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6731 प्याज मे नर्सरी प्रबंधन वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, इंडस टावर एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, ग्राम Bilkishganjh जिला Sehore ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 14 November - 20 November के दौरान दिन में 29 और रात में 15 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। किसान भाईयो प्याज की खेती में पौध बनाकर प्याज की खेती करने का सही समय है। एक एकड़ की प्याज लगाने के लिए लगभग १० क्यारियाँ जिसकी लम्बाई 25 फीट, चौड़ाई 4 फीट तथा क्यारी की ऊचाई 6 इंच रखें। प्रत्येक क्यारी (बेड) पर 3 से 4 तगाड़ी अच्छी से सड़ी बारीक़ गोबर खाद एवं 19 अनुपात 19 अनुपात 19 NPK 250 ग्राम तथा 50 ग्राम कॉपर ऑक्सीक्लोराइड मिला देवें । इस तैयार क्यारी को हल्की खुरपी से गुड़ाई करके सारी गोबर की खाद उर्वरक एवं फफूंदनाशक क्यारी में मिला दें । अब इस क्यारी पे तीन तीन इंच की कतारे या लाइन बनाकर बीज को बोकर हल्का हाथ फेरकर ढाक दें । अब तत्काल झारे की सहायता से हल्की सिंचाई करें । इस प्रकार तैयार नर्सरी से बीज 6 से 8 हफ़्ते मे खेत में लगाने के लिए तैयार हो जाएगा। प्याज के बीज का बीजोपचार रसायनिक तरीके से उपचार केप्टन 2 ग्राम प्रति किलो बीज के हिसाब से एवं जैविक तरीके से बीजोपचार ट्रिकोडेर्मा हरजियनम 5 ग्राम प्रति किलो बीज या 10 ग्राम सूडोमोनास फ्लोरोसेंस से अवश्य करें। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065005054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें । अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । Madhya Pradesh MP 15-11-2023 Disable
6732 प्याज मे नर्सरी प्रबंधन वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, इंडस टावर एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, ग्राम Bhaukhedi जिला Sehore ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 14 November - 20 November के दौरान दिन में 29 और रात में 16 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। किसान भाईयो प्याज की खेती में पौध बनाकर प्याज की खेती करने का सही समय है। एक एकड़ की प्याज लगाने के लिए लगभग १० क्यारियाँ जिसकी लम्बाई 25 फीट, चौड़ाई 4 फीट तथा क्यारी की ऊचाई 6 इंच रखें। प्रत्येक क्यारी (बेड) पर 3 से 4 तगाड़ी अच्छी से सड़ी बारीक़ गोबर खाद एवं 19 अनुपात 19 अनुपात 19 NPK 250 ग्राम तथा 50 ग्राम कॉपर ऑक्सीक्लोराइड मिला देवें । इस तैयार क्यारी को हल्की खुरपी से गुड़ाई करके सारी गोबर की खाद उर्वरक एवं फफूंदनाशक क्यारी में मिला दें । अब इस क्यारी पे तीन तीन इंच की कतारे या लाइन बनाकर बीज को बोकर हल्का हाथ फेरकर ढाक दें । अब तत्काल झारे की सहायता से हल्की सिंचाई करें । इस प्रकार तैयार नर्सरी से बीज 6 से 8 हफ़्ते मे खेत में लगाने के लिए तैयार हो जाएगा। प्याज के बीज का बीजोपचार रसायनिक तरीके से उपचार केप्टन 2 ग्राम प्रति किलो बीज के हिसाब से एवं जैविक तरीके से बीजोपचार ट्रिकोडेर्मा हरजियनम 5 ग्राम प्रति किलो बीज या 10 ग्राम सूडोमोनास फ्लोरोसेंस से अवश्य करें। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065005054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें । अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । Madhya Pradesh MP 15-11-2023 Disable
6733 प्याज मे नर्सरी प्रबंधन वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, इंडस टावर एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, ग्राम Rola जिला Sehore ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 14 November - 20 November के दौरान दिन में 29 और रात में 16 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। किसान भाईयो प्याज की खेती में पौध बनाकर प्याज की खेती करने का सही समय है। एक एकड़ की प्याज लगाने के लिए लगभग १० क्यारियाँ जिसकी लम्बाई 25 फीट, चौड़ाई 4 फीट तथा क्यारी की ऊचाई 6 इंच रखें। प्रत्येक क्यारी (बेड) पर 3 से 4 तगाड़ी अच्छी से सड़ी बारीक़ गोबर खाद एवं 19 अनुपात 19 अनुपात 