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6741 गेहू मे सिचाई प्रबंधन पर सलाह वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, इंडस टावर एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, ग्राम Jharda जिला Mandsaur ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 14 November - 20 November के दौरान दिन में 28 और रात में 16 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। गेहूँ का अधिक उत्पादन हेतु 6 सिचाई अनुसंशित है पहली सिंचाई 20 से 21 दिन बाद मुख्य जड़ बनते समय , दूसरी सिंचाई 40 से 45 दिन बाद कल्ले निकलते समय , तीसरी सिंचाई 60 से 65 दिन बाद तने में गाँठ पडते समय, चौथी सिंचाई 80 से 85 दिन बाद फूल आने की अवस्था में, पांचवी सिंचाई 100 से 105 दिन बाद दानो में दूध बनते समय एवं छटवी सिचाई 120 से 125 दिन बाद दाना सख्त होते समय करना चाहिऐ । पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध होने पर सभी अवस्थाओं मे सिंचाई करनी चाहिये । यदि पानी दो सिंचाइयों के लिये ही उपलब्ध होने पर पहली सिंचाई 20 से 21 दिन बाद मुख्य जड़ बनते समय दूसरी सिंचाई 80 से 85 दिन बाद फूल आने की अवस्था मे । यदि पानी तीन सिंचाइयों के लिये ही उपलब्ध होने पर पहली सिंचाई 20 से 21 दिन बाद मुख्य जड़ बनते समय, दूसरी सिंचाई 60 से 65 दिन बाद तने में गाँठ पडते समय एवं तीसरी सिंचाई 100 से 105 दिन बाद दानो में दूध बनते समय कर अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065005054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें । अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । Madhya Pradesh MP 15-11-2023 Disable
6742 गेहू मे सिचाई प्रबंधन पर सलाह वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, इंडस टावर एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, ग्राम Barkhedadev जिला Mandsaur ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 14 November - 20 November के दौरान दिन में 28 और रात में 16 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। गेहूँ का अधिक उत्पादन हेतु 6 सिचाई अनुसंशित है पहली सिंचाई 20 से 21 दिन बाद मुख्य जड़ बनते समय , दूसरी सिंचाई 40 से 45 दिन बाद कल्ले निकलते समय , तीसरी सिंचाई 60 से 65 दिन बाद तने में गाँठ पडते समय, चौथी सिंचाई 80 से 85 दिन बाद फूल आने की अवस्था में, पांचवी सिंचाई 100 से 105 दिन बाद दानो में दूध बनते समय एवं छटवी सिचाई 120 से 125 दिन बाद दाना सख्त होते समय करना चाहिऐ । पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध होने पर सभी अवस्थाओं मे सिंचाई करनी चाहिये । यदि पानी दो सिंचाइयों के लिये ही उपलब्ध होने पर पहली सिंचाई 20 से 21 दिन बाद मुख्य जड़ बनते समय दूसरी सिंचाई 80 से 85 दिन बाद फूल आने की अवस्था मे । यदि पानी तीन सिंचाइयों के लिये ही उपलब्ध होने पर पहली सिंचाई 20 से 21 दिन बाद मुख्य जड़ बनते समय, दूसरी सिंचाई 60 से 65 दिन बाद तने में गाँठ पडते समय एवं तीसरी सिंचाई 100 से 105 दिन बाद दानो में दूध बनते समय कर अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065005054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें । अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । Madhya Pradesh MP 15-11-2023 Disable
