Message Schedule List : 12,252
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11211 सोयाबीन की बुवाई BBF (ब्रॉड बेड एवं फरो) अथवा FIRB (फरो इरीगेटेड रेज्ड बेड) विधि से की जाए I इससे अत्यधिक वर्षा के समय अतिरिक्त जल की निकासी सुलभ होगी एवं कम वर्षा या तान की स्थिति में संरक्षित जल से पौधों को नमी मिलती रहेगी I सोयाबीन बीज अंकुरण परीक्षण कर ही बीज बोआई करे I यदि बीज में न्यूनतम 70 प्रतिशत अंकुरण मिलता है तो आपका बीज बुवाई के लिए उपयुक्त है I न्यूनतम 100 मिलीमीटर वर्षा होने पर ही सोयाबीन की बुवाई करें I सोलिडरिडाड, स्मार्ट एग्री कार्यक्रम सम्पर्क: मो. न. 8251071818 Marathi MP 07-06-2022 09:15:00 SCHEDULED
11212 प्रिय किसान साथियों, जून माह में ६ से १२ तारीख तक हरदोई और लखीमपुर जिलों के तापमान में २९ डिग्री से ४३ डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहेगाI सुबह के समय वायुमंडल में आर्द्रता ६० प्रतिशत तक रहेगीI ११ और १२ जून को कुछ बादल दिखेंगे जिससे मौसम में आर्द्रता बढ़ेगी लेकिन वर्षा नहीं होगीI इन परिस्थितियों में गन्ने के खेतों में रेड रॉट और टॉप बोरर का प्रकोप बढेगाI ऐसे में किसान साथी १५० मिली कोराजेन को 400 लीटर पानी में घोल कर गन्ने के तनों को भिगोये और उसके बाद खेतों में हलकी सिंचाई करेंI इससे टॉप बोरर, शूट बोरर और पिंक बोरर जैसे कीटों को 90 दिनों तक फसल से दूर रखा जा सकता हैI ध्यान रहे कि दवा का छिडकाव सुबह १० बजे से पहले कर लेंI इस सप्ताह में गन्ने की बुवारी और पैडी फसलों में ५० किलो यूरिया के साथ २५ किलो पोटाश प्रति एकड़ की दर से खुड़ों में डाल कर मिट्टी चढ़ाएं और आवश्यकता के अनुसार सिंचाई करेंI लखीमपुर जिले में गन्ने के खेतों में लाल सडन रोग के लक्षण दिखाई दे रहे हैंI किसान सथितों से अनुरोध है कि ऐसे गन्नो को जड़ से उखाड़ लें और खेत से बाहर जमीन के नीचे ३-४ फीट गड्ढा खोद कर दबा देंI उखाड़े गए स्थान पर ब्लीचिंग पाउडर डाल कर मिट्टी से ढक देI ध्यान रखें कि सिंचाई के दौरान इस खेत का पानी दूसरे खेतों में न जायेI जिन किसानों ने सनई, ढैंचा, या लोबिया की फसल को हरी खाद के लिए बोया है उनके लिए सलाह है कि यदि यह सह फसल ४५ से ६० दिन की हो गयी हो तो उसे मिट्टी में मिलाकर हल्की सिंचाई करेंI खेत का नियमित निरीक्षण करें और खर पतवार को नियंत्रित करते रहेंI कीटों के नियंत्रण के लिए येल्लो स्टिकी कार्ड का उपयोग करेंI ‘स्मार्ट एग्री कार्यक्रम’ की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Marathi Uttar Pradesh 03-06-2022 08:05:00 SCHEDULED
