Message List: 12,419
S.No Message Title Message State Created By Creation Date Status Action
831 Weather forecast & Nutrient management process of sunflower and vegetables ନମସ୍କାର ଗଜପତି ଜିଲ୍ଲାର ମୋହନା ଓ ଗୁମ୍ମା ବ୍ଲକର ସମସ୍ତ ଚାଷୀ ମାନଙ୍କୁ ସଲିଡାରିଡାଡ ତରଫରୁ ଭୋଡାଫୋନ ଆଇଡିଆ ସହଯୋଗ ରେ ଚାଲୁଥିବା ଅଭିନବ କୃଷି ପ୍ରକଳ୍ପକୁ ସ୍ଵାଗତ କରାଯାଉଛି । ଆଗାମୀ ୧୦ ମାର୍ଚ୍ଚ ରୁ ୧୬ ମାର୍ଚ୍ଚ ମଧ୍ୟରେ ଗଜପତିର ମୋହନା ଏବଂ ଗୁମ୍ମା ବ୍ଲକରେ ୦.୩-୨.୬ ମି.ମି.ବୃଷ୍ଟିପାତର ସମ୍ଭାବନା ରହିଛି ଓ ସର୍ବତ୍ର ସର୍ବାଧିକ ତାପମାତ୍ରା ୧୮°c ରୁ ୩୬°c ମଧ୍ୟରେ ରହିବ। ୧. ସୂର୍ଯ୍ୟମୁଖୀ ଫୁଲର ଆକାର ବଡ଼ କରିବା ପାଇଁ ଏକ ଲିଟର ପାଣିରେ ୪୦ମି.ଲି. ସପ୍ତ ଶସ୍ୟର ରସ କିମ୍ବା ୨ମି.ଲି. ସୋମରସ ମିଶାଇ ଫୁଲ ଆସିବା ଆଗରୁ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ୨. ଏହି ଫସଲ ରେ କାଣ୍ଡ ସଢା ଫିମ୍ପି ଜନିତ ରୋଗ ଦେଖା ଦେଲେ ଗଛ ଝାଉଁଳି ଯାଏ ଓ କାଣ୍ଡ ସଢ଼ିଯାଏ। ହାତରେ ଘସିଲେ ସଢା ଚୋପା ଛାଡିଯାଏ। ୨ଲିଟର ପାଣିରେ ୪ ରୁ ୫ ଗ୍ରାମ ଟ୍ରାଇକୋଡ୍ରମା ଗୋଳାଇ ମୂଳକୁ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ୩. ଫୁଲ ଫୁଟିବା ସମୟ ରେ କିଆରୀ ରୁ ପାଣି ଶୁଖାନ୍ତୁ ନାହିଁ। ହାତରେ ପ୍ଲାଷ୍ଟିକ ଗ୍ଲୋବ ଲଗାଇ ଫୁଲ କୁ ଧୀରେ ଚାପନ୍ତୁ ଏହାଦ୍ୱାରା ହୃଷ୍ଟପୃଷ୍ଟ ମଞ୍ଜି ଓ ପରାଗ ସଙ୍ଗମ ଭଲ ହେବ। ୪. ବାଇଗଣ ଟମାଟୋ ଫସଲ ର ତଳରେ ହଳଦିଆ ଓ ବଡ଼ପତ୍ର କୁ ବାହାର କରନ୍ତୁ ଯେପରି ସୂର୍ଯ୍ୟ କିରଣ ଗଛମୂଳ ରେ ପଡିବ।ଅମଳ ଭଲ ଆସିବା ନିମନ୍ତେ ଜୀବାମୃତ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ୫. ମକା ଫସଲ ରେ ଦାନାବୃଦ୍ଧି ପାଇଁ ସୋମରସ ୪ମି.ଲି. ୧ଲି. ପାଣିରେ ମିଶାଇ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ମାଟିକୁ ଆଦୌ ଶୁଖାନ୍ତୁ ନାହିଁ। ୬. ଲତା ଜାତୀୟ ଉଦ୍ଭିଦରେ ପାଣି ଦେଇ ମନ୍ଦା ପ୍ରତି ୨୦୦ମି.ଲି. ତରଳ ଜୀବାମୃତ ଦିଅନ୍ତୁ। ୭. ଫଳ ବଢିବା ଓ କୀଟ ଘଉଡ଼ାଇବା ପାଇଁ ଏକ ଲିଟର ପାଣିରେ ୨ଚାମଚ ମାଛ ଟନିଙ୍ଗ ମିଶାଇ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ୮. ଯେଉଁଠି ସମ୍ଭବ ସେଠାରେ ମନ୍ଦା ଓ ନାଳ କୁ ଜୈବିକ ଛାଦନ କରନ୍ତୁ। ଅଧିକ ସୂଚନା ପାଇଁ ଆମ ଟୋଲ ଫ୍ରି ନମ୍ବର ୭୦୬୫୦୦୫୦୫୪ ରେ ମିସ କଲ୍ କରନ୍ତୁ। ଧନ୍ୟବାଦ୍। Orissa Orissa 11-03-2026 Enable
