Message List: 11,662
| S.No | Message Title | Message | State | Created By | Creation Date | Status | Action |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 1791 | ग्रीष्मकालीन तिल पर सलाह Dhar | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं सोलीडरीडाड द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला धार ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 13 March से 22 March के दौरान दिन में 33 और रात में 22 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है।तिल की खेती अच्छी जल निकासी वाली पर्याप्त नमी वाली रेतीली दोमट भूमि तिल की खेती के लिए सबसे उपयुक्त है। तिल की बुवाई मे बीज की मात्रा छिडकाव विधि से 5 किग्रा/हे. एवं सीड ड्रिल से बुवाई मे 2.5-3 किग्रा/हेक्टेयर की बीज के आवश्यकता होती है किसान साथियों अधिक उपज प्राप्त करने के लिए लाइन से लाइनके बीच उचित दूरी रखकर सीड ड्रिल से बुआई करे| किसान साथियों से अनुरोध हे कि गेंहू कटाई के बाद बची हुई पराली (फसल अवशेष ) को नहीं जलाये। इसे जलाने से खेत में उपस्थित जीवाणु मर जाते है खेत की उत्तपादन शक्ति घट जाती है बाजार में उपलब्ध फसल अपघटक (बायो-डीकंपोजर) का उपयोग करने से पराली (फसल अवशेष ) को खाद में परवर्तित हो जाएगी एवं मृदा के उर्बरता बढ़ेगी एवं फसल का उत्तपादन बढ़ेगा। अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । | Madhya Pradesh | MP | 12-03-2025 | Enable |
|
| 1792 | ग्रीष्मकालीन तिल पर सलाह Mandsaur | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं सोलीडरीडाड द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला मंदसौर ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 13 March से 22 March के दौरान दिन में 35 और रात में 22 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है।तिल की खेती अच्छी जल निकासी वाली पर्याप्त नमी वाली रेतीली दोमट भूमि तिल की खेती के लिए सबसे उपयुक्त है। तिल की बुवाई मे बीज की मात्रा छिडकाव विधि से 5 किग्रा/हे. एवं सीड ड्रिल से बुवाई मे 2.5-3 किग्रा/हेक्टेयर की बीज के आवश्यकता होती है किसान साथियों अधिक उपज प्राप्त करने के लिए लाइन से लाइनके बीच उचित दूरी रखकर सीड ड्रिल से बुआई करे| किसान साथियों से अनुरोध हे कि गेंहू कटाई के बाद बची हुई पराली (फसल अवशेष ) को नहीं जलाये। इसे जलाने से खेत में उपस्थित जीवाणु मर जाते है खेत की उत्तपादन शक्ति घट जाती है बाजार में उपलब्ध फसल अपघटक (बायो-डीकंपोजर) का उपयोग करने से पराली (फसल अवशेष ) को खाद में परवर्तित हो जाएगी एवं मृदा के उर्बरता बढ़ेगी एवं फसल का उत्तपादन बढ़ेगा। अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । | Madhya Pradesh | MP | 12-03-2025 | Enable |
|
| 1793 | ग्रीष्मकालीन तिल पर सलाह Ratlam | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं सोलीडरीडाड द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला रतलाम ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 13 March से 22 March के दौरान दिन में 35 और रात में 22 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है।तिल की खेती अच्छी जल निकासी वाली पर्याप्त नमी वाली रेतीली दोमट भूमि तिल की खेती के लिए सबसे उपयुक्त है। तिल की बुवाई मे बीज की मात्रा छिडकाव विधि से 5 किग्रा/हे. एवं सीड ड्रिल से बुवाई मे 2.5-3 किग्रा/हेक्टेयर की बीज के आवश्यकता होती है किसान साथियों अधिक उपज प्राप्त करने के लिए लाइन से लाइनके बीच उचित दूरी रखकर सीड ड्रिल से बुआई करे| किसान साथियों से अनुरोध हे कि गेंहू कटाई के बाद बची हुई पराली (फसल अवशेष ) को नहीं जलाये। इसे जलाने से खेत में उपस्थित जीवाणु मर जाते है खेत की उत्तपादन शक्ति घट जाती है बाजार में उपलब्ध फसल अपघटक (बायो-डीकंपोजर) का उपयोग करने से पराली (फसल अवशेष ) को खाद में परवर्तित हो जाएगी एवं मृदा के उर्बरता बढ़ेगी एवं फसल का उत्तपादन बढ़ेगा। अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । | Madhya Pradesh | MP | 12-03-2025 | Enable |
|
