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2131 VIL-Adilabad-Bela-14.04.25 VIL-Adilabad-Bela-14.04.25- హలో తోటి రైతులకు..సాలిడారిడాడ్ మరియు వోడాఫోన్ ఐడియా ఫౌండేషన్ యొక్క స్మార్ట్ అగ్రికల్చర్ ప్రోగ్రామ్‌కు స్వాగతం. ఈ వారం కనిష్టంగా బేల, ఆదిలాబాద్ వద్ద ఆటోమేటెడ్ వాతావరణ స్టేషన్ యొక్క వాతావరణ సూచన 26 నుండి 29 డిగ్రీల సెల్సియస్ మరియు గరిష్ట ఉష్ణోగ్రత 40 నుండి 43 డిగ్రీల సెల్సియస్ వరకు ఉండవచ్చు మరియు వాతావరణం మేఘావృతంగా ఉండే అవకాశం ఉంది. రైతులకు సలహా:- వేసవి పంటల సమయంలో మరియు పంట పెరుగుదల దశను బట్టి నేల నుండి బాష్పోత్సేకం ఎక్కువగా ఉంటుంది కాబట్టి, రైతులు చంద్రుడు, వేరుశనగ, పొద్దుతిరుగుడు మరియు నువ్వుల పంటలకు ఉదయం మరియు సాయంత్రం తేలికగా నీరు పెట్టాలి మరియు కలుపు నియంత్రణ కోసం అంతర్-సాగు పనులను కూడా పూర్తి చేయాలి. పండించిన పండ్ల పంటలను వెంటనే కోసి మార్కెట్లో అమ్మాలి. ఉదయం మరియు సాయంత్రం పండ్ల చెట్లకు తేలికగా మరియు క్రమం తప్పకుండా నీరు పెట్టండి. నారింజ చెట్టు కాండం మీద గడ్డి, గడ్డి, గడ్డి, రక్షక కవచం, గోధుమ గడ్డి మొదలైన వాటితో కప్పండి. మ్రిగ్ బహారాలోని నారింజ మరియు సిట్రస్ చెట్లకు బిందు సేద్యం ఉపయోగించి నీరు పెట్టాలి. దీనికోసం, 6 సంవత్సరాల చెట్టుకు రోజుకు 41 లీటర్ల నీరు, 8 సంవత్సరాల చెట్టుకు 65 లీటర్ల నీరు, 10 సంవత్సరాల చెట్టుకు 80 లీటర్ల నీరు ఇవ్వాలి. కూరగాయల పంటలకు ఉదయం మరియు సాయంత్రం క్రమం తప్పకుండా నీరు పెట్టాలి. పండించిన ఉత్పత్తులను వెంటనే కోసి మార్కెట్లో అమ్మాలి. నర్సరీలో విత్తనాల బెడ్ మీద వేసవి మిరియాలు, వంకాయలు మరియు టమోటా విత్తనాలను విత్తండి. కొత్తిమీర, వెల్లుల్లి, ముల్లంగి, మెంతులు, పాలకూర, శ్రావణ ఘెవ్డా, బంగాళాదుంప, క్యారెట్, గ్వార్, బఠానీలు మొదలైన కూరగాయల పంటలను పండించాలి. ప్రస్తుతం, నువ్వుల పంట 55-60 రోజుల వయస్సు కలిగి, పుష్పించే దశలో ఉంది మరియు కొన్ని ప్రాంతాలలో, మొగ్గ దశలో ఉంది. నువ్వుల పంట దిగుబడిని పెంచడానికి, పంట పుష్పించే సమయంలో మరియు కాయ ఏర్పడే సమయంలో 2% DAP లేదా 13:00:45 గంటలకు పిచికారీ చేయాలి. అలాగే, జీవామృతం ఇవ్వడం వల్ల నువ్వుల దిగుబడి పెరుగుతుంది. రైతులు తమ పొలాల నుండి వ్యర్థాలను కాల్చడానికి బదులుగా కంపోస్ట్ ఎరువులను తయారు చేసుకోవాలి. అలాగే, స్మార్ట్ అగ్రి అడ్వైజరీ యాప్ యొక్క నవీకరించబడిన వెర్షన్ ప్లే స్టోర్‌లో అందుబాటులో ఉంది మరియు మొబైల్‌లో డౌన్‌లోడ్ చేసుకోవచ్చు. నవీకరించబడిన సంస్కరణలో వాతావరణ కేంద్రం నుండి వివరణాత్మక సమాచారం ఉంటుంది. సాలిడారిటీ స్మార్ట్ అగ్రి ప్రోగ్రామ్ గురించి మీ సందేహాలను పరిష్కరించడానికి దయచేసి మమ్మల్ని సంప్రదించండి. మొబైల్ నంబర్ 7798008855 ధన్యవాదాలు! ఈ సమాచారాన్ని మళ్ళీ వినడానికి, సున్నా నొక్కండి. Telangana Telangana 15-04-2025 Enable
2132 वैस्ट डीकम्पोज़र पर सलाह Shajapur वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं सोलीडरीडाड द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Shajapur ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 13 अप्रैल से 22 अप्रैल के दौरान दिन में 39 और रात में 26 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है। खरीफ के फसल में जैविक खाद उपलब्धता के लिए वेस्ट डीकम्पोज़र के उपयोग की सलाह दी जाती है वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल बनाने के लिए सर्व प्रथम 200 लीटर का एक ड्रम या टंकी में ले कर उसमे 2 किलो गुड पानी में डाल कर अच्छी तरह