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10311 शेतकऱ्यांसाठी सूचना कपाशीवर सर्वत्र आढळणारी कीडीबाबत .. माहिती बघू : जशी उन वाढेल तसे पांढरी माशी आणि तांबडे ढेकूण यांचा प्रादूर्भाव वाढतो. पांढरी माशी - कपाशी पिकाचे पानाचे खाली राहून पानातील रस शोषण करते. त्यामुळे पाने वाळतात . माशी शरीरातून चिकट पदार्थ बाहेर टाकते त्यावर काळी बुरशी वाढून झाडाचे अन्न तयार करण्याची क्रीया मंदावते. अन्नाचा पुरवठा योग्य प्रमाणात न झाल्याने अनिष्ट परिणाम होऊन उत्पादनात घट होते. तांबडे ढेकूण - ही कीड दुय्यम किड या प्रकारात मोडते. या कीडींची पिल्ले व प्रौढ कापूसबोंडातील सरकीमधे सोंड खुपसून तेल पीतात. तसेच यांचे विष्ठेमुळे कापूस दर्जा बिघडतो . परिणामी योग्य दरावर परिणाम होतो. उपायया दोन्ही रसशोषक किडींच्या नियंत्रणा करिता इमिडाक्लोप्रिड 5 मिली . किंवा असेटिमाप्रिड 20%एस पी 5 ग्रॅम 15लीटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. धन्यवाद! Marathi MH 07-12-2022 08:30:00 SCHEDULED
10312 शेतकऱ्यांसाठी सूचना कपाशीवर सर्वत्र आढळणारी कीडीबाबत .. माहिती बघू : जशी उन वाढेल तसे पांढरी माशी आणि तांबडे ढेकूण यांचा प्रादूर्भाव वाढतो. पांढरी माशी - कपाशी पिकाचे पानाचे खाली राहून पानातील रस शोषण करते. त्यामुळे पाने वाळतात . माशी शरीरातून चिकट पदार्थ बाहेर टाकते त्यावर काळी बुरशी वाढून झाडाचे अन्न तयार करण्याची क्रीया मंदावते. अन्नाचा पुरवठा योग्य प्रमाणात न झाल्याने अनिष्ट परिणाम होऊन उत्पादनात घट होते. तांबडे ढेकूण - ही कीड दुय्यम किड या प्रकारात मोडते. या कीडींची पिल्ले व प्रौढ कापूसबोंडातील सरकीमधे सोंड खुपसून तेल पीतात. तसेच यांचे विष्ठेमुळे कापूस दर्जा बिघडतो . परिणामी योग्य दरावर परिणाम होतो. उपायया दोन्ही रसशोषक किडींच्या नियंत्रणा करिता इमिडाक्लोप्रिड 5 मिली . किंवा असेटिमाप्रिड 20%एस पी 5 ग्रॅम 15लीटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. धन्यवाद! Marathi MH 07-12-2022 08:30:00 SCHEDULED
