Message Schedule List : 12,467
| S. No. | Message | Language | Created By | Date | Time | Status | Action |
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| 10991 | VIF-1 Nagpur (1)-16-11 शेतकऱ्यांसाठी सूचना कापूस पिकात दहिया रोगाचा प्रादुर्भाव दिसून येत असल्यास नियंत्रणाकरीता आझोक्सिस्ट्रोबीन 18.2 % + डायफेनकोनझोल 11.4 % एससी 10 मि.ली किंवा क्रेसोक्सीम – मिथाईल 44.3 % एससी 10 मि. ली प्रती 10 लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी 1. पिकामध्ये हेक्टरी किमान 4-5 कामगंध सापळे लावावे. या सापळ्या मध्ये अडकलेले नर पतंग वेळोवेळी काढून नष्ट करावे. विशिष्ट गोळी अथवा ल्युर लावले असेल तर एकविस दिवसांनी नविन लावले पाहीजे. 2. तूर पिकाला कळ्या आणि फुले लागताच कीड प्रतिबंधात्मक उपाय म्हणून ५ टक्के निंबोळी अर्क अॅझाडीराक्टिन 300 पीपीएम 50 मिली 10 लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. तसेच तूरीची फूलगळ होउ नये यासाठी नॅप्थालीक एसीटिक ऍसिड ची फवारणी करावी. रात्री धूवारी प्रमाण वाढल्यास पिकामधे उबदारपणा राहण्याकरिता सायंकाळी शेताचे धुर्यावर गोवरीचा धूर करावा. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबा. क्र. 9158261922. धन्यवाद! | Marathi | MH | 16-11-2022 | 10:05:00 | SCHEDULED |
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| 10992 | VIF-1 Amravati (1)-16-11 शेतकऱ्यांसाठी सूचना कापूस पिकात दहिया रोगाचा प्रादुर्भाव दिसून येत असल्यास नियंत्रणाकरीता आझोक्सिस्ट्रोबीन 18.2 % + डायफेनकोनझोल 11.4 % एससी 10 मि.ली किंवा क्रेसोक्सीम – मिथाईल 44.3 % एससी 10 मि. ली प्रती 10 लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी 1. पिकामध्ये हेक्टरी किमान 4-5 कामगंध सापळे लावावे. या सापळ्या मध्ये अडकलेले नर पतंग वेळोवेळी काढून नष्ट करावे. विशिष्ट गोळी अथवा ल्युर लावले असेल तर एकविस दिवसांनी नविन लावले पाहीजे. 2. तूर पिकाला कळ्या आणि फुले लागताच कीड प्रतिबंधात्मक उपाय म्हणून ५ टक्के निंबोळी अर्क अॅझाडीराक्टिन 300 पीपीएम 50 मिली 10 लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. तसेच तूरीची फूलगळ होउ नये यासाठी नॅप्थालीक एसीटिक ऍसिड ची फवारणी करावी. रात्री धूवारी प्रमाण वाढल्यास पिकामधे उबदारपणा राहण्याकरिता सायंकाळी शेताचे धुर्यावर गोवरीचा धूर करावा. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबा. क्र. 9158261922. धन्यवाद! | Marathi | MH | 16-11-2022 | 10:05:00 | SCHEDULED |
