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3441 मूंगफली पर सलाह Jhalawad वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, इंडस टावर एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला झालावाड ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 10 September से 16 September के दौरान दिन में 32 और रात में 24 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है। आगामी सप्ताह में बारिश होने की प्रबल संभावना है I अतः सुनिश्चित करें कि जलभराव से बचने के लिए मिट्टी में पानी की उचित निकासी हो I मूंगफली की फसल मे फूल एवं दाना भरने वाली अवस्था महत्वपूर्ण होती है यदि इन अवस्थाओं पर पर्याप्त नमी न हो तो आर्थिक नुकसान होता है I मूंगफली में फूल की अवस्था मे 150-200 kg जिप्सम प्रति एकड़ की दर से डाले एवं इसके बाद मिटटी चढ़ाये ताकि फलियों का अच्छा निर्माण हो एवं फलियां बेहतर ढंग से भरे एवं अधिक उत्पादन प्राप्त स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें । अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिये शून्य दबाए । Rajasthan Rajasthan User 11-09-2024 Enable
3442 धान की फसल पर सलाह Bundi वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, इंडस टावर एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Bundi ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 10 September से 16 September के दौरान दिन में 32 और रात में 25 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है। सोयाबीन की फसल में यदि एन्थ्राक्नोज एवं राइजोक्टोनिया ब्लाइट फफूंद जनित रोग दिखने पर इस रोग के नियंत्रण हेतु सलाह है कि टेबूकोनाझोल 625 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर अथवा टेबूकोनाझोल + सल्फर 1 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर अथवा टेबूकोनाजोल + ट्राईफ्लोक्सीस्ट्रोबिन 350 मि.ली. प्रति हेक्टे. अथवा हैक्जाकोनोझोल 5 प्रतिशत ईसी 800 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर से छिड़काव करें I कुछ क्षेत्रों में सोयाबीन फलिया कट कट के गिरने की स्थिति में देखी देखी गई है यह समस्या शीघ्र पकने वाली किस्मों में ही अधिकतर देखी जाती है जो प्रारंभिक रूप से चूहों द्वारा निर्मित हो सकती है चूहों के नियंत्रण हेतु जिंक फास्फाइड अधारित बिस्कुट या केक या आटे की गोलियां बनाकर बिलों के पास रखें I स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें । अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिये शून्य दबाए । Rajasthan Rajasthan User 11-09-2024 Enable
3443 धान की फसल पर सलाह Baran वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, इंडस टावर एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला बारा ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 10 September से 16 September के दौरान दिन में 32 और रात में 26 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है। सोयाबीन की फसल में यदि एन्थ्राक्नोज एवं राइजोक्टोनिया ब्लाइट फफूंद जनित रोग दिखने पर इस रोग के नियंत्रण हेतु सलाह है कि टेबूकोनाझोल 625 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर अथवा टेबूकोनाझोल + सल्फर 1 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर अथवा टेबूकोनाजोल + ट्राईफ्लोक्सीस्ट्रोबिन 350 मि.