10313 शेतकऱ्यांसाठी सूचना कपाशीवर सर्वत्र आढळणारी कीडीबाबत .. माहिती बघू : जशी उन वाढेल तसे पांढरी माशी आणि तांबडे ढेकूण यांचा प्रादूर्भाव वाढतो. पांढरी माशी - कपाशी पिकाचे पानाचे खाली राहून पानातील रस शोषण करते. त्यामुळे पाने वाळतात . माशी शरीरातून चिकट पदार्थ बाहेर टाकते त्यावर काळी बुरशी वाढून झाडाचे अन्न तयार करण्याची क्रीया मंदावते. अन्नाचा पुरवठा योग्य प्रमाणात न झाल्याने अनिष्ट परिणाम होऊन उत्पादनात घट होते. तांबडे ढेकूण - ही कीड दुय्यम किड या प्रकारात मोडते. या कीडींची पिल्ले व प्रौढ कापूसबोंडातील सरकीमधे सोंड खुपसून तेल पीतात. तसेच यांचे विष्ठेमुळे कापूस दर्जा बिघडतो . परिणामी योग्य दरावर परिणाम होतो. उपायया दोन्ही रसशोषक किडींच्या नियंत्रणा करिता इमिडाक्लोप्रिड 5 मिली . किंवा असेटिमाप्रिड 20%एस पी 5 ग्रॅम 15लीटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. धन्यवाद! Marathi MH 07-12-2022 08:30:00 SCHEDULED
10314 गेहूँ मे कही कही जड़ माहु कीट का प्रकोप देखने को मिल रहा है I जड़ माहू कीट गेहूं की जड़ भाग में रहकर रस चूसता है I प्रभावित पौधे धीरे-धीरे पीले पड़ने लगते हैं I जिससे पौधा कमजोर हो जाता है I कल्ले कम निकलते हैं जिससे उत्पादन घट जाता है I इसके नियंत्रण के लिये जड़ माहु के प्रकोप प्रारंभ होते ही इमिडाक्लोप्रिड 200 S L 500 मिलीलीटर या थायोमेथाक्सोम 25 WG 250 ग्राम या क्लोथियानिडीन 50 WG 375 ग्राम प्रति हेक्टेयर का छिड़काव करें I जड़ माहु की संख्या कम करने में परभक्षी कीट जैसे लेडीबर्ड बीटल, बास्प एवं लेसविंग मदद करते है गेहूँ का अधिक उत्पादन हेतु 6 सिचाई अनुसंशित है पहली सिंचाई 20 से 21 दिन बाद मुख्य जड़ बनते समय , दूसरी सिंचाई 40 से 45 दिन बाद कल्ले निकलते समय , तीसरी सिंचाई 60 से 65 दिन बाद तने में गाँठ पडते समय, चौथी सिंचाई 80 से 85 दिन बाद फूल आने की अवस्था में, पांचवी सिंचाई 100 से 105 दिन बाद दानो में दूध बनते समय एवं छटवी सिचाई 120 से 125 दिन बाद दाना सख्त होते समय करना चाहिऐ I पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध होने पर सभी अवस्थाओं मे सिंचाई करनी चाहिये I यदि पानी दो सिंचाइयों के लिये ही उपलब्ध होने पर पहली सिंचाई 20 से 21 दिन बाद मुख्य जड़ बनते समय दूसरी सिंचाई 80 से 85 दिन बाद फूल आने की अवस्था