Message List: 11,927
| S.No | Message Title | Message | State | Created By | Creation Date | Status | Action |
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| 251 | पराली प्रबंधन पर सलाह Bhopal | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, एरिक्सन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Bhopal ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 30 March से 9 April के दौरान दिन में 35 और रात में 22 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। इस सप्ताह क अंत मे वर्षा होने की संभावना है। किसान साथियों आपसे अनुरोध हे कि गेंहू कटाई के बाद बची हुई पराली (फसल अवशेष ) को नहीं जलाये। इसे जलाने से खेत में उपस्थित जीवाणु मर जाते है, खेत की उत्तपादन शक्ति घट जाती है। बाजार में उपलब्ध फसल अपघटक (बायो-डीकंपोजर) का उपयोग करने से पराली (फसल अवशेष ) खाद में परवर्तित हो जाएगी एवं मृदा की उर्वरता बढ़ेगी एवं फसल का उत्तपादन बढ़ेगा। किसान साथियों बायो-डीकंपोजर एक माइक्रोबियल घोल है जिसका उपयोग फसल अवशेषों, ठूंठ और अन्य जैविक अपशिष्ट पदार्थों को विघटित करने के लिए किया जाता है। इसके अलावा बायो-डीकंपोजर का उपयोग कंपोस्टिंग में भी किया जा सकता है, जो जैविक कचरे को पोषक तत्वों से भरपूर मिट्टी में बदलने मे सहायक होता है। स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I | Madhya Pradesh | MP | 30-03-2026 | Enable |
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| 252 | पराली प्रबंधन पर सलाह Agar | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, एरिक्सन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Agar ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 30 March से 9 April के दौरान दिन में 34 और रात में 23 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। इस सप्ताह क अंत मे वर्षा होने की संभावना है। किसान साथियों आपसे अनुरोध हे कि गेंहू कटाई के बाद बची हुई पराली (फसल अवशेष ) को नहीं जलाये। इसे जलाने से खेत में उपस्थित जीवाणु मर जाते है, खेत की उत्तपादन शक्ति घट जाती है। बाजार में उपलब्ध फसल अपघटक (बायो-डीकंपोजर) का उपयोग करने से पराली (फसल अवशेष ) खाद में परवर्तित हो जाएगी एवं मृदा की उर्वरता बढ़ेगी एवं फसल का उत्तपादन बढ़ेगा। किसान साथियों बायो-डीकंपोजर एक माइक्रोबियल घोल है जिसका उपयोग फसल अवशेषों, ठूंठ और अन्य जैविक अपशिष्ट पदार्थों को विघटित करने के लिए किया जाता है। इसके अलावा बायो-डीकंपोजर का उपयोग कंपोस्टिंग में भी किया जा सकता है, जो जैविक कचरे को पोषक तत्वों से भरपूर मिट्टी में बदलने मे सहायक होता है। स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I | Madhya Pradesh | MP | 30-03-2026 | Enable |
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| 253 | पराली प्रबंधन पर सलाह Ujjain | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, एरिक्सन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Ujjain ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 30 March से 9 April के दौरान दिन में 34 और रात में 23 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। इस सप्ताह क अंत मे वर्षा होने की संभावना है। किसान साथियों आपसे अनुरोध हे कि गेंहू कटाई के बाद बची हुई पराली (फसल अवशेष ) को नहीं जलाये। इसे जलाने से खेत में उपस्थित जीवाणु मर जाते है, खेत की उत्तपादन शक्ति घट जाती है। बाजार में उपलब्ध फसल अपघटक (बायो-डीकंपोजर) का उपयोग करने से पराली (फसल अवशेष ) खाद में परवर्तित हो जाएगी एवं मृदा की उर्वरता बढ़ेगी एवं फसल का उत्तपादन बढ़ेगा। किसान साथियों बायो-डीकंपोजर एक माइक्रोबियल घोल है जिसका उपयोग फसल अवशेषों, ठूंठ और अन्य जैविक अपशिष्ट पदार्थों को विघटित करने के लिए किया जाता है। इसके अलावा बायो-डीकंपोजर का उपयोग कंपोस्टिंग में भी किया जा सकता है, जो जैविक कचरे को पोषक तत्वों से भरपूर मिट्टी में बदलने मे सहायक होता है। स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I | Madhya Pradesh | MP | 30-03-2026 | Enable |
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| 254 | पराली प्रबंधन पर सलाह Mandsaur | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Mandsaur ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 30 March से 9 April के दौरान दिन में 35 और रात में 23 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। इस सप्ताह क अंत मे वर्षा होने की संभावना है। किसान साथियों आपसे अनुरोध हे कि गेंहू कटाई के बाद बची हुई पराली (फसल अवशेष ) को नहीं जलाये। इसे जलाने से खेत में उपस्थित जीवाणु मर जाते है, खेत की उत्तपादन शक्ति घट जाती है। बाजार में उपलब्ध फसल अपघटक (बायो-डीकंपोजर) का उपयोग करने से पराली (फसल अवशेष ) खाद