Message List: 12,194
| S.No | Message Title | Message | State | Created By | Creation Date | Status | Action |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 2921 | Sugarcane Karad Block | शेतकरी बंधू आणि भगिनींनो नमस्कार. स्मार्ट ॲग्री कार्यक्रमांमध्ये आपले स्वागत आहे. 28 डिसेंबर ते 7 जानेवारी या तारखेदरम्यान कराड- शिराळा परिसरामध्ये दिवसाचे तापमान 24 ते 31 अंश सेल्सिअस तर रात्रीचे तापमान 15 ते 21 अंश सेल्सिअस राहील. या 10 दिवसांमध्ये पश्चिम-उत्तर दिशेने तर कधी पूर्व उत्तर दिशेने थंड वारे ताशी 4 ते 16 किलोमीटर वेगाने वाहतील, ढगाळ वातावरण राहील परंतु पाऊस पडण्याची शक्यता नाहीतसेच या दिवसात हवेतील आर्द्रता 40 ते 82 टक्के राहील. खोडवा पिकाच्या उत्पन वाढीसाठी ज्या शेतात ऊसाची तोडणी केली जात आहे त्या शेतकर्यांनी ऊसाची तोडणी जमिनीलगत करावी किवा बुडके छाटणी करावी. खोडकीवर एकरी 1 किलो ट्रायकोडरमाची फवारणी करावी. ऊसाचा वाळलेला पाला वेस्ट डीकंपोजरच्या साह्याने शेतातच कुजवावा असे केल्याने जमिनीस चांगले सेंद्रिय खत उपलब्ध होईल. ऊस तोडल्यानंतर एका आठवड्यात खोडव्यास पाणी द्या, तसेच, एका महिन्याच्या आत बैल नांगरीने बगला फोडून एकरी 45 किलो युरिया, 150 किलो सिंगल सुपर फॉस्फेट, 50 किलो पोटॅश, 5 किलो मायक्रोसोल, 5 किलो सल्फर मिसळून खोडव्यास टाकावे त्यामुळे पिकाची वाढ चांगली होईल तसेच शक्य आसल्यास खोडव्यामध्ये आंतरपीक घ्या. खोडव्यामध्ये रोपांच्या सह्याने नांग्या भरणी करावी. शेतकरी मित्रानो आपल्या शेतातील माती परीक्षण व जमिनीची मशागत करून घ्यावी आणि एकरी 10 टन शेणखत किंवा 1 ते 1.5 टन गांडूळखत किंवा 8 ते 10 टन प्रेस मड शेतात मिसळावे. सध्या कांडी लागण करण्यासाठी वातावरण अनुकूल नाही शक्यतो रोपांच्या साह्यानेच लागण करा. नवीन ऊस लागणीमध्ये व तुटलेल्या खोडव्या मध्ये तण नियंत्रण करण्यासाठी शेतात मशागत करा किंवा तननाशकाची फवारणी करा. 2.5 महिन्याच्या ऊस पिकासाठी एकरी 75 किलो युरिया टाका, सोबत 400-600 किलो शेणखत टाका. तसेच 2 महिन्याच्या खोडवा पिकासाठी प्रति एकर 2-4 किलो 0:52:34(WSF), 100 लिटर पाण्यामध्ये मिसळून फवारणी करावी. स्मार्ट ॲग्री कार्यक्रमाच्या अधिक माहितीसाठी 9205021814 या नंबर वर संपर्क करा तसेच हा संदेश पुन्हा ऐकण्यासाठी 7065005054 या नंबर वरती संपर्क करा धन्यवाद. | Maharashtra | MH | 27-12-2024 | Enable |
|
| 2922 | Sugarcane Panhala Block | शेतकरी बंधू आणि भगिनींनो नमस्कार. स्मार्ट ॲग्री कार्यक्रमांमध्ये आपले स्वागत आहे. 28 डिसेंबर ते 7 जानेवारी या तारखेदरम्यान पन्हाळा-शाहुवाडी परिसरामध्ये दिवसाचे तापमान 24 ते 31 अंश सेल्सिअस तर रात्रीचे तापमान 15 ते 21 अंश सेल्सिअस राहील. या 10 दिवसांमध्ये पश्चिम-उत्तर दिशेने तर कधी पूर्व उत्तर दिशेने थंड वारे ताशी 4 ते 16 किलोमीटर वेगाने वाहतील, ढगाळ वातावरण राहील परंतु पाऊस पडण्याची शक्यता नाहीतसेच या दिवसात हवेतील आर्द्रता 40 ते 82 टक्के राहील. खोडवा पिकाच्या उत्पन वाढीसाठी ज्या शेतात ऊसाची तोडणी केली जात आहे त्या शेतकर्यांनी ऊसाची तोडणी जमिनीलगत करावी किवा बुडके छाटणी करावी. खोडकीवर एकरी 1 किलो ट्रायकोडरमाची फवारणी करावी. ऊसाचा वाळलेला पाला वेस्ट डीकंपोजरच्या साह्याने शेतातच कुजवावा असे केल्याने जमिनीस चांगले सेंद्रिय खत उपलब्ध होईल. ऊस तोडल्यानंतर एका आठवड्यात खोडव्यास पाणी द्या, तसेच, एका महिन्याच्या आत बैल नांगरीने बगला फोडून एकरी 45 किलो युरिया, 150 किलो सिंगल सुपर फॉस्फेट, 50 किलो पोटॅश, 5 किलो मायक्रोसोल, 5 किलो सल्फर मिसळून खोडव्यास टाकावे त्यामुळे पिकाची वाढ चांगली होईल तसेच शक्य आसल्यास खोडव्यामध्ये आंतरपीक घ्या. खोडव्यामध्ये रोपांच्या सह्याने नांग्या भरणी करावी. शेतकरी मित्रानो आपल्या शेतातील माती परीक्षण व जमिनीची मशागत करून घ्यावी आणि एकरी 10 टन शेणखत किंवा 1 ते 1.5 टन गांडूळखत किंवा 8 ते 10 टन प्रेस मड शेतात मिसळावे. सध्या कांडी लागण करण्यासाठी वातावरण अनुकूल नाही शक्यतो रोपांच्या साह्यानेच लागण करा. नवीन ऊस लागणीमध्ये व तुटलेल्या खोडव्या मध्ये तण नियंत्रण करण्यासाठी शेतात मशागत करा किंवा तननाशकाची फवारणी करा. 