Message Schedule List : 12,334
| S. No. | Message | Language | Created By | Date | Time | Status | Action |
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| 21 | জিলা: তিনিচুকীয়া ( ষ্টেচন: ৰূপজান_AWS ) বতৰৰ বতৰা আৰু আমাৰ পৰামৰ্শ (বৈধতাৰ সময়সীমা: ৬ৰ পৰা ১৫ জুনলৈ, ২০২৫) চলিদাৰীডেড ৰ প্রিয় ক্ষুদ্ৰ চাহ খেতিয়ক সকল । ভি আই স্মাৰ্ট কৃষি ( VI Smart Agri) পৰামৰ্শলৈ স্বাগতম। তিনিচুকীয়া জিলাৰ ৰূপজানত অৱস্থিত স্বয়ংক্ৰিয় বতৰ বিজ্ঞান কেন্দ্ৰৰ (Automatic Weather Station) পৰা পোৱা বতৰৰ আগলি বতৰা অনুযায়ী ৬ৰ পৰা ১৫ জুনলৈ, ২০২৫ বতৰ সাধাৰণতে ডাৱৰীয়াৰ পৰা আংশিকভাৱে ডাৱৰীয়া হৈ থাকিব আৰু লগতে পাতলীয়াৰ পৰা মজলীয়া বৰষুণৰ সম্ভাৱনা আছে। দিনৰ উষ্ণতা প্ৰায় ৩১-৩৭ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ আৰু নিশাৰ উষ্ণতা প্ৰায় ২৪-২৭ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ হব বুলি অনুমান কৰা হৈছে। ৰাতিপুৱা আৰু আবেলিৰ আপেক্ষিক আৰ্দ্ৰতা ক্ৰমান্বয়ে প্ৰায় ৯৭ % আৰু ৬৫ % আশে-পাশে থাকিব। বতাহ প্ৰতি ঘন্টাত ২-৬ কিলোমিটাৰ বেগত উত্তৰ-পূব আৰু দক্ষিণ-পশ্চিম দিশৰ পৰা প্ৰবাহিত হব। চাহ খেতিৰ বাবে: • যিহেতু বাৰিষা আৰম্ভ হৈছে, চাহ বাগানত পানী জমা হোৱাৰ পৰিস্থিতিত, অতিৰিক্ত পানীভাগ উলিয়াবলৈ সৰু নলাৰ ব্যৱস্থা কৰিব আৰু লগতে ঠেক নলাবোৰ পৰিষ্কাৰ কৰি ৰাখিব । • এই সময়ত চাহ খেতিত Black Rot, Red Rust আদি ৰোগৰ বাবে প্ৰতিৰোধমূলক ব্যৱস্থা লব লাগে। এই ৰোগবোৰ সাধাৰণতে মাটিৰ পুষ্টিৰ অভাৱত আৰু পানী জমা হোৱাৰ পিছত দেখা যায়। পানী জমা হোৱা এলেকাবোৰ চিহ্নিত কৰি নলা খান্দি দিয়াৰ ব্যৱস্থা কৰিব। সংক্ৰমিত চাহৰ জোপোহাবোৰ চিহ্নিত কৰি প্লাকিং কৰাৰ পিছত অনুমোদিত ৰাসায়নিক পদাৰ্থৰ স্পট স্প্ৰে (Spot spraying) কৰি নিয়ন্ত্ৰণ কৰিব লাগে। হেলোপেল্টিছ, এফিড বা থ্ৰিপছৰ দ্বাৰা সংক্ৰমিত এলেকাবোৰত Black প্লাকিং কৰিব লাগে। • এই সময়ত প্ৰায় সকলোবোৰ পৈণত আৰু অপৈণত চাহ বাগানত প্ৰথম কিস্তিত (First Split dose) কৰিব লগা সাৰৰ প্ৰয়োগ ইতিমধ্যে সম্পন্ন হৈ যাব লাগে। যি সকলে এইবাৰ সাৰৰ অভাৱৰ বাবে সাৰ দিব পৰা নাই তেওঁলোকে Foliar Spray কৰিবলৈ ৩০০ গ্ৰাম ইউৰিয়া (Urea), ২০০ গ্ৰাম ডি এ পি(DAP) আৰু ৪৭০ গ্ৰাম এম অ পি(MOP) ১০০ লিটাৰ পানীত মিহলাই বৰষুণমুক্ত সময়ত স্প্ৰে কৰিব পাৰে । অন্যান্য শস্যৰ বাবে: • জুনৰ পৰা জুলাই মাহত গ্ৰীষ্মকালীন জাতিলাওৰ (Summer bottle gourd) বীজ সিঁচা কার্য্য কৰা হয়। ইয়াৰ খেতিৰ বাবে প্ৰয়োজনীয় সাৰৰ পৰিমাণ হৈছে প্ৰতি বিঘাত ২.৭ টন গোবৰ/পচন সাৰ, ১৬.৪ কি: গ্ৰা: ইউৰীয়া(Urea) সাৰ, ৪৭ কি: গ্ৰা: একক চুপাৰ ফচফেট(SSP) আৰু ২৫.৪ কি: গ্ৰা:মিউৰেট অৱ পটাছ(MOP) । • গ্ৰীষ্মকালীন লাউৰ (Summer Bottle gourd) অনুমোদিত জাত যেনে পুছা ছামাৰ প্ৰলিফিক ৰাউণ্ড (Pusa Summer Prolific Round), পুছা মেঘদূত (Pusa Meghdoot), পুছা মঞ্জিৰি (Pusa Manjiri) আদিৰ বীজ সংগ্ৰহ কৰিব পাৰে। বতৰ আৰু কৃষি সম্পৰ্কীয় তথ্যৰ বিষয়ে জানিবলৈ কৃষকসকলে ৭০৬৫-০০-৫০৫৪ নম্বৰত মিছড কল দিব পাৰে। ধন্যবাদ । | Assamese | Assam | 13-07-2026 | 17:00:00 | SCHEDULED |
