Message Schedule List : 12,334
| S. No. | Message | Language | Created By | Date | Time | Status | Action |
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| 1 | प्रिय किसान साथियों, वोडाफोन आइडिया फाउंडेशन एवं सोलिडेरीडाड संस्था द्वारा संचालित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है । किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह जिला वाराणसी एडवांस वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह 21-31 जुलाई के दौरान वाराणसी जिले के तापमान में कमी आएगी । दिन का अधिकतम तापमान 30-32 डिग्री सेल्सियस तथा रात्रि का अधिकतम तापमान 26-27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है इस दौरान पश्चिम उत्तर तथा दक्षिण पूर्व की दिशा से 2-16 किलोमीटर प्रति घंटे की दर से हवाएं चलेगी।बढ़ती हुई वायुमंडलीय आद्रता की वजह से जमीन से नमी का वाष्प बनकर हवा में उड़ने की दर में कमी आएगी। जिसकी वजह से आसमान में बादल छाए रहेंगे तथा वर्षा होगी जिसकी संभावना 45-85 प्रतिशत तक है ।जिसकी वजह से वायुमंडलीय आद्रता 72-82 प्रतिशत तक रहेगी । तथा जमीन से नमी का वाष्प बनकर हवा में उड़ने की दर 3-4 मिली प्रतिदिन तक रहेगी ।ऐसे मौसम में खेतों में निम्न कार्य करें । 1.धान की रोपाई से पूर्व खैरा रोग के नियंत्रण :-हेतु भूमि उपचार के अंतर्गत जिंक सल्फेट 20-25 किलोग्राम/हेक्टेयर की दर से बुवाई या रोपाई से पूर्व आखिरी जुताई पर भूमि में मिला देना चाहिए । जिससे खैरा रोग का प्रकोप नहीं होता है जो किसान भाई अभी तक धान रोपाई का कार्य नहीं किए हुए हैं वह किसान अति शीघ्र कम अवधि की प्रजाति का रोपाई कार्य पूरा करें । 2.सिंचाई प्रबंधन :-धान की फसल को सिंचाई की सबसे अधिक आवश्यकता पड़ती है।इसलिए धान की फसल को पानी की उचित उपलब्धता वाले स्थान पर ही उगाया जाता है पर्याप्त वर्षा न होने की अवस्था में आवश्यकतानुसार सिंचाई करते रहना फसल के लिए आवश्यक है । सिंचाई के साथ जैविक के अंतर्गत जीवामृत का प्रयोग से धान की फसल में वृद्धि और विकास पर बहुत अच्छा प्रभाव पड़ता है । 3.खरपतवार नियंत्रण :-धान की फसल रोपाई की स्थिति में सकरी एवं चौड़ी पत्ती दोनों प्रकार के खरपतवारों के नियंत्रण हेतु ब्यूटाक्लोर 50% ई. सी. 3-4 लीटर या प्रेटिलाक्लोर 50%ई. सी. 1.6 लीटर /हेक्टेयर रोपाई के दो दिन के अंदर 2-3 इंच भरे पानी में छिड़काव करें । सीधी बुवाई या रोपाई के 20-25 दिन बाद खरपतवार नियंत्रण हेतु विसपाइरीबैक सोडियम 10%एस. 200 एम एल प्रति हेक्टेयर की दर से नमी की स्थिति में लगभग 500 पानी में घोलकर फ्लैट फैन नाजिल से छिड़काव करें। 4.यांत्रिक विधि :-इसके अंतर्गत खुरपी, कोनोविडर आदि से निराई गुड़ाई कर भी खरपतवार नियंत्रण कर सकते हैं यह एक सर्वोत्तम विधि है। खेती-बाड़ी से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए 7065 005054 पर मिस्ड कॉल करें और उपयोगी सलाह प्राप्त करें । | Hindi | Uttar Pradesh | 20-07-2026 | 19:06:00 | SCHEDULED |
