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11911 Advisory_General_Aug_23_2021 उड़द की खड़ी फसल में खरपतवार नियंत्रण के लिए बुआई के 15 से 20 दिनों बाद इमज़ेथापायर 10 एस.एल. 50 ग्राम सक्रिय तत्व प्रति हेक्टेयर कि दर से मृदा में पर्याप्त नमी होने की अवस्था में छिड़काव करना चाहिए I सोयाबीन व अन्य फसलों के लिए खेत पर निगरानी रखें व कीट व रोगों के प्रबंधन के उपाय करें I अधिक वर्षा की स्थिति में पानी के निकास की व्यवस्था करें I सोलिडरिडाड, स्मार्ट एग्री कार्यक्रम सम्पर्क: मो. न. 8251071818 Rajasthan Rajasthan User 23-08-2021 Disable
11912 Advisory_general_23_Aug_2021 सोयाबीन की फसल में केवल अनुशंसित कीटनाशकों की अनुशंसित मात्रा को पर्याप्त पानी के साथ मिलाकर छिड़काव करें I कभी भी एक कीटनाशक का लगातार प्रयोग नहीं करना चाहिये I आवश्यकता पड़ने पर उसी तरह के स्वाभाव वाले अन्य कीटनाशक का प्रयोग करने से कीटों में प्रतिरोध क्षमता विकसित होने की आशंका कम हो जाती हैI जिन प्रजातियों में फलियाँ जल्दी आती हैं (जैसे जे.एस. 95–60) उनमें चूहों से होने वाले नुकसान से बचने के लिए उचित उपाय अपनाएँ I सोलिडरिडाड, स्मार्ट एग्री कार्यक्रम सम्पर्क: मो. न. 8251071818 Madhya Pradesh MP 23-08-2021 Disable
11913 Text Advisory 17 Aug 2021N फेरोमोन सापळा: सापळा लावण्यासाठी पिकादरम्यान दर 50 मीटर अंतरावर मजबूत काठ्या रोवून घ्याव्यात. या काठीवर पिकाच्या उंचीपेक्षा 1 ते 2 फूट उंचीवर सापळा त्याच्या प्लास्टीक पिशवीचे टोक जमिनीकडे येईल, अशा प्रकारे बांधावा. सापळ्याच्या वरील बाजूला एक छप्पर असून त्यात ल्युअर बसविण्यासाठी एक खाच असते. त्यात ल्युअर बसवावे. एकदा पॅकेटमधून काढल्यानंतर ल्युअरचा वास 20 ते 25 दिवसांपर्यंत टिकतो. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट अॅग्री प्रोग्राम, संपर्क मोबा. क्र. 9158261922. Maharashtra MH 16-08-2021 Disable
11914 Text Advisory 17 Aug 2021 जमिनीच्या अधिक ओलाव्यामुळे होणारे परिणाम:- कपाशी पीक अकाली पिवळे पडणे- कपाशी पिकात सुरूवातीचे 3-4 डवर्‍याचे फेर आटोपल्यानंतर पीक 45- 50 दिवसांचे असताना दोन ओळींमधील जागेत डवर्‍याच्या जानोळ्याला गच्च दोरी गुंडाळून सर्‍या पाडून घ्याव्यात. पातीगळ व बाळबोंडगळ- पीक पाती अवस्थेच्या सुरूवातीला नॅप्थॅलिक अॅसेटीक अॅसिड 5 मिलि प्रति 10 लीटर पाणी याप्रमाणे फवारणी करावी. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट अॅग्री प्रोग्राम, संपर्क मोबा. क्र. 9158261922. Maharashtra MH 16-08-2021 Disable
11915 General_Advisory_16_08_2021 उड़द की फसल में उचित जल निकास सुनिशिचित करे I अधिक नमी के कारण फ़सल में पाउडरी मिल्ड्यू रोग का प्रकोप हो सकता है I इसके लक्षण दिखने पर कार्बेन्डाजिम (1 ग्राम/ली.पानी) या घुलनशील सल्फर (4 ग्राम/ली.पानी) का छिड़काव करें I सोलिडरिडाड, स्मार्ट एग्री कार्यक्रम सम्पर्क: मो. न. 8251071818 Rajasthan Rajasthan User 16-08-2021 Disable
