Message Schedule List : 12,244
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10831 26-10-22- नमस्कार शेतकरी बंधूंनो... सॉलिडरीडॅड आणि वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन यांच्या स्मार्ट अॅग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. शेतकऱ्यांसाठी सूचना कापूस पिकांवर फवारणीच्या वेळी फ्ल्युनिकॅमाईड युक्त कीटकनाशक वापरल्यास पांढरी माशी, मावा, तूडतुडे आणि फुलकिडे यांच्या नियंत्रणासाठी उपयुक्त ठरू शकते. करपा रोग : अल्टरनेरिया बुरशीमुळे पानावर ठिपके किंवा मोठे ठिपके पडतात. सुरुवातीला पानांवर गोलाकार, तपकिरी डाग पडून होते. मग ते एकमेकांत मिसळून मोठे होतात. हा रोग हवेतून पसरतो व पानांचेअन्न तयार करण्याचे प्रक्रियेत बाधा आणतो. रोग नियंत्रण करण्यास रोगट व कोमेजलेली पाने वेळेत उचलून जाळून टाकावीत. नियंत्रणासाठी 20 मि.ली. सुडोमोनास फ्लोरोसेन्स प्रति 10 लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. हे जिवाणू आणि ठिपके असलेले दोन्ही रोग नियंत्रित करते. परिपक्व कापसाच्या रोपांना आठवड्यातून दोन किंवा तीन वेळा पाणी द्या ठिबक सिंचन द्वारे दिल्यास योग्य राहील, जेणेकरून मुळां भोवतीची माती भिजवली जाईल. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबा. क्र. 9158261922. धन्यवाद! हि माहीती पून्हा ऐकण्यास शून्य दाबावे. Marathi MH 26-10-2022 08:30:00 SCHEDULED
10832 26-10-22- नमस्कार शेतकरी बंधूंनो... सॉलिडरीडॅड आणि वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन यांच्या स्मार्ट अॅग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. शेतकऱ्यांसाठी सूचना कापूस पिकांवर फवारणीच्या वेळी फ्ल्युनिकॅमाईड युक्त कीटकनाशक वापरल्यास पांढरी माशी, मावा, तूडतुडे आणि फुलकिडे यांच्या नियंत्रणासाठी उपयुक्त ठरू शकते. करपा रोग : अल्टरनेरिया बुरशीमुळे पानावर ठिपके किंवा मोठे ठिपके पडतात. सुरुवातीला पानांवर गोलाकार, तपकिरी डाग पडून होते. मग ते एकमेकांत मिसळून मोठे होतात. हा रोग हवेतून पसरतो व पानांचेअन्न तयार करण्याचे प्रक्रियेत बाधा आणतो. रोग नियंत्रण करण्यास रोगट व कोमेजलेली पाने वेळेत उचलून जाळून टाकावीत. नियंत्रणासाठी 20 मि.ली. सुडोमोनास फ्लोरोसेन्स प्रति 10 लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. हे जिवाणू आणि ठिपके असलेले दोन्ही रोग नियंत्रित करते. परिपक्व कापसाच्या रोपांना आठवड्यातून दोन किंवा तीन वेळा पाणी द्या ठिबक सिंचन द्वारे दिल्यास योग्य राहील, जेणेकरून मुळां भोवतीची माती भिजवली जाईल. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबा. क्र. 9158261922. धन्यवाद! हि माहीती पून्हा ऐकण्यास शून्य दाबावे. Marathi MH 26-10-2022 08:30:00 SCHEDULED