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| 22 | জিলা: তিনিচুকীয়া ( ষ্টেচন: দৰিয়াভেটি_AWS ) বতৰৰ বতৰা আৰু আমাৰ পৰামৰ্শ (বৈধতাৰ সময়সীমা: ৬ৰ পৰা ১৫ জুনলৈ, ২০২৫) চলিদাৰীডেড ৰ প্রিয় ক্ষুদ্ৰ চাহ খেতিয়ক সকল। ভি আই স্মাৰ্ট কৃষি (VI Smart Agri) পৰামৰ্শলৈ স্বাগতম। তিনিচুকীয়া জিলাৰ দৰিয়াভেটিত অৱস্থিত স্বয়ংক্ৰিয় বতৰ বিজ্ঞান কেন্দ্ৰৰ (Automatic Weather Station) পৰা পোৱা বতৰৰ আগলি বতৰা অনুযায়ী ৬ৰ পৰা ১৫ জুনলৈ, ২০২৫ বতৰ সাধাৰণতে ডাৱৰীয়াৰ পৰা আংশিকভাৱে ডাৱৰীয়া হৈ থাকিব আৰু লগতে পাতলীয়াৰ পৰা মজলীয়া বৰষুণৰ সম্ভাৱনা আছে। দিনৰ উষ্ণতা প্ৰায় ৩০-৩৭ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ আৰু নিশাৰ উষ্ণতা প্ৰায় ২৪-২৬ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ হব বুলি অনুমান কৰা হৈছে। ৰাতিপুৱা আৰু আবেলিৰ আপেক্ষিক আৰ্দ্ৰতা ক্ৰমান্বয়ে প্ৰায় ৯৭ % আৰু ৬৫ % আশে-পাশে থাকিব। বতাহ প্ৰতি ঘন্টাত ২-৬ কিলোমিটাৰ বেগত উত্তৰ-পূব আৰু দক্ষিণ-পশ্চিম দিশৰ পৰা প্ৰবাহিত হব। চাহ খেতিৰ বাবে: • যিহেতু বাৰিষা আৰম্ভ হৈছে, চাহ বাগানত পানী জমা হোৱাৰ পৰিস্থিতিত, অতিৰিক্ত পানীভাগ উলিয়াবলৈ সৰু নলাৰ ব্যৱস্থা কৰিব আৰু লগতে ঠেক নলাবোৰ পৰিষ্কাৰ কৰি ৰাখিব । • এই সময়ত চাহ খেতিত Black Rot, Red Rust আদি ৰোগৰ বাবে প্ৰতিৰোধমূলক ব্যৱস্থা লব লাগে। এই ৰোগবোৰ সাধাৰণতে মাটিৰ পুষ্টিৰ অভাৱত আৰু পানী জমা হোৱাৰ পিছত দেখা যায়। পানী জমা হোৱা এলেকাবোৰ চিহ্নিত কৰি নলা খান্দি দিয়াৰ ব্যৱস্থা কৰিব। সংক্ৰমিত চাহৰ জোপোহাবোৰ চিহ্নিত কৰি প্লাকিং কৰাৰ পিছত অনুমোদিত ৰাসায়নিক পদাৰ্থৰ স্পট স্প্ৰে (Spot spraying) কৰি নিয়ন্ত্ৰণ কৰিব লাগে। হেলোপেল্টিছ, এফিড বা থ্ৰিপছৰ দ্বাৰা সংক্ৰমিত এলেকাবোৰত Black প্লাকিং কৰিব লাগে। • এই সময়ত প্ৰায় সকলোবোৰ পৈণত আৰু অপৈণত চাহ বাগানত প্ৰথম কিস্তিত (First Split dose) কৰিব লগা সাৰৰ প্ৰয়োগ ইতিমধ্যে সম্পন্ন হৈ যাব লাগে। যি সকলে এইবাৰ সাৰৰ অভাৱৰ বাবে সাৰ দিব পৰা নাই তেওঁলোকে Foliar Spray কৰিবলৈ ৩০০ গ্ৰাম ইউৰিয়া (Urea), ২০০ গ্ৰাম ডি এ পি(DAP) আৰু ৪৭০ গ্ৰাম এম অ পি(MOP) ১০০ লিটাৰ পানীত মিহলাই বৰষুণমুক্ত সময়ত স্প্ৰে কৰিব পাৰে । অন্যান্য শস্যৰ বাবে: • জুনৰ পৰা জুলাই মাহত গ্ৰীষ্মকালীন জাতিলাওৰ (Summer bottle gourd) বীজ সিঁচা কার্য্য কৰা হয়। ইয়াৰ খেতিৰ বাবে প্ৰয়োজনীয় সাৰৰ পৰিমাণ হৈছে প্ৰতি বিঘাত ২.