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| 2 | प्रिय किसान साथियों, वोडाफोन आइडिया फाउंडेशन एवं सोलिडेरीडाड संस्था द्वारा संचालित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है । किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह जिला अयोध्या एडवांस वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह 21-31 जुलाई के दौरान अयोध्या जिले के तापमान में कमी आएगी । दिन का अधिकतम तापमान 31-33 डिग्री सेल्सियस तथा रात्रि का अधिकतम तापमान 26-27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है इस दौरान पश्चिम उत्तर तथा दक्षिण पूर्व की दिशा से 2-14 किलोमीटर प्रति घंटे की दर से हवाएं चलेगी।बढ़ती हुई वायुमंडलीय आद्रता की वजह से जमीन से नमी का वाष्प बनकर हवा में उड़ने की दर में कमी आएगी। जिसकी वजह से आसमान में बादल छाए रहेंगे तथा वर्षा होगी जिसकी संभावना 40-90 प्रतिशत तक है ।जिसकी वजह से वायुमंडलीय आद्रता 72-82 प्रतिशत तक रहेगी । तथा जमीन से नमी का वाष्प बनकर हवा में उड़ने की दर 3-4 मिली प्रतिदिन तक रहेगी ।ऐसे मौसम में खेतों में निम्न कार्य करें । 1.धान की रोपाई से पूर्व खैरा रोग के नियंत्रण :-हेतु भूमि उपचार के अंतर्गत जिंक सल्फेट 20-25 किलोग्राम/हेक्टेयर की दर से बुवाई या रोपाई से पूर्व आखिरी जुताई पर भूमि में मिला देना चाहिए । जिससे खैरा रोग का प्रकोप नहीं होता है जो किसान भाई अभी तक धान रोपाई का कार्य नहीं किए हुए हैं वह किसान अति शीघ्र कम अवधि की प्रजाति का रोपाई कार्य पूरा करें । 2.सिंचाई प्रबंधन :-धान की फसल को सिंचाई की सबसे अधिक आवश्यकता पड़ती है।इसलिए धान की फसल को पानी की उचित उपलब्धता वाले स्थान पर ही उगाया जाता है पर्याप्त वर्षा न होने की अवस्था में आवश्यकतानुसार सिंचाई करते रहना फसल के लिए आवश्यक है । सिंचाई के साथ जैविक के अंतर्गत जीवामृत का प्रयोग से धान की फसल में वृद्धि और विकास पर बहुत अच्छा प्रभाव पड़ता है । 3.खरपतवार नियंत्रण :-धान की फसल रोपाई की स्थिति में सकरी एवं चौड़ी पत्ती दोनों प्रकार के खरपतवारों के नियंत्रण हेतु ब्यूटाक्लोर 50% ई. सी. 3-4 लीटर या प्रेटिलाक्लोर 50%ई. सी. 1.6 लीटर /हेक्टेयर रोपाई के दो दिन के अंदर 2-3 इंच भरे पानी में छिड़काव करें । सीधी बुवाई या रोपाई के 20-25 दिन बाद खरपतवार नियंत्रण हेतु विसपाइरीबैक सोडियम 10%एस. सी. 