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151 VIL-Amravati-Dhamangaon-Talegaon-24-06-2026 नमस्कार शेतकरी बंधूंनो...सॉलिडरीडॅड, वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन आणि एरिक्सन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे.धामणगाव तालुक्यातील तळेगाव दशांसार येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे दिनांक २४ जून २०२६ ते दिनांक ४ जुलै २०२६ दरम्यानचा हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान २६ ते २८ अंश सेल्सियस तर कमाल ३१ ते ३६ अंश सेल्सियस राहण्याची शक्यता आहे. या कालावधीत वातावरण ढगाळ राहून पाऊस पडण्याची शक्यता आहे. वातावरणीय बदलास अनुसरून शेती (Climate Resilient Agriculture) करण्यास खालील बाबींचा विचार करावा. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:- शेतकरी बंधूंनी सलग दोन ते तीन दिवसात ७५ मिली. पाऊस झाल्यास सोयाबीनची व १०० मिली. पाऊस झाल्यास कापूस पिकाची पेरणी करावी अन्यथा पेरणीची घाई करू नये. पेरणीपूर्व सर्व बियाण्यांची (विशेषत:सोयाबीनची) उगवणशक्ती घरीच तपासावी. बियाण्यांची उगवण क्षमता ७० ते ८० टक्के पर्यंत असल्यास पेरणीसाठी बियाणे वापरावे. ६०% पर्यंत उगवण क्षमता असल्यास बियाण्याची मात्रा वाढवावी. यामुळे हेक्टरी झाडांची योग्य संख्या राहून चांगले उत्पादन मिळते. येणाऱ्या खरीप हंगामासाठी इतर पीक व कपाशीसाठी लागणारे बीटी तसेच सुधारीत व सरळ वाणाचे बियाणे, सेंद्रिय व रासायनिक खते तसेच बागायती कपाशी ठिंबक सिंचनावर घ्यावयाची असल्यास ठिंबक संचाची मांडणी व इतर लागणारे साहित्याचे नियोजन करावे. पेरणीपूर्व बियाण्यांना कापूस पिकासाठी अझाटोब्याक्टर व पी.एस.बी. प्रत्येकी २५ ग्रॅम व ट्रायकोडर्मा ४ ग्रॅम प्रति किलो ह्याप्रमाणे घेऊन बीजप्रक्रिया करावी. सोयाबीन पिकासाठी रायझोबियम २५ ग्रॅम प्रति किलो ह्याप्रमाणे पेरणीपूर्व बीजप्रक्रिया करावी. कापूस व सोयाबीन पिकातील रसशोषक किडी व अळिवर्गीय किडीच्या प्राथमिक नियंत्रणासाठी निंबोळी व दशपर्णी अर्क अगोदरच तयार करून ठेवावे. शेतकऱ्यांनी कापूस पिकांत आंतरपीक म्हणून मुंग, उडीद किंवा चवळी ह्या पिकांची लागवड करावी त्यामुळे प्राथमिक स्वरूपातील रस शोषक किडींचे नियंत्रण होईल. अळिवर्गीय किडीमध्ये हिरवी बोण्डअळी, तंबाखुची पाणे खाणारी अळी, उंटअळी व गुलाबी बोण्डअळीच्या एकात्मिक व्यवस्थापनासाठी पिकाच्या भोवती बॉर्डरला सापळापीक म्हणून झेंडू, एरंडी किंवा आंबाडी पिकाची लागवड करावी. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा, मोबाईल क्रमांक ९१५८२६१९२२ धन्यवाद! हि माहिती पुन्हा ऐकण्यास शून्य दाबावे. Maharashtra MH 22-06-2026 Enable
