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11141 VIF-1-Yavatmal-Ghatanji-30-11 VIF-1-Yavatmal-Ghatanji शेतकऱ्यांसाठी सूचना  कापूस - बोन्ड अळीच्या नियंत्रणासाठी प्रत्येक आठवड्याला एकरी शेतातून २० कपाशीचे झाडे निवडून, त्यातील प्रत्येक झाडावरील फुले, पात्या ह्यांची संख्या मोजून त्यात गुलाबी बोन्डअळी  ग्रस्तफुले, पात्या व बोन्डे यांची टक्केवारी काढावी. प्रादुर्भावग्रस्त झाडांची टक्केवारी ५ ते १० टक्के असल्यास इथिओन ५० टक्के प्रवाही १५ ते २० मिली. किंवा सायपरमेथ्रीन १० टक्के प्रवाही ७ मिली. या पैकी कोणतेही एक कीटकनाशक प्रति १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. तसेच आधी लावलेल्या फेरोमोन ट्रॅप मधील गोळी (लूर) २० च्या वॉर झाले असेल तर बदलावी. हरभरा - हरभरा पिकास मर/मूळकुज रोगास बळी पडलेलेआहे. त्याच्या नियंत्रणासाठी बाधित झाडे उपटून नष्ट करावे व त्यानंतर १०० लिटर पाण्यामध्ये ५०० ग्राम ट्रॅकोडर्मा विरडी मसळून शेतामध्ये पिकाच्या बुडाशी ड्रेंचिंग करावे.  धन्यवाद! Maharashtra MH 29-11-2022 Disable
11142 VIF-1-Wardha-Daroda-30-11 VIF-1-Wardha-Daroda शेतकऱ्यांसाठी सूचना  कापूस - बोन्ड अळीच्या नियंत्रणासाठी प्रत्येक आठवड्याला एकरी शेतातून २० कपाशीचे झाडे निवडून, त्यातील प्रत्येक झाडावरील फुले, पात्या ह्यांची संख्या मोजून त्यात गुलाबी बोन्डअळी  ग्रस्तफुले, पात्या व बोन्डे यांची टक्केवारी काढावी. प्रादुर्भावग्रस्त झाडांची टक्केवारी ५ ते १० टक्के असल्यास इथिओन ५० टक्के प्रवाही १५ ते २० मिली. किंवा सायपरमेथ्रीन १० टक्के प्रवाही ७ मिली. या पैकी कोणतेही एक कीटकनाशक प्रति १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. तसेच आधी लावलेल्या फेरोमोन ट्रॅप मधील गोळी (लूर) २० च्या वॉर झाले असेल तर बदलावी. हरभरा - हरभरा पिकास मर/मूळकुज रोगास बळी पडलेलेआहे. त्याच्या नियंत्रणासाठी बाधित झाडे उपटून नष्ट करावे व त्यानंतर १०० लिटर पाण्यामध्ये ५०० ग्राम ट्रॅकोडर्मा विरडी मसळून शेतामध्ये पिकाच्या बुडाशी ड्रेंचिंग करावे.  धन्यवाद! Maharashtra MH 29-11-2022 Disable
11143 VIF-1-Nanded-Mahur-30-11 VIF-1-Nanded-Mahur शेतकऱ्यांसाठी सूचना  कापूस - बोन्ड अळीच्या नियंत्रणासाठी प्रत्येक आठवड्याला एकरी शेतातून २० कपाशीचे झाडे निवडून, त्यातील प्रत्येक झाडावरील फुले, पात्या ह्यांची संख्या मोजून त्यात गुलाबी बोन्डअळी  ग्रस्तफुले, पात्या व बोन्डे यांची टक्केवारी काढावी. प्रादुर्भावग्रस्त झाडांची टक्केवारी ५ ते १० टक्के असल्यास इथिओन ५० टक्के प्रवाही १५ ते २० मिली. किंवा सायपरमेथ्रीन १० टक्के प्रवाही ७ मिली. या पैकी कोणतेही एक कीटकनाशक प्रति १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. तसेच आधी लावलेल्या फेरोमोन ट्रॅप मधील गोळी (लूर) २० च्या वॉर झाले असेल तर बदलावी. हरभरा - हरभरा पिकास मर/मूळकुज रोगास बळी पडलेलेआहे. त्याच्या नियंत्रणासाठी बाधित झाडे उपटून नष्ट करावे व त्यानंतर १०० लिटर पाण्यामध्ये ५०० ग्राम ट्रॅकोडर्मा विरडी मसळून शेतामध्ये पिकाच्या बुडाशी ड्रेंचिंग करावे.  धन्यवाद! Maharashtra MH 29-11-2022 Disable
