रादुर्भावापासून पीक सुरक्षित राहील. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा, मोबाईल क्रमांक ९०३९१३३५४१ धन्यवाद! | Marathi | MH | 14-05-2026 | 08:30:00 | SCHEDULED |
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| 17 | Nagpur (4)-नमस्कार शेतकरी बंधूंनो...सॉलिडरीडॅड, वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन आणि एरिक्सन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. उमरेड तालुक्यातील आपतुर येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे दिनांक १४ मे २०२६ ते दिनांक २३ मे २०२६ दरम्यानचा हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान २९ ते ३१ अंश सेल्सियस तर कमाल ४२ ते ४४ अंश सेल्सियस राहण्याची शक्यता आहे. तसेच दिनांक १४ मे २०२६ ते दिनांक १८ मे २०२६ दरम्यान वातावरण अंशतः ढगाळ राहण्याची शक्यता आहे. वातावरणीय बदलास अनुसरून शेती (Climate Resilient Agriculture) करण्यास खालील बाबींचा विचार करावा. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:- उन्हाळ्यात जमिनीतील सुप्तावस्थेतील कीटक, अळ्या/कोष ह्यांच्या व्यवस्थापनासाठी कापणी केलेल्या शेतांची उथळ नांगरणी करावी, त्यामुळे जमीन तपण्यास मदत होवून किडींचे कोष व घातक बुरशीचा नायनाट होईल. शेतातील काडीकचरा व पिकाचे अवशेष न जाळता त्याऐवजी त्यांचे कंपोस्ट/सेंद्रिय खत तयार करावे. कंपोष्ट खत तयार करण्यासाठी वेस्ट डिकंपोजर किंवा S-९ कल्चर किंवा जीवामृतचा वापर करावा. शेतकरी शेतातील कापसाच्या अवशेष/पराट्या पासून बायोचार सुद्धा तयार करू शकतात. सध्या तीळ व भुईमूंग पीक हे काढणीच्या अवस्थेत आहे. तर काही भागात काढणी सुरु आहे. लवकरात लवकर पिकाची काढणी करावी कारण काढणी उशिरा केल्यास बोन्डे/शेंगा फुटून तीळ शेतात गळून पडतात त्यामुळे वेळेवर काढणी करावी व पाऊसापासून सुरक्षितेसाठी योग्य कोरड्या ठिकाणी त्याची साठवणूक करावी. खरीपपूर्व हंगामाच्या तयारीसाठी शेतजमीन तयार करावी. शेतकऱ्यांनी पाण्याच्या उपलब्धतेनुसार व जमिनीच्या मगदुरानुसार कापूस पीक लागवडीसाठी योग्य बियाण्यांची निवड करावी तसेच लागवडीपूर्व शेतात सरी-वरंबा तयार करून ठेवावे. जेणेकरून मांसूनच्या पावसामध्ये लवकर पेरणी करून पिकाचा कालावधी मर्यादित करता येईल तसेच बोण्डअळीच्या प्रादुर्भावापासून पीक सुरक्षित राहील. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा, मोबाईल क्रमांक ९१५८२६१९२२ धन्यवाद! | Marathi | MH | 14-05-2026 | 08:30:00 | SCHEDULED |
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| 18 | Nagpur (2)-नमस्कार शेतकरी बंधूंनो...सॉलिडरीडॅड, वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन आणि एरिक्सन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. सावनेर तालुक्यातील मानेगाव येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे दिनांक १४ मे २०२६ ते दिनांक २३ मे २०२६ दरम्यानचा हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान २७ ते २९ अंश सेल्सियस तर कमाल ४२ ते ४४ अंश सेल्सियस राहण्याची शक्यता आहे. तसेच दिनांक १४ मे २०२६ ते दिनांक १९ मे २०२६ दरम्यान वातावरण अंशतः ढगाळ राहण्याची शक्यता आहे. वातावरणीय बदलास अनुसरून शेती (Climate Resilient Agriculture) करण्यास खालील बाबींचा विचार करावा. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:- उन्हाळ्यात जमिनीतील सुप्तावस्थेतील कीटक, अळ्या/कोष ह्यांच्या व्यवस्थापनासाठी कापणी केलेल्या शेतांची उथळ नांगरणी करावी, त्यामुळे जमीन तपण्यास मदत होवून किडींचे कोष व घातक बुरशीचा नायनाट होईल. शेतातील काडीकचरा व पिकाचे अवशेष न जाळता त्याऐवजी त्यांचे कंपोस्ट/सेंद्रिय खत तयार करावे. कंपोष्ट खत तयार करण्यासाठी वेस्ट डिकंपोजर किंवा S-९ कल्चर किंवा जीवामृतचा वापर करावा. शेतकरी शेतातील कापसाच्या अवशेष/पराट्या पासून बायोचार सुद्धा तयार करू शकतात. सध्या तीळ व भुईमूंग पीक हे काढणीच्या अवस्थेत आहे. तर काही भागात काढणी सुरु आहे. लवकरात लवकर पिकाची काढणी करावी कारण काढणी उशिरा केल्यास बोन्डे/शेंगा फुटून तीळ शेतात गळून पडतात त्यामुळे वेळेवर काढणी करावी व पाऊसापासून सुरक्षितेसाठी योग्य कोरड्या ठिकाणी त्याची साठवणूक करावी. खरीपपूर्व हंगामाच्या तयारीसाठी शेतजमीन तयार करावी. शेतकऱ्यांनी पाण्याच्या उपलब्धतेनुसार व जमिनीच्या मगदुरानुसार कापूस पीक लागवडीसाठी योग्य बियाण्यांची निवड करावी तसेच लागवडीपूर्व शेतात सरी-वरंबा तयार करून ठेवावे. जेणेकरून मांसूनच्या पावसामध्ये लवकर पेरणी करून पिकाचा कालावधी मर्यादित करता येईल तसेच बोण्डअळीच्या प्रादुर्भावापासून पीक सुरक्षित राहील. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा, मोबाईल क्रमांक ८२०८९१४५९४ धन्यवाद! | Marathi | MH | 14-05-2026 | 08:30:00 | SCHEDULED |
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| 19 | Parbhani(3)-नमस्कार शेतकरी बंधूंनो...सॉलिडरीडॅड आणि वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे . परभणी तालुक्यातील पिंगळी येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे दिनांक १४ मे २०२६ ते दिनांक २३ मे २०२६ दरम्यानचा हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान २७ ते ३२ अंश सेल्सियस तर कमाल ४० ते ४३ अंश सेल्सियस राहण्याची शक्यता आहे. तसेच दिनांक १४ मे २०२६ ते दिनांक १८ मे २०२६ दरम्यान वातावरण अंशतः ढगाळ राहण्याची शक्यता आहे. वातावरणीय बदलास अनुसरून शेती (Climate Resilient Agriculture) करण्यास खालील बाबींचा विचार करावा. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:- उन्हाळ्यात जमिनीतील सुप्तावस्थेतील कीटक, अळ्या/कोष ह्यांच्या व्यवस्थापनासाठी कापणी केलेल्या शेतांची उथळ नांगरणी करावी, त्यामुळे जमीन तपण्यास मदत होवून किडींचे कोष व घातक बुरशीचा नायनाट होईल. शेतातील काडीकचरा व पिकाचे अवशेष न जाळता त्याऐवजी त्यांचे कंपोस्ट/सेंद्रिय खत तयार करावे. कंपोष्ट खत तयार करण्यासाठी वेस्ट डिकंपोजर किंवा S-९ कल्चर किंवा जीवामृतचा वापर करावा. शेतकरी शेतातील कापसाच्या अवशेष/पराट्या पासून बायोचार सुद्धा तयार करू शकतात. सध्या तीळ व भुईमूंग पीक हे काढणीच्या अवस्थेत आहे. तर काही भागात काढणी सुरु आहे. लवकरात लवकर पिकाची काढणी करावी