152 VIL-Amravati-dhamangaon-Dabhada-24-06-2026 नमस्कार शेतकरी बंधूंनो...सॉलिडरीडॅड, वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन आणि एरिक्सन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे.धामणगाव तालुक्यातील दाभाडा येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे दिनांक २४ जून २०२६ ते दिनांक ४ जुलै २०२६ दरम्यानचा हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान २६ ते २८ अंश सेल्सियस तर कमाल ३० ते ३६ अंश सेल्सियस राहण्याची शक्यता आहे. या कालावधीत वातावरण ढगाळ राहून पाऊस पडण्याची शक्यता आहे. वातावरणीय बदलास अनुसरून शेती (Climate Resilient Agriculture) करण्यास खालील बाबींचा विचार करावा. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:- शेतकरी बंधूंनी सलग दोन ते तीन दिवसात ७५ मिली. पाऊस झाल्यास सोयाबीनची व १०० मिली. पाऊस झाल्यास कापूस पिकाची पेरणी करावी अन्यथा पेरणीची घाई करू नये. पेरणीपूर्व सर्व बियाण्यांची (विशेषत:सोयाबीनची) उगवणशक्ती घरीच तपासावी. बियाण्यांची उगवण क्षमता ७० ते ८० टक्के पर्यंत असल्यास पेरणीसाठी बियाणे वापरावे. ६०% पर्यंत उगवण क्षमता असल्यास बियाण्याची मात्रा वाढवावी. यामुळे हेक्टरी झाडांची योग्य संख्या राहून चांगले उत्पादन मिळते. येणाऱ्या खरीप हंगामासाठी इतर पीक व कपाशीसाठी लागणारे बीटी तसेच सुधारीत व सरळ वाणाचे बियाणे, सेंद्रिय व रासायनिक खते तसेच बागायती कपाशी ठिंबक सिंचनावर घ्यावयाची असल्यास ठिंबक संचाची मांडणी व इतर लागणारे साहित्याचे नियोजन करावे. पेरणीपूर्व बियाण्यांना कापूस पिकासाठी अझाटोब्याक्टर व पी.एस.बी. प्रत्येकी २५ ग्रॅम व ट्रायकोडर्मा ४ ग्रॅम प्रति किलो ह्याप्रमाणे घेऊन बीजप्रक्रिया करावी. सोयाबीन पिकासाठी रायझोबियम २५ ग्रॅम प्रति किलो ह्याप्रमाणे पेरणीपूर्व बीजप्रक्रिया करावी. कापूस व सोयाबीन पिकातील रसशोषक किडी व अळिवर्गीय किडीच्या प्राथमिक नियंत्रणासाठी निंबोळी व दशपर्णी अर्क अगोदरच तयार करून ठेवावे. शेतकऱ्यांनी कापूस पिकांत आंतरपीक म्हणून मुंग, उडीद किंवा चवळी ह्या पिकांची लागवड करावी त्यामुळे प्राथमिक स्वरूपातील रस शोषक किडींचे नियंत्रण होईल. अळिवर्गीय किडीमध्ये हिरवी बोण्डअळी, तंबाखुची पाणे खाणारी अळी, उंटअळी व गुलाबी बोण्डअळीच्या एकात्मिक व्यवस्थापनासाठी पिकाच्या भोवती बॉर्डरला सापळापीक म्हणून झेंडू, एरंडी किंवा आंबाडी पिकाची लागवड करावी. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा, मोबाईल क्रमांक ९१५८२६१९२२ धन्यवाद! हि माहिती पुन्हा ऐकण्यास शून्य दाबावे. Maharashtra MH 22-06-2026 Enable