৭ টন গোবৰ/পচন সাৰ, ১৬.৪ কি: গ্ৰা: ইউৰীয়া(Urea) সাৰ, ৪৭ কি: গ্ৰা: একক চুপাৰ ফচফেট(SSP) আৰু ২৫.৪ কি: গ্ৰা:মিউৰেট অৱ পটাছ(MOP) । • গ্ৰীষ্মকালীন লাউৰ (Summer Bottle gourd) অনুমোদিত জাত যেনে পুছা ছামাৰ প্ৰলিফিক ৰাউণ্ড (Pusa Summer Prolific Round), পুছা মেঘদূত (Pusa Meghdoot), পুছা মঞ্জিৰি (Pusa Manjiri) আদিৰ বীজ সংগ্ৰহ কৰিব পাৰে। বতৰ আৰু কৃষি সম্পৰ্কীয় তথ্যৰ বিষয়ে জানিবলৈ কৃষকসকলে ৭০৬৫-০০-৫০৫৪ নম্বৰত মিছড কল দিব পাৰে। ধন্যবাদ । | Assamese | Assam | 13-07-2026 | 17:00:00 | SCHEDULED |
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| 23 | नमस्कार शेतकरी बंधूंनो...सॉलिडरीडॅड, वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन आणि एरिक्सन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. उमरेड तालुक्यातील आपतुर येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे दिनांक १४ जुलै २०२६ ते दिनांक २४ जुलै २०२६ दरम्यानचा हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान २५ ते २८ अंश सेल्सियस तर कमाल २९ ते ३५ अंश सेल्सियस एवढे राहण्याची शक्यता आहे. या कालावधीत वातावरण अंशतः ढगाळ राहून, दिनांक १७ जुलै ते दिनांक २४ जुलै २०२६ दरम्यान हलका ते मध्यम पाऊस पडण्याची शक्यता आहे. शेतकऱ्यांसाठी सूचना: शेतकऱ्यांना पेरणीला उशीर झाल्यास मुग, उडीद किंवा चवळी या पिकाचा आंतरपीक म्हणून अंतर्भाव करावा व कपाशीचे लवकर पक्व होणारे वाण वापरावे. रुंद सरी वरंबा पद्धतीचा अवलंब केला नसेल तर जास्त अंतरावरील पिकाच्या दोन ओळी, तर कमी अंतरावरील पिकाच्या ३ ते ४ ओळींनंतर २५ ते ३५ दिवसांनी सऱ्या काढावयात म्हणजे सरीदवारे पावसाच्या पाण्याचा नीचरा व संवर्धन झाल्यामुळे पिकांच्या वाढीस उपयुक्त ठरते. सेंद्रिय शेतकरी वगळता इतर शेतकऱ्यांनी कपाशी पिकांत २० ते ३० दिवस अवस्थेत तण व्यवस्थापनसाठी उगवण पच्छात तणनाशकांमध्ये पायरिथिओबेक सोडियम १०% ई.सी. @१२.५ ते १५ मिलि १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. ज्या शेतकऱ्यांची पेरणी १५-२० दिवस झाले असल्यास त्यांनी पाउसाची उघडिप झाल्यानंतर आंतरमशागतीची कामे पूर्ण करावी. तसेच १-२ डवरणी व कोळपणी करावी. कापूस पिकासाठी शेतकऱ्यांनी पेरणी पासून १५ दिवसाच्या आत नत्र खताचा पहिला डोज दयावा किंवा १ ते १.५ टन गांडूळखत द्यावे. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा, मोबाईल क्रमांक ९१५८२६१९२२ धन्यवाद! हि माहिती पुन्हा ऐकण्यास शून्य दाबावे. | Marathi | MH | 14-07-2026 | 08:30:00 | SCHEDULED |