200 एम एल प्रति हेक्टेयर की दर से नमी की स्थिति में लगभग 500 पानी में घोलकर फ्लैट फैन नाजिल से छिड़काव करें। 4.यांत्रिक विधि :-इसके अंतर्गत खुरपी, कोनोविडर आदि से निराई गुड़ाई कर भी खरपतवार नियंत्रण कर सकते हैं यह एक सर्वोत्तम विधि है। खेती-बाड़ी से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए 7065 005054 पर मिस्ड कॉल करें और उपयोगी सलाह प्राप्त करें । | Hindi | Uttar Pradesh | 20-07-2026 | 19:03:00 | SCHEDULED |
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| 3 | ନମସ୍କାର ଗଜପତି ଜିଲ୍ଲାର ମୋହନା ଓ ଗୁମ୍ମା ବ୍ଲକର ସମସ୍ତ ଚାଷୀ ମାନଙ୍କୁ ସଲିଡାରିଡାଡ ତରଫରୁ ଭୋଡାଫୋନ ଆଇଡିଆ ସହଯୋଗ ରେ ଚାଲୁଥିବା ଅଭିନବ କୃଷି ପ୍ରକଳ୍ପକୁ ସ୍ଵାଗତ କରାଯାଉଛି । ଆଗାମୀ ୨୦ ଜୁଲାଇ ରୁ ୨୬ ଜୁଲାଇ ମଧ୍ୟରେ ଗଜପତିର ମୋହନା ଏବଂ ଗୁମ୍ମା ବ୍ଲକରେ ୦.୧-୭.୯ ମି.ମି.ବୃଷ୍ଟିପାତର ସମ୍ଭାବନା ରହିଛି ଓ ସର୍ବତ୍ର ସର୍ବାଧିକ ତାପମାତ୍ରା ୨୩°c ରୁ ୨୯°c ମଧ୍ୟରେ ରହିବ। ୧. ସହଳ କିସମ ବୁଣିଥିବା ଧନିଚା ୩୫-୪୦ ଦିନମଧ୍ୟରେ ହେଲେ ତାକୁ ହଳ କରିଦିଅନ୍ତୁ । ୨. ଧାନ ବିହନ ବୁଣିବା ପୂର୍ବରୁ ବିହନ ଚୟନ, ଉପଚାର ଓ ବିଶୋଧନ କରନ୍ତୁ। ୩. ବିହନ ଚୟନ ପାଇଁ ୧୦ ଲିଟର ପାଣିରେ ୨୦୦ ଗ୍ରାମ ଲୁଣ ମିଶାଇ ଅଗାଡ଼ି ଧାନକୁ ବାହାର କରି ଧାନରୁ ଲୁଣ ଅଂଶ କମିବା ଯାଏ ଧୋଇ ଗୁଣବାନ ବିହନ ଚୟନ କରନ୍ତୁ। ୪. ଚୟନ ପରେ ଧାନକୁ ୧୦-୧୨ ଘଣ୍ଟା ପାଣିରେ ଭିଜେଇ ରଖନ୍ତୁ। ୫. ଚୟନ ହୋଇଥିବା ଧାନକୁ ଉପଚାର ନିମନ୍ତେ ଆଜୋସ୍ପିରିଲିୟମ ୨୦ ଗ୍ରାମ କିଲୋପ୍ରତି, ପି.ଏସ.ବି ୨୦ ଗ୍ରାମ କିଲୋପ୍ରତି ଥଣ୍ଡା ପେଜ ସାହାଯ୍ୟରେ ବିହନରେ ମିଶାନ୍ତୁ। ୬. ଉପଚାରିତ ବିହନରୁ ୧୦ କି.ଗ୍ରା ନେଇ ସେଥିରେ ୨୦୦ ମି.ଲି. ବିଜାମୃତ କିମ୍ୱା କିଲୋପ୍ରତି ୪ ଗ୍ରାମ ଟ୍ରାଇକୋଡ୍ରମା ମିଶାଇ ବିଶୋଧନ କରନ୍ତୁ। ୭. ତଳି ପଟାଳି ପ୍ଲଟ ପାଖରେ ଚିହ୍ନଟ କରନ୍ତୁ ଓ କୋଡାଖୋସା କରି ୬" ଉଚ୍ଚ ପଟାଳି କରନ୍ତୁ। ୮. ଏକ ଏକର ପାଇଁ ୧୦ ଟି ଉଚ୍ଚ ପ୍ଲଟ କରନ୍ତୁ ଓ ପଟାଳୀ ପ୍ରତି ୫କେ.ଜି ଗୁଣ୍ଡ ଖତ +୧କେ.ଜି ଘନଜୀବମୃତ ମିଶାଇ ପଟାଳିରେ ପ୍ରୟୋଗ କରନ୍ତୁ। ୯. ପଟାଳୀ ମଧ୍ୟରେ ୧ଫୁଟ ନାଳ ରଖନ୍ତୁ ଏହାଦ୍ୱାରା ବର୍ଷାଜଳ ବାହାରିଯିବ। ୧୦. ପ୍ରସ୍ତୁତ ପଟାଳିରେ ଧାନ ପତଳା କରି ବୁଣନ୍ତୁ। ୧୧. ତଳି ୭ ଦିନର ହୋଇଗଲେ ୧ ଲିଟର ଜୀବାମୃତ ରେ ୧୦ ଲିଟର ପାଣି ମିଶାଇ ସିଂଚନ କରନ୍ତୁ। ୧୨. ତଳି ୧୦ ଦିନର ହୋଇଗଲେ ୧ ଡ୍ରମ ପାଣିରେ ୨୫୦ ଗ୍ରାମ୍ ଗୁଡ଼ ମିଶାଇ ସିଂଚନ କରନ୍ତୁ। ୧୩. ଯେଉଁମାନଙ୍କ ତଳି ୬ ଦିନର ଗଲାଣି ମୁଖ୍ୟ ଜମିର ପ୍ରସ୍ତୁତି ଆରମ୍ଭ କରିଦିଅନ୍ତୁ। ଅଧିକ ସୂଚନା ପାଇଁ ଆମ ଟୋଲ ଫ୍ରି ନମ୍ବର ୭୦୬୫୦୦୫୦୫୪ ରେ ମିସ କଲ୍ କରନ୍ତୁ। ଧନ୍ୟବାଦ୍। | Odia | Orissa | 20-07-2026 | 16:50:00 | SCHEDULED |