2.5 महिन्याच्या ऊस पिकासाठी एकरी 75 किलो युरिया टाका, सोबत 400-600 किलो शेणखत टाका. तसेच 2 महिन्याच्या खोडवा पिकासाठी प्रति एकर 2-4 किलो 0:52:34(WSF), 100 लिटर पाण्यामध्ये मिसळून फवारणी करावी. स्मार्ट ॲग्री कार्यक्रमाच्या अधिक माहितीसाठी 9205021814 या नंबर वर संपर्क करा तसेच हा संदेश पुन्हा ऐकण्यासाठी 7065005054 या नंबर वरती संपर्क करा धन्यवाद. | Maharashtra | MH | 27-12-2024 | Enable |
|
| 2923 | Advisory 28 Dec to 7 Jan 2025 Moholi | प्रिय किसान साथियों, दिसम्बर माह की 28 तारीख से 7 जनवरी के दौरान शाहजहांपुर जिले के महोली क्षेत्र के दिन तथा रात के तापमान में कमी आयेगी | इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 18 से 22 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 8 से 12 डिग्री सेंटीग्रेड तक रहेगा I इस दौरान पश्चिम उत्तर दिशा से 8 से 12 किलोमीटर की गति से ठंडी हवायें चलेंगी, 28 और 29 दिसम्बर को 70 से 80 % वर्षा की सम्भावना है, आमतौर पर आसमान पर हल्के बादल रहेगें| जिसकी वजह से वायुमंडलीय आर्द्रता 48 से 76 % तक रहने की संभावना है | किसान भाई बुवारी तथा पेंडी गन्ना इस समय परिपक्वता की अवस्था में है, इस अवस्था ठण्ड का दुस्प्रभाव अधिक पड़ता है जिससे गन्ना सूखकर कम पैदावार देता है ऐसे में नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें, जिससे गन्ने की वजन में बढोत्तरी हो सके, ठण्डी के दिनों में गन्ना तथा इसके अन्तर्गत intercrops को इसके दुस्प्रभाव से बचने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है की आवश्यक्ता के अनुसार हल्की सिचांई करते रहे इससे फसलो के अंदर तापमान अधिक रहता है, यह कार्य खड़े तथा शरद कालीन बुवाई के गन्ने दोनों में ही करें| किसान भाइयो गन्ने की पेंडी फसल से अच्छी पैदावार लेने के लिए, हमेशा गन्ने की कटाई जमीन की सतह से ही करें, गन्ना कटाई के एक सप्ताह के अंदर सिंचाई करें, गन्ने की सूखी पत्ती को कभी जलाये नही सूखी पत्ती को खेत में बिछाये पत्ती को सडाने के लिए waste decomposer का उपयोग करें, खेत में हल चलाकर 50kg यूरिया + 75kg DAP+ 50kg पोटास + 25kg Micronutrient एक एकड़ में डालें| जिन किसान भाइयों ने सितम्बर – अक्टूबर माह में गन्ना बुवाई की है, गैपफिलिंग के लिए ट्रे में उगाई गई नर्सरी के पौधों का उपयोग अधिक लाभकारी होगा, गन्ने की नालियों में निराई गुड़ाई करे, जिस शरद कालीन गन्ने की उम्र 65 से 70 दिन की हो गई है ऐसे खेतो में 50kg / एकड़ की दर से यूरिया लाइनों में प्रयोग करें, जिन किसानो के पास जमीन कम है तथा वह गेंहू कटाई के बाद गन्ना बुवाई करते है ऐसे किसान भाई FIRB विधि से गेंहू की बुवाई करे तथा फरवरी के महीने में उचित तापमान आने पर पानी लगाकर लाइनों में बुवाई करें, ध्यान रखे गन्ने के लिए कोई अलग से खाद न डालें| सरसों, लाही आदि में जिनमे फूल या फली बनना शुरू हो गई है, इस अवस्था में Aphid आने के लिए मौसम अनुकूल रहेगा, ध्यान रखें इसमें चैंपा रोग लग सकता है इसकी रोकथाम के लिए Metacide / Metasystox 100ml प्रति एकड़ अथवा रोगोर 400ml प्रति एकड़ की दर से 200 ली. पानी में डालकर छिडकाव करें, धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें |शरदकालीन गन्ने में नियमित निराई गुड़ाई करते रहे, गन्ना फुटाव की अवस्था में निराई गुड़ाई, और पर्याप्त मात्रा में नमी अत्यंत अवश्यक होता | Uttar Pradesh | Uttar Pradesh | 27-12-2024 | Enable |