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| 24 | नमस्कार शेतकरी बंधूंनो...सॉलिडरीडॅड, वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन आणि एरिक्सन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. कळमेश्वर तालुक्यातील सावळी येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे दिनांक १४ जुलै २०२६ ते दिनांक २४ जुलै २०२६ दरम्यानचा हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान २५ ते २७ अंश सेल्सियस तर कमाल २८ ते ३४ अंश सेल्सियस एवढे राहण्याची शक्यता आहे. या कालावधीत वातावरण अंशतः ढगाळ राहून, दिनांक १७ जुलै ते दिनांक २४ जुलै २०२६ दरम्यान हलका ते मध्यम पाऊस पडण्याची शक्यता आहे. शेतकऱ्यांसाठी सूचना: शेतकऱ्यांना पेरणीला उशीर झाल्यास मुग, उडीद किंवा चवळी या पिकाचा आंतरपीक म्हणून अंतर्भाव करावा व कपाशीचे लवकर पक्व होणारे वाण वापरावे. रुंद सरी वरंबा पद्धतीचा अवलंब केला नसेल तर जास्त अंतरावरील पिकाच्या दोन ओळी, तर कमी अंतरावरील पिकाच्या ३ ते ४ ओळींनंतर २५ ते ३५ दिवसांनी सऱ्या काढावयात म्हणजे सरीदवारे पावसाच्या पाण्याचा नीचरा व संवर्धन झाल्यामुळे पिकांच्या वाढीस उपयुक्त ठरते. सेंद्रिय शेतकरी वगळता इतर शेतकऱ्यांनी कपाशी पिकांत २० ते ३० दिवस अवस्थेत तण व्यवस्थापनसाठी उगवण पच्छात तणनाशकांमध्ये पायरिथिओबेक सोडियम १०% ई.सी. @१२.५ ते १५ मिलि १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. ज्या शेतकऱ्यांची पेरणी १५-२० दिवस झाले असल्यास त्यांनी पाउसाची उघडिप झाल्यानंतर आंतरमशागतीची कामे पूर्ण करावी. तसेच १-२ डवरणी व कोळपणी करावी. कापूस पिकासाठी शेतकऱ्यांनी पेरणी पासून १५ दिवसाच्या आत नत्र खताचा पहिला डोज दयावा किंवा १ ते १.५ टन गांडूळखत द्यावे. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा, मोबाईल क्रमांक ९०३९१३३५४१ धन्यवाद! हि माहिती पुन्हा ऐकण्यास शून्य दाबावे. | Marathi | MH | 14-07-2026 | 08:30:00 | SCHEDULED |
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| 25 | नमस्कार शेतकरी बंधूंनो...सॉलिडरीडॅड, वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन आणि एरिक्सन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. सावनेर तालुक्यातील मानेगाव येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे दिनांक १४ जुलै २०२६ ते दिनांक २४ जुलै २०२६ दरम्यानचा हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान २४ ते २७ अंश सेल्सियस तर कमाल २८ ते ३४ अंश सेल्सियस एवढे राहण्याची शक्यता आहे. या कालावधीत वातावरण अंशतः ढगाळ राहून, दिनांक १७ जुलै ते दिनांक २४ जुलै २०२६ दरम्यान हलका ते मध्यम पाऊस पडण्याची शक्यता आहे. शेतकऱ्यांसाठी सूचना: शेतकऱ्यांना पेरणीला उशीर झाल्यास मुग, उडीद किंवा चवळी या पिकाचा आंतरपीक म्हणून अंतर्भाव करावा व कपाशीचे लवकर पक्व होणारे वाण