153 धान की नर्सरी, ढैचा जुताई के समय पर सलाह 21 जून प्रिय किसान साथियों,वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवम सोलिडेरीडाड संस्था द्वारा संचालित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह जिला अयोध्या एडवांश वेदर स्टेशन के अनुसार 21 जून से 30 जून के दौरान अयोध्या जिले के अनुसार इस सप्ताह दिन का अधिकतम तापमान 37-39 डिग्री सेल्सियस तथा रात्रि का अधिकतम तापमान 26-32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। मौसम में आंशिक बादल छाए रहने,गर्म एवं आर्द्र वातावरण बने रहने तथा कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा होने की संभावना है। हवा की गति पश्चिम उत्तर की दिशा से 2- 16 किमी प्रति घंटा तक रह सकती हैं बढ़ती आद्रता की वजह से जमीन से नमी के वाष्प बनकर हवा में उड़ने की दर में कमी आएगी जो कि 5-7 मिली प्रतिदिन के लगभग होगी । नर्सरी:- धान की नर्सरी में किसान भाई शाम के समय समय पर सिंचाई करते रहें और सुबह के समय पानी दिखने पर नर्सरी से बाहर निकाल दे धान की नर्सरी की अच्छी बढ़वार पीलापन की समस्या दिखने पर सिंचाई से पूर्व जैविक के अंतर्गत जीवामृत का स्प्रे करें ढैचा:- जो किसान ढैंचा की फसल लगाए हुए हैं वह किसान धान की रोपाई से पूर्व ढैंचा हरी खाद की जुताई एक अत्यंत लाभकारी प्रक्रिया है जो खेत की उर्वरता और धान की पैदावार बढ़ती है नाइट्रोजन प्राकृतिक रूप से मिट्टी में मिल जाता है और मिट्टी भुरभुरी व उपजाऊ बनती है । जुताई का समय:-ढैंचे की जुताई का सही समय 40 से 45 दिन की अवस्था मे फूल आने से पहले जुताई कर देनी चाहिए । जुताई की प्रक्रिया रोटावेटर या तवेदार हल का प्रयोग ढैंचे की फसल पर सबसे पहले पाटा लगाकर उसे एक ही दिशा में झुका देना चाहिए इसके बाद खेत में पानी भरकर रोटावेटर या कल्टीवेटर चलाकर इसे मिट्टी में अच्छी तरह दबा दें ।सड़ने का समय और रोपाई का अन्तराल ढैचा पलटने के 3 से 5 दिन बाद धान की रोपाई करना सबसे अधिकतम लाभदायक होता है इस अवस्था में नाइट्रोजन की मात्रा सीधे पौधों को मिलने लगती है। अतिरिक्त सुझाव :- ढैंचा की जुताई के समय प्रति एकड़ लगभग 50 किलोग्राम सिंगल सुपर फास्फेट का छिड़काव खेत में करना चाहिए जिससे ढैंचा जल्दी सड़ता है और खेत को फास्फोरस व सल्फर भी मिलता है जो किसान ढैंचे की बुवाई न किए हो वह किसान रोपाई से पूर्व मृदा परीक्षण के आधार पर खेतों में उर्वरक कंपोस्ट जैविक उत्पादों का प्रयोग करें । खेती-बाड़ी से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए 7065005054 पर मिस्ड कॉल करें और उपयोगी सलाह प्राप्त करें । Uttar Pradesh Uttar Pradesh 21-06-2026 Enable
