Message Schedule List : 11,641
| S. No. | Message | Language | Created By | Date | Time | Status | Action |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 10201 | জিলা: যোৰহাট বতৰৰ বতৰা আৰু আমাৰ পৰামৰ্শ (বৈধতাৰ সময়সীমা: ৩ৰ পৰা ৯ নৱেম্বৰলৈ, ২০২২) VI Smart Agri Project ৰ প্ৰিয় ট্ৰিনিটি ক্ষুদ্ৰ চাহ খেতিয়ক । স্মাৰ্ট কৃষি পৰামৰ্শলৈ স্বাগতম। আমাৰ বতৰ বিজ্ঞান কেন্দ্ৰৰ পৰা পোৱা বতৰৰ আগলি বতৰা অনুযায়ী যোৰহাট জিলাত ৩ৰ পৰা ৯ নৱেম্বৰলৈ বতৰ ফৰকাল হৈ থকাৰ সম্ভাৱনা আছে। দিনৰ উষ্ণতা প্ৰায় ২৮-২৯ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ আৰু নিশাৰ উষ্ণতা প্ৰায় ১৬-১৮ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ হব বুলি অনুমান কৰা হৈছে । ৰাতিপুৱা আৰু আবেলিৰ আপেক্ষিক আৰ্দ্ৰতা ক্ৰমান্বয়ে প্ৰায় ৯৫ % আৰু ৬০ % আশে-পাশে থাকিব । বতাহ প্ৰতি ঘন্টাত ২-৮ কিলোমিটাৰ বেগত দক্ষিণ-পূব আৰু উত্তৰ-পূব দিশৰ পৰা প্ৰবাহিত হব। জিলাখনৰ বিভিন্ন প্ৰান্তত স্থাপন কৰা বতৰ কেন্দ্ৰৰ পৰা পোৱা বতৰা অনুযায়ী অক্টোবৰ মাহত গড়ে ২১২ মিলিমিটাৰ বৰষুণ হৈছে। চাহ খেতিৰ বাবে: • এই সময়ত পাততোলা কাৰ্য্য খিনি ৮/৯ দিনৰ ৰাউণ্ডত তুলিব পৰাকৈ চেষ্টা কৰিব কাৰণ দিনৰ উষ্ণতা কমি আহি আছে লগতে দিনটোৰ দৈৰ্ঘ্য ক্ৰমান্বয়ে কম হৈ আহিছে। • পাত তোলা টেবুল খন সমান কৰি ৰাখিব যাতে টেবুলৰ ওপৰত দীঘল খুটি ৰৈ নাযায় আৰু বান্জী পাত বোৰ টৈবুলৰ সমানে আঁতৰাই পেলাব লাগে । বনঝি পাতবোৰ পৈনত হবলৈ নিদিব । • বাগানবোৰত উঠি অহা অপতৃণবোৰ হাতৰে মাটিৰ তলৰ শিপাৰ সৈতে উলিয়াই পেলাব যাতে পাত তোলাত সমস্যা নহয়। • বাগান বোৰত যদি Black Rotৰ আক্ৰমণ দেখা গৈছে, নিয়ন্ত্ৰণ কৰিবলৈ পাততোলা কাৰ্য্য সম্পূৰ্ণ হোৱাৰ পিছত আক্ৰান্ত জোপোহাবোৰত ১০০ মিলিলিটাৰ হেক্সাকনাজল ৫ই.চি. / প্ৰপিকনাজল ২৫ ই.চি. , ১০০ লিটাৰ পানীত মিহলাই স্প্ৰে কৰিব লাগে। অন্যান্য শস্যৰ বাবে: • অহা কেইদিনমানত বতৰ অনুকূল হোৱাৰ বাবে কৃষকসকলে ফুল-কবিৰ বীজ সিঁচাৰ কাম অব্যাহত ৰাখিব পাৰিব। Hissar 1, Pusa Snowball, Snowball-16 আদি কিছুমান দেৰিকৈ কৰা ফুল-কবিৰ জাতৰ বীজ নৱেম্বৰৰ প্ৰথম সপ্তাহলৈকে সিঁচিব পাৰে। বীজ সিঁচাৰ আগতে প্ৰতি কেজি বীজত ৩ গ্ৰাম কাৰ্বক্সিন (Carboxin) বা নাবাম (Nabam)ৰে শোধন কৰি লব লাগে। • যদি বেঙেনাৰ খেতিডৰাত ডাল আৰু ফল বিন্ধা পোকৰ (Fruit and Shoot Borer) আক্ৰমণ দেখা গৈছে, নিয়ন্ত্ৰণ কৰিবলৈ Emmamectin Benzoate 5% SG দৰৱৰ ৫ গ্রাম প্রতি ১০ লিটাৰ পানীত মিহলাই স্প্রে কৰিব । বতৰ আৰু কৃষি সম্পৰ্কীয় তথ্যৰ বিষয়ে জানিবলৈ কৃষকসকলে ৭০৬৫-০০-৫০৫৪ নম্বৰত মিছড কল দিব পাৰে। ধন্যবাদ। | Assamese | Assam | 03-11-2022 | 08:00:00 | SCHEDULED |
|
