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1831 मूंग पर सलाह Mandsaur वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं सोलीडरीडाड द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Mandsaur ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 24 मई से 4 जून के दौरान दिन में 43 और रात में 25 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है। मूंग एवं उड़द में येलो मोजाइक रोग का प्रकोप होता है इस रोग में सर्वप्रथम कोमल पत्तियों पर पीले तथा हरे धब्बे दिखते है जैसे जैसे रोग की अवस्था बढ़ती है वैसे ही पीले क्षेत्र का आकार बढ़ता जाता है अंत में सभी पत्तियां पीली हो जाती है उनका आकार छोटा रह जाता है एवं दानों का आकार भी छोटा रह जाता है खेत में यह रोग सफ़ेद मक्खी द्वारा फैलता है इस समय सफ़ेद मक्खी की रोकथाम के लिए “यलो स्टिकी ट्रैप” लगायें एवं इमिडाक्लोप्रिड 17.8 एस.एल. 100-125 मिली लीटर प्रति हेक्टेयर का स्प्रे करें। किसान साथी ध्यान दे इस वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल का उपयोग गेंहू की पराली (फसल अवशेष) के प्रबंधन मे भी किया जा सकता है। किसान साथी ध्यान दे इस वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल का उपयोग गेंहू की पराली (फसल अवशेष) के प्रबंधन मे भी किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । Madhya Pradesh MP 25-05-2025 Enable
1832 मूंग पर सलाह Shajapur वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं सोलीडरीडाड द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Shajapur ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 24 मई से 4 जून के दौरान दिन में 41 और रात में 26 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है। मूंग एवं उड़द में येलो मोजाइक रोग का प्रकोप होता है इस रोग में सर्वप्रथम कोमल पत्तियों पर पीले तथा हरे धब्बे दिखते है जैसे जैसे रोग की अवस्था बढ़ती है वैसे ही पीले क्षेत्र का आकार बढ़ता जाता है अंत में सभी पत्तियां पीली हो जाती है उनका आकार छोटा रह जाता है एवं दानों का आकार भी छोटा रह जाता है खेत में यह रोग सफ़ेद मक्खी द्वारा फैलता है इस समय सफ़ेद मक्खी की रोकथाम के लिए “यलो स्टिकी ट्रैप” लगायें एवं इमिडाक्लोप्रिड 17.8 एस.एल. 100-125 मिली लीटर प्रति हेक्टेयर का स्प्रे करें। किसान साथी ध्यान दे इस वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल का उपयोग गेंहू की पराली (फसल अवशेष) के प्रबंधन मे भी किया जा सकता है।किसान साथी ध्यान दे इस वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल का उपयोग गेंहू की पराली (फसल अवशेष) के प्रबंधन मे भी किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । Madhya Pradesh MP 25-05-2025 Enable