832 Weather Forecast & Pest management process of Green gram ନମସ୍କାର କେନ୍ଦ୍ରାପଡା ଜିଲ୍ଲାର ଡେରାବିଶ ବ୍ଲକର ସମସ୍ତ ଚାଷୀଭାଇ ମାନଙ୍କୁ ଭୋଡାଫୋନ ଆଇଡିଆ ସହଯୋଗରେ ସଲିଡାରିଡାଡ ଏବଂ ଶରତ କର & ଅନିମା କର ଫାଉଣ୍ଡେସନର ମିଳିତ ପ୍ରଚେଷ୍ଟାରେ ଚାଲୁଥିବା ଅଭିନବ କୃଷି ପ୍ରକଳ୍ପକୁ ସ୍ଵାଗତ କରାଯାଉଛି । ଆଗାମୀ ୧୦ ମାର୍ଚ୍ଚ ରୁ ୧୬ ମାର୍ଚ୍ଚ ମଧ୍ୟରେ ଡେରାବିଶ ବ୍ଲକରେ ୦.୧-୦.୨ମି.ମି. ବୃଷ୍ଟିପାତର ସମ୍ଭାବନା ରହିଛି ଏବଂ ସର୍ବାଧିକ ତାପମାତ୍ରା ୨୩°C-୩୫°C ମଧ୍ୟରେ ରହିବ। ୧. ମୁଗଗଛ ୩୫ଦିନର ହେଇଗଲେ ୨ୟ ପର୍ଯ୍ୟାୟରେ ପୁନଶ୍ଚ ଜୀବାମୃତ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ୨. ମୁଗରେ ପତ୍ରକଣା, ଛୁଇଁବିନ୍ଧା ଓ ଜଉକୀଟ ଦେଖାଯାଆନ୍ତି;ସେଥିପାଇଁ ୩୦୦PPM ର ନିମତେଲ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ୩. ପାଉଁସିଆ ଓ ସାହେବି ରୋଗର ନିୟନ୍ତ୍ରଣ ପାଇଁ ମୁଗ ବୁଣିବାର ୩୦-୩୫ ଦିନ ମଧ୍ୟରେ ୧୦ଲି. ପାଣିରେ ୧ଲି. ଦେଶୀ ଗାଈର କଞ୍ଚା କ୍ଷୀର ମିଶାଇ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ୪. ଧଳାମାଛି ନିୟନ୍ତ୍ରଣ ପାଇଁ ଏକର ପିଛା ୬-୭ ଟି ଲେଖାଏଁ ହଳଦିଆ ଜନ୍ତା ମୁଗ ବିଲରେ ଲଗାନ୍ତୁ। ୫. କୀଟ, ଗାଈ ଗୋରୁ, ମାଙ୍କଡ଼ ଛେଳି ଆଦିଙ୍କ ଦାଉରୁ ଫସଲକୁ ରକ୍ଷା କରିବା ପାଇଁ ଘରୋଇ ଜୈବିକ ଔଷଧ ପ୍ରସ୍ତୁତ କରନ୍ତୁ। (୨ଲି. ଦେଶୀ ଗାଈ ପରିସ୍ରା +୫୦୦ଗ୍ରାମ ନିମପତ୍ର +୨୦୦ଗ୍ରାମ ରସୁଣ )କୁ ନଅ ଦିନ ପାଇଁ ପଚାଇ ଏକ ଲିଟର ପାଣିରେ 30ମି.ଲି. ମିଶାଇ ଫସଲରେ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ଅଧିକ ସୂଚନା ପାଇଁ ଆମ ଟୋଲ ଫ୍ରି ନମ୍ବର ୭୦୬୫୦୦୫୦୫୪ ରେ ମିସ କଲ୍ କରନ୍ତୁ। ଧନ୍ୟବାଦ୍। Orissa Orissa 11-03-2026 Enable
833 Weather Forecast & Pest management process of Green gram ନମସ୍କାର କଟକ ଜିଲ୍ଲା ର ମାହାଙ୍ଗା, ଟାଙ୍ଗୀ ଓ ନିଶ୍ଚିନ୍ତକୋଇଲି ବ୍ଲକର ସମସ୍ତ ଚାଷୀଭାଇ ମାନଙ୍କୁ ଭୋଡାଫୋନ ଆଇଡିଆ ସହଯୋଗରେ ସଲିଡାରିଡାଡ ଏବଂ ଶରତ କର & ଅନିମା କର ଫାଉଣ୍ଡେସନର ମିଳିତ ପ୍ରଚେଷ୍ଟାରେ ଚାଲୁଥିବା ଅଭିନବ କୃଷି ପ୍ରକଳ୍ପକୁ ସ୍ଵାଗତ କରାଯାଉଛି । ଆଗାମୀ ୧୦ ମାର୍ଚ୍ଚ ରୁ ୧୬ ମାର୍ଚ୍ଚ ମଧ୍ୟରେ ମାହାଙ୍ଗା, ଟାଙ୍ଗୀ ଓ ନିଶ୍ଚିନ୍ତକୋଇଲି ବ୍ଲକରେ୦.୧-୦.୨ମି.