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| 4 | ନମସ୍କାର କେନ୍ଦ୍ରାପଡା ଜିଲ୍ଲାର ଡେରାବିଶ ବ୍ଲକର ସମସ୍ତ ଚାଷୀଭାଇ ମାନଙ୍କୁ ଭୋଡାଫୋନ ଆଇଡିଆ ସହଯୋଗରେ ସଲିଡାରିଡାଡ ଏବଂ ଶରତ କର & ଅନିମା କର ଫାଉଣ୍ଡେସନର ମିଳିତ ପ୍ରଚେଷ୍ଟାରେ ଚାଲୁଥିବା ଅଭିନବ କୃଷି ପ୍ରକଳ୍ପକୁ ସ୍ଵାଗତ କରାଯାଉଛି । ଆଗାମୀ ୨୦ ଜୁଲାଇ ରୁ ୨୬ ଜୁଲାଇ ମଧ୍ୟରେ ଡେରାବିଶ ବ୍ଲକରେ ୦.୧-୫.୫ମି.ମି.ବୃଷ୍ଟିପାତର ସମ୍ଭାବନା ରହିଛି ଏବଂ ସର୍ବାଧିକ ତାପମାତ୍ରା ୨୬°C-୩୧°C ମଧ୍ୟରେ ରହିବ। ୧. ସହଳ କିସମ ବୁଣିଥିବା ଧନିଚା ୩୫-୪୦ ଦିନମଧ୍ୟରେ ହେଲେ ତାକୁ ହଳ କରିଦିଅନ୍ତୁ । ୨. ଧାନ ବିହନ ବୁଣିବା ପୂର୍ବରୁ ବିହନ ଚୟନ, ଉପଚାର ଓ ବିଶୋଧନ କରନ୍ତୁ। ୩. ବିହନ ଚୟନ ପାଇଁ ୧୦ ଲିଟର ପାଣିରେ ୨୦୦ ଗ୍ରାମ ଲୁଣ ମିଶାଇ ଅଗାଡ଼ି ଧାନକୁ ବାହାର କରି ଧାନରୁ ଲୁଣ ଅଂଶ କମିବା ଯାଏ ଧୋଇ ଗୁଣବାନ ବିହନ ଚୟନ କରନ୍ତୁ। ୪. ଚୟନ ପରେ ଧାନକୁ ୧୦-୧୨ ଘଣ୍ଟା ପାଣିରେ ଭିଜେଇ ରଖନ୍ତୁ। ୫. ଚୟନ ହୋଇଥିବା ଧାନକୁ ଉପଚାର ନିମନ୍ତେ ଆଜୋସ୍ପିରିଲିୟମ ୨୦ ଗ୍ରାମ କିଲୋପ୍ରତି, ପି.ଏସ.ବି ୨୦ ଗ୍ରାମ କିଲୋପ୍ରତି ଥଣ୍ଡା ପେଜ ସାହାଯ୍ୟରେ ବିହନରେ ମିଶାନ୍ତୁ। ୬. ଉପଚାରିତ ବିହନରୁ ୧୦ କି.ଗ୍ରା ନେଇ ସେଥିରେ ୨୦୦ ମି.ଲି. ବିଜାମୃତ କିମ୍ୱା କିଲୋପ୍ରତି ୪ ଗ୍ରାମ ଟ୍ରାଇକୋଡ୍ରମା ମିଶାଇ ବିଶୋଧନ କରନ୍ତୁ। ୭. ତଳି ପଟାଳି ପ୍ଲଟ ପାଖରେ ଚିହ୍ନଟ କରନ୍ତୁ ଓ କୋଡାଖୋସା କରି ୬" ଉଚ୍ଚ ପଟାଳି କରନ୍ତୁ। ୮. ଏକ ଏକର ପାଇଁ ୧୦ ଟି ଉଚ୍ଚ ପ୍ଲଟ କରନ୍ତୁ ଓ ପଟାଳୀ ପ୍ରତି ୫କେ.ଜି ଗୁଣ୍ଡ ଖତ +୧କେ.ଜି ଘନଜୀବମୃତ ମିଶାଇ ପଟାଳିରେ ପ୍ରୟୋଗ କରନ୍ତୁ। ୯. ପଟାଳୀ ମଧ୍ୟରେ ୧ଫୁଟ ନାଳ ରଖନ୍ତୁ ଏହାଦ୍ୱାରା ବର୍ଷାଜଳ ବାହାରିଯିବ। ୧୦. ପ୍ରସ୍ତୁତ ପଟାଳିରେ ଧାନ ପତଳା କରି ବୁଣନ୍ତୁ। ୧୧. ତଳି ୭ ଦିନର ହୋଇଗଲେ ୧ ଲିଟର ଜୀବାମୃତ ରେ ୧୦ ଲିଟର ପାଣି ମିଶାଇ ସିଂଚନ କରନ୍ତୁ। ୧୨. ତଳି ୧୦ ଦିନର ହୋଇଗଲେ ୧ ଡ୍ରମ ପାଣିରେ ୨୫୦ ଗ୍ରାମ୍ ଗୁଡ଼ ମିଶାଇ ସିଂଚନ କରନ୍ତୁ। ୧୩. ଯେଉଁମାନଙ୍କ ତଳି ୬ ଦିନର ଗଲାଣି ମୁଖ୍ୟ ଜମିର ପ୍ରସ୍ତୁତି ଆରମ୍ଭ କରିଦିଅନ୍ତୁ। ଅଧିକ ସୂଚନା ପାଇଁ ଆମ ଟୋଲ ଫ୍ରି ନମ୍ବର ୭୦୬୫୦୦୫୦୫୪ ରେ ମିସ କଲ୍ କରନ୍ତୁ। ଧନ୍ୟବାଦ୍। | Odia | Orissa | 20-07-2026 | 16:45:00 | SCHEDULED |
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| 5 | ନମସ୍କାର କଟକ ଜିଲ୍ଲା ର ମାହାଙ୍ଗା, ଟାଙ୍ଗୀ ଓ ନିଶ୍ଚିନ୍ତକୋଇଲି ବ୍ଲକର ସମସ୍ତ ଚାଷୀଭାଇ ମାନଙ୍କୁ ଭୋଡାଫୋନ ଆଇଡିଆ ସହଯୋଗରେ ସଲିଡାରିଡାଡ ଏବଂ ଶରତ କର & ଅନିମା କର ଫାଉଣ୍ଡେସନର ମିଳିତ ପ୍ରଚେଷ୍ଟାରେ ଚାଲୁଥିବା ଅଭିନବ କୃଷି ପ୍ରକଳ୍ପକୁ ସ୍ଵାଗତ କରାଯାଉଛି । ଆଗାମୀ ୨୦ ଜୁଲାଇ ରୁ ୨୬ ଜୁଲାଇ ମଧ୍ୟରେ ମାହାଙ୍ଗା, ଟାଙ୍ଗୀ ଓ ନିଶ୍ଚିନ୍ତକୋଇଲି ବ୍ଲକରେ ୦.୧-୬.୫ ମି.ମି.ବୃଷ୍ଟିପାତର ସମ୍ଭାବନା ରହିଛି ଏବଂ ସର୍ବତ୍ର ସର୍ବାଧିକ ତାପମାତ୍ରା ୨୬°C-୩୧°C ମଧ୍ୟରେ ରହିବ। ୧. ସହଳ କିସମ ବୁଣିଥିବା ଧନିଚା ୩୫-୪୦ ଦିନମଧ୍ୟରେ ହେଲେ ତାକୁ ହଳ କରିଦିଅନ୍ତୁ । ୨. ଧାନ ବିହନ ବୁଣିବା ପୂର୍ବରୁ ବିହନ ଚୟନ, ଉପଚାର ଓ ବିଶୋଧନ କରନ୍ତୁ। ୩. ବିହନ ଚୟନ ପାଇଁ ୧୦ ଲିଟର ପାଣିରେ ୨୦୦ ଗ୍ରାମ ଲୁଣ ମିଶାଇ ଅଗାଡ଼ି ଧାନକୁ ବାହାର କରି ଧାନରୁ ଲୁଣ ଅଂଶ କମିବା ଯାଏ ଧୋଇ ଗୁଣବାନ ବିହନ ଚୟନ କରନ୍ତୁ। ୪. ଚୟନ ପରେ ଧାନକୁ ୧୦-୧୨ ଘଣ୍ଟା ପାଣିରେ ଭିଜେଇ ରଖନ୍ତୁ। ୫. ଚୟନ ହୋଇଥିବା ଧାନକୁ ଉପଚାର ନିମନ୍ତେ ଆଜୋସ୍ପିରିଲିୟମ ୨୦ ଗ୍ରାମ କିଲୋପ୍ରତି, ପି.ଏସ.ବି ୨୦ ଗ୍ରାମ କିଲୋପ୍ରତି ଥଣ୍ଡା ପେଜ ସାହାଯ୍ୟରେ ବିହନରେ ମିଶାନ୍ତୁ। ୬. ଉପଚାରିତ ବିହନରୁ ୧୦ କି.ଗ୍ରା ନେଇ ସେଥିରେ ୨୦୦ ମି.