ली. प्रति हेक्टे. अथवा हैक्जाकोनोझोल 5 प्रतिशत ईसी 800 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर से छिड़काव करें I कुछ क्षेत्रों में सोयाबीन फलिया कट कट के गिरने की स्थिति में देखी देखी गई है यह समस्या शीघ्र पकने वाली किस्मों में ही अधिकतर देखी जाती है जो प्रारंभिक रूप से चूहों द्वारा निर्मित हो सकती है चूहों के नियंत्रण हेतु जिंक फास्फाइड अधारित बिस्कुट या केक या आटे की गोलियां बनाकर बिलों के पास रखें I स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें । अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिये शून्य दबाए । Rajasthan Rajasthan User 11-09-2024 Enable
3444 सोयाबीन पर सलाह Kota वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, इंडस टावर एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Kota ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 10 September से 16 September के दौरान दिन में 32 और रात में 26 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है। सोयाबीन की फसल में यदि एन्थ्राक्नोज एवं राइजोक्टोनिया ब्लाइट फफूंद जनित रोग दिखने पर इस रोग के नियंत्रण हेतु सलाह है कि टेबूकोनाझोल 625 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर अथवा टेबूकोनाझोल + सल्फर 1 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर अथवा टेबूकोनाजोल + ट्राईफ्लोक्सीस्ट्रोबिन 350 मि.ली. प्रति हेक्टे. अथवा हैक्जाकोनोझोल 5 प्रतिशत ईसी 800 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर से छिड़काव करें I कुछ क्षेत्रों में सोयाबीन फलिया कट कट के गिरने की स्थिति में देखी देखी गई है यह समस्या शीघ्र पकने वाली किस्मों में ही अधिकतर देखी जाती है जो प्रारंभिक रूप से चूहों द्वारा निर्मित हो सकती है चूहों के नियंत्रण हेतु जिंक फास्फाइड अधारित बिस्कुट या केक या आटे की गोलियां बनाकर बिलों के पास रखें I स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें । अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिये शून्य दबाए । Rajasthan Rajasthan User 11-09-2024 Enable
3445 सोयाबीन पर सलाह Tonk वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, इंडस टावर एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Tonk ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 10 September से 16 September के दौरान दिन में 32 और रात में 25 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है। सोयाबीन की फसल में यदि एन्थ्राक्नोज एवं राइजोक्टोनिया ब्लाइट फफूंद जनित रोग दिखने पर इस रोग के नियंत्रण हेतु सलाह है कि टेबूकोनाझोल 625 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर अथवा टेबूकोनाझोल + सल्फर 1 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर अथवा टेबूकोनाजोल + ट्राईफ्लोक्सीस्ट्रोबिन 350 मि.ली. प्रति हेक्टे. अथवा हैक्जाकोनोझोल 5 प्रतिशत ईसी 800 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर से छिड़काव करें I कुछ क्षेत्रों में सोयाबीन फलिया कट कट के गिरने की स्थिति में देखी देखी गई है यह समस्या शीघ्र पकने वाली किस्मों में ही अधिकतर देखी जाती है जो प्रारंभिक रूप से चूहों द्वारा निर्मित हो सकती है चूहों के नियंत्रण हेतु जिंक फास्फाइड अधारित बिस्कुट या केक या आटे की गोलियां बनाकर बिलों के पास रखें I स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें । अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिये शून्य दबाए । Rajasthan Rajasthan User 11-09-2024 Enable