ମି. ବୃଷ୍ଟିପାତର ସମ୍ଭାବନା ରହିଛି ଏବଂ ସର୍ବତ୍ର ସର୍ବାଧିକ ତାପମାତ୍ରା ୨୪°C-୩୫°C ମଧ୍ୟରେ ରହିବ। ୧. ମୁଗଗଛ ୩୫ଦିନର ହେଇଗଲେ ୨ୟ ପର୍ଯ୍ୟାୟରେ ପୁନଶ୍ଚ ଜୀବାମୃତ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ୨. ମୁଗରେ ପତ୍ରକଣା, ଛୁଇଁବିନ୍ଧା ଓ ଜଉକୀଟ ଦେଖାଯାଆନ୍ତି;ସେଥିପାଇଁ ୩୦୦PPM ର ନିମତେଲ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ୩. ପାଉଁସିଆ ଓ ସାହେବି ରୋଗର ନିୟନ୍ତ୍ରଣ ପାଇଁ ମୁଗ ବୁଣିବାର ୩୦-୩୫ ଦିନ ମଧ୍ୟରେ ୧୦ଲି. ପାଣିରେ ୧ଲି. ଦେଶୀ ଗାଈର କଞ୍ଚା କ୍ଷୀର ମିଶାଇ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ୪. ଧଳାମାଛି ନିୟନ୍ତ୍ରଣ ପାଇଁ ଏକର ପିଛା ୬-୭ ଟି ଲେଖାଏଁ ହଳଦିଆ ଜନ୍ତା ମୁଗ ବିଲରେ ଲଗାନ୍ତୁ। ୫. କୀଟ, ଗାଈ ଗୋରୁ, ମାଙ୍କଡ଼ ଛେଳି ଆଦିଙ୍କ ଦାଉରୁ ଫସଲକୁ ରକ୍ଷା କରିବା ପାଇଁ ଘରୋଇ ଜୈବିକ ଔଷଧ ପ୍ରସ୍ତୁତ କରନ୍ତୁ। (୨ଲି. ଦେଶୀ ଗାଈ ପରିସ୍ରା +୫୦୦ଗ୍ରାମ ନିମପତ୍ର +୨୦୦ଗ୍ରାମ ରସୁଣ )କୁ ନଅ ଦିନ ପାଇଁ ପଚାଇ ଏକ ଲିଟର ପାଣିରେ 30ମି.ଲି. ମିଶାଇ ଫସଲରେ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ଅଧିକ ସୂଚନା ପାଇଁ ଆମ ଟୋଲ ଫ୍ରି ନମ୍ବର ୭୦୬୫୦୦୫୦୫୪ ରେ ମିସ କଲ୍ କରନ୍ତୁ। ଧନ୍ୟବାଦ୍। Orissa Orissa 11-03-2026 Enable
834 Weather Forecast & Pest management process of Green gram ନମସ୍କାର ଗଜପତି ଜିଲ୍ଲାର ମୋହନା ଓ ଗୁମ୍ମା ବ୍ଲକର ସମସ୍ତ ଚାଷୀ ମାନଙ୍କୁ ସଲିଡାରିଡାଡ ତରଫରୁ ଭୋଡାଫୋନ ଆଇଡିଆ ସହଯୋଗ ରେ ଚାଲୁଥିବା ଅଭିନବ କୃଷି ପ୍ରକଳ୍ପକୁ ସ୍ଵାଗତ କରାଯାଉଛି । ଆଗାମୀ ୧୦ ମାର୍ଚ୍ଚ ରୁ ୧୬ ମାର୍ଚ୍ଚ ମଧ୍ୟରେ ଗଜପତିର ମୋହନା ଏବଂ ଗୁମ୍ମା ବ୍ଲକରେ ୦.୩-୨.୬ ମି.ମି.ବୃଷ୍ଟିପାତର ସମ୍ଭାବନା ରହିଛି ଓ ସର୍ବତ୍ର ସର୍ବାଧିକ ତାପମାତ୍ରା ୧୮°c ରୁ ୩୬°c ମଧ୍ୟରେ ରହିବ। ୧. ମୁଗଗଛ ୩୫ଦିନର ହେଇଗଲେ ୨ୟ ପର୍ଯ୍ୟାୟରେ ପୁନଶ୍ଚ ଜୀବାମୃତ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ୨. ମୁଗରେ ପତ୍ରକଣା, ଛୁଇଁବିନ୍ଧା ଓ ଜଉକୀଟ ଦେଖାଯାଆନ୍ତି;ସେଥିପାଇଁ ୩୦୦PPM ର ନିମତେଲ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ୩. ପାଉଁସିଆ ଓ ସାହେବି ରୋଗର ନିୟନ୍ତ୍ରଣ ପାଇଁ ମୁଗ ବୁଣିବାର ୩୦-୩୫ ଦିନ ମଧ୍ୟରେ ୧୦ଲି. ପାଣିରେ ୧ଲି. ଦେଶୀ ଗାଈର କଞ୍ଚା କ୍ଷୀର ମିଶାଇ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ୪. ଧଳାମାଛି ନିୟନ୍ତ୍ରଣ ପାଇଁ ଏକର ପିଛା ୬-୭ ଟି ଲେଖାଏଁ ହଳଦିଆ ଜନ୍ତା ମୁଗ ବିଲରେ ଲଗାନ୍ତୁ। ୫. କୀଟ, ଗାଈ ଗୋରୁ, ମାଙ୍କଡ଼ ଛେଳି ଆଦିଙ୍କ ଦାଉରୁ ଫସଲକୁ ରକ୍ଷା କରିବା ପାଇଁ ଘରୋଇ ଜୈବିକ ଔଷଧ ପ୍ରସ୍ତୁତ କରନ୍ତୁ। (୨ଲି. ଦେଶୀ ଗାଈ ପରିସ୍ରା +୫୦୦ଗ୍ରାମ ନିମପତ୍ର +୨୦୦ଗ୍ରାମ ରସୁଣ )କୁ ନଅ ଦିନ ପାଇଁ ପଚାଇ ଏକ ଲିଟର ପାଣିରେ 30ମି.ଲି. ମିଶାଇ ଫସଲରେ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ଅଧିକ ସୂଚନା ପାଇଁ ଆମ ଟୋଲ ଫ୍ରି ନମ୍ବର ୭୦୬୫୦୦୫୦୫୪ ରେ ମିସ କଲ୍ କରନ୍ତୁ। ଧନ୍ୟବାଦ୍। Orissa Orissa 11-03-2026 Enable