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| 10993 | రైతులకు నమస్కారం... పత్తి పంటలో దహియా వ్యాధిని గమనించినట్లయితే నియంత్రణకు అజోక్సిస్ట్రోబిన్ 18.2 % + డైఫెన్కోనజోల్ 11.4 % SC 10 మి.లీ లేదా క్రెసోక్సిమ్ - మిథైల్ 44.3 % SC 10 మి.లీ. లీటరుకు 10 లీటర్ల నీటిలో కలిపి పిచికారీ చేయాలి 1. పంటలో హెక్టారుకు కనీసం 4-5 వాసన ఉచ్చులు వేయాలి. ఈ ఉచ్చులో చిక్కుకున్న మగ చిమ్మటలను ఎప్పటికప్పుడు తొలగించి నాశనం చేయాలి. నిర్దిష్టమైన మాత్ర లేదా ఎర వేసినట్లయితే, ఇరవై ఒక్క రోజుల తర్వాత కొత్తది వేయాలి. 2. తుర్రు పంట చిగురించి పుష్పించిన వెంటనే తెగుళ్ల నివారణ చర్యగా 5 శాతం నింబోలి సారాన్ని అజాడిరాక్టిన్ 300 పీపీఎం 50 మి.లీ 10 లీటర్ల నీటిలో కలిపి పిచికారీ చేయాలి. అలాగే ఆవాలు వాడిపోకుండా ఉండేందుకు నాఫ్తాలిక్ ఎసిటిక్ యాసిడ్ పిచికారీ చేయాలి. రాత్రిపూట దుమ్ము పెరిగితే పంట వెచ్చగా ఉండాలంటే సాయంత్రం పూట పొలంలో పసుపు పొడిని పిచికారీ చేయాలి. ధన్యవాదాలు! ఈ సమాచారాన్ని మళ్లీ వినడానికి సున్నాని నొక్కండి | Telugu | Telangana | 16-11-2022 | 08:30:00 | SCHEDULED |
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| 10994 | किसान भाईयो प्याज की खेती में पौध बनाकर प्याज की खेती करने का सही समय है एक एकड़ की प्याज लगाने के लिए लगभग १० क्यारियाँ जिसकी लम्बाई 25 फीट, चौड़ाई 4 फीट तथा क्यारी की ऊचाई 6 इंच रखें | प्रत्येक क्यारी (बेड ) पर 3 से 4 तगाड़ी अच्छी सड़ी बारीक़ गोबर खाद,एवं 19 :19 :19 NPK 250 ग्राम तथा 50 ग्राम कॉपर ऑक्सीक्लोराइड मिला देवें | इस तैयार क्यारी को हल्की खुरपी से गुड़ाई करके सारी गोबर की खाद -उर्वरक एवं फफूंदनाशक क्यारी में मिला दें | अब इस क्यारी पे 3 -3 इंच की कतारे या लाइन बनाकर बीज को बोकर हल्का हाथ फेरकर ढाक दें | अब तत्काल झारे की सहायता से हल्की सिचाई सिंचाई करें |इस प्रकार तैयार नर्सरी से बीज 6 से 8 हफ़्ते मे खेत में लगाने के लिए तैयार हो जाएगा Iप्याज के बीज का बीजोपचार -रसायनिक तरीके से उपचार केप्टन (capton ) 2 ग्राम प्रति किलो बीज के हिसाब से एवं जैविक तरीके से बीजोपचार ट्रिकोडेर्मा ( tricoderma) हरजियनम 5 ग्राम प्रति किलो बीज क या 10 ग्राम सूडोमोनास फ्लोरोसेंस से अवश्य करें | | Hindi | MP | 15-11-2022 | 17:00:00 | SCHEDULED |
