Message List: 11,979
| S.No | Message Title | Message | State | Created By | Creation Date | Status | Action |
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| 1 | 8-18 जून गन्ने की फसल में रोग कीट नियंत्रण, खरपतवार,सिंचाई पर सलाह | प्रिय किसान साथियों,वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं सोलिडेरीडाड (Solidaridad) संस्था द्वारा संचालित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह एडवांश वेदर स्टेशन के अनुसार 8 जून से 18 जून के दौरान मौसम में आंशिक बादल छाए रहने,गर्म एवं आर्द्र वातावरण बने रहने तथा कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा होने की संभावना है। इस सप्ताह दिन का अधिकतम तापमान 39-43 डिग्री सेल्सियस तथा रात्रि का तापमान 29-32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। हवा की गति पश्चिम उत्तर की दिशा से 2 से 18 किमी प्रति घंटा तक रह सकती है। वातावरण में बढ़ती आर्द्रता एवं संभावित वर्षा को देखते हुए गन्ना फसल में सिंचाई, कीट एवं रोग प्रबंधन, खरपतवार नियंत्रण तथा उर्वरक प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। सिंचाई प्रबंधन:- संभावित वर्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यकता अनुसार ही हल्की सिंचाई करें। पेड़ी एवं बोए गए गन्ने में नमी की कमी न होने दें, किन्तु खेत में जलभराव की स्थिति से बचाव करें । कीट एवं रोग प्रबंधन:- अर्ली शूट बोरर (कंसुआ), टॉप बोरर (चोटी बेधक), व्हाइट ग्रब (सफेद गिडार) एवं रेड रॉट (लाल सड़न) रोग की नियमित निगरानी करें।प्रभावित पौधों एवं सूखी गांठों को खेत से निकालकर नष्ट करें। लाइट ट्रैप एवं फेरोमोन ट्रैप का अधिकाधिक प्रयोग करें। आवश्यकता पड़ने पर अनुमोदित कीटनाशकों एवं जैविक उपायों का प्रयोग करें।प्रति एकड़ 2 क्विंटल सड़ी गोबर की खाद में 2 किलोग्राम ब्यूवेरिया बेसियाना मिलाकर गन्ने की जड़ों के पास प्रयोग करें। उर्वरक प्रबंधन:- देर से बोए गए गन्ने में सिंचाई के उपरांत ओट आने पर 1 बैग यूरिया प्रति एकड़ की दर से सुबह या शाम के समय जड़ों के पास प्रयोग करें।शरदकालीन एवं 15 मार्च तक बोए गए गन्ने में 1 बैग पोटाश एवं 1 बैग यूरिया प्रति एकड़ की दर से प्रयोग कर मिट्टी चढ़ाई करें। खरपतवार नियंत्रण:- देर से बोए गए गन्ने में खरपतवार नियंत्रण को प्राथमिकता दें। कृषक भाई गन्ने की फसल में समस्त कार्य को बढ़ते तापमान को ध्यान में रखकर सुबह या शाम के समय ही गन्ने की फसल में कार्य करें । खेती-बाड़ी से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए 7065 00 5054 पर मिस्ड कॉल करें और उपयोगी सलाह प्राप्त करें | Uttar Pradesh | Uttar Pradesh | 08-06-2026 | Enable |