ଲି. ବିଜାମୃତ କିମ୍ୱା କିଲୋପ୍ରତି ୪ ଗ୍ରାମ ଟ୍ରାଇକୋଡ୍ରମା ମିଶାଇ ବିଶୋଧନ କରନ୍ତୁ। ୭. ତଳି ପଟାଳି ପ୍ଲଟ ପାଖରେ ଚିହ୍ନଟ କରନ୍ତୁ ଓ କୋଡାଖୋସା କରି ୬" ଉଚ୍ଚ ପଟାଳି କରନ୍ତୁ। ୮. ଏକ ଏକର ପାଇଁ ୧୦ ଟି ଉଚ୍ଚ ପ୍ଲଟ କରନ୍ତୁ ଓ ପଟାଳୀ ପ୍ରତି ୫କେ.ଜି ଗୁଣ୍ଡ ଖତ +୧କେ.ଜି ଘନଜୀବମୃତ ମିଶାଇ ପଟାଳିରେ ପ୍ରୟୋଗ କରନ୍ତୁ। ୯. ପଟାଳୀ ମଧ୍ୟରେ ୧ଫୁଟ ନାଳ ରଖନ୍ତୁ ଏହାଦ୍ୱାରା ବର୍ଷାଜଳ ବାହାରିଯିବ। ୧୦. ପ୍ରସ୍ତୁତ ପଟାଳିରେ ଧାନ ପତଳା କରି ବୁଣନ୍ତୁ। ୧୧. ତଳି ୭ ଦିନର ହୋଇଗଲେ ୧ ଲିଟର ଜୀବାମୃତ ରେ ୧୦ ଲିଟର ପାଣି ମିଶାଇ ସିଂଚନ କରନ୍ତୁ। ୧୨. ତଳି ୧୦ ଦିନର ହୋଇଗଲେ ୧ ଡ୍ରମ ପାଣିରେ ୨୫୦ ଗ୍ରାମ୍ ଗୁଡ଼ ମିଶାଇ ସିଂଚନ କରନ୍ତୁ। ୧୩. ଯେଉଁମାନଙ୍କ ତଳି ୬ ଦିନର ଗଲାଣି ମୁଖ୍ୟ ଜମିର ପ୍ରସ୍ତୁତି ଆରମ୍ଭ କରିଦିଅନ୍ତୁ। ଅଧିକ ସୂଚନା ପାଇଁ ଆମ ଟୋଲ ଫ୍ରି ନମ୍ବର ୭୦୬୫୦୦୫୦୫୪ ରେ ମିସ କଲ୍ କରନ୍ତୁ। ଧନ୍ୟବାଦ୍। | Odia | Orissa | 20-07-2026 | 16:38:00 | SCHEDULED |
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| 6 | शेतकरी बंधू आणि भगिनींनो नमस्कार. स्मार्ट ॲग्री कार्यक्रमामध्ये आपले हार्दिक स्वागत आहे. दिनांक १८ते २७ जुलै या कालावधीत कराड शिराळा परिसरामध्ये मान्सून सक्रिय झाल्यामुळे दिवसाचे तापमान कमी होऊन २४ ते २६ अंश सेल्सिअस तर रात्रीचे तापमान २१ ते २२ अंश सेल्सिअस राहण्याची शक्यता आहे. या १० दिवसांमध्ये पश्चिम दक्षिण दिशेकडून ताशी ४ ते १८ किलोमीटर वेगाने वारे वाहतील काही वेळेस ३५-४० किलोमीटर जास्त वेगाने वारे वाहतील आकाश ढगाळ राहील पाऊस पडण्याची शक्यता ५५ ते १०० टक्के राहील. हवेतील आर्द्रता ८४ ते ९२ टक्के राहील. हवेतून बाष्पीभवन होण्याचा दर प्रतिदिन २ ते ३ मिलिमीटर राहण्याची शक्यता आहे. ऊस लागवड व पिक व्यवस्थापन शेतकरी बांधवांनो, सध्याचे हवामान ऊस लागवडीसाठी अनुकूल आहे. शेत रिकामे असल्यास लवकरात लवकर लागवड करा. प्रति एकर 4 ते 6 किलो ट्रायकोडर्मा जमिनीमध्ये मिसळा. 8 महिन्यांपेक्षा कमी वयाचे, निरोगी व रोगमुक्त एक डोळ्याचे बेणे वापरा. लागवडीपूर्वी बेणे व माती प्रक्रिया करा. लागवडीवेळी 25 किलो युरिया + 250 किलो सिंगल सुपर फॉस्फटे + 85 किलो पोटॅश + 25 किलो सूक्ष्म अन्नद्रव्ये व 1 लिटर नीम स्लरी वापरा. शक्य असल्यास आंतरपीक किंवा धैंचा हिरवळीच्या खतासाठी घ्या. गरजेनुसारच सिंचन करा. शेतात पाणी साचू देऊ नका व योग्य निचऱ्याची व्यवस्था ठेवा. किड नियंत्रण :-सध्याचे हवामान तांबेरा व हुमणी किडीस पोषक आहे. त्यामुळे शेताची नियमित पाहणी करावी. हुमणी नियंत्रणासाठी लाईट ट्रॅप चा वापर करावा तसेच ईपीएन व बीव्हीएमचा वापर. तसेच खालची वाळलेली पाने काढून सऱ्यांमध्ये अंथरावीत. अधिक माहितीसाठी आपल्या मिल कर्मचाऱ्यांशी संपर्क साधावा.स्मार्ट ॲग्री कार्यक्रमाविषयी अधिक माहितीसाठी ९२०५०२१८१४ या क्रमांकावर संपर्क साधा. तसेच हा संदेश पुन्हा ऐकण्यासाठी ७०६५००५०५४ या क्रमांकावर संपर्क करा. धन्यवाद. | Marathi | MH | 20-07-2026 | 14:25:00 | SCHEDULED |
