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161 Nutrient & pest management process of Paddy cultivation ନମସ୍କାର କଟକ ଜିଲ୍ଲା ର ମାହାଙ୍ଗା, ଟାଙ୍ଗୀ ଓ ନିଶ୍ଚିନ୍ତକୋଇଲି ବ୍ଲକର ସମସ୍ତ ଚାଷୀଭାଇ ମାନଙ୍କୁ ଭୋଡାଫୋନ ଆଇଡିଆ ସହଯୋଗରେ ସଲିଡାରିଡାଡ ଏବଂ ଶରତ କର & ଅନିମା କର ଫାଉଣ୍ଡେସନର ମିଳିତ ପ୍ରଚେଷ୍ଟାରେ ଚାଲୁଥିବା ଅଭିନବ କୃଷି ପ୍ରକଳ୍ପକୁ ସ୍ଵାଗତ କରାଯାଉଛି । ଆଗାମୀ କୃଷି ସୂଚନା :-(ପୋଷକ ପରିଚାଳନା ଓ ରୋଗପୋକ ନିୟନ୍ତ୍ରଣ ) ୧. ଧାନ ଚାଷ କରୁଥିବା ଚାଷୀଭାଇ ମାନେ ଚାରା ରୋପଣ କରିବାର ୧୦ ଦିନ ପରେ କୋନୋ ୱିଡର ସାହାଯ୍ୟରେ ଜମିରେ ଘାସ ବାଛି ଦିଅନ୍ତୁ। ୨. କୋନୋୱିଡର ଦ୍ବାରା ଘାସ ବାଛିବା ଗୋଟିଏ ଦିନ ପୂର୍ବରୁ ୧ ଲିଟର ଜୀବାମୃତ ସହ ୧୦ ଲିଟର ପାଣି ମିଶାଇ ଜମିରେ ପ୍ରୟୋଗ କରନ୍ତୁ। (ଏକର ପ୍ରତି ମୋଟ ୨୦୦ ଲିଟର) ୩. ଜମିରେ ରୋଗପୋକ ପରିଚାଳନା ନିମନ୍ତେ କୀଟ ଲାଗିବା ଆଗରୁ ଆଗ୍ନେୟାସ୍ତ୍ର ଏକ ବ୍ୟାରେଲ ପିଛା ୪୫୦ମି.ଲି. ମିଶାଇ ଜମିରେ ପ୍ରୟୋଗ କରନ୍ତୁ। ୪. ଆଜୋଲା ପ୍ରୟୋଗ: ଘାସ ପରିଚାଳନା ପରେ ଏକର ପ୍ରତି ୮- ୧୦ କିଗ୍ରା ଆଜୋଲା ଜମିରେ ଛାଡ଼ନ୍ତୁ। ୫. ରୁଆର ୧୭ ଦିନ ମଧ୍ୟରେ ପୁନର୍ବାର କୋନୋ ୱିଡର ସାହାଯ୍ୟରେ ଆଉ ଥରେ ଘାସ ବାଛି ଦିଅନ୍ତୁ।ତଳି ରୋଇବାର ୧୭ ଦିନ ପରେ , ୨ୟ ଥର ପାଇଁ ଜୀବାମୃତ ପ୍ରୟୋଗ କରନ୍ତୁ। ୬. ରୁଆର ୨୦ ଦିନ ପରେ ୫ କି. ଗ୍ରା ନିମ ପିଡିଆ ସହ ୫୦ କି.ଗ୍ରା. ଜିଆ ଖତ ମିଶାଇ ୪୮ ଘଣ୍ଟା ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ବିଘଟନ କଲା ପରେ, ତାହାକୁ ଜମିରେ ପ୍ରୟୋଗ କରନ୍ତୁ। ୭. ୧୫ ଦିନ ରେ କାଣ୍ଡବିନ୍ଧା ପୋକ ଦାଉରୁ ରକ୍ଷା ପାଇଁ କିଆରୀରେ ଫେରୋମନଟ୍ରାପ୍ ଲଗାନ୍ତୁ। ୮. ୧୮ ଦିନରେ ହେଲେ ନିମ ତେଲ ବ୍ୟାରେଲ ପ୍ରତି ୩୦ମି.ଲି. ପ୍ରୟୋଗ କରନ୍ତୁ। ୯. ରୁଆର ୨୫ ଦିନରେ ୫କି.ଗ୍ରା. ସୋରିଷ ପିଡିଆ କୁ ୫ କି.ଗ୍ରା. ସଜ ଗୋବର ସହ ୨୦ଲି. ପାଣି ମିଶାଇ ୪୮ଘ. ବିଘଟନ ପାଇଁ ରଖନ୍ତୁ।ଏହି ମିଶ୍ରଣ କୁ ୨୦୦ଲି. ପାଣିରେ ମିଶାଇ ଏକ ଏକର ଜମିରେ ପ୍ରୟୋଗ କରନ୍ତୁ। ୧୦. ରୁଆର ୨୭ଦିନ ମଧ୍ୟରେ ଜମିରେ ତୃତୀୟ ପର୍ଯ୍ୟାୟ ରେ ତରଳ ଜୀବାମୃତ ପ୍ରୟୋଗ କରନ୍ତୁ। ଅଧିକ ସୂଚନା ପାଇଁ ଆମ ଟୋଲ ଫ୍ରି ନମ୍ବର ୭୦୬୫୦୦୫୦୫୪ ରେ ମିସ କଲ୍ କରନ୍ତୁ। ଧନ୍ୟବାଦ୍। Orissa Orissa 31-08-2026 Disable
162 Nutrient & pest management process of Paddy cultivation ନମସ୍କାର କଟକ ଜିଲ୍ଲା ର ମାହାଙ୍ଗା, ଟାଙ୍ଗୀ ଓ ନିଶ୍ଚିନ୍ତକୋଇଲି ବ୍ଲକର ସମସ୍ତ ଚାଷୀଭାଇ ମାନଙ୍କୁ ଭୋଡାଫୋନ ଆଇଡିଆ ସହଯୋଗରେ ସଲିଡାରିଡାଡ ଏବଂ ଶରତ କର & ଅନିମା କର ଫାଉଣ୍ଡେସନର ମିଳିତ ପ୍ରଚେଷ୍ଟାରେ ଚାଲୁଥିବା ଅଭିନବ କୃଷି ପ୍ରକଳ୍ପକୁ ସ୍ଵାଗତ କରାଯାଉଛି । ଆଗାମୀ କୃଷି ସୂଚନା :-(ପୋଷକ ପରିଚାଳନା ଓ ରୋଗପୋକ ନିୟନ୍ତ୍ରଣ ) ୧. ଧାନ ଚାଷ କରୁଥିବା ଚାଷୀଭାଇ ମାନେ ଚାରା ରୋପଣ କରିବାର ୧୦ ଦିନ ପରେ କୋନୋ ୱିଡର ସାହାଯ୍ୟରେ ଜମିରେ ଘାସ ବାଛି ଦିଅନ୍ତୁ। ୨. କୋନୋୱିଡର ଦ୍ବାରା ଘାସ ବାଛିବା ଗୋଟିଏ ଦିନ ପୂର୍ବରୁ ୧ ଲିଟର ଜୀବାମୃତ ସହ ୧୦ ଲିଟର ପାଣି ମିଶାଇ ଜମିରେ ପ୍ରୟୋଗ କରନ୍ତୁ। (ଏକର ପ୍ରତି ମୋଟ ୨୦୦ ଲିଟର) ୩. ଜମିରେ ରୋଗପୋକ ପରିଚାଳନା ନିମନ୍ତେ କୀଟ ଲାଗିବା ଆଗରୁ ଆଗ୍ନେୟାସ୍ତ୍ର ଏକ ବ୍ୟାରେଲ ପିଛା ୪୫୦ମି.ଲି. ମିଶାଇ ଜମିରେ ପ୍ରୟୋଗ କରନ୍ତୁ। ୪. ଆଜୋଲା ପ୍ରୟୋଗ: ଘାସ ପରିଚାଳନା ପରେ ଏକର ପ୍ରତି ୮- ୧୦ କିଗ୍ରା ଆଜୋଲା ଜମିରେ ଛାଡ଼ନ୍ତୁ। ୫. ରୁଆର ୧୭ ଦିନ ମଧ୍ୟରେ ପୁନର୍ବାର କୋନୋ ୱିଡର ସାହାଯ୍ୟରେ ଆଉ ଥରେ ଘାସ ବାଛି ଦିଅନ୍ତୁ।ତଳି ରୋଇବାର ୧୭ ଦିନ ପରେ , ୨ୟ ଥର ପାଇଁ ଜୀବାମୃତ ପ୍ରୟୋଗ କରନ୍ତୁ। ୬. ରୁଆର ୨୦ ଦିନ ପରେ ୫ କି. ଗ୍ରା ନିମ ପିଡିଆ ସହ ୫୦ କି.ଗ୍ରା. ଜିଆ ଖତ ମିଶାଇ ୪୮ ଘଣ୍ଟା ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ବିଘଟନ କଲା ପରେ, ତାହାକୁ ଜମିରେ ପ୍ରୟୋଗ କରନ୍ତୁ। ୭. ୧୫ ଦିନ ରେ କାଣ୍ଡବିନ୍ଧା ପୋକ ଦାଉରୁ ରକ୍ଷା ପାଇଁ କିଆରୀରେ ଫେରୋମନଟ୍ରାପ୍ ଲଗାନ୍ତୁ। ୮. ୧୮ ଦିନରେ ହେଲେ ନିମ ତେଲ ବ୍ୟାରେଲ ପ୍ରତି ୩୦ମି.ଲି. ପ୍ରୟୋଗ କରନ୍ତୁ। ୯. ରୁଆର ୨୫ ଦିନରେ ୫କି.ଗ୍ରା. ସୋରିଷ ପିଡିଆ କୁ ୫ କି.ଗ୍ରା. ସଜ ଗୋବର ସହ ୨୦ଲି. ପାଣି ମିଶାଇ ୪୮ଘ. ବିଘଟନ ପାଇଁ ରଖନ୍ତୁ।ଏହି ମିଶ୍ରଣ କୁ ୨୦୦ଲି. ପାଣିରେ ମିଶାଇ ଏକ ଏକର ଜମିରେ ପ୍ରୟୋଗ କରନ୍ତୁ। ୧୦. ରୁଆର ୨୭ଦିନ ମଧ୍ୟରେ ଜମିରେ ତୃତୀୟ ପର୍ଯ୍ୟାୟ ରେ ତରଳ ଜୀବାମୃତ ପ୍ରୟୋଗ କରନ୍ତୁ। ଅଧିକ ସୂଚନା ପାଇଁ ଆମ ଟୋଲ ଫ୍ରି ନମ୍ବର ୭୦୬୫୦୦୫୦୫୪ ରେ ମିସ କଲ୍ କରନ୍ତୁ। ଧନ୍ୟବାଦ୍। Orissa Orissa 31-08-2026 Enable
163 Nutrient & pest management process of Paddy cultivation ନମସ୍କାର ଗଜପତି ଜିଲ୍ଲାର ମୋହନା ଓ ଗୁମ୍ମା ବ୍ଲକର ସମସ୍ତ ଚାଷୀ ମାନଙ୍କୁ ସଲିଡାରିଡାଡ ତରଫରୁ ଭୋଡାଫୋନ ଆଇଡିଆ ସହଯୋଗ ରେ ଚାଲୁଥିବା ଅଭିନବ କୃଷି ପ୍ରକଳ୍ପକୁ ସ୍ଵାଗତ କରାଯାଉଛି । ଆଗାମୀ କୃଷି ସୂଚନା :-(ପୋଷକ ପରିଚାଳନା ଓ ରୋଗପୋକ ନିୟନ୍ତ୍ରଣ ) ୧. ଧାନ ଚାଷ କରୁଥିବା ଚାଷୀଭାଇ ମାନେ ଚାରା ରୋପଣ କରିବାର ୧୦ ଦିନ ପରେ କୋନୋ ୱିଡର ସାହାଯ୍ୟରେ ଜମିରେ ଘାସ ବାଛି ଦିଅନ୍ତୁ। ୨. କୋନୋୱିଡର ଦ୍ବାରା ଘାସ ବାଛିବା ଗୋଟିଏ ଦିନ ପୂର୍ବରୁ ୧ ଲିଟର ଜୀବାମୃତ ସହ ୧୦ ଲିଟର ପାଣି ମିଶାଇ ଜମିରେ ପ୍ରୟୋଗ କରନ୍ତୁ। (ଏକର ପ୍ରତି ମୋଟ ୨୦୦ ଲିଟର) ୩. ଜମିରେ ରୋଗପୋକ ପରିଚାଳନା ନିମନ୍ତେ କୀଟ ଲାଗିବା ଆଗରୁ ଆଗ୍ନେୟାସ୍ତ୍ର ଏକ ବ୍ୟାରେଲ ପିଛା ୪୫୦ମି.