1833 मूंग पर सलाह Ujjain वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं सोलीडरीडाड द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Ujjain ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 24 मई से 4 जून के दौरान दिन में 41 और रात में 26 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है। मूंग एवं उड़द में येलो मोजाइक रोग का प्रकोप होता है इस रोग में सर्वप्रथम कोमल पत्तियों पर पीले तथा हरे धब्बे दिखते है जैसे जैसे रोग की अवस्था बढ़ती है वैसे ही पीले क्षेत्र का आकार बढ़ता जाता है अंत में सभी पत्तियां पीली हो जाती है उनका आकार छोटा रह जाता है एवं दानों का आकार भी छोटा रह जाता है खेत में यह रोग सफ़ेद मक्खी द्वारा फैलता है इस समय सफ़ेद मक्खी की रोकथाम के लिए “यलो स्टिकी ट्रैप” लगायें एवं इमिडाक्लोप्रिड 17.8 एस.एल. 100-125 मिली लीटर प्रति हेक्टेयर का स्प्रे करें। किसान साथी ध्यान दे इस वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल का उपयोग गेंहू की पराली (फसल अवशेष) के प्रबंधन मे भी किया जा सकता है।किसान साथी ध्यान दे इस वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल का उपयोग गेंहू की पराली (फसल अवशेष) के प्रबंधन मे भी किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । Madhya Pradesh MP 25-05-2025 Enable
1834 मूंग पर सलाह Sehore वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं सोलीडरीडाड द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Sehore ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 24 मई से 4 जून के दौरान दिन में 42 और रात में 26 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है। मूंग एवं उड़द में येलो मोजाइक रोग का प्रकोप होता है इस रोग में सर्वप्रथम कोमल पत्तियों पर पीले तथा हरे धब्बे दिखते है जैसे जैसे रोग की अवस्था बढ़ती है वैसे ही पीले क्षेत्र का आकार बढ़ता जाता है अंत में सभी पत्तियां पीली हो जाती है उनका आकार छोटा रह जाता है एवं दानों का आकार भी छोटा रह जाता है खेत में यह रोग सफ़ेद मक्खी द्वारा फैलता है इस समय सफ़ेद मक्खी की रोकथाम के लिए “यलो स्टिकी ट्रैप” लगायें एवं इमिडाक्लोप्रिड 17.8 एस.एल. 100-125 मिली लीटर प्रति हेक्टेयर का स्प्रे करें। किसान साथी ध्यान दे इस वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल का उपयोग गेंहू की पराली (फसल अवशेष) के प्रबंधन मे भी किया जा सकता है।किसान साथी ध्यान दे इस वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल का उपयोग गेंहू की पराली (फसल अवशेष) के प्रबंधन मे भी किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । Madhya Pradesh MP 25-05-2025 Enable