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| 2 | Sugarcane Advisory Kolhapur -8-17 June | शेतकरी बंधू आणि भगिनींनो नमस्कार. स्मार्ट ॲग्री कार्यक्रमामध्ये आपले हार्दिक स्वागत आहे.दिनांक ८ ते 1७ जून या कालावधीत कोल्हापूर जिल्हा परिसरामध्ये दिवसाचे तापमान २८ ते ३० अंश सेल्सिअस तर रात्रीचे तापमान २३ ते २४ अंश सेल्सिअस राहण्याची शक्यता आहे. या १० दिवसांमध्ये पश्चिम-दक्षिण दिशेकडून ताशी ८ ते २२ किलोमीटर वेगाने वारे वाहतील काही वेळेला २५ ते ३० किमी वेगाने हवा चालेल आकाश ढगाळ राहील तसेच विजांच्या कडकडाटासह पाऊस पडेल टक्के राहील. हवेतील आर्द्रता ६० ते ८६टक्के राहील. हवेतून बाष्पीभवन होण्याचा दर प्रतिदिन ५ ते ६ मिलिमीटर राहण्याची शक्यता आहे. सिंचन व्यवस्थापन :-ऊस पिकाला गरज असेल तेव्हाच पाणी द्यावे. पाण्याची बचत करण्यासाठी तण नियंत्रण, ट्रॅश मल्चिंग आणि ठिबक सिंचनाचा वापर करावा. सतत ढगाळ वातावरण असल्यामुळे अतिरिक्त पाणी देणे टाळावे. अल-निनो परिस्थितीच्या पार्श्वभूमीवर शेतकऱ्यांनी विशेष काळजी घ्यावी :- * जमिनीतील ओलावा टिकवून ठेवण्यासाठी ट्रॅश मल्चिंग करावे. * ठिबक सिंचनाद्वारे कमी पाण्यात प्रभावी सिंचन करावे. * हवामानातील अचानक बदल लक्षात घेऊन पिकाची नियमित पाहणी करावी. * पावसाचे पाणी शेतात साठवून त्याचा पुनर्वापर करावा. * सूक्ष्म अन्नद्रव्यांचा संतुलित वापर करून पिकाची प्रतिकारशक्ती वाढवावी. * उष्णता व आर्द्रतेमुळे रोग व किडींचा प्रादुर्भाव वाढू शकतो, त्यामुळे वेळोवेळी निरीक्षण करावे. किड नियंत्रण :-सध्याचे हवामान हुमणी किडीस पोषक आहे. त्यामुळे शेताची नियमित पाहणी करावी. हुमणी नियंत्रणासाठी लाईट ट्रॅप चा वापर करावा तसेच ईपीएन व बीव्हीएमचा वापर करावातसेच कारखान्यामार्फत सिलिकॉनयुक्त खतांची ड्रोनद्वारे सवलतीच्या दरामध्ये फवारणी करून दिली जात आहे. तरी शेतकरी बांधवांनी या सुविधेचा लाभ घ्यावा. सिलिकॉनच्या वापरामुळे ऊस पिकाची ताण सहन करण्याची क्षमता वाढून वाढ चांगली राहण्यास मदत होते. अधिक माहितीसाठी आपल्या मिल कर्मचाऱ्यांशी संपर्क साधावा.स्मार्ट ॲग्री कार्यक्रमाविषयी अधिक माहितीसाठी ९२०५०२१८१४ या क्रमांकावर संपर्क साधा. तसेच हा संदेश पुन्हा ऐकण्यासाठी ७०६५००५०५४ या क्रमांकावर संपर्क करा. धन्यवाद. | Maharashtra | MH | 08-06-2026 | Enable |
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| 3 | खरीफ फसल की बुवाई पर सलाह Jhalawar | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Jhalawar ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 9 June - 18 June के दौरान दिन में 42 और रात में 30 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। वर्तमान समय मे जलवायु परिवर्तन के प्रभाव के कारण मौसम मे अनिश्चितता बड़ी है। किसान साथियों मौसम मे होने वाले बदलाव से फसल को बचाने के लिए खरीफ फसलों की बुवाई खेत के ढाल के विपरीत दिशा करें व सोयाबीन की हर छटवीं व् सातवीं लाइन के बीच एक गहरी नाली निकल दें, ऐसा करने से फसल अवधि के दौरान लंबी अवधि का सूखा पड़ने पर पौधों को पानी की आवश्यकता की पूर्ति होती रहेगी; एवं अधिक बारिश होने पर पानी का उचित जल निकास हो जाएगा सोयाबीन के खेती में फसल अवधि के दौरान