Message List: 11,927
| S.No | Message Title | Message | State | Created By | Creation Date | Status | Action |
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| 1871 | वैस्ट डीकम्पोज़र पर सलाह Mandsaur | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं सोलीडरीडाड द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Mandsaur ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 13 अप्रैल से 22 अप्रैल के दौरान दिन में 40 और रात में 27 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है। खरीफ के फसल में जैविक खाद उपलब्धता के लिए वेस्ट डीकम्पोज़र के उपयोग की सलाह दी जाती है वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल बनाने के लिए सर्व प्रथम 200 लीटर का एक ड्रम या टंकी में ले कर उसमे 2 किलो गुड पानी में डाल कर अच्छी तरह से मिला ले। इसके बाद वेस्ट डीकम्पोज़र को पानी के टंकी में डाल दे। ध्यान रखे की इसे लकड़ी की सहायता से मिलाए और हाथो के संपर्क में न लाये। किसी समतल स्थान पर 1 टन फसल अवशेष या घर से प्रति दिन निकलने वाले जैविक कचरे (सब्जी के छिलके, खराब खाना, पशुओं का गोबर) आदि को एक तह के रूप में बिछा ले। तैयार घोल से इसे भिगो दे, इसके ऊपर अपशिष्ट कचरे की पुनः एक तह बिछा दे और पुनः इस पर घोल डाल कर पूरी तरह भिगों दे। पूरी ढ़ेर की आद्रता (नमी) 60 प्रतिशत बनाए रखे। सात-सात दिनों के अंतराल पर इस समस्त कम्पोस्ट को उलटते-पलटते रहे और ज़रूरत हो तो पुनः घोल से भिगो दे । किसान साथी ध्यान दे इस वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल का उपयोग गेंहू की पराली (फसल अवशेष) के प्रबंधन मे भी किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । | Madhya Pradesh | MP | 14-04-2025 | Enable |
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| 1872 | वैस्ट डीकम्पोज़र पर सलाह Ujjain | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं सोलीडरीडाड द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Ujjain ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 13 अप्रैल से 22 अप्रैल के दौरान दिन में 39 और रात में 26 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है। खरीफ के फसल में जैविक खाद उपलब्धता के लिए वेस्ट डीकम्पोज़र के उपयोग की सलाह दी जाती है वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल बनाने के लिए सर्व प्रथम 200 लीटर का एक ड्रम या टंकी में ले कर उसमे 2 किलो गुड पानी में डाल कर अच्छी तरह से मिला ले। इसके बाद वेस्ट डीकम्पोज़र को पानी के टंकी में डाल दे। ध्यान रखे की इसे लकड़ी की सहायता से मिलाए और हाथो के संपर्क में न लाये। किसी समतल स्थान पर 1 टन फसल अवशेष या घर से प्रति दिन निकलने वाले जैविक कचरे (सब्जी के छिलके, खराब खाना, पशुओं का गोबर) आदि को एक तह के रूप में बिछा ले। तैयार घोल से इसे भिगो दे, इसके ऊपर अपशिष्ट कचरे की पुनः एक तह बिछा दे और पुनः इस पर घोल डाल कर पूरी तरह भिगों दे। पूरी ढ़ेर की आद्रता (नमी) 60 प्रतिशत बनाए रखे। सात-सात दिनों के अंतराल पर इस समस्त कम्पोस्ट को उलटते-पलटते रहे और ज़रूरत हो तो पुनः घोल से भिगो दे । किसान साथी ध्यान दे इस वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल का उपयोग गेंहू की पराली (फसल अवशेष) के प्रबंधन मे भी किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । | Madhya Pradesh | MP | 14-04-2025 | Enable |