3446 VIL-2 , Nagpur, Saoner, Manegaon Nagpur-Saoner-Manegaon Advisory 11-09-2024 नमस्कार शेतकरी बंधूंनो सॉलिडरीडॅड, वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन आणि इंडस टॉवर्स यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. सावनेर तालुक्यातील मानेगाव येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे या आठवड्यातील हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान २४ ते २५ अंश तर कमाल ३० ते ३२ अंश सेल्सियस एवढे राहील. या आठवड्यात वातावरण ढगाळ राहून पाऊस पडण्याची शक्यता आहे. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:- कपाशी पिकामध्ये फुलकिडींचा प्रादुर्भाव आढळून आल्यास आणि आर्थिक नुकसान पातळी गाठल्यास थायमीथोक्झाम २५ % डब्ल्यूजी २ ग्राम प्रती १० लिटर पाणी (१०० ग्राम प्रती हेक्टर) किंवा स्पिनेटोरम ११.७ एससी ८.४ मिली प्रती १० लिटर पाणी (४२० मिली प्रती हेक्टर) या प्रमाणात सध्याच्या पावसाच्या उघाडीनंतर स्वच्छ व शांत हवामान परिस्थितीचा अंदाज घेऊन फवारणी करावी. ज्या ठिकाणी कपाशीचे पिक ६० ते ९० दिवसांचे आहे अशा ठिकाणी तुडतुडे किडींचा प्रादुर्भाव आर्थिक नुकसान पातळी गाठत असल्यास, फ्लॉनिकॅमिड ५० डब्ल्यूजी @ ४ ग्राम प्रती १० लिटर पाणी (२०० ग्राम प्रती हेक्टर) किंवा इमिडाक्लोप्रिड १७.८ एसएल ३ मिली प्रती १० लिटर पाणी (१५० मिली प्रती हेक्टर) या पैकी कोणत्याही एका किटकनाशकाची फवारणी करावी. सोयाबीन पिकामध्ये चक्रीभुंगा या किडीचा प्रादुर्भाव दिसून आल्यास प्रादुर्भावग्रस्त झाडे उपटून शेताबाहेर नष्ट करावी. या किडी आर्थिक नुकसान पातळी गाठत असल्यास रासायनिक नियंत्रणासाठी थायक्लोप्रिड २१.७ एससी (७५० मिली प्रती हेक्टर) किंवा इमामेक्टिन बेंझोएट १.९०% ईसी (४२५ मिली प्रती हेक्टर) किंवा एसिटामिप्रिड २५ % + बायफेन्थ्रीन २५ % डब्ल्यूजी (२५० ग्राम प्रती हेक्टर) किंवा क्लोराँट्रानिलिप्रोल १८.५० % एससी (१५० मिली प्रती हेक्टर) या प्रमाणात कोणत्याही एका रसायनाचा वापर करावा.यासोबतच नैसर्गिकरीत्या किडींचे एकात्मिक नियंत्रण करण्यासाठी २५-३० पिवळे निळे चिकट सापळे, ५-६ कामगंध सापळे आणि २५-३० प्रक्षी थांबे प्रती एकर क्षेत्रावर लावावेत. फवारणी करताना अमावस्या किंवा पौर्णिमेचा दिवस पाहूनच करावी या काळात किडींचा प्रजनन कालावधी असल्याने किडींचे अधिक चांगल्या प्रकारे नियंत्रण करता येते. सततच्या पावसात किंवा पावसाचा खंड पडलेल्या काळात जमीनीची पोषकता राखण्यासाठी ह्युमिक ॲसिड किंवा जिवाणू स्लरीची आळवणी कपाशी आणि सोयाबीन पिकामध्ये करावी.तसेच स्मार्ट ॲग्री ॲडव्हायझरी ॲप चे अपडेटेड व्हर्जन प्ले स्टोअर मध्ये उपलब्ध आहे ते मोबाईल मध्ये डाऊनलोड करणे सदर अपडेटेड व्हर्जन मध्ये हवामान केंद्राच्या माहितीचा तपशील समाविष्ट करण्यात आला आहे सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबाईल क्रमांक ८२०८९१४५९४ धन्यवाद! Maharashtra MH 10-09-2024 Enable
3447 Vil2_Dabhada_10.09.2024 Advisory:- 10/09/2024:VIL2 - Amravati नमस्कार शेतकरी बंधूंनो...सॉलिडरीडॅड, वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन आणि इंडस टॉवर्स यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. धामनगाव रे तालुक्यातील दाभाडा येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे या आठवड्यातील हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान 28 ते 31 अंश तर कमाल 23 ते 25 अंश सेल्सियस एवढे राहील.