से मिला ले। इसके बाद वेस्ट डीकम्पोज़र को पानी के टंकी में डाल दे। ध्यान रखे की इसे लकड़ी की सहायता से मिलाए और हाथो के संपर्क में न लाये। किसी समतल स्थान पर 1 टन फसल अवशेष या घर से प्रति दिन निकलने वाले जैविक कचरे (सब्जी के छिलके, खराब खाना, पशुओं का गोबर) आदि को एक तह के रूप में बिछा ले। तैयार घोल से इसे भिगो दे, इसके ऊपर अपशिष्ट कचरे की पुनः एक तह बिछा दे और पुनः इस पर घोल डाल कर पूरी तरह भिगों दे। पूरी ढ़ेर की आद्रता (नमी) 60 प्रतिशत बनाए रखे। सात-सात दिनों के अंतराल पर इस समस्त कम्पोस्ट को उलटते-पलटते रहे और ज़रूरत हो तो पुनः घोल से भिगो दे । किसान साथी ध्यान दे इस वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल का उपयोग गेंहू की पराली (फसल अवशेष) के प्रबंधन मे भी किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । Madhya Pradesh MP 14-04-2025 Enable
2133 वैस्ट डीकम्पोज़र पर सलाह Jhabua वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं सोलीडरीडाड द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Jabua ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 13 अप्रैल से 22 अप्रैल के दौरान दिन में 40 और रात में 27 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है। खरीफ के फसल में जैविक खाद उपलब्धता के लिए वेस्ट डीकम्पोज़र के उपयोग की सलाह दी जाती है वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल बनाने के लिए सर्व प्रथम 200 लीटर का एक ड्रम या टंकी में ले कर उसमे 2 किलो गुड पानी में डाल कर अच्छी तरह से मिला ले। इसके बाद वेस्ट डीकम्पोज़र को पानी के टंकी में डाल दे। ध्यान रखे की इसे लकड़ी की सहायता से मिलाए और हाथो के संपर्क में न लाये। किसी समतल स्थान पर 1 टन फसल अवशेष या घर से प्रति दिन निकलने वाले जैविक कचरे (सब्जी के छिलके, खराब खाना, पशुओं का गोबर) आदि को एक तह के रूप में बिछा ले। तैयार घोल से इसे भिगो दे, इसके ऊपर अपशिष्ट कचरे की पुनः एक तह बिछा दे और पुनः इस पर घोल डाल कर पूरी तरह भिगों दे। पूरी ढ़ेर की आद्रता (नमी) 60 प्रतिशत बनाए रखे। सात-सात दिनों के अंतराल पर इस समस्त कम्पोस्ट को उलटते-पलटते रहे और ज़रूरत हो तो पुनः घोल से भिगो दे । किसान साथी ध्यान दे इस वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल का उपयोग गेंहू की पराली (फसल अवशेष) के प्रबंधन मे भी किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । Madhya Pradesh MP 14-04-2025 Enable
2134 वैस्ट डीकम्पोज़र पर सलाह Dhar वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं सोलीडरीडाड द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Dhar ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 13 अप्रैल से 22 अप्रैल के दौरान दिन में 39 और रात में 27 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है। खरीफ के फसल में जैविक खाद उपलब्धता के लिए वेस्ट डीकम्पोज़र के उपयोग की सलाह दी जाती है वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल बनाने के लिए सर्व प्रथम 200 लीटर का एक ड्रम या टंकी में ले कर उसमे 2 किलो गुड पानी में डाल कर अच्छी तरह से मिला ले। इसके बाद वेस्ट डीकम्पोज़र को पानी के टंकी में डाल दे। ध्यान रखे की इसे लकड़ी की सहायता से मिलाए और हाथो के संपर्क में न लाये। किसी समतल स्थान पर 1 टन फसल अवशेष या घर से प्रति दिन निकलने