11144 VIF-1-Nagpur-Kalmeshwar-30-11 VIF-1-Nagpur-Kalmeshwar शेतकऱ्यांसाठी सूचना  कापूस - बोन्ड अळीच्या नियंत्रणासाठी प्रत्येक आठवड्याला एकरी शेतातून २० कपाशीचे झाडे निवडून, त्यातील प्रत्येक झाडावरील फुले, पात्या ह्यांची संख्या मोजून त्यात गुलाबी बोन्डअळी  ग्रस्तफुले, पात्या व बोन्डे यांची टक्केवारी काढावी. प्रादुर्भावग्रस्त झाडांची टक्केवारी ५ ते १० टक्के असल्यास इथिओन ५० टक्के प्रवाही १५ ते २० मिली. किंवा सायपरमेथ्रीन १० टक्के प्रवाही ७ मिली. या पैकी कोणतेही एक कीटकनाशक प्रति १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. तसेच आधी लावलेल्या फेरोमोन ट्रॅप मधील गोळी (लूर) २० च्या वॉर झाले असेल तर बदलावी. हरभरा - हरभरा पिकास मर/मूळकुज रोगास बळी पडलेलेआहे. त्याच्या नियंत्रणासाठी बाधित झाडे उपटून नष्ट करावे व त्यानंतर १०० लिटर पाण्यामध्ये ५०० ग्राम ट्रॅकोडर्मा विरडी मसळून शेतामध्ये पिकाच्या बुडाशी ड्रेंचिंग करावे.  धन्यवाद! Maharashtra MH 29-11-2022 Disable
11145 VIF-1-Amravati-Talegaon-30-11-22 VIF-1-Amravati-Talegaon शेतकऱ्यांसाठी सूचना  कापूस - बोन्ड अळीच्या नियंत्रणासाठी प्रत्येक आठवड्याला एकरी शेतातून २० कपाशीचे झाडे निवडून, त्यातील प्रत्येक झाडावरील फुले, पात्या ह्यांची संख्या मोजून त्यात गुलाबी बोन्डअळी  ग्रस्तफुले, पात्या व बोन्डे यांची टक्केवारी काढावी. प्रादुर्भावग्रस्त झाडांची टक्केवारी ५ ते १० टक्के असल्यास इथिओन ५० टक्के प्रवाही १५ ते २० मिली. किंवा सायपरमेथ्रीन १० टक्के प्रवाही ७ मिली. या पैकी कोणतेही एक कीटकनाशक प्रति १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. तसेच आधी लावलेल्या फेरोमोन ट्रॅप मधील गोळी (लूर) २० च्या वॉर झाले असेल तर बदलावी. हरभरा - हरभरा पिकास मर/मूळकुज रोगास बळी पडलेलेआहे. त्याच्या नियंत्रणासाठी बाधित झाडे उपटून नष्ट करावे व त्यानंतर १०० लिटर पाण्यामध्ये ५०० ग्राम ट्रॅकोडर्मा विरडी मसळून शेतामध्ये पिकाच्या बुडाशी ड्रेंचिंग करावे.  धन्यवाद! Maharashtra MH 29-11-2022 Disable
11146 गेहू मे कीट प्रबंधन गेहूँ मे कही कही जड़ माहु कीट का प्रकोप देखने को मिल रहा है I जड़ माहू कीट गेहूं की जड़ भाग में रहकर रस चूसता है I प्रभावित पौधे धीरे-धीरे पीले पड़ने लगते हैं I जिससे पौधा कमजोर हो जाता है I कल्ले कम निकलते हैं जिससे उत्पादन घट जाता है I इसके नियंत्रण के लिये जड़ माहु के प्रकोप प्रारंभ होते ही इमिडाक्लोप्रिड 200 S L 500 मिलीलीटर या थायोमेथाक्सोम 25 WG 250 ग्राम या क्लोथियानिडीन 50 WG 375 ग्राम प्रति हेक्टेयर का छिड़काव करें I जड़ माहु की संख्या कम करने में परभक्षी कीट जैसे लेडीबर्ड बीटल, बास्प एवं लेसविंग मदद करते है स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I सोलिडरिडाड, स्मार्ट एग्री कार्यक्रम सम्पर्क: मो. न. 8251071818 Madhya Pradesh MP 29-11-2022 Disable
11147 लहसुन मे थ्रिप्स प्रबंधन लहसुन की फसल मे थ्रिप्स प्रमुख कीट है लहसुन की फसल में रोपण के बाद 45 दिनों तक थ्रिप्स का प्रकोप संभावित है, जिसमें पत्तियों पर चांदी जैसे सफ़ेद धब्बे बनाते है और अधिक प्रकोप होने पर पुरे पौधे विकृत और सफ़ेद दिखने लगते है I इसके नियंत्रण के लिये फिप्रोनील 0.2 % का प्रयोग करें या 1 मिली लेम्डासाइलोथ्रीन प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करे | थ्रिप्स के जैविक नियंत्रण के लिए 6 नीले स्टिकी कार्ड प्रति एकर लगाए एवं नीम कीट नाशक 300 पी पी एम 5 मिली अथवा वर्टीसिलीयम लेकानी 5 मिली प्रति लीटर पानी के हिसाब से (8 दिन के अंतराल से 3 बार ) छिड़काब करे I स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I सोलिडरिडाड, स्मार्ट एग्री कार्यक्रम सम्पर्क: मो. न. 8251071818 Madhya Pradesh MP 29-11-2022 Disable