वापरावे. रुंद सरी वरंबा पद्धतीचा अवलंब केला नसेल तर जास्त अंतरावरील पिकाच्या दोन ओळी, तर कमी अंतरावरील पिकाच्या ३ ते ४ ओळींनंतर २५ ते ३५ दिवसांनी सऱ्या काढावयात म्हणजे सरीदवारे पावसाच्या पाण्याचा नीचरा व संवर्धन झाल्यामुळे पिकांच्या वाढीस उपयुक्त ठरते. सेंद्रिय शेतकरी वगळता इतर शेतकऱ्यांनी कपाशी पिकांत २० ते ३० दिवस अवस्थेत तण व्यवस्थापनसाठी उगवण पच्छात तणनाशकांमध्ये पायरिथिओबेक सोडियम १०% ई.सी. @१२.५ ते १५ मिलि १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. ज्या शेतकऱ्यांची पेरणी १५-२० दिवस झाले असल्यास त्यांनी पाउसाची उघडिप झाल्यानंतर आंतरमशागतीची कामे पूर्ण करावी. तसेच १-२ डवरणी व कोळपणी करावी. कापूस पिकासाठी शेतकऱ्यांनी पेरणी पासून १५ दिवसाच्या आत नत्र खताचा पहिला डोज दयावा किंवा १ ते १.५ टन गांडूळखत द्यावे. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा, मोबाईल क्रमांक ८२०८९१४५९४ धन्यवाद! हि माहिती पुन्हा ऐकण्यास शून्य दाबावे. | Marathi | MH | 14-07-2026 | 08:30:00 | SCHEDULED |
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| 26 | नमस्कार शेतकरी बंधूंनो...सॉलिडरीडॅड, वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन आणि एरिक्सन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. नेर तालुक्यातील मोझर येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे दिनांक १४ जुलै २०२६ ते दिनांक २४ जुलै २०२६ दरम्यानचा हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान २४ ते २६ अंश सेल्सियस तर कमाल २७ ते ३४ अंश सेल्सियस एवढे राहण्याची शक्यता आहे. या कालावधीत वातावरण अंशतः ढगाळ राहून, दिनांक १८ जुलै ते दिनांक २४ जुलै २०२६ दरम्यान हलका ते मध्यम पाऊस पडण्याची शक्यता आहे. शेतकऱ्यांसाठी सूचना: शेतकऱ्यांना पेरणीला उशीर झाल्यास मुग, उडीद किंवा चवळी या पिकाचा आंतरपीक म्हणून अंतर्भाव करावा व कपाशीचे लवकर पक्व होणारे वाण वापरावे. रुंद सरी वरंबा पद्धतीचा अवलंब केला नसेल तर जास्त अंतरावरील पिकाच्या दोन ओळी, तर कमी अंतरावरील पिकाच्या ३ ते ४ ओळींनंतर २५ ते ३५ दिवसांनी सऱ्या काढावयात म्हणजे सरीदवारे पावसाच्या पाण्याचा नीचरा व संवर्धन झाल्यामुळे पिकांच्या वाढीस उपयुक्त ठरते. सेंद्रिय शेतकरी वगळता इतर शेतकऱ्यांनी कपाशी पिकांत २० ते ३० दिवस अवस्थेत तण व्यवस्थापनसाठी उगवण पच्छात तणनाशकांमध्ये पायरिथिओबेक सोडियम १०% ई.सी. @१२.५ ते १५ मिलि १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. ज्या शेतकऱ्यांची पेरणी १५-२० दिवस झाले असल्यास त्यांनी पाउसाची उघडिप झाल्यानंतर आंतरमशागतीची कामे पूर्ण करावी. तसेच १-२ डवरणी व कोळपणी करावी. कापूस पिकासाठी शेतकऱ्यांनी पेरणी पासून १५ दिवसाच्या आत नत्र खताचा पहिला डोज दयावा किंवा १ ते १.५ टन गांडूळखत द्यावे. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा, मोबाईल क्रमांक ९१५८२६१९२२ धन्यवाद! हि माहिती पुन्हा ऐकण्यास शून्य दाबावे. | Marathi | MH | 14-07-2026 | 08:30:00 | SCHEDULED |
