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10951 কীটপট্ংগ নিয়ণ্ত্ৰণ কৰিব যাওতে মন কৰিব লগীয়া কথা : ১. স্প্ৰেয়িং কৌশলত মন দিব, পোকটো লক্ষ্য কৰি স্প্ৰে কৰিব I তাৰ বাবে WMD নজ’ল ব্যৱহাৰ কৰিব I ২. ড’জ আৰু dilution ৰ প্ৰতি নজৰ দিব I সঠিক হাৰত নামাৰিলে পোকটোৰ প্ৰতিৰোধ ক্ষমতা বাঢ়ি যায় I ৩. পোকটো পাতৰ কোন যাগাত থাকে সেইটো চাই দৰৱ মাৰিব I ৪. সদায় বাগিচাখন সুক্ষ্ম্ নিৰীক্ষনত ৰাখিব যাতে গোটেই বাগিচাখন মাৰিব লগা নহয় I ৫. পলু পোকবোৰ হাতেৰে সংগ্ৰহ কৰিব আৰু গধূলি Light Trap লগাব I ৬. চাঁ দিয়া গছবোৰত Yellow Trap লগালে বহুটো সৰু পোক মৰি যায় I ৭. চাহ গছবোৰত দৰৱ মৰাৰ একে সময়ত প্ৰয়োজন হলে চাঁ দিয়া গছবোৰটো মাৰিব I Marathi Assam 14-04-2022 10:30:00 COMPLETED
10952 गेहूं की कटाई के बाद बचे हुए अवशेषों/नरवाई को खेत में ना जलाएं I जिससे जमीन में रहने वाले जीवाणु बचे रहे व मिट्टी की उर्वरकता कम न हो I रबी की फसल कटाई के बाद खाली हुए खेत में ग्रीष्मकालीन मूंग या उड़द की बुवाई हेतु खेत तैयार करें I सोलिडरिडाड, स्मार्ट एग्री कार्यक्रम सम्पर्क: मो. न. 8251071818 Marathi MP 13-04-2022 12:11:00 COMPLETED
10953 ग्रीष्मकालीन मूंग एवं उड़द की फसल में खरपतवार प्रबंधन अतिआवश्यक है ताकि प्रारंभिक विकास के चरण में फसल व खरपतवार की प्रतिस्पर्धा को कम कर अधिक उत्पादन लिया जा सके I फसल खरपतवार प्रतिस्पर्धा बुआई के 20 से 25 दिनों बाद अधिकतम होती है इस क्रांतिक अवस्था पर खरपतवार प्रबंधन नहीं करने की स्थिति में 30 से 50 प्रतिशत तक उपज का नुकसान हो सकता है I बुआई के 20 से 25 दिनों बाद हाथ से निराई गुड़ाई फायदेमंद रहती है I खड़ी फसल में खरपतवार नियंत्रण के लिए बुआई के 15 से 20 दिनों बाद इमाजीथायपर 10 प्रतिशत एस. एल . 55 ग्राम सक्रिय तत्व प्रति हेक्टेयर कि दर से मृदा में पर्याप्त नमी होने की अवस्था में छिड़काव करना चाहिए I सोलिडरिडाड, स्मार्ट एग्री कार्यक्रम सम्पर्क: मो. न. 8251071818 Marathi MP 12-04-2022 12:45:00 COMPLETED
10954 ग्रीष्मकालीन मूंग एवं उड़द की फसल में खरपतवार प्रबंधन अतिआवश्यक है ताकि प्रारंभिक विकास के चरण में फसल व खरपतवार की प्रतिस्पर्धा को कम कर अधिक उत्पादन लिया जा सके I फसल खरपतवार प्रतिस्पर्धा बुआई के 20 से 25 दिनों बाद अधिकतम होती है इस क्रांतिक अवस्था पर खरपतवार प्रबंधन नहीं करने की स्थिति में 30 से 50 प्रतिशत तक उपज का नुकसान हो सकता है I बुआई के 20 से 25 दिनों बाद हाथ से निराई गुड़ाई फायदेमंद रहती है I खड़ी फसल में खरपतवार नियंत्रण के लिए बुआई के 15 से 20 दिनों बाद इमाजीथायपर 10 प्रतिशत एस. एल . 55 ग्राम सक्रिय तत्व प्रति हेक्टेयर कि दर से मृदा में पर्याप्त नमी होने की अवस्था में छिड़काव करना चाहिए I सोलिडरिडाड, स्मार्ट एग्री कार्यक्रम सम्पर्क: मो. न. 8251071818 Marathi MP 12-04-2022 12:15:00 COMPLETED