लम्बे समय तक सूखे पड़ने के कारण होने वाले नुकसान से बचने के लिये यह उपयुक्त होगा कि सोयाबीन की बुवाई आधुनिक यंत्रों बीबीएफ (ब्रॉड बेड एवं फरो) अथवा FIRB (फरो इरीगेटेड रेज्ड बेड) के द्वारा कि जाए। इससे अत्यधिक वर्षा के समय अतिरिक्त जल की निकासी सुलभ होगी एवं कम वर्षा या तान की स्थिति में संरक्षित जल से पौधों को नमी मिलती रहेगी l स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिये शून्य दबाए I | Rajasthan | Rajasthan User | 08-06-2026 | Enable |
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| 4 | खरीफ फसल की बुवाई पर सलाह Bundi | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Bundi ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 9 June - 18 June के दौरान दिन में 41 और रात में 30 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। वर्तमान समय मे जलवायु परिवर्तन के प्रभाव के कारण मौसम मे अनिश्चितता बड़ी है। किसान साथियों मौसम मे होने वाले बदलाव से फसल को बचाने के लिए खरीफ फसलों की बुवाई खेत के ढाल के विपरीत दिशा करें व सोयाबीन की हर छटवीं व् सातवीं लाइन के बीच एक गहरी नाली निकल दें, ऐसा करने से फसल अवधि के दौरान लंबी अवधि का सूखा पड़ने पर पौधों को पानी की आवश्यकता की पूर्ति होती रहेगी; एवं अधिक बारिश होने पर पानी का उचित जल निकास हो जाएगा सोयाबीन के खेती में फसल अवधि के दौरान लम्बे समय तक सूखे पड़ने के कारण होने वाले नुकसान से बचने के लिये यह उपयुक्त होगा कि सोयाबीन की बुवाई आधुनिक यंत्रों बीबीएफ (ब्रॉड बेड एवं फरो) अथवा FIRB (फरो इरीगेटेड रेज्ड बेड) के द्वारा कि जाए। इससे अत्यधिक वर्षा के समय अतिरिक्त जल की निकासी सुलभ होगी एवं कम वर्षा या तान की स्थिति में संरक्षित जल से पौधों को नमी मिलती रहेगी l स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिये शून्य दबाए I | Rajasthan | Rajasthan User | 08-06-2026 | Enable |
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| 5 | खरीफ फसल की बुवाई पर सलाह Baran | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Baran ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 9 June - 18 June के दौरान दिन में 41 और रात में 29 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। वर्तमान समय मे जलवायु परिवर्तन के प्रभाव के कारण मौसम मे अनिश्चितता बड़ी है। किसान साथियों मौसम मे होने वाले बदलाव से फसल को बचाने के लिए खरीफ फसलों की बुवाई खेत के ढाल के विपरीत दिशा करें व सोयाबीन की हर छटवीं व् सातवीं लाइन के बीच एक गहरी नाली निकल दें, ऐसा करने से फसल अवधि के दौरान लंबी अवधि का सूखा पड़ने पर पौधों को पानी की आवश्यकता की पूर्ति होती रहेगी; एवं अधिक बारिश होने पर पानी का उचित जल निकास हो जाएगा सोयाबीन के खेती में फसल अवधि के दौरान लम्बे समय तक सूखे पड़ने के कारण होने वाले नुकसान से बचने के लिये यह उपयुक्त होगा कि सोयाबीन की बुवाई आधुनिक यंत्रों बीबीएफ (ब्रॉड बेड एवं फरो) अथवा FIRB (फरो इरीगेटेड रेज्ड बेड) के द्वारा कि जाए। इससे अत्यधिक वर्षा के समय अतिरिक्त जल की निकासी सुलभ होगी एवं कम वर्षा या तान की स्थिति में संरक्षित जल से पौधों को नमी मिलती रहेगी l स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिये शून्य दबाए I | Rajasthan | Rajasthan User | 08-06-2026 | Enable |
