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12141 Text Advisory 17 Aug 2021 जमिनीच्या अधिक ओलाव्यामुळे होणारे परिणाम:- कपाशी पीक अकाली पिवळे पडणे- कपाशी पिकात सुरूवातीचे 3-4 डवर्‍याचे फेर आटोपल्यानंतर पीक 45- 50 दिवसांचे असताना दोन ओळींमधील जागेत डवर्‍याच्या जानोळ्याला गच्च दोरी गुंडाळून सर्‍या पाडून घ्याव्यात. पातीगळ व बाळबोंडगळ- पीक पाती अवस्थेच्या सुरूवातीला नॅप्थॅलिक अॅसेटीक अॅसिड 5 मिलि प्रति 10 लीटर पाणी याप्रमाणे फवारणी करावी. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट अॅग्री प्रोग्राम, संपर्क मोबा. क्र. 9158261922. Maharashtra MH 16-08-2021 Disable
12142 General_Advisory_16_08_2021 उड़द की फसल में उचित जल निकास सुनिशिचित करे I अधिक नमी के कारण फ़सल में पाउडरी मिल्ड्यू रोग का प्रकोप हो सकता है I इसके लक्षण दिखने पर कार्बेन्डाजिम (1 ग्राम/ली.पानी) या घुलनशील सल्फर (4 ग्राम/ली.पानी) का छिड़काव करें I सोलिडरिडाड, स्मार्ट एग्री कार्यक्रम सम्पर्क: मो. न. 8251071818 Rajasthan Rajasthan User 16-08-2021 Disable
12143 Advisory_general_16_08_2021 सोयाबीन की फसल में चक्र भृंग (गर्डल बीटल ) के साथ साथ पत्ती खाने वाली इल्लियों का प्रकोप होने पर इनके नियंत्रण हेतु किसानों को सलाह दी जाती है I कि वे पूर्व मिश्रित कीटनाशक छिड़काव का स्प्रे करें। थियामेथोक्सम + लैम्ब्डा साइहलोथ्रिन (१२५ मिली/हेक्टेयर) या बीटासीफ्लुथ्रिन + इमिडाक्लोप्रिड (३५० मिली/हेक्टेयर या इमामेक्टीन बेन्जोएट (425 मिलीलीटर / है.) का 500 लीटर पानी के साथ प्रति हेक्टेयर में छिड़काव करें एवं खेत में विभिन्न स्थानों पर (बर्ड पर्च) लकडी् की “T” आकार की खूंटी स्थापित करें सोलिडरिडाड, स्मार्ट एग्री कार्यक्रम सम्पर्क: मो. न. 8251071818 Madhya Pradesh MP 16-08-2021 Disable
12144 Text Advisory 10 Aug 2021 जमिनीच्या अधिक ओलाव्यामुळेहोणारे परिणाम:- कपाशी पीक अकाली पिवळे पडणे-कपाशी पिकात सुरूवातीचे 3-4 डवर्याटचे फेर आटोपल्यानंतर पीक 45- 50 दिवसांचे असताना दोन ओळींमधील जागेत डवर्या च्या जानोळ्याला गच्च दोरी गुंडाळून सर्याअ पाडून घ्याव्यात. पातीगळ व बाळबोंडगळ-पीक पाती अवस्थेच्या सुरूवातीला नॅप्थॅलिक अॅसेटीक अॅसिड 5 मिलि प्रति 10 लीटर पाणी याप्रमाणे फवारणी करावी. सॉलिडरीडॅडस्मार्ट अॅग्री प्रोग्राम, संपर्क मोबा. क्र. 9158261922. Maharashtra MH 09-08-2021 Disable
12145 General_Advisory_09_08_2021 उड़द की फसल में उचित जल निकास सुनिशिचित करे I पूरे खेत का निरिक्षण करे यदि अधिक वर्षा के कारण पौधो की संख्या बहुत कम हैंI अच्छी पैदावार पाने के लिये पुनः बुवाई करें I सोलिडरिडाड, स्मार्ट एग्री कार्यक्रम सम्पर्क: मो. न. 8251071818 Rajasthan Rajasthan User 09-08-2021 Disable