वाले जैविक कचरे (सब्जी के छिलके, खराब खाना, पशुओं का गोबर) आदि को एक तह के रूप में बिछा ले। तैयार घोल से इसे भिगो दे, इसके ऊपर अपशिष्ट कचरे की पुनः एक तह बिछा दे और पुनः इस पर घोल डाल कर पूरी तरह भिगों दे। पूरी ढ़ेर की आद्रता (नमी) 60 प्रतिशत बनाए रखे। सात-सात दिनों के अंतराल पर इस समस्त कम्पोस्ट को उलटते-पलटते रहे और ज़रूरत हो तो पुनः घोल से भिगो दे । किसान साथी ध्यान दे इस वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल का उपयोग गेंहू की पराली (फसल अवशेष) के प्रबंधन मे भी किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । Madhya Pradesh MP 14-04-2025 Enable
2135 वैस्ट डीकम्पोज़र पर सलाह Mandsaur वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं सोलीडरीडाड द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Mandsaur ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 13 अप्रैल से 22 अप्रैल के दौरान दिन में 40 और रात में 27 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है। खरीफ के फसल में जैविक खाद उपलब्धता के लिए वेस्ट डीकम्पोज़र के उपयोग की सलाह दी जाती है वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल बनाने के लिए सर्व प्रथम 200 लीटर का एक ड्रम या टंकी में ले कर उसमे 2 किलो गुड पानी में डाल कर अच्छी तरह से मिला ले। इसके बाद वेस्ट डीकम्पोज़र को पानी के टंकी में डाल दे। ध्यान रखे की इसे लकड़ी की सहायता से मिलाए और हाथो के संपर्क में न लाये। किसी समतल स्थान पर 1 टन फसल अवशेष या घर से प्रति दिन निकलने वाले जैविक कचरे (सब्जी के छिलके, खराब खाना, पशुओं का गोबर) आदि को एक तह के रूप में बिछा ले। तैयार घोल से इसे भिगो दे, इसके ऊपर अपशिष्ट कचरे की पुनः एक तह बिछा दे और पुनः इस पर घोल डाल कर पूरी तरह भिगों दे। पूरी ढ़ेर की आद्रता (नमी) 60 प्रतिशत बनाए रखे। सात-सात दिनों के अंतराल पर इस समस्त कम्पोस्ट को उलटते-पलटते रहे और ज़रूरत हो तो पुनः घोल से भिगो दे । किसान साथी ध्यान दे इस वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल का उपयोग गेंहू की पराली (फसल अवशेष) के प्रबंधन मे भी किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । Madhya Pradesh MP 14-04-2025 Enable
2136 वैस्ट डीकम्पोज़र पर सलाह Ujjain वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं सोलीडरीडाड द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Ujjain ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 13 अप्रैल से 22 अप्रैल के दौरान दिन में 39 और रात में 26 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है। खरीफ के फसल में जैविक खाद उपलब्धता के लिए वेस्ट डीकम्पोज़र के उपयोग की सलाह दी जाती है वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल बनाने के लिए सर्व प्रथम 200 लीटर का एक ड्रम या टंकी में ले कर उसमे 2 किलो गुड पानी में डाल कर अच्छी तरह से मिला ले। इसके बाद वेस्ट डीकम्पोज़र को पानी के टंकी में डाल दे। ध्यान रखे की इसे लकड़ी की सहायता से मिलाए और हाथो के संपर्क में न लाये। किसी समतल स्थान पर 1 टन फसल अवशेष या घर से प्रति दिन निकलने वाले जैविक कचरे (सब्जी के छिलके, खराब खाना, पशुओं का गोबर) आदि को एक तह के रूप में बिछा ले। तैयार घोल से इसे भिगो दे, इसके ऊपर अपशिष्ट कचरे की पुनः एक तह बिछा दे और पुनः इस पर घोल डाल कर पूरी तरह भिगों दे। पूरी ढ़ेर की आद्रता (नमी) 60 प्रतिशत बनाए रखे। सात-सात दिनों के अंतराल पर इस समस्त कम्पोस्ट को उलटते-पलटते रहे और ज़रूरत हो तो पुनः घोल से भिगो दे । किसान साथी ध्यान दे इस वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल का उपयोग गेंहू की पराली (फसल अवशेष) के प्रबंधन मे भी किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । Madhya Pradesh MP 14-04-2025 Enable