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| 6 | खरीफ फसल की बुवाई पर सलाह Kota | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Kota ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 9 June - 18 June के दौरान दिन में 42 और रात में 30 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। वर्तमान समय मे जलवायु परिवर्तन के प्रभाव के कारण मौसम मे अनिश्चितता बड़ी है। किसान साथियों मौसम मे होने वाले बदलाव से फसल को बचाने के लिए खरीफ फसलों की बुवाई खेत के ढाल के विपरीत दिशा करें व सोयाबीन की हर छटवीं व् सातवीं लाइन के बीच एक गहरी नाली निकल दें, ऐसा करने से फसल अवधि के दौरान लंबी अवधि का सूखा पड़ने पर पौधों को पानी की आवश्यकता की पूर्ति होती रहेगी; एवं अधिक बारिश होने पर पानी का उचित जल निकास हो जाएगा सोयाबीन के खेती में फसल अवधि के दौरान लम्बे समय तक सूखे पड़ने के कारण होने वाले नुकसान से बचने के लिये यह उपयुक्त होगा कि सोयाबीन की बुवाई आधुनिक यंत्रों बीबीएफ (ब्रॉड बेड एवं फरो) अथवा FIRB (फरो इरीगेटेड रेज्ड बेड) के द्वारा कि जाए। इससे अत्यधिक वर्षा के समय अतिरिक्त जल की निकासी सुलभ होगी एवं कम वर्षा या तान की स्थिति में संरक्षित जल से पौधों को नमी मिलती रहेगी l स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिये शून्य दबाए I | Rajasthan | Rajasthan User | 08-06-2026 | Enable |
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| 7 | खरीफ फसल की बुवाई पर सलाह Tonk | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Tonk ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 9 June - 18 June के दौरान दिन में 42 और रात में 29 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। वर्तमान समय मे जलवायु परिवर्तन के प्रभाव के कारण मौसम मे अनिश्चितता बड़ी है। किसान साथियों मौसम मे होने वाले बदलाव से फसल को बचाने के लिए खरीफ फसलों की बुवाई खेत के ढाल के विपरीत दिशा करें व सोयाबीन की हर छटवीं व् सातवीं लाइन के बीच एक गहरी नाली निकल दें, ऐसा करने से फसल अवधि के दौरान लंबी अवधि का सूखा पड़ने पर पौधों को पानी की आवश्यकता की पूर्ति होती रहेगी; एवं अधिक बारिश होने पर पानी का उचित जल निकास हो जाएगा सोयाबीन के खेती में फसल अवधि के दौरान लम्बे समय तक सूखे पड़ने के कारण होने वाले नुकसान से बचने के लिये यह उपयुक्त होगा कि सोयाबीन की बुवाई आधुनिक यंत्रों बीबीएफ (ब्रॉड बेड एवं फरो) अथवा FIRB (फरो इरीगेटेड रेज्ड बेड) के द्वारा कि जाए। इससे अत्यधिक वर्षा के समय अतिरिक्त जल की निकासी सुलभ होगी एवं कम वर्षा या तान की स्थिति में संरक्षित जल से पौधों को नमी मिलती रहेगी l स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिये शून्य दबाए I | Rajasthan | Rajasthan User | 08-06-2026 | Enable |
