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1 नमस्कार शेतकरी बंधुनो....सॉलीडरीडॅड, वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन आणि एरिक्सन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. कळमेश्वर तालुक्यातील सावळी येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे दिनांक १४ ऑक्टोबर २०२६ ते दिनांक २३ ऑक्टोबर २०२६ दरम्यानचा हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान २१ ते २३ अंश सेल्सियस तर कमाल ३२ ते ३४ अंश सेल्सियस राहण्याची शक्यता आहे. दिनांक १५ व १७ ऑक्टोबर २०२६ रोजी वातावरण अंशतः ढगाळ राहण्याची शक्यता आहे. शेतकऱ्यांनी वातावरणीय बदलास अनुसरून शेती (Climate Resilient Agriculture) करण्यास खालील बाबींचा विचार करावा. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:-सध्या कापूस पीक हे ११० ते ११५ दिवसाचे असून बोण्ड परिपक्व होण्याच्या तसेच सोयाबीन पीक हे काढणीच्या अवस्थेत आहे. सध्या पावसाचा खंड पडलेला आहे, त्याचा परिणाम कापूस पीक वाढीवर होऊ शकतो त्यासाठी शेतकऱ्यांनी लगेच ४०० लिटर जीवामृतची ड्रेंचिंग किंवा फवारणी करावी. त्यामुळे पिकांची वाढ होऊन बोण्डे भरण्यास मदत होईल. कपाशी पीक बोंडे विकसित होण्याच्या अवस्थेत असताना २ टक्के डीएपी किंवा १३:००:४५ ची फवारणी करावी अथवा ००:५२:३४ ठिब्बक सिंचनातून प्रति एकरी १ -२ किलो १०० लिटर पाणी ह्या प्रमाणात द्यावे. किंवा सेंद्रिय शेतकऱ्यांनी प्रति एकरी २० लिटर बेल अर्क या जैविक निविष्ठांची १०० लिटर पाणी ह्या प्रमाणे आळवणी करावी. कपाशी पिकामध्ये फुलकिडीचा प्रादुर्भाव आढळून आल्यास थायमीथोक्झाम २५ % डब्ल्यूजी २ ग्राम प्रती १० लिटर पाणी किंवा स्पिनेटोरम ११.७ एससी ८.४ मिली प्रती १० लिटर पाणी या प्रमाणात फवारणी करावी तसेच पांढरी माशी पिल्ले अवस्थेतील प्रादुर्भाव आढळून आल्यास आणि आर्थिक नुकसान पातळी गाठत असल्यास बुप्रोफेझिन २५ एससी २० मिली व प्रती १० लिटर पाणी या प्रमाणात फवारणी करावी. पांढऱ्या माशीचा पतंग अवस्थेतील प्रादुर्भाव आर्थिक नुकसान पातळी गाठत असल्यास डायफेन्थियुरॉन ५० % डब्ल्यूपी १२ ग्राम प्रती १० लिटर पाणी या प्रमाणात फवारणी करावी. सोयाबीन पिकांची ९० % शेंगा पिवळ्या झाल्यानंतरच काढणी करावी. काढणी केलेले पीक उन्हात वाळवल्यानंतर मळणी करावी व सुरक्षित ठिकाणी साठवन करावी. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा, मोबाईल क्रमांक ९०३९१३३५४१ धन्यवाद! हि माहिती पुन्हा ऐकण्यास शून्य दाबावे. Marathi MH 14-10-2026 08:30:00 SCHEDULED
2 वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Jhalawar ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 14 October से 23 October के दौरान दिन में 33.2 और रात में 20.8 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। पिछले सप्ताह 45.8 mm बारिश दर्ज हुई है। जून माह से अबतक कुल 833.9mm बारिश दर्ज हुई है। आगामी सप्ताह मे 20 से 30% बारिश होने की संभावना हे। सरसों की अच्छी पैदावार के लिए शुरुआती अवस्था में ही कीट एवं रोगों से बचाव बहुत जरूरी है। इसके लिए हमेशा रोगमुक्त, स्वस्थ और प्रमाणित बीज का ही उपयोग करें। बुवाई से पहले बीजोपचार (Seed Treatment) के लिए बीज जनित रोगों से बचाव के लिए कार्बेन्डाजिम फफूंदनाशक से 2 ग्राम दवा प्रति किलो बीज की दर से बीजोपचार करें ,मृदाजनित (मिट्टी से फैलने वाले) रोगों की रोकथाम के लिए ट्राइकोडर्मा से 10 ग्राम प्रति किलो बीज की दर से बीजोपचार करे इसके बाद जैव उर्वरकों एज़ोटोबैक्टर 5 ग्राम प्रति किलो बीज + पी.