कारण काढणी उशिरा केल्यास बोन्डे/शेंगा फुटून तीळ शेतात गळून पडतात त्यामुळे वेळेवर काढणी करावी व पाऊसापासून सुरक्षितेसाठी योग्य कोरड्या ठिकाणी त्याची साठवणूक करावी. खरीपपूर्व हंगामाच्या तयारीसाठी शेतजमीन तयार करावी. शेतकऱ्यांनी पाण्याच्या उपलब्धतेनुसार व जमिनीच्या मगदुरानुसार कापूस पीक लागवडीसाठी योग्य बियाण्यांची निवड करावी तसेच लागवडीपूर्व शेतात सरी-वरंबा तयार करून ठेवावे. जेणेकरून मांसूनच्या पावसामध्ये लवकर पेरणी करून पिकाचा कालावधी मर्यादित करता येईल तसेच बोण्डअळीच्या प्रादुर्भावापासून पीक सुरक्षित राहील. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा,मोबाईल क्रमांक ९१५८२६१९२२ धन्यवाद! | Marathi | MH | 14-05-2026 | 08:30:00 | SCHEDULED |
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| 20 | Nanded(3)-नमस्कार शेतकरी बंधूंनो...सॉलिडरीडॅड, वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन आणि एरिक्सन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे . किनवट तालुक्यातील लोणी येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे दिनांक १४ मे २०२६ ते दिनांक २३ मे २०२६ दरम्यानचा हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान २८ ते ३१ अंश सेल्सियस तर कमाल ४१ ते ४४ अंश सेल्सियस राहण्याची शक्यता आहे. तसेच दिनांक १४ मे २०२६ ते दिनांक १८ मे २०२६ दरम्यान वातावरण अंशतः ढगाळ राहण्याची शक्यता आहे. वातावरणीय बदलास अनुसरून शेती (Climate Resilient Agriculture) करण्यास खालील बाबींचा विचार करावा. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:- उन्हाळ्यात जमिनीतील सुप्तावस्थेतील कीटक, अळ्या/कोष ह्यांच्या व्यवस्थापनासाठी कापणी केलेल्या शेतांची उथळ नांगरणी करावी, त्यामुळे जमीन तपण्यास मदत होवून किडींचे कोष व घातक बुरशीचा नायनाट होईल. शेतातील काडीकचरा व पिकाचे अवशेष न जाळता त्याऐवजी त्यांचे कंपोस्ट/सेंद्रिय खत तयार करावे. कंपोष्ट खत तयार करण्यासाठी वेस्ट डिकंपोजर किंवा S-९ कल्चर किंवा जीवामृतचा वापर करावा. शेतकरी शेतातील कापसाच्या अवशेष/पराट्या पासून बायोचार सुद्धा तयार करू शकतात. सध्या तीळ व भुईमूंग पीक हे काढणीच्या अवस्थेत आहे. तर काही भागात काढणी सुरु आहे. लवकरात लवकर पिकाची काढणी करावी कारण काढणी उशिरा केल्यास बोन्डे/शेंगा फुटून तीळ शेतात गळून पडतात त्यामुळे वेळेवर काढणी करावी व पाऊसापासून सुरक्षितेसाठी योग्य कोरड्या ठिकाणी त्याची साठवणूक करावी. खरीपपूर्व हंगामाच्या तयारीसाठी शेतजमीन तयार करावी. शेतकऱ्यांनी पाण्याच्या उपलब्धतेनुसार व जमिनीच्या मगदुरानुसार कापूस पीक लागवडीसाठी योग्य बियाण्यांची निवड करावी तसेच लागवडीपूर्व शेतात सरी-वरंबा तयार करून ठेवावे. जेणेकरून मांसूनच्या पावसामध्ये लवकर पेरणी करून पिकाचा कालावधी मर्यादित करता येईल तसेच बोण्डअळीच्या प्रादुर्भावापासून पीक सुरक्षित राहील. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा,मोबाईल क्रमांक ९१५८२६१९२२ धन्यवाद! | Marathi | MH | 14-05-2026 | 08:30:00 | SCHEDULED |
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