Message List: 11,927
| S.No | Message Title | Message | State | Created By | Creation Date | Status | Action |
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| 2311 | गेहू और चने पर सलाह Mandsaur | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Mandsaur ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 12 February से 21 February के दौरान दिन में 28 और रात में 15 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है। गेंहू की फसल मैं पौधों की उचित बढ़वार एवं विकास के लिए पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी से पौधों की वृद्धि, जनन क्षमता एवं कार्यिकी पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। जस्ते (जिंक) की कमी के लक्षण पत्तियों पर दिखाई देते है खड़ी फसल में जस्ते(जिंक) की कमी के लक्षण दिखाई देने पर 0.5 प्रतिशत जिंक सल्फेट के घोल का छिड़काव 10 दिनों के अंतराल पर 2-3 बार करना चाहिए। बदलते मौसम के कारण फसलों में रोग एवं कीट का प्रकोप बड़ने की सभांवना है चने की फसल मे जैविक कीट नियंत्रण के लिए खेत में T आकर की खूटियां लगाए जिस पर पक्षी बैठकर इल्लियों को खा सके एवं 6 फेरोमेन ट्रैप प्रति एकड़ उपयोग करे I चने की इल्ली के पतंगे दिखने लगे हों वहां रायसनिक नियंत्रण के लिए क्लोरएन्ट्रानिलीप्रोल 100 से 150 मि.ली. प्रति हेक्टे. की दर से स्प्रे करे। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें । अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । | Madhya Pradesh | MP | 10-02-2025 | Enable |
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| 2312 | गेहू और चने पर सलाह Vidisha | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Vidisha ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 12 February से 21 February के दौरान दिन में 27 और रात में 15 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है। गेंहू की फसल मैं पौधों की उचित बढ़वार एवं विकास के लिए पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी से पौधों की वृद्धि, जनन क्षमता एवं कार्यिकी पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। जस्ते (जिंक) की कमी के लक्षण पत्तियों पर दिखाई देते है खड़ी फसल में जस्ते(जिंक) की कमी के लक्षण दिखाई देने पर 0.5 प्रतिशत जिंक सल्फेट के घोल का छिड़काव 10 दिनों के अंतराल पर 2-3 बार करना चाहिए। बदलते मौसम के कारण फसलों में रोग एवं कीट का प्रकोप बड़ने की सभांवना है चने की फसल मे जैविक कीट नियंत्रण के लिए खेत में T आकर की खूटियां लगाए जिस पर पक्षी बैठकर इल्लियों को खा सके एवं 6 फेरोमेन ट्रैप प्रति एकड़ उपयोग करे I चने की इल्ली के पतंगे दिखने लगे हों वहां रायसनिक नियंत्रण के लिए क्लोरएन्ट्रानिलीप्रोल 100 से 150 मि.ली. प्रति हेक्टे. की दर से स्प्रे करे। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें । अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । | Madhya Pradesh | MP | 10-02-2025 | Enable |
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| 2313 | गेहू और चने पर सलाह Raisen | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Raisen ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 12 February से 21 February के दौरान दिन में 29 और रात में 17 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है। गेंहू की फसल मैं पौधों की उचित बढ़वार एवं विकास के लिए पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी से पौधों की वृद्धि, जनन क्षमता एवं कार्यिकी पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। जस्ते (जिंक) की कमी के लक्षण पत्तियों पर दिखाई देते है खड़ी फसल में जस्ते(जिंक) की कमी के लक्षण दिखाई देने पर 0.5 प्रतिशत जिंक सल्फेट के घोल का छिड़काव 10 दिनों के अंतराल पर 2-3 बार करना चाहिए। बदलते मौसम के कारण फसलों में रोग एवं कीट का प्रकोप बड़ने की सभांवना है चने की फसल मे जैविक कीट नियंत्रण के लिए खेत में T आकर की खूटियां लगाए जिस पर पक्षी बैठकर इल्लियों को खा सके एवं 6 फेरोमेन ट्रैप प्रति एकड़ उपयोग करे I चने की इल्ली के पतंगे दिखने लगे हों वहां रायसनिक नियंत्रण के लिए क्लोरएन्ट्रानिलीप्रोल 100 से 150 मि.