ଲି. ମିଶାଇ ଜମିରେ ପ୍ରୟୋଗ କରନ୍ତୁ। ୪. ଆଜୋଲା ପ୍ରୟୋଗ: ଘାସ ପରିଚାଳନା ପରେ ଏକର ପ୍ରତି ୮- ୧୦ କିଗ୍ରା ଆଜୋଲା ଜମିରେ ଛାଡ଼ନ୍ତୁ। ୫. ରୁଆର ୧୭ ଦିନ ମଧ୍ୟରେ ପୁନର୍ବାର କୋନୋ ୱିଡର ସାହାଯ୍ୟରେ ଆଉ ଥରେ ଘାସ ବାଛି ଦିଅନ୍ତୁ।ତଳି ରୋଇବାର ୧୭ ଦିନ ପରେ , ୨ୟ ଥର ପାଇଁ ଜୀବାମୃତ ପ୍ରୟୋଗ କରନ୍ତୁ। ୬. ରୁଆର ୨୦ ଦିନ ପରେ ୫ କି. ଗ୍ରା ନିମ ପିଡିଆ ସହ ୫୦ କି.ଗ୍ରା. ଜିଆ ଖତ ମିଶାଇ ୪୮ ଘଣ୍ଟା ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ବିଘଟନ କଲା ପରେ, ତାହାକୁ ଜମିରେ ପ୍ରୟୋଗ କରନ୍ତୁ। ୭. ୧୫ ଦିନ ରେ କାଣ୍ଡବିନ୍ଧା ପୋକ ଦାଉରୁ ରକ୍ଷା ପାଇଁ କିଆରୀରେ ଫେରୋମନଟ୍ରାପ୍ ଲଗାନ୍ତୁ। ୮. ୧୮ ଦିନରେ ହେଲେ ନିମ ତେଲ ବ୍ୟାରେଲ ପ୍ରତି ୩୦ମି.ଲି. ପ୍ରୟୋଗ କରନ୍ତୁ। ୯. ରୁଆର ୨୫ ଦିନରେ ୫କି.ଗ୍ରା. ସୋରିଷ ପିଡିଆ କୁ ୫ କି.ଗ୍ରା. ସଜ ଗୋବର ସହ ୨୦ଲି. ପାଣି ମିଶାଇ ୪୮ଘ. ବିଘଟନ ପାଇଁ ରଖନ୍ତୁ।ଏହି ମିଶ୍ରଣ କୁ ୨୦୦ଲି. ପାଣିରେ ମିଶାଇ ଏକ ଏକର ଜମିରେ ପ୍ରୟୋଗ କରନ୍ତୁ। ୧୦. ରୁଆର ୨୭ଦିନ ମଧ୍ୟରେ ଜମିରେ ତୃତୀୟ ପର୍ଯ୍ୟାୟ ରେ ତରଳ ଜୀବାମୃତ ପ୍ରୟୋଗ କରନ୍ତୁ। ଅଧିକ ସୂଚନା ପାଇଁ ଆମ ଟୋଲ ଫ୍ରି ନମ୍ବର ୭୦୬୫୦୦୫୦୫୪ ରେ ମିସ କଲ୍ କରନ୍ତୁ। ଧନ୍ୟବାଦ୍। Orissa Orissa 31-08-2026 Enable
164 सोयाबीन मे जल भराव एवं पीलेपणन पर सलाह Jhabua वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Jhabua ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 26 August से 5 September के दौरान दिन में 28 और रात में 24 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। पिछले सप्ताह 50 mm बारिश दर्ज हुई है। जून माह से अबतक कुल 390mm बारिश दर्ज हुई है। आगामी सप्ताह मे 55–80% बारिश होने की संभावना हे। सोयाबीन के खेत मे अधिक समय तक पानी भरे रहने से एवं लंबे समय तक सूखा पड़ने पर फसल मे पीलापन दिखाई देता है यह नाइट्रोजन / मेग्नेशियम/ लोह तत्व की कमी एवं अन्य पोषक तत्वों का असंतुलन के कारण होता है एवं सोयाबीन मे जड़ सड़न फफूँदजनित रोगों की संभावना बड़ जाती है I सोयाबीन में लगातार अधिक बारिश होने पर उचित जल निकास की व्यवस्था करे I सोयाबीन की फसल में यदि एन्थ्राक्नोज एवं राइजोक्टोनिया ब्लाइट फफूंद जनित रोग दिखने पर इस रोग के नियंत्रण हेतु सलाह है कि टेबूकोनाझोल 625 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर अथवा टेबूकोनाझोल + सल्फर 1 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर अथवा टेबूकोनाजोल + ट्राईफ्लोक्सीस्ट्रोबिन @ 350 मि.ली. प्रति हेक्टे. अथवा हैक्जाकोनोझोल 5 प्रतिशत ईसी 800 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर से छिड़काव करें I स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I Madhya Pradesh MP 27-08-2026 Enable