एस.बी. 5 ग्राम प्रति किलो बीज की दर से उपचारित कर बुवाई करें।इससे फसल का अंकुरण अच्छा होगा, जड़ें मजबूत बनेंगी और शुरुआती रोगों से बचाव होगा। स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिये शून्य दबाए I Hindi Rajasthan User 14-10-2026 08:40:00 SCHEDULED
3 वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Bundi ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 14 October से 23 October के दौरान दिन में 33.6 और रात में 20.5 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। पिछले सप्ताह 31.2 mm बारिश दर्ज हुई है। जून माह से अबतक कुल 840.6mm बारिश दर्ज हुई है। आगामी सप्ताह मे 15 से 25% बारिश होने की संभावना हे। सरसों की अच्छी पैदावार के लिए शुरुआती अवस्था में ही कीट एवं रोगों से बचाव बहुत जरूरी है। इसके लिए हमेशा रोगमुक्त, स्वस्थ और प्रमाणित बीज का ही उपयोग करें। बुवाई से पहले बीजोपचार (Seed Treatment) के लिए बीज जनित रोगों से बचाव के लिए कार्बेन्डाजिम फफूंदनाशक से 2 ग्राम दवा प्रति किलो बीज की दर से बीजोपचार करें ,मृदाजनित (मिट्टी से फैलने वाले) रोगों की रोकथाम के लिए ट्राइकोडर्मा से 10 ग्राम प्रति किलो बीज की दर से बीजोपचार करे इसके बाद जैव उर्वरकों एज़ोटोबैक्टर 5 ग्राम प्रति किलो बीज + पी.एस.बी. 5 ग्राम प्रति किलो बीज की दर से उपचारित कर बुवाई करें।इससे फसल का अंकुरण अच्छा होगा, जड़ें मजबूत बनेंगी और शुरुआती रोगों से बचाव होगा। स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिये शून्य दबाए I Hindi Rajasthan User 14-10-2026 08:30:00 SCHEDULED
4 वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Baran ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 14 October से 23 October के दौरान दिन में 33.5 और रात में 21 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। पिछले सप्ताह 42.6 mm बारिश दर्ज हुई है। जून माह से अबतक कुल 1120.5mm बारिश दर्ज हुई है। आगामी सप्ताह मे 20 से 30% बारिश होने की संभावना हे। सरसों की अच्छी पैदावार के लिए शुरुआती अवस्था में ही कीट एवं रोगों से बचाव बहुत जरूरी है। इसके लिए हमेशा रोगमुक्त, स्वस्थ और प्रमाणित बीज का ही उपयोग करें। बुवाई से पहले बीजोपचार (Seed Treatment) के लिए बीज जनित रोगों से बचाव के लिए कार्बेन्डाजिम फफूंदनाशक से 2 ग्राम दवा प्रति किलो बीज की दर से बीजोपचार करें ,मृदाजनित (मिट्टी से फैलने वाले) रोगों की रोकथाम के लिए ट्राइकोडर्मा से 10 ग्राम प्रति किलो बीज की दर से बीजोपचार करे इसके बाद जैव उर्वरकों एज़ोटोबैक्टर 5 ग्राम प्रति किलो बीज + पी.एस.बी. 5 ग्राम प्रति किलो बीज की दर से उपचारित कर बुवाई करें।इससे फसल का अंकुरण अच्छा होगा, जड़ें मजबूत बनेंगी और शुरुआती रोगों से बचाव होगा। स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिये शून्य दबाए I Hindi Rajasthan User 14-10-2026 08:25:00 SCHEDULED