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| 10995 | सरसों की फसल खेत में नमी को ध्यान रख सिंचाई करें I सरसों की फसल में फूल आने से समय (बोवनी के लगभग 30-35 दिन बाद) व दाना भरते समय (बोवनी के लगभग 60-65 दिन बाद) जल आवश्यकता के प्रति संवेदनशील होती है Iअतः पहली सिंचाई फूल आने के समय अवश्य करें I सिंचित सरसों में सिंचाई के पूर्व 50 किलो ग्राम यूरिया प्रति हेक्टेयर के हिसाब से छिड़काव कर दें I अगर खेत में खरपतवार हो तो निंदाई करें I सरसों में माहू कीट नाजुक पत्तों कलियों एवं फलियों का रस चूसते हैं कीट का प्रकोप ज्यादा होने पर इमिडाक्लोप्रिड अथवा थायमेथाक्सोम 50 से 60 ग्राम प्रति एकड़ की दर से 400 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें I स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I सोलिडरिडाड, स्मार्ट एग्री कार्यक्रम सम्पर्क: मो. न. 8251071818 | Hindi | Rajasthan User | 15-11-2022 | 16:55:00 | SCHEDULED |
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| 10996 | गेहूँ की खेती में उपलब्ध पानी की समुचित प्रबंधन आवश्यक है I गेहूँ की अगेती या समय से या पछेती लगाई किस्मों के लिए पहली सिंचाई बोवनी के 20 दिनों के बाद जब जड़ व तना बनने (क्राउन रूट इनिशियेशन) के समय अनुशंसित है I अन्य क्रांतिक अवस्थायों पर सिंचाई की आवश्यकतावों पर समय समय पर जानकारी आपको उपलब्ध कराई जाएगी I खेत की नियमित निगरानी रखें I फ़सल को प्रारंभिक 30-35 दिनों तक खरपतवार मुक्त रखें I स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I सोलिडरिडाड, स्मार्ट एग्री कार्यक्रम सम्पर्क: मो. न. 8251071818 | Hindi | MP | 15-11-2022 | 16:50:00 | SCHEDULED |
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| 10997 | प्रिय किसान साथियों, आगामी 14 से 20 नवम्बर के दौरान हरदोई, लखीमपुर और शाहजहांपुर जिलो के वायुमंडलीय तापमान में गिरावट से हल्का बदलाव होगाI दिन का अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेंटीग्रेड तक तथा रात का न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेंटीग्रेड तक गिरने की सम्भावना हैI वायुमंडल में आर्द्रता 30 से 80 प्रतिशत तक रहेगीI सप्ताह के दौरान आसमान साफ रहेगा और वर्षा की सम्भावना नहीं हैI पिछले साल बोये गए गन्ने के पौधे अब परिपक्व हो रहें हैंI गन्नो का पूरा वजन लेने के लिए वातावरण में ओस को ध्यान में रखते हुए खेत का नियमित निरीक्षण करते रहें और खेत में नमी की जाँच करते रहें, खेत को गीला न होनें दें I गन्ने की