Message List: 11,927
| S.No | Message Title | Message | State | Created By | Creation Date | Status | Action |
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| 241 | Sugarcane Advisory Kolhapur -28 March -7April | शेतकरी बंधू आणि भगिनींनो नमस्कार. स्मार्ट ॲग्री कार्यक्रमांमध्ये आपले स्वागत आहे. २८ मार्च ते ७ एप्रिल या तारखेदरम्यान कोल्हापूर जिल्हा परिसरामध्ये दिवसाचे तापमान ३० ते ३३ अंश सेल्सिअस तर रात्रीचे तापमान १९ ते २२ अंश सेल्सिअस राहील. या १० दिवसांमध्ये पश्चिम दक्षिण दिशेने जोराचे वारे ताशी २ ते १० किलोमीटर वेगाने वाहतील,त्यामुळे काही प्रमाणात ढगाळ वातावरण राहील व विजांचा कडकडाटासह हलक्या पावसाच्या सरी पडण्याची श्यक्यता २५ ते ३५ टक्के राहील .हवेतील आर्द्रता ३४ ते ८२ टक्के राहील. शेतकरी मित्रांनो ऊसशेती मध्ये सर्वांत जास्त फायदा खोडवा व्यवस्थापनामध्ये होतो खोडवा उत्पन्न वाढीसाठी पुढील कार्य करावे ऊसाची जमिनीलगत छाटणी करावी ऊसाचा वाळलेला पाला वेस्ट डिकंपोजरच्या साह्याने शेतातच कुजावावा असे केल्यास जमीनीस चांगले सेंद्रिय खत उपलब्ध होईल. नांग्या व तुटाळ भरणी करण्यासाठी उपलब्ध असेल तर खोडव्याचे बेट किंवा ऊसाची रोपे लावा . ऊसतोडणी नंतर एक महिन्याच्या आत आणि ९० दिवसानंतर एकरी ५० किलो युरिया ,२५० किलो सिंगल सुपर फॉस्फटे, ८५ किलो पोटॅश, २५ किलो सूक्ष्म अन्नद्रव्य व १०० किलो पेंडीयुक्त खते याचा मिश्र डोस टाकावा .तसेच पूर्वहंगामामध्ये ज्या शेतकऱ्यांनी लागण केलेली आहे ज्यांचा ऊसाचे वय ४५ ते ६० दिवस आहे त्या ऊसाची बाळभरणी करून घ्यावी बाळभरणी करत असताना एकरी ४५ किलो यूरिया,१० किलो सूक्ष्म अन्नद्रव्य,व ४० किलो पेंडीयुक्त खते याचा मिश्र डोस टाकावा .कोणत्याही प्रकारची रोगाचा किंवा किडीचा प्रादुर्भाव दिसुन आल्यास कारखान्यांच्या कर्मचाऱ्यांना संपर्क करा.स्मार्ट ॲग्री कार्यक्रमाच्या अधिक माहितीसाठी ९२०५०२१८१४या नंबर वर संपर्क करा तसेच हा संदेश पुन्हा ऐकण्यासाठी ७०६५००५०५४ या नंबर वरती संपर्क करा धन्यवाद. | Maharashtra | MH | 31-03-2026 | Enable |
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| 242 | Sugarcane Advisory Karad -28 March-7 April 26 | शेतकरी बंधू आणि भगिनींनो नमस्कार. स्मार्ट ॲग्री कार्यक्रमांमध्ये आपले स्वागत आहे. २८ मार्च ते ७ एप्रिल या तारखेदरम्यान कराड शिराळा परिसरामध्ये दिवसाचे तापमान ३० ते ३५ अंश सेल्सिअस तर रात्रीचे तापमान १८ ते २१ अंश सेल्सिअस राहील. या १० दिवसांमध्ये पश्चिम दक्षिण दिशेने जोराचे वारे ताशी २ ते १८ किलोमीटर वेगाने वाहतील,त्यामुळे काही प्रमाणात ढगाळ वातावरण राहील व विजांचा कडकडाटासह हलक्या पावसाच्या सरी पडण्याची श्यक्यता २० ते ३३ टक्के राहील .हवेतील आर्द्रता ३४ ते ८२ टक्के राहील .