|
| 2924 | Advisory 28 Dec to 7 Jan 2025 Jalalabad | प्रिय किसान साथियों, दिसम्बर माह की 28 तारीख से 7 जनवरी के दौरान शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद क्षेत्र के दिन तथा रात के तापमान में कमी आयेगी | इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 18 से 22 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 8 से 12 डिग्री सेंटीग्रेड तक रहेगा I इस दौरान पश्चिम उत्तर दिशा से 8 से 12 किलोमीटर की गति से ठंडी हवायें चलेंगी, 28 और 29 दिसम्बर को 70 से 80 % वर्षा की सम्भावना है, आमतौर पर आसमान पर हल्के बादल रहेगें| जिसकी वजह से वायुमंडलीय आर्द्रता 48 से 76 % तक रहने की संभावना है | किसान भाई बुवारी तथा पेंडी गन्ना इस समय परिपक्वता की अवस्था में है, इस अवस्था ठण्ड का दुस्प्रभाव अधिक पड़ता है जिससे गन्ना सूखकर कम पैदावार देता है ऐसे में नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें, जिससे गन्ने की वजन में बढोत्तरी हो सके, ठण्डी के दिनों में गन्ना तथा इसके अन्तर्गत intercrops को इसके दुस्प्रभाव से बचने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है की आवश्यक्ता के अनुसार हल्की सिचांई करते रहे इससे फसलो के अंदर तापमान अधिक रहता है, यह कार्य खड़े तथा शरद कालीन बुवाई के गन्ने दोनों में ही करें| किसान भाइयो गन्ने की पेंडी फसल से अच्छी पैदावार लेने के लिए, हमेशा गन्ने की कटाई जमीन की सतह से ही करें, गन्ना कटाई के एक सप्ताह के अंदर सिंचाई करें, गन्ने की सूखी पत्ती को कभी जलाये नही सूखी पत्ती को खेत में बिछाये पत्ती को सडाने के लिए waste decomposer का उपयोग करें, खेत में हल चलाकर 50kg यूरिया + 75kg DAP+ 50kg पोटास + 25kg Micronutrient एक एकड़ में डालें| जिन किसान भाइयों ने सितम्बर – अक्टूबर माह में गन्ना बुवाई की है, गैपफिलिंग के लिए ट्रे में उगाई गई नर्सरी के पौधों का उपयोग अधिक लाभकारी होगा, गन्ने की नालियों में निराई गुड़ाई करे, जिस शरद कालीन गन्ने की उम्र 65 से 70 दिन की हो गई है ऐसे खेतो में 50kg / एकड़ की दर से यूरिया लाइनों में प्रयोग करें, जिन किसानो के पास जमीन कम है तथा वह गेंहू कटाई के बाद गन्ना बुवाई करते है ऐसे किसान भाई FIRB विधि से गेंहू की बुवाई करे तथा फरवरी के महीने में उचित तापमान आने पर पानी लगाकर लाइनों में बुवाई करें, ध्यान रखे गन्ने के लिए कोई अलग से खाद न डालें| सरसों, लाही आदि में जिनमे फूल या फली बनना शुरू हो गई है, इस अवस्था में Aphid आने के लिए मौसम अनुकूल रहेगा, ध्यान रखें इसमें चैंपा रोग लग सकता है इसकी रोकथाम के लिए Metacide / Metasystox 100ml प्रति एकड़ अथवा रोगोर 400ml प्रति एकड़ की दर से 200 ली. पानी में डालकर छिडकाव करें, धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें |शरदकालीन गन्ने में नियमित निराई गुड़ाई करते रहे, गन्ना फुटाव की अवस्था में निराई गुड़ाई, और पर्याप्त मात्रा में नमी अत्यंत अवश्यक होता | Uttar Pradesh | Uttar Pradesh | 27-12-2024 | Enable |
|
