Message Schedule List : 11,855
S. No. Message Language Created By Date Time Status Action
10421 02-11-Yavatmal (1) नमस्कार शेतकरी बंधूंनो... सूचना अगोदर पेरणी केलेल्या कापूस पिकाची वेचणी करून घ्यावी व कापूस कोरड्या ठिकाणी साठवणूक करावी. कापूस पिकात पानावर लाल्या रोखण्यासाठी १ टक्का युरिया अधिक १ टक्का मॅग्नेशियम सुलफेत ची पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. सुरवातीच्या टप्प्यातील पानावरील ठिपके आणि बुरशीजन्य बोन्डसड रोगाच्या चांगल्या व्यवस्थापनासाठी, कार्बेन्डाझिम ५० डब्लू पी प्रति १० ग्राम किंवा प्रोपीकोनॅझोल २५ ई सी १० मी. ली. किंवा प्रव्हीपीनेब ७० डब्लू पी प्रति २५ ग्राम किंवा मेटारीं ५५ टक्के अधिक पायराक्लोस्ट्रो बिन ५ टक्के डब्लू जि प्रति २० मिली चा वापर करावा किंवा अझोझायस्ट्रो बिन १८. टक्के डब्लू /डब्लू अधिक डीफेनोकोनाझोल ११. टक्के डब्लू /डब्लू एस सी प्रति १० मी. ली. प्रति १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारावे. कपाशी चांगल्या उत्पादकतेसाठी फुलांच्या वाढीच्या अवस्थेत २ टक्के डीएपी (२०० ग्राम डीएपी अधिक १० लिटर पाणी ) ची फवारणी करावी. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबा. क्र. 9158261922. Marathi MH 02-11-2022 08:30:00 SCHEDULED
10422 02-11-Wardha (1) नमस्कार शेतकरी बंधूंनो... सूचना अगोदर पेरणी केलेल्या कापूस पिकाची वेचणी करून घ्यावी व कापूस कोरड्या ठिकाणी साठवणूक करावी. कापूस पिकात पानावर लाल्या रोखण्यासाठी १ टक्का युरिया अधिक १ टक्का मॅग्नेशियम सुलफेत ची पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. सुरवातीच्या टप्प्यातील पानावरील ठिपके आणि बुरशीजन्य बोन्डसड रोगाच्या चांगल्या व्यवस्थापनासाठी, कार्बेन्डाझिम ५० डब्लू पी प्रति १० ग्राम किंवा प्रोपीकोनॅझोल २५ ई सी १० मी. ली. किंवा प्रव्हीपीनेब ७० डब्लू पी प्रति २५ ग्राम किंवा मेटारीं ५५ टक्के अधिक पायराक्लोस्ट्रो बिन ५ टक्के डब्लू जि प्रति २० मिली चा वापर करावा किंवा अझोझायस्ट्रो बिन १८. टक्के डब्लू /डब्लू अधिक डीफेनोकोनाझोल ११. टक्के डब्लू /डब्लू एस सी प्रति १० मी. ली. प्रति १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारावे. कपाशी चांगल्या उत्पादकतेसाठी फुलांच्या वाढीच्या अवस्थेत २ टक्के डीएपी (२०० ग्राम डीएपी अधिक १० लिटर पाणी ) ची फवारणी करावी. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबा. क्र. 9158261922. Marathi MH 02-11-2022 08:30:00 SCHEDULED