हवेतील आर्द्रता ३४ ते ७६ टक्के राहील. शेतकरी मित्रांनो ऊसशेती मध्ये सर्वांत जास्त फायदा खोडवा व्यवस्थापनामध्ये होतो खोडवा उत्पन्न वाढीसाठी पुढील कार्य करावे ऊसाची जमिनीलगत छाटणी करावी ऊसाचा वाळलेला पाला वेस्ट डिकंपोजरच्या साह्याने शेतातच कुजावावा असे केल्यास जमीनीस चांगले सेंद्रिय खत उपलब्ध होईल. नांग्या व तुटाळ भरणी करण्यासाठी उपलब्ध असेल तर खोडव्याचे बेट किंवा ऊसाची रोपे लावा . ऊसतोडणी नंतर एक महिन्याच्या आत आणि ९० दिवसानंतर एकरी ५० किलो युरिया ,२५० किलो सिंगल सुपर फॉस्फटे, ८५ किलो पोटॅश, २५ किलो सूक्ष्म अन्नद्रव्य व १०० किलो पेंडीयुक्त खते याचा मिश्र डोस टाकावा .तसेच पूर्वहंगामामध्ये ज्या शेतकऱ्यांनी लागण केलेली आहे ज्यांचा ऊसाचे वय ४५ ते ६० दिवस आहे त्या ऊसाची बाळभरणी करून घ्यावी बाळभरणी करत असताना एकरी ४५ किलो यूरिया,१० किलो सूक्ष्म अन्नद्रव्य,व ४० किलो पेंडीयुक्त खते याचा मिश्र डोस टाकावा .कोणत्याही प्रकारची रोगाचा किंवा किडीचा प्रादुर्भाव दिसुन आल्यास कारखान्यांच्या कर्मचाऱ्यांना संपर्क करा.स्मार्ट ॲग्री कार्यक्रमाच्या अधिक माहितीसाठी ९२०५०२१८१४या नंबर वर संपर्क करा तसेच हा संदेश पुन्हा ऐकण्यासाठी ७०६५००५०५४ या नंबर वरती संपर्क करा धन्यवाद. | Maharashtra | MH | 31-03-2026 | Enable |
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| 243 | Sugarcane Advisory Panhala -28 March -7 April 26 | शेतकरी बंधू आणि भगिनींनो नमस्कार. स्मार्ट ॲग्री कार्यक्रमांमध्ये आपले स्वागत आहे. २८ मार्च ते ७ एप्रिल या तारखेदरम्यान पन्हाळा-शाहुवाडी दिवसाचे तापमान ३० ते ३५ अंश सेल्सिअस तर रात्रीचे तापमान १८ ते २१ अंश सेल्सिअस राहील. या १० दिवसांमध्ये पश्चिम दक्षिण दिशेने जोराचे वारे ताशी २ ते १८ किलोमीटर वेगाने वाहतील,त्यामुळे काही प्रमाणात ढगाळ वातावरण राहील व विजांचा कडकडाटासह हलक्या पावसाच्या सरी पडण्याची श्यक्यता २० ते ३३ टक्के राहील .हवेतील आर्द्रता ३४ ते ८२ टक्के राहील .हवेतील आर्द्रता ३४ ते ७६ टक्के राहील. शेतकरी मित्रांनो ऊसशेती मध्ये सर्वांत जास्त फायदा खोडवा व्यवस्थापनामध्ये होतो खोडवा उत्पन्न वाढीसाठी पुढील कार्य करावे ऊसाची जमिनीलगत छाटणी करावी ऊसाचा वाळलेला पाला वेस्ट डिकंपोजरच्या साह्याने शेतातच कुजावावा असे केल्यास जमीनीस चांगले सेंद्रिय खत उपलब्ध होईल. नांग्या व तुटाळ भरणी करण्यासाठी उपलब्ध असेल तर खोडव्याचे बेट किंवा ऊसाची रोपे लावा . ऊसतोडणी नंतर एक महिन्याच्या आत आणि ९० दिवसानंतर एकरी ५० किलो युरिया ,२५० किलो सिंगल सुपर फॉस्फटे, ८५ किलो पोटॅश, २५ किलो सूक्ष्म अन्नद्रव्य व १०० किलो पेंडीयुक्त खते याचा मिश्र डोस टाकावा .तसेच पूर्वहंगामामध्ये ज्या शेतकऱ्यांनी लागण केलेली आहे ज्यांचा ऊसाचे वय ४५ ते ६० दिवस आहे त्या ऊसाची बाळभरणी करून घ्यावी बाळभरणी करत असताना एकरी ४५ किलो यूरिया,१० किलो सूक्ष्म अन्नद्रव्य,व ४० किलो पेंडीयुक्त खते याचा मिश्र डोस टाकावा .कोणत्याही प्रकारची रोगाचा किंवा किडीचा प्रादुर्भाव दिसुन आल्यास कारखान्यांच्या कर्मचाऱ्यांना संपर्क करा.स्मार्ट ॲग्री कार्यक्रमाच्या अधिक माहितीसाठी ९२०५०२१८१४या नंबर वर संपर्क करा तसेच हा संदेश पुन्हा ऐकण्यासाठी ७०६५००५०५४ या नंबर वरती संपर्क करा धन्यवाद. | Maharashtra | MH | 31-03-2026 | Enable |