6743 गेहू मे सिचाई प्रबंधन पर सलाह वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, इंडस टावर एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, ग्राम Narayangarh जिला Mandsaur ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 14 November - 20 November के दौरान दिन में 28 और रात में 15 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। गेहूँ का अधिक उत्पादन हेतु 6 सिचाई अनुसंशित है पहली सिंचाई 20 से 21 दिन बाद मुख्य जड़ बनते समय , दूसरी सिंचाई 40 से 45 दिन बाद कल्ले निकलते समय , तीसरी सिंचाई 60 से 65 दिन बाद तने में गाँठ पडते समय, चौथी सिंचाई 80 से 85 दिन बाद फूल आने की अवस्था में, पांचवी सिंचाई 100 से 105 दिन बाद दानो में दूध बनते समय एवं छटवी सिचाई 120 से 125 दिन बाद दाना सख्त होते समय करना चाहिऐ । पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध होने पर सभी अवस्थाओं मे सिंचाई करनी चाहिये । यदि पानी दो सिंचाइयों के लिये ही उपलब्ध होने पर पहली सिंचाई 20 से 21 दिन बाद मुख्य जड़ बनते समय दूसरी सिंचाई 80 से 85 दिन बाद फूल आने की अवस्था मे । यदि पानी तीन सिंचाइयों के लिये ही उपलब्ध होने पर पहली सिंचाई 20 से 21 दिन बाद मुख्य जड़ बनते समय, दूसरी सिंचाई 60 से 65 दिन बाद तने में गाँठ पडते समय एवं तीसरी सिंचाई 100 से 105 दिन बाद दानो में दूध बनते समय कर अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065005054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें । अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । Madhya Pradesh MP 15-11-2023 Disable
6744 गेहू मे सिचाई प्रबंधन पर सलाह वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, इंडस टावर एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, ग्राम Tonk Khurd जिला Dewas ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 14 November - 20 November के दौरान दिन में 29 और रात में 15 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। गेहूँ का अधिक उत्पादन हेतु 6 सिचाई अनुसंशित है पहली सिंचाई 20 से 21 दिन बाद मुख्य जड़ बनते समय , दूसरी सिंचाई 40 से 45 दिन बाद कल्ले निकलते समय , तीसरी सिंचाई 60 से 65 दिन बाद तने में गाँठ पडते समय, चौथी सिंचाई 80 से 85 दिन बाद फूल आने की अवस्था में, पांचवी सिंचाई 100 से 105 दिन बाद दानो में दूध बनते समय एवं छटवी सिचाई 120 से 125 दिन बाद दाना सख्त होते समय करना चाहिऐ । पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध होने पर सभी अवस्थाओं मे सिंचाई करनी चाहिये । यदि पानी दो सिंचाइयों के लिये ही उपलब्ध होने पर पहली सिंचाई 20 से 21 दिन बाद मुख्य जड़ बनते समय दूसरी सिंचाई 80 से 85 दिन बाद फूल आने की अवस्था मे । यदि पानी तीन सिंचाइयों के लिये ही उपलब्ध होने पर पहली सिंचाई 20 से 21 दिन बाद मुख्य जड़ बनते समय, दूसरी सिंचाई 60 से 65 दिन बाद तने में गाँठ पडते समय एवं तीसरी सिंचाई 100 से 105 दिन बाद दानो में दूध बनते समय कर अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065005054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें । अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । Madhya Pradesh MP 15-11-2023 Disable
6745 गेहू मे सिचाई प्रबंधन पर सलाह वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, इंडस टावर एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, ग्राम Agrod जिला Dewas ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 14 November - 20 November के दौरान दिन में 29 और रात में 15 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। गेहूँ का अधिक उत्पादन हेतु 6 सिचाई अनुसंशित है पहली सिंचाई 20 से 21 दिन बाद मुख्य जड़ बनते समय , दूसरी सिंचाई 40 से 45 दिन बाद कल्ले निकलते समय , तीसरी सिंचाई 60 से 65 दिन बाद तने में गाँठ पडते समय, चौथी सिंचाई 80 से 85 दिन बाद फूल आने की अवस्था में, पांचवी सिंचाई 100 से 105 दिन बाद दानो में दूध बनते समय एवं छटवी सिचाई 120 से 125 दिन बाद दाना सख्त होते समय करना चाहिऐ । पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध होने पर सभी अवस्थाओं मे सिंचाई करनी चाहिये । यदि पानी दो सिंचाइयों के लिये ही उपलब्ध होने पर पहली सिंचाई 20 से 21 दिन बाद मुख्य जड़ बनते समय दूसरी सिंचाई 80 से 85 दिन बाद फूल आने की अवस्था मे । यदि पानी तीन सिंचाइयों के लिये ही उपलब्ध होने पर पहली सिंचाई 20 से 21 दिन बाद मुख्य जड़ बनते समय, दूसरी सिंचाई 60 से 65 दिन बाद तने में गाँठ पडते समय एवं तीसरी सिंचाई 100 से 105 दिन बाद दानो में दूध बनते समय कर अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065005054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें । अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । Madhya Pradesh MP 15-11-2023 Disable
6746 गेहू मे सिचाई प्रबंधन पर सलाह वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, इंडस टावर एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, ग्राम Mahudiya जिला Dewas ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 14 November - 20 November के दौरान दिन में 29 और रात में 15 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। गेहूँ का अधिक उत्पादन हेतु 6 सिचाई अनुसंशित है पहली सिंचाई 20 से 21 दिन बाद मुख्य जड़ बनते समय , दूसरी सिंचाई 40 से 45 दिन बाद कल्ले निकलते समय , तीसरी सिंचाई 60 से 65 दिन बाद तने में गाँठ पडते समय, चौथी सिंचाई 80 से 85 दिन बाद फूल आने की अवस्था में, पांचवी सिंचाई 100 से 105 दिन बाद दानो में दूध बनते समय एवं छटवी सिचाई 120 से 125 दिन बाद दाना सख्त होते समय करना चाहिऐ । पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध होने पर सभी अवस्थाओं मे सिंचाई करनी चाहिये । यदि पानी दो सिंचाइयों के लिये ही उपलब्ध होने पर पहली सिंचाई 20 से 21 दिन बाद मुख्य जड़ बनते समय दूसरी सिंचाई 80 से 85 दिन बाद फूल आने की अवस्था मे । यदि पानी तीन सिंचाइयों के लिये ही उपलब्ध होने पर पहली सिंचाई 20 से 21 दिन बाद मुख्य जड़ बनते समय, दूसरी सिंचाई 60 से 65 दिन बाद तने में गाँठ पडते समय एवं तीसरी सिंचाई 100 से 105 दिन बाद दानो में दूध बनते समय कर अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065005054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें । अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । Madhya Pradesh MP 15-11-2023 Disable
6747 VIL-Adilabad-Bela-15-11-2023 VIL-Adilabad-Bela-15-11-2023-నమస్కారం తోటి రైతులకు...సాలిడారిడాడ్ మరియు వోడాఫోన్ ఐడియా ఫౌండేషన్ యొక్క స్మార్ట్ అగ్రి ప్రోగ్రామ్‌కు స్వాగతం. ఈ వారం కనిష్ట ఉష్ణోగ్రత 19 నుండి 21 డిగ్రీల సెల్సియస్‌, గరిష్ట ఉష్ణోగ్రత 32 నుండి 33 డిగ్రీల సెల్సియస్‌గా ఉండి ఆకాశం మేఘావృతమై ఉండే అవకాశం ఉందని ఆదిలాబాద్‌లోని బేల వద్ద ఆటోమేటెడ్ వాతావరణ కేంద్రం వాతావరణ సూచన. ఈ వారం వాతావరణం చాలా స్పష్టంగా ఉండే అవకాశం ఉంది. రైతులకు సలహాలు -కాటన్ పికింగ్ మేనేజ్‌మెంట్: బోల్స్ పూర్తిగా చీలిపోయినప్పుడు పత్తిని తీయాలి. పత్తిని శుభ్రమైన, పొడి మరియు సురక్షితమైన ప్రదేశంలో నిల్వ చేయాలి. రసాన్ని పీల్చే తెల్లదోమ మరియు పురుగు నివారణ కోసం ఎకరానికి కనీసం 8 పసుపు జిగట ఉచ్చులు మరియు తెల్లదోమ పర్యవేక్షణ కోసం ఎకరానికి 8 నీలిరంగు జిగట ఉచ్చులు వేయండి. అలాగే ఐదు శాతం నింబోలి సారం లేదా నింబోలి ఆధారిత పురుగుమందు 5 మి.లీ లీటరు నీటిలో కలిపి పిచికారీ చేయాలి. పత్తిలో గులాబీ రంగు పురుగు పురుగులను పర్యవేక్షించడానికి, ఎకరానికి కనీసం 2 చొప్పున పెక్టినోలూర్ లేదా గాసిప్లూర్ అనే క్రియాశీల పదార్ధాలను కలిగి ఉండే వాసన ఉచ్చులను నాటాలి. వాసన ఉచ్చులలో చిక్కుకున్న చిమ్మటల పరిశీలనలను క్రమం తప్పకుండా నమోదు చేయాలి. • చిమ్మటలు వరుసగా 3 రోజుల పాటు ఆర్థిక నష్ట స్థాయికి అంటే ఒక ఉచ్చుకు 8 చిమ్మటల స్థాయికి చేరుకుంటే, సిఫార్సు చేయబడిన రసాయన పురుగుమందులను వాడాలి. థయోడికార్బ్ 75 డబ్ల్యుపి యు 20 గ్రా లేదా ఇమామెక్టిన్ బెంజోయేట్ 5 ఎస్ జి 5 గ్రా 10 లీటర్ల నీటికి కలిపి ఉదయం లేదా సాయంత్రం పిచికారీ చేయాలి. ఉద్యానవన పత్తి పంటకు పుష్పించే దశలో 2% యూరియా మరియు కాయ అభివృద్ధి దశలో 2% డిఎపి పిచికారీ చేయాలి. పత్తిలో సహజంగా వచ్చే ఆకుమచ్చ మరియు ఆకుమచ్చ తెగులును నివారించడానికి ఆల్ఫా-ఎన్‌ఎఎ 4.5 ఎస్‌ఎల్ 5 మి.లీ 10 లీటర్ల నీటికి పిచికారీ చేయండి.ధన్యవాదాలు! ఈ సమాచారాన్ని మళ్లీ వినడానికి సున్నాని నొక్కండి. Telangana Telangana 13-11-2023 Disable