| 2925 | Advisory 28 Dec to 7 Jan 2025 Allaganj | प्रिय किसान साथियों, दिसम्बर माह की 28 तारीख से 7 जनवरी के दौरान शाहजहांपुर जिले के अल्लागंज क्षेत्र के दिन तथा रात के तापमान में कमी आयेगी | इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 18 से 22 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 8 से 12 डिग्री सेंटीग्रेड तक रहेगा I इस दौरान पश्चिम उत्तर दिशा से 8 से 12 किलोमीटर की गति से ठंडी हवायें चलेंगी, 28 और 29 दिसम्बर को 70 से 80 % वर्षा की सम्भावना है, आमतौर पर आसमान पर हल्के बादल रहेगें| जिसकी वजह से वायुमंडलीय आर्द्रता 48 से 76 % तक रहने की संभावना है | किसान भाई बुवारी तथा पेंडी गन्ना इस समय परिपक्वता की अवस्था में है, इस अवस्था ठण्ड का दुस्प्रभाव अधिक पड़ता है जिससे गन्ना सूखकर कम पैदावार देता है ऐसे में नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें, जिससे गन्ने की वजन में बढोत्तरी हो सके, ठण्डी के दिनों में गन्ना तथा इसके अन्तर्गत intercrops को इसके दुस्प्रभाव से बचने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है की आवश्यक्ता के अनुसार हल्की सिचांई करते रहे इससे फसलो के अंदर तापमान अधिक रहता है, यह कार्य खड़े तथा शरद कालीन बुवाई के गन्ने दोनों में ही करें| किसान भाइयो गन्ने की पेंडी फसल से अच्छी पैदावार लेने के लिए, हमेशा गन्ने की कटाई जमीन की सतह से ही करें, गन्ना कटाई के एक सप्ताह के अंदर सिंचाई करें, गन्ने की सूखी पत्ती को कभी जलाये नही सूखी पत्ती को खेत में बिछाये पत्ती को सडाने के लिए waste decomposer का उपयोग करें, खेत में हल चलाकर 50kg यूरिया + 75kg DAP+ 50kg पोटास + 25kg Micronutrient एक एकड़ में डालें| जिन किसान भाइयों ने सितम्बर – अक्टूबर माह में गन्ना बुवाई की है, गैपफिलिंग के लिए ट्रे में उगाई गई नर्सरी के पौधों का उपयोग अधिक लाभकारी होगा, गन्ने की नालियों में निराई गुड़ाई करे, जिस शरद कालीन गन्ने की उम्र 65 से 70 दिन की हो गई है ऐसे खेतो में 50kg / एकड़ की दर से यूरिया लाइनों में प्रयोग करें, जिन किसानो के पास जमीन कम है तथा वह गेंहू कटाई के बाद गन्ना बुवाई करते है ऐसे किसान भाई FIRB विधि से गेंहू की बुवाई करे तथा फरवरी के महीने में उचित तापमान आने पर पानी लगाकर लाइनों में बुवाई करें, ध्यान रखे गन्ने के लिए कोई अलग से खाद न डालें| सरसों, लाही आदि में जिनमे फूल या फली बनना शुरू हो गई है, इस अवस्था में Aphid आने के लिए मौसम अनुकूल रहेगा, ध्यान रखें इसमें चैंपा रोग लग सकता है इसकी रोकथाम के लिए Metacide / Metasystox 100ml प्रति एकड़ अथवा रोगोर 400ml प्रति एकड़ की दर से 200 ली. पानी में डालकर छिडकाव करें, धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें |शरदकालीन गन्ने में नियमित निराई गुड़ाई करते रहे, गन्ना फुटाव की अवस्था में निराई गुड़ाई, और पर्याप्त मात्रा में नमी अत्यंत अवश्यक होता | Uttar Pradesh | Uttar Pradesh | 27-12-2024 | Enable |
|
| 2926 | Advisory 28 Dec to 7 Jan 2025 Puwaya | प्रिय किसान साथियों, दिसम्बर माह की 28 तारीख से 7 जनवरी के दौरान शाहजहांपुर जिले के पुवाया क्षेत्र के दिन तथा रात के तापमान में कमी आयेगी | इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 18 से 22 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 8 से 12 डिग्री सेंटीग्रेड तक रहेगा I इस दौरान पश्चिम उत्तर दिशा से 8 से 12 किलोमीटर की गति से ठंडी हवायें चलेंगी, 28 और 29 दिसम्बर को 70 से 80 % वर्षा की सम्भावना है, आमतौर पर आसमान पर हल्के बादल रहेगें| जिसकी वजह से वायुमंडलीय आर्द्रता 48 से 76 % तक रहने की संभावना है | किसान भाई बुवारी तथा पेंडी गन्ना इस समय परिपक्वता की अवस्था में है, इस अवस्था ठण्ड का दुस्प्रभाव अधिक पड़ता है जिससे गन्ना सूखकर कम पैदावार देता है ऐसे में नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें, जिससे