5 वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Kota ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 14 October से 23 October के दौरान दिन में 34 और रात में 21.8 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। पिछले सप्ताह 38 mm बारिश दर्ज हुई है। जून माह से अबतक कुल 892.4mm बारिश दर्ज हुई है। आगामी सप्ताह मे 15 से 25% बारिश होने की संभावना हे। सरसों की अच्छी पैदावार के लिए शुरुआती अवस्था में ही कीट एवं रोगों से बचाव बहुत जरूरी है। इसके लिए हमेशा रोगमुक्त, स्वस्थ और प्रमाणित बीज का ही उपयोग करें। बुवाई से पहले बीजोपचार (Seed Treatment) के लिए बीज जनित रोगों से बचाव के लिए कार्बेन्डाजिम फफूंदनाशक से 2 ग्राम दवा प्रति किलो बीज की दर से बीजोपचार करें ,मृदाजनित (मिट्टी से फैलने वाले) रोगों की रोकथाम के लिए ट्राइकोडर्मा से 10 ग्राम प्रति किलो बीज की दर से बीजोपचार करे इसके बाद जैव उर्वरकों एज़ोटोबैक्टर 5 ग्राम प्रति किलो बीज + पी.एस.बी. 5 ग्राम प्रति किलो बीज की दर से उपचारित कर बुवाई करें।इससे फसल का अंकुरण अच्छा होगा, जड़ें मजबूत बनेंगी और शुरुआती रोगों से बचाव होगा। स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिये शून्य दबाए I Hindi Rajasthan User 14-10-2026 08:05:00 SCHEDULED
6 वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Tonk ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 14 October से 23 October के दौरान दिन में 33.2 और रात में 20.2 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। पिछले सप्ताह 28.4 mm बारिश दर्ज हुई है। जून माह से अबतक कुल 785mm बारिश दर्ज हुई है। आगामी सप्ताह मे 10 से 20% बारिश होने की संभावना हे। सरसों की अच्छी पैदावार के लिए शुरुआती अवस्था में ही कीट एवं रोगों से बचाव बहुत जरूरी है। इसके लिए हमेशा रोगमुक्त, स्वस्थ और प्रमाणित बीज का ही उपयोग करें। बुवाई से पहले बीजोपचार (Seed Treatment) के लिए बीज जनित रोगों से बचाव के लिए कार्बेन्डाजिम फफूंदनाशक से 2 ग्राम दवा प्रति किलो बीज की दर से बीजोपचार करें ,मृदाजनित (मिट्टी से फैलने वाले) रोगों की रोकथाम के लिए ट्राइकोडर्मा से 10 ग्राम प्रति किलो बीज की दर से बीजोपचार करे इसके बाद जैव उर्वरकों एज़ोटोबैक्टर 5 ग्राम प्रति किलो बीज + पी.एस.बी. 5 ग्राम प्रति किलो बीज की दर से उपचारित कर बुवाई करें।इससे फसल का अंकुरण अच्छा होगा, जड़ें मजबूत बनेंगी और शुरुआती रोगों से बचाव होगा। स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिये शून्य दबाए I Hindi Rajasthan User 14-10-2026 08:00:00 SCHEDULED