835 Sugarcane Advisory Karad -8 to 17 March 26 शेतकरी बंधू आणि भगिनींनो नमस्कार. स्मार्ट ॲग्री कार्यक्रमांमध्ये आपले स्वागत आहे. ८ ते १७ मार्च या तारखेदरम्यान कराड शिराळा परिसरामध्ये दिवसाचे तापमान ३३ ते ३६ अंश सेल्सिअस तर रात्रीचे तापमान १८ ते २२ अंश सेल्सिअस राहील. या १० दिवसांमध्ये पश्चिम दक्षिण दिशेने जोराचे वारे ताशी २ ते १६ किलोमीटर वेगाने वाहतील,त्यामुळे काही प्रमाणात ढगाळ वातावरण राहील परंतु पाऊस पडण्याची शक्यता नाही .हवेतील आर्द्रता २४ ते ७२ टक्के राहील. शेतकरी मित्रांनो ऊसशेती मध्ये सर्वांत जास्त फायदा खोडवा व्यवस्थापनामध्ये होतो खोडवा उत्पन्न वाढीसाठी पुढील कार्य करावे ऊसाची जमिनीलगत छाटणी करावी ऊसाचा वाळलेला पाला वेस्ट डिकंपोजरच्या साह्याने शेतातच कुजावावा असे केल्यास जमीनीस चांगले सेंद्रिय खत उपलब्ध होईल. नांग्या व तुटाळ भरणी करण्यासाठी उपलब्ध असेल तर खोडव्याचे बेट किंवा ऊसाची रोपे लावा . ऊसतोडणी नंतर एक महिन्याच्या आत आणि ९० दिवसानंतर एकरी ५० किलो युरिया ,२५० किलो सिंगल सुपर फॉस्फटे, ८५ किलो पोटॅश, २५ किलो सूक्ष्म अन्नद्रव्य व १०० किलो पेंडीयुक्त खते याचा मिश्र डोस टाकावा .तसेच पूर्वहंगामामध्ये ज्या शेतकऱ्यांनी लागण केलेली आहे ज्यांचा ऊसाचे वय ४५ ते ६० दिवस आहे त्या ऊसाची बाळभरणी करून घ्यावी बाळभरणी करत असताना एकरी ४५ किलो यूरिया,१० किलो सूक्ष्म अन्नद्रव्य,व ४० किलो पेंडीयुक्त खते याचा मिश्र डोस टाकावा .कोणत्याही प्रकारची रोगाचा किंवा किडीचा प्रादुर्भाव दिसुन आल्यास कारखान्यांच्या कर्मचाऱ्यांना संपर्क करा.स्मार्ट ॲग्री कार्यक्रमाच्या अधिक माहितीसाठी ९२०५०२१८१४या नंबर वर संपर्क करा तसेच हा संदेश पुन्हा ऐकण्यासाठी ७०६५००५०५४ या नंबर वरती संपर्क करा धन्यवाद. Maharashtra MH 09-03-2026 Enable