154 धान की नर्सरी, ढैचा जुताई के समय पर सलाह 21 जून वाराणसी प्रिय किसान साथियों,वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवम सोलिडेरीडाड संस्था द्वारा संचालित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह जिला वाराणसी एडवांश वेदर स्टेशन के अनुसार 21 जून से 30 जून के दौरान वाराणसी जिले के अनुसार इस सप्ताह दिन का अधिकतम तापमान 37-40 डिग्री सेल्सियस तथा रात्रि का अधिकतम तापमान 29-32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। मौसम में आंशिक बादल छाए रहने,गर्म एवं आर्द्र वातावरण बने रहने तथा कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा होने की संभावना है। हवा की गति पश्चिम उत्तर की दिशा से2-15 किमी प्रति घंटा तक रह सकती हैं । बढ़ती आद्रता की वजह से जमीन से नमी के वाष्प बनकर हवा में उड़ने की दर में कमी आएगी जो कि 6-8 मिली प्रतिदिन के लगभग होगी । नर्सरी:-धान की नर्सरी में किसान भाई शाम के समय समय पर सिंचाई करते रहें और सुबह के समय पानी दिखने पर नर्सरी से बाहर निकाल दे ।धान की नर्सरी की अच्छी बढ़वार पीलापन की समस्या दिखने पर सिंचाई से पूर्व जैविक के अंतर्गत जीवामृत का स्प्रे करें । ढैंचा:-जो किसान ढैंचा की फसल लगाए हुए हैं वह किसान धान की रोपाई से पूर्व ढैंचा हरी खाद की जुताई एक अत्यंत लाभकारी प्रक्रिया है । जो खेत की उर्वरता और धान की पैदावार बढ़ाती है नाइट्रोजन प्राकृतिक रूप से मिट्टी में मिल जाता है और मिट्टी भुरभुरी व उपजाऊ बनती है । जुताई:- ढैंचे की जुताई का सही समय 40 से 45 दिन की अवस्था मे फूल आने से पहले जुताई कर देनी चाहिए । जुताई की प्रक्रिया रोटावेटर या तवेदार हल का प्रयोग ढैंचे की फसल पर सबसे पहले पाटा लगाकर उसे एक ही दिशा में झुका देना चाहिए इसके बाद खेत में पानी भरकर रोटावेटर या कल्टीवेटर चलाकर इसे मिट्टी में अच्छी तरह दबा दें । सड़ने का समय और रोपाई का अन्तराल ढैचा पलटने के 4-6 दिन बाद धान की रोपाई करना सबसे अधिकतम लाभदायक होता है इस अवस्था में नाइट्रोजन की मात्रा सीधे पौधों को मिलने लगती है। अतिरिक्त सुझाव :- ढैंचा की जुताई के समय प्रति एकड़ लगभग 50 किलोग्राम सिंगल सुपर फास्फेट का छिड़काव खेत में करना चाहिए जिससे ढैंचा जल्दी सड़ता है और खेत को फास्फोरस व सल्फर भी मिलता है जो किसान ढैंचे की बुवाई न किए हो वह किसान रोपाई से पूर्व मृदा परीक्षण के आधार पर खेतों में उर्वरक कंपोस्ट जैविक उत्पादों का प्रयोग करें । खेती-बाड़ी से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए 7065 00 5054 पर मिस्ड कॉल करें और उपयोगी सलाह प्राप्त करें । Uttar Pradesh Uttar Pradesh 21-06-2026 Enable