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| 1873 | वैस्ट डीकम्पोज़र पर सलाह Sehore | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं सोलीडरीडाड द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Sehore ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 13 अप्रैल से 22 अप्रैल के दौरान दिन में 39 और रात में 25 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है। खरीफ के फसल में जैविक खाद उपलब्धता के लिए वेस्ट डीकम्पोज़र के उपयोग की सलाह दी जाती है वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल बनाने के लिए सर्व प्रथम 200 लीटर का एक ड्रम या टंकी में ले कर उसमे 2 किलो गुड पानी में डाल कर अच्छी तरह से मिला ले। इसके बाद वेस्ट डीकम्पोज़र को पानी के टंकी में डाल दे। ध्यान रखे की इसे लकड़ी की सहायता से मिलाए और हाथो के संपर्क में न लाये। किसी समतल स्थान पर 1 टन फसल अवशेष या घर से प्रति दिन निकलने वाले जैविक कचरे (सब्जी के छिलके, खराब खाना, पशुओं का गोबर) आदि को एक तह के रूप में बिछा ले। तैयार घोल से इसे भिगो दे, इसके ऊपर अपशिष्ट कचरे की पुनः एक तह बिछा दे और पुनः इस पर घोल डाल कर पूरी तरह भिगों दे। पूरी ढ़ेर की आद्रता (नमी) 60 प्रतिशत बनाए रखे। सात-सात दिनों के अंतराल पर इस समस्त कम्पोस्ट को उलटते-पलटते रहे और ज़रूरत हो तो पुनः घोल से भिगो दे । किसान साथी ध्यान दे इस वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल का उपयोग गेंहू की पराली (फसल अवशेष) के प्रबंधन मे भी किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । | Madhya Pradesh | MP | 14-04-2025 | Enable |
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| 1874 | वैस्ट डीकम्पोज़र पर सलाह Raisen | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं सोलीडरीडाड द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Raisen ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 13 अप्रैल से 22 अप्रैल के दौरान दिन में 40 और रात में 26 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है। खरीफ के फसल में जैविक खाद उपलब्धता के लिए वेस्ट डीकम्पोज़र के उपयोग की सलाह दी जाती है वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल बनाने के लिए सर्व प्रथम 200 लीटर का एक ड्रम या टंकी में ले कर उसमे 2 किलो गुड पानी में डाल कर अच्छी तरह से मिला ले। इसके बाद वेस्ट डीकम्पोज़र को पानी के टंकी में डाल दे। ध्यान रखे की इसे लकड़ी की सहायता से मिलाए और हाथो के संपर्क में न लाये। किसी समतल स्थान पर 1 टन फसल अवशेष या घर से प्रति दिन निकलने वाले जैविक कचरे (सब्जी के छिलके, खराब खाना, पशुओं का गोबर) आदि को एक तह के रूप में बिछा ले। तैयार घोल से इसे भिगो दे, इसके ऊपर अपशिष्ट कचरे की पुनः एक तह बिछा दे और पुनः इस पर घोल डाल कर पूरी तरह भिगों दे। पूरी ढ़ेर की आद्रता (नमी) 60 प्रतिशत बनाए रखे। सात-सात दिनों के अंतराल पर इस समस्त कम्पोस्ट को उलटते-पलटते रहे और ज़रूरत हो तो पुनः घोल से भिगो दे । किसान साथी ध्यान दे इस वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल का उपयोग गेंहू की पराली (फसल अवशेष) के प्रबंधन मे भी किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । | Madhya Pradesh | MP | 14-04-2025 | Enable |