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| 8 | VIL-Adilabad-Bela-04-06-2026 | VIL-Adilabad-Bela-04-06-2026-నమస్కారం రైతు మిత్రులారా... సాలిడారిటీ మరియు వోడాఫోన్ ఐడియా ఫౌండేషన్ వారి స్మార్ట్ అగ్రి కార్యక్రమానికి మీకు స్వాగతం. ఆదిలాబాద్లోని బేలాలో ఉన్న ఆటోమేటెడ్ వాతావరణ కేంద్రం ప్రకారం, 2026 జూన్ 4వ తేదీ నుండి 2026 జూన్ 13వ తేదీ వరకు కనిష్ట ఉష్ణోగ్రత 28 నుండి 30 డిగ్రీల సెల్సియస్ మధ్య, గరిష్ట ఉష్ణోగ్రత 38 నుండి 40 డిగ్రీల సెల్సియస్ మధ్య ఉంటుంది. అలాగే, 2026 జూన్ 5 మరియు 7 తేదీలలో తేలికపాటి వర్షం కురిసే అవకాశం ఉంది. ఇంకా, 2026 జూన్ 10వ తేదీ మినహా మిగిలిన రోజులలో వాతావరణం పాక్షికంగా మేఘావృతమై ఉండే అవకాశం ఉంది. వాతావరణ మార్పులను తట్టుకునే వ్యవసాయం కోసం ఈ క్రింది అంశాలను పరిగణనలోకి తీసుకోవాలి. రైతులకు సూచనలు:- రైతులు నీటి లభ్యత మరియు నేల సారవంతాన్ని బట్టి పత్తి సాగుకు అనువైన విత్తనాలను ఎంచుకోవాలి. అలాగే, విత్తనాలు నాటడానికి ముందే పొలాల్లో నీటిపారుదల కాలువలను సిద్ధం చేసుకోవాలి. దీనివల్ల, రుతుపవన వర్షాలు ముందుగానే ప్రారంభమై, పంటకాలం పరిమితంగా ఉంటుంది మరియు పంట నులిపురుగుల బారి నుండి కూడా సురక్షితంగా ఉంటుంది. రైతులు 75-100 మిల్లీలీటర్ల ద్రావణాన్ని పిచికారీ చేయాలి. సోయాబీన్ మరియు పత్తి పంటలను వర్షాలు కురిసిన తర్వాత మాత్రమే విత్తాలి, లేకపోతే విత్తడంలో తొందరపడకూడదు. విత్తే ముందు, రైతులు అన్ని విత్తనాల (సోయాబీన్) మొలకెత్తే సామర్థ్యాన్ని ఇంట్లోనే తనిఖీ చేసుకోవాలి. విత్తనాల మొలకెత్తే సామర్థ్యం 70 నుండి 80 శాతం మధ్య ఉంటే, ఆ విత్తనాలను విత్తడానికి ఉపయోగించాలి. మొలకెత్తే సామర్థ్యం 60% వరకు ఉంటే, విత్తనాల పరిమాణాన్ని పెంచాలి. ఇది హెక్టారుకు సరైన సంఖ్యలో చెట్లతో మంచి దిగుబడిని అందిస్తుంది. అలాగే, పత్తి పంటలకు, విత్తనాలను అజటోబాక్టర్ మరియు PSBతో ఒక్కొక్కటి 25 గ్రాముల చొప్పున మరియు ట్రైకోడెర్మాతో కిలోకు 4 గ్రాముల చొప్పున విత్తన శుద్ధి చేయాలి. అలాగే, సేంద్రీయ (నాన్-GMO) పత్తి విత్తనాల శుద్ధి కోసం, రైతులు విత్తన మకరందాన్ని తయారు చేసుకోవాలి. సోయాబీన్ పంటలకు, కిలోకు 25 గ్రాముల చొప్పున విత్తన శుద్ధి చేయాలి. పత్తి మరియు సోయాబీన్ పంటలలో రసం పీల్చే కీటకాలు మరియు ఆకుదోమల ప్రాథమిక నియంత్రణ కోసం, వేప మరియు దస్పర్ణి సారాలను ముందుగానే తయారు చేసుకోవాలి. రాబోయే ఖరీఫ్ సీజన్లో, మీరు ఇతర పంటలకు మరియు పత్తికి Bt, మెరుగైన మరియు స్వచ్ఛమైన రకం విత్తనాలు, సేంద్రియ మరియు రసాయన ఎరువులు, మరియు బిందు సేద్యం ఉపయోగించాలనుకుంటే, మీరు బిందు సేద్య వ్యవస్థ మరియు ఇతర సామగ్రిని సకాలంలో ప్రణాళిక చేసుకోవాలి. సాలిడారిటీ స్మార్ట్ అగ్రి ప్రోగ్రామ్లో మీ సందేహాలను నివృత్తి చేసుకోవడానికి దయచేసి మమ్మల్ని సంప్రదించండి. మొబైల్ నంబర్ 7798008855 ధన్యవాదాలు! ఈ సమాచారాన్ని మళ్లీ వినడానికి సున్నా నొక్కండి. | Telangana | Telangana | 03-06-2026 | Enable |