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| 244 | पराली प्रबंधन पर सलाह Jhabua | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Jhabua ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 30 March से 9 April के दौरान दिन में 34 और रात में 24 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। इस सप्ताह क अंत मे वर्षा होने की संभावना है। किसान साथियों आपसे अनुरोध हे कि गेंहू कटाई के बाद बची हुई पराली (फसल अवशेष ) को नहीं जलाये। इसे जलाने से खेत में उपस्थित जीवाणु मर जाते है, खेत की उत्तपादन शक्ति घट जाती है। बाजार में उपलब्ध फसल अपघटक (बायो-डीकंपोजर) का उपयोग करने से पराली (फसल अवशेष ) खाद में परवर्तित हो जाएगी एवं मृदा की उर्वरता बढ़ेगी एवं फसल का उत्तपादन बढ़ेगा। किसान साथियों बायो-डीकंपोजर एक माइक्रोबियल घोल है जिसका उपयोग फसल अवशेषों, ठूंठ और अन्य जैविक अपशिष्ट पदार्थों को विघटित करने के लिए किया जाता है। इसके अलावा बायो-डीकंपोजर का उपयोग कंपोस्टिंग में भी किया जा सकता है, जो जैविक कचरे को पोषक तत्वों से भरपूर मिट्टी में बदलने मे सहायक होता है। स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I | Madhya Pradesh | MP | 30-03-2026 | Enable |
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| 245 | पराली प्रबंधन पर सलाह Dhar | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Dhar ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 30 March से 9 April के दौरान दिन में 34 और रात में 23 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। इस सप्ताह क अंत मे वर्षा होने की संभावना है। किसान साथियों आपसे अनुरोध हे कि गेंहू कटाई के बाद बची हुई पराली (फसल अवशेष ) को नहीं जलाये। इसे जलाने से खेत में उपस्थित जीवाणु मर जाते है, खेत की उत्तपादन शक्ति घट जाती है। बाजार में उपलब्ध फसल अपघटक (बायो-डीकंपोजर) का उपयोग करने से पराली (फसल अवशेष ) खाद में परवर्तित हो जाएगी एवं मृदा की उर्वरता बढ़ेगी एवं फसल का उत्तपादन बढ़ेगा। किसान साथियों बायो-डीकंपोजर एक माइक्रोबियल घोल है जिसका उपयोग फसल अवशेषों, ठूंठ और अन्य जैविक अपशिष्ट पदार्थों को विघटित करने के लिए किया जाता है। इसके अलावा बायो-डीकंपोजर का उपयोग कंपोस्टिंग में भी किया जा सकता है, जो जैविक कचरे को पोषक तत्वों से भरपूर मिट्टी में बदलने मे सहायक होता है। स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I | Madhya Pradesh | MP | 30-03-2026 | Enable |
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| 246 | पराली प्रबंधन पर सलाह Vidisha | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Vidisha ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 30 March से 9 April के दौरान दिन में 33 और रात में 23 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। इस सप्ताह क अंत मे वर्षा होने की संभावना है। किसान साथियों आपसे अनुरोध हे कि गेंहू