| 1794 | ग्रीष्मकालीन तिल पर सलाह Vidisha | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं सोलीडरीडाड द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला विदिशा ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 13 March से 22 March के दौरान दिन में 33 और रात में 22 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है।तिल की खेती अच्छी जल निकासी वाली पर्याप्त नमी वाली रेतीली दोमट भूमि तिल की खेती के लिए सबसे उपयुक्त है। तिल की बुवाई मे बीज की मात्रा छिडकाव विधि से 5 किग्रा/हे. एवं सीड ड्रिल से बुवाई मे 2.5-3 किग्रा/हेक्टेयर की बीज के आवश्यकता होती है किसान साथियों अधिक उपज प्राप्त करने के लिए लाइन से लाइनके बीच उचित दूरी रखकर सीड ड्रिल से बुआई करे| किसान साथियों से अनुरोध हे कि गेंहू कटाई के बाद बची हुई पराली (फसल अवशेष ) को नहीं जलाये। इसे जलाने से खेत में उपस्थित जीवाणु मर जाते है खेत की उत्तपादन शक्ति घट जाती है बाजार में उपलब्ध फसल अपघटक (बायो-डीकंपोजर) का उपयोग करने से पराली (फसल अवशेष ) को खाद में परवर्तित हो जाएगी एवं मृदा के उर्बरता बढ़ेगी एवं फसल का उत्तपादन बढ़ेगा। अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । | Madhya Pradesh | MP | 12-03-2025 | Enable |
|
| 1795 | ग्रीष्मकालीन तिल पर सलाह Raisen | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं सोलीडरीडाड द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला रायसेन ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 13 March से 22 March के दौरान दिन में 34 और रात में 23 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है।तिल की खेती अच्छी जल निकासी वाली पर्याप्त नमी वाली रेतीली दोमट भूमि तिल की खेती के लिए सबसे उपयुक्त है। तिल की बुवाई मे बीज की मात्रा छिडकाव विधि से 5 किग्रा/हे. एवं सीड ड्रिल से बुवाई मे 2.5-3 किग्रा/हेक्टेयर की बीज के आवश्यकता होती है किसान साथियों अधिक उपज प्राप्त करने के लिए लाइन से लाइनके बीच उचित दूरी रखकर सीड ड्रिल से बुआई करे| किसान साथियों से अनुरोध हे कि गेंहू कटाई के बाद बची हुई पराली (फसल अवशेष ) को नहीं जलाये। इसे जलाने से खेत में उपस्थित जीवाणु मर जाते है खेत की उत्तपादन शक्ति घट जाती है बाजार में उपलब्ध फसल अपघटक (बायो-डीकंपोजर) का उपयोग करने से पराली (फसल अवशेष ) को खाद में परवर्तित हो जाएगी एवं मृदा के उर्बरता बढ़ेगी एवं फसल का उत्तपादन बढ़ेगा। अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । | Madhya Pradesh | MP | 12-03-2025 | Enable |
|
| 1796 | ग्रीष्मकालीन तिल पर सलाह Shajapur | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं सोलीडरीडाड द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला शाजापुर ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 13 March से 22 March के दौरान दिन में 35 और रात में 23 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है।तिल की खेती अच्छी जल निकासी वाली पर्याप्त नमी वाली रेतीली दोमट भूमि तिल की खेती के लिए सबसे उपयुक्त है। तिल की बुवाई मे बीज की मात्रा छिडकाव विधि से 5 किग्रा/हे. एवं सीड ड्रिल से बुवाई मे 2.5-3 किग्रा/हेक्टेयर की बीज के आवश्यकता होती है किसान साथियों अधिक उपज प्राप्त करने के लिए लाइन से लाइनके बीच उचित दूरी रखकर सीड ड्रिल से बुआई करे| किसान साथियों से अनुरोध हे कि गेंहू कटाई के बाद बची हुई पराली (फसल अवशेष ) को नहीं जलाये। इसे जलाने से खेत में उपस्थित जीवाणु मर जाते है खेत की उत्तपादन शक्ति घट जाती है बाजार में उपलब्ध फसल अपघटक (बायो-डीकंपोजर) का उपयोग करने से पराली (फसल अवशेष ) को खाद में परवर्तित हो जाएगी एवं मृदा के उर्बरता बढ़ेगी एवं फसल का उत्तपादन बढ़ेगा। अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । | Madhya Pradesh | MP | 12-03-2025 | Enable |
|
| 1797 | ग्रीष्मकालीन तिल पर सलाह Ujjain | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं सोलीडरीडाड द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला उज्जैन ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 13 March से 22 March के दौरान दिन में 33 और रात में 22 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है।तिल की खेती अच्छी जल निकासी वाली पर्याप्त नमी वाली रेतीली दोमट भूमि तिल की खेती के लिए सबसे उपयुक्त है। तिल की बुवाई मे बीज की मात्रा छिडकाव विधि से 5 किग्रा/हे. एवं सीड ड्रिल से बुवाई मे 2.5-3 किग्रा/हेक्टेयर की बीज के आवश्यकता होती है किसान साथियों अधिक उपज प्राप्त करने के लिए लाइन से लाइनके बीच उचित दूरी रखकर सीड ड्रिल से बुआई करे| किसान साथियों से अनुरोध हे कि गेंहू कटाई के बाद बची हुई पराली (फसल अवशेष ) को नहीं जलाये। इसे जलाने से खेत में उपस्थित जीवाणु मर जाते है खेत की उत्तपादन शक्ति घट जाती है बाजार में उपलब्ध फसल अपघटक (बायो-डीकंपोजर) का उपयोग करने से पराली (फसल अवशेष ) को खाद में परवर्तित हो जाएगी एवं मृदा के उर्बरता बढ़ेगी एवं फसल का उत्तपादन बढ़ेगा। अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । | Madhya Pradesh | MP | 12-03-2025 | Enable |