155 Weather forecast & Seed treatment & Inoculation process of Paddy ନମସ୍କାର କେନ୍ଦ୍ରାପଡା ଜିଲ୍ଲାର ଡେରାବିଶ ବ୍ଲକର ସମସ୍ତ ଚାଷୀଭାଇ ମାନଙ୍କୁ ଭୋଡାଫୋନ ଆଇଡିଆ ସହଯୋଗରେ ସଲିଡାରିଡାଡ ଏବଂ ଶରତ କର & ଅନିମା କର ଫାଉଣ୍ଡେସନର ମିଳିତ ପ୍ରଚେଷ୍ଟାରେ ଚାଲୁଥିବା ଅଭିନବ କୃଷି ପ୍ରକଳ୍ପକୁ ସ୍ଵାଗତ କରାଯାଉଛି । ଆଗାମୀ ୨୦ ଜୁନ ରୁ ୨୬ ଜୁନ ମଧ୍ୟରେ ଡେରାବିଶ ବ୍ଲକରେ ୦.୧-୨.୮ମି.ମି.ବୃଷ୍ଟିପାତର ସମ୍ଭାବନା ରହିଛି ଏବଂ ସର୍ବାଧିକ ତାପମାତ୍ରା ୨୭°C-୩୫°C ମଧ୍ୟରେ ରହିବ। ୧. ଧନିଚା ବୁଣିବା କାର୍ଯ୍ୟ ଶେଷ କରନ୍ତୁ। ୨. ଧାନ ବିହନ ବୁଣିବା ପୂର୍ବରୁ ବିହନ ଚୟନ, ଉପଚାର ଓ ବିଶୋଧନ କରନ୍ତୁ। ୩. ବିହନ ଚୟନ ପାଇଁ ୧୦ ଲିଟର ପାଣିରେ ୨୦୦ ଗ୍ରାମ ଲୁଣ ମିଶାଇ ଅଗାଡ଼ି ଧାନକୁ ବାହାର କରି ଧାନରୁ ଲୁଣ ଅଂଶ କମିବା ଯାଏ ଧୋଇ ଗୁଣବାନ ବିହନ ଚୟନ କରନ୍ତୁ। ୪. ଚୟନ ପରେ ଧାନକୁ ୧୦-୧୨ ଘଣ୍ଟା ପାଣିରେ ଭିଜେଇ ରଖନ୍ତୁ। ୫. ଚୟନ ହୋଇଥିବା ଧାନକୁ ଉପଚାର ନିମନ୍ତେ ଆଜୋସ୍ପିରିଲିୟମ ୨୦ ଗ୍ରାମ କିଲୋପ୍ରତି, ପି.ଏସ.ବି ୨୦ ଗ୍ରାମ କିଲୋପ୍ରତି ଥଣ୍ଡା ପେଜ ସାହାଯ୍ୟରେ ବିହନରେ ମିଶାନ୍ତୁ। ୬. ଉପଚାରିତ ବିହନରୁ ୧୦ କି.ଗ୍ରା ନେଇ ସେଥିରେ ୨୦୦ ମି.ଲି. ବିଜାମୃତ କିମ୍ୱା କିଲୋପ୍ରତି ୪ ଗ୍ରାମ ଟ୍ରାଇକୋଡ୍ରମା ମିଶାଇ ବିଶୋଧନ କରନ୍ତୁ। ୭. ତଳି ପଟାଳି ପ୍ଲଟ ପାଖରେ ଚିହ୍ନଟ କରନ୍ତୁ ଓ କୋଡାଖୋସା କରି ୬" ଉଚ୍ଚ ପଟାଳି କରନ୍ତୁ। ୮. ଏକ ଏକର ପାଇଁ ୧୦ ଟି ଉଚ୍ଚ ପ୍ଲଟ କରନ୍ତୁ ଓ ପଟାଳୀ ପ୍ରତି ୫କେ.ଜି ଗୁଣ୍ଡ ଖତ +୧କେ.ଜି ଘନଜୀବମୃତ ମିଶାନ୍ତୁ। ୯. ପଟାଳୀ ମଧ୍ୟରେ ୧ଫୁଟ ନାଳ ରଖନ୍ତୁ ଏହାଦ୍ୱାରା ବର୍ଷାଜଳ ବାହାରିଯିବ। ୧୦. ପ୍ରସ୍ତୁତ ପଟାଳିରେ ଧାନ ପତଳା କରି ବୁଣନ୍ତୁ। ଅଧିକ ସୂଚନା ପାଇଁ ଆମ ଟୋଲ ଫ୍ରି ନମ୍ବର ୭୦୬୫୦୦୫୦୫୪ ରେ ମିସ କଲ୍ କରନ୍ତୁ। ଧନ୍ୟବାଦ୍। Orissa Orissa 20-06-2026 Enable
156 Weather forecast & Seed treatment & Inoculation process of Paddy ନମସ୍କାର କଟକ ଜିଲ୍ଲା ର ମାହାଙ୍ଗା, ଟାଙ୍ଗୀ ଓ ନିଶ୍ଚିନ୍ତକୋଇଲି ବ୍ଲକର ସମସ୍ତ ଚାଷୀଭାଇ ମାନଙ୍କୁ ଭୋଡାଫୋନ ଆଇଡିଆ ସହଯୋଗରେ ସଲିଡାରିଡାଡ ଏବଂ ଶରତ କର & ଅନିମା କର ଫାଉଣ୍ଡେସନର ମିଳିତ ପ୍ରଚେଷ୍ଟାରେ ଚାଲୁଥିବା ଅଭିନବ କୃଷି ପ୍ରକଳ୍ପକୁ ସ୍ଵାଗତ କରାଯାଉଛି । ଆଗାମୀ ୨୦ ଜୁନ ରୁ ୨୬ ଜୁନ ମଧ୍ୟରେ ମାହାଙ୍ଗା, ଟାଙ୍ଗୀ ଓ ନିଶ୍ଚିନ୍ତକୋଇଲି ବ୍ଲକରେ ୦.୧-୩.୩ ମି.ମି.ବୃଷ୍ଟିପାତର ସମ୍ଭାବନା ରହିଛି ଏବଂ ସର୍ବତ୍ର ସର୍ବାଧିକ ତାପମାତ୍ରା ୨୭°C-୩୪°C ମଧ୍ୟରେ ରହିବ। ୧. ଧନିଚା ବୁଣିବା କାର୍ଯ୍ୟ ଶେଷ କରନ୍ତୁ। ୨. ଧାନ ବିହନ ବୁଣିବା ପୂର୍ବରୁ ବିହନ ଚୟନ, ଉପଚାର ଓ ବିଶୋଧନ କରନ୍ତୁ। ୩. ବିହନ ଚୟନ ପାଇଁ ୧୦ ଲିଟର ପାଣିରେ ୨୦୦ ଗ୍ରାମ ଲୁଣ ମିଶାଇ ଅଗାଡ଼ି ଧାନକୁ ବାହାର କରି ଧାନରୁ ଲୁଣ ଅଂଶ କମିବା ଯାଏ ଧୋଇ ଗୁଣବାନ ବିହନ ଚୟନ କରନ୍ତୁ। ୪. ଚୟନ ପରେ ଧାନକୁ ୧୦-୧୨ ଘଣ୍ଟା ପାଣିରେ ଭିଜେଇ ରଖନ୍ତୁ। ୫. ଚୟନ ହୋଇଥିବା ଧାନକୁ ଉପଚାର ନିମନ୍ତେ ଆଜୋସ୍ପିରିଲିୟମ ୨୦ ଗ୍ରାମ କିଲୋପ୍ରତି, ପି.ଏସ.ବି ୨୦ ଗ୍ରାମ କିଲୋପ୍ରତି ଥଣ୍ଡା ପେଜ ସାହାଯ୍ୟରେ ବିହନରେ ମିଶାନ୍ତୁ। ୬. ଉପଚାରିତ ବିହନରୁ ୧୦ କି.ଗ୍ରା ନେଇ ସେଥିରେ ୨୦୦ ମି.ଲି. ବିଜାମୃତ କିମ୍ୱା କିଲୋପ୍ରତି ୪ ଗ୍ରାମ ଟ୍ରାଇକୋଡ୍ରମା ମିଶାଇ ବିଶୋଧନ କରନ୍ତୁ। ୭. ତଳି ପଟାଳି ପ୍ଲଟ ପାଖରେ ଚିହ୍ନଟ କରନ୍ତୁ ଓ କୋଡାଖୋସା କରି ୬" ଉଚ୍ଚ ପଟାଳି କରନ୍ତୁ। ୮. ଏକ ଏକର ପାଇଁ ୧୦ ଟି ଉଚ୍ଚ ପ୍ଲଟ କରନ୍ତୁ ଓ ପଟାଳୀ ପ୍ରତି ୫କେ.ଜି ଗୁଣ୍ଡ ଖତ +୧କେ.ଜି ଘନଜୀବମୃତ ମିଶାନ୍ତୁ। ୯. ପଟାଳୀ ମଧ୍ୟରେ ୧ଫୁଟ ନାଳ ରଖନ୍ତୁ ଏହାଦ୍ୱାରା ବର୍ଷାଜଳ ବାହାରିଯିବ। ୧୦. ପ୍ରସ୍ତୁତ ପଟାଳିରେ ଧାନ ପତଳା କରି ବୁଣନ୍ତୁ। ଅଧିକ ସୂଚନା ପାଇଁ ଆମ ଟୋଲ ଫ୍ରି ନମ୍ବର ୭୦୬୫୦୦୫୦୫୪ ରେ ମିସ କଲ୍ କରନ୍ତୁ। ଧନ୍ୟବାଦ୍। Orissa Orissa 20-06-2026 Enable