7 Adilabad-Jainad-14-10-2026-రైతు సోదరులారా, నమస్కారం....సాలిడారిటీ మరియు వోడాఫోన్ ఐడియా ఫౌండేషన్ వారి స్మార్ట్ అగ్రి కార్యక్రమానికి మీకు స్వాగతం. ఆదిలాబాద్‌లోని జైనాద్‌లో ఉన్న ఆటోమేటెడ్ వాతావరణ కేంద్రం ప్రకారం, 14 అక్టోబర్ 2026 నుండి 23 అక్టోబర్ 2026 వరకు కనిష్ట ఉష్ణోగ్రత 22 నుండి 24 డిగ్రీల సెల్సియస్ మధ్య, గరిష్ట ఉష్ణోగ్రత 31 నుండి 34 డిగ్రీల సెల్సియస్ మధ్య ఉండే అవకాశం ఉంది. 14 నుండి 20 అక్టోబర్ 2026 వరకు వాతావరణం పాక్షికంగా మేఘావృతమై ఉండే అవకాశం ఉంది. వాతావరణ మార్పులను తట్టుకునే వ్యవసాయాన్ని పాటించడానికి రైతులు ఈ క్రింది అంశాలను పరిగణనలోకి తీసుకోవాలి. రైతులకు సలహా:- ప్రస్తుతం, పత్తి పంట 110 నుండి 115 రోజుల వయస్సులో ఉంది మరియు కాయలు పక్వానికి వచ్చే దశలో ఉన్నాయి. సోయాబీన్ పంట కోత దశలో ఉంది. ప్రస్తుతం వర్షాలు లేకపోవడం వల్ల పత్తి పంట పెరుగుదల ప్రభావితం కావచ్చు. అందువల్ల రైతులు వెంటనే 400 లీటర్ల జీవామృతాన్ని పొలాల్లో తడపాలి లేదా పిచికారీ చేయాలి. ఇది పంటల పెరుగుదలకు మరియు కాయలు నిండటానికి సహాయపడుతుంది. పత్తి పంట కాయలు ఏర్పడే దశలో ఉన్నప్పుడు, 2% DAP లేదా 13:00:45 పిచికారీ చేయండి లేదా 00:52:34 డ్రిప్ ఇరిగేషన్ ద్వారా ఎకరానికి 100 లీటర్ల నీటికి 1-2 కిలోల చొప్పున అందించండి. లేదా సేంద్రియ రైతులు ఎకరానికి 100 లీటర్ల నీటికి 20 లీటర్ల బెల్ సారాన్ని వాడాలి. పత్తి పంటపై పురుగుల దాడి ఉంటే, 10 లీటర్ల నీటికి 2 గ్రాముల థియామెథాక్సామ్ 25% WG లేదా 10 లీటర్ల నీటికి 8.4 మిల్లీలీటర్ల స్పినెటోరమ్ 11.7 SC పిచికారీ చేయండి. తెల్లదోమల దాడి ప్యూపల్ దశలో ఉండి, అది ఆర్థిక నష్ట స్థాయికి చేరుకుంటే, 10 లీటర్ల నీటికి 20 మిల్లీలీటర్ల బ్యూప్రోఫెజిన్ 25 SC పిచికారీ చేయండి. తెల్లదోమల వ్యాప్తి చిమ్మట దశలో ఉండి, ఆర్థిక నష్ట స్థాయికి చేరుకుంటే, ప్రతి 10 లీటర్ల నీటికి 12 గ్రాముల డైఫెంథియురాన్ 50% WP పిచికారీ చేయండి. 90% కాయలు పసుపు రంగులోకి మారిన తర్వాతే సోయాబీన్ పంటను కోయాలి. కోసిన పంటను ఎండలో ఆరబెట్టి, నూర్పిడి చేసి, సురక్షితమైన ప్రదేశంలో నిల్వ చేయాలి. సాలిడారిటీ స్మార్ట్ అగ్రి ప్రోగ్రామ్‌కు సంబంధించిన మీ సందేహాలను నివృత్తి చేసుకోవడానికి, దయచేసి మమ్మల్ని 9158261922 మొబైల్ నంబర్‌లో సంప్రదించండి. ధన్యవాదాలు! ఈ సమాచారాన్ని మళ్ళీ వినడానికి, సున్నా నొక్కండి. Telugu Telangana 14-10-2026 08:30:00 SCHEDULED
8 नमस्कार शेतकरी बंधुनो....सॉलीडरीडॅड, वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन आणि एरिक्सन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. उमरेड तालुक्यातील आपतुर येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे दिनांक १४ ऑक्टोबर २०२६ ते दिनांक २३ ऑक्टोबर २०२६ दरम्यानचा हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान २० ते २२ अंश सेल्सियस तर कमाल ३२ ते ३५ अंश सेल्सियस राहण्याची शक्यता आहे. दिनांक १४ आणि १९ ऑक्टोबर २०२६ रोजी वातावरण अंशतः ढगाळ राहण्याची शक्यता आहे. शेतकऱ्यांनी वातावरणीय बदलास अनुसरून शेती (Climate Resilient Agriculture) करण्यास खालील बाबींचा विचार करावा. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:-सध्या कापूस पीक हे ११० ते ११५ दिवसाचे असून बोण्ड परिपक्व होण्याच्या तसेच सोयाबीन पीक हे काढणीच्या अवस्थेत आहे. सध्या पावसाचा खंड पडलेला आहे, त्याचा परिणाम कापूस पीक वाढीवर होऊ शकतो त्यासाठी शेतकऱ्यांनी लगेच ४०० लिटर जीवामृतची ड्रेंचिंग किंवा फवारणी करावी. त्यामुळे पिकांची वाढ होऊन बोण्डे भरण्यास मदत होईल. कपाशी पीक बोंडे विकसित होण्याच्या अवस्थेत असताना २ टक्के डीएपी किंवा १३:००:४५ ची फवारणी करावी अथवा ००:५२:३४ ठिब्बक सिंचनातून प्रति एकरी १ -२ किलो १०० लिटर पाणी ह्या प्रमाणात द्यावे. किंवा सेंद्रिय शेतकऱ्यांनी प्रति एकरी २० लिटर बेल अर्क या जैविक निविष्ठांची १०० लिटर पाणी ह्या प्रमाणे आळवणी करावी. कपाशी पिकामध्ये फुलकिडीचा प्रादुर्भाव आढळून आल्यास थायमीथोक्झाम २५ % डब्ल्यूजी २ ग्राम प्रती १० लिटर पाणी किंवा स्पिनेटोरम ११.७ एससी ८.४ मिली प्रती १० लिटर पाणी या प्रमाणात फवारणी करावी तसेच पांढरी माशी पिल्ले अवस्थेतील प्रादुर्भाव आढळून आल्यास आणि आर्थिक नुकसान पातळी गाठत असल्यास बुप्रोफेझिन २५ एससी २० मिली व प्रती १० लिटर पाणी या प्रमाणात फवारणी करावी. पांढऱ्या माशीचा पतंग अवस्थेतील प्रादुर्भाव आर्थिक नुकसान पातळी गाठत असल्यास डायफेन्थियुरॉन ५० % डब्ल्यूपी १२ ग्राम प्रती १० लिटर पाणी या प्रमाणात फवारणी करावी. सोयाबीन पिकांची ९० % शेंगा पिवळ्या झाल्यानंतरच काढणी करावी. काढणी केलेले पीक उन्हात वाळवल्यानंतर मळणी करावी व सुरक्षित ठिकाणी साठवन करावी. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा, मोबाईल क्रमांक ९१५८२६१९२२ धन्यवाद! हि माहिती पुन्हा ऐकण्यास शून्य दाबावे. Marathi MH 14-10-2026 08:30:00 SCHEDULED
9 नमस्कार शेतकरी बंधुनो....सॉलीडरीडॅड, वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन आणि एरिक्सन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. सावनेर तालुक्यातील मानेगाव येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे दिनांक १४ ऑक्टोबर २०२६ ते दिनांक २३ ऑक्टोबर २०२६ दरम्यानचा हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान २१ ते २३ अंश सेल्सियस तर कमाल ३२ ते ३४ अंश सेल्सियस राहण्याची शक्यता आहे. दिनांक १५, १७ आणि १९ ऑक्टोबर २०२६ रोजी वातावरण अंशतः ढगाळ राहण्याची शक्यता आहे. शेतकऱ्यांनी वातावरणीय बदलास अनुसरून शेती (Climate Resilient Agriculture) करण्यास खालील बाबींचा विचार करावा. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:-सध्या कापूस पीक हे ११० ते ११५ दिवसाचे असून बोण्ड परिपक्व होण्याच्या तसेच सोयाबीन पीक हे काढणीच्या अवस्थेत आहे. सध्या पावसाचा खंड पडलेला आहे, त्याचा परिणाम कापूस पीक वाढीवर होऊ शकतो त्यासाठी शेतकऱ्यांनी लगेच ४०० लिटर जीवामृतची ड्रेंचिंग किंवा फवारणी करावी. त्यामुळे पिकांची वाढ होऊन बोण्डे भरण्यास मदत होईल. कपाशी पीक बोंडे विकसित होण्याच्या अवस्थेत असताना २ टक्के डीएपी किंवा १३:००:४५ ची फवारणी करावी अथवा ००:५२:३४ ठिब्बक सिंचनातून प्रति एकरी १ -२ किलो १०० लिटर पाणी ह्या प्रमाणात द्यावे. किंवा सेंद्रिय शेतकऱ्यांनी प्रति एकरी २० लिटर बेल अर्क या जैविक निविष्ठांची १०० लिटर पाणी ह्या प्रमाणे आळवणी करावी. कपाशी पिकामध्ये फुलकिडीचा प्रादुर्भाव आढळून आल्यास थायमीथोक्झाम २५ % डब्ल्यूजी २ ग्राम प्रती १० लिटर पाणी किंवा स्पिनेटोरम ११.७ एससी ८.