1835 मूंग पर सलाह Dewas वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं सोलीडरीडाड द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Dewas ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 24 मई से 4 जून के दौरान दिन में 43 और रात में 26 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है। मूंग एवं उड़द में येलो मोजाइक रोग का प्रकोप होता है इस रोग में सर्वप्रथम कोमल पत्तियों पर पीले तथा हरे धब्बे दिखते है जैसे जैसे रोग की अवस्था बढ़ती है वैसे ही पीले क्षेत्र का आकार बढ़ता जाता है अंत में सभी पत्तियां पीली हो जाती है उनका आकार छोटा रह जाता है एवं दानों का आकार भी छोटा रह जाता है खेत में यह रोग सफ़ेद मक्खी द्वारा फैलता है इस समय सफ़ेद मक्खी की रोकथाम के लिए “यलो स्टिकी ट्रैप” लगायें एवं इमिडाक्लोप्रिड 17.8 एस.एल. 100-125 मिली लीटर प्रति हेक्टेयर का स्प्रे करें। किसान साथी ध्यान दे इस वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल का उपयोग गेंहू की पराली (फसल अवशेष) के प्रबंधन मे भी किया जा सकता है।किसान साथी ध्यान दे इस वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल का उपयोग गेंहू की पराली (फसल अवशेष) के प्रबंधन मे भी किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । Madhya Pradesh MP 25-05-2025 Enable
1836 मूंग पर सलाह Bhopal वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं सोलीडरीडाड द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Bhopal ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 24 मई से 4 जून के दौरान दिन में 39 और रात में 26 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है। मूंग एवं उड़द में येलो मोजाइक रोग का प्रकोप होता है इस रोग में सर्वप्रथम कोमल पत्तियों पर पीले तथा हरे धब्बे दिखते है जैसे जैसे रोग की अवस्था बढ़ती है वैसे ही पीले क्षेत्र का आकार बढ़ता जाता है अंत में सभी पत्तियां पीली हो जाती है उनका आकार छोटा रह जाता है एवं दानों का आकार भी छोटा रह जाता है खेत में यह रोग सफ़ेद मक्खी द्वारा फैलता है इस समय सफ़ेद मक्खी की रोकथाम के लिए “यलो स्टिकी ट्रैप” लगायें एवं इमिडाक्लोप्रिड 17.8 एस.एल. 100-125 मिली लीटर प्रति हेक्टेयर का स्प्रे करें। किसान साथी ध्यान दे इस वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल का उपयोग गेंहू की पराली (फसल अवशेष) के प्रबंधन मे भी किया जा सकता है।किसान साथी ध्यान दे इस वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल का उपयोग गेंहू की पराली (फसल अवशेष) के प्रबंधन मे भी किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । Madhya Pradesh MP 25-05-2025 Enable