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| 1875 | वैस्ट डीकम्पोज़र पर सलाह Vidisha | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं सोलीडरीडाड द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Vidisha ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 13 अप्रैल से 22 अप्रैल के दौरान दिन में 40 और रात में 27 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है। खरीफ के फसल में जैविक खाद उपलब्धता के लिए वेस्ट डीकम्पोज़र के उपयोग की सलाह दी जाती है वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल बनाने के लिए सर्व प्रथम 200 लीटर का एक ड्रम या टंकी में ले कर उसमे 2 किलो गुड पानी में डाल कर अच्छी तरह से मिला ले। इसके बाद वेस्ट डीकम्पोज़र को पानी के टंकी में डाल दे। ध्यान रखे की इसे लकड़ी की सहायता से मिलाए और हाथो के संपर्क में न लाये। किसी समतल स्थान पर 1 टन फसल अवशेष या घर से प्रति दिन निकलने वाले जैविक कचरे (सब्जी के छिलके, खराब खाना, पशुओं का गोबर) आदि को एक तह के रूप में बिछा ले। तैयार घोल से इसे भिगो दे, इसके ऊपर अपशिष्ट कचरे की पुनः एक तह बिछा दे और पुनः इस पर घोल डाल कर पूरी तरह भिगों दे। पूरी ढ़ेर की आद्रता (नमी) 60 प्रतिशत बनाए रखे। सात-सात दिनों के अंतराल पर इस समस्त कम्पोस्ट को उलटते-पलटते रहे और ज़रूरत हो तो पुनः घोल से भिगो दे । किसान साथी ध्यान दे इस वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल का उपयोग गेंहू की पराली (फसल अवशेष) के प्रबंधन मे भी किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । | Madhya Pradesh | MP | 14-04-2025 | Enable |
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| 1876 | वैस्ट डीकम्पोज़र पर सलाह Bhopal | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं सोलीडरीडाड द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Bhopal ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 13 अप्रैल से 22 अप्रैल के दौरान दिन में 38 और रात में 27 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है। खरीफ के फसल में जैविक खाद उपलब्धता के लिए वेस्ट डीकम्पोज़र के उपयोग की सलाह दी जाती है वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल बनाने के लिए सर्व प्रथम 200 लीटर का एक ड्रम या टंकी में ले कर उसमे 2 किलो गुड पानी में डाल कर अच्छी तरह से मिला ले। इसके बाद वेस्ट डीकम्पोज़र को पानी के टंकी में डाल दे। ध्यान रखे की इसे लकड़ी की सहायता से मिलाए और हाथो के संपर्क में न लाये। किसी समतल स्थान पर 1 टन फसल अवशेष या घर से प्रति दिन निकलने वाले जैविक कचरे (सब्जी के छिलके, खराब खाना, पशुओं का गोबर) आदि को एक तह के रूप में बिछा ले। तैयार घोल से इसे भिगो दे, इसके ऊपर अपशिष्ट कचरे की पुनः एक तह बिछा दे और पुनः इस पर घोल डाल कर पूरी तरह भिगों दे। पूरी ढ़ेर की आद्रता (नमी) 60 प्रतिशत बनाए रखे। सात-सात दिनों के अंतराल पर इस समस्त कम्पोस्ट को उलटते-पलटते रहे और ज़रूरत हो तो पुनः घोल से भिगो दे । किसान साथी ध्यान दे इस वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल का उपयोग गेंहू की पराली (फसल अवशेष) के प्रबंधन मे भी किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । | Madhya Pradesh | MP | 14-04-2025 | Enable |
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| 1877 | वैस्ट डीकम्पोज़र पर सलाह Dewas | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं सोलीडरीडाड द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Dewas ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 13 अप्रैल से 22 अप्रैल के दौरान दिन में 39 और रात में 27 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है। खरीफ के फसल में जैविक खाद उपलब्धता के लिए वेस्ट डीकम्पोज़र के उपयोग की सलाह दी जाती है वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल बनाने के लिए सर्व प्रथम 200 लीटर का एक ड्रम या टंकी में ले कर उसमे 2 किलो गुड पानी में डाल कर अच्छी तरह से मिला ले। इसके बाद वेस्ट डीकम्पोज़र को पानी के टंकी में डाल दे। ध्यान रखे की इसे लकड़ी की सहायता से मिलाए और हाथो के संपर्क में न लाये। किसी समतल स्थान पर 1 टन फसल अवशेष या घर से प्रति दिन निकलने वाले जैविक कचरे (सब्जी के छिलके, खराब खाना, पशुओं का गोबर) आदि को एक तह के रूप में बिछा ले। तैयार घोल से इसे भिगो दे, इसके ऊपर अपशिष्ट कचरे की पुनः एक तह बिछा दे और पुनः इस पर घोल डाल कर पूरी तरह भिगों दे। पूरी ढ़ेर की आद्रता (नमी) 60 प्रतिशत बनाए रखे। सात-सात दिनों के अंतराल पर इस समस्त कम्पोस्ट को उलटते-पलटते रहे और ज़रूरत हो तो पुनः घोल से भिगो दे । किसान साथी ध्यान दे इस वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल का उपयोग गेंहू की पराली (फसल अवशेष) के प्रबंधन मे भी किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । | Madhya Pradesh | MP | 14-04-2025 | Enable |
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| 1878 | वैस्ट डीकम्पोज़र पर सलाह Agar | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं सोलीडरीडाड द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Agar ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 13 अप्रैल से 22 अप्रैल के दौरान दिन में 39 और रात में 26 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है। खरीफ के फसल में जैविक खाद उपलब्धता के लिए वेस्ट डीकम्पोज़र के उपयोग की सलाह दी जाती है वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल बनाने के लिए सर्व प्रथम 200 लीटर का एक ड्रम या टंकी में ले कर उसमे 2 किलो गुड पानी में डाल कर अच्छी तरह से मिला ले। इसके बाद वेस्ट डीकम्पोज़र को पानी के टंकी में डाल दे। ध्यान रखे की इसे लकड़ी की सहायता से मिलाए और हाथो के संपर्क में न लाये। किसी समतल स्थान पर 1 टन फसल अवशेष या घर से प्रति दिन निकलने वाले जैविक कचरे (सब्जी के छिलके, खराब खाना, पशुओं का गोबर) आदि को एक तह के रूप में बिछा ले। तैयार घोल से इसे भिगो दे, इसके ऊपर अपशिष्ट कचरे की पुनः एक तह बिछा दे और पुनः इस पर घोल डाल कर पूरी तरह भिगों दे। पूरी ढ़ेर की आद्रता (नमी) 60 प्रतिशत बनाए रखे। सात-सात दिनों के अंतराल पर इस समस्त कम्पोस्ट को उलटते-पलटते रहे और ज़रूरत हो तो पुनः घोल से भिगो दे । किसान साथी ध्यान दे इस वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल का उपयोग गेंहू की पराली (फसल अवशेष) के प्रबंधन मे भी किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । | Madhya Pradesh | MP | 14-04-2025 | Enable |
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| 1879 | वैस्ट डीकम्पोज़र पर सलाह Ratlam | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं सोलीडरीडाड द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Ratlam ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 13 अप्रैल से 22 अप्रैल के दौरान दिन में 39 और रात में 26 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है। खरीफ के फसल में जैविक खाद उपलब्धता के लिए वेस्ट डीकम्पोज़र के उपयोग की सलाह दी जाती है वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल बनाने के लिए सर्व प्रथम 200 लीटर का एक ड्रम या टंकी में ले कर उसमे 2 किलो गुड पानी में डाल कर अच्छी तरह से मिला ले। इसके बाद वेस्ट डीकम्पोज़र को पानी के टंकी में डाल दे। ध्यान