10833 26-10-22- नमस्कार शेतकरी बंधूंनो... सॉलिडरीडॅड आणि वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन यांच्या स्मार्ट अॅग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. शेतकऱ्यांसाठी सूचना कापूस पिकांवर फवारणीच्या वेळी फ्ल्युनिकॅमाईड युक्त कीटकनाशक वापरल्यास पांढरी माशी, मावा, तूडतुडे आणि फुलकिडे यांच्या नियंत्रणासाठी उपयुक्त ठरू शकते. करपा रोग : अल्टरनेरिया बुरशीमुळे पानावर ठिपके किंवा मोठे ठिपके पडतात. सुरुवातीला पानांवर गोलाकार, तपकिरी डाग पडून होते. मग ते एकमेकांत मिसळून मोठे होतात. हा रोग हवेतून पसरतो व पानांचेअन्न तयार करण्याचे प्रक्रियेत बाधा आणतो. रोग नियंत्रण करण्यास रोगट व कोमेजलेली पाने वेळेत उचलून जाळून टाकावीत. नियंत्रणासाठी 20 मि.ली. सुडोमोनास फ्लोरोसेन्स प्रति 10 लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. हे जिवाणू आणि ठिपके असलेले दोन्ही रोग नियंत्रित करते. परिपक्व कापसाच्या रोपांना आठवड्यातून दोन किंवा तीन वेळा पाणी द्या ठिबक सिंचन द्वारे दिल्यास योग्य राहील, जेणेकरून मुळां भोवतीची माती भिजवली जाईल. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबा. क्र. 9158261922. धन्यवाद! हि माहीती पून्हा ऐकण्यास शून्य दाबावे. Marathi MH 26-10-2022 08:30:00 SCHEDULED
10834 26-10-22- नमस्कार शेतकरी बंधूंनो... सॉलिडरीडॅड आणि वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन यांच्या स्मार्ट अॅग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. शेतकऱ्यांसाठी सूचना कापूस पिकांवर फवारणीच्या वेळी फ्ल्युनिकॅमाईड युक्त कीटकनाशक वापरल्यास पांढरी माशी, मावा, तूडतुडे आणि फुलकिडे यांच्या नियंत्रणासाठी उपयुक्त ठरू शकते. करपा रोग : अल्टरनेरिया बुरशीमुळे पानावर ठिपके किंवा मोठे ठिपके पडतात. सुरुवातीला पानांवर गोलाकार, तपकिरी डाग पडून होते. मग ते एकमेकांत मिसळून मोठे होतात. हा रोग हवेतून पसरतो व पानांचेअन्न तयार करण्याचे प्रक्रियेत बाधा आणतो. रोग नियंत्रण करण्यास रोगट व कोमेजलेली पाने वेळेत उचलून जाळून टाकावीत. नियंत्रणासाठी 20 मि.ली. सुडोमोनास फ्लोरोसेन्स प्रति 10 लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. हे जिवाणू आणि ठिपके असलेले दोन्ही रोग नियंत्रित करते. परिपक्व कापसाच्या रोपांना आठवड्यातून दोन किंवा तीन वेळा पाणी द्या ठिबक सिंचन द्वारे दिल्यास योग्य राहील, जेणेकरून मुळां भोवतीची माती भिजवली जाईल. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबा. क्र. 9158261922. धन्यवाद! हि माहीती पून्हा ऐकण्यास शून्य दाबावे. Marathi MH 26-10-2022 08:30:00 SCHEDULED