11213 বতৰৰ বতৰা আৰু আমাৰ পৰামৰ্শ VI Smart Agri Project ৰ প্ৰিয় ট্ৰিনিটি ক্ষুদ্ৰ চাহ খেতিয়ক । স্মাৰ্ট কৃষি পৰামৰ্শলৈ স্বাগতম। আমাৰ বতৰ বিজ্ঞান কেন্দ্ৰৰ পৰা পোৱা বতৰৰ আগলি বতৰা অনুযায়ী অহা সপ্তাহত সংশ্লিষ্ট অঞ্চলবোৰত পাতলৰ পৰা মধ্যমীয়া বৰষুণ হোৱাৰ সম্ভাৱনাৰ সৈতে বতৰ সাধাৰণতে ডাৱৰীয়া হৈ থাকিব। সৰ্বাধিক তাপমাত্ৰা প্ৰায় ২৮°চে.ৰ পৰা ৩৬° চে. আৰু নিম্নতম তাপমাত্ৰা প্ৰায় ২৩°চে.ৰ পৰা ২৬° চে. হৈ থাকিব বুলি ধাৰণা কৰা হয়। ৰাতিপুৱা আৰু আবেলিৰ আপেক্ষিক আৰ্দ্ৰতা ক্ৰমান্বয়ে প্ৰায় ৯৭% আৰু ৬০% হব। বতাহে গড়ে প্ৰতি ঘণ্টাত প্ৰায় ৪-১০ কিলোমিটাৰ বেগত প্ৰবাহিত হব। চাহ খেতিত পানী জমা হোৱা এলেকাবোৰ চিহ্নিত কৰিব আৰু নলাৰ বাবে প্ৰয়োজনীয় ব্যৱস্থা লব I ঠেক নলাবোৰ পৰিষ্কাৰ কৰিব। Black Rot disease আৰু Red Rust আদি ৰোগৰ বাবে প্ৰতিৰোধমূলক ব্যৱস্থা লব লাগে। প্লাকিং কৰাৰ পিছত সংক্ৰমিত স্থানত স্পট স্প্ৰে কৰা উচিত। হেলোপেল্টিছৰ দ্বাৰা সংক্ৰমিত এলেকাবোৰ চিহ্নিত কৰক আৰু ২০০ L পানীত থাইওমেথোক্সাম @৪৫ গ্ৰা. ষ্টিকাৰৰ সৈতে বা ২০০ লি. পানীৰ লগত ডেচিছ @১০০মি. লি. মিহলাই স্প্ৰে কৰক । বৰষুণৰ তীব্ৰতা অতি বেছি হলে স্প্ৰে নকৰিব । যিকোনো কীট আৰু ৰোগ নিয়ন্ত্ৰণৰ বাবে প্ৰয়োগ কৰিব লগা সকলো ৰাসায়নিক পদাৰ্থ নিম্নতম ৬-৭ দিনৰ ব্যৱধান ৰাখি স্প্ৰে কৰিব লাগিব যাতে পিছত কোনো এম.আৰ.এল. (MRL) সমস্যা নাহে। বৰষুণ হোৱা এলেকাবোৰত, খাৰিফ (Kharif) শস্য ৰোৱাৰ বাবে মাটি প্ৰস্তুত কৰিব পাৰি আৰু শস্য ৰোপণ কৰাৰ ১৫ দিন আগতে অনুমোদিত পৰিমাণৰ জৈৱিক সাৰ প্ৰয়োগ কৰিব। জিকা, ভাত কেৰেলাৰ দৰে পাচলি শস্যত ফল মাখিৰ সংক্ৰমণৰ বাবে নিৰন্তৰ নিৰীক্ষণ ৰাখিব I যদি সংক্ৰমণ পোৱা যায়, বৰষুণমুক্ত দিনবোৰত লেম্বডা চাইহেলোথ্ৰিন ৫ ইচি (@ প্ৰতি ১০ লিটাৰ পানীত ৩-৫ মিলি বা এমামেক্টিন বেনজোয়েট ৫% এছজি (প্ৰতি ১০ লিটাৰ পানীত ৫ গ্ৰাম) স্প্ৰে কৰিব লাগিব । বৰষুণৰ ফলত লতা জাতীয় পাচলি আৰু পুলিবোৰ মাটিৰ ওপৰৰ অংশবোৰ বেঁকা হোৱাৰ পৰা সুৰক্ষিত কৰিবলৈ, উদ্ভিদবোৰ ধৰি ৰাখিবলৈ লাঠি বা ৰছী সমৰ্থন প্ৰদান কৰিব। Kannada Assam 02-06-2022 10:32:00 SCHEDULED
11214 मूंग एवं उड़द की फसल में 85 प्रतिशत फलियां परिपक्व हो जायें तब फसल की कटाई करें। अधिक पकने पर फलियां चटक सकती हैं अत: कटाई समय पर किया जाना आवश्यक होता है। कटाई उपरांत फसल को गहाई करके बीज को 9 प्रतिशत नमी तक सुखाकर भंडारण करें। सोलिडरिडाड, स्मार्ट एग्री कार्यक्रम सम्पर्क: मो. न. 8251071818 Marathi Rajasthan User 01-06-2022 08:45:00 SCHEDULED