रखे की इसे लकड़ी की सहायता से मिलाए और हाथो के संपर्क में न लाये। किसी समतल स्थान पर 1 टन फसल अवशेष या घर से प्रति दिन निकलने वाले जैविक कचरे (सब्जी के छिलके, खराब खाना, पशुओं का गोबर) आदि को एक तह के रूप में बिछा ले। तैयार घोल से इसे भिगो दे, इसके ऊपर अपशिष्ट कचरे की पुनः एक तह बिछा दे और पुनः इस पर घोल डाल कर पूरी तरह भिगों दे। पूरी ढ़ेर की आद्रता (नमी) 60 प्रतिशत बनाए रखे। सात-सात दिनों के अंतराल पर इस समस्त कम्पोस्ट को उलटते-पलटते रहे और ज़रूरत हो तो पुनः घोल से भिगो दे । किसान साथी ध्यान दे इस वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल का उपयोग गेंहू की पराली (फसल अवशेष) के प्रबंधन मे भी किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । | Madhya Pradesh | MP | 14-04-2025 | Enable |
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| 1880 | VIL2-Yavatmal-Ner-Mozar-14.04.2025 | VIL 2- Yavatmal-Ner-Mozar:-14.04.2025:-नमस्कार शेतकरी बंधूंनो...सॉलिडरीडॅड आणि वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. नेर तालुक्यातील मोझर येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे या आठवड्यातील हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान 27 ते 28 अंश तर कमाल 40 ते 42 अंश सेल्सियस एवढे राहील. या आठवड्यात दिनांक 14 ते 17 एप्रिल 2025 दरम्यान विजांच्या कडकडाटासह वातावरण ढगाळ राहण्याची शक्यता आहे. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:- शेतकऱ्यांनी उन्हाळी पिकामध्ये जमिनीतून बाष्पोत्सर्जन जास्त होत असल्यामुळे व पिकाच्या वाढीच्या अवस्थेनुसार मूग, भुईमूग सूर्यफूल व तीळ पिकास सकाळ व संध्याकाळ हलके ओलीत द्यावे, तसेच तन नियंत्रणासाठी आंतरमशागतीची कामे पूर्ण करावी. फळझाडे पिकातील काढणीला आलेला माल त्वरित तोडून मार्केटमध्ये मालाची विक्री करावी. फळझाडांना सकाळ संध्याकाळ हलके व नियमित ओलीत करावे. संत्र्याच्या झाडाच्या खोडाजवळ आळ्यात, तनीस, गवत, पालापाचोळा, गव्हाचे तुस इत्यादींचे आच्छादन करावे. मृग बाहाराच्या संत्रा व मोसंबीच्या झाडांवर ठिबक सिंचन पद्धतीने सिंचन करावे. त्यासाठी ६ वर्ष्यांच्या झाडाला ४१ लिटर पाणी, ८ वर्ष्यांच्या झाडाला ६५ लिटर पाणी आणि १० वर्ष्यांच्या झाडाला ८० लिटर पाणी प्रति दिवस प्रति झाड द्यावे. भाजीपाला पिकाला सकाळ संध्याकाळ नियमित ओलीत द्यावे. काढणीला आलेला माल त्वरित तोडून मार्केटमध्ये मालाची विक्री करावी. रोपवाटिकेत उन्हाळी मिरची वांगी व टोमॅटोचे बियाणे गादीवाफ्यावर पेरावे. कोथिंबीर, लसूण, मुळा, मेथी, पालक, श्रावण घेवडा, बटाटा, गाजर, गवार, वाटाणा इ. भाजीपाला पिकांची लागवड करावी. सध्या तीळ पीक हे ५५-६० दिवसाचे असून फुलोरा तर काही भागात बोण्डया धरण्याच्या अवस्थेत आहे. तीळ पिकाच्या अधिक उत्पन्न वाढीसाठी पीक फुलावर असताना व बोण्डया धरण्याच्या वेळेस २% DAP किंवा १३:००:४५ ची फवारणी करावी. तसेच जीवामृत द्यावे त्यामुळे तीळ उत्पन्न वाढीत मदत होते. शेतकऱ्यांनी शेतातील काडीकचरा न जाळता त्यांचे कंपोस्ट खत तयार करावे. स्मार्ट ॲग्री ॲडव्हायझरी ॲप चे अपडेटेड व्हर्जन प्ले स्टोअर मध्ये उपलब्ध आहे ते मोबाईल मध्ये डाऊनलोड करणे सदर अपडेटेड व्हर्जन मध्ये हवामान केंद्राच्या माहितीचा तपशील समाविष्ट करण्यात आला आहे. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा मोबाईल क्रमांक 9158261922 किंवा 8975485796 धन्यवाद! हि माहीती पून्हा ऐकण्यास शून्य दाबावे. | Maharashtra | MH | 11-04-2025 | Enable |
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