में परवर्तित हो जाएगी एवं मृदा की उर्वरता बढ़ेगी एवं फसल का उत्तपादन बढ़ेगा। किसान साथियों बायो-डीकंपोजर एक माइक्रोबियल घोल है जिसका उपयोग फसल अवशेषों, ठूंठ और अन्य जैविक अपशिष्ट पदार्थों को विघटित करने के लिए किया जाता है। इसके अलावा बायो-डीकंपोजर का उपयोग कंपोस्टिंग में भी किया जा सकता है, जो जैविक कचरे को पोषक तत्वों से भरपूर मिट्टी में बदलने मे सहायक होता है। स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I | Madhya Pradesh | MP | 30-03-2026 | Enable |
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| 255 | पराली प्रबंधन पर सलाह Dewas | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, एरिक्सन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Dewas ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 30 March से 9 April के दौरान दिन में 34 और रात में 22 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। इस सप्ताह क अंत मे वर्षा होने की संभावना है। किसान साथियों आपसे अनुरोध हे कि गेंहू कटाई के बाद बची हुई पराली (फसल अवशेष ) को नहीं जलाये। इसे जलाने से खेत में उपस्थित जीवाणु मर जाते है, खेत की उत्तपादन शक्ति घट जाती है। बाजार में उपलब्ध फसल अपघटक (बायो-डीकंपोजर) का उपयोग करने से पराली (फसल अवशेष ) खाद में परवर्तित हो जाएगी एवं मृदा की उर्वरता बढ़ेगी एवं फसल का उत्तपादन बढ़ेगा। किसान साथियों बायो-डीकंपोजर एक माइक्रोबियल घोल है जिसका उपयोग फसल अवशेषों, ठूंठ और अन्य जैविक अपशिष्ट पदार्थों को विघटित करने के लिए किया जाता है। इसके अलावा बायो-डीकंपोजर का उपयोग कंपोस्टिंग में भी किया जा सकता है, जो जैविक कचरे को पोषक तत्वों से भरपूर मिट्टी में बदलने मे सहायक होता है। स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I | Madhya Pradesh | MP | 30-03-2026 | Enable |
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| 256 | Weather Forecast & Irrigation process of vegetable & Sunflower | ନମସ୍କାର କେନ୍ଦ୍ରାପଡା ଜିଲ୍ଲାର ଡେରାବିଶ ବ୍ଲକର ସମସ୍ତ ଚାଷୀଭାଇ ମାନଙ୍କୁ ଭୋଡାଫୋନ ଆଇଡିଆ ସହଯୋଗରେ ସଲିଡାରିଡାଡ ଏବଂ ଶରତ କର & ଅନିମା କର ଫାଉଣ୍ଡେସନର ମିଳିତ ପ୍ରଚେଷ୍ଟାରେ ଚାଲୁଥିବା ଅଭିନବ କୃଷି ପ୍ରକଳ୍ପକୁ ସ୍ଵାଗତ କରାଯାଉଛି । ଆଗାମୀ ୩୦ ମାର୍ଚ୍ଚ ରୁ ୫ ଏପ୍ରିଲ ମଧ୍ୟରେ ଡେରାବିଶ ବ୍ଲକରେ ୦.୧-୧.୬ମି.