10423 02-11-Nanded (1) नमस्कार शेतकरी बंधूंनो... सूचना अगोदर पेरणी केलेल्या कापूस पिकाची वेचणी करून घ्यावी व कापूस कोरड्या ठिकाणी साठवणूक करावी. कापूस पिकात पानावर लाल्या रोखण्यासाठी १ टक्का युरिया अधिक १ टक्का मॅग्नेशियम सुलफेत ची पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. सुरवातीच्या टप्प्यातील पानावरील ठिपके आणि बुरशीजन्य बोन्डसड रोगाच्या चांगल्या व्यवस्थापनासाठी, कार्बेन्डाझिम ५० डब्लू पी प्रति १० ग्राम किंवा प्रोपीकोनॅझोल २५ ई सी १० मी. ली. किंवा प्रव्हीपीनेब ७० डब्लू पी प्रति २५ ग्राम किंवा मेटारीं ५५ टक्के अधिक पायराक्लोस्ट्रो बिन ५ टक्के डब्लू जि प्रति २० मिली चा वापर करावा किंवा अझोझायस्ट्रो बिन १८. टक्के डब्लू /डब्लू अधिक डीफेनोकोनाझोल ११. टक्के डब्लू /डब्लू एस सी प्रति १० मी. ली. प्रति १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारावे. कपाशी चांगल्या उत्पादकतेसाठी फुलांच्या वाढीच्या अवस्थेत २ टक्के डीएपी (२०० ग्राम डीएपी अधिक १० लिटर पाणी ) ची फवारणी करावी. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबा. क्र. 9158261922. Marathi MH 02-11-2022 08:30:00 SCHEDULED
10424 02-11-Nagpur (1) नमस्कार शेतकरी बंधूंनो... सूचना अगोदर पेरणी केलेल्या कापूस पिकाची वेचणी करून घ्यावी व कापूस कोरड्या ठिकाणी साठवणूक करावी. कापूस पिकात पानावर लाल्या रोखण्यासाठी १ टक्का युरिया अधिक १ टक्का मॅग्नेशियम सुलफेत ची पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. सुरवातीच्या टप्प्यातील पानावरील ठिपके आणि बुरशीजन्य बोन्डसड रोगाच्या चांगल्या व्यवस्थापनासाठी, कार्बेन्डाझिम ५० डब्लू पी प्रति १० ग्राम किंवा प्रोपीकोनॅझोल २५ ई सी १० मी. ली. किंवा प्रव्हीपीनेब ७० डब्लू पी प्रति २५ ग्राम किंवा मेटारीं ५५ टक्के अधिक पायराक्लोस्ट्रो बिन ५ टक्के डब्लू जि प्रति २० मिली चा वापर करावा किंवा अझोझायस्ट्रो बिन १८. टक्के डब्लू /डब्लू अधिक डीफेनोकोनाझोल ११. टक्के डब्लू /डब्लू एस सी प्रति १० मी. ली. प्रति १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारावे. कपाशी चांगल्या उत्पादकतेसाठी फुलांच्या वाढीच्या अवस्थेत २ टक्के डीएपी (२०० ग्राम डीएपी अधिक १० लिटर पाणी ) ची फवारणी करावी. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबा. क्र. 9158261922. Marathi MH 02-11-2022 08:30:00 SCHEDULED
10425 02-11-Amravati (1) नमस्कार शेतकरी बंधूंनो... सूचना अगोदर पेरणी केलेल्या कापूस पिकाची वेचणी करून घ्यावी व कापूस कोरड्या ठिकाणी साठवणूक करावी. कापूस पिकात पानावर लाल्या रोखण्यासाठी १ टक्का युरिया अधिक १ टक्का मॅग्नेशियम सुलफेत ची पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. सुरवातीच्या टप्प्यातील पानावरील ठिपके आणि बुरशीजन्य बोन्डसड रोगाच्या चांगल्या व्यवस्थापनासाठी, कार्बेन्डाझिम ५० डब्लू पी प्रति १० ग्राम किंवा प्रोपीकोनॅझोल २५ ई सी १० मी. ली. किंवा प्रव्हीपीनेब ७० डब्लू पी प्रति २५ ग्राम किंवा मेटारीं ५५ टक्के अधिक पायराक्लोस्ट्रो बिन ५ टक्के डब्लू जि प्रति २० मिली चा वापर करावा किंवा अझोझायस्ट्रो बिन १८. टक्के डब्लू /डब्लू अधिक डीफेनोकोनाझोल ११. टक्के डब्लू /डब्लू एस सी प्रति १० मी. ली. प्रति १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारावे. कपाशी चांगल्या उत्पादकतेसाठी फुलांच्या वाढीच्या अवस्थेत २ टक्के डीएपी (२०० ग्राम डीएपी अधिक १० लिटर पाणी ) ची फवारणी करावी. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबा. क्र. 9158261922. Marathi MH 02-11-2022 08:30:00 SCHEDULED
10426 सरसों की फसल में आने वाली खरपतवार के नियंत्रण के लिए बुवाई के 25 से 30 दिनों बाद पहली गुड़ाई एवं 50 दिनों बाद दूसरी गुड़ाई कर देना चाहिए I गुड़ाई करने से मिट्टी ढीली होगी एवं पानी आसानी से जड़ों तक पहुंचेगा व जमीन में वायु संचार अच्छा होगा जिसके फलस्वरूप जड़ों का विकास उत्तम होगा I अगर गुडाई के लिए श्रमिकों की कमी हो तो पेन्डामेथेलीन 30 EC @ 3 किलोग्राम/हे का उपयोग करें I स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I सोलिडरिडाड, स्मार्ट एग्री कार्यक्रम सम्पर्क: मो. न. 8251071818 Hindi Rajasthan User 01-11-2022 11:05:00 SCHEDULED
10427 गेहूँ की उपयुक्त प्रजाति का बीज का चयन कर I गेहूँ की फसल में कीट एवं बीमारियों से बचाव के लिए बीज उपचार अवश्य करें I गेहूँ के बीज को थायरम 2 ग्राम एवं कार्वेन्डिजिम 1 ग्राम कुल 3 ग्राम प्रति किलो बीज की दर से बीजोपचार करने के बाद कीटनाशक इमिडाक्लोप्रिड 17.8 एस.एल. @ 2 मि.ली. प्रति किलो बीज की दर से बीजोपचार अवश्य करें I गेँहू के अधिक उत्पादन हेतु अंत में जैव - उर्वरक एजेटोबेक्टर एवं पी.एस.बी. ५ ग्राम / किलोग्राम की दर से बीज को उपचारित कर ही बुआई करे Iस्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I सोलिडरिडाड, स्मार्ट एग्री कार्यक्रम सम्पर्क: मो. न. 8251071818 Hindi MP 01-11-2022 10:55:00 SCHEDULED
10428 प्रिय किसान साथियों, आगामी 31 अक्टूबर से 6 नवम्बर के दौरान लखीमपुर, शाहजहांपुर और हरदोई जिलो के तापमान में मामूली गिरावट होगीI दिन का अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेंटीग्रेड तक तथा रात का न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेंटीग्रेड तक होगाI वायुमंडल में आर्द्रता 55 से 85 प्रतिशत तक रहेगीI सप्ताह के दौरान आसमान साफ रहेगा और वर्षा की सम्भावना नहीं हैI सप्ताह के दौरान 2 से 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से पश्चिम