2137 वैस्ट डीकम्पोज़र पर सलाह Sehore वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं सोलीडरीडाड द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Sehore ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 13 अप्रैल से 22 अप्रैल के दौरान दिन में 39 और रात में 25 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है। खरीफ के फसल में जैविक खाद उपलब्धता के लिए वेस्ट डीकम्पोज़र के उपयोग की सलाह दी जाती है वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल बनाने के लिए सर्व प्रथम 200 लीटर का एक ड्रम या टंकी में ले कर उसमे 2 किलो गुड पानी में डाल कर अच्छी तरह से मिला ले। इसके बाद वेस्ट डीकम्पोज़र को पानी के टंकी में डाल दे। ध्यान रखे की इसे लकड़ी की सहायता से मिलाए और हाथो के संपर्क में न लाये। किसी समतल स्थान पर 1 टन फसल अवशेष या घर से प्रति दिन निकलने वाले जैविक कचरे (सब्जी के छिलके, खराब खाना, पशुओं का गोबर) आदि को एक तह के रूप में बिछा ले। तैयार घोल से इसे भिगो दे, इसके ऊपर अपशिष्ट कचरे की पुनः एक तह बिछा दे और पुनः इस पर घोल डाल कर पूरी तरह भिगों दे। पूरी ढ़ेर की आद्रता (नमी) 60 प्रतिशत बनाए रखे। सात-सात दिनों के अंतराल पर इस समस्त कम्पोस्ट को उलटते-पलटते रहे और ज़रूरत हो तो पुनः घोल से भिगो दे । किसान साथी ध्यान दे इस वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल का उपयोग गेंहू की पराली (फसल अवशेष) के प्रबंधन मे भी किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । Madhya Pradesh MP 14-04-2025 Enable
2138 वैस्ट डीकम्पोज़र पर सलाह Raisen वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं सोलीडरीडाड द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Raisen ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 13 अप्रैल से 22 अप्रैल के दौरान दिन में 40 और रात में 26 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है। खरीफ के फसल में जैविक खाद उपलब्धता के लिए वेस्ट डीकम्पोज़र के उपयोग की सलाह दी जाती है वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल बनाने के लिए सर्व प्रथम 200 लीटर का एक ड्रम या टंकी में ले कर उसमे 2 किलो गुड पानी में डाल कर अच्छी तरह से मिला ले। इसके बाद वेस्ट डीकम्पोज़र को पानी के टंकी में डाल दे। ध्यान रखे की इसे लकड़ी की सहायता से मिलाए और हाथो के संपर्क में न लाये। किसी समतल स्थान पर 1 टन फसल अवशेष या घर से प्रति दिन निकलने वाले जैविक कचरे (सब्जी के छिलके, खराब खाना, पशुओं का गोबर) आदि को एक तह के रूप में बिछा ले। तैयार घोल से इसे भिगो दे, इसके ऊपर अपशिष्ट कचरे की पुनः एक तह बिछा दे और पुनः इस पर घोल डाल कर पूरी तरह भिगों दे। पूरी ढ़ेर की आद्रता (नमी) 60 प्रतिशत बनाए रखे। सात-सात दिनों के अंतराल पर इस समस्त कम्पोस्ट को उलटते-पलटते रहे और ज़रूरत हो तो पुनः घोल से भिगो दे । किसान साथी ध्यान दे इस वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल का उपयोग गेंहू की पराली (फसल अवशेष) के प्रबंधन मे भी किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । Madhya Pradesh MP 14-04-2025 Enable