157 Weather forecast & Seed treatment & Inoculation process of Paddy ନମସ୍କାର ଗଜପତି ଜିଲ୍ଲାର ମୋହନା ଓ ଗୁମ୍ମା ବ୍ଲକର ସମସ୍ତ ଚାଷୀ ମାନଙ୍କୁ ସଲିଡାରିଡାଡ ତରଫରୁ ଭୋଡାଫୋନ ଆଇଡିଆ ସହଯୋଗ ରେ ଚାଲୁଥିବା ଅଭିନବ କୃଷି ପ୍ରକଳ୍ପକୁ ସ୍ଵାଗତ କରାଯାଉଛି । ଆଗାମୀ ୨୦ ଜୁନ ରୁ ୨୬ ଜୁନ ମଧ୍ୟରେ ଗଜପତିର ମୋହନା ଏବଂ ଗୁମ୍ମା ବ୍ଲକରେ ୦.୧-୩.୪ ମି.ମି.ବୃଷ୍ଟିପାତର ସମ୍ଭାବନା ରହିଛି ଓ ସର୍ବତ୍ର ସର୍ବାଧିକ ତାପମାତ୍ରା ୨୪°c ରୁ ୩୨°c ମଧ୍ୟରେ ରହିବ। ୧. ଧନିଚା ବୁଣିବା କାର୍ଯ୍ୟ ଶେଷ କରନ୍ତୁ। ୨. ଧାନ ବିହନ ବୁଣିବା ପୂର୍ବରୁ ବିହନ ଚୟନ, ଉପଚାର ଓ ବିଶୋଧନ କରନ୍ତୁ। ୩. ବିହନ ଚୟନ ପାଇଁ ୧୦ ଲିଟର ପାଣିରେ ୨୦୦ ଗ୍ରାମ ଲୁଣ ମିଶାଇ ଅଗାଡ଼ି ଧାନକୁ ବାହାର କରି ଧାନରୁ ଲୁଣ ଅଂଶ କମିବା ଯାଏ ଧୋଇ ଗୁଣବାନ ବିହନ ଚୟନ କରନ୍ତୁ। ୪. ଚୟନ ପରେ ଧାନକୁ ୧୦-୧୨ ଘଣ୍ଟା ପାଣିରେ ଭିଜେଇ ରଖନ୍ତୁ। ୫. ଚୟନ ହୋଇଥିବା ଧାନକୁ ଉପଚାର ନିମନ୍ତେ ଆଜୋସ୍ପିରିଲିୟମ ୨୦ ଗ୍ରାମ କିଲୋପ୍ରତି, ପି.ଏସ.ବି ୨୦ ଗ୍ରାମ କିଲୋପ୍ରତି ଥଣ୍ଡା ପେଜ ସାହାଯ୍ୟରେ ବିହନରେ ମିଶାନ୍ତୁ। ୬. ଉପଚାରିତ ବିହନରୁ ୧୦ କି.ଗ୍ରା ନେଇ ସେଥିରେ ୨୦୦ ମି.ଲି. ବିଜାମୃତ କିମ୍ୱା କିଲୋପ୍ରତି ୪ ଗ୍ରାମ ଟ୍ରାଇକୋଡ୍ରମା ମିଶାଇ ବିଶୋଧନ କରନ୍ତୁ। ୭. ତଳି ପଟାଳି ପ୍ଲଟ ପାଖରେ ଚିହ୍ନଟ କରନ୍ତୁ ଓ କୋଡାଖୋସା କରି ୬" ଉଚ୍ଚ ପଟାଳି କରନ୍ତୁ। ୮. ଏକ ଏକର ପାଇଁ ୧୦ ଟି ଉଚ୍ଚ ପ୍ଲଟ କରନ୍ତୁ ଓ ପଟାଳୀ ପ୍ରତି ୫କେ.ଜି ଗୁଣ୍ଡ ଖତ +୧କେ.ଜି ଘନଜୀବମୃତ ମିଶାନ୍ତୁ। ୯. ପଟାଳୀ ମଧ୍ୟରେ ୧ଫୁଟ ନାଳ ରଖନ୍ତୁ ଏହାଦ୍ୱାରା ବର୍ଷାଜଳ ବାହାରିଯିବ। ୧୦. ପ୍ରସ୍ତୁତ ପଟାଳିରେ ଧାନ ପତଳା କରି ବୁଣନ୍ତୁ। ଅଧିକ ସୂଚନା ପାଇଁ ଆମ ଟୋଲ ଫ୍ରି ନମ୍ବର ୭୦୬୫୦୦୫୦୫୪ ରେ ମିସ କଲ୍ କରନ୍ତୁ। ଧନ୍ୟବାଦ୍। Orissa Orissa 20-06-2026 Enable
158 Sugarcane Advisory Kolhapur - 18-27 June 26 शेतकरी बंधू आणि भगिनींनो नमस्कार. स्मार्ट ॲग्री कार्यक्रमामध्ये आपले हार्दिक स्वागत आहे. दिनांक १८ते २७ जून या कालावधीत कोल्हापूर जिल्हा परिसरामध्ये दिवसाचे तापमान २७ ते ३२ अंश सेल्सिअस तर रात्रीचे तापमान २२ ते २३ अंश सेल्सिअस राहण्याची शक्यता आहे. या १० दिवसांमध्ये पश्चिम-दक्षिण दिशेकडून ताशी ९ ते २२ किलोमीटर वेगाने वारे वाहतील काही वेळेला २५ ते ३२ किमी वेगाने हवा चालेल आकाश ढगाळ राहील तसेच विजांच्या कडकडाटासह पाऊस पडण्याची शक्यता ७० ते १०० टक्के राहील. हवेतील आर्द्रता ५० ते ९० टक्के राहील. हवेतून बाष्पीभवन होण्याचा दर प्रतिदिन ३ ते ६ मिलिमीटर राहण्याची शक्यता आहे. सिंचन व्यवस्थापन :-ऊस पिकाला गरज असेल तेव्हाच पाणी द्यावे. पाण्याची बचत करण्यासाठी तण नियंत्रण, ट्रॅश मल्चिंग आणि ठिबक सिंचनाचा वापर करावा. सतत ढगाळ वातावरण असल्यामुळे अतिरिक्त पाणी देणे टाळावे. अल-निनो परिस्थितीच्या पार्श्वभूमीवर शेतकऱ्यांनी विशेष काळजी घ्यावी :- * जमिनीतील ओलावा टिकवून ठेवण्यासाठी ट्रॅश मल्चिंग करावे. * ठिबक सिंचनाद्वारे कमी पाण्यात प्रभावी सिंचन करावे. * हवामानातील अचानक बदल लक्षात घेऊन पिकाची नियमित पाहणी करावी. * पावसाचे पाणी शेतात साठवून त्याचा