165 सोयाबीन मे जल भराव एवं पीलेपणन पर सलाह Dhar वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Dhar ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 26 August से 5 September के दौरान दिन में 28 और रात में 23 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। पिछले सप्ताह 62 mm बारिश दर्ज हुई है। जून माह से अबतक कुल 460mm बारिश दर्ज हुई है। आगामी सप्ताह मे 60–85% बारिश होने की संभावना हे। सोयाबीन के खेत मे अधिक समय तक पानी भरे रहने से एवं लंबे समय तक सूखा पड़ने पर फसल मे पीलापन दिखाई देता है यह नाइट्रोजन / मेग्नेशियम/ लोह तत्व की कमी एवं अन्य पोषक तत्वों का असंतुलन के कारण होता है एवं सोयाबीन मे जड़ सड़न फफूँदजनित रोगों की संभावना बड़ जाती है I सोयाबीन में लगातार अधिक बारिश होने पर उचित जल निकास की व्यवस्था करे I सोयाबीन की फसल में यदि एन्थ्राक्नोज एवं राइजोक्टोनिया ब्लाइट फफूंद जनित रोग दिखने पर इस रोग के नियंत्रण हेतु सलाह है कि टेबूकोनाझोल 625 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर अथवा टेबूकोनाझोल + सल्फर 1 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर अथवा टेबूकोनाजोल + ट्राईफ्लोक्सीस्ट्रोबिन @ 350 मि.ली. प्रति हेक्टे. अथवा हैक्जाकोनोझोल 5 प्रतिशत ईसी 800 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर से छिड़काव करें I स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I Madhya Pradesh MP 27-08-2026 Enable
166 सोयाबीन मे जल भराव एवं पीलेपणन पर सलाह Vidisha वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Vidisha ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 26 August से 5 September के दौरान दिन में 28 और रात में 24 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। पिछले सप्ताह 88 mm बारिश दर्ज हुई है। जून माह से अबतक कुल 545mm बारिश दर्ज हुई है। आगामी