11916 Advisory_general_16_08_2021 सोयाबीन की फसल में चक्र भृंग (गर्डल बीटल ) के साथ साथ पत्ती खाने वाली इल्लियों का प्रकोप होने पर इनके नियंत्रण हेतु किसानों को सलाह दी जाती है I कि वे पूर्व मिश्रित कीटनाशक छिड़काव का स्प्रे करें। थियामेथोक्सम + लैम्ब्डा साइहलोथ्रिन (१२५ मिली/हेक्टेयर) या बीटासीफ्लुथ्रिन + इमिडाक्लोप्रिड (३५० मिली/हेक्टेयर या इमामेक्टीन बेन्जोएट (425 मिलीलीटर / है.) का 500 लीटर पानी के साथ प्रति हेक्टेयर में छिड़काव करें एवं खेत में विभिन्न स्थानों पर (बर्ड पर्च) लकडी् की “T” आकार की खूंटी स्थापित करें सोलिडरिडाड, स्मार्ट एग्री कार्यक्रम सम्पर्क: मो. न. 8251071818 Madhya Pradesh MP 16-08-2021 Disable
11917 Text Advisory 10 Aug 2021 जमिनीच्या अधिक ओलाव्यामुळेहोणारे परिणाम:- कपाशी पीक अकाली पिवळे पडणे-कपाशी पिकात सुरूवातीचे 3-4 डवर्याटचे फेर आटोपल्यानंतर पीक 45- 50 दिवसांचे असताना दोन ओळींमधील जागेत डवर्या च्या जानोळ्याला गच्च दोरी गुंडाळून सर्याअ पाडून घ्याव्यात. पातीगळ व बाळबोंडगळ-पीक पाती अवस्थेच्या सुरूवातीला नॅप्थॅलिक अॅसेटीक अॅसिड 5 मिलि प्रति 10 लीटर पाणी याप्रमाणे फवारणी करावी. सॉलिडरीडॅडस्मार्ट अॅग्री प्रोग्राम, संपर्क मोबा. क्र. 9158261922. Maharashtra MH 09-08-2021 Disable
11918 General_Advisory_09_08_2021 उड़द की फसल में उचित जल निकास सुनिशिचित करे I पूरे खेत का निरिक्षण करे यदि अधिक वर्षा के कारण पौधो की संख्या बहुत कम हैंI अच्छी पैदावार पाने के लिये पुनः बुवाई करें I सोलिडरिडाड, स्मार्ट एग्री कार्यक्रम सम्पर्क: मो. न. 8251071818 Rajasthan Rajasthan User 09-08-2021 Disable
11919 Advisory_general_09th_Aug_2021 सोयाबीन की फसल में यदि पत्ती, तना तथा फलियों पर अनियमित भूरे काले छोटे से बड़े आकार के धब्बे दिखाई देते हैं तो यह फफूंद जनित एन्थ्रेकनोज नामक बीमारी का प्रकोप होने संकेत है इस रोग के नियंत्रण हेतु सलाह है कि टेबूकोनाझोल 625 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर अथवा हैक्जाकोनोझोल 5 प्रतिशत ईसी 800 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर से छिड़काव करें I तम्बाखू की इल्ली एवां चने की इल्ली के प्रबंधन के लिये कीट विशेष फेरोमोन्स ट्रैप्स एवं खेत में बर्ड पर्च (T आकार की खूंटी ) लगाने से कीट-भक्षी पक्षियों द्वारा भी इल्लियो की संख्या कम करने में सहायता मिलती हैI सोलिडरिडाड, स्मार्ट एग्री कार्यक्रम सम्पर्क: मो. न. 8251071818 Madhya Pradesh MP 09-08-2021 Disable
11920 Advisory_general_02_08_2021 सोयाबीन में फूल आने का समय हो गया हो या फूल आने लगे हैं, अतः कृषक इल्लियों की रोकथाम के समुचित उपाय करें.I जिस तरह रुक रुक कर वर्षा हो रही है, इल्लियों पत्तियों को छोड़ कर फ़ूलों को खाना पसंद करती हैं, जिससे सोयाबीन में अफलन की स्थिति बनती है I जल भराव से बचने के लिए पानी की उचित निकासी की व्यवस्था करें I सोलिडरिडाड, स्मार्ट एग्री कार्यक्रम सम्पर्क: मो. न. 8251071818 Madhya Pradesh MP 02-08-2021 Disable