12146 Advisory_general_09th_Aug_2021 सोयाबीन की फसल में यदि पत्ती, तना तथा फलियों पर अनियमित भूरे काले छोटे से बड़े आकार के धब्बे दिखाई देते हैं तो यह फफूंद जनित एन्थ्रेकनोज नामक बीमारी का प्रकोप होने संकेत है इस रोग के नियंत्रण हेतु सलाह है कि टेबूकोनाझोल 625 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर अथवा हैक्जाकोनोझोल 5 प्रतिशत ईसी 800 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर से छिड़काव करें I तम्बाखू की इल्ली एवां चने की इल्ली के प्रबंधन के लिये कीट विशेष फेरोमोन्स ट्रैप्स एवं खेत में बर्ड पर्च (T आकार की खूंटी ) लगाने से कीट-भक्षी पक्षियों द्वारा भी इल्लियो की संख्या कम करने में सहायता मिलती हैI सोलिडरिडाड, स्मार्ट एग्री कार्यक्रम सम्पर्क: मो. न. 8251071818 Madhya Pradesh MP 09-08-2021 Disable
12147 Advisory_general_02_08_2021 सोयाबीन में फूल आने का समय हो गया हो या फूल आने लगे हैं, अतः कृषक इल्लियों की रोकथाम के समुचित उपाय करें.I जिस तरह रुक रुक कर वर्षा हो रही है, इल्लियों पत्तियों को छोड़ कर फ़ूलों को खाना पसंद करती हैं, जिससे सोयाबीन में अफलन की स्थिति बनती है I जल भराव से बचने के लिए पानी की उचित निकासी की व्यवस्था करें I सोलिडरिडाड, स्मार्ट एग्री कार्यक्रम सम्पर्क: मो. न. 8251071818 Madhya Pradesh MP 02-08-2021 Disable
12148 Text_Advisory_3 Aug 2021 कापूस पिकावर येणार्‍या मावा, तुडतुडे, फुलकिडे यांच्या नियंत्रणासाठी बुप्रोफेझिन 20% एससी 20 मिलि किंवा फ्लोनिकॅमीड 50 डब्ल्यूजी 3 ग्रॅम 10 लीटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. गुलाबी बोंडअळीच्या नियंत्रणासाठी लागवडीच्या 45 दिवसानंतर सर्वेक्षणासाठी हेक्टरी 5 याप्रमाणे कामगंध सापळे लावावेत. सामूहिकरित्या पतंग गोळा करण्यासाठी हेक्टरी 20 सापळे लावावेत. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट अॅग्री प्रोग्राम, संपर्क मोबा. क्र. 9158261922. Maharashtra MH 02-08-2021 Disable
12149 Advisory 26.07.2021 सोयाबीन के समन्वित कीट प्रबंधन के अंतर्गत जैविक विधियों से कीट नियंत्रण हेतु पत्ती खाने वाली इल्लियॉ (सेमीलूपर, तम्बाखू की इल्ली ) की छोटी अवस्था में रोकथाम हेतु बैसिलस थुरिन्जिएन्सिस अथवा ब्यूवेरिया बेसियाना (1.0 ली./हेक्टे.) का प्रयोग कर सकते हैं I इसी प्रकार तम्बाखू की इल्ली एवां चने की इल्ली के प्रबंधन के लिये कीट विशेष फेरोमोन्स ट्रैप्स एवं वायरस आधारित एन.पी.वी. (250 एल.ई./हेक्टे.) भी असरदार होते हैं.I खेत में बर्ड पर्च (टी आकर की खूंटी ) लगाने से कीट-भक्षी पक्षियों द्वारा भी इल्लियो की संख्या कम करने में सहायता मिलती हैI सोलिडरिडाड, स्मार्ट एग्री कार्यक्रम सम्पर्क: मो. न. 8251071818 Madhya Pradesh MP 25-07-2021 Disable
12150 Text Advisory 26 July 2021 अंकुरण ते रोपावस्थेतील कपाशी पिकावर काही भागात मिलिपीड किंवा वाणी किडीच्या प्रादुर्भावाने मोठ्या प्रमाणात नुकसान झाल्याचे आढळून येत आहे. पीक रोपावस्थेत असताना रोपट्याच्या बुंध्याशी आपले डोके खुपसून अंकुरलेले दाणे किंवा आत शिल्लक असलेले बी खातात. उगवलेल्या रोपांची सुरुवातीची जाड पाने व नंतर येणारी कोवळी पाने खातात. रोपट्यांचा बुंधा जमिनीलगत कुरतडल्याने रोपे सुकतात. सॉलिडरीडॅडस्मार्ट अॅग्री प्रोग्राम, संपर्क मोबा. क्र. 9158261922. Maharashtra MH 24-07-2021 Disable