1837 मूंग पर सलाह Agar वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं सोलीडरीडाड द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Agar ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 24 मई से 4 जून के दौरान दिन में 40 और रात में 24 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है। मूंग एवं उड़द में येलो मोजाइक रोग का प्रकोप होता है इस रोग में सर्वप्रथम कोमल पत्तियों पर पीले तथा हरे धब्बे दिखते है जैसे जैसे रोग की अवस्था बढ़ती है वैसे ही पीले क्षेत्र का आकार बढ़ता जाता है अंत में सभी पत्तियां पीली हो जाती है उनका आकार छोटा रह जाता है एवं दानों का आकार भी छोटा रह जाता है खेत में यह रोग सफ़ेद मक्खी द्वारा फैलता है इस समय सफ़ेद मक्खी की रोकथाम के लिए “यलो स्टिकी ट्रैप” लगायें एवं इमिडाक्लोप्रिड 17.8 एस.एल. 100-125 मिली लीटर प्रति हेक्टेयर का स्प्रे करें। किसान साथी ध्यान दे इस वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल का उपयोग गेंहू की पराली (फसल अवशेष) के प्रबंधन मे भी किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । Madhya Pradesh MP 25-05-2025 Enable
1838 বতৰৰ বতৰা আৰু আমাৰ পৰামৰ্শ (Jor_Namsissu, 26/5/25) জিলা: যোৰহাট ( ষ্টেচন: নামচিছু_AWS ) বতৰৰ বতৰা আৰু আমাৰ পৰামৰ্শ (বৈধতাৰ সময়সীমা: ২৬ মে’ৰ পৰা ৫ জুনলৈ, ২০২৫) চলিদাৰীডেড ৰ প্রিয় ক্ষুদ্ৰ চাহ খেতিয়ক সকল । ভি আই স্মাৰ্ট কৃষি ( VI Smart Agri) পৰামৰ্শলৈ স্বাগতম। যোৰহাট জিলাৰ নামচিছুত অৱস্থিত স্বয়ংক্ৰিয় বতৰ বিজ্ঞান কেন্দ্ৰৰ (Automatic Weather Station)ৰ পৰা পোৱা বতৰৰ পূৰ্বানুমান অনুসৰি ২৬ মে’ৰ পৰা ৫ জুনলৈ, ২০২৫ বতৰ সাধাৰণতে ডাৱৰীয়াৰ পৰা আংশিকভাৱে ডাৱৰীয়া হৈ থাকিব আৰু লগতে পাতলীয়াৰ পৰা মজলীয়া বৰষুণৰ সম্ভাৱনা আছে। দিনৰ উষ্ণতা প্ৰায় ২৮-৩৭ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ আৰু নিশাৰ উষ্ণতা প্ৰায় ২৪-২৬ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ হব বুলি অনুমান কৰা হৈছে। ৰাতিপুৱা আৰু আবেলিৰ আপেক্ষিক আৰ্দ্ৰতা ক্ৰমান্বয়ে প্ৰায় ৯৫ % আৰু ৬৫ % আশে-পাশে থাকিব। বতাহ প্ৰতি ঘন্টাত ২-৭ কিলোমিটাৰ বেগত উত্তৰ-পূব দিশৰ পৰা প্ৰবাহিত হব। চাহ খেতিৰ বাবে: • কৃষকসকলে নিশ্চয় এই সময়ত প্ৰায় সকলোবোৰ পৈণত আৰু অপৈণত চাহ বাগানত প্ৰথম কিস্তিত (First Split dose) কৰিব লগা সাৰৰ প্ৰয়োগ ইতিমধ্যে সম্পন্ন কৰিছে । যত এতিয়াও সাৰ প্ৰয়োগ সম্পন্ন কৰা হোৱা নাই, অতি সোনকালেই বাগিচাবোৰত সাৰৰ প্ৰয়োগ কৰিব লাগিব । অনুগ্ৰহ কৰি নিশ্চিত কৰিব যাতে চাহ বাগিছাখন অপতৃণৰ পৰা মুক্ত হয় । প্ৰতিজোপা চাহ গছত আৰু প্ৰতি বিঘাত প্ৰয়োগ কৰিব লগা সাৰৰ হিচাব প্ৰয়োগৰ আগতে শুদ্ধভাৱে কৰি