सप्ताह मे 70–95% बारिश होने की संभावना हे। सोयाबीन के खेत मे अधिक समय तक पानी भरे रहने से एवं लंबे समय तक सूखा पड़ने पर फसल मे पीलापन दिखाई देता है यह नाइट्रोजन / मेग्नेशियम/ लोह तत्व की कमी एवं अन्य पोषक तत्वों का असंतुलन के कारण होता है एवं सोयाबीन मे जड़ सड़न फफूँदजनित रोगों की संभावना बड़ जाती है I सोयाबीन में लगातार अधिक बारिश होने पर उचित जल निकास की व्यवस्था करे I सोयाबीन की फसल में यदि एन्थ्राक्नोज एवं राइजोक्टोनिया ब्लाइट फफूंद जनित रोग दिखने पर इस रोग के नियंत्रण हेतु सलाह है कि टेबूकोनाझोल 625 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर अथवा टेबूकोनाझोल + सल्फर 1 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर अथवा टेबूकोनाजोल + ट्राईफ्लोक्सीस्ट्रोबिन @ 350 मि.ली. प्रति हेक्टे. अथवा हैक्जाकोनोझोल 5 प्रतिशत ईसी 800 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर से छिड़काव करें I स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I Madhya Pradesh MP 27-08-2026 Enable
167 सोयाबीन मे जल भराव एवं पीलेपणन पर सलाह Ratlam वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Ratlam ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 26 August से 5 September के दौरान दिन में 29 और रात में 24 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। पिछले सप्ताह 55 mm बारिश दर्ज हुई है। जून माह से अबतक कुल 425mm बारिश दर्ज हुई है। आगामी सप्ताह मे 60–85% बारिश होने की संभावना हे। मूंगफली की फसल मे की शाखा निकलने , फूल आने, खूंटी बनने एवं दाना भरने की महत्वपूर्ण अवस्थाओं मे बारिश ना होने की स्थिति मे सिचाई अवश्य करें मूंगफली की प्रारंभिक पत्ती धब्बा (early blight ) एक कवक रोग है यह मूंगफली की पत्तियों पर लगने वाली एक प्रमुख बीमारी है और इससे उपज को काफी नुकसान हो सकता है। प्रारंभिक पत्ती धब्बे के लक्षण आमतौर पर रोपण के 30-50 दिन बाद दिखाई देते हैं। पत्ती की ऊपरी सतह पर छोटे, भूरे रंग के धब्बे दिखाई देते हैं। ये धब्बे बड़े हो जाते हैं और पीले गोलाकार हो जाते हैं। अंततः पूरी पत्ती को ढक लेते हैं। रोग का पता चलते ही इसकी रोकथाम के लिये मेनकोजेब 75% WP (डायथेन एम-45) का 2 ग्रा./लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करना चाहिये । स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I Madhya Pradesh MP 27-08-2026 Enable
