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11831 Advisory_General_Oct_18_2021 असिंचित सरसों की फसल में 40 से 60 किलोग्राम नत्रजन, 20 से 30 किलोग्राम फास्फोरस व 20 किलोग्राम पोटाश व सल्फर की आवश्यकता होती है तथा सिंचित सरसों की फसल में 80 किलोग्राम नाइट्रोजन 50 से 60 किलोग्राम फास्फोरस एवं 20 से 40 किलोग्राम पोटाश व सल्फर की आवश्यकता होती है नत्रजन की पूर्ति अमोनियम सल्फेट द्वारा करना लाभदायक होता है क्योंकि इसमें सल्फर भी होता है जो तेल की मात्रा व गुणवत्ता बढ़ाने के साथ-साथ पौधों में रोग प्रतिरोधकता भी बढ़ाता है I सोलिडरिडाड, स्मार्ट एग्री कार्यक्रम सम्पर्क: मो. न. 8251071818 Rajasthan Rajasthan User 18-10-2021 Disable
11832 Advisory_General_Oct_18_2021 यदि आपने खेत का मिट्टी परीक्षण नहीं करवाया है तो मिट्टी परीक्षण जरूर करवायें I सोयाबीन की फसल कटाई के बाद मिट्टी के नमूना लेने वाली जगह से फसल के अवशेषों को हटा दें I मिट्टी को 15 सेंटीमीटर की गहराई में “V” आकार का गड्ढा खोद कर निकाले I खेत के सभी कोनो और बीच में से नमूना लें और उन्हें अच्छी तरह से मिलाएं I मिट्टी का 500 ग्राम नमूना लें और मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला में परीक्षण करवाएं I सोलिडरिडाड, स्मार्ट एग्री कार्यक्रम सम्पर्क: मो. न. 8251071818 Madhya Pradesh MP 18-10-2021 Disable
11833 General_Advisory_11_10_2021 सरसों की फसल को शुरुआती अवस्था में कीट एवं रोगों से बचाव के लिए रोगमुक्त, स्वस्थ एवं प्रमाणित बीज का ही प्रयोग करें I बीज को उपचारित करके ही बुवाई करें I इसके लिए कार्बनडाज़िम फफूंदीनाशक से 2 ग्राम दवा प्रति किलो बीज की दर से बीजोपचार करे एवं मृदाजनित अन्य रोगों की रोकथाम के लिए ट्राइकोडर्मा से 10 ग्राम प्रति किलो बीज की दर से बीजोपचार करे I सोलिडरिडाड, स्मार्ट एग्री कार्यक्रम सम्पर्क: मो. न. 8251071818 Rajasthan Rajasthan User 12-10-2021 Disable
11834 Advisory_General_Oct_11_2021 गेहूँ एवं चना की उन्नत खेती हेतु खेत की तैयारी करने का उचित समय है I गेहूं की खेत की तैयारी तथा सिंचाई जल उपयोगिता बढ़ाने के लिए खरीफ की फसल काटते ही एक सप्ताह के अंदर जुताई करना लाभदायक होता है I अतः पहली जुताई मिट्टी पलटने वाले हल से तथा बाद में डिस्क हैरो या कल्टीवेटर से 2-3 जुताई कर खेत को समतल एवं भुरभुरा बना लेI सोलिडरिडाड, स्मार्ट एग्री कार्यक्रम सम्पर्क: मो. न. 8251071818 Madhya Pradesh MP 12-10-2021 Disable
11835 Autumn Planting किसान भाइयों और बहनों, शरद कालीन गन्ने की बोवाई इस सप्ताह में अवश्य कर लें I उसमे अंतः फसल लेना न भूलें ताकि कुल आमदनी में बढ़ोत्तरी की जा सके I यदि शरद कालीन गन्ने की बोवाई पहले कर ली है तो उस फसल में खर-पतवार नियंत्रण का ध्यान रखें अन्यथा यह खर-पतवार गन्ने और अंतः फसल को दिए गए पोषक तत्वों का उपयोग कर लेंगे और फसलें कमजोर होंगी I जिन किसानों ने शरद कालीन गन्ना सितम्बर माह में बो दिया है वह किसान पहले पानी पर ४ किलो अजेटोबैक्टर + ४ किलो पी एस बी को १०० किलो ग्राम गोबर की खाद में मिला कर नमी की अवस्था में १० दिन के अन्तराल पर लाइनों में डाले I इसको उर्वरकों के साथ न मिलाये I सोलिडरिडाड ‘स्मार्ट एग्री कार्यक्रम’ की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करें I Uttar Pradesh Uttar Pradesh 12-10-2021 Disable