11215 कापसाचे बियाणे व बिजप्रक्रिया याबद्दल जाणून घेऊ. कापसाचे बियाणे निवड करताना सर्वसामान्यपणे, कमीतकमी बियाणे खर्च व बियाणाची स्वसक्षमता राखण्यासाठी घरचाच बियाणाची शिफारस केली जाते. पिकावर अळीचा प्रादुर्भाव रोखण्यासाठी लवकर परिपक्व होणार्‍या जातीचे बियाणे वापरावे. कापूस बिजप्रक्रिया करताना बिजामृत 200 ग्रॅम प्रति किलो व ट्रायकोडर्मा व्हीरिडी 8 ग्रॅम प्रति किलो असे मिश्रण करून करावी. बियाणे शेडखाली वाळवून घ्यावे. त्यानंतर अॅझाटोबॅक्टर व पीएसबी जैविक खताची 5 ग्रॅम प्रति किलो दोन्ही अशी प्रक्रिया करावी व बियाणे शेडमध्ये वाळवून घ्यावे. प्रक्रिया केलेल्या बियाण्याची 6 ते 8 तासामध्ये पेरणी करावी. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट अॅग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबा. क्र. 9158261922. Telugu MH 01-06-2022 08:30:00 SCHEDULED
11216 कापसाचे बियाणे व बिजप्रक्रिया याबद्दल जाणून घेऊ. कापसाचे बियाणे निवड करताना सर्वसामान्यपणे, कमीतकमी बियाणे खर्च व बियाणाची स्वसक्षमता राखण्यासाठी घरचाच बियाणाची शिफारस केली जाते. पिकावर अळीचा प्रादुर्भाव रोखण्यासाठी लवकर परिपक्व होणार्‍या जातीचे बियाणे वापरावे. कापूस बिजप्रक्रिया करताना बिजामृत 200 ग्रॅम प्रति किलो व ट्रायकोडर्मा व्हीरिडी 8 ग्रॅम प्रति किलो असे मिश्रण करून करावी. बियाणे शेडखाली वाळवून घ्यावे. त्यानंतर अॅझाटोबॅक्टर व पीएसबी जैविक खताची 5 ग्रॅम प्रति किलो दोन्ही अशी प्रक्रिया करावी व बियाणे शेडमध्ये वाळवून घ्यावे. प्रक्रिया केलेल्या बियाण्याची 6 ते 8 तासामध्ये पेरणी करावी. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट अॅग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबा. क्र. 9158261922. Telugu MH 01-06-2022 08:30:00 SCHEDULED
11217 कापसाचे बियाणे व बिजप्रक्रिया याबद्दल जाणून घेऊ. कापसाचे बियाणे निवड करताना सर्वसामान्यपणे, कमीतकमी बियाणे खर्च व बियाणाची स्वसक्षमता राखण्यासाठी घरचाच बियाणाची शिफारस केली जाते. पिकावर अळीचा प्रादुर्भाव रोखण्यासाठी लवकर परिपक्व होणार्‍या जातीचे बियाणे वापरावे. कापूस बिजप्रक्रिया करताना बिजामृत 200 ग्रॅम प्रति किलो व ट्रायकोडर्मा व्हीरिडी 8 ग्रॅम प्रति किलो असे मिश्रण करून करावी. बियाणे शेडखाली वाळवून घ्यावे. त्यानंतर अॅझाटोबॅक्टर व पीएसबी जैविक खताची 5 ग्रॅम प्रति किलो दोन्ही अशी प्रक्रिया करावी व बियाणे शेडमध्ये वाळवून घ्यावे. प्रक्रिया केलेल्या बियाण्याची 6 ते 8 तासामध्ये पेरणी करावी. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट अॅग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबा. क्र. 9158261922. Telugu MH 01-06-2022 08:30:00 SCHEDULED