|
| 1798 | ग्रीष्मकालीन तिल पर सलाह Sehore | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं सोलीडरीडाड द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला सेहोरे ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 13 March से 22 March के दौरान दिन में 34 और रात में 22 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है।तिल की खेती अच्छी जल निकासी वाली पर्याप्त नमी वाली रेतीली दोमट भूमि तिल की खेती के लिए सबसे उपयुक्त है। तिल की बुवाई मे बीज की मात्रा छिडकाव विधि से 5 किग्रा/हे. एवं सीड ड्रिल से बुवाई मे 2.5-3 किग्रा/हेक्टेयर की बीज के आवश्यकता होती है किसान साथियों अधिक उपज प्राप्त करने के लिए लाइन से लाइनके बीच उचित दूरी रखकर सीड ड्रिल से बुआई करे| किसान साथियों से अनुरोध हे कि गेंहू कटाई के बाद बची हुई पराली (फसल अवशेष ) को नहीं जलाये। इसे जलाने से खेत में उपस्थित जीवाणु मर जाते है खेत की उत्तपादन शक्ति घट जाती है बाजार में उपलब्ध फसल अपघटक (बायो-डीकंपोजर) का उपयोग करने से पराली (फसल अवशेष ) को खाद में परवर्तित हो जाएगी एवं मृदा के उर्बरता बढ़ेगी एवं फसल का उत्तपादन बढ़ेगा। अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । | Madhya Pradesh | MP | 12-03-2025 | Enable |
|
| 1799 | ग्रीष्मकालीन तिल पर सलाह agar | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं सोलीडरीडाड द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला अागर ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 13 March से 22 March के दौरान दिन में 33 और रात में 22 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है।तिल की खेती अच्छी जल निकासी वाली पर्याप्त नमी वाली रेतीली दोमट भूमि तिल की खेती के लिए सबसे उपयुक्त है। तिल की बुवाई मे बीज की मात्रा छिडकाव विधि से 5 किग्रा/हे. एवं सीड ड्रिल से बुवाई मे 2.5-3 किग्रा/हेक्टेयर की बीज के आवश्यकता होती है किसान साथियों अधिक उपज प्राप्त करने के लिए लाइन से लाइनके बीच उचित दूरी रखकर सीड ड्रिल से बुआई करे| किसान साथियों से अनुरोध हे कि गेंहू कटाई के बाद बची हुई पराली (फसल अवशेष ) को नहीं जलाये। इसे जलाने से खेत में उपस्थित जीवाणु मर जाते है खेत की उत्तपादन शक्ति घट जाती है बाजार में उपलब्ध फसल अपघटक (बायो-डीकंपोजर) का उपयोग करने से पराली (फसल अवशेष ) को खाद में परवर्तित हो जाएगी एवं मृदा के उर्बरता बढ़ेगी एवं फसल का उत्तपादन बढ़ेगा। अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । | Madhya Pradesh | MP | 12-03-2025 | Enable |
|
| 1800 | ग्रीष्मकालीन तिल पर सलाह Bhopal | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं सोलीडरीडाड द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला भोपाल ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 13 March से 22 March के दौरान दिन में 33 और रात में 22 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है।तिल की खेती अच्छी जल निकासी वाली पर्याप्त नमी वाली रेतीली दोमट भूमि तिल की खेती के लिए सबसे उपयुक्त है। तिल की बुवाई मे बीज की मात्रा छिडकाव विधि से 5 किग्रा/हे. एवं सीड ड्रिल से बुवाई मे 2.5-3 किग्रा/हेक्टेयर की बीज के आवश्यकता होती है किसान साथियों अधिक उपज प्राप्त करने के लिए लाइन से लाइनके बीच उचित दूरी रखकर सीड ड्रिल से बुआई करे| किसान साथियों से अनुरोध हे कि गेंहू कटाई के बाद बची हुई पराली (फसल अवशेष ) को नहीं जलाये। इसे जलाने से खेत में उपस्थित जीवाणु मर जाते है खेत की उत्तपादन शक्ति घट जाती है बाजार में उपलब्ध फसल अपघटक (बायो-डीकंपोजर) का उपयोग करने से पराली (फसल अवशेष ) को खाद में परवर्तित हो जाएगी एवं मृदा के उर्बरता बढ़ेगी एवं फसल का उत्तपादन बढ़ेगा। अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । | Madhya Pradesh | MP | 12-03-2025 | Enable |
|