ली. प्रति हेक्टे. की दर से स्प्रे करे। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें । अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । | Madhya Pradesh | MP | 10-02-2025 | Enable |
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| 2314 | गेहू और चने पर सलाह Shajapur | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Shajapur ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 12 February से 21 February के दौरान दिन में 28 और रात में 17 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है। गेंहू की फसल मैं पौधों की उचित बढ़वार एवं विकास के लिए पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी से पौधों की वृद्धि, जनन क्षमता एवं कार्यिकी पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। जस्ते (जिंक) की कमी के लक्षण पत्तियों पर दिखाई देते है खड़ी फसल में जस्ते(जिंक) की कमी के लक्षण दिखाई देने पर 0.5 प्रतिशत जिंक सल्फेट के घोल का छिड़काव 10 दिनों के अंतराल पर 2-3 बार करना चाहिए। बदलते मौसम के कारण फसलों में रोग एवं कीट का प्रकोप बड़ने की सभांवना है चने की फसल मे जैविक कीट नियंत्रण के लिए खेत में T आकर की खूटियां लगाए जिस पर पक्षी बैठकर इल्लियों को खा सके एवं 6 फेरोमेन ट्रैप प्रति एकड़ उपयोग करे I चने की इल्ली के पतंगे दिखने लगे हों वहां रायसनिक नियंत्रण के लिए क्लोरएन्ट्रानिलीप्रोल 100 से 150 मि.ली. प्रति हेक्टे. की दर से स्प्रे करे। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें । अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । | Madhya Pradesh | MP | 10-02-2025 | Enable |
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| 2315 | गेहू और चने पर सलाह Ujjain | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Ujjain ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 12 February से 21 February के दौरान दिन में 26 और रात में 14 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है। गेंहू की फसल मैं पौधों की उचित बढ़वार एवं विकास के लिए पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी से पौधों की वृद्धि, जनन क्षमता एवं कार्यिकी पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। जस्ते (जिंक) की कमी के लक्षण पत्तियों पर दिखाई देते है खड़ी फसल में जस्ते(जिंक) की कमी के लक्षण दिखाई देने पर 0.5 प्रतिशत जिंक सल्फेट के घोल का छिड़काव 10 दिनों के अंतराल पर 2-3 बार करना चाहिए। बदलते मौसम के कारण फसलों में रोग एवं कीट का प्रकोप बड़ने की सभांवना है चने की फसल मे जैविक कीट नियंत्रण के लिए खेत में T आकर की खूटियां लगाए जिस पर पक्षी बैठकर इल्लियों को खा सके एवं 6 फेरोमेन ट्रैप प्रति एकड़ उपयोग करे I चने की इल्ली के पतंगे दिखने लगे हों वहां रायसनिक नियंत्रण के लिए क्लोरएन्ट्रानिलीप्रोल 100 से 150 मि.ली. प्रति हेक्टे. की दर से स्प्रे करे। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें । अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । | Madhya Pradesh | MP | 10-02-2025 | Enable |