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| 7 | शेतकरी बंधू आणि भगिनींनो नमस्कार. स्मार्ट ॲग्री कार्यक्रमामध्ये आपले हार्दिक स्वागत आहे. दिनांक १८ते २७ जुलै या कालावधीत पन्हाळा शाहूवाडी परिसरामध्ये मान्सून सक्रिय झाल्यामुळे दिवसाचे तापमान कमी होऊन २४ ते २६ अंश सेल्सिअस तर रात्रीचे तापमान २१ ते २२ अंश सेल्सिअस राहण्याची शक्यता आहे. या १० दिवसांमध्ये पश्चिम दक्षिण दिशेकडून ताशी ४ ते १८ किलोमीटर वेगाने वारे वाहतील काही वेळेस ३५-४० किलोमीटर जास्त वेगाने वारे वाहतील आकाश ढगाळ राहील पाऊस पडण्याची शक्यता ५५ ते १०० टक्के राहील. हवेतील आर्द्रता ८४ ते ९२ टक्के राहील. हवेतून बाष्पीभवन होण्याचा दर प्रतिदिन २ ते ३ मिलिमीटर राहण्याची शक्यता आहे. ऊस लागवड व पिक व्यवस्थापन शेतकरी बांधवांनो, सध्याचे हवामान ऊस लागवडीसाठी अनुकूल आहे. शेत रिकामे असल्यास लवकरात लवकर लागवड करा. प्रति एकर 4 ते 6 किलो ट्रायकोडर्मा जमिनीमध्ये मिसळा. 8 महिन्यांपेक्षा कमी वयाचे, निरोगी व रोगमुक्त एक डोळ्याचे बेणे वापरा. लागवडीपूर्वी बेणे व माती प्रक्रिया करा. लागवडीवेळी 25 किलो युरिया + 250 किलो सिंगल सुपर फॉस्फटे + 85 किलो पोटॅश + 25 किलो सूक्ष्म अन्नद्रव्ये व 1 लिटर नीम स्लरी वापरा. शक्य असल्यास आंतरपीक किंवा धैंचा हिरवळीच्या खतासाठी घ्या. गरजेनुसारच सिंचन करा. शेतात पाणी साचू देऊ नका व योग्य निचऱ्याची व्यवस्था ठेवा. किड नियंत्रण :-सध्याचे हवामान तांबेरा व हुमणी किडीस पोषक आहे. त्यामुळे शेताची नियमित पाहणी करावी. हुमणी नियंत्रणासाठी लाईट ट्रॅप चा वापर करावा तसेच ईपीएन व बीव्हीएमचा वापर. तसेच खालची वाळलेली पाने काढून सऱ्यांमध्ये अंथरावीत. अधिक माहितीसाठी आपल्या मिल कर्मचाऱ्यांशी संपर्क साधावा.स्मार्ट ॲग्री कार्यक्रमाविषयी अधिक माहितीसाठी ९२०५०२१८१४ या क्रमांकावर संपर्क साधा. तसेच हा संदेश पुन्हा ऐकण्यासाठी ७०६५००५०५४ या क्रमांकावर संपर्क करा. धन्यवाद. | Marathi | MH | 20-07-2026 | 14:20:00 | SCHEDULED |
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| 8 | शेतकरी बंधू आणि भगिनींनो नमस्कार. स्मार्ट ॲग्री कार्यक्रमामध्ये आपले हार्दिक स्वागत आहे. दिनांक १८-२७ जुलै या कालावधीत कोल्हापूर परिसरामध्ये मान्सून सक्रिय झाल्यामुळे दिवसाचे तापमान कमी होऊन २४ ते २६ अंश सेल्सिअस तर रात्रीचे तापमान २२ ते २२ अंश सेल्सिअस राहण्याची शक्यता आहे. या १० दिवसांमध्ये दक्षिण -पश्चिम दिशेकडून ताशी ६ ते २२ किलोमीटर वेगाने वारे वाहतील काही वेळेस २८-३२ किलोमीटर जास्त वेगाने वारे वाहतील आकाश ढगाळ राहील पाऊस पडण्याची शक्यता ६० ते १०० टक्के राहील. हवेतील आर्द्रता ७६ ते ८९ टक्के राहील. हवेतून बाष्पीभवन होण्याचा दर प्रतिदिन २ ते ३ मिलिमीटर राहण्याची शक्यता आहे. ऊस लागवड व पिक व्यवस्थापन शेतकरी बांधवांनो, सध्याचे हवामान ऊस लागवडीसाठी अनुकूल आहे. शेत रिकामे असल्यास लवकरात लवकर लागवड करा. प्रति एकर 4 ते 6 किलो ट्रायकोडर्मा जमिनीमध्ये मिसळा. 