11218 कापसाचे बियाणे व बिजप्रक्रिया याबद्दल जाणून घेऊ. कापसाचे बियाणे निवड करताना सर्वसामान्यपणे, कमीतकमी बियाणे खर्च व बियाणाची स्वसक्षमता राखण्यासाठी घरचाच बियाणाची शिफारस केली जाते. पिकावर अळीचा प्रादुर्भाव रोखण्यासाठी लवकर परिपक्व होणार्‍या जातीचे बियाणे वापरावे. कापूस बिजप्रक्रिया करताना बिजामृत 200 ग्रॅम प्रति किलो व ट्रायकोडर्मा व्हीरिडी 8 ग्रॅम प्रति किलो असे मिश्रण करून करावी. बियाणे शेडखाली वाळवून घ्यावे. त्यानंतर अॅझाटोबॅक्टर व पीएसबी जैविक खताची 5 ग्रॅम प्रति किलो दोन्ही अशी प्रक्रिया करावी व बियाणे शेडमध्ये वाळवून घ्यावे. प्रक्रिया केलेल्या बियाण्याची 6 ते 8 तासामध्ये पेरणी करावी. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट अॅग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबा. क्र. 9158261922. Telugu MH 01-06-2022 08:30:00 SCHEDULED
11219 कापसाचे बियाणे व बिजप्रक्रिया याबद्दल जाणून घेऊ. कापसाचे बियाणे निवड करताना सर्वसामान्यपणे, कमीतकमी बियाणे खर्च व बियाणाची स्वसक्षमता राखण्यासाठी घरचाच बियाणाची शिफारस केली जाते. पिकावर अळीचा प्रादुर्भाव रोखण्यासाठी लवकर परिपक्व होणार्‍या जातीचे बियाणे वापरावे. कापूस बिजप्रक्रिया करताना बिजामृत 200 ग्रॅम प्रति किलो व ट्रायकोडर्मा व्हीरिडी 8 ग्रॅम प्रति किलो असे मिश्रण करून करावी. बियाणे शेडखाली वाळवून घ्यावे. त्यानंतर अॅझाटोबॅक्टर व पीएसबी जैविक खताची 5 ग्रॅम प्रति किलो दोन्ही अशी प्रक्रिया करावी व बियाणे शेडमध्ये वाळवून घ्यावे. प्रक्रिया केलेल्या बियाण्याची 6 ते 8 तासामध्ये पेरणी करावी. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट अॅग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबा. क्र. 9158261922. Telugu MH 01-06-2022 08:30:00 SCHEDULED
11220 कापसाचे बियाणे व बिजप्रक्रिया याबद्दल जाणून घेऊ. कापसाचे बियाणे निवड करताना सर्वसामान्यपणे, कमीतकमी बियाणे खर्च व बियाणाची स्वसक्षमता राखण्यासाठी घरचाच बियाणाची शिफारस केली जाते. पिकावर अळीचा प्रादुर्भाव रोखण्यासाठी लवकर परिपक्व होणार्‍या जातीचे बियाणे वापरावे. कापूस बिजप्रक्रिया करताना बिजामृत 200 ग्रॅम प्रति किलो व ट्रायकोडर्मा व्हीरिडी 8 ग्रॅम प्रति किलो असे मिश्रण करून करावी. बियाणे शेडखाली वाळवून घ्यावे. त्यानंतर अॅझाटोबॅक्टर व पीएसबी जैविक खताची 5 ग्रॅम प्रति किलो दोन्ही अशी प्रक्रिया करावी व बियाणे शेडमध्ये वाळवून घ्यावे. प्रक्रिया केलेल्या बियाण्याची 6 ते 8 तासामध्ये पेरणी करावी. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट अॅग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबा. क्र. 9158261922. Telugu MH 01-06-2022 08:30:00 SCHEDULED