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11311 नमस्कार शेतकरी बंधूंनो... माहूर तालुक्यातील सावळी येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे या आठवड्यातील हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान 29 ते 30 अंश तर कमाल 42 ते 44 अंश सेल्सियस एवढे राहील. पूर्ण आठवडा दरम्यान वातावरण ढगाळ राहील. मंगळवार आणि बुधवारी पाऊस पडण्याची शकत्या आहे शेतकर्‍यांना सुचविण्यात येते की, याअनुषंगाने पिकातील सिंचन, फवारणी व साठवण इत्यादीचे योग्य नियोजन करावे. काढणी केलेल्या गहू व हरभरा यांची सुरक्षित ठिकाणी साठवण करावी. आज आपण कापूस पिकाच्या पेरणीपूर्वमशागत बद्दल माहिती घेऊ: कोरडवाहु पिकाकरीता तीन वर्षातून एक वेळा आणि बागायती पिकाकरीता दरवर्षी नांगरणी आवश्यक आहे. पेरणीपुर्वी एक वखरपाळी दिली असता, तणांची तीव्रता 20% पर्यंत कमी होते. कोरडवाहू कपाशीला हेक्टरी 12 ते 15 गाडी चांगले मुरलेले शेणखत किंवा कंपोस्ट खत पेरणीपुर्वी शेतात एकसारखे मिसळून द्यावे. शेणखत किंवा कंपोस्ट खत 5 टन प्रति हेक्टर दरवर्षी दिल्यास शिफारसीत रासायनिक खत मात्रा 50 टक्क्यांनी कमी करता येते. खत कमी असल्यास ते शेतात फेकून न देता पेरणीच्या फुलीपासून 5 सेंटीमीटर बाजूला द्यावे किंवा सरत्याने द्यावे. कापसाच्या अधिक उत्पादनाकरिता शिफारसीत जाती आणि सुधारित लागवड तंत्राचा अवलंब केल्यास कापूस उत्पादनात निश्चितच भर पडून हेक्टरी अधिक नफा मिळेल. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट अॅग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबा. क्र. 9158261922. धन्यवाद! Telugu MH 25-04-2022 08:30:00 COMPLETED
11312 नमस्कार शेतकरी बंधूंनो... हिंगणघाट तालुक्यातील सावळी येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे या आठवड्यातील हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान 29 ते 31 अंश तर कमाल 43 ते 45 अंश सेल्सियस एवढे राहील. पूर्ण आठवडा दरम्यान वातावरण ढगाळ राहील. शेतकर्‍यांना सुचविण्यात येते की, याअनुषंगाने पिकातील सिंचन, फवारणी व साठवण इत्यादीचे योग्य नियोजन करावे. काढणी केलेल्या गहू व हरभरा यांची सुरक्षित ठिकाणी साठवण करावी. आज आपण कापूस पिकाच्या पेरणीपूर्वमशागत बद्दल माहिती घेऊ: कोरडवाहु पिकाकरीता तीन वर्षातून एक वेळा आणि बागायती पिकाकरीता दरवर्षी नांगरणी आवश्यक आहे. पेरणीपुर्वी एक वखरपाळी दिली असता, तणांची तीव्रता 20% पर्यंत कमी होते. कोरडवाहू कपाशीला हेक्टरी 12 ते 15 गाडी चांगले मुरलेले शेणखत किंवा कंपोस्ट खत पेरणीपुर्वी शेतात एकसारखे मिसळून द्यावे. शेणखत किंवा कंपोस्ट खत 5 टन प्रति हेक्टर दरवर्षी दिल्यास शिफारसीत रासायनिक खत मात्रा 50 टक्क्यांनी कमी करता येते. खत कमी असल्यास ते शेतात फेकून न देता पेरणीच्या फुलीपासून 5 सेंटीमीटर बाजूला द्यावे किंवा सरत्याने द्यावे. कापसाच्या अधिक उत्पादनाकरिता शिफारसीत जाती आणि सुधारित लागवड तंत्राचा अवलंब केल्यास कापूस उत्पादनात निश्चितच भर पडून हेक्टरी अधिक नफा मिळेल. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट अॅग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबा. क्र. 9158261922. धन्यवाद! Telugu MH 25-04-2022 08:30:00 COMPLETED