8 महिन्यांपेक्षा कमी वयाचे, निरोगी व रोगमुक्त एक डोळ्याचे बेणे वापरा. लागवडीपूर्वी बेणे व माती प्रक्रिया करा. लागवडीवेळी 25 किलो युरिया + 250 किलो सिंगल सुपर फॉस्फटे + 85 किलो पोटॅश + 25 किलो सूक्ष्म अन्नद्रव्ये व 1 लिटर नीम स्लरी वापरा. शक्य असल्यास आंतरपीक किंवा धैंचा हिरवळीच्या खतासाठी घ्या. गरजेनुसारच सिंचन करा. शेतात पाणी साचू देऊ नका व योग्य निचऱ्याची व्यवस्था ठेवा. किड नियंत्रण :-सध्याचे हवामान तांबेरा व हुमणी किडीस पोषक आहे. त्यामुळे शेताची नियमित पाहणी करावी. हुमणी नियंत्रणासाठी लाईट ट्रॅप चा वापर करावा तसेच ईपीएन व बीव्हीएमचा वापर. तसेच खालची वाळलेली पाने काढून सऱ्यांमध्ये अंथरावीत. अधिक माहितीसाठी आपल्या मिल कर्मचाऱ्यांशी संपर्क साधावा.स्मार्ट ॲग्री कार्यक्रमाविषयी अधिक माहितीसाठी ९२०५०२१८१४ या क्रमांकावर संपर्क साधा. तसेच हा संदेश पुन्हा ऐकण्यासाठी ७०६५००५०५४ या क्रमांकावर संपर्क करा. धन्यवाद. | Marathi | MH | 20-07-2026 | 13:10:00 | SCHEDULED |
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| 9 | शेतकरी बंधू आणि भगिनींनो नमस्कार. स्मार्ट ॲग्री कार्यक्रमामध्ये आपले हार्दिक स्वागत आहे. दिनांक १८-२७ जुलै या कालावधीत कोल्हापूर परिसरामध्ये मान्सून सक्रिय झाल्यामुळे दिवसाचे तापमान कमी होऊन २४ ते २६ अंश सेल्सिअस तर रात्रीचे तापमान २२ ते २२ अंश सेल्सिअस राहण्याची शक्यता आहे. या १० दिवसांमध्ये दक्षिण -पश्चिम दिशेकडून ताशी ६ ते २२ किलोमीटर वेगाने वारे वाहतील काही वेळेस २८-३२ किलोमीटर जास्त वेगाने वारे वाहतील आकाश ढगाळ राहील पाऊस पडण्याची शक्यता ६० ते १०० टक्के राहील. हवेतील आर्द्रता ७६ ते ८९ टक्के राहील. हवेतून बाष्पीभवन होण्याचा दर प्रतिदिन २ ते ३ मिलिमीटर राहण्याची शक्यता आहे. ऊस लागवड व पिक व्यवस्थापन शेतकरी बांधवांनो, सध्याचे हवामान ऊस लागवडीसाठी अनुकूल आहे. शेत रिकामे असल्यास लवकरात लवकर लागवड करा. प्रति एकर 4 ते 6 किलो ट्रायकोडर्मा जमिनीमध्ये मिसळा. 8 महिन्यांपेक्षा कमी वयाचे, निरोगी व रोगमुक्त एक डोळ्याचे बेणे वापरा. लागवडीपूर्वी बेणे व माती प्रक्रिया करा. लागवडीवेळी 25 किलो युरिया + 250 किलो सिंगल सुपर फॉस्फटे + 85 किलो पोटॅश + 25 किलो सूक्ष्म अन्नद्रव्ये व 1 लिटर नीम स्लरी वापरा. शक्य असल्यास आंतरपीक किंवा धैंचा हिरवळीच्या खतासाठी घ्या. गरजेनुसारच सिंचन करा. शेतात पाणी साचू देऊ नका व योग्य निचऱ्याची व्यवस्था ठेवा. किड नियंत्रण :-सध्याचे हवामान तांबेरा व हुमणी किडीस पोषक आहे. त्यामुळे शेताची नियमित पाहणी करावी. हुमणी नियंत्रणासाठी लाईट ट्रॅप चा वापर करावा तसेच ईपीएन व बीव्हीएमचा वापर. तसेच खालची वाळलेली पाने काढून सऱ्यांमध्ये अंथरावीत. अधिक माहितीसाठी आपल्या मिल कर्मचाऱ्यांशी संपर्क साधावा.