| 10202 | 02-11-Jainad రైతులకు సూచనలు విత్తిన పత్తి పంటను ముందుగానే కోసి, పత్తిని పొడి ప్రదేశంలో నిల్వ చేయాలి. పత్తి పంటలో ఆకు మచ్చ వ్యాధిని నివారించడానికి 1 శాతం యూరియా మరియు 1 శాతం మెగ్నీషియం సల్ఫేట్ నీటిలో కలిపి పిచికారీ చేయాలి. ప్రారంభ దశలో ఆకు మచ్చలు మరియు శిలీంధ్ర బంధిత వ్యాధి యొక్క మెరుగైన నిర్వహణ కోసం, 10 గ్రాములకు కార్బెండజిమ్ 50 WP లేదా ప్రొపికోనజోల్ 25 EC 10 మీ. లీ. లేదా ప్రవీనాబ్ 70 డబ్ల్యుపి 25 గ్రా లేదా మెటారిమ్ 55 శాతం ప్లస్ పైరాక్లోస్ట్రో బిన్ 5 శాతం డబ్ల్యుపి ప్రతి 20 మి.లీ లేదా అజోజిస్ట్రో బిన్ 18 వాడాలి. శాతం W/W ప్లస్ డైఫెనోకోనజోల్ 11. 10 మీటర్లకు W/WSC శాతం. లీ. 10 లీటర్ల నీటికి కలిపి పిచికారీ చేయాలి. పత్తిలో మంచి ఉత్పాదకత కోసం 2 శాతం డిఎపి (200 గ్రాముల డిఎపి మరియు 10 లీటర్ల నీరు) పుష్పించే దశలో పిచికారీ చేయాలి. ధన్యవాదాలు! | Telugu | Telangana | 02-11-2022 | 12:55:00 | SCHEDULED |
|
| 10203 | 02-11-Yavatmal (2) नमस्कार शेतकरी बंधूंनो... सूचना अगोदर पेरणी केलेल्या कापूस पिकाची वेचणी करून घ्यावी व कापूस कोरड्या ठिकाणी साठवणूक करावी. कापूस पिकात पानावर लाल्या रोखण्यासाठी १ टक्का युरिया अधिक १ टक्का मॅग्नेशियम सुलफेत ची पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. सुरवातीच्या टप्प्यातील पानावरील ठिपके आणि बुरशीजन्य बोन्डसड रोगाच्या चांगल्या व्यवस्थापनासाठी, कार्बेन्डाझिम ५० डब्लू पी प्रति १० ग्राम किंवा प्रोपीकोनॅझोल २५ ई सी १० मी. ली. किंवा प्रव्हीपीनेब ७० डब्लू पी प्रति २५ ग्राम किंवा मेटारीं ५५ टक्के अधिक पायराक्लोस्ट्रो बिन ५ टक्के डब्लू जि प्रति २० मिली चा वापर करावा किंवा अझोझायस्ट्रो बिन १८. टक्के डब्लू /डब्लू अधिक डीफेनोकोनाझोल ११. टक्के डब्लू /डब्लू एस सी प्रति १० मी. ली. प्रति १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारावे. कपाशी चांगल्या उत्पादकतेसाठी फुलांच्या वाढीच्या अवस्थेत २ टक्के डीएपी (२०० ग्राम डीएपी अधिक १० लिटर पाणी ) ची फवारणी करावी. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबा. क्र. 9158261922. | Marathi | MH | 02-11-2022 | 08:30:00 | SCHEDULED |
|
| 10204 | 02-11-Wardha (2) नमस्कार शेतकरी बंधूंनो... सूचना अगोदर पेरणी केलेल्या कापूस पिकाची वेचणी करून घ्यावी व कापूस कोरड्या ठिकाणी साठवणूक करावी. कापूस पिकात पानावर लाल्या रोखण्यासाठी १ टक्का युरिया अधिक १ टक्का मॅग्नेशियम सुलफेत ची पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. सुरवातीच्या टप्प्यातील पानावरील ठिपके आणि बुरशीजन्य बोन्डसड रोगाच्या चांगल्या व्यवस्थापनासाठी, कार्बेन्डाझिम ५० डब्लू पी प्रति १० ग्राम किंवा