४ मिली प्रती १० लिटर पाणी या प्रमाणात फवारणी करावी तसेच पांढरी माशी पिल्ले अवस्थेतील प्रादुर्भाव आढळून आल्यास आणि आर्थिक नुकसान पातळी गाठत असल्यास बुप्रोफेझिन २५ एससी २० मिली व प्रती १० लिटर पाणी या प्रमाणात फवारणी करावी. पांढऱ्या माशीचा पतंग अवस्थेतील प्रादुर्भाव आर्थिक नुकसान पातळी गाठत असल्यास डायफेन्थियुरॉन ५० % डब्ल्यूपी १२ ग्राम प्रती १० लिटर पाणी या प्रमाणात फवारणी करावी. सोयाबीन पिकांची ९० % शेंगा पिवळ्या झाल्यानंतरच काढणी करावी. काढणी केलेले पीक उन्हात वाळवल्यानंतर मळणी करावी व सुरक्षित ठिकाणी साठवन करावी. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा, मोबाईल क्रमांक ८२०८९१४५९४ धन्यवाद! हि माहिती पुन्हा ऐकण्यास शून्य दाबावे. Marathi MH 14-10-2026 08:30:00 SCHEDULED
10 नमस्कार शेतकरी बंधुनो....सॉलीडरीडॅड, वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन आणि एरिक्सन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. किनवट तालुक्यातील लोणी येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे दिनांक १४ ऑक्टोबर २०२६ ते दिनांक २३ ऑक्टोबर २०२६ दरम्यानचा हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान १९ ते २२ अंश सेल्सियस तर कमाल ३२ ते ३५ अंश सेल्सियस राहण्याची शक्यता आहे. दिनांक १५ ते १७ आणि १९ ऑक्टोबर २०२६ रोजी वातावरण अंशतः ढगाळ राहण्याची शक्यता आहे. शेतकऱ्यांनी वातावरणीय बदलास अनुसरून शेती (Climate Resilient Agriculture) करण्यास खालील बाबींचा विचार करावा. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:-सध्या कापूस पीक हे ११० ते ११५ दिवसाचे असून बोण्ड परिपक्व होण्याच्या तसेच सोयाबीन पीक हे काढणीच्या अवस्थेत आहे. सध्या पावसाचा खंड पडलेला आहे, त्याचा परिणाम कापूस पीक वाढीवर होऊ शकतो त्यासाठी शेतकऱ्यांनी लगेच ४०० लिटर जीवामृतची ड्रेंचिंग किंवा फवारणी करावी. त्यामुळे पिकांची वाढ होऊन बोण्डे भरण्यास मदत होईल. कपाशी पीक बोंडे विकसित होण्याच्या अवस्थेत असताना २ टक्के डीएपी किंवा १३:००:४५ ची फवारणी करावी अथवा ००:५२:३४ ठिब्बक सिंचनातून प्रति एकरी १ -२ किलो १०० लिटर पाणी ह्या प्रमाणात द्यावे. किंवा सेंद्रिय शेतकऱ्यांनी प्रति एकरी २० लिटर बेल अर्क या जैविक निविष्ठांची १०० लिटर पाणी ह्या प्रमाणे आळवणी करावी. कपाशी पिकामध्ये फुलकिडीचा प्रादुर्भाव आढळून आल्यास थायमीथोक्झाम २५ % डब्ल्यूजी २ ग्राम प्रती १० लिटर पाणी किंवा स्पिनेटोरम ११.७ एससी ८.४ मिली प्रती १० लिटर पाणी या प्रमाणात फवारणी करावी तसेच पांढरी माशी पिल्ले अवस्थेतील प्रादुर्भाव आढळून आल्यास आणि आर्थिक नुकसान पातळी गाठत असल्यास बुप्रोफेझिन २५ एससी २० मिली व प्रती १० लिटर पाणी या प्रमाणात फवारणी करावी. पांढऱ्या माशीचा पतंग अवस्थेतील प्रादुर्भाव आर्थिक नुकसान पातळी गाठत असल्यास डायफेन्थियुरॉन ५० % डब्ल्यूपी १२ ग्राम प्रती १० लिटर पाणी या प्रमाणात फवारणी करावी. सोयाबीन पिकांची ९० % शेंगा पिवळ्या झाल्यानंतरच काढणी करावी. काढणी केलेले पीक उन्हात वाळवल्यानंतर मळणी करावी व सुरक्षित ठिकाणी साठवन करावी. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा, मोबाईल क्रमांक ९१५८२६१९२२ धन्यवाद! हि माहिती पुन्हा ऐकण्यास शून्य दाबावे. Marathi MH 14-10-2026 08:30:00 SCHEDULED