11836 Sugarcane Agronomy किसान भाइयों और बहनों, हाल ही में आपके इलाके के कुछ गावों में वर्षा हुई है जिससे खेतों में गन्ना गिर गया गया है I ऐसे गन्नों को तुरंत उठा कर बंधाई करे I ऐसे खेतों में प्रति एकड़ की दर से २-३ किलोग्राम फास्फोरिक एसिड (एग्रीकल्चर ग्रेड) को 400 लीटर पानी में घोल कर गन्ने की जड़ों के पास डालें I आज कल वायुमंडल का तापक्रम दिन प्रतिदिन काम होता जा रहा है जिससे गन्ने की फसल अब परिपक्वता की अवस्था में आ जायेगी और इसकी बढ़वार रुकेगी I इस अवस्था में निम्न बातों का ध्यान रखे – १. गन्ने की खड़ी फसल में हलकी नमी बनाये रखें जिससे गन्ना अच्छी तरह पके और गन्ने के वजन में बढ़ोत्तरी हो I अधिक पानी न लगाये इससे गन्ना गिरेगा I २. गन्ने को लाल सडन रोग, पायरीला कीट और जड़ बेधक कीट से बचाए रखने के लिए फसल का लगातार निरीक्षण करें और जरुरत के अनुसार रोकथाम करें I ‘स्मार्ट एग्री कार्यक्रम’ की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करें I Uttar Pradesh Uttar Pradesh 12-10-2021 Disable
11837 VIF 1 Nanded Text Advisory 12 Oct 201 सोयाबीनची मळणी झाल्यानंतर सोयाबीनचे बियाणे सिमेंटच्या खळ्यावर किंवा ताडपत्रीवर एकसारखे पसरावे. बियाण्यातील आर्द्रता 10 ते 12 टक्के होईपर्यंत उन्हात वाळवावे. समान आकाराचे बियाणे मिळण्यासाठी 4 मिमी. लंबवर्तुळाकार आकाराचे छिद्र असलेल्या चाळण्यांचा वापर करावा. बियाणे वाळवताना सोयाबीनमधील ओलाव्याच्या प्रमाणावर लक्ष ठेवणे गरजेचे आहे. अधिक ओलावा असल्यास बुरशीची वाढ होऊन बियाण्याच्या प्रतीवर परिणाम होतो. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट अॅग्री प्रोग्राम, संपर्क मोबा. क्र. 9158261922. MHPilot Mhpilot 11-10-2021 Disable
11838 VIF 1 Yavatmal Text Advisory 11 Oct 2021 सोयाबीनची मळणी झाल्यानंतर सोयाबीनचे बियाणे सिमेंटच्या खळ्यावर किंवा ताडपत्रीवर एकसारखे पसरावे. बियाण्यातील आर्द्रता 10 ते 12 टक्के होईपर्यंत उन्हात वाळवावे. समान आकाराचे बियाणे मिळण्यासाठी 4 मिमी. लंबवर्तुळाकार आकाराचे छिद्र असलेल्या चाळण्यांचा वापर करावा. बियाणे वाळवताना सोयाबीनमधील ओलाव्याच्या प्रमाणावर लक्ष ठेवणे गरजेचे आहे. अधिक ओलावा असल्यास बुरशीची वाढ होऊन बियाण्याच्या प्रतीवर परिणाम होतो. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट अॅग्री प्रोग्राम, संपर्क मोबा. क्र. 9158261922. MHPilot Mhpilot 11-10-2021 Disable
11839 VIF 1 Amrvati Text Advisory 12 Oct 2021 सोयाबीनची मळणी झाल्यानंतर सोयाबीनचे बियाणे सिमेंटच्या खळ्यावर किंवा ताडपत्रीवर एकसारखे पसरावे. बियाण्यातील आर्द्रता 10 ते 12 टक्के होईपर्यंत उन्हात वाळवावे. समान आकाराचे बियाणे मिळण्यासाठी 4 मिमी. लंबवर्तुळाकार आकाराचे छिद्र असलेल्या चाळण्यांचा वापर करावा. बियाणे वाळवताना सोयाबीनमधील ओलाव्याच्या प्रमाणावर लक्ष ठेवणे गरजेचे आहे. अधिक ओलावा असल्यास बुरशीची वाढ होऊन बियाण्याच्या प्रतीवर परिणाम होतो. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट अॅग्री प्रोग्राम, संपर्क मोबा. क्र. 9158261922. MHPilot Mhpilot 11-10-2021 Disable
11840 VIF 1 Wardha Text Advisory 12 Oct 201 सोयाबीनची मळणी झाल्यानंतर सोयाबीनचे बियाणे सिमेंटच्या खळ्यावर किंवा ताडपत्रीवर एकसारखे पसरावे. बियाण्यातील आर्द्रता 10 ते 12 टक्के होईपर्यंत उन्हात वाळवावे. समान आकाराचे बियाणे मिळण्यासाठी 4 मिमी. लंबवर्तुळाकार आकाराचे छिद्र असलेल्या चाळण्यांचा वापर करावा. बियाणे वाळवताना सोयाबीनमधील ओलाव्याच्या प्रमाणावर लक्ष ठेवणे गरजेचे आहे. अधिक ओलावा असल्यास बुरशीची वाढ होऊन बियाण्याच्या प्रतीवर परिणाम होतो. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट अॅग्री प्रोग्राम, संपर्क मोबा. क्र. 9158261922. MHPilot Mhpilot 11-10-2021 Disable