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| 27 | नमस्कार शेतकरी बंधूंनो...सॉलिडरीडॅड, वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन आणि एरिक्सन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. घाटंजी तालुक्यातील मारेगाव येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे दिनांक १४ जुलै २०२६ ते दिनांक २४ जुलै २०२६ दरम्यानचा हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान २४ ते २७ अंश सेल्सियस तर कमाल २८ ते ३४ अंश सेल्सियस एवढे राहण्याची शक्यता आहे. या कालावधीत वातावरण अंशतः ढगाळ राहून, दिनांक १८ जुलै ते दिनांक २४ जुलै २०२६ दरम्यान हलका ते मध्यम पाऊस पडण्याची शक्यता आहे. शेतकऱ्यांसाठी सूचना: शेतकऱ्यांना पेरणीला उशीर झाल्यास मुग, उडीद किंवा चवळी या पिकाचा आंतरपीक म्हणून अंतर्भाव करावा व कपाशीचे लवकर पक्व होणारे वाण वापरावे. रुंद सरी वरंबा पद्धतीचा अवलंब केला नसेल तर जास्त अंतरावरील पिकाच्या दोन ओळी, तर कमी अंतरावरील पिकाच्या ३ ते ४ ओळींनंतर २५ ते ३५ दिवसांनी सऱ्या काढावयात म्हणजे सरीदवारे पावसाच्या पाण्याचा नीचरा व संवर्धन झाल्यामुळे पिकांच्या वाढीस उपयुक्त ठरते. सेंद्रिय शेतकरी वगळता इतर शेतकऱ्यांनी कपाशी पिकांत २० ते ३० दिवस अवस्थेत तण व्यवस्थापनसाठी उगवण पच्छात तणनाशकांमध्ये पायरिथिओबेक सोडियम १०% ई.सी. @१२.५ ते १५ मिलि १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. ज्या शेतकऱ्यांची पेरणी १५-२० दिवस झाले असल्यास त्यांनी पाउसाची उघडिप झाल्यानंतर आंतरमशागतीची कामे पूर्ण करावी. तसेच १-२ डवरणी व कोळपणी करावी. कापूस पिकासाठी शेतकऱ्यांनी पेरणी पासून १५ दिवसाच्या आत नत्र खताचा पहिला डोज दयावा किंवा १ ते १.५ टन गांडूळखत द्यावे. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा, मोबाईल क्रमांक ९१५८२६१९२२ धन्यवाद! हि माहिती पुन्हा ऐकण्यास शून्य दाबावे. | Marathi | MH | 14-07-2026 | 08:30:00 | SCHEDULED |
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| 28 | नमस्कार शेतकरी बंधूंनो...