19 NPK 250 ग्राम तथा 50 ग्राम कॉपर ऑक्सीक्लोराइड मिला देवें । इस तैयार क्यारी को हल्की खुरपी से गुड़ाई करके सारी गोबर की खाद उर्वरक एवं फफूंदनाशक क्यारी में मिला दें । अब इस क्यारी पे तीन तीन इंच की कतारे या लाइन बनाकर बीज को बोकर हल्का हाथ फेरकर ढाक दें । अब तत्काल झारे की सहायता से हल्की सिंचाई करें । इस प्रकार तैयार नर्सरी से बीज 6 से 8 हफ़्ते मे खेत में लगाने के लिए तैयार हो जाएगा। प्याज के बीज का बीजोपचार रसायनिक तरीके से उपचार केप्टन 2 ग्राम प्रति किलो बीज के हिसाब से एवं जैविक तरीके से बीजोपचार ट्रिकोडेर्मा हरजियनम 5 ग्राम प्रति किलो बीज या 10 ग्राम सूडोमोनास फ्लोरोसेंस से अवश्य करें। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065005054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें । अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । Madhya Pradesh MP 15-11-2023 Disable
6734 प्याज मे नर्सरी प्रबंधन वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, इंडस टावर एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, ग्राम Khokhariya जिला Bhopal ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 14 November - 20 November के दौरान दिन में 28 और रात में 16 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। किसान भाईयो प्याज की खेती में पौध बनाकर प्याज की खेती करने का सही समय है। एक एकड़ की प्याज लगाने के लिए लगभग १० क्यारियाँ जिसकी लम्बाई 25 फीट, चौड़ाई 4 फीट तथा क्यारी की ऊचाई 6 इंच रखें। प्रत्येक क्यारी (बेड) पर 3 से 4 तगाड़ी अच्छी से सड़ी बारीक़ गोबर खाद एवं 19 अनुपात 19 अनुपात 19 NPK 250 ग्राम तथा 50 ग्राम कॉपर ऑक्सीक्लोराइड मिला देवें । इस तैयार क्यारी को हल्की खुरपी से गुड़ाई करके सारी गोबर की खाद उर्वरक एवं फफूंदनाशक क्यारी में मिला दें । अब इस क्यारी पे तीन तीन इंच की कतारे या लाइन बनाकर बीज को बोकर हल्का हाथ फेरकर ढाक दें । अब तत्काल झारे की सहायता से हल्की सिंचाई करें । इस प्रकार तैयार नर्सरी से बीज 6 से 8 हफ़्ते मे खेत में लगाने के लिए तैयार हो जाएगा। प्याज के बीज का बीजोपचार रसायनिक तरीके से उपचार केप्टन 2 ग्राम प्रति किलो बीज के हिसाब से एवं जैविक तरीके से बीजोपचार ट्रिकोडेर्मा हरजियनम 5 ग्राम प्रति किलो बीज या 10 ग्राम सूडोमोनास फ्लोरोसेंस से अवश्य करें। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065005054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें । अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । Madhya Pradesh MP 15-11-2023 Disable
6735 गेहू मे सिचाई प्रबंधन पर सलाह वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, इंडस टावर एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, ग्राम Sadakhedi जिला Ratlam ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 14 November - 20 November के दौरान दिन में 29 और रात में 15 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। गेहूँ का अधिक उत्पादन हेतु 6 सिचाई अनुसंशित है पहली सिंचाई 20 से 21 दिन बाद मुख्य जड़ बनते समय , दूसरी सिंचाई 40 से 45 दिन बाद कल्ले निकलते समय , तीसरी सिंचाई 60 से 65 दिन बाद तने में गाँठ पडते समय, चौथी सिंचाई 80 से 85 दिन बाद फूल आने की अवस्था में, पांचवी सिंचाई 100 से 105 दिन बाद दानो में दूध बनते समय एवं छटवी सिचाई 120 से 125 दिन बाद दाना सख्त होते समय करना चाहिऐ । पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध होने पर सभी अवस्थाओं मे सिंचाई करनी चाहिये । यदि पानी दो सिंचाइयों के लिये ही उपलब्ध होने पर पहली सिंचाई 20 से 21 दिन बाद मुख्य जड़ बनते समय दूसरी सिंचाई 80 से 85 दिन बाद फूल आने की अवस्था मे । यदि पानी तीन सिंचाइयों के लिये ही उपलब्ध होने पर पहली सिंचाई 20 से 21 दिन बाद मुख्य जड़ बनते समय, दूसरी सिंचाई 60 से 65 दिन बाद तने में गाँठ पडते समय एवं तीसरी सिंचाई 100 से 105 दिन बाद दानो में दूध बनते समय कर अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065005054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें । अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । Madhya Pradesh MP 15-11-2023 Disable