836 Sugarcane Advisory Panhala -8 to 17 March 26 शेतकरी बंधू आणि भगिनींनो नमस्कार. स्मार्ट ॲग्री कार्यक्रमांमध्ये आपले स्वागत आहे. ८ ते १७ मार्च या तारखेदरम्यान पन्हाळा-शाहुवाडी परिसरामध्ये दिवसाचे तापमान ३३ ते ३६ अंश सेल्सिअस तर रात्रीचे तापमान १८ ते २२ अंश सेल्सिअस राहील. या १० दिवसांमध्ये पश्चिम दक्षिण दिशेने जोराचे वारे ताशी २ ते १६ किलोमीटर वेगाने वाहतील,त्यामुळे काही प्रमाणात ढगाळ वातावरण राहील परंतु पाऊस पडण्याची शक्यता नाही .हवेतील आर्द्रता २४ ते ७२ टक्के राहील. शेतकरी मित्रांनो ऊसशेती मध्ये सर्वांत जास्त फायदा खोडवा व्यवस्थापनामध्ये होतो खोडवा उत्पन्न वाढीसाठी पुढील कार्य करावे ऊसाची जमिनीलगत छाटणी करावी ऊसाचा वाळलेला पाला वेस्ट डिकंपोजरच्या साह्याने शेतातच कुजावावा असे केल्यास जमीनीस चांगले सेंद्रिय खत उपलब्ध होईल. नांग्या व तुटाळ भरणी करण्यासाठी उपलब्ध असेल तर खोडव्याचे बेट किंवा ऊसाची रोपे लावा . ऊसतोडणी नंतर एक महिन्याच्या आत आणि ९० दिवसानंतर एकरी ५० किलो युरिया ,२५० किलो सिंगल सुपर फॉस्फटे, ८५ किलो पोटॅश, २५ किलो सूक्ष्म अन्नद्रव्य व १०० किलो पेंडीयुक्त खते याचा मिश्र डोस टाकावा .तसेच पूर्वहंगामामध्ये ज्या शेतकऱ्यांनी लागण केलेली आहे ज्यांचा ऊसाचे वय ४५ ते ६० दिवस आहे त्या ऊसाची बाळभरणी करून घ्यावी बाळभरणी करत असताना एकरी ४५ किलो यूरिया,१० किलो सूक्ष्म अन्नद्रव्य,व ४० किलो पेंडीयुक्त खते याचा मिश्र डोस टाकावा .कोणत्याही प्रकारची रोगाचा किंवा किडीचा प्रादुर्भाव दिसुन आल्यास कारखान्यांच्या कर्मचाऱ्यांना संपर्क करा.स्मार्ट ॲग्री कार्यक्रमाच्या अधिक माहितीसाठी ९२०५०२१८१४या नंबर वर संपर्क करा तसेच हा संदेश पुन्हा ऐकण्यासाठी ७०६५००५०५४ या नंबर वरती संपर्क करा धन्यवाद. Maharashtra MH 09-03-2026 Enable