उत्तर दिशा की ओर से हवा चलने की सम्भावना हैI यह समय गन्ने के जमाव और उनके पकने के लिए बहुत अनुकूल हैI पिछले साल बोये गए गन्ने के पौधे अब परिपक्व हो रहें हैंI गन्नो का पूरा वजन लेने के लिए जरुरी है कि खेत में नमी बनी रहेI खेत का नियमित निरीक्षण करते रहेंI शरद कालीन गन्ने की बुवाई के लिए खेत की तैयारी के साथ मिट्टी की जाँच अवश्य करायेंI खेत तैयार करते समय 25 टन प्रति हेक्टेयर की दर से गोबर की सड़ी खाद को भी खेत मिलायेंI गन्ने के केवल एक या दो आख वाले स्वस्थ बीजो को ही खेत में लगायेंI बीज वाले गन्ने की उम्र 9 माह से अधिक की नहीं होनी चाहिएI दो आंख वाले बीजों को लगते समय ध्यान रखें कि दोनों आंखे अगल-बगल हों जिससे दोनों आँखों का जमाव हो सकेI बीजों को लगाने से पहले उनका उपचार अवश्य करेंI गन्ने की बुवाई ट्रेंच विधि से दो लाइनों के बीच 4 से साढ़े 4 फुट की दूरी बना कर करेंI खाली स्थान पर अंतः फसल के रूप में लहसन, आलू, सरसों, तोरिया या गोभी की बुवाई करके आमदनी को बढाया जा सकता हैI जो किसान आलू या लहसुन को अंतः फसल के रूप में लेना चाहते है वह पहले आलू या लहसुन की बुवाई करें और उसके बाद ट्रेन्चों में गन्ना लगायेंI बुवाई के बाद 75 किग्रा डी.ए.पी. 25 किग्रा यूरिया और 50 किग्रा पोटाश को 25 किग्रा माइक्रो नुट्रीएंट्स के साथ मिला कर खेत में डालेंI जिन किसान साथियों के खेत अभी खाली नहीं है उनके द्वारा गन्ने की एस.टी.पी. विधि से नर्सरी लगाई जा सकती हैI नर्सरी के लिए बीज अगेती किस्म के गन्ने का ही लेंI धान या गन्ने की फसल को काटने के बाद बचे अवशेष को जलाये नहीं बल्कि उनको खेत में ही मिला देंI ‘स्मार्ट एग्री कार्यक्रम’ की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 28-10-2022 08:01:00 SCHEDULED
10429 সোলিডারিডেড এবং ভোডাফোন আইডিয়ার পক্ষ থেকে ক্ষুদ্র চা বাগানের মালিকদের জানাই নমস্কার । আগামী বছর যে সব গাছ আনপ্রুন থাকবে সে সব গাছে পরিচা্রযক পাতা বা ম্যান্টেনেন্স ফোলিয়েজ কম থাকলে এক পাতা ছেঁড়ে পাতা তুলুন । পাতা তোলার পরে এক রাউন্ড ফোলিয়োর হিসাবে ইউরিয়া – ১ কেজি , এম ও পি – ৫০০ গ্রাম ,ম্যাগনেসিয়াম সালফেট -২৫০ গ্রাম ,জিঙ্ক সালফেট ২৫০ গ্রাম ১০০ লিটার জলে মিশিয়ে স্প্রে করুন । হেলোপেলটিস বা চা মশা আক্রান্ত সেকশনে পাতা তোলার সময় সমস্ত আক্রান্ত কুশি বা পাতা উঠিয়ে এবং এক রাউন্ড কুইনাফোস (২৫০ মিলি ১০০ লিটার জলে ) অথবা থায়ামেথোস্কম- ২৫ গ্রাম ১০০ লিটার জলে মিশিয়ে স্প্রে করে দিন । লাল পোকা ও মাকড় নিয়ত্রনের জন্য এক রাউন্ড নিম , ও সালফার স্প্রে করুন । পুনঃ রায় ভয়েস কল শুনতে হলে মিস কল করুন ৭০৬৫০০৫০৫৪ ধন্যবাদ । Bengali West Bengal 27-10-2022 15:00:00 SCHEDULED