6736 गेहू मे सिचाई प्रबंधन पर सलाह वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, इंडस टावर एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, ग्राम Bamaniyakheda जिला Agar ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 14 November - 20 November के दौरान दिन में 29 और रात में 15 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। गेहूँ का अधिक उत्पादन हेतु 6 सिचाई अनुसंशित है पहली सिंचाई 20 से 21 दिन बाद मुख्य जड़ बनते समय , दूसरी सिंचाई 40 से 45 दिन बाद कल्ले निकलते समय , तीसरी सिंचाई 60 से 65 दिन बाद तने में गाँठ पडते समय, चौथी सिंचाई 80 से 85 दिन बाद फूल आने की अवस्था में, पांचवी सिंचाई 100 से 105 दिन बाद दानो में दूध बनते समय एवं छटवी सिचाई 120 से 125 दिन बाद दाना सख्त होते समय करना चाहिऐ । पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध होने पर सभी अवस्थाओं मे सिंचाई करनी चाहिये । यदि पानी दो सिंचाइयों के लिये ही उपलब्ध होने पर पहली सिंचाई 20 से 21 दिन बाद मुख्य जड़ बनते समय दूसरी सिंचाई 80 से 85 दिन बाद फूल आने की अवस्था मे । यदि पानी तीन सिंचाइयों के लिये ही उपलब्ध होने पर पहली सिंचाई 20 से 21 दिन बाद मुख्य जड़ बनते समय, दूसरी सिंचाई 60 से 65 दिन बाद तने में गाँठ पडते समय एवं तीसरी सिंचाई 100 से 105 दिन बाद दानो में दूध बनते समय कर अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065005054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें । अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । Madhya Pradesh MP 15-11-2023 Disable
6737 गेहू मे सिचाई प्रबंधन पर सलाह वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, इंडस टावर एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, Samart Kisan Producer Company जिला Agar ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 14 November - 20 November के दौरान दिन में 29 और रात में 15 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। गेहूँ का अधिक उत्पादन हेतु 6 सिचाई अनुसंशित है पहली सिंचाई 20 से 21 दिन बाद मुख्य जड़ बनते समय , दूसरी सिंचाई 40 से 45 दिन बाद कल्ले निकलते समय , तीसरी सिंचाई 60 से 65 दिन बाद तने में गाँठ पडते समय, चौथी सिंचाई 80 से 85 दिन बाद फूल आने की अवस्था में, पांचवी सिंचाई 100 से 105 दिन बाद दानो में दूध बनते समय एवं छटवी सिचाई 120 से 125 दिन बाद दाना सख्त होते समय करना चाहिऐ । पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध होने पर सभी अवस्थाओं मे सिंचाई करनी चाहिये । यदि पानी दो सिंचाइयों के लिये ही उपलब्ध होने पर पहली सिंचाई 20 से 21 दिन बाद मुख्य जड़ बनते समय दूसरी सिंचाई 80 से 85 दिन बाद फूल आने की अवस्था मे । यदि पानी तीन सिंचाइयों के लिये ही उपलब्ध होने पर पहली सिंचाई 20 से 21 दिन बाद मुख्य जड़ बनते समय, दूसरी सिंचाई 60 से 65 दिन बाद तने में गाँठ पडते समय एवं तीसरी सिंचाई 100 से 105 दिन बाद दानो में दूध बनते समय कर अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065005054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें । अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । Madhya Pradesh MP 15-11-2023 Disable
6738 गेहू मे सिचाई प्रबंधन पर सलाह वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, इंडस टावर एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, ग्राम Karohan जिला Ujjain ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 14 November - 20 November के दौरान दिन में 29 और रात में 15 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। गेहूँ का अधिक उत्पादन हेतु 6 सिचाई अनुसंशित है पहली सिंचाई 20 से 21 दिन बाद मुख्य जड़ बनते समय , दूसरी सिंचाई 40 से 45 दिन बाद कल्ले निकलते समय , तीसरी सिंचाई 60 से 65 दिन बाद तने में गाँठ पडते समय, चौथी सिंचाई 80 से 85 दिन बाद फूल आने की अवस्था में, पांचवी सिंचाई 100 से 105 दिन बाद दानो में