11313 नमस्कार शेतकरी बंधूंनो... कळमेश्वर तालुक्यातील सावळी येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे या आठवड्यातील हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान 28 ते 29 अंश तर कमाल 41 ते 44 अंश सेल्सियस एवढे राहील. पूर्ण आठवडा दरम्यान वातावरण ढगाळ राहील. शेतकर्‍यांना सुचविण्यात येते की, याअनुषंगाने पिकातील सिंचन, फवारणी व साठवण इत्यादीचे योग्य नियोजन करावे. काढणी केलेल्या गहू व हरभरा यांची सुरक्षित ठिकाणी साठवण करावी. आज आपण कापूस पिकाच्या पेरणीपूर्वमशागत बद्दल माहिती घेऊ: कोरडवाहु पिकाकरीता तीन वर्षातून एक वेळा आणि बागायती पिकाकरीता दरवर्षी नांगरणी आवश्यक आहे. पेरणीपुर्वी एक वखरपाळी दिली असता, तणांची तीव्रता 20% पर्यंत कमी होते. कोरडवाहू कपाशीला हेक्टरी 12 ते 15 गाडी चांगले मुरलेले शेणखत किंवा कंपोस्ट खत पेरणीपुर्वी शेतात एकसारखे मिसळून द्यावे. शेणखत किंवा कंपोस्ट खत 5 टन प्रति हेक्टर दरवर्षी दिल्यास शिफारसीत रासायनिक खत मात्रा 50 टक्क्यांनी कमी करता येते. खत कमी असल्यास ते शेतात फेकून न देता पेरणीच्या फुलीपासून 5 सेंटीमीटर बाजूला द्यावे किंवा सरत्याने द्यावे. कापसाच्या अधिक उत्पादनाकरिता शिफारसीत जाती आणि सुधारित लागवड तंत्राचा अवलंब केल्यास कापूस उत्पादनात निश्चितच भर पडून हेक्टरी अधिक नफा मिळेल. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट अॅग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबा. क्र. 9158261922. धन्यवाद! Telugu MH 25-04-2022 08:30:00 COMPLETED
11314 प्रिय किसान साथियों, अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह में २५ से ३० तारीख के दौरान तापमान 2७ से ४५ डिग्री के बीच होने की सम्भावना हैI दोपहर के समय गर्म हवा और लू चलेगीI इस मौसम में टॉप बोरर, शूट बोरर, पिंक बोरर और लाल सडन की सम्भावना बढ़ती है I टॉप बोरर का कीट रात के समय अधिक सक्रीय होता है लेकिन दिन में सुस्त होने के कारण नर और मादा तितलियों को सुबह के समय आसानी से पकड़ कर नष्ट किया जा सकता हैI ट्राईकोग्रामा परजीवी के कार्ड खतों में लगाये I डेल्टा फेरोमोन ट्रैप का भी इस्तेमाल किया जा सकता है I खेत में नमी बनाये रख कर दीमक के कीड़ो से भी बचा जा सकता है I लाल सडन की बीमारी में गन्ने की ऊपर से तीसरी या चौथी पत्ती के मध्य शिरा पर रुद्राक्ष की माला दिखायी देती है और पत्ती पिली पड़ कर सूख जाती हैI ऐसे गन्नो को तुरंत जड़ से निकल कर खेत से दूर ३ फीट गहरा गड्ढा खोद कर दबा देंI प्रभावित खेत का पानी दूसरे खेतों में न जाने दे I शरद कालीन गन्ने की फसल में गैप फिलिंग अवश्य करे और १५० से १८० दिन की फसल में ७५ किलो प्रति एकड़ की दर से जड़ो के पास यूरिया डालकर हलकी मिट्टी चढ़ाएं I ‘स्मार्ट एग्री कार्यक्रम’ की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Marathi Uttar Pradesh 22-04-2022 08:05:00 COMPLETED