गन्ने की वजन में बढोत्तरी हो सके, ठण्डी के दिनों में गन्ना तथा इसके अन्तर्गत intercrops को इसके दुस्प्रभाव से बचने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है की आवश्यक्ता के अनुसार हल्की सिचांई करते रहे इससे फसलो के अंदर तापमान अधिक रहता है, यह कार्य खड़े तथा शरद कालीन बुवाई के गन्ने दोनों में ही करें| किसान भाइयो गन्ने की पेंडी फसल से अच्छी पैदावार लेने के लिए, हमेशा गन्ने की कटाई जमीन की सतह से ही करें, गन्ना कटाई के एक सप्ताह के अंदर सिंचाई करें, गन्ने की सूखी पत्ती को कभी जलाये नही सूखी पत्ती को खेत में बिछाये पत्ती को सडाने के लिए waste decomposer का उपयोग करें, खेत में हल चलाकर 50kg यूरिया + 75kg DAP+ 50kg पोटास + 25kg Micronutrient एक एकड़ में डालें| जिन किसान भाइयों ने सितम्बर – अक्टूबर माह में गन्ना बुवाई की है, गैपफिलिंग के लिए ट्रे में उगाई गई नर्सरी के पौधों का उपयोग अधिक लाभकारी होगा, गन्ने की नालियों में निराई गुड़ाई करे, जिस शरद कालीन गन्ने की उम्र 65 से 70 दिन की हो गई है ऐसे खेतो में 50kg / एकड़ की दर से यूरिया लाइनों में प्रयोग करें, जिन किसानो के पास जमीन कम है तथा वह गेंहू कटाई के बाद गन्ना बुवाई करते है ऐसे किसान भाई FIRB विधि से गेंहू की बुवाई करे तथा फरवरी के महीने में उचित तापमान आने पर पानी लगाकर लाइनों में बुवाई करें, ध्यान रखे गन्ने के लिए कोई अलग से खाद न डालें| सरसों, लाही आदि में जिनमे फूल या फली बनना शुरू हो गई है, इस अवस्था में Aphid आने के लिए मौसम अनुकूल रहेगा, ध्यान रखें इसमें चैंपा रोग लग सकता है इसकी रोकथाम के लिए Metacide / Metasystox 100ml प्रति एकड़ अथवा रोगोर 400ml प्रति एकड़ की दर से 200 ली. पानी में डालकर छिडकाव करें, धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें |शरदकालीन गन्ने में नियमित निराई गुड़ाई करते रहे, गन्ना फुटाव की अवस्था में निराई गुड़ाई, और पर्याप्त मात्रा में नमी अत्यंत अवश्यक होता है| स्मार्ट एग्री कार्यक्रम की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI | Uttar Pradesh | Uttar Pradesh | 27-12-2024 | Enable |
|
| 2927 | Advisory 28 Dec to 7 Jan 2025 Madanpur | प्रिय किसान साथियों, दिसम्बर माह की 28 तारीख से 7 जनवरी के दौरान शाहजहांपुर जिले के मदनपुर क्षेत्र के दिन तथा रात के तापमान में कमी आयेगी | इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 18 से 22 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 8 से 12 डिग्री सेंटीग्रेड तक रहेगा I इस दौरान पश्चिम उत्तर दिशा से 8 से 12 किलोमीटर की गति से ठंडी हवायें चलेंगी, 28 और 29 दिसम्बर को 70 से 80 % वर्षा की सम्भावना है, आमतौर पर आसमान पर हल्के बादल रहेगें| जिसकी वजह से वायुमंडलीय आर्द्रता 48 से 76 % तक रहने की संभावना है | किसान भाई बुवारी तथा पेंडी गन्ना इस समय परिपक्वता की अवस्था में है, इस अवस्था ठण्ड का दुस्प्रभाव अधिक पड़ता है जिससे गन्ना सूखकर कम पैदावार देता है ऐसे में नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें, जिससे गन्ने की वजन में बढोत्तरी हो सके, ठण्डी के दिनों में गन्ना तथा इसके अन्तर्गत intercrops को इसके दुस्प्रभाव से बचने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है की आवश्यक्ता के अनुसार हल्की सिचांई करते रहे इससे फसलो के अंदर तापमान अधिक रहता है, यह कार्य खड़े तथा शरद कालीन बुवाई के गन्ने दोनों में ही करें| किसान भाइयो गन्ने की पेंडी फसल से अच्छी पैदावार लेने के लिए, हमेशा गन्ने की कटाई जमीन की सतह से ही करें, गन्ना कटाई के एक सप्ताह के अंदर