पुनर्वापर करावा. * सूक्ष्म अन्नद्रव्यांचा संतुलित वापर करून पिकाची प्रतिकारशक्ती वाढवावी. * उष्णता व आर्द्रतेमुळे रोग व किडींचा प्रादुर्भाव वाढू शकतो, त्यामुळे वेळोवेळी निरीक्षण करावे. किड नियंत्रण :-सध्याचे हवामान हुमणी किडीस पोषक आहे. त्यामुळे शेताची नियमित पाहणी करावी. हुमणी नियंत्रणासाठी लाईट ट्रॅप चा वापर करावा तसेच ईपीएन व बीव्हीएमचा वापर करावातसेच कारखान्यामार्फत सिलिकॉनयुक्त खतांची ड्रोनद्वारे सवलतीच्या दरामध्ये फवारणी करून दिली जात आहे. तरी शेतकरी बांधवांनी या सुविधेचा लाभ घ्यावा. सिलिकॉनच्या वापरामुळे ऊस पिकाची ताण सहन करण्याची क्षमता वाढून वाढ चांगली राहण्यास मदत होते. अधिक माहितीसाठी आपल्या मिल कर्मचाऱ्यांशी संपर्क साधावा.स्मार्ट ॲग्री कार्यक्रमाविषयी अधिक माहितीसाठी ९२०५०२१८१४ या क्रमांकावर संपर्क साधा. तसेच हा संदेश पुन्हा ऐकण्यासाठी ७०६५००५०५४ या क्रमांकावर संपर्क करा. धन्यवाद. Maharashtra MH 17-06-2026 Enable
159 Sugarcane Advisory Karad -18-27 June 26 शेतकरी बंधू आणि भगिनींनो नमस्कार. स्मार्ट ॲग्री कार्यक्रमामध्ये आपले हार्दिक स्वागत आहे. दिनांक १८ते २७ जून या कालावधीत कराड शिराळा परिसरामध्ये दिवसाचे तापमान २७ ते ३३ अंश सेल्सिअस तर रात्रीचे तापमान २१ ते २३ अंश सेल्सिअस राहण्याची शक्यता आहे. या १० दिवसांमध्ये पश्चिम-दक्षिण दिशेकडून ताशी ७ ते ८ किलोमीटर वेगाने वारे वाहतील काही वेळेला २५ ते ३० किमी वेगाने हवा चालेल आकाश ढगाळ राहील तसेच विजांच्या कडकडाटासह पाऊस पडण्याची शक्यता ६४ ते ९२ टक्के राहील. हवेतील आर्द्रता ६५ ते ९५ टक्के राहील. हवेतून बाष्पीभवन होण्याचा दर प्रतिदिन ३ ते ६ मिलिमीटर राहण्याची शक्यता आहे. सिंचन व्यवस्थापन :-ऊस पिकाला गरज असेल तेव्हाच पाणी द्यावे. पाण्याची बचत करण्यासाठी तण नियंत्रण, ट्रॅश मल्चिंग आणि ठिबक सिंचनाचा वापर करावा. सतत ढगाळ वातावरण असल्यामुळे अतिरिक्त पाणी देणे टाळावे. अल-निनो परिस्थितीच्या पार्श्वभूमीवर शेतकऱ्यांनी विशेष काळजी घ्यावी :- * जमिनीतील ओलावा टिकवून ठेवण्यासाठी ट्रॅश मल्चिंग करावे. * ठिबक सिंचनाद्वारे कमी पाण्यात प्रभावी सिंचन करावे. * हवामानातील अचानक बदल लक्षात घेऊन पिकाची नियमित पाहणी करावी. * पावसाचे पाणी शेतात साठवून त्याचा पुनर्वापर करावा. * सूक्ष्म अन्नद्रव्यांचा संतुलित वापर करून पिकाची प्रतिकारशक्ती वाढवावी. * उष्णता व आर्द्रतेमुळे रोग व किडींचा प्रादुर्भाव वाढू शकतो, त्यामुळे वेळोवेळी निरीक्षण करावे. किड नियंत्रण :-सध्याचे हवामान हुमणी किडीस पोषक आहे. त्यामुळे शेताची नियमित पाहणी करावी. हुमणी नियंत्रणासाठी लाईट ट्रॅप चा वापर करावा तसेच ईपीएन व बीव्हीएमचा वापर करावातसेच कारखान्यामार्फत सिलिकॉनयुक्त खतांची ड्रोनद्वारे सवलतीच्या दरामध्ये फवारणी करून दिली जात आहे. तरी शेतकरी बांधवांनी या सुविधेचा लाभ घ्यावा. सिलिकॉनच्या वापरामुळे ऊस पिकाची ताण सहन करण्याची क्षमता वाढून वाढ चांगली राहण्यास मदत होते. अधिक माहितीसाठी आपल्या मिल कर्मचाऱ्यांशी संपर्क साधावा.