10955 ग्रीष्मकालीन मूंग एवं उड़द की फसल में खरपतवार प्रबंधन अतिआवश्यक है ताकि प्रारंभिक विकास के चरण में फसल व खरपतवार की प्रतिस्पर्धा को कम कर अधिक उत्पादन लिया जा सके I फसल खरपतवार प्रतिस्पर्धा बुआई के 20 से 25 दिनों बाद अधिकतम होती है इस क्रांतिक अवस्था पर खरपतवार प्रबंधन नहीं करने की स्थिति में 30 से 50 प्रतिशत तक उपज का नुकसान हो सकता है I बुआई के 20 से 25 दिनों बाद हाथ से निराई गुड़ाई फायदेमंद रहती है I खड़ी फसल में खरपतवार नियंत्रण के लिए बुआई के 15 से 20 दिनों बाद इमाजीथायपर 10 प्रतिशत एस. एल . 55 ग्राम सक्रिय तत्व प्रति हेक्टेयर कि दर से मृदा में पर्याप्त नमी होने की अवस्था में छिड़काव करना चाहिए I सोलिडरिडाड, स्मार्ट एग्री कार्यक्रम सम्पर्क: मो. न. 8251071818 Marathi MP 12-04-2022 11:45:00 COMPLETED
10956 ग्रीष्मकालीन मूंग एवं उड़द की फसल में खरपतवार प्रबंधन अतिआवश्यक है ताकि प्रारंभिक विकास के चरण में फसल व खरपतवार की प्रतिस्पर्धा को कम कर अधिक उत्पादन लिया जा सके I फसल खरपतवार प्रतिस्पर्धा बुआई के 20 से 25 दिनों बाद अधिकतम होती है इस क्रांतिक अवस्था पर खरपतवार प्रबंधन नहीं करने की स्थिति में 30 से 50 प्रतिशत तक उपज का नुकसान हो सकता है I बुआई के 20 से 25 दिनों बाद हाथ से निराई गुड़ाई फायदेमंद रहती है I खड़ी फसल में खरपतवार नियंत्रण के लिए बुआई के 15 से 20 दिनों बाद इमाजीथायपर 10 प्रतिशत एस. एल . 55 ग्राम सक्रिय तत्व प्रति हेक्टेयर कि दर से मृदा में पर्याप्त नमी होने की अवस्था में छिड़काव करना चाहिए I सोलिडरिडाड, स्मार्ट एग्री कार्यक्रम सम्पर्क: मो. न. 8251071818 Marathi MP 12-04-2022 11:15:00 COMPLETED
10957 ग्रीष्मकालीन मूंग एवं उड़द की फसल में खरपतवार प्रबंधन अतिआवश्यक है ताकि प्रारंभिक विकास के चरण में फसल व खरपतवार की प्रतिस्पर्धा को कम कर अधिक उत्पादन लिया जा सके I फसल खरपतवार प्रतिस्पर्धा बुआई के 20 से 25 दिनों बाद अधिकतम होती है इस क्रांतिक अवस्था पर खरपतवार प्रबंधन नहीं करने की स्थिति में 30 से 50 प्रतिशत तक उपज का नुकसान हो सकता है I बुआई के 20 से 25 दिनों बाद हाथ से निराई गुड़ाई फायदेमंद रहती है I खड़ी फसल में खरपतवार नियंत्रण के लिए बुआई के 15 से 20 दिनों बाद इमाजीथायपर 10 प्रतिशत एस. एल . 55 ग्राम सक्रिय तत्व प्रति हेक्टेयर कि दर से मृदा में पर्याप्त नमी होने की अवस्था में छिड़काव करना चाहिए I सोलिडरिडाड, स्मार्ट एग्री कार्यक्रम सम्पर्क: मो. न. 8251071818 Marathi MP 12-04-2022 10:45:00 COMPLETED