शेतकऱ्यांसाठी सूचना:- कपाशी पिकामध्ये फुलकिडींचा प्रादुर्भाव आढळून आल्यास आणि आर्थिक नुकसान पातळी गाठल्यास थायमीथोक्झाम २५ % डब्ल्यूजी २ ग्राम प्रती १० लिटर पाणी (१०० ग्राम प्रती हेक्टर) किंवा स्पिनेटोरम ११.७ एससी ८.४ मिली प्रती १० लिटर पाणी (४२० मिली प्रती हेक्टर) या प्रमाणात सध्याच्या पावसाच्या उघाडीनंतर स्वच्छ व शांत हवामान परिस्थितीचा अंदाज घेऊन फवारणी करावी. ज्या ठिकाणी कपाशीचे पिक ६० ते ९० दिवसांचे आहे अशा ठिकाणी तुडतुडे किडींचा प्रादुर्भाव आर्थिक नुकसान पातळी गाठत असल्यास, फ्लॉनिकॅमिड ५० डब्ल्यूजी @ ४ ग्राम प्रती १० लिटर पाणी (२०० ग्राम प्रती हेक्टर) किंवा इमिडाक्लोप्रिड १७.८ एसएल ३ मिली प्रती १० लिटर पाणी (१५० मिली प्रती हेक्टर) या पैकी कोणत्याही एका किटकनाशकाची फवारणी करावी. सोयाबीन पिकामध्ये चक्रीभुंगा या किडीचा प्रादुर्भाव दिसून आल्यास प्रादुर्भावग्रस्त झाडे उपटून शेताबाहेर नष्ट करावी. या किडी आर्थिक नुकसान पातळी गाठत असल्यास रासायनिक नियंत्रणासाठी थायक्लोप्रिड २१.७ एससी (७५० मिली प्रती हेक्टर) किंवा इमामेक्टिन बेंझोएट १.९०% ईसी (४२५ मिली प्रती हेक्टर) किंवा एसिटामिप्रिड २५ % + बायफेन्थ्रीन २५ % डब्ल्यूजी (२५० ग्राम प्रती हेक्टर) किंवा क्लोराँट्रानिलिप्रोल १८.५० % एससी (१५० मिली प्रती हेक्टर) या प्रमाणात कोणत्याही एका रसायनाचा वापर करावा. यासोबतच नैसर्गिकरीत्या किडींचे एकात्मिक नियंत्रण करण्यासाठी २५-३० पिवळे निळे चिकट सापळे, ५-६ कामगंध सापळे आणि २५-३० प्रक्षी थांबे प्रती एकर क्षेत्रावर लावावेत. फवारणी करताना अमावस्या किंवा पौर्णिमेचा दिवस पाहूनच करावी या काळात किडींचा प्रजनन कालावधी असल्याने किडींचे अधिक चांगल्या प्रकारे नियंत्रण करता येते. सततच्या पावसात किंवा पावसाचा खंड पडलेल्या काळात जमीनीची पोषकता राखण्यासाठी ह्युमिक ॲसिड किंवा जिवाणू स्लरीची आळवणी कपाशी आणि सोयाबीन पिकामध्ये करावी.सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राम बद्दल असलेल्या आपल्या शंकांचे समाधान करण्यासाठी ९१५८२६१९२२ या मोबाईल क्रमांकावर संपर्क साधावा. धन्यवाद! Maharashtra MH 10-09-2024 Enable
3448 Vil1_Talegaon_10.09.2024 Advisory:- 10/09/2024:VIL1 - Amravati नमस्कार शेतकरी बंधूंनो...सॉलिडरीडॅड, वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन आणि इंडस टॉवर्स यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. धामनगाव रे तालुक्यातील तळेगाव दशासर येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे या आठवड्यातील हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान 28 ते 31 अंश तर कमाल 23 ते 25 अंश सेल्सियस एवढे राहील.शेतकऱ्यांसाठी सूचना:- कपाशी पिकामध्ये फुलकिडींचा प्रादुर्भाव आढळून आल्यास आणि आर्थिक नुकसान पातळी गाठल्यास थायमीथोक्झाम २५ % डब्ल्यूजी २ ग्राम प्रती १० लिटर पाणी (१०० ग्राम प्रती हेक्टर) किंवा स्पिनेटोरम ११.७ एससी ८.४ मिली प्रती १० लिटर पाणी (४२० मिली प्रती हेक्टर) या प्रमाणात सध्याच्या पावसाच्या उघाडीनंतर स्वच्छ व शांत हवामान परिस्थितीचा अंदाज घेऊन फवारणी करावी. ज्या ठिकाणी कपाशीचे पिक ६० ते ९० दिवसांचे आहे अशा ठिकाणी तुडतुडे किडींचा प्रादुर्भाव आर्थिक नुकसान पातळी गाठत असल्यास, फ्लॉनिकॅमिड ५० डब्ल्यूजी @ ४ ग्राम प्रती १० लिटर पाणी (२०० ग्राम प्रती हेक्टर) किंवा इमिडाक्लोप्रिड १७.८ एसएल ३ मिली प्रती १० लिटर पाणी (१५० मिली प्रती हेक्टर) या पैकी कोणत्याही एका किटकनाशकाची फवारणी करावी. सोयाबीन पिकामध्ये चक्रीभुंगा या किडीचा प्रादुर्भाव दिसून आल्यास प्रादुर्भावग्रस्त झाडे उपटून शेताबाहेर नष्ट करावी. या किडी आर्थिक नुकसान पातळी गाठत असल्यास रासायनिक नियंत्रणासाठी थायक्लोप्रिड २१.