লব। বৰষুণমুক্ত বতৰৰ পৰিস্থিতিত সাৰ প্ৰয়োগ কৰিব লাগেI • এই সময়ত বিশেষকৈ Helopeltis , Aphids, Flush worms , Green flies ,Red Spider আদি পোক-পতংগৰ আক্ৰমণ দেখা যায় । একেদৰে কিছুমান অঞ্চলত প্ৰতিকূল বতৰত Red Rust আৰু Black Rotৰ আক্ৰমণো লক্ষ্য কৰিব পাৰে। এই ৰোগবোৰ সাধাৰণতে মাটিৰ পুষ্টিৰ অভাৱ আৰু পানী জমা হোৱাৰ পিছত দেখা যায়। পানী জমা এলেকাবোৰত প্ৰয়োজনীয় ব্যৱধানত সৰু নলাৰ ব্যৱস্থা কৰিব । সংক্ৰমিত এলেকাবোৰ চিহ্নিত কৰি প্লাকিং কৰাৰ পিছত অনুমোদিত ৰাসায়নিক পদাৰ্থৰ স্পট স্প্ৰে (Spot spraying) কৰি নিয়ন্ত্ৰণ কৰিব। চাহ বাগিচাত পোক-পতংগ দেখা পোৱাৰ লগে লগে "Search and Kill" পদ্ধতি সম্পন্ন কৰাটো গুৰুত্বপূৰ্ণ। কাৰ্য্যকৰী নিয়ন্ত্ৰণৰ বাবে প্ৰয়োগ কৰিব লগা সকলো ৰাসায়নিক পদাৰ্থ নিম্নতম ৬-৭ দিনৰ ব্যৱধানত পাততোলাৰ পিছত স্প্ৰে কৰিব লাগিব যাতে পিছত কোনো এম.আৰ.এল. (MRL) সমস্যা নাহে। অন্যান্য শস্যৰ বাবে: • ভেণ্ডিৰ বাৰিষা কালত কৰা খেতিৰ উপযুক্ত সময় হল- মে মাহৰ পৰা জুলাই মাহ। মাটি ডৰা ভাল দৰে প্ৰস্তুত কৰি লব লাগে আৰু জৈৱিক সাৰ প্ৰয়োগ কৰিব লাগে। শাৰি আৰু গছৰ মাজৰ ব্যৱধান ক্ৰমে ৬০ ছেন্টিমিটাৰ আৰু ৪৫ ছেন্টিমিটাৰ হব লাগে। কৃষকসকলে পুচা চাৱানী (Pusa Sawani), প্ৰভানী ক্ৰান্তি (Prabhani Kranti) আৰু অন্যান্য নিৰ্বাচিত স্থানীয় প্ৰকাৰৰ বীজ সংগ্ৰহ কৰিব পাৰে। • গ্ৰীষ্মকালীন লাউৰ (Summer Bottle gourd) অনুমোদিত জাত যেনে পুছা ছামাৰ প্ৰলিফিক ৰাউণ্ড (Pusa Summer Prolific Round), পুছা মেঘদূত (Pusa Meghdoot), পুছা মঞ্জিৰি (Pusa Manjiri) আদিৰ বীজ সংগ্ৰহ কৰিব পাৰে। বতৰ আৰু কৃষি সম্পৰ্কীয় তথ্যৰ বিষয়ে জানিবলৈ কৃষকসকলে ৭০৬৫-০০-৫০৫৪ নম্বৰত মিছড কল দিব পাৰে। ধন্যবাদ । Assam Assam 25-05-2025 Enable
1839 বতৰৰ বতৰা আৰু আমাৰ পৰামৰ্শ (Jor_Alengi, 26/5/25) জিলা: যোৰহাট ( ষ্টেচন: এলেংগি_AWS ) বতৰৰ বতৰা আৰু আমাৰ পৰামৰ্শ (বৈধতাৰ সময়সীমা: ২৬ মে’ৰ পৰা ৫ জুনলৈ, ২০২৫) চলিদাৰীডেড ৰ প্রিয় ক্ষুদ্ৰ চাহ খেতিয়ক সকল । ভি আই স্মাৰ্ট কৃষি ( VI Smart Agri) পৰামৰ্শলৈ স্বাগতম। যোৰহাট জিলাৰ এলেংগিত অৱস্থিত স্বয়ংক্ৰিয় বতৰ বিজ্ঞান কেন্দ্ৰৰ (Automatic Weather Station)ৰ পৰা পোৱা বতৰৰ পূৰ্বানুমান অনুসৰি ২৬ মে’ৰ পৰা ৫ জুনলৈ, ২০২৫ বতৰ সাধাৰণতে ডাৱৰীয়াৰ পৰা আংশিকভাৱে ডাৱৰীয়া হৈ থাকিব আৰু লগতে পাতলীয়াৰ পৰা মজলীয়া বৰষুণৰ সম্ভাৱনা আছে। দিনৰ উষ্ণতা প্ৰায় ২৮-৩৭ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ আৰু নিশাৰ উষ্ণতা প্ৰায় ২৪-২৬ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ হব বুলি অনুমান কৰা হৈছে। ৰাতিপুৱা আৰু আবেলিৰ আপেক্ষিক আৰ্দ্ৰতা ক্ৰমান্বয়ে প্ৰায় ৯৬ % আৰু ৬০ % আশে-পাশে থাকিব। বতাহ প্ৰতি ঘন্টাত ২-৭ কিলোমিটাৰ বেগত উত্তৰ-পূব দিশৰ পৰা প্ৰবাহিত