10835 गेहूं की बुवाई का सिंचित अवस्था में उपयुक्त समय नवंबर का प्रथम पखवाड़ा है बारानी क्षेत्रों में अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से नवंबर के प्रथम सप्ताह तक बुवाई करना उत्तम रहता है यदि भूमि की ऊपरी सतह में संरक्षित नमी प्रचुर मात्रा में है तो गेहूं की बुवाई 15 नवंबर तक कर सकते हैं गेहूं का बीज साफ स्वस्थ एवं खरपतवार के बीजों से रहित होना चाहिए I सिकुड़े तथा छोटे एवं कटे बीजों को निकाल देना चाहिए I हमेशा प्रमाणित या आधार बीज या विश्वसनीय स्रोत से प्राप्त बीज का उपयोग करना चाहिए I Hindi MP 25-10-2022 15:00:00 SCHEDULED
10836 प्रिय किसान साथियों, आगामी 24 से 30 अक्टूबर के दौरान लखीमपुर, शाहजहांपुर और हरदोई जिलो के दिन के तापमान में मामूली वृद्धि होगी और रात का तापमान कम होगाI दिन का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेंटीग्रेड तक तथा रात का न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेंटीग्रेड तक होगाI आसमान साफ रहेगा और वर्षा की सम्भावना नहीं हैI यह तापमान गन्ने के जमाव और उनके पकने के लिए बहुत अनुकूल हैI सप्ताह के दौरान 2 से 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से पश्चिम उत्तर दिशा की ओर से हवा चलने की सम्भावना हैI पिछले साल बोये गए गन्ने के पौधे अब परिपक्व हो रहें हैंI गन्नो का पूरा वजन लेने के लिए जरुरी है कि खेत में नमी बनी रहेI खेत का नियमित निरीक्षण करते रहेंI शरद कालीन गन्ने की बुवाई के लिए खेत की तैयारी के साथ मिट्टी की जाँच अवश्य करायेंI ऐसे खेतों का चुनाव करें जो थोड़े ऊँचे हों और जिसमे पानी लगने की सम्भावना न होI खेत तैयार करते समय 25 टन प्रति हेक्टेयर की दर से गोबर की सड़ी खाद को भी खेत मिलायेंI बीजों के चयन में सावधानी बरतें और केवल एक या दो आख वाले स्वस्थ बीजो को ही खेत में लगायेंI बीज वाले गन्ने की उम्र 9 माह से अधिक की नहीं होनी चाहिएI दो आंख वाले बीजों को लगते समय ध्यान रखें कि दोनों आंखे अगल-बगल हों जिससे दोनों आँखों का जमाव हो सकेI बीजों को लगाने से पहले उनका हेक्सा स्टॉप से उपचार अवश्य करेंI गन्ने की बुवाई ट्रेंच विधि से दो लाइनों के बीच 4 से साढ़े 4 फुट की दूरी बना कर करेंI खाली स्थान पर अंतः फसल के रूप में लहसन, आलू, सरसों, तोरिया या गोभी की बुवाई करके आमदनी को बढाया जा सकता हैI बुवाई के बाद 75 किग्रा डी.ए.पी. 25 किग्रा यूरिया और 50 किग्रा पोटाश को 25 किग्रा माइक्रो नुट्रीएंट्स के साथ मिला कर खेत में डालेंI जिन किसान साथियों के खेत अभी खाली नहीं है उनके द्वारा गन्ने की एस.टी.पी. विधि से नर्सरी लगाई जा सकती हैI 25 से 30 दिनों के बाद इन पौधों की रोपाई की जा सकती हैI नर्सरी के लिए बीज अगेती किस्म के गन्ने का ही लेंI धान या गन्ने की फसल को काटने के बाद बचे अवशेष को जलाये नहीं बल्कि उनको खेत में ही मिला देंI इसको जानवरों के बिछावन के रूप में भी उपयोग किया जा सकता है और 2-3 दिनों के बाद उसे खेत में या खाद वाले गड्ढों में डाल कर कुछ समय में ही अच्छी कार्बनिक खाद तैयार की जा सकती हैI ‘स्मार्ट एग्री कार्यक्रम’ की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 21-10-2022 08:01:00 SCHEDULED