11148 November Last Week Advisory Shahjahanpur आगामी 27 नवम्बर से 4 दिसंबर के दौरान शाहजहांपुर के वायुमंडलीय तापमान में बहुत बदलाव नहीं होगाI दिन का अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेंटीग्रेड तक तथा रात का न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेंटीग्रेड तक बना रहेगाI आर्द्रता 32 से 80 प्रतिशत रहेगी, सप्ताह के दौरान आसमान साफ रहेगा और पाला पड़ने की सम्भावना नहीं हैI मिलों के चल जाने के कारण इस समय गन्ना कटाई का काम इस समय जोरों से जारी हैI कटे जाने वाले गन्नो का पूरा वजन लेने के लिए वातावरण में ओस को ध्यान में रखते हुए खेत में नमी की जाँच करते रहें, खेत को गीला न होनें दें I गन्ने की जड़ के पास से कटाई करके गन्ने को मिल में ले जाएँI गन्ने की छिलाई के बाद सूखी पत्तियों को खेत में ही बिछा कर उसे सड़ायें जिससे खेत में ही कार्बनिक खाद तैयार होI इस काम के लिए वेस्ट डीकोम्पोसर का उपयोग किया जा सकता हैI गन्ना काटने के बाद पैडी और पैडी गन्ने के बाद लेडी अवश्य लें इससे लागत में 30 प्रतिशत तक कमी आती हैI पैडी या लेडी फसलों में गैप फिलिंग अवश्य करें जिससे गन्ने की पैदावार अधिक हो और लाभ को बढाया जा सकेI इस साल बोये गए शरद कालीन गन्ने की बुवाई को यदि 50 से 60 दिन हो गए है तो 4-4 किलोग्राम अजेतोबैक्टर और पी एस बी को गोबर की खाद में मिला कर प्रति एकड़ की दर से उपयोग किया जा सकता हैI जो किसान साथी गन्ने से पहले गेंहू की फसल लेना चाहते हैं वह एफ आई आर बी विधि से गेंहू की बुवाई करें तथा पहली सिंचाई पर गन्ने के पौध को लगायें I इसके लिए किसान साथियों को यह भी सलाह दी जाती है कि गन्ने की एस.टी.पी. विधि से नर्सरी लगायेंI नर्सरी के लिए बीज अगेती किस्म के गन्ने का ही लेंI अंतः फसल के रूप में लिए जा रहे सरसों, तोरिया, लाही आदि फसलों में बुवाई के 30 दिन के बाद सिंचाई अवश्य करें जिससे फूल खिलने और दानों के बनने में मदद मिलेI आलू की फसल में मिट्टी चढाने का काम अवश्य करेंI इस समय चीनी मिल से निकलने वाली मैली का उपयोग अपने खेतों में अवश्य करें इससे मिट्टी में माइक्रो न्यूट्रीएंट की कमी पूरी होती हैI ‘स्मार्ट एग्री कार्यक्रम’ की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Uttar Pradesh Uttar Pradesh 24-11-2022 Disable
11149 November last week Advisory Lakhimpur 24-11-2022 आगामी 27 नवम्बर से 4 दिसंबर के दौरान लखीमपुर के वायुमंडलीय तापमान में बहुत बदलाव नहीं होगाI दिन का अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेंटीग्रेड तक तथा रात का न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेंटीग्रेड तक बना रहेगाI आर्द्रता 32 से 80 प्रतिशत रहेगी, सप्ताह के दौरान आसमान साफ रहेगा और पाला पड़ने की सम्भावना नहीं हैI मिलों के चल जाने के कारण इस समय गन्ना कटाई का काम इस समय जोरों से जारी हैI कटे जाने वाले गन्नो का पूरा वजन लेने के लिए वातावरण में ओस को ध्यान में रखते हुए खेत में नमी की जाँच करते रहें, खेत को गीला न होनें दें I गन्ने की जड़ के पास से कटाई करके गन्ने को मिल में ले जाएँI गन्ने की छिलाई के बाद सूखी पत्तियों को खेत में ही बिछा कर उसे सड़ायें जिससे खेत में ही कार्बनिक खाद तैयार होI इस काम के लिए वेस्ट डीकोम्पोसर का उपयोग किया जा सकता हैI गन्ना काटने के बाद पैडी और पैडी गन्ने के बाद लेडी अवश्य लें इससे लागत में 30 प्रतिशत तक कमी आती हैI पैडी या लेडी फसलों में गैप फिलिंग अवश्य करें जिससे गन्ने की पैदावार अधिक हो और लाभ को बढाया जा सकेI इस साल बोये गए शरद कालीन गन्ने की बुवाई को यदि 50 से 60 दिन हो गए है तो 4-4 किलोग्राम अजेतोबैक्टर और पी एस बी को गोबर की खाद में मिला कर प्रति एकड़ की दर से उपयोग किया जा सकता हैI जो किसान साथी गन्ने से पहले गेंहू की फसल लेना चाहते हैं वह एफ आई आर बी विधि से गेंहू की बुवाई करें तथा पहली सिंचाई पर गन्ने के पौध को लगायें I इसके लिए किसान साथियों को यह भी सलाह दी जाती है कि गन्ने की एस.