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| 2316 | गेहू और चने पर सलाह Sehore | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Sehore ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 12 February से 21 February के दौरान दिन में 28 और रात में 16 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है। गेंहू की फसल मैं पौधों की उचित बढ़वार एवं विकास के लिए पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी से पौधों की वृद्धि, जनन क्षमता एवं कार्यिकी पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। जस्ते (जिंक) की कमी के लक्षण पत्तियों पर दिखाई देते है खड़ी फसल में जस्ते(जिंक) की कमी के लक्षण दिखाई देने पर 0.5 प्रतिशत जिंक सल्फेट के घोल का छिड़काव 10 दिनों के अंतराल पर 2-3 बार करना चाहिए। बदलते मौसम के कारण फसलों में रोग एवं कीट का प्रकोप बड़ने की सभांवना है चने की फसल मे जैविक कीट नियंत्रण के लिए खेत में T आकर की खूटियां लगाए जिस पर पक्षी बैठकर इल्लियों को खा सके एवं 6 फेरोमेन ट्रैप प्रति एकड़ उपयोग करे I चने की इल्ली के पतंगे दिखने लगे हों वहां रायसनिक नियंत्रण के लिए क्लोरएन्ट्रानिलीप्रोल 100 से 150 मि.ली. प्रति हेक्टे. की दर से स्प्रे करे। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें । अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । | Madhya Pradesh | MP | 10-02-2025 | Enable |
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| 2317 | गेहू और चने पर सलाह Bhopal | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Bhopal ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 12 February से 21 February के दौरान दिन में 27 और रात में 15 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है। गेंहू की फसल मैं पौधों की उचित बढ़वार एवं विकास के लिए पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी से पौधों की वृद्धि, जनन क्षमता एवं कार्यिकी पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। जस्ते (जिंक) की कमी के लक्षण पत्तियों पर दिखाई देते है खड़ी फसल में जस्ते(जिंक) की कमी के लक्षण दिखाई देने पर 0.5 प्रतिशत जिंक सल्फेट के घोल का छिड़काव 10 दिनों के अंतराल पर 2-3 बार करना चाहिए। बदलते मौसम के कारण फसलों में रोग एवं कीट का प्रकोप बड़ने की सभांवना है चने की फसल मे जैविक कीट नियंत्रण के लिए खेत में T आकर की खूटियां लगाए जिस पर पक्षी बैठकर इल्लियों को खा सके एवं 6 फेरोमेन ट्रैप प्रति एकड़ उपयोग करे I चने की इल्ली के पतंगे दिखने लगे हों वहां रायसनिक नियंत्रण के लिए क्लोरएन्ट्रानिलीप्रोल 100 से 150 मि.ली. प्रति हेक्टे. की दर से स्प्रे करे। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें । अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । | Madhya Pradesh | MP | 10-02-2025 | Enable |
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| 2318 | गेहू और चने पर सलाह Agar | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Agar ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 12 February से 21 February के दौरान दिन में 27 और रात में 15 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है। गेंहू की फसल मैं पौधों की उचित बढ़वार एवं विकास के लिए पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी से पौधों की वृद्धि, जनन क्षमता एवं कार्यिकी पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। जस्ते (जिंक) की कमी के लक्षण पत्तियों पर दिखाई देते है खड़ी फसल में जस्ते(जिंक) की कमी के लक्षण दिखाई देने पर 0.5 प्रतिशत जिंक सल्फेट के घोल का छिड़काव 10 दिनों के अंतराल पर 2-3 बार करना चाहिए। बदलते मौसम के कारण फसलों में रोग एवं कीट का प्रकोप बड़ने की सभांवना है चने की फसल मे जैविक कीट नियंत्रण के लिए खेत में T आकर की खूटियां लगाए जिस पर पक्षी बैठकर इल्लियों को खा सके एवं 6 फेरोमेन ट्रैप प्रति एकड़ उपयोग करे I चने की इल्ली के पतंगे दिखने लगे हों वहां रायसनिक नियंत्रण के लिए क्लोरएन्ट्रानिलीप्रोल 100 से 150 मि.ली. प्रति हेक्टे. की दर से स्प्रे करे। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें । अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । | Madhya Pradesh | MP | 10-02-2025 | Enable |