७ एससी (७५० मिली प्रती हेक्टर) किंवा इमामेक्टिन बेंझोएट १.९०% ईसी (४२५ मिली प्रती हेक्टर) किंवा एसिटामिप्रिड २५ % + बायफेन्थ्रीन २५ % डब्ल्यूजी (२५० ग्राम प्रती हेक्टर) किंवा क्लोराँट्रानिलिप्रोल १८.५० % एससी (१५० मिली प्रती हेक्टर) या प्रमाणात कोणत्याही एका रसायनाचा वापर करावा. यासोबतच नैसर्गिकरीत्या किडींचे एकात्मिक नियंत्रण करण्यासाठी २५-३० पिवळे निळे चिकट सापळे, ५-६ कामगंध सापळे आणि २५-३० प्रक्षी थांबे प्रती एकर क्षेत्रावर लावावेत. फवारणी करताना अमावस्या किंवा पौर्णिमेचा दिवस पाहूनच करावी या काळात किडींचा प्रजनन कालावधी असल्याने किडींचे अधिक चांगल्या प्रकारे नियंत्रण करता येते. सततच्या पावसात किंवा पावसाचा खंड पडलेल्या काळात जमीनीची पोषकता राखण्यासाठी ह्युमिक ॲसिड किंवा जिवाणू स्लरीची आळवणी कपाशी आणि सोयाबीन पिकामध्ये करावी.सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राम बद्दल असलेल्या आपल्या शंकांचे समाधान करण्यासाठी ९१५८२६१९२२ या मोबाईल क्रमांकावर संपर्क साधावा. धन्यवाद! Maharashtra MH 10-09-2024 Enable
3449 VIL-1 Nagpur, Kalmeshwar, Sawali buzurg 11-09-2024 VIL-1 Nagpur, Kalmeshwar, Sawali buzurg नमस्कार शेतकरी बंधूंनो सॉलिडरीडॅड, वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन आणि इंडस टॉवर्स यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. कळमेश्वर तालुक्यातील सावळी बुजरूक येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे या आठवड्यातील हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान 24 ते 25 अंश तर कमाल 30 ते 32 अंश सेल्सियस एवढे राहील. या आठवड्यात वातावरण अंशतः ढगाळ राहुन हलका ते मध्यम स्वरूपाचा ऊस पडण्याची शक्यता आहे. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:- कपाशी पिकामध्ये फुलकिडींचा प्रादुर्भाव आढळून आल्यास आणि आर्थिक नुकसान पातळी गाठल्यास थायमीथोक्झाम २५ % डब्ल्यूजी २ ग्राम प्रती १० लिटर पाणी (१०० ग्राम प्रती हेक्टर) किंवा स्पिनेटोरम ११.७ एससी ८.४ मिली प्रती १० लिटर पाणी (४२० मिली प्रती हेक्टर) या प्रमाणात सध्याच्या पावसाच्या उघाडीनंतर स्वच्छ व शांत हवामान परिस्थितीचा अंदाज घेऊन फवारणी करावी. ज्या ठिकाणी कपाशीचे पिक ६० ते ९० दिवसांचे आहे अशा ठिकाणी तुडतुडे किडींचा प्रादुर्भाव आर्थिक नुकसान पातळी गाठत असल्यास, फ्लॉनिकॅमिड ५० डब्ल्यूजी @ ४ ग्राम प्रती १० लिटर पाणी (२०० ग्राम प्रती हेक्टर) किंवा इमिडाक्लोप्रिड १७.८ एसएल ३ मिली प्रती १० लिटर पाणी (१५० मिली प्रती हेक्टर) या पैकी कोणत्याही एका किटकनाशकाची फवारणी करावी. सोयाबीन पिकामध्ये चक्रीभुंगा या किडीचा प्रादुर्भाव दिसून आल्यास प्रादुर्भावग्रस्त झाडे उपटून शेताबाहेर नष्ट करावी. या किडी आर्थिक नुकसान पातळी गाठत असल्यास रासायनिक नियंत्रणासाठी थायक्लोप्रिड २१.७ एससी (७५० मिली प्रती हेक्टर) किंवा इमामेक्टिन बेंझोएट १.९०% ईसी (४२५ मिली प्रती हेक्टर) किंवा एसिटामिप्रिड २५ % + बायफेन्थ्रीन २५ % डब्ल्यूजी (२५० ग्राम प्रती हेक्टर) किंवा क्लोराँट्रानिलिप्रोल १८.