कटाई के बाद बची हुई पराली (फसल अवशेष ) को नहीं जलाये। इसे जलाने से खेत में उपस्थित जीवाणु मर जाते है, खेत की उत्तपादन शक्ति घट जाती है। बाजार में उपलब्ध फसल अपघटक (बायो-डीकंपोजर) का उपयोग करने से पराली (फसल अवशेष ) खाद में परवर्तित हो जाएगी एवं मृदा की उर्वरता बढ़ेगी एवं फसल का उत्तपादन बढ़ेगा। किसान साथियों बायो-डीकंपोजर एक माइक्रोबियल घोल है जिसका उपयोग फसल अवशेषों, ठूंठ और अन्य जैविक अपशिष्ट पदार्थों को विघटित करने के लिए किया जाता है। इसके अलावा बायो-डीकंपोजर का उपयोग कंपोस्टिंग में भी किया जा सकता है, जो जैविक कचरे को पोषक तत्वों से भरपूर मिट्टी में बदलने मे सहायक होता है। स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I | Madhya Pradesh | MP | 30-03-2026 | Enable |
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| 247 | पराली प्रबंधन पर सलाह Ratlam | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Ratlam ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 30 March से 9 April के दौरान दिन में 34 और रात में 23 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। इस सप्ताह क अंत मे वर्षा होने की संभावना है। किसान साथियों आपसे अनुरोध हे कि गेंहू कटाई के बाद बची हुई पराली (फसल अवशेष ) को नहीं जलाये। इसे जलाने से खेत में उपस्थित जीवाणु मर जाते है, खेत की उत्तपादन शक्ति घट जाती है। बाजार में उपलब्ध फसल अपघटक (बायो-डीकंपोजर) का उपयोग करने से पराली (फसल अवशेष ) खाद में परवर्तित हो जाएगी एवं मृदा की उर्वरता बढ़ेगी एवं फसल का उत्तपादन बढ़ेगा। किसान साथियों बायो-डीकंपोजर एक माइक्रोबियल घोल है जिसका उपयोग फसल अवशेषों, ठूंठ और अन्य जैविक अपशिष्ट पदार्थों को विघटित करने के लिए किया जाता है। इसके अलावा बायो-डीकंपोजर का उपयोग कंपोस्टिंग में भी किया जा सकता है, जो जैविक कचरे को पोषक तत्वों से भरपूर मिट्टी में बदलने मे सहायक होता है। स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I | Madhya Pradesh | MP | 30-03-2026 | Enable |
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| 248 | पराली प्रबंधन पर सलाह Shajapur | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Shajapur ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 30 March से 9 April के दौरान दिन में 34 और रात में 23 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। इस सप्ताह क अंत मे वर्षा होने की संभावना है। किसान साथियों आपसे अनुरोध हे कि गेंहू कटाई के बाद बची हुई पराली (फसल अवशेष ) को नहीं जलाये। इसे जलाने से खेत में उपस्थित जीवाणु मर जाते है, खेत की उत्तपादन शक्ति घट जाती है। बाजार में उपलब्ध फसल अपघटक (बायो-डीकंपोजर) का उपयोग करने से पराली (फसल अवशेष ) खाद में परवर्तित हो जाएगी एवं मृदा की उर्वरता बढ़ेगी एवं फसल का उत्तपादन बढ़ेगा। किसान साथियों बायो-डीकंपोजर एक माइक्रोबियल घोल है जिसका उपयोग फसल अवशेषों, ठूंठ और अन्य जैविक अपशिष्ट पदार्थों को विघटित करने के लिए किया जाता है। इसके अलावा बायो-डीकंपोजर का उपयोग कंपोस्टिंग में भी किया जा सकता है, जो जैविक कचरे को पोषक तत्वों से भरपूर मिट्टी में बदलने मे सहायक होता है। स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I | Madhya Pradesh | MP | 30-03-2026 | Enable |