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| 9 | VIL-Adilabad-Jainad-04-06-2026 | VIL-Adilabad-Jainad-04-06-2026-నమస్కారం రైతు మిత్రులారా... సాలిడారిటీ మరియు వోడాఫోన్ ఐడియా ఫౌండేషన్ వారి స్మార్ట్ అగ్రి కార్యక్రమానికి మీకు స్వాగతం. ఆదిలాబాద్లోని జైనాద్లో ఉన్న ఆటోమేటెడ్ వాతావరణ కేంద్రం ప్రకారం, జూన్ 4, 2026 నుండి జూన్ 13, 2026 వరకు కనిష్ట ఉష్ణోగ్రత 29 నుండి 30 డిగ్రీల సెల్సియస్ మధ్య మరియు గరిష్ట ఉష్ణోగ్రత 38 నుండి 40 డిగ్రీల సెల్సియస్ మధ్య ఉంటుంది. అలాగే, జూన్ 4, 5, 7, 8 మరియు 9, 2026 తేదీలలో తేలికపాటి వర్షం కురిసే అవకాశం ఉంది. ఇంకా, జూన్ 10, 2026 మినహా మిగిలిన రోజులలో వాతావరణం పాక్షికంగా మేఘావృతమై ఉండే అవకాశం ఉంది. వాతావరణ మార్పులను తట్టుకునే వ్యవసాయం కోసం ఈ క్రింది అంశాలను పరిగణనలోకి తీసుకోవాలి. రైతులకు సూచనలు:- రైతులు నీటి లభ్యత మరియు నేల సారవంతాన్ని బట్టి పత్తి సాగుకు అనువైన విత్తనాలను ఎంచుకోవాలి మరియు నాట్లు వేయడానికి ముందు పొలాలలో నీటిపారుదల కాలువలను సిద్ధం చేసుకోవాలి. రుతుపవన వర్షాలు ముందుగానే ప్రారంభమైనప్పుడు విత్తనాలు వేయడం ద్వారా పంట కాలాన్ని పరిమితం చేయవచ్చు మరియు పంట కాయతొలుచు పురుగుల బారి నుండి సురక్షితంగా ఉంటుంది. రైతులు 75-100 మిల్లీలీటర్ల ద్రావణాన్ని పిచికారీ చేయాలి. సోయాబీన్ మరియు పత్తి పంటలను వర్షాలు కురిసిన తర్వాత మాత్రమే విత్తాలి, లేకపోతే విత్తడంలో తొందరపడకూడదు. విత్తే ముందు, రైతులు అన్ని విత్తనాల (సోయాబీన్) మొలకెత్తే సామర్థ్యాన్ని ఇంట్లోనే తనిఖీ చేసుకోవాలి. విత్తనాల మొలకెత్తే సామర్థ్యం 70 నుండి 80 శాతం మధ్య ఉంటే, ఆ విత్తనాలను విత్తడానికి ఉపయోగించాలి. మొలకెత్తే సామర్థ్యం 60% వరకు ఉంటే, విత్తనాల పరిమాణాన్ని పెంచాలి. ఇది హెక్టారుకు సరైన సంఖ్యలో చెట్లతో మంచి దిగుబడిని నిర్ధారిస్తుంది. అలాగే, పత్తి పంటలకు, విత్తనాలను అజటోబాక్టర్ మరియు PSB ఒక్కొక్కటి 25 గ్రాముల చొప్పున మరియు ట్రైకోడెర్మాను కిలోకు 4 గ్రాముల చొప్పున విత్తన శుద్ధి చేయాలి. అలాగే, సేంద్రీయ (నాన్-GMO) పత్తి విత్తనాల శుద్ధి కోసం, రైతులు విత్తన మకరందాన్ని తయారు చేసుకోవాలి. సోయాబీన్ పంటలకు, కిలోకు 25 గ్రాముల చొప్పున విత్తన శుద్ధి చేయాలి. పత్తి మరియు సోయాబీన్ పంటలలో రసం పీల్చే కీటకాలు మరియు ఆకుదోమల ప్రాథమిక నియంత్రణ కోసం, వేప మరియు దస్పర్ణి సారాలను ముందుగానే తయారు చేసుకోవాలి. రాబోయే ఖరీఫ్ సీజన్లో, మీరు ఇతర పంటలకు మరియు పత్తికి Bt, మెరుగైన మరియు స్ట్రెయిట్ రకం విత్తనాలు, సేంద్రియ మరియు రసాయన ఎరువులు, మరియు డ్రిప్ ఇరిగేషన్ ఉపయోగించాలనుకుంటే, మీరు డ్రిప్ సిస్టమ్ మరియు ఇతర సామగ్రిని సకాలంలో ప్రణాళిక చేసుకోవాలి. సాలిడారిటీ స్మార్ట్ అగ్రి ప్రోగ్రామ్లో మీ సందేహాలను నివృత్తి చేసుకోవడానికి దయచేసి మమ్మల్ని సంప్రదించండి. మొబైల్ నంబర్ 7798008855 ధన్యవాదాలు! ఈ సమాచారాన్ని మళ్లీ వినడానికి సున్నా నొక్కండి. | Telangana | Telangana | 03-06-2026 | Enable |