ମି. ବୃଷ୍ଟିପାତର ସମ୍ଭାବନା ରହିଛି ଏବଂ ସର୍ବାଧିକ ତାପମାତ୍ରା ୨୫°C-୩୯°C ମଧ୍ୟରେ ରହିବ। ୧-ପନିପରିବା ଫସଲ କୁ ଖରା ତାପରୁ ରକ୍ଷା କରିବା ପାଇଁ ଫସଲ ରେ ସଫା ପାଣି ପ୍ରତ୍ୟେକ ଦିନ ସକାଳ ୮ଟା ରେ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ ଏହା ଫସଲ କୁ ସତେଜ ରଖିବ। ୨-ଖରଟିଆ ଶାଗ, ପୋଇ, ଲାଉ ଓ ତରଭୁଜ ଲଗାନ୍ତୁ ମୁଖ୍ୟତଃ ପୋଇ ଓ ଲାଉ କରନ୍ତୁ ଏବଂ ନିଜ ସ୍ୱାସ୍ଥ୍ୟ ପାଇଁ ବ୍ୟବହାର କରନ୍ତୁ। ୩-ମାଟିର ବତର ଦେଖି ପନିପରିବା ଓ ସୂର୍ଯ୍ୟମୁଖୀ ଫସଲ ରେ ପାଣି ମଡାନ୍ତୁ ନଚେତ ସୂର୍ଯ୍ୟମୁଖୀ ମଞ୍ଜି ରୁ ତେଲ କମିଯିବ। ୪-ପ୍ରତି ଫସଲ ରେ ବିହନ ପାଇଁ ଫଳ ଚୟନ କରନ୍ତୁ ସବୁବେଳେ ଦୋକାନ ଉପରେ ନିର୍ଭର କରନ୍ତୁ ନାହିଁ। ୫-କୌଣସି ପ୍ରକାର ମଧ୍ୟାହ୍ନ ଖରା ସମୟ ରେ ପାଣି ମଡାନ୍ତୁ ନାହିଁ। ୬-ମଝିରେ ମଝିରେ ପ୍ରତ୍ୟେକ ଫସଲ ରେ ୧ଲିଟର ଗାଈ ପରିସ୍ରା ସହ ୨୦ ଲିଟର ପାଣି ମିଶାଇ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ୭-ଯେକୌଣସି ଫସଲ ରେ ଫୁଲ ନଝଡିବା ପାଇଁ ନଡ଼ିଆ କୋରା ରସ +ଘୋଳଦହି ୨ଲିଟର +ପାଣି ୧୦ ଲିଟର ମିଶାଇ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ ଏବଂ ପ୍ରତ୍ୟେକ ଫସଲ ରେ ମାଛ ଟନିକ ସପ୍ତାହକୁ ଥରେ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ଅଧିକ ସୂଚନା ପାଇଁ ଆମ ଟୋଲ ଫ୍ରି ନମ୍ବର ୭୦୬୫୦୦୫୦୫୪ ରେ ମିସ କଲ୍ କରନ୍ତୁ। ଧନ୍ୟବାଦ୍। | Orissa | Orissa | 30-03-2026 | Enable |
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| 257 | Weather Forecast & Irrigation process of vegetable & Sunflower | ନମସ୍କାର କଟକ ଜିଲ୍ଲା ର ମାହାଙ୍ଗା, ଟାଙ୍ଗୀ ଓ ନିଶ୍ଚିନ୍ତକୋଇଲି ବ୍ଲକର ସମସ୍ତ ଚାଷୀଭାଇ ମାନଙ୍କୁ ଭୋଡାଫୋନ ଆଇଡିଆ ସହଯୋଗରେ ସଲିଡାରିଡାଡ ଏବଂ ଶରତ କର & ଅନିମା କର ଫାଉଣ୍ଡେସନର ମିଳିତ ପ୍ରଚେଷ୍ଟାରେ ଚାଲୁଥିବା ଅଭିନବ କୃଷି ପ୍ରକଳ୍ପକୁ ସ୍ଵାଗତ କରାଯାଉଛି । ଆଗାମୀ ୩୦ ମାର୍ଚ୍ଚ ରୁ ୫ ଏପ୍ରିଲ ମଧ୍ୟରେ ମାହାଙ୍ଗା, ଟାଙ୍ଗୀ ଓ ନିଶ୍ଚିନ୍ତକୋଇଲି ବ୍ଲକରେ୦.୧-୧.୨ମି.ମି. ବୃଷ୍ଟିପାତର ସମ୍ଭାବନା ରହିଛି ଏବଂ ସର୍ବତ୍ର ସର୍ବାଧିକ ତାପମାତ୍ରା ୨୫°C-୩୯°C ମଧ୍ୟରେ ରହିବ। ୧-ପନିପରିବା ଫସଲ କୁ ଖରା ତାପରୁ ରକ୍ଷା କରିବା ପାଇଁ ଫସଲ ରେ ସଫା ପାଣି ପ୍ରତ୍ୟେକ ଦିନ ସକାଳ ୮ଟା ରେ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ ଏହା ଫସଲ କୁ ସତେଜ ରଖିବ। ୨-ଖରଟିଆ ଶାଗ, ପୋଇ, ଲାଉ ଓ ତରଭୁଜ ଲଗାନ୍ତୁ ମୁଖ୍ୟତଃ ପୋଇ ଓ ଲାଉ କରନ୍ତୁ ଏବଂ ନିଜ ସ୍ୱାସ୍ଥ୍ୟ ପାଇଁ ବ୍ୟବହାର କରନ୍ତୁ। ୩-ମାଟିର ବତର ଦେଖି ପନିପରିବା ଓ ସୂର୍ଯ୍ୟମୁଖୀ ଫସଲ ରେ ପାଣି ମଡାନ୍ତୁ ନଚେତ ସୂର୍ଯ୍ୟମୁଖୀ ମଞ୍ଜି ରୁ ତେଲ କମିଯିବ। ୪-ପ୍ରତି ଫସଲ ରେ ବିହନ ପାଇଁ ଫଳ ଚୟନ କରନ୍ତୁ ସବୁବେଳେ ଦୋକାନ ଉପରେ ନିର୍ଭର କରନ୍ତୁ ନାହିଁ। ୫-କୌଣସି ପ୍ରକାର ମଧ୍ୟାହ୍ନ ଖରା ସମୟ ରେ ପାଣି ମଡାନ୍ତୁ ନାହିଁ। ୬-ମଝିରେ ମଝିରେ ପ୍ରତ୍ୟେକ ଫସଲ ରେ ୧ଲିଟର ଗାଈ ପରିସ୍ରା ସହ ୨୦ ଲିଟର ପାଣି ମିଶାଇ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ୭-ଯେକୌଣସି