स्मार्ट ॲग्री कार्यक्रमाविषयी अधिक माहितीसाठी ९२०५०२१८१४ या क्रमांकावर संपर्क साधा. तसेच हा संदेश पुन्हा ऐकण्यासाठी ७०६५००५०५४ या क्रमांकावर संपर्क करा. धन्यवाद. Maharashtra MH 17-06-2026 Enable
160 Sugarcane Advisory Panhala -17-27 June 26 शेतकरी बंधू आणि भगिनींनो नमस्कार. स्मार्ट ॲग्री कार्यक्रमामध्ये आपले हार्दिक स्वागत आहे. दिनांक १८ते २७ जून या कालावधीत पन्हाळा शाहूवाडी परिसरामध्ये दिवसाचे तापमान २७ ते ३३ अंश सेल्सिअस तर रात्रीचे तापमान २१ ते २३ अंश सेल्सिअस राहण्याची शक्यता आहे. या १० दिवसांमध्ये पश्चिम-दक्षिण दिशेकडून ताशी ७ ते ८ किलोमीटर वेगाने वारे वाहतील काही वेळेला २५ ते ३० किमी वेगाने हवा चालेल आकाश ढगाळ राहील तसेच विजांच्या कडकडाटासह पाऊस पडण्याची शक्यता ६४ ते ९२ टक्के राहील. हवेतील आर्द्रता ६५ ते ९५ टक्के राहील. हवेतून बाष्पीभवन होण्याचा दर प्रतिदिन ३ ते ६ मिलिमीटर राहण्याची शक्यता आहे. सिंचन व्यवस्थापन :-ऊस पिकाला गरज असेल तेव्हाच पाणी द्यावे. पाण्याची बचत करण्यासाठी तण नियंत्रण, ट्रॅश मल्चिंग आणि ठिबक सिंचनाचा वापर करावा. सतत ढगाळ वातावरण असल्यामुळे अतिरिक्त पाणी देणे टाळावे. अल-निनो परिस्थितीच्या पार्श्वभूमीवर शेतकऱ्यांनी विशेष काळजी घ्यावी :- * जमिनीतील ओलावा टिकवून ठेवण्यासाठी ट्रॅश मल्चिंग करावे. * ठिबक सिंचनाद्वारे कमी पाण्यात प्रभावी सिंचन करावे. * हवामानातील अचानक बदल लक्षात घेऊन पिकाची नियमित पाहणी करावी. * पावसाचे पाणी शेतात साठवून त्याचा पुनर्वापर करावा. * सूक्ष्म अन्नद्रव्यांचा संतुलित वापर करून पिकाची प्रतिकारशक्ती वाढवावी. * उष्णता व आर्द्रतेमुळे रोग व किडींचा प्रादुर्भाव वाढू शकतो, त्यामुळे वेळोवेळी निरीक्षण करावे. किड नियंत्रण :-सध्याचे हवामान हुमणी किडीस पोषक आहे. त्यामुळे शेताची नियमित पाहणी करावी. हुमणी नियंत्रणासाठी लाईट ट्रॅप चा वापर करावा तसेच ईपीएन व बीव्हीएमचा वापर करावातसेच कारखान्यामार्फत सिलिकॉनयुक्त खतांची ड्रोनद्वारे सवलतीच्या दरामध्ये फवारणी करून दिली जात आहे. तरी शेतकरी बांधवांनी या सुविधेचा लाभ घ्यावा. सिलिकॉनच्या वापरामुळे ऊस पिकाची ताण सहन करण्याची क्षमता वाढून वाढ चांगली राहण्यास मदत होते. अधिक माहितीसाठी आपल्या मिल कर्मचाऱ्यांशी संपर्क साधावा.स्मार्ट ॲग्री कार्यक्रमाविषयी अधिक माहितीसाठी ९२०५०२१८१४ या क्रमांकावर संपर्क साधा. तसेच हा संदेश पुन्हा ऐकण्यासाठी ७०६५००५०५४ या क्रमांकावर संपर्क करा. धन्यवाद. Maharashtra MH 17-06-2026 Enable