11315 চাহ গছত হোৱা ৰেড ৰাষ্ট (Red Rust) ৰোগ আৰু ইয়াৰ প্ৰতিকাৰ : এপ্ৰিল মাহত বৰষুণ আৰু তাপ বৃদ্ধি হোৱা কাৰণে বিভিন্ন প্ৰজাতিৰ শেলাই আৰু ভেকুৰৰ দ্বাৰা চাহ গছত সংক্ৰমণ হোৱা দেখা যায় I এই বিলাকৰ ভিতৰত ৰেড ৰাষ্ট অন্যতম I লক্ষণ : চিফালিউৰাচ পেৰাচাইটিকাচ নামৰ এবিধ শেলাই জাতীয় উদ্ভিদৰ দ্বাৰা এই ৰোগ হয় I ৰোগাক্ৰান্ত গছবিলাকৰ পোষক পত্ৰ কিছুমানৰ এটা অংশ হালধীয়া পৰা দেখা যায় I সৰু ডালবিলাকত মামৰৰ ৰঙৰ দৰে জীৱানুবিলাক লাগি থকে, গছবিলাক দুৰ্বল হয় আৰু উৎপাদন হ্ৰাস পায় I অধিক আক্ৰান্তগছৰ সৰু ডালবোৰ শুকাই যায় I প্ৰতিকাৰ হিচাপে ৰোগাক্ৰান্ত গছবোৰত এপ্ৰিল মাহৰ মাজ ভাগৰ পৰা জুলাই মাহলৈকে চি অ’ চি (ব্লাইটক্স) ৫০০ গ্ৰাঃ ২০০ লিঃ পানীত মিহলাই চাৰিবাৰ মামৰ সদৃশ জীৱানু (স্প’ৰ) লাগি থকা ডালবিলাকত স্প্ৰে’ কৰিব লাগে I প্ৰথম দুবাৰ ১৫ দিনৰ ব্যৱধানত আৰু পৰৱৰ্তী দুবাৰ এমাহৰ ব্যৱধানত প্ৰয়োগ কৰিব লাগে I ইয়াৰ উপৰিও পানী বন্ধ হৈ থকা, উপযুক্ত পৰিমাণৰ চাঁ দিয়া ব্যৱস্থা, মাটিত পটাচৰ অভাব আৰু অম্লতাৰ তাৰতম্য আদি দিশবিলাকৰ প্ৰতিও চকু দিব লাগে আৰু উপযুক্ত ব্যৱস্থা গ্ৰহণ কৰিব লাগে I Marathi Assam 21-04-2022 10:00:00 COMPLETED
11316 खरीफ के फसल में जैविक खाद उपलब्धता के लिए वेस्ट डीकम्पोज़र के उपयोग की सलाह दी जाती है I वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल बनाने के लिए सर्व प्रथम 200 लीटर का एक ड्रम या टंकी में ले कर उसमे 2 किलो गुड पानी में डाल कर अच्छी तरह से मिला ले I इसके बाद वेस्ट डीकम्पोज़र को पानी के टंकी में डाल दे I ध्यान रखे की इसे लकड़ी की सहायता से मिलाए और हाथो के संपर्क में न लाये Iकिसी समतल स्थान पर 1 टन फसल अवशेष या घर से प्रति दिन निकलने वाले जैविक कचरे (सब्जी के छिलके, खराब खाना, पशुओं का गोबर) आदि को एक तह के रूप में बिछा ले I तैयार घोल से इसे भिगो दे Iइसके ऊपर अपशिष्ट कचरे की पुनः एक तह बिछा दे और पुनः इस पर घोल डाल कर पूरी तरह भिगों दे Iपूरी ढ़ेर की आद्रता (नमी) 60 प्रतिशत बनाए रखे I सात-सात दिनों के अंतराल पर इस समस्त कम्पोस्ट को उलटते-पलटते रहे और ज़रूरत हो तो पुनः घोल से भिगो दे I 40-50 दिनों के बाद यह कम्पोस्ट बन कर तैयार हो जाता है जिसे खेत में डाला जा सकता है I सोलिडरिडाड, स्मार्ट एग्री कार्यक्रम सम्पर्क: मो. न. 8251071818 Marathi Rajasthan User 20-04-2022 10:50:00 COMPLETED
11317 खरीफ के फसल में जैविक खाद उपलब्धता के लिए वेस्ट डीकम्पोज़र के उपयोग की सलाह दी जाती है I वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल बनाने के लिए सर्व प्रथम 200 लीटर का एक ड्रम या टंकी में ले कर उसमे 2 किलो गुड पानी में डाल कर अच्छी तरह से मिला ले I इसके बाद वेस्ट डीकम्पोज़र को पानी के टंकी में डाल दे I ध्यान रखे की इसे लकड़ी की सहायता से मिलाए और हाथो के संपर्क में न लाये Iकिसी समतल स्थान पर 1 टन फसल अवशेष या घर से प्रति दिन निकलने वाले जैविक कचरे (सब्जी के छिलके, खराब खाना, पशुओं का गोबर) आदि को एक तह के रूप में बिछा ले I तैयार घोल से इसे भिगो दे Iइसके ऊपर अपशिष्ट कचरे की पुनः एक तह बिछा दे और पुनः इस पर घोल डाल कर पूरी तरह भिगों दे Iपूरी ढ़ेर की आद्रता (नमी) 60 प्रतिशत बनाए रखे I सात-सात दिनों के अंतराल पर इस समस्त कम्पोस्ट को उलटते-पलटते रहे और ज़रूरत हो तो पुनः घोल से भिगो दे I 40-50 दिनों के बाद यह कम्पोस्ट बन कर तैयार हो जाता है जिसे खेत में डाला जा सकता है I सोलिडरिडाड, स्मार्ट एग्री कार्यक्रम सम्पर्क: मो. न. 8251071818 Marathi Rajasthan User 20-04-2022 10:10:00 COMPLETED