सिंचाई करें, गन्ने की सूखी पत्ती को कभी जलाये नही सूखी पत्ती को खेत में बिछाये पत्ती को सडाने के लिए waste decomposer का उपयोग करें, खेत में हल चलाकर 50kg यूरिया + 75kg DAP+ 50kg पोटास + 25kg Micronutrient एक एकड़ में डालें| जिन किसान भाइयों ने सितम्बर – अक्टूबर माह में गन्ना बुवाई की है, गैपफिलिंग के लिए ट्रे में उगाई गई नर्सरी के पौधों का उपयोग अधिक लाभकारी होगा, गन्ने की नालियों में निराई गुड़ाई करे, जिस शरद कालीन गन्ने की उम्र 65 से 70 दिन की हो गई है ऐसे खेतो में 50kg / एकड़ की दर से यूरिया लाइनों में प्रयोग करें, जिन किसानो के पास जमीन कम है तथा वह गेंहू कटाई के बाद गन्ना बुवाई करते है ऐसे किसान भाई FIRB विधि से गेंहू की बुवाई करे तथा फरवरी के महीने में उचित तापमान आने पर पानी लगाकर लाइनों में बुवाई करें, ध्यान रखे गन्ने के लिए कोई अलग से खाद न डालें| सरसों, लाही आदि में जिनमे फूल या फली बनना शुरू हो गई है, इस अवस्था में Aphid आने के लिए मौसम अनुकूल रहेगा, ध्यान रखें इसमें चैंपा रोग लग सकता है इसकी रोकथाम के लिए Metacide / Metasystox 100ml प्रति एकड़ अथवा रोगोर 400ml प्रति एकड़ की दर से 200 ली. पानी में डालकर छिडकाव करें, धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें |शरदकालीन गन्ने में नियमित निराई गुड़ाई करते रहे, गन्ना फुटाव की अवस्था में निराई गुड़ाई, और पर्याप्त मात्रा में नमी अत्यंत अवश्यक होता है| स्मार्ट एग्री कार्यक्रम की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI | Uttar Pradesh | Uttar Pradesh | 27-12-2024 | Enable |
|
| 2928 | Advisory 28 Dec to 7 Jan 2025 Bhawal Kheda | प्रिय किसान साथियों, दिसम्बर माह की 28 तारीख से 7 जनवरी के दौरान शाहजहांपुर जिले के बावल खेडा क्षेत्र के दिन तथा रात के तापमान में कमी आयेगी | इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 18 से 22 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 8 से 12 डिग्री सेंटीग्रेड तक रहेगा I इस दौरान पश्चिम उत्तर दिशा से 8 से 12 किलोमीटर की गति से ठंडी हवायें चलेंगी, 28 और 29 दिसम्बर को 70 से 80 % वर्षा की सम्भावना है, आमतौर पर आसमान पर हल्के बादल रहेगें| जिसकी वजह से वायुमंडलीय आर्द्रता 48 से 76 % तक रहने की संभावना है | किसान भाई बुवारी तथा पेंडी गन्ना इस समय परिपक्वता की अवस्था में है, इस अवस्था ठण्ड का दुस्प्रभाव अधिक पड़ता है जिससे गन्ना सूखकर कम पैदावार देता है ऐसे में नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें, जिससे गन्ने की वजन में बढोत्तरी हो सके, ठण्डी के दिनों में गन्ना तथा इसके अन्तर्गत intercrops को इसके दुस्प्रभाव से बचने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है की आवश्यक्ता के अनुसार हल्की सिचांई करते रहे इससे फसलो के अंदर तापमान अधिक रहता है, यह कार्य खड़े तथा शरद कालीन बुवाई के गन्ने दोनों में ही करें| किसान भाइयो गन्ने की पेंडी फसल से अच्छी पैदावार लेने के लिए, हमेशा गन्ने की कटाई जमीन की सतह से ही करें, गन्ना कटाई के एक सप्ताह के अंदर सिंचाई करें, गन्ने की सूखी पत्ती को कभी जलाये नही सूखी पत्ती को खेत में बिछाये पत्ती को सडाने के लिए waste decomposer का उपयोग करें, खेत में हल चलाकर 50kg यूरिया + 75kg DAP+ 50kg पोटास + 25kg Micronutrient एक एकड़ में डालें| जिन किसान भाइयों ने सितम्बर – अक्टूबर माह में गन्ना बुवाई की है, गैपफिलिंग के लिए ट्रे में उगाई गई नर्सरी के पौधों का उपयोग अधिक लाभकारी होगा, गन्ने की नालियों में निराई गुड़ाई करे, जिस शरद कालीन गन्ने की उम्र 65 से 70 दिन की हो