168 सोयाबीन मे जल भराव एवं पीलेपणन पर सलाह Shajapur वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Shajapur ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 26 August से 5 September के दौरान दिन में 27 और रात में 23 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। पिछले सप्ताह 64 mm बारिश दर्ज हुई है। जून माह से अबतक कुल 440mm बारिश दर्ज हुई है। आगामी सप्ताह मे 65–90% बारिश होने की संभावना हे। सोयाबीन के खेत मे अधिक समय तक पानी भरे रहने से एवं लंबे समय तक सूखा पड़ने पर फसल मे पीलापन दिखाई देता है यह नाइट्रोजन / मेग्नेशियम/ लोह तत्व की कमी एवं अन्य पोषक तत्वों का असंतुलन के कारण होता है एवं सोयाबीन मे जड़ सड़न फफूँदजनित रोगों की संभावना बड़ जाती है I सोयाबीन में लगातार अधिक बारिश होने पर उचित जल निकास की व्यवस्था करे I सोयाबीन की फसल में यदि एन्थ्राक्नोज एवं राइजोक्टोनिया ब्लाइट फफूंद जनित रोग दिखने पर इस रोग के नियंत्रण हेतु सलाह है कि टेबूकोनाझोल 625 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर अथवा टेबूकोनाझोल + सल्फर 1 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर अथवा टेबूकोनाजोल + ट्राईफ्लोक्सीस्ट्रोबिन @ 350 मि.ली. प्रति हेक्टे. अथवा हैक्जाकोनोझोल 5 प्रतिशत ईसी 800 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर से छिड़काव करें I स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I Madhya Pradesh MP 27-08-2026 Enable
169 सोयाबीन मे जल भराव एवं पीलेपणन पर सलाह Raisen वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Raisen ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 26 August से 5 September के दौरान दिन में 27 और रात में 23 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। पिछले सप्ताह 94 mm बारिश दर्ज हुई है। जून माह से अबतक कुल 560mm बारिश दर्ज हुई है। आगामी सप्ताह मे 75–95% बारिश होने की