11318 खरीफ के फसल में जैविक खाद उपलब्धता के लिए वेस्ट डीकम्पोज़र के उपयोग की सलाह दी जाती है I वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल बनाने के लिए सर्व प्रथम 200 लीटर का एक ड्रम या टंकी में ले कर उसमे 2 किलो गुड पानी में डाल कर अच्छी तरह से मिला ले I इसके बाद वेस्ट डीकम्पोज़र को पानी के टंकी में डाल दे I ध्यान रखे की इसे लकड़ी की सहायता से मिलाए और हाथो के संपर्क में न लाये Iकिसी समतल स्थान पर 1 टन फसल अवशेष या घर से प्रति दिन निकलने वाले जैविक कचरे (सब्जी के छिलके, खराब खाना, पशुओं का गोबर) आदि को एक तह के रूप में बिछा ले I तैयार घोल से इसे भिगो दे Iइसके ऊपर अपशिष्ट कचरे की पुनः एक तह बिछा दे और पुनः इस पर घोल डाल कर पूरी तरह भिगों दे Iपूरी ढ़ेर की आद्रता (नमी) 60 प्रतिशत बनाए रखे I सात-सात दिनों के अंतराल पर इस समस्त कम्पोस्ट को उलटते-पलटते रहे और ज़रूरत हो तो पुनः घोल से भिगो दे I 40-50 दिनों के बाद यह कम्पोस्ट बन कर तैयार हो जाता है जिसे खेत में डाला जा सकता है I सोलिडरिडाड, स्मार्ट एग्री कार्यक्रम सम्पर्क: मो. न. 8251071818 Marathi MP 19-04-2022 14:00:00 COMPLETED
11319 खरीफ के फसल में जैविक खाद उपलब्धता के लिए वेस्ट डीकम्पोज़र के उपयोग की सलाह दी जाती है I वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल बनाने के लिए सर्व प्रथम 200 लीटर का एक ड्रम या टंकी में ले कर उसमे 2 किलो गुड पानी में डाल कर अच्छी तरह से मिला ले I इसके बाद वेस्ट डीकम्पोज़र को पानी के टंकी में डाल दे I ध्यान रखे की इसे लकड़ी की सहायता से मिलाए और हाथो के संपर्क में न लाये Iकिसी समतल स्थान पर 1 टन फसल अवशेष या घर से प्रति दिन निकलने वाले जैविक कचरे (सब्जी के छिलके, खराब खाना, पशुओं का गोबर) आदि को एक तह के रूप में बिछा ले I तैयार घोल से इसे भिगो दे Iइसके ऊपर अपशिष्ट कचरे की पुनः एक तह बिछा दे और पुनः इस पर घोल डाल कर पूरी तरह भिगों दे Iपूरी ढ़ेर की आद्रता (नमी) 60 प्रतिशत बनाए रखे I सात-सात दिनों के अंतराल पर इस समस्त कम्पोस्ट को उलटते-पलटते रहे और ज़रूरत हो तो पुनः घोल से भिगो दे I 40-50 दिनों के बाद यह कम्पोस्ट बन कर तैयार हो जाता है जिसे खेत में डाला जा सकता है I सोलिडरिडाड, स्मार्ट एग्री कार्यक्रम सम्पर्क: मो. न. 8251071818 Marathi MP 19-04-2022 13:00:00 COMPLETED
11320 खरीफ के फसल में जैविक खाद उपलब्धता के लिए वेस्ट डीकम्पोज़र के उपयोग की सलाह दी जाती है I वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल बनाने के लिए सर्व प्रथम 200 लीटर का एक ड्रम या टंकी में ले कर उसमे 2 किलो गुड पानी में डाल कर अच्छी तरह से मिला ले I इसके बाद वेस्ट डीकम्पोज़र को पानी के टंकी में डाल दे I ध्यान रखे की इसे लकड़ी की सहायता से मिलाए और हाथो के संपर्क में न लाये Iकिसी समतल स्थान पर 1 टन फसल अवशेष या घर से प्रति दिन निकलने वाले जैविक कचरे (सब्जी के छिलके, खराब खाना, पशुओं का गोबर) आदि को एक तह के रूप में बिछा ले I तैयार घोल से इसे भिगो दे Iइसके ऊपर अपशिष्ट कचरे की पुनः एक तह बिछा दे और पुनः इस पर घोल डाल कर पूरी तरह भिगों दे Iपूरी ढ़ेर की आद्रता (नमी) 60 प्रतिशत बनाए रखे I सात-सात दिनों के अंतराल पर इस समस्त कम्पोस्ट को उलटते-पलटते रहे और ज़रूरत हो तो पुनः घोल से भिगो दे I 40-50 दिनों के बाद यह कम्पोस्ट बन कर तैयार हो जाता है जिसे खेत में डाला जा सकता है I सोलिडरिडाड, स्मार्ट एग्री कार्यक्रम सम्पर्क: मो. न. 8251071818 Marathi MP 19-04-2022 12:30:00 COMPLETED