10837 प्रिय किसान साथियों, आगामी 24 से 30 अक्टूबर के दौरान लखीमपुर, शाहजहांपुर और हरदोई जिलो के दिन के तापमान में मामूली वृद्धि होगी और रात का तापमान कम होगाI दिन का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेंटीग्रेड तक तथा रात का न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेंटीग्रेड तक होगाI आसमान साफ रहेगा और वर्षा की सम्भावना नहीं हैI यह तापमान गन्ने के जमाव और उनके पकने के लिए बहुत अनुकूल हैI सप्ताह के दौरान 2 से 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से पश्चिम उत्तर दिशा की ओर से हवा चलने की सम्भावना हैI पिछले साल बोये गए गन्ने के पौधे अब परिपक्व हो रहें हैंI गन्नो का पूरा वजन लेने के लिए जरुरी है कि खेत में नमी बनी रहेI खेत का नियमित निरीक्षण करते रहेंI शरद कालीन गन्ने की बुवाई के लिए खेत की तैयारी के साथ मिट्टी की जाँच अवश्य करायेंI ऐसे खेतों का चुनाव करें जो थोड़े ऊँचे हों और जिसमे पानी लगने की सम्भावना न होI खेत तैयार करते समय 25 टन प्रति हेक्टेयर की दर से गोबर की सड़ी खाद को भी खेत मिलायेंI बीजों के चयन में सावधानी बरतें और केवल एक या दो आख वाले स्वस्थ बीजो को ही खेत में लगायेंI बीज वाले गन्ने की उम्र 9 माह से अधिक की नहीं होनी चाहिएI दो आंख वाले बीजों को लगते समय ध्यान रखें कि दोनों आंखे अगल-बगल हों जिससे दोनों आँखों का जमाव हो सकेI बीजों को लगाने से पहले उनका हेक्सा स्टॉप से उपचार अवश्य करेंI गन्ने की बुवाई ट्रेंच विधि से दो लाइनों के बीच 4 से साढ़े 4 फुट की दूरी बना कर करेंI खाली स्थान पर अंतः फसल के रूप में लहसन, आलू, सरसों, तोरिया या गोभी की बुवाई करके आमदनी को बढाया जा सकता हैI बुवाई के बाद 75 किग्रा डी.ए.पी. 25 किग्रा यूरिया और 50 किग्रा पोटाश को 25 किग्रा माइक्रो नुट्रीएंट्स के साथ मिला कर खेत में डालेंI जिन किसान साथियों के खेत अभी खाली नहीं है उनके द्वारा गन्ने की एस.टी.पी. विधि से नर्सरी लगाई जा सकती हैI 25 से 30 दिनों के बाद इन पौधों की रोपाई की जा सकती हैI नर्सरी के लिए बीज अगेती किस्म के गन्ने का ही लेंI धान या गन्ने की फसल को काटने के बाद बचे अवशेष को जलाये नहीं बल्कि उनको खेत में ही मिला देंI इसको जानवरों के बिछावन के रूप में भी उपयोग किया जा सकता है और 2-3 दिनों के बाद उसे खेत में या खाद वाले गड्ढों में डाल कर कुछ समय में ही अच्छी कार्बनिक खाद तैयार की जा सकती हैI ‘स्मार्ट एग्री कार्यक्रम’ की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 21-10-2022 08:01:00 SCHEDULED
10838 प्रिय किसान साथियों, आगामी 24 से 30 अक्टूबर के दौरान लखीमपुर, शाहजहांपुर और हरदोई जिलो के दिन के तापमान में मामूली वृद्धि होगी और रात का तापमान कम होगाI दिन का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेंटीग्रेड तक तथा रात का न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेंटीग्रेड तक होगाI आसमान साफ रहेगा और वर्षा की सम्भावना नहीं हैI यह तापमान गन्ने के जमाव और उनके पकने के लिए बहुत अनुकूल हैI सप्ताह के दौरान 2 से 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से पश्चिम उत्तर दिशा की ओर से हवा चलने की सम्भावना हैI पिछले साल बोये गए गन्ने के पौधे अब परिपक्व हो रहें हैंI गन्नो का पूरा वजन लेने के लिए जरुरी है कि खेत में नमी बनी रहेI खेत का नियमित निरीक्षण करते रहेंI शरद कालीन गन्ने की बुवाई के लिए खेत की तैयारी के साथ मिट्टी की जाँच अवश्य करायेंI ऐसे खेतों का चुनाव करें जो थोड़े ऊँचे हों और जिसमे पानी लगने की सम्भावना न होI खेत तैयार करते समय 25 टन प्रति हेक्टेयर की दर से गोबर की सड़ी खाद को भी खेत मिलायेंI बीजों के चयन में सावधानी बरतें और केवल एक या दो आख वाले स्वस्थ बीजो को ही खेत में लगायेंI बीज वाले गन्ने की उम्र 9 माह से अधिक की नहीं होनी चाहिएI दो आंख वाले बीजों को लगते समय ध्यान रखें कि दोनों आंखे अगल-बगल हों जिससे दोनों आँखों का जमाव हो सकेI बीजों को लगाने से पहले उनका हेक्सा स्टॉप से उपचार अवश्य करेंI गन्ने की बुवाई ट्रेंच विधि से दो लाइनों के बीच 4 से साढ़े 4 फुट की दूरी बना कर करेंI खाली स्थान पर अंतः फसल के रूप में लहसन, आलू, सरसों, तोरिया या गोभी की बुवाई करके आमदनी को बढाया जा सकता हैI बुवाई के बाद 75 किग्रा डी.ए.पी. 25 किग्रा यूरिया और 50 किग्रा पोटाश को 25 किग्रा माइक्रो नुट्रीएंट्स के साथ मिला कर खेत में डालेंI जिन किसान साथियों के खेत अभी खाली नहीं है उनके द्वारा गन्ने की एस.टी.पी. विधि से नर्सरी लगाई जा सकती हैI 25 से 30 दिनों के बाद इन पौधों की रोपाई की जा सकती हैI नर्सरी के लिए बीज अगेती किस्म के गन्ने का ही लेंI धान या गन्ने की फसल को काटने के बाद बचे अवशेष को जलाये नहीं बल्कि उनको खेत में ही मिला देंI इसको जानवरों के बिछावन के रूप में भी उपयोग किया जा सकता है और 2-3 दिनों के बाद उसे खेत में या खाद वाले गड्ढों में डाल कर कुछ समय में ही अच्छी कार्बनिक खाद तैयार की जा सकती हैI ‘स्मार्ट एग्री कार्यक्रम’ की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 21-10-2022 08:01:00 SCHEDULED
10839 সোলিডারিডেড এবং ভোডাফোন আইডিয়ার পক্ষ থেকে ক্ষুদ্র চা বাগানের মালিকদের জানাই নমস্কার । এই সপ্তাহে শিশু চা গাছে শেষ দফার সার প্রয়োগ করে দিন । রেড স্পাইডার বা লাল পোকা নিয়ন্ত্রনের জন্য ফেনাজাকুইন ২৫০ মিলি অথবা ফেনপাইরোক্সিমেট ৬৭ মিলি ১০০ লিটার জলে মিশিয়ে পাতা তোলার পর স্প্রে করে দিন । কিছু বাগানে লুপার দেখা যাচ্ছে এর জন্য ইমামেক্টিন বেনজয়েড ৪০ গ্রাম ১০০ লিটার জলে মিশিয়ে স্প্রে করুন । হ্যালোপেলটিস মশার জন্য কুইনালফোস ২৫০ মিলি অথবা থায়ামেথোস্কাম ২৫ গ্রাম ১০০ লিটার জলে মিশিয়ে স্প্রে করে দিন । আগামী বছর যে সব গাছ আনপ্রুন থাকবে সে সব গাছে পরিচা্রযক পাতা বা ম্যাইন্টেনেন্স ফোলিয়েজ কম থাকলে এক পাতা ছেঁড়ে পাতা তুলুন ।