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| 10 | VIL 1-Yavatmal-Ghatanji-Maregaon-04-06-2026 | Yavatmal (1)-नमस्कार शेतकरी बंधूंनो...सॉलिडरीडॅड, वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन आणि एरिक्सन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. घाटंजी तालुक्यातील मारेगाव येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे दिनांक ४ जून २०२६ ते दिनांक १३ जून २०२६ दरम्यानचा हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान २८ ते २९ अंश सेल्सियस तर कमाल ३८ ते ४० अंश सेल्सियस एवढे राहील. तसेच दिनांक ५ जून २०२६ रोजी हलका पाऊस पडण्याची शक्यता आहे. तसेच दिनांक १० व १३ जून २०२६ वगळता इतर दिवशी वातावरण अंशतः ढगाळ राहण्याची शक्यता आहे. वातावरणीय बदलास अनुसरून शेती (Climate Resilient Agriculture) करण्यास खालील बाबींचा विचार करावा. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:- शेतकऱ्यांनी पाण्याच्या उपलब्धतेनुसार व जमिनीच्या मगदुरानुसार कापूस पीक लागवडीसाठी योग्य बियाण्यांची निवड करावी तसेच शेतकऱ्यांनी लागवडीपूर्व शेतात सरी-वरंबा तयार करून ठेवावे. जेणेकरून मांसूनच्या पावसामध्ये लवकर पेरणी करून पिकाचा कालावधी मर्यादित करता येईल तसेच बोण्डअळीच्या प्रादुर्भावापासून पीक सुरक्षित राहील. शेतकऱ्यांनी ७५-१०० मिली. पाऊस झाल्यावरच सोयाबीन व कापूस पिकाची पेरणी करावी अन्यथा पेरणीची घाई करू नये. पेरणीपूर्व शेतकऱ्यांनी सर्व बियाण्यांची (सोयाबीनची) उगवणशक्ती घरीच तपासावी. बियाण्यांची उगवण क्षमता ७० ते ८० टक्के पर्यंत असल्यास पेरणीसाठी बियाणे वापरावे. ६०% पर्यंत उगवण असल्यास बियाण्याची मात्रा वाढवावी. यामुळे हेक्टरी झाडांची योग्य संख्या राहून चांगले उत्पादन मिळते. तसेच पेरणीपूर्व बियाण्यांना कापूस पिकासाठी अझाटोब्याक्टर व पी.एस.बी. प्रत्येकी २५ ग्रॅम व ट्रायकोडर्मा ४ ग्रॅम प्रति किलो ह्याप्रमाणे घेऊन बीजप्रक्रिया करावी. तसेच सेंद्रिय (Non-GMO) कापूस बियाण्यांची बीजप्रक्रिया करण्यासाठी शेतकऱ्यांनी बीजामृत तयार करावे. सोयाबीन पिकासाठी रायझोबियम २५ ग्रॅमची प्रति किलो ह्याप्रमाणे पेरणीपूर्व बीजप्रक्रिया करावी. कापूस व सोयाबीन पिकातील रसशोषककिडी व अळिवर्गीय किडीच्या प्राथमिक नियंत्रणासाठी निंबोळी व दशपर्णी अर्क अगोदरच तयार करून ठेवावे. येणाऱ्या खरीप हंगामासाठी इतर पीक व कपाशीसाठी लागणारे बीटी तसेच सुधारीत व सरळ वाणाचे बियाणे, सेंद्रिय व रासायनिक खते तसेच बागायती कपाशी ठिंबक सिंचनावर घ्यावयाची असल्यास ठिंबक संचाची मांडणी व इतर साहित्याचे नियोजन वेळीच करावे.सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबाईल क्रमांक ९१५८२६१९२२ धन्यवाद! | Maharashtra | MH | 03-06-2026 | Enable |
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