टी.पी. विधि से नर्सरी लगायेंI नर्सरी के लिए बीज अगेती किस्म के गन्ने का ही लेंI अंतः फसल के रूप में लिए जा रहे सरसों, तोरिया, लाही आदि फसलों में बुवाई के 30 दिन के बाद सिंचाई अवश्य करें जिससे फूल खिलने और दानों के बनने में मदद मिलेI आलू की फसल में मिट्टी चढाने का काम अवश्य करेंI इस समय चीनी मिल से निकलने वाली मैली का उपयोग अपने खेतों में अवश्य करें इससे मिट्टी में माइक्रो न्यूट्रीएंट की कमी पूरी होती हैI ‘स्मार्ट एग्री कार्यक्रम’ की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Uttar Pradesh Uttar Pradesh 24-11-2022 Disable
11150 Advisory November Last week प्रिय किसान साथियों, आगामी 27 नवम्बर से 4 दिसंबर के दौरान हरदोई के वायुमंडलीय तापमान में बहुत बदलाव नहीं होगाI दिन का अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेंटीग्रेड तक तथा रात का न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेंटीग्रेड तक बना रहेगाI आर्द्रता 32 से 80 प्रतिशत रहेगी, सप्ताह के दौरान आसमान साफ रहेगा और पाला पड़ने की सम्भावना नहीं हैI मिलों के चल जाने के कारण इस समय गन्ना कटाई का काम इस समय जोरों से जारी हैI कटे जाने वाले गन्नो का पूरा वजन लेने के लिए वातावरण में ओस को ध्यान में रखते हुए खेत में नमी की जाँच करते रहें, खेत को गीला न होनें दें I गन्ने की जड़ के पास से कटाई करके गन्ने को मिल में ले जाएँI गन्ने की छिलाई के बाद सूखी पत्तियों को खेत में ही बिछा कर उसे सड़ायें जिससे खेत में ही कार्बनिक खाद तैयार होI इस काम के लिए वेस्ट डीकोम्पोसर का उपयोग किया जा सकता हैI गन्ना काटने के बाद पैडी और पैडी गन्ने के बाद लेडी अवश्य लें इससे लागत में 30 प्रतिशत तक कमी आती हैI पैडी या लेडी फसलों में गैप फिलिंग अवश्य करें जिससे गन्ने की पैदावार अधिक हो और लाभ को बढाया जा सकेI इस साल बोये गए शरद कालीन गन्ने की बुवाई को यदि 50 से 60 दिन हो गए है तो 4-4 किलोग्राम अजेतोबैक्टर और पी एस बी को गोबर की खाद में मिला कर प्रति एकड़ की दर से उपयोग किया जा सकता हैI जो किसान साथी गन्ने से पहले गेंहू की फसल लेना चाहते हैं वह एफ आई आर बी विधि से गेंहू की बुवाई करें तथा पहली सिंचाई पर गन्ने के पौध को लगायें I इसके लिए किसान साथियों को यह भी सलाह दी जाती है कि गन्ने की एस.टी.पी. विधि से नर्सरी लगायेंI नर्सरी के लिए बीज अगेती किस्म के गन्ने का ही लेंI अंतः फसल के रूप में लिए जा रहे सरसों, तोरिया, लाही आदि फसलों में बुवाई के 30 दिन के बाद सिंचाई अवश्य करें जिससे फूल खिलने और दानों के बनने में मदद मिलेI आलू की फसल में मिट्टी चढाने का काम अवश्य करेंI इस समय चीनी मिल से निकलने वाली मैली का उपयोग अपने खेतों में अवश्य करें इससे मिट्टी में माइक्रो न्यूट्रीएंट की कमी पूरी होती हैI ‘स्मार्ट एग्री कार्यक्रम’ की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Uttar Pradesh Uttar Pradesh 24-11-2022 Disable