संभावना हे। धान की फसल में यदि अंतर शिराओं मे पीलापन या संपूर्ण पत्तियों एवं उभरती नई पत्तियों का हरितहीनता (क्लोरोसिस) दिखाई देती है यह लोहा (आयरन) एवं गंधक (सल्फर) तत्व की कमी के कारण होता है इन तत्वों की पूर्ति करने के लिये फेरस सल्फेट का 2% के घोल बनाकर कर पत्तियों पर 1 सप्ताह के अंतराल पर छिड़काव करना चाहिए। धान की फसल में यदि अनुशंसित उर्वरकों का प्रयोग नहीं किया है तो N:P:K 19:19:19 5 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करे । स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I Madhya Pradesh MP 27-08-2026 Enable
170 सोयाबीन मे जल भराव एवं पीलेपणन पर सलाह Sehore वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, एरिक्सन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Sehore ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 26 August से 5 September के दौरान दिन में 28 और रात में 24 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। पिछले सप्ताह 76 mm बारिश दर्ज हुई है। जून माह से अबतक कुल 505mm बारिश दर्ज हुई है। आगामी सप्ताह मे 70–95% बारिश होने की संभावना हे। सोयाबीन के खेत मे अधिक समय तक पानी भरे रहने से एवं लंबे समय तक सूखा पड़ने पर फसल मे पीलापन दिखाई देता है यह नाइट्रोजन / मेग्नेशियम/ लोह तत्व की कमी एवं अन्य पोषक तत्वों का असंतुलन के कारण होता है एवं सोयाबीन मे जड़ सड़न फफूँदजनित रोगों की संभावना बड़ जाती है I सोयाबीन में लगातार अधिक बारिश होने पर उचित जल निकास की व्यवस्था करे I सोयाबीन की फसल में यदि एन्थ्राक्नोज एवं राइजोक्टोनिया ब्लाइट फफूंद जनित रोग दिखने पर इस रोग के नियंत्रण हेतु सलाह है कि टेबूकोनाझोल 625 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर अथवा टेबूकोनाझोल + सल्फर 1 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर अथवा टेबूकोनाजोल + ट्राईफ्लोक्सीस्ट्रोबिन @ 350 मि.ली. प्रति हेक्टे. अथवा हैक्जाकोनोझोल 5 प्रतिशत ईसी 800 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर से छिड़काव करें I स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I Madhya Pradesh MP 27-08-2026 Enable