गई है ऐसे खेतो में 50kg / एकड़ की दर से यूरिया लाइनों में प्रयोग करें, जिन किसानो के पास जमीन कम है तथा वह गेंहू कटाई के बाद गन्ना बुवाई करते है ऐसे किसान भाई FIRB विधि से गेंहू की बुवाई करे तथा फरवरी के महीने में उचित तापमान आने पर पानी लगाकर लाइनों में बुवाई करें, ध्यान रखे गन्ने के लिए कोई अलग से खाद न डालें| सरसों, लाही आदि में जिनमे फूल या फली बनना शुरू हो गई है, इस अवस्था में Aphid आने के लिए मौसम अनुकूल रहेगा, ध्यान रखें इसमें चैंपा रोग लग सकता है इसकी रोकथाम के लिए Metacide / Metasystox 100ml प्रति एकड़ अथवा रोगोर 400ml प्रति एकड़ की दर से 200 ली. पानी में डालकर छिडकाव करें, धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें |शरदकालीन गन्ने में नियमित निराई गुड़ाई करते रहे, गन्ना फुटाव की अवस्था में निराई गुड़ाई, और पर्याप्त मात्रा में नमी अत्यंत अवश्यक होता है| स्मार्ट एग्री कार्यक्रम की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI | Uttar Pradesh | Uttar Pradesh | 27-12-2024 | Enable |
|
| 2929 | Advisory 28 Dec to 7 Jan 2025 Mirjapur | प्रिय किसान साथियों, दिसम्बर माह की 28 तारीख से 7 जनवरी के दौरान शाहजहांपुर जिले के मिर्जापुर क्षेत्र के दिन तथा रात के तापमान में कमी आयेगी | इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 18 से 22 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 8 से 12 डिग्री सेंटीग्रेड तक रहेगा I इस दौरान पश्चिम उत्तर दिशा से 8 से 12 किलोमीटर की गति से ठंडी हवायें चलेंगी, 28 और 29 दिसम्बर को 70 से 80 % वर्षा की सम्भावना है, आमतौर पर आसमान पर हल्के बादल रहेगें| जिसकी वजह से वायुमंडलीय आर्द्रता 48 से 76 % तक रहने की संभावना है | किसान भाई बुवारी तथा पेंडी गन्ना इस समय परिपक्वता की अवस्था में है, इस अवस्था ठण्ड का दुस्प्रभाव अधिक पड़ता है जिससे गन्ना सूखकर कम पैदावार देता है ऐसे में नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें, जिससे गन्ने की वजन में बढोत्तरी हो सके, ठण्डी के दिनों में गन्ना तथा इसके अन्तर्गत intercrops को इसके दुस्प्रभाव से बचने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है की आवश्यक्ता के अनुसार हल्की सिचांई करते रहे इससे फसलो के अंदर तापमान अधिक रहता है, यह कार्य खड़े तथा शरद कालीन बुवाई के गन्ने दोनों में ही करें| किसान भाइयो गन्ने की पेंडी फसल से अच्छी पैदावार लेने के लिए, हमेशा गन्ने की कटाई जमीन की सतह से ही करें, गन्ना कटाई के एक सप्ताह के अंदर सिंचाई करें, गन्ने की सूखी पत्ती को कभी जलाये नही सूखी पत्ती को खेत में बिछाये पत्ती को सडाने के लिए waste decomposer का उपयोग करें, खेत में हल चलाकर 50kg यूरिया + 75kg DAP+ 50kg पोटास + 25kg Micronutrient एक एकड़ में डालें| जिन किसान भाइयों ने सितम्बर – अक्टूबर माह में गन्ना बुवाई की है, गैपफिलिंग के लिए ट्रे में उगाई गई नर्सरी के पौधों का उपयोग अधिक लाभकारी होगा, गन्ने की नालियों में निराई गुड़ाई करे, जिस शरद कालीन गन्ने की उम्र 65 से 70 दिन की हो गई है ऐसे खेतो में 50kg / एकड़ की दर से यूरिया लाइनों में प्रयोग करें, जिन किसानो के पास जमीन कम है तथा वह गेंहू कटाई के बाद गन्ना बुवाई करते है ऐसे किसान भाई FIRB विधि से गेंहू की बुवाई करे तथा फरवरी के महीने में उचित तापमान आने पर पानी लगाकर लाइनों में बुवाई करें, ध्यान रखे गन्ने के लिए कोई अलग से खाद न डालें| सरसों, लाही आदि में जिनमे फूल या फली बनना शुरू हो गई है, इस अवस्था में Aphid आने के लिए मौसम अनुकूल रहेगा, ध्यान रखें इसमें चैंपा रोग लग सकता