सॉलिडरीडॅड, वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. परभणी तालुक्यातील पिंगळी येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे दिनांक १४ जुलै २०२६ ते दिनांक २४ जुलै २०२६ दरम्यानचा हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान २४ ते २६ अंश सेल्सियस तर कमाल २८ ते ३४ अंश सेल्सियस एवढे राहण्याची शक्यता आहे. कालावधीत वातावरण अंशतः ढगाळ राहून, दिनांक १७ व १८ जुलै तसेच २२ ते २४ जुलै २०२६ दरम्यान हलका ते मध्यम पाऊस पडण्याची शक्यता आहे. शेतकऱ्यांसाठी सूचना: शेतकऱ्यांना पेरणीला उशीर झाल्यास मुग, उडीद किंवा चवळी या पिकाचा आंतरपीक म्हणून अंतर्भाव करावा व कपाशीचे लवकर पक्व होणारे वाण वापरावे. रुंद सरी वरंबा पद्धतीचा अवलंब केला नसेल तर जास्त अंतरावरील पिकाच्या दोन ओळी, तर कमी अंतरावरील पिकाच्या ३ ते ४ ओळींनंतर २५ ते ३५ दिवसांनी सऱ्या काढावयात म्हणजे सरीदवारे पावसाच्या पाण्याचा नीचरा व संवर्धन झाल्यामुळे पिकांच्या वाढीस उपयुक्त ठरते. सेंद्रिय शेतकरी वगळता इतर शेतकऱ्यांनी कपाशी पिकांत २० ते ३० दिवस अवस्थेत तण व्यवस्थापनसाठी उगवण पच्छात तणनाशकांमध्ये पायरिथिओबेक सोडियम १०% ई.सी. @१२.५ ते १५ मिलि १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. ज्या शेतकऱ्यांची पेरणी १५-२० दिवस झाले असल्यास त्यांनी पाउसाची उघडिप झाल्यानंतर आंतरमशागतीची कामे पूर्ण करावी. तसेच १-२ डवरणी व कोळपणी करावी. कापूस पिकासाठी शेतकऱ्यांनी पेरणी पासून १५ दिवसाच्या आत नत्र खताचा पहिला डोज दयावा किंवा १ ते १.५ टन गांडूळखत द्यावे. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा, मोबाईल क्रमांक ९१५८२६१९२२ धन्यवाद! हि माहिती पुन्हा ऐकण्यास शून्य दाबावे. | Marathi | MH | 14-07-2026 | 08:30:00 | SCHEDULED |
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| 29 | नमस्कार शेतकरी बंधूंनो...सॉलिडरीडॅड, वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन आणि एरिक्सन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. किनवट तालुक्यातील लोणी येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे दिनांक १४ जुलै २०२६ ते दिनांक २४ जुलै २०२६ दरम्यानचा हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान २४ ते २६ अंश सेल्सियस तर कमाल २७ ते ३४ अंश सेल्सियस एवढे राहण्याची शक्यता आहे. कालावधीत वातावरण अंशतः ढगाळ राहून, दिनांक १७ जुलै ते दिनांक २४ जुलै २०२६ दरम्यान हलका ते मध्यम पाऊस पडण्याची शक्यता आहे. शेतकऱ्यांसाठी सूचना: शेतकऱ्यांना पेरणीला उशीर झाल्यास मुग, उडीद किंवा चवळी या पिकाचा आंतरपीक म्हणून अंतर्भाव करावा व कपाशीचे लवकर पक्व होणारे वाण वापरावे. रुंद सरी वरंबा पद्धतीचा अवलंब केला नसेल तर जास्त अंतरावरील पिकाच्या दोन ओळी, तर कमी अंतरावरील पिकाच्या ३ ते ४ ओळींनंतर २५ ते ३५ दिवसांनी सऱ्या काढावयात म्हणजे सरीदवारे पावसाच्या पाण्याचा नीचरा व संवर्धन झाल्यामुळे पिकांच्या वाढीस उपयुक्त ठरते. सेंद्रिय शेतकरी वगळता इतर शेतकऱ्यांनी कपाशी पिकांत २० ते ३० दिवस अवस्थेत तण व्यवस्थापनसाठी उगवण पच्छात तणनाशकांमध्ये पायरिथिओबेक सोडियम १०% ई.