जड़ के पास से कटाई करके गन्ने को मिल में ले जाएँI गन्ने की छिलाई के बाद सूखी पत्तियों को खेत में ही बिछा कर उसे सड़ायें जिससे खेत में ही कार्बनिक खाद तैयार होI शरद कालीन गन्ने की बुवाई इस हफ्ते तक पूरी कर लेंI इसके लिए खेत में 25 टन प्रति हेक्टेयर की दर से गोबर की सड़ी खाद को खेत में मिला कर ही गन्ने के दो आख वाले स्वस्थ बीजो को खेत में लगायेंI बीजों को लगाने से पहले उनका उपचार 100 ग्राम हेक्सास्टॉप को 50 मिली इमिडा के साथ 100 लीटर पानी में मिला कर अवश्य करेंI बीज वाले गन्ने की उम्र 9 माह से अधिक की नहीं होनी चाहिएI दो आंख वाले बीजों को लगाते समय ध्यान रखें कि दोनों आंखे अगल-बगल हों जिससे दोनों आँखों का जमाव हो सकेI गन्ने की बुवाई ट्रेंच विधि से दो लाइनों के बीच 4 से साढ़े 4 फुट की दूरी बना कर करेंI बुवाई के बाद 75 किग्रा डी.ए.पी. 25 किग्रा यूरिया और 50 किग्रा पोटाश को 25 किग्रा माइक्रो नुट्रीएंट्स के साथ मिला कर खेत में डालेंI जो किसान साथी गन्ने के साथ गेंहू की फसल लेना चाहते हैं वह एफ आई आर बी विधि से गेंहू की बुवाई करें तथा पहली सिंचाई पर गन्ने के पौध को लगायें I इसके लिए किसान साथियों को यह भी सलाह दी जाती है कि गन्ने की एस.टी.पी. विधि से नर्सरी लगायेंI नर्सरी के लिए बीज अगेती किस्म के गन्ने का ही लेंI अंतः फसल के रूप में लहसुन, आलू, सरसों, तोरिया या गोभी की बुवाई करके आमदनी को बढाया जा सकता हैI जो किसान आलू या लहसुन को अंतः फसल के रूप में लेना चाहते है वह पहले आलू या लहसुन की बुवाई करें और उसके बाद ट्रेन्चों में गन्ना लगायेंI ‘स्मार्ट एग्री कार्यक्रम’ की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI | Hindi | Uttar Pradesh | 11-11-2022 | 08:02:00 | SCHEDULED |
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| 10998 | সোলিডারিডেড এবং ভোডাফোন আইডিয়ার পক্ষ থেকে উত্তরবঙ্গের ক্ষুদ্র চা বাগানের জন্য কিছু পরামর্শ । এখন ও যারা নতুন চারা গাছের বাগানে মালচিং করেননি তারা এখনি শিশু গাছে মালচিং করে দিন । প্রস্তাবিত আগামী মাসে এল- পি বা ডি- এস বাগানে কলম করার আগে দুই থেকে তিন রাউন্ড এম ও পি ২ কেজি ১০০ লিটার জলে মিশিয়ে স্প্রে করুন ।আনপ্রুন ও এল ও এস বাগানে এই সপ্তাহ থেকে ১৫ থেকে ২০ দিন অন্তর এম ও পি ১ কেজি এবং ম্যাগনেসিয়াম সালফেট ১ কেজি ১০০ লিটার জলে মিশিয়ে স্প্রে করা শুরু করে দিন ।যে সব বাগানে মাটিতে বালির ভাগ বেশি আছে সে সব বাগানে ২ ইঞ্চি জলসেচ করে দিন । পুনঃ রায় ভয়েস কল শুনতে হলে মিস কল করুন ৭০৬৫০০৫০৫৪ ধন্যবাদ । | Bengali | West Bengal | 10-11-2022 | 15:00:00 | SCHEDULED |