प्रोपीकोनॅझोल २५ ई सी १० मी. ली. किंवा प्रव्हीपीनेब ७० डब्लू पी प्रति २५ ग्राम किंवा मेटारीं ५५ टक्के अधिक पायराक्लोस्ट्रो बिन ५ टक्के डब्लू जि प्रति २० मिली चा वापर करावा किंवा अझोझायस्ट्रो बिन १८. टक्के डब्लू /डब्लू अधिक डीफेनोकोनाझोल ११. टक्के डब्लू /डब्लू एस सी प्रति १० मी. ली. प्रति १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारावे. कपाशी चांगल्या उत्पादकतेसाठी फुलांच्या वाढीच्या अवस्थेत २ टक्के डीएपी (२०० ग्राम डीएपी अधिक १० लिटर पाणी ) ची फवारणी करावी. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबा. क्र. 9158261922. | Marathi | MH | 02-11-2022 | 08:30:00 | SCHEDULED |
|
| 10205 | 02-11-Nagpur (2) नमस्कार शेतकरी बंधूंनो... सूचना अगोदर पेरणी केलेल्या कापूस पिकाची वेचणी करून घ्यावी व कापूस कोरड्या ठिकाणी साठवणूक करावी. कापूस पिकात पानावर लाल्या रोखण्यासाठी १ टक्का युरिया अधिक १ टक्का मॅग्नेशियम सुलफेत ची पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. सुरवातीच्या टप्प्यातील पानावरील ठिपके आणि बुरशीजन्य बोन्डसड रोगाच्या चांगल्या व्यवस्थापनासाठी, कार्बेन्डाझिम ५० डब्लू पी प्रति १० ग्राम किंवा प्रोपीकोनॅझोल २५ ई सी १० मी. ली. किंवा प्रव्हीपीनेब ७० डब्लू पी प्रति २५ ग्राम किंवा मेटारीं ५५ टक्के अधिक पायराक्लोस्ट्रो बिन ५ टक्के डब्लू जि प्रति २० मिली चा वापर करावा किंवा अझोझायस्ट्रो बिन १८. टक्के डब्लू /डब्लू अधिक डीफेनोकोनाझोल ११. टक्के डब्लू /डब्लू एस सी प्रति १० मी. ली. प्रति १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारावे. कपाशी चांगल्या उत्पादकतेसाठी फुलांच्या वाढीच्या अवस्थेत २ टक्के डीएपी (२०० ग्राम डीएपी अधिक १० लिटर पाणी ) ची फवारणी करावी. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबा. क्र. 9158261922. | Marathi | MH | 02-11-2022 | 08:30:00 | SCHEDULED |
|
| 10206 | 02-11-Amravati (2) नमस्कार शेतकरी बंधूंनो... सूचना अगोदर पेरणी केलेल्या कापूस पिकाची वेचणी करून घ्यावी व कापूस कोरड्या ठिकाणी साठवणूक करावी. कापूस पिकात पानावर लाल्या रोखण्यासाठी १ टक्का युरिया अधिक १ टक्का मॅग्नेशियम सुलफेत ची पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. सुरवातीच्या टप्प्यातील पानावरील ठिपके आणि बुरशीजन्य बोन्डसड रोगाच्या चांगल्या व्यवस्थापनासाठी, कार्बेन्डाझिम ५० डब्लू पी प्रति १० ग्राम किंवा प्रोपीकोनॅझोल २५ ई सी १० मी. ली. किंवा प्रव्हीपीनेब ७० डब्लू पी प्रति २५ ग्राम किंवा मेटारीं ५५ टक्के अधिक पायराक्लोस्ट्रो बिन ५ टक्के डब्लू जि प्रति २० मिली चा वापर करावा किंवा अझोझायस्ट्रो बिन १८. टक्के डब्लू /डब्लू अधिक डीफेनोकोनाझोल ११. टक्के डब्लू /डब्लू एस सी प्रति १० मी. ली. प्रति १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारावे. कपाशी चांगल्या उत्पादकतेसाठी फुलांच्या वाढीच्या अवस्थेत २ टक्के डीएपी (२०० ग्राम डीएपी अधिक १० लिटर पाणी ) ची फवारणी करावी. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबा. क्र. 9158261922. | Marathi | MH | 02-11-2022 | 08:30:00 | SCHEDULED |
|
| 10207 | 02-11-Yavatmal (1) नमस्कार शेतकरी बंधूंनो... सूचना अगोदर पेरणी केलेल्या कापूस पिकाची वेचणी करून घ्यावी व कापूस कोरड्या ठिकाणी साठवणूक करावी. कापूस पिकात पानावर लाल्या रोखण्यासाठी १ टक्का युरिया अधिक १ टक्का मॅग्नेशियम सुलफेत ची पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. सुरवातीच्या टप्प्यातील पानावरील ठिपके आणि बुरशीजन्य बोन्डसड रोगाच्या चांगल्या व्यवस्थापनासाठी, कार्बेन्डाझिम ५० डब्लू पी प्रति १० ग्राम किंवा प्रोपीकोनॅझोल २५ ई सी १० मी. ली. किंवा प्रव्हीपीनेब ७० डब्लू पी प्रति २५ ग्राम किंवा मेटारीं ५५ टक्के अधिक पायराक्लोस्ट्रो बिन ५ टक्के डब्लू जि प्रति २० मिली चा वापर करावा किंवा अझोझायस्ट्रो बिन १८. टक्के डब्लू /डब्लू अधिक डीफेनोकोनाझोल ११. टक्के डब्लू /डब्लू एस सी प्रति १० मी. ली. प्रति १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारावे. कपाशी चांगल्या उत्पादकतेसाठी फुलांच्या वाढीच्या अवस्थेत २ टक्के डीएपी (२०० ग्राम डीएपी अधिक १० लिटर पाणी ) ची फवारणी करावी. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबा. क्र. 9158261922. | Marathi | MH | 02-11-2022 | 08:30:00 | SCHEDULED |
|
| 10208 | 02-11-Wardha (1) नमस्कार शेतकरी बंधूंनो... सूचना अगोदर पेरणी केलेल्या कापूस पिकाची वेचणी करून घ्यावी व कापूस कोरड्या ठिकाणी साठवणूक करावी. कापूस पिकात पानावर लाल्या रोखण्यासाठी १ टक्का युरिया अधिक १ टक्का मॅग्नेशियम सुलफेत ची पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. सुरवातीच्या टप्प्यातील पानावरील ठिपके आणि बुरशीजन्य बोन्डसड रोगाच्या चांगल्या व्यवस्थापनासाठी, कार्बेन्डाझिम ५० डब्लू पी प्रति १० ग्राम किंवा प्रोपीकोनॅझोल २५ ई सी १० मी. ली. किंवा प्रव्हीपीनेब ७० डब्लू पी प्रति २५ ग्राम किंवा मेटारीं ५५ टक्के अधिक पायराक्लोस्ट्रो बिन ५ टक्के डब्लू जि प्रति २० मिली चा वापर करावा किंवा अझोझायस्ट्रो बिन १८. टक्के डब्लू /डब्लू अधिक डीफेनोकोनाझोल ११. टक्के डब्लू /डब्लू एस सी प्रति १० मी. ली. प्रति १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारावे. कपाशी चांगल्या उत्पादकतेसाठी फुलांच्या वाढीच्या अवस्थेत २ टक्के डीएपी (२०० ग्राम डीएपी अधिक १० लिटर पाणी ) ची फवारणी करावी. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबा. क्र. 9158261922. | Marathi | MH | 02-11-2022 | 08:30:00 | SCHEDULED |