मे I यदि पानी तीन सिंचाइयों के लिये ही उपलब्ध होने पर पहली सिंचाई 20 से 21 दिन बाद मुख्य जड़ बनते समय, दूसरी सिंचाई 60 से 65 दिन बाद तने में गाँठ पडते समय एवं तीसरी सिंचाई 100 से 05 दिन बाद दानो में दूध बनते समय कर अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते है स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I सोलिडरिडाड, स्मार्ट एग्री कार्यक्रम सम्पर्क: मो. न. 8251071818 Hindi MP 06-12-2022 12:10:00 SCHEDULED
10315 लहसुन की फसल मे थ्रिप्स प्रमुख कीट है लहसुन की फसल में रोपण के बाद 45 दिनों तक थ्रिप्स का प्रकोप संभावित है, जिसमें पत्तियों पर चांदी जैसे सफ़ेद धब्बे बनाते है और अधिक प्रकोप होने पर पुरे पौधे विकृत और सफ़ेद दिखने लगते है I इसके नियंत्रण के लिये फिप्रोनील 0.2 % का प्रयोग करें या 1 मिली लेम्डासाइलोथ्रीन प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करे | थ्रिप्स के जैविक नियंत्रण के लिए 6 नीले स्टिकी कार्ड प्रति एकर लगाए एवं नीम कीट नाशक 300 पी पी एम 5 मिली अथवा वर्टीसिलीयम लेकानी 5 मिली प्रति लीटर पानी के हिसाब से (8 दिन के अंतराल से 3 बार ) छिड़काब करे I स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I सोलिडरिडाड, स्मार्ट एग्री कार्यक्रम सम्पर्क: मो. न. 8251071818 Hindi MP 06-12-2022 12:05:00 SCHEDULED
10316 ಪ್ರಿಯ ಮಂಡ್ಯದ ರೈತ ಬಾಂದವರೇ, ದಿನಾಂಕ ೫ ರಿಂದ ೧೧ ಡಿಸೆಂಬರ್ ವರೆಗೆ ಅಧಿಕ ತಾಪಮಾನ ೨೭ ರಿಂದ ೩೧ ಡಿಗ್ರಿ ಸೆಲಿಸಿಯಸ್ ವರೆಗೆ ಇರಲಿದ್ದು, ಕನಿಷ್ಠ ತಾಪಮಾನ ೧೪ರಿಂದ ೧೮ ಡಿಗ್ರಿ ಸೆಲಿಸಿಯಸ್ ವರೆಗೆ ಇರುವ ಸಾದ್ಯತೆ ಇದೆ. ಇನ್ನು ಈ ವಾರದಲ್ಲಿ ಯಾವುದೇ ಮಳೆಯ ಸಂಭವ ಇರುವುದಿಲ್ಲ. ವಾಯುಮಂಡಲದ ತೇವಾಂಶ ೩೦ ರಿಂದ ೭೫ ಶೇಕಡಾ ಇರಲಿದೆ. ಪೂರ್ವದಿಂದ ಗಾಳಿಯ ವೇಗ ೦೩-೧೪ ಕಿಲೋಮೀಟರ್ ಪ್ರತಿ ಗಂಟೆ ಇರಲಿದ್ದು, ಪಶ್ಚಿಮ ದಿಕ್ಕಿನಿಂದ ೧೫ ರಿಂದ ೩೦ ಕಿಮೀ ವರೆಗೆ ವೇಗವಾಗಿ ಬೀಸುವ ಸಾಧ್ಯತೆ ಇರುತ್ತದೆ. ಇಂತಹ ಜೋರಾಗಿ ಗಾಳಿ ಬೀಸುವ ಹವಾಮಾನದಲ್ಲಿ ಕಬ್ಬು ಬೀಳುವ ಸಾದ್ಯತೆ ಇದ್ದು ಕಬ್ಬಿನ ಸುರಕ್ಷತೆಯತ್ತ ಗಮನಕೊಡಿ. Kannada Karnataka 03-12-2022 08:05:00 SCHEDULED