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| 2319 | गेहू और चने पर सलाह Dewas | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Dewas ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 12 February से 21 February के दौरान दिन में 27 और रात में 15 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है। गेंहू की फसल मैं पौधों की उचित बढ़वार एवं विकास के लिए पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी से पौधों की वृद्धि, जनन क्षमता एवं कार्यिकी पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। जस्ते (जिंक) की कमी के लक्षण पत्तियों पर दिखाई देते है खड़ी फसल में जस्ते(जिंक) की कमी के लक्षण दिखाई देने पर 0.5 प्रतिशत जिंक सल्फेट के घोल का छिड़काव 10 दिनों के अंतराल पर 2-3 बार करना चाहिए। बदलते मौसम के कारण फसलों में रोग एवं कीट का प्रकोप बड़ने की सभांवना है चने की फसल मे जैविक कीट नियंत्रण के लिए खेत में T आकर की खूटियां लगाए जिस पर पक्षी बैठकर इल्लियों को खा सके एवं 6 फेरोमेन ट्रैप प्रति एकड़ उपयोग करे I चने की इल्ली के पतंगे दिखने लगे हों वहां रायसनिक नियंत्रण के लिए क्लोरएन्ट्रानिलीप्रोल 100 से 150 मि.ली. प्रति हेक्टे. की दर से स्प्रे करे। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें । अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । | Madhya Pradesh | MP | 10-02-2025 | Enable |
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| 2320 | latest_advisory_on_Moong_Odisha | ନମସ୍କାର କଟକ ଜିଲ୍ଲା ର ମାହାଙ୍ଗା, ଟାଙ୍ଗୀ , ନିଶ୍ଚିନ୍ତ କୋଇଲ ଏବଂ କେନ୍ଦ୍ରାପଡ଼ା ଜିଲ୍ଲାର ଡେରାବିଶ ଏବଂ ଗଜପତି ଜିଲ୍ଲାର ଗୁମ୍ମା ଓ ମୋହନା ର ସମସ୍ତ ଚାଷୀ ମାନଙ୍କୁ ସଲିଡାରିଡlଡ ତରଫରୁ ଭୋଡlଫୋନ ଆଇଡିଆ ସହଯୋଗ ରେ ଚାଲୁଥିବା ଆଧୁନିକ କୃଷି କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ କୁ ସ୍ଵାଗତ କରାଯାଉଛି। ବର୍ତମାନ ମାହାଙ୍ଗା , ନିଶ୍ଚିନ୍ତକୋଇଲ୍ ଦିନ ରେ ୨୯°ସେଲସିୟ ରୁ ୩୩°ସେଲସିୟସ ତାପମାତ୍ର ହେବା ସହ ରାତି ରେ ୧୯° ସେଲସିୟରୁ ୨୩°ସେଲସିୟସ ତାପମାତ୍ରା ରହୁଛି, ଟାଙ୍ଗୀ ରେ ଦିନ ର ତାପମାତ୍ରା ୨୯°ସେଲସିୟସ୍ ରୁ ୩୩° ସେଲସିୟସ ଏବଂ ରାତ୍ରିର ତାପମାତ୍ରା ୧୯°ସେଲସିୟରୁ ୨୩°ସେଲସିୟ ରହୁଛି ଏବଂ ଗଜପତି ରେ ଦିନ ର ତାପମାତ୍ରା ୩୦°ସେଲସିୟସ ରୁ ୩୩°ସେଲସିୟସ୍ ଏବଂ ରାତି ର ତାପମାତ୍ରା ୧୬°ସେଲସିୟ ରୁ ୧୮°ସେଲସିୟସ୍ ରହିବ । ମୁଗ ଗଛ ୧୫ ରୁ ୨୦ ଦିନର ହେଲେ ଗଛ ପତ୍ରକୁ କୀଟମାନେ କଣା କରିଦିଅନ୍ତି ଏଣୁ ନିମାସ୍ତ୍ର ତିଆରି କରି ଫସଲରେ ସିଂଚନ କରନ୍ତୁ। ନିମାସ୍ତ୍ର ଏକ ନିମ ଓ ଗୋମୂତ୍ର ମିଶ୍ରିତ ତରଳ ଘୋଳ ୫ କି.ଗ୍ରା. କଞ୍ଚା ନିମ ପତ୍ର ବା କଞ୍ଚା ନିମ ମଞ୍ଜି ,ଏହାକୁ ଛୋଟ କରି କାଟି ବାଟି ଦବା, ଏହି ବଟାକୁ ୧୦୦ ଲିଟର ପାଣିରେ ମିଶାଇବା । ଏହାପରେ ଏହି କ୍ରମରେ ୫ ଲିଟର ଗୋମୂତ୍ର ଏବଂ ୧ କି.ଗ୍ରା. ସଜ ଗାଈ ଗୋବର ମିଶାଇବା ,ଏହି ଦ୍ରବଣକୁ ଏକ କାଠି ବା ବାଡି ସାହାଯ୍ୟରେ ୨-୩ ମିନିଟ୍ ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ଭଲ କରି ମିଶାଇବା । କ୍ରମଟିକୁ ଏକ ସୁତା କପଡା ସାହଯ୍ୟ ରେ ଭଲଭାବରେ ୪୮ ଘଣ୍ଟା ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ଘୋଡାଇ ରଖିବା ଦିନକୁ ୩ ଥର ମିଶ୍ରଣକୁ କାଠ ବାଡି ସାହଯ୍ୟରେ ମିଶାଇବା ,ଏହାକୁ ଏକ ଛଣା ସାହାଯ୍ୟରେ ଛାଣି କରି ଏକ ଏକର ଶସ୍ୟ ଉପରେ ପ୍ରୟୋଗ କରାଯାଇପାରିବ । ନିମାସ୍ତ୍ର ୨ ରୁ ୪ ଦିନ ମଧ୍ୟରେ ସହଜରେ ପ୍ରସ୍ତୁତ କରାଯାଇପାରିବ, ତିଆରି ହେଇଥିବା ସଜ ନିମାସ୍ତ୍ର ଫସଲରେ ରୋଗ ପୋକ କବଳରୁ ରକ୍ଷା କରିଥାଏ । ଅଧିକ ସୂଚନା ପାଇଁ ଆମ ଟୋଲ ଫ୍ରି ନମ୍ବର ୭୦୬୫୦୦୫୦୫୪ ରେ ମିସ୍ କଲ କରନ୍ତୁ। ଧନ୍ୟବାଦ୍। | Orissa | Orissa | 10-02-2025 | Enable |
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