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| 10999 | জিলা: যোৰহাট বতৰৰ বতৰা আৰু আমাৰ পৰামৰ্শ (বৈধতাৰ সময়সীমা: ১০ৰ পৰা ১৬ নৱেম্বৰলৈ, ২০২২) VI Smart Agri Project ৰ প্ৰিয় ট্ৰিনিটি ক্ষুদ্ৰ চাহ খেতিয়ক । স্মাৰ্ট কৃষি পৰামৰ্শলৈ স্বাগতম। আমাৰ বতৰ বিজ্ঞান কেন্দ্ৰৰ পৰা পোৱা বতৰৰ আগলি বতৰা অনুযায়ী যোৰহাট জিলাত ১০ৰ পৰা ১৬ নৱেম্বৰলৈ বতৰ ফৰকাল হৈ থকাৰ সম্ভাৱনা আছে। দিনৰ উষ্ণতা প্ৰায় ২৭-২৮ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ আৰু নিশাৰ উষ্ণতা প্ৰায় ১৩-১৮ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ হব বুলি অনুমান কৰা হৈছে । ৰাতিপুৱা আৰু আবেলিৰ আপেক্ষিক আৰ্দ্ৰতা ক্ৰমান্বয়ে প্ৰায় ৯৫% আৰু ৫০% আশে-পাশে থাকিব । বতাহ প্ৰতি ঘন্টাত ২-৭ কিলোমিটাৰ বেগত উত্তৰ-পূব আৰু দক্ষিণ-পূব দিশৰ পৰা প্ৰবাহিত হব। চাহ খেতিৰ বাবে: • যদি LOS / UP কৰিব লগা বাগানবোৰত অক্টোবৰ মাহত বৰষুণৰ প্ৰয়োজনীয় পৰিমাণ কম হোৱা দেখা গৈছে তেন্তে জলসিঞ্চনৰ ব্যৱস্থা লব পাৰে । • সম্ভৱ হলে পৰ্যাপ্ত গ্ৰেডিয়েণ্ট দি নলা পৰিষ্কাৰ আৰু দ’ কৰাৰ ব্যৱস্থা কৰিব। • সকলো নলাৰ পৰা অতিৰিক্ত ভাৱে জমা হোৱা গেদ বা তৰপ আঁতৰোৱাৰ ব্যৱস্থা কৰিব। • UP/LOS/MS ৰাখিব লগা বাগানবোৰত ৰঙা চাঁহিৰ দৰে কীট-পতংগৰ বিৰুদ্ধে অবিৰত ভাৱে চকু ৰাখিব আৰু ফেনাজাকুইন ১০ই চি (Fenazaquin 10EC) (১০০ লিটাৰ পানীত ২৫০ মিলিলিটাৰ) / স্পাইৰমেচিফেন ২২.৯ (Spiromesifen 22.9) (১০০ লিটাৰ পানীত ১০০ মিলিলিটাৰ) এক ৰাউণ্ড স্প্ৰে কৰিব যাতে কীট-পতংগ বোৰ অহা ছিজনলৈ গছত থাকি নাযায় । অন্যান্য শস্যৰ বাবে: • কৃষক সকলে যদি ইতিমধ্যে ফুলকবি খেতিৰ সিঁচাৰ কার্য্য সমাপ্ত কৰিছে তেতিয়া অক্টোবৰ মাহত বীজ সিঁচা পুলি সমূ্হ এতিয়া মূল পথাৰত ৰুৱ পৰা হৈছে। পাতলকৈ এটা জলসিঞ্চন মূল পথাৰত ৰুৱা লগালগ দিব লাগে আৰু পৰৱর্তী জলসিঞ্চন সমূহ প্ৰয়োজন অনুসৰি দিব লাগে। মুঠ ৫ টা জলসিঞ্চন কৰিলে যথেষ্ট হয়। • বর্তমান অব্যাহত থকা শুষ্ক আৰু ফৰকাল বতৰৰ বাবে এই সময়ত শীতকালীন শাক-পাচলীৰ খেতি শুকাই যোৱা পৰিলক্ষিত হৈছে। সেয়েহে শাক-পাচলীৰ খেতিত এদিন মূৰে মূৰে জলঞ্চিনৰ ব্যৱস্থা কৰিব লাগে। • শীতকালিন শাক পাচলী খেতিত প্রয়োজন অনুসৰিহে কীটনাশক ঔষধ ব্যৱহাৰ কৰিব। বতৰ আৰু কৃষি সম্পৰ্কীয় তথ্যৰ বিষয়ে জানিবলৈ কৃষকসকলে ৭০৬৫-০০-৫০৫৪ নম্বৰত মিছড কল দিব পাৰে। ধন্যবাদ। | Assamese | Assam | 10-11-2022 | 08:00:00 | SCHEDULED |