ଫସଲ ରେ ଫୁଲ ନଝଡିବା ପାଇଁ ନଡ଼ିଆ କୋରା ରସ +ଘୋଳଦହି ୨ଲିଟର +ପାଣି ୧୦ ଲିଟର ମିଶାଇ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ ଏବଂ ପ୍ରତ୍ୟେକ ଫସଲ ରେ ମାଛ ଟନିକ ସପ୍ତାହକୁ ଥରେ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ଅଧିକ ସୂଚନା ପାଇଁ ଆମ ଟୋଲ ଫ୍ରି ନମ୍ବର ୭୦୬୫୦୦୫୦୫୪ ରେ ମିସ କଲ୍ କରନ୍ତୁ। ଧନ୍ୟବାଦ୍। | Orissa | Orissa | 30-03-2026 | Enable |
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| 258 | Weather Forecast & Irrigation process of vegetable & Sunflower | ନମସ୍କାର ଗଜପତି ଜିଲ୍ଲାର ମୋହନା ଓ ଗୁମ୍ମା ବ୍ଲକର ସମସ୍ତ ଚାଷୀ ମାନଙ୍କୁ ସଲିଡାରିଡାଡ ତରଫରୁ ଭୋଡାଫୋନ ଆଇଡିଆ ସହଯୋଗ ରେ ଚାଲୁଥିବା ଅଭିନବ କୃଷି ପ୍ରକଳ୍ପକୁ ସ୍ଵାଗତ କରାଯାଉଛି । ଆଗାମୀ ୩୦ ମାର୍ଚ୍ଚ ରୁ ୫ ଏପ୍ରିଲ ମଧ୍ୟରେ ଗଜପତିର ମୋହନା ଏବଂ ଗୁମ୍ମା ବ୍ଲକରେ ୦.୧-୧.୮ ମି.ମି.ବୃଷ୍ଟିପାତର ସମ୍ଭାବନା ରହିଛି ଓ ସର୍ବତ୍ର ସର୍ବାଧିକ ତାପମାତ୍ରା ୨୧°c ରୁ ୩୮°c ମଧ୍ୟରେ ରହିବ। ୧-ପନିପରିବା ଫସଲ କୁ ଖରା ତାପରୁ ରକ୍ଷା କରିବା ପାଇଁ ଫସଲ ରେ ସଫା ପାଣି ପ୍ରତ୍ୟେକ ଦିନ ସକାଳ ୮ଟା ରେ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ ଏହା ଫସଲ କୁ ସତେଜ ରଖିବ। ୨-ଖରଟିଆ ଶାଗ, ପୋଇ, ଲାଉ ଓ ତରଭୁଜ ଲଗାନ୍ତୁ ମୁଖ୍ୟତଃ ପୋଇ ଓ ଲାଉ କରନ୍ତୁ ଏବଂ ନିଜ ସ୍ୱାସ୍ଥ୍ୟ ପାଇଁ ବ୍ୟବହାର କରନ୍ତୁ। ୩-ମାଟିର ବତର ଦେଖି ପନିପରିବା ଓ ସୂର୍ଯ୍ୟମୁଖୀ ଫସଲ ରେ ପାଣି ମଡାନ୍ତୁ ନଚେତ ସୂର୍ଯ୍ୟମୁଖୀ ମଞ୍ଜି ରୁ ତେଲ କମିଯିବ। ୪-ପ୍ରତି ଫସଲ ରେ ବିହନ ପାଇଁ ଫଳ ଚୟନ କରନ୍ତୁ ସବୁବେଳେ ଦୋକାନ ଉପରେ ନିର୍ଭର କରନ୍ତୁ ନାହିଁ। ୫-କୌଣସି ପ୍ରକାର ମଧ୍ୟାହ୍ନ ଖରା ସମୟ ରେ ପାଣି ମଡାନ୍ତୁ ନାହିଁ। ୬-ମଝିରେ ମଝିରେ ପ୍ରତ୍ୟେକ ଫସଲ ରେ ୧ଲିଟର ଗାଈ ପରିସ୍ରା ସହ ୨୦ ଲିଟର ପାଣି ମିଶାଇ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ୭-ଯେକୌଣସି ଫସଲ ରେ ଫୁଲ ନଝଡିବା ପାଇଁ ନଡ଼ିଆ କୋରା ରସ +ଘୋଳଦହି ୨ଲିଟର +ପାଣି ୧୦ ଲିଟର ମିଶାଇ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ ଏବଂ ପ୍ରତ୍ୟେକ ଫସଲ ରେ ମାଛ ଟନିକ ସପ୍ତାହକୁ ଥରେ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ଅଧିକ ସୂଚନା ପାଇଁ ଆମ ଟୋଲ ଫ୍ରି ନମ୍ବର ୭୦୬୫୦୦୫୦୫୪ ରେ ମିସ କଲ୍ କରନ୍ତୁ। ଧନ୍ୟବାଦ୍। | Orissa | Orissa | 30-03-2026 | Enable |
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| 259 | Weather forecast & Scientific Pest management process of Greengram | ନମସ୍କାର କେନ୍ଦ୍ରାପଡା ଜିଲ୍ଲାର ଡେରାବିଶ ବ୍ଲକର ସମସ୍ତ ଚାଷୀଭାଇ ମାନଙ୍କୁ ଭୋଡାଫୋନ ଆଇଡିଆ ସହଯୋଗରେ ସଲିଡାରିଡାଡ ଏବଂ ଶରତ କର & ଅନିମା କର ଫାଉଣ୍ଡେସନର ମିଳିତ ପ୍ରଚେଷ୍ଟାରେ ଚାଲୁଥିବା ଅଭିନବ କୃଷି ପ୍ରକଳ୍ପକୁ ସ୍ଵାଗତ କରାଯାଉଛି । ଆଗାମୀ ୩୦ ମାର୍ଚ୍ଚ ରୁ ୫ ଏପ୍ରିଲ ମଧ୍ୟରେ ଡେରାବିଶ ବ୍ଲକରେ ୦.