10317 ಪ್ರಿಯ ರೈತ ಬಾಂದವರೇ, ದಿನಾಂಕ ೫ ರಿಂದ ೧೧ ಡಿಸೆಂಬರ್ ವರೆಗೆ ಅಧಿಕ ತಾಪಮಾನ ೨೭ ರಿಂದ ೩೧ ಡಿಗ್ರಿ ಸೆಲಿಸಿಯಸ್ ವರೆಗೆ ಇರಲಿದ್ದು, ಕನಿಷ್ಠ ತಾಪಮಾನ ೧೪ರಿಂದ ೧೮ ಡಿಗ್ರಿ ಸೆಲಿಸಿಯಸ್ ವರೆಗೆ ಇರುವ ಸಾದ್ಯತೆ ಇದೆ. ಇನ್ನು ಈ ವಾರದಲ್ಲಿ ಯಾವುದೇ ಮಳೆಯ ಸಂಭವ ಇರುವುದಿಲ್ಲ. ವಾಯುಮಂಡಲದ ತೇವಾಂಶ ೩೦ ರಿಂದ ೭೫ ಶೇಕಡಾ ಇರಲಿದೆ. ಪೂರ್ವದಿಂದ ಗಾಳಿಯ ವೇಗ ೦೩-೧೪ ಕಿಲೋಮೀಟರ್ ಪ್ರತಿ ಗಂಟೆ ಇರಲಿದ್ದು, ಪಶ್ಚಿಮ ದಿಕ್ಕಿನಿಂದ ೧೫ ರಿಂದ ೩೦ ಕಿಮೀ ವರೆಗೆ ವೇಗವಾಗಿ ಬೀಸುವ ಸಾಧ್ಯತೆ ಇರುತ್ತದೆ. ಇಂತಹ ಜೋರಾಗಿ ಗಾಳಿ ಬೀಸುವ ಹವಾಮಾನದಲ್ಲಿ ಕಬ್ಬು ಬೀಳುವ ಸಾದ್ಯತೆ ಇದ್ದು ಕಬ್ಬಿನ ಸುರಕ್ಷತೆಯತ್ತ ಗಮನಕೊಡಿ. Kannada Karnataka 03-12-2022 08:05:00 SCHEDULED
10318 ମୁଙ୍ଗ ଏବଂ ଉରାଡ ଫସଲରେ ତୃଣକ ପରିଚାଳନା ଜରୁରୀ ଅଟେ ଯାହା ଦ୍ initial ାରା ପ୍ରାରମ୍ଭିକ ଅଭିବୃଦ୍ଧି ପର୍ଯ୍ୟାୟରେ ଫସଲ ଏବଂ ତୃଣକ ପ୍ରତିଯୋଗିତା ହ୍ରାସ କରି ଅଧିକ ଉତ୍ପାଦନ ହୋଇପାରିବ | ବିହନ ବୁଣିବାର 20 ରୁ 25 ଦିନ ପରେ ଫସଲ ତୃଣ ପ୍ରତିଯୋଗିତା ସର୍ବାଧିକ ଅଟେ | ଏହି ଜଟିଳ ପର୍ଯ୍ୟାୟରେ କ ed ଣସି ତୃଣକ ପରିଚାଳନା କରାଯାଏ ନାହିଁ | ବିହନ ବୁଣିବା ସମୟରେ 30 ରୁ 50 ପ୍ରତିଶତ ଅମଳ କ୍ଷତି ହୋଇପାରେ | ବିହନ ବୁଣିବାର 20 ରୁ 25 ଦିନ ପରେ ହାତ ବୁଣିବା ଲାଭଦାୟକ ଅଟେ | ଛିଡା ହୋଇଥିବା ଫସଲରେ ତୃଣକ ନିୟନ୍ତ୍ରଣ ପାଇଁ, ଇମାଜେଥାପିର 10% S ପ୍ରୟୋଗ କରନ୍ତୁ | ଆଲେ ହେକ୍ଟର ପିଛା 55 ଗ୍ରାମ ସକ୍ରିୟ ଉପାଦାନ ହାରରେ, ମାଟିରେ ପର୍ଯ୍ୟାପ୍ତ ଆର୍ଦ୍ରତା ଅବସ୍ଥାରେ ସ୍ପ୍ରେ କରିବା ଉଚିତ୍ | ସ୍ମାର୍ଟ ଏଗ୍ରି ପ୍ରୋଜେକ୍ଟ ଅଧୀନରେ ଚାଷ ସମ୍ବନ୍ଧୀୟ ସମସାମୟିକ ପରାମର୍ଶ ପାଇଁ 7065-00-5054 ରେ ମିସ୍ କଲ୍ ଦିଅନ୍ତୁ ଏବଂ ଉପଯୋଗୀ ପରାମର୍ଶ ନିଅନ୍ତୁ | । Odia Orissa 02-12-2022 13:50:00 SCHEDULED
10319 01/12/2022:- সোলিডারিডেড এবং ভোডাফোন আইডিয়া বিভাগের মাধ্যমে পূর্বাভাষ অনুসারে আগামী ৭ ই ডিসেম্বর অবধি আকাশ মুলত পরিষ্কার থাকবে বলে অনুমান করা হচ্ছে ।সরবোচো তাপ মাত্রা ২৮ ডিগ্রি ২৯ ডিগ্রি এবং সর্বনিম্ন তাপমাত্রা ১৫ ডিগ্রি থেকে ১৬ ডিগ্রি সেলসিয়াস । সকাল এবং বিকালের আদ্রতা ৮৫ শতাংশ এবং ৩৫ শতাংশ বাতাসের গতিবেগ গড় ৫ থেকে ৮ কিমি প্রতি ঘণ্টায় এবং বৃষ্টি পাতের স্মভবনা নেই বলে অনুমান করা হচ্ছে । এমন পরিস্থিতে জলসেচের ব্যবস্থা রাখুন । যে সব বাগানের মাটিতে বালির ভাগ বেশি আছে সে সব বাগানে জল সেচ দিন । পরিণত বাগানে এল পি কাটা শুরু করতে পারেন । শিশু গাছে পাতা তোলা বন্ধ রাখুন । এবং এখন কলম করবেন না ।আনপ্রুন বাগানে এম ও পি ম্যাগনেসিয়াম সালফেট ১ কেজি ১০০ লিটার জলে মিশিয়ে ১৫ থেকে ২০ দিন অন্তর স্প্রে করে যান । পুনঃ রায় ভয়েস কল শুনতে হলে মিস কল করুন ৭০৬৫০০৫০৫৪ ধন্যবাদ । Bengali West Bengal 01-12-2022 15:00:00 SCHEDULED