स्मार्ट ॲग्री कार्यक्रमाविषयी अधिक माहितीसाठी ९२०५०२१८१४ या क्रमांकावर संपर्क साधा. तसेच हा संदेश पुन्हा ऐकण्यासाठी ७०६५००५०५४ या क्रमांकावर संपर्क करा. धन्यवाद. | Marathi | MH | 20-07-2026 | 13:10:00 | SCHEDULED |
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| 10 | शेतकरी बंधू आणि भगिनींनो नमस्कार. स्मार्ट ॲग्री कार्यक्रमामध्ये आपले हार्दिक स्वागत आहे. दिनांक १८-२७ जुलै या कालावधीत कोल्हापूर परिसरामध्ये मान्सून सक्रिय झाल्यामुळे दिवसाचे तापमान कमी होऊन २४ ते २६ अंश सेल्सिअस तर रात्रीचे तापमान २२ ते २२ अंश सेल्सिअस राहण्याची शक्यता आहे. या १० दिवसांमध्ये दक्षिण -पश्चिम दिशेकडून ताशी ६ ते २२ किलोमीटर वेगाने वारे वाहतील काही वेळेस २८-३२ किलोमीटर जास्त वेगाने वारे वाहतील आकाश ढगाळ राहील पाऊस पडण्याची शक्यता ६० ते १०० टक्के राहील. हवेतील आर्द्रता ७६ ते ८९ टक्के राहील. हवेतून बाष्पीभवन होण्याचा दर प्रतिदिन २ ते ३ मिलिमीटर राहण्याची शक्यता आहे. ऊस लागवड व पिक व्यवस्थापन शेतकरी बांधवांनो, सध्याचे हवामान ऊस लागवडीसाठी अनुकूल आहे. शेत रिकामे असल्यास लवकरात लवकर लागवड करा. प्रति एकर 4 ते 6 किलो ट्रायकोडर्मा जमिनीमध्ये मिसळा. 8 महिन्यांपेक्षा कमी वयाचे, निरोगी व रोगमुक्त एक डोळ्याचे बेणे वापरा. लागवडीपूर्वी बेणे व माती प्रक्रिया करा. लागवडीवेळी 25 किलो युरिया + 250 किलो सिंगल सुपर फॉस्फटे + 85 किलो पोटॅश + 25 किलो सूक्ष्म अन्नद्रव्ये व 1 लिटर नीम स्लरी वापरा. शक्य असल्यास आंतरपीक किंवा धैंचा हिरवळीच्या खतासाठी घ्या. गरजेनुसारच सिंचन करा. शेतात पाणी साचू देऊ नका व योग्य निचऱ्याची व्यवस्था ठेवा. किड नियंत्रण :-सध्याचे हवामान तांबेरा व हुमणी किडीस पोषक आहे. त्यामुळे शेताची नियमित पाहणी करावी. हुमणी नियंत्रणासाठी लाईट ट्रॅप चा वापर करावा तसेच ईपीएन व बीव्हीएमचा वापर. तसेच खालची वाळलेली पाने काढून सऱ्यांमध्ये अंथरावीत. अधिक माहितीसाठी आपल्या मिल कर्मचाऱ्यांशी संपर्क साधावा.स्मार्ट ॲग्री कार्यक्रमाविषयी अधिक माहितीसाठी ९२०५०२१८१४ या क्रमांकावर संपर्क साधा. तसेच हा संदेश पुन्हा ऐकण्यासाठी ७०६५००५०५४ या क्रमांकावर संपर्क करा. धन्यवाद. | Marathi | MH | 20-07-2026 | 13:05:00 | SCHEDULED |
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