837 वर्मिकोमपोस्टिंग पर सलाह Jhabua वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Jhabua ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 6 March से 15 March के दौरान दिन में 36 और रात में 19 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। वर्मी कंपोस्ट खाद (केंचुआ खाद) का उपयोग पुनर्योजी कृषि में किया जाता है इस खाद के प्रयोग से क्षारीय मृदा का क्षारीयपन एवं अम्लीय मृदा की अम्लता को कम करने में उपयोगी है इस खाद से मिट्टी की भौतिक दशा में सुधार होता है एवं मृदा जल अवशोषण एवं जल धारण क्षमता में वृद्धि होती है I वर्मी कंपोस्ट के उपयोग से मृदा की उर्वरता एवं उत्पादकता में बढ़ोतरी के साथ-साथ किसान अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं I वर्मी कंपोस्ट खाद (केंचुआ खाद) अनाज वाली फसलों में 5 टन प्रति हेक्टेयर एवं सब्जी वाली फसलों में 7 टन प्रति हेक्टेयर के अनुसार उपयोग करें Iस्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I Madhya Pradesh MP 06-03-2026 Enable
838 वर्मिकोमपोस्टिंग पर सलाह Dhar वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Dhar ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 6 March से 15 March के दौरान दिन में 35 और रात में 18 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। वर्मी कंपोस्ट खाद (केंचुआ खाद) का उपयोग पुनर्योजी कृषि में किया जाता है इस खाद के प्रयोग से क्षारीय मृदा का क्षारीयपन एवं अम्लीय मृदा की अम्लता को कम करने में उपयोगी है इस खाद से मिट्टी की भौतिक दशा में सुधार होता है एवं मृदा जल अवशोषण एवं जल धारण क्षमता में वृद्धि होती है I वर्मी कंपोस्ट के उपयोग से मृदा की उर्वरता एवं उत्पादकता में बढ़ोतरी के साथ-साथ किसान अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं I वर्मी कंपोस्ट खाद (केंचुआ खाद) अनाज वाली फसलों में 5 टन प्रति हेक्टेयर एवं सब्जी वाली फसलों में 7 टन प्रति हेक्टेयर के अनुसार उपयोग करें Iस्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I Madhya Pradesh MP 06-03-2026 Enable