হব। চাহ খেতিৰ বাবে: • কৃষকসকলে নিশ্চয় এই সময়ত প্ৰায় সকলোবোৰ পৈণত আৰু অপৈণত চাহ বাগানত প্ৰথম কিস্তিত (First Split dose) কৰিব লগা সাৰৰ প্ৰয়োগ ইতিমধ্যে সম্পন্ন কৰিছে । যত এতিয়াও সাৰ প্ৰয়োগ সম্পন্ন কৰা হোৱা নাই, অতি সোনকালেই বাগিচাবোৰত সাৰৰ প্ৰয়োগ কৰিব লাগিব । অনুগ্ৰহ কৰি নিশ্চিত কৰিব যাতে চাহ বাগিছাখন অপতৃণৰ পৰা মুক্ত হয় । প্ৰতিজোপা চাহ গছত আৰু প্ৰতি বিঘাত প্ৰয়োগ কৰিব লগা সাৰৰ হিচাব প্ৰয়োগৰ আগতে শুদ্ধভাৱে কৰি লব। বৰষুণমুক্ত বতৰৰ পৰিস্থিতিত সাৰ প্ৰয়োগ কৰিব লাগেI • এই সময়ত বিশেষকৈ Helopeltis , Aphids, Flush worms , Green flies ,Red Spider আদি পোক-পতংগৰ আক্ৰমণ দেখা যায় । একেদৰে কিছুমান অঞ্চলত প্ৰতিকূল বতৰত Red Rust আৰু Black Rotৰ আক্ৰমণো লক্ষ্য কৰিব পাৰে। এই ৰোগবোৰ সাধাৰণতে মাটিৰ পুষ্টিৰ অভাৱ আৰু পানী জমা হোৱাৰ পিছত দেখা যায়। পানী জমা এলেকাবোৰত প্ৰয়োজনীয় ব্যৱধানত সৰু নলাৰ ব্যৱস্থা কৰিব । সংক্ৰমিত এলেকাবোৰ চিহ্নিত কৰি প্লাকিং কৰাৰ পিছত অনুমোদিত ৰাসায়নিক পদাৰ্থৰ স্পট স্প্ৰে (Spot spraying) কৰি নিয়ন্ত্ৰণ কৰিব। চাহ বাগিচাত পোক-পতংগ দেখা পোৱাৰ লগে লগে "Search and Kill" পদ্ধতি সম্পন্ন কৰাটো গুৰুত্বপূৰ্ণ। কাৰ্য্যকৰী নিয়ন্ত্ৰণৰ বাবে প্ৰয়োগ কৰিব লগা সকলো ৰাসায়নিক পদাৰ্থ নিম্নতম ৬-৭ দিনৰ ব্যৱধানত পাততোলাৰ পিছত স্প্ৰে কৰিব লাগিব যাতে পিছত কোনো এম.আৰ.এল. (MRL) সমস্যা নাহে। অন্যান্য শস্যৰ বাবে: • ভেণ্ডিৰ বাৰিষা কালত কৰা খেতিৰ উপযুক্ত সময় হল- মে মাহৰ পৰা জুলাই মাহ। মাটি ডৰা ভাল দৰে প্ৰস্তুত কৰি লব লাগে আৰু জৈৱিক সাৰ প্ৰয়োগ কৰিব লাগে। শাৰি আৰু গছৰ মাজৰ ব্যৱধান ক্ৰমে ৬০ ছেন্টিমিটাৰ আৰু ৪৫ ছেন্টিমিটাৰ হব লাগে। কৃষকসকলে পুচা চাৱানী (Pusa Sawani), প্ৰভানী ক্ৰান্তি (Prabhani Kranti) আৰু অন্যান্য নিৰ্বাচিত স্থানীয় প্ৰকাৰৰ বীজ সংগ্ৰহ কৰিব পাৰে। • গ্ৰীষ্মকালীন লাউৰ (Summer Bottle gourd) অনুমোদিত জাত যেনে পুছা ছামাৰ প্ৰলিফিক ৰাউণ্ড (Pusa Summer Prolific Round), পুছা মেঘদূত (Pusa Meghdoot), পুছা মঞ্জিৰি (Pusa Manjiri) আদিৰ বীজ সংগ্ৰহ কৰিব পাৰে। বতৰ আৰু কৃষি সম্পৰ্কীয় তথ্যৰ বিষয়ে জানিবলৈ কৃষকসকলে ৭০৬৫-০০-৫০৫৪ নম্বৰত মিছড কল দিব পাৰে। ধন্যবাদ । Assam Assam 25-05-2025 Enable
1840 বতৰৰ বতৰা আৰু আমাৰ পৰামৰ্শ (Dibru_Betonibaam, 26/5/25) জিলা: ডিব্ৰুগড় (ষ্টেচন: বেটোনিবাম_AWS) বতৰৰ বতৰা আৰু আমাৰ পৰামৰ্শ (বৈধতাৰ সময়সীমা: ২৬ মে’ৰ পৰা ৫ জুনলৈ, ২০২৫) চলিদাৰীডেড ৰ প্রিয় ক্ষুদ্ৰ চাহ খেতিয়ক সকল । ভি আই স্মাৰ্ট কৃষি ( VI Smart Agri) পৰামৰ্শলৈ স্বাগতম। ডিব্ৰুগড় জিলাৰ বেটোনিবামত অৱস্থিত স্বয়ংক্ৰিয় বতৰ বিজ্ঞান কেন্দ্ৰৰ (Automatic Weather Station) ৰ পৰা পোৱা বতৰৰ আগলি বতৰা অনুযায়ী ২৬ মে’ৰ পৰা ৫ জুনলৈ, ২০২৫ বতৰ সাধাৰণতে ডাৱৰীয়াৰ পৰা আংশিকভাৱে ডাৱৰীয়া হৈ থাকিব আৰু লগতে পাতলীয়াৰ পৰা মজলীয়া বৰষুণৰ সম্ভাৱনা আছে। দিনৰ উষ্ণতা প্ৰায় ২৬-৩৭ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ আৰু নিশাৰ উষ্ণতা প্ৰায় ২৩-২৬ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ হব বুলি অনুমান কৰা হৈছে। ৰাতিপুৱা আৰু আবেলিৰ আপেক্ষিক আৰ্দ্ৰতা ক্ৰমান্বয়ে প্ৰায় ৯৭ % আৰু ৬০ % আশে-পাশে থাকিব। বতাহ প্ৰতি ঘন্টাত ৩-৭ কিলোমিটাৰ বেগত উত্তৰ-পূব দিশৰ পৰা প্ৰবাহিত হব। চাহ খেতিৰ বাবে: • কৃষকসকলে নিশ্চয় এই সময়ত প্ৰায় সকলোবোৰ পৈণত আৰু অপৈণত চাহ বাগানত প্ৰথম কিস্তিত (First Split dose) কৰিব লগা সাৰৰ প্ৰয়োগ ইতিমধ্যে সম্পন্ন কৰিছে । যত এতিয়াও সাৰ প্ৰয়োগ সম্পন্ন কৰা হোৱা নাই, অতি সোনকালেই বাগিচাবোৰত সাৰৰ প্ৰয়োগ কৰিব লাগিব । অনুগ্ৰহ কৰি নিশ্চিত কৰিব যাতে চাহ বাগিছাখন অপতৃণৰ পৰা মুক্ত হয় । প্ৰতিজোপা চাহ গছত আৰু প্ৰতি বিঘাত প্ৰয়োগ কৰিব লগা সাৰৰ হিচাব প্ৰয়োগৰ আগতে শুদ্ধভাৱে কৰি লব। বৰষুণমুক্ত বতৰৰ পৰিস্থিতিত সাৰ প্ৰয়োগ কৰিব লাগেI • এই সময়ত বিশেষকৈ Helopeltis , Aphids, Flush worms , Green flies ,Red Spider আদি পোক-পতংগৰ আক্ৰমণ দেখা যায় । একেদৰে কিছুমান অঞ্চলত প্ৰতিকূল বতৰত Red Rust আৰু Black Rotৰ আক্ৰমণো লক্ষ্য কৰিব পাৰে। এই ৰোগবোৰ সাধাৰণতে মাটিৰ পুষ্টিৰ অভাৱ আৰু পানী জমা হোৱাৰ পিছত দেখা যায়। পানী জমা এলেকাবোৰত প্ৰয়োজনীয় ব্যৱধানত সৰু নলাৰ ব্যৱস্থা কৰিব । সংক্ৰমিত এলেকাবোৰ চিহ্নিত কৰি প্লাকিং কৰাৰ পিছত অনুমোদিত ৰাসায়নিক পদাৰ্থৰ স্পট স্প্ৰে (Spot spraying) কৰি নিয়ন্ত্ৰণ কৰিব। চাহ বাগিচাত পোক-পতংগ দেখা পোৱাৰ লগে লগে "Search and Kill" পদ্ধতি সম্পন্ন কৰাটো গুৰুত্বপূৰ্ণ। কাৰ্য্যকৰী নিয়ন্ত্ৰণৰ বাবে প্ৰয়োগ কৰিব লগা সকলো ৰাসায়নিক পদাৰ্থ নিম্নতম ৬-৭ দিনৰ ব্যৱধানত পাততোলাৰ পিছত স্প্ৰে কৰিব লাগিব যাতে পিছত কোনো এম.আৰ.এল. (MRL) সমস্যা নাহে। অন্যান্য শস্যৰ বাবে: • ভেণ্ডিৰ বাৰিষা কালত কৰা খেতিৰ উপযুক্ত সময় হল- মে মাহৰ পৰা জুলাই মাহ। মাটি ডৰা ভাল দৰে প্ৰস্তুত কৰি লব লাগে আৰু জৈৱিক সাৰ প্ৰয়োগ কৰিব লাগে। শাৰি আৰু গছৰ মাজৰ ব্যৱধান ক্ৰমে ৬০ ছেন্টিমিটাৰ আৰু ৪৫ ছেন্টিমিটাৰ হব লাগে। কৃষকসকলে পুচা চাৱানী (Pusa Sawani), প্ৰভানী ক্ৰান্তি (Prabhani Kranti) আৰু অন্যান্য নিৰ্বাচিত স্থানীয় প্ৰকাৰৰ বীজ সংগ্ৰহ কৰিব পাৰে। • গ্ৰীষ্মকালীন লাউৰ (Summer Bottle gourd) অনুমোদিত জাত যেনে পুছা ছামাৰ প্ৰলিফিক ৰাউণ্ড (Pusa Summer Prolific Round), পুছা মেঘদূত (Pusa Meghdoot), পুছা মঞ্জিৰি (Pusa Manjiri) আদিৰ বীজ সংগ্ৰহ কৰিব পাৰে। বতৰ আৰু কৃষি সম্পৰ্কীয় তথ্যৰ বিষয়ে জানিবলৈ কৃষকসকলে ৭০৬৫-০০-৫০৫৪ নম্বৰত মিছড কল দিব পাৰে। ধন্যবাদ । Assam Assam 25-05-2025 Enable