10958 दशपर्णी निर्मितीची प्रक्रिया- कीडनियंत्रणाच्या दृष्टीने शेतात आणि गावात उपलब्ध वनस्पति दशपर्णी निर्मितीसाठी वापरल्या जातात. यामध्ये प्रामुख्याने कडूलिंब, घाणेरी, सिताफळ, निर्गुंडी, टणटणी, करंज, जंगली एरंड, पपई, गुळवेल आदींचा वापर करावा. प्रत्येकी 2 किलो पाला घेऊन त्यांचे तुकडे व 200 लिटर पाणी असे द्रावण सोडलेली टाकी सावलीत ठेवावी. यात मिरचीचा ठेचा व लसूण घालावी. मिश्रण काठीने दररोज हलवावे. एक महिना झाल्यानंतर छोट्या टाक्यांमध्ये ते ठेवावे. दर आठ दिवसांनी किंवा गरजेनुसार याची फवारणी करावी. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट अॅग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबा. क्र. 9158261922. Telugu MH 11-04-2022 16:30:00 COMPLETED
10959 दशपर्णी निर्मितीची प्रक्रिया- कीडनियंत्रणाच्या दृष्टीने शेतात आणि गावात उपलब्ध वनस्पति दशपर्णी निर्मितीसाठी वापरल्या जातात. यामध्ये प्रामुख्याने कडूलिंब, घाणेरी, सिताफळ, निर्गुंडी, टणटणी, करंज, जंगली एरंड, पपई, गुळवेल आदींचा वापर करावा. प्रत्येकी 2 किलो पाला घेऊन त्यांचे तुकडे व 200 लिटर पाणी असे द्रावण सोडलेली टाकी सावलीत ठेवावी. यात मिरचीचा ठेचा व लसूण घालावी. मिश्रण काठीने दररोज हलवावे. एक महिना झाल्यानंतर छोट्या टाक्यांमध्ये ते ठेवावे. दर आठ दिवसांनी किंवा गरजेनुसार याची फवारणी करावी. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट अॅग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबा. क्र. 9158261922. Telugu MH 11-04-2022 16:30:00 COMPLETED
10960 दशपर्णी निर्मितीची प्रक्रिया- कीडनियंत्रणाच्या दृष्टीने शेतात आणि गावात उपलब्ध वनस्पति दशपर्णी निर्मितीसाठी वापरल्या जातात. यामध्ये प्रामुख्याने कडूलिंब, घाणेरी, सिताफळ, निर्गुंडी, टणटणी, करंज, जंगली एरंड, पपई, गुळवेल आदींचा वापर करावा. प्रत्येकी 2 किलो पाला घेऊन त्यांचे तुकडे व 200 लिटर पाणी असे द्रावण सोडलेली टाकी सावलीत ठेवावी. यात मिरचीचा ठेचा व लसूण घालावी. मिश्रण काठीने दररोज हलवावे. एक महिना झाल्यानंतर छोट्या टाक्यांमध्ये ते ठेवावे. दर आठ दिवसांनी किंवा गरजेनुसार याची फवारणी करावी. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट अॅग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबा. क्र. 9158261922. Telugu MH 11-04-2022 16:30:00 COMPLETED