পুনঃ রায় ভয়েস কল শুনতে হলে মিস কল করুন ৭০৬৫০০৫০৫৪ ধন্যবাদ । Bengali West Bengal 20-10-2022 15:00:00 SCHEDULED
10840 জিলা: যোৰহাট বতৰৰ বতৰা আৰু আমাৰ পৰামৰ্শ (বৈধতাৰ সময়সীমা: ২০ৰ পৰা ২৬ অক্টোবৰলৈ, ২০২২) VI Smart Agri Project ৰ প্ৰিয় ট্ৰিনিটি ক্ষুদ্ৰ চাহ খেতিয়ক । স্মাৰ্ট কৃষি পৰামৰ্শলৈ স্বাগতম। আমাৰ বতৰ বিজ্ঞান কেন্দ্ৰৰ পৰা পোৱা বতৰৰ আগলি বতৰা অনুযায়ী যোৰহাট জিলাত ২০ৰ পৰা ২৩ অক্টোবৰলৈ বতৰ ঘাইকৈ ফৰকাল হৈ থাকিব আৰু বৰষুণ অহা সম্ভাৱনা নাই । ২৪ৰ পৰা ২৬ অক্টোবৰলৈ বতৰ ডাৱৰীয়া হৈ থকাৰ লগতে পাতলৰ পৰা মধ্যমীয়া বৰষুণ অহা সম্ভাৱনা আছে। দিনৰ উষ্ণতা প্ৰায় ২৩-৩০ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ আৰু নিশাৰ উষ্ণতা প্ৰায় ১৯-২১ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ হব বুলি অনুমান কৰা হৈছে । ৰাতিপুৱা আৰু আবেলিৰ আপেক্ষিক আৰ্দ্ৰতা ক্ৰমান্বয়ে প্ৰায় ৯৫ % আৰু ৬০ % আশে-পাশে থাকিব । বতাহ প্ৰতি ঘন্টাত ২-৭ কিলোমিটাৰ বেগত দক্ষিণ-পূব আৰু উত্তৰ-পূব দিশৰ পৰা প্ৰবাহিত হব। চাহ খেতিৰ বাবে: • এই সময়ত পাততোলা কাৰ্য্য খিনি ৮/৯ দিনৰ ৰাউণ্ডত তুলিব পৰাকৈ চেষ্টা কৰিব কাৰণ দিনৰ উষ্ণতা কমি আহিছে লগতে দিনটোৰ দৈৰ্ঘ্য ক্ৰমান্বয়ে কম হৈ আহিছে। • নিৰপেক্ষ বতৰৰ পৰিস্থিতিত Foliar spraying কৰিব পাৰে। তাৰ বাবে ১% Urea, Magnesium sulphate আৰু MOP, ১০০ লিটাৰ পানীত মিহলাই স্প্ৰে কৰিব পাৰে। • বাগান বোৰত ফুলি থকা অপতৃণবোৰ হাতেৰে মাটিৰ তলৰ শিপাৰ সৈতে উভালি দিব বা নহলে অপতৃণনাশক ঔষধৰে স্প্ৰে কৰি নিয়ন্ত্ৰণ কৰিব। • হেলোপেলটিছ বা অন্যান্য কীট-পতংগৰ আক্ৰমণ নিয়ন্ত্ৰণ কৰিবলৈ পাততোলা কাৰ্য্য সম্পূৰ্ণ হোৱাৰ পিছত অনুমোদিত মাত্ৰাত ঔষধৰ স্পট স্প্ৰে (Spot spraying) কৰিব । • UP বাগান বোৰ যিমান পাৰে পাতৰ টেবুলটো সমান ৰাখিবলৈ চেষ্টা কৰিব যাতে টেবুলৰ ওপৰত দীঘল খুটি ৰৈ নাযায় । অন্যান্য শস্যৰ বাবে: • বেঙেনাৰ কিছুমান জাত যেনে JC-1, Pusa Purple Long, Pusa Kranti আদি সংগ্ৰহ কৰি বীজ সিঁচাৰ আৰম্ভ কৰিব পাৰে। শীতকালীন বেঙেনাৰ বীজ সিঁচাৰ উপযুক্ত সময় ছেপ্টেম্বৰ মাহৰ পৰা অক্টোবৰ মাহলৈকে। • এক বিঘা মাটিৰ বাবে বীজৰ পৰিমাণ ৮০-৯০গ্ৰাম । বীজ সিঁচাৰ আগতে প্ৰতি কেজি বীজত ৩ গ্ৰাম Captaf বা Thiram 50 WP দি শোধন কৰিব লাগে। পুলিৰ মাজৰ ব্যৱধান প্ৰতিটো শাৰীত ৬০ চে.মি আৰু দুটা শাৰীৰ মাজৰ দূৰত্ব ৭৫ চে.মি. ৰাখিব লাগে । বতৰ আৰু কৃষি সম্পৰ্কীয় তথ্যৰ বিষয়ে জানিবলৈ কৃষকসকলে ৭০৬৫-০০-৫০৫৪ নম্বৰত মিছড কল দিব পাৰে। ধন্যবাদ। Assamese Assam 20-10-2022 08:00:00 SCHEDULED