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| 11000 | জিলা: ডিব্ৰুগড় বতৰৰ বতৰা আৰু আমাৰ পৰামৰ্শ (বৈধতাৰ সময়সীমা: ১০ৰ পৰা ১৬ নৱেম্বৰলৈ, ২০২২) VI Smart Agri Project ৰ প্ৰিয় ট্ৰিনিটি ক্ষুদ্ৰ চাহ খেতিয়ক । স্মাৰ্ট কৃষি পৰামৰ্শলৈ স্বাগতম। আমাৰ বতৰ বিজ্ঞান কেন্দ্ৰৰ পৰা পোৱা বতৰৰ আগলি বতৰা অনুযায়ী ডিব্ৰুগড় জিলাত ১০ৰ পৰা ১৬ নৱেম্বৰলৈ বতৰ ফৰকাল হৈ থাকিব। দিনৰ উষ্ণতা প্ৰায় ২৮-২৯ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ আৰু নিশাৰ উষ্ণতা প্ৰায় ১৪-১৭ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ হব বুলি অনুমান কৰা হৈছে । ৰাতিপুৱা আৰু আবেলিৰ আপেক্ষিক আৰ্দ্ৰতা ক্ৰমান্বয়ে প্ৰায় ৯৮% আৰু ৫০% আশে-পাশে থাকিব । বতাহ প্ৰতি ঘন্টাত ২-৬ কিলোমিটাৰ বেগত উত্তৰ-পূব দিশৰ পৰা প্ৰবাহিত হব । চাহ খেতিৰ বাবে: • যদি LOS / UP কৰিব লগা বাগানবোৰত অক্টোবৰ মাহত বৰষুণৰ প্ৰয়োজনীয় পৰিমাণ কম হোৱা দেখা গৈছে তেন্তে জলসিঞ্চনৰ ব্যৱস্থা লব পাৰে । • সম্ভৱ হলে পৰ্যাপ্ত গ্ৰেডিয়েণ্ট দি নলা পৰিষ্কাৰ আৰু দ’ কৰাৰ ব্যৱস্থা কৰিব। • সকলো নলাৰ পৰা অতিৰিক্ত ভাৱে জমা হোৱা গেদ বা তৰপ আঁতৰোৱাৰ ব্যৱস্থা কৰিব। • UP/LOS/MS ৰাখিব লগা বাগানবোৰত ৰঙা চাঁহিৰ দৰে কীট-পতংগৰ বিৰুদ্ধে অবিৰত ভাৱে চকু ৰাখিব আৰু ফেনাজাকুইন ১০ই চি (Fenazaquin 10EC) (১০০ লিটাৰ পানীত ২৫০ মিলিলিটাৰ) / স্পাইৰমেচিফেন ২২.৯ (Spiromesifen 22.9) (১০০ লিটাৰ পানীত ১০০ মিলিলিটাৰ) এক ৰাউণ্ড স্প্ৰে কৰিব যাতে কীট-পতংগ বোৰ অহা ছিজনলৈ গছত থাকি নাযায় । অন্যান্য শস্যৰ বাবে: • কৃষক সকলে যদি ইতিমধ্যে ফুলকবি খেতিৰ সিঁচাৰ কার্য্য সমাপ্ত কৰিছে তেতিয়া অক্টোবৰ মাহত বীজ সিঁচা পুলি সমূ্হ এতিয়া মূল পথাৰত ৰুৱ পৰা হৈছে। পাতলকৈ এটা জলসিঞ্চন মূল পথাৰত ৰুৱা লগালগ দিব লাগে আৰু পৰৱর্তী জলসিঞ্চন সমূহ প্ৰয়োজন অনুসৰি দিব লাগে। মুঠ ৫ টা জলসিঞ্চন কৰিলে যথেষ্ট হয়। • বর্তমান অব্যাহত থকা শুষ্ক আৰু ফৰকাল বতৰৰ বাবে এই সময়ত শীতকালীন শাক-পাচলীৰ খেতি শুকাই যোৱা পৰিলক্ষিত হৈছে। সেয়েহে শাক-পাচলীৰ খেতিত এদিন মূৰে মূৰে জলঞ্চিনৰ ব্যৱস্থা কৰিব লাগে। • শীতকালিন শাক পাচলী খেতিত প্রয়োজন অনুসৰিহে কীটনাশক ঔষধ ব্যৱহাৰ কৰিব। বতৰ আৰু কৃষি সম্পৰ্কীয় তথ্যৰ বিষয়ে জানিবলৈ কৃষকসকলে ৭০৬৫-০০-৫০৫৪ নম্বৰত মিছড কল দিব পাৰে। ধন্যবাদ। | Assamese | Assam | 10-11-2022 | 08:00:00 | SCHEDULED |
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