6748 VIL -Adilabad-Jainad-15-11-2023 VIL-Adilabad-Jainad-15-11-2023- నమస్కారం తోటి రైతులకు...సాలిడారిడాడ్ మరియు వోడాఫోన్ ఐడియా ఫౌండేషన్ యొక్క స్మార్ట్ అగ్రి ప్రోగ్రామ్‌కు స్వాగతం. ఈ వారం కనిష్ట ఉష్ణోగ్రత 18 నుంచి 20 డిగ్రీల సెల్సియస్‌, గరిష్ట ఉష్ణోగ్రత 29 నుంచి 32 డిగ్రీల సెల్సియస్‌గా ఉండే అవకాశం ఉందని ఆదిలాబాద్‌లోని జైనాద్‌లోని ఆటోమేటెడ్ వాతావరణ కేంద్రం వాతావరణ సూచన. ఈ వారం వాతావరణం చాలా స్పష్టంగా ఉండే అవకాశం ఉంది. రైతులకు సలహాలు -కాటన్ పికింగ్ మేనేజ్‌మెంట్: బోల్స్ పూర్తిగా చీలిపోయినప్పుడు పత్తిని తీయాలి. పత్తిని శుభ్రమైన, పొడి మరియు సురక్షితమైన ప్రదేశంలో నిల్వ చేయాలి. రసాన్ని పీల్చే తెల్లదోమ మరియు పురుగు నివారణ కోసం ఎకరానికి కనీసం 8 పసుపు జిగట ఉచ్చులు మరియు తెల్లదోమ పర్యవేక్షణ కోసం ఎకరానికి 8 నీలిరంగు జిగట ఉచ్చులు వేయండి. అలాగే ఐదు శాతం నింబోలి సారం లేదా నింబోలి ఆధారిత పురుగుమందు 5 మి.లీ లీటరు నీటిలో కలిపి పిచికారీ చేయాలి. పత్తిలో గులాబీ రంగు పురుగు పురుగులను పర్యవేక్షించడానికి, ఎకరానికి కనీసం 2 చొప్పున పెక్టినోలూర్ లేదా గాసిప్లూర్ అనే క్రియాశీల పదార్ధాలను కలిగి ఉండే వాసన ఉచ్చులను నాటాలి. వాసన ఉచ్చులలో చిక్కుకున్న చిమ్మటల పరిశీలనలను క్రమం తప్పకుండా నమోదు చేయాలి. చిమ్మటలు వరుసగా 3 రోజుల పాటు ఆర్థిక నష్టం స్థాయికి అంటే ఒక ఉచ్చుకు 8 చిమ్మటలు చేరుకున్నట్లయితే, సిఫార్సు చేయబడిన రసాయన పురుగుమందులను స్వీకరించాలి. థయోడికార్బ్ 75 డబ్ల్యుపి యు 20 గ్రా లేదా ఇమామెక్టిన్ బెంజోయేట్ 5 ఎస్ జి 5 గ్రా 10 లీటర్ల నీటికి కలిపి ఉదయం లేదా సాయంత్రం పిచికారీ చేయాలి. ఉద్యానవన పత్తి పంటకు పుష్పించే దశలో 2% యూరియా మరియు కాయ అభివృద్ధి దశలో 2% డిఎపి పిచికారీ చేయాలి. పత్తిలో సహజంగా వచ్చే ఆకుమచ్చ మరియు ఆకుమచ్చ తెగులును నివారించడానికి ఆల్ఫా-ఎన్‌ఎఎ 4.5 ఎస్‌ఎల్ 5 మి.లీ 10 లీటర్ల నీటికి పిచికారీ చేయండి. ధన్యవాదాలు! ఈ సమాచారాన్ని మళ్లీ వినడానికి సున్నాని నొక్కండి. Telangana Telangana 13-11-2023 Disable
6749 VIL 2-Yavatmal-Ner-Mozar-15-11-2023 Yavatmal (2)-नमस्कार शेतकरी बंधूंनो...नेर तालुक्यातील मोझर येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे या आठवड्यातील हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान 18 ते 20 अंश तर कमाल 30 ते 31 अंश सेल्सियस एवढे राहील. या आठवड्यात वातावरण स्वच्छ राहण्याची शक्यता आहे. शेतकऱ्यांसाठी सूचना –कपाशी वेचणी व्यवस्थापन: कापूसाची बोंडे पुर्णपने फुटलेली आहेत अश्याच कापसाची वेचणी करावी. कापुस स्वच्छ, कोरड्या आणि सुरक्षित ठिकाणी साठवावा. रसशोषक पांढरी माशी आणि तुडतुडे नियंत्रणासाठी किमान 8 पिवळे चिकट सापळे प्रती एकर तर फुलकिड्यांच्या निरीक्षणासाठी 8 निळे चिकट सापळे प्रती एकर पीकामधे लावावेत. तसेच पाच टक्के निंबोळी अर्क किंवा निंबोळी आधारित किटकनाशकाची 5 मिली एक लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. कपाशीमध्ये गुलाबी बोंड अळीच्या पतंगांचे निरीक्षण करण्यासाठी एकरी किमान 2 याप्रमाणे पेक्टीनोल्युर किंवा गॉसिप्ल्युर हे सक्रिय घटक असलेले कामगंध सापळे लावावेत. कामगंध सापळ्यां मध्ये अडकलेल्या पतंगांची नियमितपणे निरीक्षणे नोंदवावीत. • पतंगांनी आर्थिक नुकसान पातळी म्हणजेच 8 पतंग प्रति सापळा असे सलग 3 दिवस आढळल्यास, शिफारशीत असलेल्या कीटकनाशकांचा अवलंब करावा. थायोडीकार्ब 75 डब्ल्यूपी यू 20 ग्राम किंवा ईमामेक्टीन बेन्झोएट 5 एसजी 5 ग्राम प्रती 10 लिटर पाण्यात मिसळून सकाळी किंवा सायंकाळी फवारणी करावी. बागायती कपाशी पिक फुलोरा अवस्थेत असताना 2 % युरियाची तर बोंडे विकसित होण्याच्या अवस्थेत 2% डी ए पी ची फवारणी करावी. कपाशीमध्ये नैसर्गिक पाते आणि फुलगळ टाळण्यासाठी अल्फा – एनएए 4.5 एसएल 5 मिली प्रती 10 लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी.सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबा. क्र. 9158261922. धन्यवाद! Maharashtra MH 13-11-2023 Disable
6750 VIL 1-Yavatmal-Ghatanji-15-11-2023 Yavatmal (1)-नमस्कार शेतकरी बंधूंनो...घाटंजी तालुक्यातील मारेगाव येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे या आठवड्यातील हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान 20 ते 23 अंश तर कमाल 31 ते 33 अंश सेल्सियस एवढे राहील. या आठवड्यात वातावरण स्वच्छ राहण्याची शक्यता आहे. शेतकऱ्यांसाठी सूचना –कपाशी वेचणी व्यवस्थापन: कापूसाची बोंडे पुर्णपने फुटलेली आहेत अश्याच कापसाची वेचणी करावी. कापुस स्वच्छ, कोरड्या आणि सुरक्षित ठिकाणी साठवावा. रसशोषक पांढरी माशी आणि तुडतुडे नियंत्रणासाठी किमान 8 पिवळे चिकट सापळे प्रती एकर तर फुलकिड्यांच्या निरीक्षणासाठी 8 निळे चिकट सापळे प्रती एकर पीकामधे लावावेत. तसेच पाच टक्के निंबोळी अर्क किंवा निंबोळी आधारित किटकनाशकाची 5 मिली एक लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. कपाशीमध्ये गुलाबी बोंड अळीच्या पतंगांचे निरीक्षण करण्यासाठी एकरी किमान 2 याप्रमाणे पेक्टीनोल्युर किंवा गॉसिप्ल्युर हे सक्रिय घटक असलेले कामगंध सापळे लावावेत. कामगंध सापळ्यां मध्ये अडकलेल्या पतंगांची नियमितपणे निरीक्षणे नोंदवावीत. • पतंगांनी आर्थिक नुकसान पातळी म्हणजेच 8 पतंग प्रति सापळा असे सलग 3 दिवस आढळल्यास, शिफारशीत असलेल्या कीटकनाशकांचा अवलंब करावा. थायोडीकार्ब 75 डब्ल्यूपी यू 20 ग्राम किंवा ईमामेक्टीन बेन्झोएट 5 एसजी 5 ग्राम प्रती 10 लिटर पाण्यात मिसळून सकाळी किंवा सायंकाळी फवारणी करावी. बागायती कपाशी पिक फुलोरा अवस्थेत असताना 2 % युरियाची तर बोंडे विकसित होण्याच्या अवस्थेत 2% डी ए पी ची फवारणी करावी. कपाशीमध्ये नैसर्गिक पाते आणि फुलगळ टाळण्यासाठी अल्फा – एनएए 4.5 एसएल 5 मिली प्रती 10 लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबा. क्र. 9158261922. धन्यवाद! Maharashtra MH 13-11-2023 Disable