सी. @१२.५ ते १५ मिलि १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. ज्या शेतकऱ्यांची पेरणी १५-२० दिवस झाले असल्यास त्यांनी पाउसाची उघडिप झाल्यानंतर आंतरमशागतीची कामे पूर्ण करावी. तसेच १-२ डवरणी व कोळपणी करावी. कापूस पिकासाठी शेतकऱ्यांनी पेरणी पासून १५ दिवसाच्या आत नत्र खताचा पहिला डोज दयावा किंवा १ ते १.५ टन गांडूळखत द्यावे. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा, मोबाईल क्रमांक ९१५८२६१९२२ धन्यवाद! हि माहिती पुन्हा ऐकण्यास शून्य दाबावे. | Marathi | MH | 14-07-2026 | 08:30:00 | SCHEDULED |
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| 30 | नमस्कार शेतकरी बंधूंनो...सॉलिडरीडॅड, वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन आणि एरिक्सन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. माहुर तालुक्यातील तुळशी येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे दिनांक १४ जुलै २०२६ ते दिनांक २४ जुलै २०२६ दरम्यानचा हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान २४ ते २७ अंश सेल्सियस तर कमाल २८ ते ३५ अंश सेल्सियस एवढे राहण्याची शक्यता आहे. कालावधीत वातावरण अंशतः ढगाळ राहून, दिनांक १७ जुलै ते दिनांक २४ जुलै २०२६ दरम्यान हलका ते मध्यम पाऊस पडण्याची शक्यता आहे. शेतकऱ्यांसाठी सूचना: शेतकऱ्यांना पेरणीला उशीर झाल्यास मुग, उडीद किंवा चवळी या पिकाचा आंतरपीक म्हणून अंतर्भाव करावा व कपाशीचे लवकर पक्व होणारे वाण वापरावे. रुंद सरी वरंबा पद्धतीचा अवलंब केला नसेल तर जास्त अंतरावरील पिकाच्या दोन ओळी, तर कमी अंतरावरील पिकाच्या ३ ते ४ ओळींनंतर २५ ते ३५ दिवसांनी सऱ्या काढावयात म्हणजे सरीदवारे पावसाच्या पाण्याचा नीचरा व संवर्धन झाल्यामुळे पिकांच्या वाढीस उपयुक्त ठरते. सेंद्रिय शेतकरी वगळता इतर शेतकऱ्यांनी कपाशी पिकांत २० ते ३० दिवस अवस्थेत तण व्यवस्थापनसाठी उगवण पच्छात तणनाशकांमध्ये पायरिथिओबेक सोडियम १०% ई.सी. @१२.५ ते १५ मिलि १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. ज्या शेतकऱ्यांची पेरणी १५-२० दिवस झाले असल्यास त्यांनी पाउसाची उघडिप झाल्यानंतर आंतरमशागतीची कामे पूर्ण करावी. तसेच १-२ डवरणी व कोळपणी करावी. कापूस पिकासाठी शेतकऱ्यांनी पेरणी पासून १५ दिवसाच्या आत नत्र खताचा पहिला डोज दयावा किंवा १ ते १.५ टन गांडूळखत द्यावे. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा, मोबाईल क्रमांक ९१५८२६१९२२ धन्यवाद! हि माहिती पुन्हा ऐकण्यास शून्य दाबावे. | Marathi | MH | 14-07-2026 | 08:30:00 | SCHEDULED |
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