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| 249 | पराली प्रबंधन पर सलाह Raisen | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Raisen ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 30 March से 9 April के दौरान दिन में 34 और रात में 23 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। इस सप्ताह क अंत मे वर्षा होने की संभावना है। किसान साथियों आपसे अनुरोध हे कि गेंहू कटाई के बाद बची हुई पराली (फसल अवशेष ) को नहीं जलाये। इसे जलाने से खेत में उपस्थित जीवाणु मर जाते है, खेत की उत्तपादन शक्ति घट जाती है। बाजार में उपलब्ध फसल अपघटक (बायो-डीकंपोजर) का उपयोग करने से पराली (फसल अवशेष ) खाद में परवर्तित हो जाएगी एवं मृदा की उर्वरता बढ़ेगी एवं फसल का उत्तपादन बढ़ेगा। किसान साथियों बायो-डीकंपोजर एक माइक्रोबियल घोल है जिसका उपयोग फसल अवशेषों, ठूंठ और अन्य जैविक अपशिष्ट पदार्थों को विघटित करने के लिए किया जाता है। इसके अलावा बायो-डीकंपोजर का उपयोग कंपोस्टिंग में भी किया जा सकता है, जो जैविक कचरे को पोषक तत्वों से भरपूर मिट्टी में बदलने मे सहायक होता है। स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I | Madhya Pradesh | MP | 30-03-2026 | Enable |
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| 250 | पराली प्रबंधन पर सलाह Sehore | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, एरिक्सन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Sehore ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 30 March से 9 April के दौरान दिन में 34 और रात में 22 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। इस सप्ताह क अंत मे वर्षा होने की संभावना है। किसान साथियों आपसे अनुरोध हे कि गेंहू कटाई के बाद बची हुई पराली (फसल अवशेष ) को नहीं जलाये। इसे जलाने से खेत में उपस्थित जीवाणु मर जाते है, खेत की उत्तपादन शक्ति घट जाती है। बाजार में उपलब्ध फसल अपघटक (बायो-डीकंपोजर) का उपयोग करने से पराली (फसल अवशेष ) खाद में परवर्तित हो जाएगी एवं मृदा की उर्वरता बढ़ेगी एवं फसल का उत्तपादन बढ़ेगा। किसान साथियों बायो-डीकंपोजर एक माइक्रोबियल घोल है जिसका उपयोग फसल अवशेषों, ठूंठ और अन्य जैविक अपशिष्ट पदार्थों को विघटित करने के लिए किया जाता है। इसके अलावा बायो-डीकंपोजर का उपयोग कंपोस्टिंग में भी किया जा सकता है, जो जैविक कचरे को पोषक तत्वों से भरपूर मिट्टी में बदलने मे सहायक होता है। स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I | Madhya Pradesh | MP | 30-03-2026 | Enable |
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