10430 জিলা: ওদালগুৰি বতৰৰ বতৰা আৰু আমাৰ পৰামৰ্শ (বৈধতাৰ সময়সীমা: ২৭ অক্টোবৰৰ পৰা ২ নৱেম্বৰলৈ, ২০২২) VI Smart Agri Project ৰ প্ৰিয় ট্ৰিনিটি ক্ষুদ্ৰ চাহ খেতিয়ক । স্মাৰ্ট কৃষি পৰামৰ্শলৈ স্বাগতম। ওদালগুৰি জিলাৰ আমজুলিত অৱস্থিত Automatic Weather Station (AWS) ৰ পৰা পোৱা বতৰৰ পূৰ্বানুমান অনুসৰি ওচৰৰ অঞ্চলবোৰত, ২৭ অক্টোবৰত বতৰ সামান্য ভাবে ডাৱৰীয়া হৈ থকাৰ লগতে অতি লঘু পৰিমাণৰ বৰষুণ হোৱাৰ সম্ভাৱনা আছে। ২৮ অক্টোবৰৰ পৰা ২ নৱেম্বৰলৈ বতৰ ফৰকাল হৈ থাকিব আৰু বৰষুণ অহা সম্ভাৱনা নাই । সপ্তাহটোত সর্বোচ্চ তাপমাত্ৰা ২৬-২৮ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ আৰু সর্বনির্বম্ন তাপমাত্ৰা প্ৰায় ১৭-২০ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ থাকিব বুলি ধাৰনা কৰা হয়। ৰাতিপুৱা আৰু আবেলিৰ আপেক্ষিক আৰ্দ্ৰতা ক্ৰমান্বয়ে প্ৰায় ৯০% আৰু ৬০ % আশে-পাশে থাকিব। বতাহ প্ৰতি ঘন্টাত ৩-১২ কি: মি: বেগেৰে ঘাইকৈ উত্তৰ-পূব দিশৰ পৰা বলিব। বিগত ২০ৰ পৰা ২৬ অক্টোবৰলৈ মুঠ ১১০ মিলি. বৰষুণ হৈছে। চাহ খেতিৰ বাবে: • এই সময়ত পাততোলা কাৰ্য্য খিনি ১০ দিনৰ ৰাউণ্ডতকৈ পলম নকৰি পাত তুলিব চেষ্টা কৰিব যাতে চাহপাতৰ মানদণ্ডত কোনো প্ৰভাৱ নপৰে। • বনঝি পাত বোৰ আঁতৰোৱাত গুৰুত্ব দিব লাগে। বনঝি পাতবোৰ পৈনত হবলৈ নিদিব । • UP বাগান বোৰ যিমান পাৰে পাতৰ টেবুলটো সমান ৰাখিবলৈ চেষ্টা কৰিব যাতে টেবুলৰ ওপৰত দীঘল খুটি ৰৈ নাযায় । • যদি বাগান বোৰত হেলোপেলটিছ বা অন্যান্য কীট-পতংগৰ আক্ৰমণ দেখা গৈছে, নিয়ন্ত্ৰণ কৰিবলৈ পাততোলা কাৰ্য্য সম্পূৰ্ণ হোৱাৰ পিছত অনুমোদিত মাত্ৰাত ঔষধৰ স্পট স্প্ৰে (Spot spraying) কৰিব । • নিৰপেক্ষ বতৰৰ পৰিস্থিতিত Foliar spraying কৰিব পাৰে। তাৰ বাবে ১% Urea, Magnesium sulphate আৰু MOP, ১০০ লিটাৰ পানীত মিহলাই স্প্ৰে কৰিব পাৰে। • বাগান বোৰত ফুলি থকা অপতৃণবোৰ হাতেৰে মাটিৰ তলৰ শিপাৰ সৈতে উভালি দিব বা নহলে অপতৃণনাশক ঔষধৰে স্প্ৰে কৰি নিয়ন্ত্ৰণ কৰিব। অন্যান্য শস্যৰ বাবে: • বিলাহীৰ কিছুমান জাত যেনে Pusa Ruby, Arka Abha, Arka Alok আদি সংগ্ৰহ কৰি বীজ সিঁচাৰ আৰম্ভ কৰিব পাৰে। বিলাহীৰ বীজ সিঁচাৰ উপযুক্ত সময় নৱেম্বৰ মাহলৈকে। • অহা কেইদিনমানত বতৰ অনুকূল হোৱাৰ বাবে কৃষকসকলে বিলাহীৰ বীজ সিঁচাৰ কাম অব্যাহত ৰাখিব পাৰিব। ইয়াৰ খেতিৰ বাবে পানী ওলোৱা বালি চহিয়া মাটি উপযুক্ত। • এই সময়ত জলকীয়া খেতিত লেৰেলি যোৱা ৰোগৰ লক্ষণ দেখা যাব পাৰে। নিয়ন্ত্ৰণ কৰিবলৈ ২.৫ গ্ৰাম Saaf বা Propiconazole প্ৰতি লিটাৰ পানীত মিহলাই মাটি ডৰা তিয়াই দিব লাগে । বতৰ আৰু কৃষি সম্পৰ্কীয় তথ্যৰ বিষয়ে জানিবলৈ কৃষকসকলে ৭০৬৫-০০-৫০৫৪ নম্বৰত মিছড কল দিব পাৰে। ধন্যবাদ। Assamese Assam 27-10-2022 08:00:00 SCHEDULED