10320 प्रिय किसान साथियों, आगामी 5 से 11 दिसंबर के दौरान शाहजहांपुर के वायुमंडलीय तापमान में गिरावट आयेगीI दिन का अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेंटीग्रेड तक रहेगाI इस दौरान वायुमंडल में आर्द्रता 30 से 75 प्रतिशत तक रहेगी, सुबह के समय धुंध रहेगी लेकिन दिन के समय आसमान साफ रहेगा और वर्षा तथा पाला पड़ने की सम्भावना नहीं हैI मिलों में पेराई शुरू होने से गन्ना कटाई का काम जोरों से जारी हैI काटे जाने वाले गन्नो का पूरा वजन लेने के लिए वातावरण में ओस को ध्यान में रखते हुए खेत में नमी की जाँच करते रहें, खेत को गीला न होनें देंI गन्ने की जड़ के पास से कटाई करेंI गन्ने की छिलाई के बाद सूखी पत्तियों को खेत में ही बिछा कर उसे सड़ायें जिससे खेत में ही कार्बनिक खाद तैयार होI इस काम के लिए वेस्ट डीकोम्पोसर का उपयोग किया जा सकता हैI गन्ना काटने के बाद पैडी और पैडी गन्ने को काटने के बाद लेडी अवश्य लें इससे लागत में 30 प्रतिशत तक कमी आती हैI पैडी या लेडी फसलों में गैप फिलिंग अवश्य करें जिससे गन्ने की पैदावार अधिक हो और लाभ को बढाया जा सकेI इस साल बोये गए शरद कालीन गन्ने की बुवाई को यदि 50 से 60 दिन हो गए है और कल्ले निनिकल रहे हैं तो 50 किलोग्राम यूरिया प्रति एकड़ की दर से गन्ने के पौधों की जड़ों पर डाल कर हल्की मिट्टी चढ़ाएंI यदि कल्ले नहीं निकाल रहें हों तो 4-4 किलोग्राम अजेतोबैक्टर और पी एस बी को 5 कुंटल गोबर की खाद में मिला कर प्रति एकड़ की दर से उपयोग किया जा सकता हैI अंतः फसल के रूप में लिए जा रहे सरसों, तोरिया, लाही आदि फसलों में बुवाई के 30 दिन के बाद सिंचाई अवश्य करें जिससे फूल खिलने और दानों के बनने में मदद मिलेI आलू की फसल में मिट्टी चढाने का काम अवश्य करेंI इस समय चीनी मिल से निकलने वाली मैली का उपयोग अपने खेतों में अवश्य करें इससे मिट्टी में माइक्रो न्यूट्रीएंट की कमी पूरी होती हैI ‘स्मार्ट एग्री कार्यक्रम’ की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 02-12-2022 08:10:00 SCHEDULED