839 वर्मिकोमपोस्टिंग पर सलाह Vidisha वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Vidisha ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 6 March से 15 March के दौरान दिन में 36 और रात में 19 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। वर्मी कंपोस्ट खाद (केंचुआ खाद) का उपयोग पुनर्योजी कृषि में किया जाता है इस खाद के प्रयोग से क्षारीय मृदा का क्षारीयपन एवं अम्लीय मृदा की अम्लता को कम करने में उपयोगी है इस खाद से मिट्टी की भौतिक दशा में सुधार होता है एवं मृदा जल अवशोषण एवं जल धारण क्षमता में वृद्धि होती है I वर्मी कंपोस्ट के उपयोग से मृदा की उर्वरता एवं उत्पादकता में बढ़ोतरी के साथ-साथ किसान अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं I वर्मी कंपोस्ट खाद (केंचुआ खाद) अनाज वाली फसलों में 5 टन प्रति हेक्टेयर एवं सब्जी वाली फसलों में 7 टन प्रति हेक्टेयर के अनुसार उपयोग करें Iस्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I Madhya Pradesh MP 06-03-2026 Enable
840 वर्मिकोमपोस्टिंग पर सलाह Ratlam वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Ratlam ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 6 March से 15 March के दौरान दिन में 36 और रात में 18 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। वर्मी कंपोस्ट खाद (केंचुआ खाद) का उपयोग पुनर्योजी कृषि में किया जाता है इस खाद के प्रयोग से क्षारीय मृदा का क्षारीयपन एवं अम्लीय मृदा की अम्लता को कम करने में उपयोगी है इस खाद से मिट्टी की भौतिक दशा में सुधार होता है एवं मृदा जल अवशोषण एवं जल धारण क्षमता में वृद्धि होती है I वर्मी कंपोस्ट के उपयोग से मृदा की उर्वरता एवं उत्पादकता में बढ़ोतरी के साथ-साथ किसान अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं I वर्मी कंपोस्ट खाद (केंचुआ खाद) अनाज वाली फसलों में 5 टन प्रति हेक्टेयर एवं सब्जी वाली फसलों में 7 टन प्रति हेक्टेयर के अनुसार उपयोग करें Iस्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I Madhya Pradesh MP 06-03-2026 Enable