दूध बनते समय एवं छटवी सिचाई 120 से 125 दिन बाद दाना सख्त होते समय करना चाहिऐ । पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध होने पर सभी अवस्थाओं मे सिंचाई करनी चाहिये । यदि पानी दो सिंचाइयों के लिये ही उपलब्ध होने पर पहली सिंचाई 20 से 21 दिन बाद मुख्य जड़ बनते समय दूसरी सिंचाई 80 से 85 दिन बाद फूल आने की अवस्था मे । यदि पानी तीन सिंचाइयों के लिये ही उपलब्ध होने पर पहली सिंचाई 20 से 21 दिन बाद मुख्य जड़ बनते समय, दूसरी सिंचाई 60 से 65 दिन बाद तने में गाँठ पडते समय एवं तीसरी सिंचाई 100 से 105 दिन बाद दानो में दूध बनते समय कर अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065005054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें । अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । Madhya Pradesh MP 15-11-2023 Disable
6739 गेहू मे सिचाई प्रबंधन पर सलाह वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, इंडस टावर एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, ग्राम Chhadawad जिला Ujjain ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 14 November - 20 November के दौरान दिन में 29 और रात में 15 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। गेहूँ का अधिक उत्पादन हेतु 6 सिचाई अनुसंशित है पहली सिंचाई 20 से 21 दिन बाद मुख्य जड़ बनते समय , दूसरी सिंचाई 40 से 45 दिन बाद कल्ले निकलते समय , तीसरी सिंचाई 60 से 65 दिन बाद तने में गाँठ पडते समय, चौथी सिंचाई 80 से 85 दिन बाद फूल आने की अवस्था में, पांचवी सिंचाई 100 से 105 दिन बाद दानो में दूध बनते समय एवं छटवी सिचाई 120 से 125 दिन बाद दाना सख्त होते समय करना चाहिऐ । पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध होने पर सभी अवस्थाओं मे सिंचाई करनी चाहिये । यदि पानी दो सिंचाइयों के लिये ही उपलब्ध होने पर पहली सिंचाई 20 से 21 दिन बाद मुख्य जड़ बनते समय दूसरी सिंचाई 80 से 85 दिन बाद फूल आने की अवस्था मे । यदि पानी तीन सिंचाइयों के लिये ही उपलब्ध होने पर पहली सिंचाई 20 से 21 दिन बाद मुख्य जड़ बनते समय, दूसरी सिंचाई 60 से 65 दिन बाद तने में गाँठ पडते समय एवं तीसरी सिंचाई 100 से 105 दिन बाद दानो में दूध बनते समय कर अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065005054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें । अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । Madhya Pradesh MP 15-11-2023 Disable
6740 गेहू मे सिचाई प्रबंधन पर सलाह वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, इंडस टावर एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, ग्राम Dudhiya जिला Mandsaur ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 14 November - 20 November के दौरान दिन में 28 और रात में 15 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। गेहूँ का अधिक उत्पादन हेतु 6 सिचाई अनुसंशित है पहली सिंचाई 20 से 21 दिन बाद मुख्य जड़ बनते समय , दूसरी सिंचाई 40 से 45 दिन बाद कल्ले निकलते समय , तीसरी सिंचाई 60 से 65 दिन बाद तने में गाँठ पडते समय, चौथी सिंचाई 80 से 85 दिन बाद फूल आने की अवस्था में, पांचवी सिंचाई 100 से 105 दिन बाद दानो में दूध बनते समय एवं छटवी सिचाई 120 से 125 दिन बाद दाना सख्त होते समय करना चाहिऐ । पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध होने पर सभी अवस्थाओं मे सिंचाई करनी चाहिये । यदि पानी दो सिंचाइयों के लिये ही उपलब्ध होने पर पहली सिंचाई 20 से 21 दिन बाद मुख्य जड़ बनते समय दूसरी सिंचाई 80 से 85 दिन बाद फूल आने की अवस्था मे । यदि पानी तीन सिंचाइयों के लिये ही उपलब्ध होने पर पहली सिंचाई 20 से 21 दिन बाद मुख्य जड़ बनते समय, दूसरी सिंचाई 60 से 65 दिन बाद तने में गाँठ पडते समय एवं तीसरी सिंचाई 100 से 105 दिन बाद दानो में दूध बनते समय कर अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065005054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें । अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । Madhya Pradesh MP 15-11-2023 Disable