|
| 10209 | 02-11-Nanded (1) नमस्कार शेतकरी बंधूंनो... सूचना अगोदर पेरणी केलेल्या कापूस पिकाची वेचणी करून घ्यावी व कापूस कोरड्या ठिकाणी साठवणूक करावी. कापूस पिकात पानावर लाल्या रोखण्यासाठी १ टक्का युरिया अधिक १ टक्का मॅग्नेशियम सुलफेत ची पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. सुरवातीच्या टप्प्यातील पानावरील ठिपके आणि बुरशीजन्य बोन्डसड रोगाच्या चांगल्या व्यवस्थापनासाठी, कार्बेन्डाझिम ५० डब्लू पी प्रति १० ग्राम किंवा प्रोपीकोनॅझोल २५ ई सी १० मी. ली. किंवा प्रव्हीपीनेब ७० डब्लू पी प्रति २५ ग्राम किंवा मेटारीं ५५ टक्के अधिक पायराक्लोस्ट्रो बिन ५ टक्के डब्लू जि प्रति २० मिली चा वापर करावा किंवा अझोझायस्ट्रो बिन १८. टक्के डब्लू /डब्लू अधिक डीफेनोकोनाझोल ११. टक्के डब्लू /डब्लू एस सी प्रति १० मी. ली. प्रति १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारावे. कपाशी चांगल्या उत्पादकतेसाठी फुलांच्या वाढीच्या अवस्थेत २ टक्के डीएपी (२०० ग्राम डीएपी अधिक १० लिटर पाणी ) ची फवारणी करावी. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबा. क्र. 9158261922. | Marathi | MH | 02-11-2022 | 08:30:00 | SCHEDULED |
|
| 10210 | 02-11-Nagpur (1) नमस्कार शेतकरी बंधूंनो... सूचना अगोदर पेरणी केलेल्या कापूस पिकाची वेचणी करून घ्यावी व कापूस कोरड्या ठिकाणी साठवणूक करावी. कापूस पिकात पानावर लाल्या रोखण्यासाठी १ टक्का युरिया अधिक १ टक्का मॅग्नेशियम सुलफेत ची पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. सुरवातीच्या टप्प्यातील पानावरील ठिपके आणि बुरशीजन्य बोन्डसड रोगाच्या चांगल्या व्यवस्थापनासाठी, कार्बेन्डाझिम ५० डब्लू पी प्रति १० ग्राम किंवा प्रोपीकोनॅझोल २५ ई सी १० मी. ली. किंवा प्रव्हीपीनेब ७० डब्लू पी प्रति २५ ग्राम किंवा मेटारीं ५५ टक्के अधिक पायराक्लोस्ट्रो बिन ५ टक्के डब्लू जि प्रति २० मिली चा वापर करावा किंवा अझोझायस्ट्रो बिन १८. टक्के डब्लू /डब्लू अधिक डीफेनोकोनाझोल ११. टक्के डब्लू /डब्लू एस सी प्रति १० मी. ली. प्रति १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारावे. कपाशी चांगल्या उत्पादकतेसाठी फुलांच्या वाढीच्या अवस्थेत २ टक्के डीएपी (२०० ग्राम डीएपी अधिक १० लिटर पाणी ) ची फवारणी करावी. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबा. क्र. 9158261922. | Marathi | MH | 02-11-2022 | 08:30:00 | SCHEDULED |
|