है इसकी रोकथाम के लिए Metacide / Metasystox 100ml प्रति एकड़ अथवा रोगोर 400ml प्रति एकड़ की दर से 200 ली. पानी में डालकर छिडकाव करें, धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें |शरदकालीन गन्ने में नियमित निराई गुड़ाई करते रहे, गन्ना फुटाव की अवस्था में निराई गुड़ाई, और पर्याप्त मात्रा में नमी अत्यंत अवश्यक होता है| स्मार्ट एग्री कार्यक्रम की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI | Uttar Pradesh | Uttar Pradesh | 27-12-2024 | Enable |
|
| 2930 | Advisory 28 Dec to 7 Jan 2025 Bawan | प्रिय किसान साथियों, दिसम्बर माह की 28 तारीख से 7 जनवरी के दौरान लखीमपुर जिले के बावन क्षेत्र के दिन तथा रात के तापमान में कमी आयेगी | इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 18 से 22 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 8 से 12 डिग्री सेंटीग्रेड तक रहेगा I इस दौरान पश्चिम उत्तर दिशा से 8 से 12 किलोमीटर की गति से ठंडी हवायें चलेंगी, 28 और 29 दिसम्बर को 70 से 80 % वर्षा की सम्भावना है, आमतौर पर आसमान पर हल्के बादल रहेगें| जिसकी वजह से वायुमंडलीय आर्द्रता 48 से 76 % तक रहने की संभावना है | किसान भाई बुवारी तथा पेंडी गन्ना इस समय परिपक्वता की अवस्था में है, इस अवस्था ठण्ड का दुस्प्रभाव अधिक पड़ता है जिससे गन्ना सूखकर कम पैदावार देता है ऐसे में नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें, जिससे गन्ने की वजन में बढोत्तरी हो सके, ठण्डी के दिनों में गन्ना तथा इसके अन्तर्गत intercrops को इसके दुस्प्रभाव से बचने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है की आवश्यक्ता के अनुसार हल्की सिचांई करते रहे इससे फसलो के अंदर तापमान अधिक रहता है, यह कार्य खड़े तथा शरद कालीन बुवाई के गन्ने दोनों में ही करें| किसान भाइयो गन्ने की पेंडी फसल से अच्छी पैदावार लेने के लिए, हमेशा गन्ने की कटाई जमीन की सतह से ही करें, गन्ना कटाई के एक सप्ताह के अंदर सिंचाई करें, गन्ने की सूखी पत्ती को कभी जलाये नही सूखी पत्ती को खेत में बिछाये पत्ती को सडाने के लिए waste decomposer का उपयोग करें, खेत में हल चलाकर 50kg यूरिया + 75kg DAP+ 50kg पोटास + 25kg Micronutrient एक एकड़ में डालें| जिन किसान भाइयों ने सितम्बर – अक्टूबर माह में गन्ना बुवाई की है, गैपफिलिंग के लिए ट्रे में उगाई गई नर्सरी के पौधों का उपयोग अधिक लाभकारी होगा, गन्ने की नालियों में निराई गुड़ाई करे, जिस शरद कालीन गन्ने की उम्र 65 से 70 दिन की हो गई है ऐसे खेतो में 50kg / एकड़ की दर से यूरिया लाइनों में प्रयोग करें, जिन किसानो के पास जमीन कम है तथा वह गेंहू कटाई के बाद गन्ना बुवाई करते है ऐसे किसान भाई FIRB विधि से गेंहू की बुवाई करे तथा फरवरी के महीने में उचित तापमान आने पर पानी लगाकर लाइनों में बुवाई करें, ध्यान रखे गन्ने के लिए कोई अलग से खाद न डालें| सरसों, लाही आदि में जिनमे फूल या फली बनना शुरू हो गई है, इस अवस्था में Aphid आने के लिए मौसम अनुकूल रहेगा, ध्यान रखें इसमें चैंपा रोग लग सकता है इसकी रोकथाम के लिए Metacide / Metasystox 100ml प्रति एकड़ अथवा रोगोर 400ml प्रति एकड़ की दर से 200 ली. पानी में डालकर छिडकाव करें, धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें |शरदकालीन गन्ने में नियमित निराई गुड़ाई करते रहे, गन्ना फुटाव की अवस्था में निराई गुड़ाई, और पर्याप्त मात्रा में नमी अत्यंत अवश्यक होता है| स्मार्ट एग्री कार्यक्रम की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI | Uttar Pradesh | Uttar Pradesh | 27-12-2024 | Enable |
|