५० % एससी (१५० मिली प्रती हेक्टर) या प्रमाणात कोणत्याही एका रसायनाचा वापर करावा. यासोबतच नैसर्गिकरीत्या किडींचे एकात्मिक नियंत्रण करण्यासाठी २५-३० पिवळे निळे चिकट सापळे, ५-६ कामगंध सापळे आणि २५-३० प्रक्षी थांबे प्रती एकर क्षेत्रावर लावावेत. फवारणी करताना अमावस्या किंवा पौर्णिमेचा दिवस पाहूनच करावी या काळात किडींचा प्रजनन कालावधी असल्याने किडींचे अधिक चांगल्या प्रकारे नियंत्रण करता येते. सततच्या पावसात किंवा पावसाचा खंड पडलेल्या काळात जमीनीची पोषकता राखण्यासाठी ह्युमिक ॲसिड किंवा जिवाणू स्लरीची आळवणी कपाशी आणि सोयाबीन पिकामध्ये करावी सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राम बद्दल असलेल्या आपल्या शंकांचे समाधान करण्यासाठी 9039133541 या मोबाईल क्रमांकावर संपर्क साधावा. धन्यवाद! Maharashtra MH 10-09-2024 Enable
3450 VIL_4-Nagpur-Umred-Aptur-11/9/2024. VIL_4-Nagpur-Umred-Aptur-4/9/2024. नमस्कार शेतकरी बंधूंनो सॉलिडरीडॅड, वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन आणि इंडस टॉवर्स यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. उमरेड तालुक्यातील आपतूर येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे या आठवड्यातील हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान 24 ते 25 अंश तर कमाल 30 ते 32 अंश सेल्सियस एवढे राहील. या आठवड्यात हवामान अंशता ढगाड राहून पाऊस पडण्याची शक्यता आहे. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:- कपाशी पिकामध्ये फुलकिडींचा प्रादुर्भाव आढळून आल्यास आणि आर्थिक नुकसान पातळी गाठल्यास थायमीथोक्झाम २५ % डब्ल्यूजी २ ग्राम प्रती १० लिटर पाणी (१०० ग्राम प्रती हेक्टर) किंवा स्पिनेटोरम ११.७ एससी ८.४ मिली प्रती १० लिटर पाणी (४२० मिली प्रती हेक्टर) या प्रमाणात सध्याच्या पावसाच्या उघाडीनंतर स्वच्छ व शांत हवामान परिस्थितीचा अंदाज घेऊन फवारणी करावी. ज्या ठिकाणी कपाशीचे पिक ६० ते ९० दिवसांचे आहे अशा ठिकाणी तुडतुडे किडींचा प्रादुर्भाव आर्थिक नुकसान पातळी गाठत असल्यास, फ्लॉनिकॅमिड ५० डब्ल्यूजी @ ४ ग्राम प्रती १० लिटर पाणी (२०० ग्राम प्रती हेक्टर) किंवा इमिडाक्लोप्रिड १७.८ एसएल ३ मिली प्रती १० लिटर पाणी (१५० मिली प्रती हेक्टर) या पैकी कोणत्याही एका किटकनाशकाची फवारणी करावी. सोयाबीन पिकामध्ये चक्रीभुंगा या किडीचा प्रादुर्भाव दिसून आल्यास प्रादुर्भावग्रस्त झाडे उपटून शेताबाहेर नष्ट करावी. या किडी आर्थिक नुकसान पातळी गाठत असल्यास रासायनिक नियंत्रणासाठी थायक्लोप्रिड २१.७ एससी (७५० मिली प्रती हेक्टर) किंवा इमामेक्टिन बेंझोएट १.९०% ईसी (४२५ मिली प्रती हेक्टर) किंवा एसिटामिप्रिड २५ % + बायफेन्थ्रीन २५ % डब्ल्यूजी (२५० ग्राम प्रती हेक्टर) किंवा क्लोराँट्रानिलिप्रोल १८.५० % एससी (१५० मिली प्रती हेक्टर) या प्रमाणात कोणत्याही एका रसायनाचा वापर करावा.यासोबतच नैसर्गिकरीत्या किडींचे एकात्मिक नियंत्रण करण्यासाठी २५-३० पिवळे निळे चिकट सापळे, ५-६ कामगंध सापळे आणि २५-३० प्रक्षी थांबे प्रती एकर क्षेत्रावर लावावेत. फवारणी करताना अमावस्या किंवा पौर्णिमेचा दिवस पाहूनच करावी या काळात किडींचा प्रजनन कालावधी असल्याने किडींचे अधिक चांगल्या प्रकारे नियंत्रण करता येते. सततच्या पावसात किंवा पावसाचा खंड पडलेल्या काळात जमीनीची पोषकता राखण्यासाठी ह्युमिक ॲसिड किंवा जिवाणू स्लरीची आळवणी कपाशी आणि सोयाबीन पिकामध्ये करावी.. स्मार्ट ॲग्री ॲडव्हायझरी ॲप चे अपडेटेड व्हर्जन प्ले स्टोअर मध्ये उपलब्ध आहे ते मोबाईल मध्ये डाऊनलोड करणे सदर अपडेटेड व्हर्जन मध्ये हवामान केंद्राच्या माहितीचा तपशील समाविष्ट करण्यात आला आहे. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबाईल क्रमांक 9923224043 धन्यवाद! Maharashtra MH 10-09-2024 Enable