୧-୧.୬ମି.ମି. ବୃଷ୍ଟିପାତର ସମ୍ଭାବନା ରହିଛି ଏବଂ ସର୍ବାଧିକ ତାପମାତ୍ରା ୨୫°C-୩୯°C ମଧ୍ୟରେ ରହିବ। ୧-କାଳବୈଶାଖୀ ବର୍ଷା ଓ ପବନ ଯୋଗୁଁ ଫସଲ ରେ ଜଉ ପୋକ ଏବଂ ପତ୍ରକଟା କୀଟ ଦେଖାଦେବ ଏହାକୁ ନିୟନ୍ତ୍ରଣ କରିବା ପାଇଁ ଅମୃତଭଣ୍ଡା ପତ୍ର ୨୫୦ଗ୍ରାମ କୁ ଭଲରେ ଛେଚନ୍ତୁ ଏବଂ ୪ଲିଟର ପାଣିରେ ଭିଜାନ୍ତୁ ଏହା ସହିତ ରସୁଣ ୫୦ ଗ୍ରାମ ଓ ଅଦା ୫୦ ଗ୍ରାମ ଛେଚି ମିଶାନ୍ତୁ ଏହାପରେ ଛାଣି ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ୨-ମୁଗ ଫସଲ ୪୦-୪୫ ଦିନ ହେବା ପୂର୍ବରୁ ଗାଈ କିମ୍ବା ଛେଳି କ୍ଷୀର ୧୦ ପ୍ରତିଶତ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ୩-ଏକ ସପ୍ତାହକୁ ଥରେ ରୋଗପୋକ ର ନିୟନ୍ତ୍ରଣ ପାଇଁ ଆଗ୍ନେୟସ୍ତ୍ର ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ କିମ୍ବା (୩୦୦ppm)ନିମତେଲ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ଅଧିକ ସୂଚନା ପାଇଁ ଆମ ଟୋଲ ଫ୍ରି ନମ୍ବର ୭୦୬୫୦୦୫୦୫୪ ରେ ମିସ କଲ୍ କରନ୍ତୁ। ଧନ୍ୟବାଦ୍। | Orissa | Orissa | 30-03-2026 | Enable |
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| 260 | Weather forecast & Scientific Pest management process of Greengram | ନମସ୍କାର କଟକ ଜିଲ୍ଲା ର ମାହାଙ୍ଗା, ଟାଙ୍ଗୀ ଓ ନିଶ୍ଚିନ୍ତକୋଇଲି ବ୍ଲକର ସମସ୍ତ ଚାଷୀଭାଇ ମାନଙ୍କୁ ଭୋଡାଫୋନ ଆଇଡିଆ ସହଯୋଗରେ ସଲିଡାରିଡାଡ ଏବଂ ଶରତ କର & ଅନିମା କର ଫାଉଣ୍ଡେସନର ମିଳିତ ପ୍ରଚେଷ୍ଟାରେ ଚାଲୁଥିବା ଅଭିନବ କୃଷି ପ୍ରକଳ୍ପକୁ ସ୍ଵାଗତ କରାଯାଉଛି । ଆଗାମୀ ୩୦ ମାର୍ଚ୍ଚ ରୁ ୫ ଏପ୍ରିଲ ମଧ୍ୟରେ ମାହାଙ୍ଗା, ଟାଙ୍ଗୀ ଓ ନିଶ୍ଚିନ୍ତକୋଇଲି ବ୍ଲକରେ୦.୧-୧.୨ମି.ମି. ବୃଷ୍ଟିପାତର ସମ୍ଭାବନା ରହିଛି ଏବଂ ସର୍ବତ୍ର ସର୍ବାଧିକ ତାପମାତ୍ରା ୨୫°C-୩୯°C ମଧ୍ୟରେ ରହିବ। ୧-କାଳବୈଶାଖୀ ବର୍ଷା ଓ ପବନ ଯୋଗୁଁ ଫସଲ ରେ ଜଉ ପୋକ ଏବଂ ପତ୍ରକଟା କୀଟ ଦେଖାଦେବ ଏହାକୁ ନିୟନ୍ତ୍ରଣ କରିବା ପାଇଁ ଅମୃତଭଣ୍ଡା ପତ୍ର ୨୫୦ଗ୍ରାମ କୁ ଭଲରେ ଛେଚନ୍ତୁ ଏବଂ ୪ଲିଟର ପାଣିରେ ଭିଜାନ୍ତୁ ଏହା ସହିତ ରସୁଣ ୫୦ ଗ୍ରାମ ଓ ଅଦା ୫୦ ଗ୍ରାମ ଛେଚି ମିଶାନ୍ତୁ ଏହାପରେ ଛାଣି ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ୨-ମୁଗ ଫସଲ ୪୦-୪୫ ଦିନ ହେବା ପୂର୍ବରୁ ଗାଈ କିମ୍ବା ଛେଳି କ୍ଷୀର ୧୦ ପ୍ରତିଶତ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ୩-ଏକ ସପ୍ତାହକୁ ଥରେ ରୋଗପୋକ ର ନିୟନ୍ତ୍ରଣ ପାଇଁ ଆଗ୍ନେୟସ୍ତ୍ର ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ କିମ୍ବା (୩୦୦ppm)ନିମତେଲ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ଅଧିକ ସୂଚନା ପାଇଁ ଆମ ଟୋଲ ଫ୍ରି ନମ୍ବର ୭୦୬୫୦୦୫୦୫୪ ରେ ମିସ କଲ୍ କରନ୍ତୁ। ଧନ୍ୟବାଦ୍। | Orissa | Orissa | 30-03-2026 | Enable |
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