2139 वैस्ट डीकम्पोज़र पर सलाह Vidisha वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं सोलीडरीडाड द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Vidisha ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 13 अप्रैल से 22 अप्रैल के दौरान दिन में 40 और रात में 27 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है। खरीफ के फसल में जैविक खाद उपलब्धता के लिए वेस्ट डीकम्पोज़र के उपयोग की सलाह दी जाती है वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल बनाने के लिए सर्व प्रथम 200 लीटर का एक ड्रम या टंकी में ले कर उसमे 2 किलो गुड पानी में डाल कर अच्छी तरह से मिला ले। इसके बाद वेस्ट डीकम्पोज़र को पानी के टंकी में डाल दे। ध्यान रखे की इसे लकड़ी की सहायता से मिलाए और हाथो के संपर्क में न लाये। किसी समतल स्थान पर 1 टन फसल अवशेष या घर से प्रति दिन निकलने वाले जैविक कचरे (सब्जी के छिलके, खराब खाना, पशुओं का गोबर) आदि को एक तह के रूप में बिछा ले। तैयार घोल से इसे भिगो दे, इसके ऊपर अपशिष्ट कचरे की पुनः एक तह बिछा दे और पुनः इस पर घोल डाल कर पूरी तरह भिगों दे। पूरी ढ़ेर की आद्रता (नमी) 60 प्रतिशत बनाए रखे। सात-सात दिनों के अंतराल पर इस समस्त कम्पोस्ट को उलटते-पलटते रहे और ज़रूरत हो तो पुनः घोल से भिगो दे । किसान साथी ध्यान दे इस वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल का उपयोग गेंहू की पराली (फसल अवशेष) के प्रबंधन मे भी किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । Madhya Pradesh MP 14-04-2025 Enable
2140 वैस्ट डीकम्पोज़र पर सलाह Bhopal वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं सोलीडरीडाड द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Bhopal ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 13 अप्रैल से 22 अप्रैल के दौरान दिन में 38 और रात में 27 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है। खरीफ के फसल में जैविक खाद उपलब्धता के लिए वेस्ट डीकम्पोज़र के उपयोग की सलाह दी जाती है वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल बनाने के लिए सर्व प्रथम 200 लीटर का एक ड्रम या टंकी में ले कर उसमे 2 किलो गुड पानी में डाल कर अच्छी तरह से मिला ले। इसके बाद वेस्ट डीकम्पोज़र को पानी के टंकी में डाल दे। ध्यान रखे की इसे लकड़ी की सहायता से मिलाए और हाथो के संपर्क में न लाये। किसी समतल स्थान पर 1 टन फसल अवशेष या घर से प्रति दिन निकलने वाले जैविक कचरे (सब्जी के छिलके, खराब खाना, पशुओं का गोबर) आदि को एक तह के रूप में बिछा ले। तैयार घोल से इसे भिगो दे, इसके ऊपर अपशिष्ट कचरे की पुनः एक तह बिछा दे और पुनः इस पर घोल डाल कर पूरी तरह भिगों दे। पूरी ढ़ेर की आद्रता (नमी) 60 प्रतिशत बनाए रखे। सात-सात दिनों के अंतराल पर इस समस्त कम्पोस्ट को उलटते-पलटते रहे और ज़रूरत हो तो पुनः घोल से भिगो दे । किसान साथी ध्यान दे इस वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल का उपयोग गेंहू की पराली (फसल अवशेष) के प्रबंधन मे भी किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । Madhya Pradesh MP 14-04-2025 Enable