Message Schedule List : 12,462
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11391 प्रिय किसान साथियों, आगामी २० से २६ जून के दौरान हरदोई और लखीमपुर जिलों में तापमान में कमी आयेगी और यह न्यूनतम २८ डिग्री से लेकर अधिकतम ३६ डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहेगाI सुबह के समय वायुमंडल में आर्द्रता ५० प्रतिशत तक रहेगीI पूरे सप्ताह बादल दिखेंगे, और २० से २२ तारीख के दौरान वर्षा की पूरी सम्भावना हैI ऐसी परिस्थितियों में फसलों में कीट और रोग तेजी से लगते हैI जिन किसान साथियों ने अपने खेतों में गन्ने की बुवारी और पैडी फसलों कीट प्रबंधन की व्यवस्था अभी तक नहीं की है उनसे अनुरोध है कि अपने खेतों में १५० मिली कोराजेन को 400 लीटर पानी में घोल कर अवश्य छिड़क देंI इससे टॉप बोरर, शूट बोरर और पिंक बोरर जैसे कीटों को ९० दिनों तक फसल से दूर रखा जा सकता हैI ध्यान रहे कि दवा का छिडकाव सुबह १० बजे से पहले या शाम को ५ बजे के बाद करेंI ३० जून के बाद इस छिडकाव से फसल को मिलने वाला लाभ कम हो जायेगाI खेत का नियमित निरीक्षण करें और खर पतवार को नियंत्रित करते रहेंI कीटों के नियंत्रण के लिए येल्लो स्टिकी कार्ड का उपयोग करेंI जिन किसान साथियों ने अभी तक खाद की अंतिम मात्रा नहीं डाली है उनसे भी अनुरोध है कि गन्ने की बुवारी और पैडी फसलों में ५० किलो यूरिया के साथ २५ किलो पोटाश प्रति एकड़ की दर से खुड़ों में अवश्य डाल कर मिट्टी चढ़ाएं और आवश्यकता के अनुसार सिंचाई करेंI किसान साथियों से अनुरोध है लाल सडन रोग का विशेष ध्यान रखेंI रोग से ग्रसित गन्नो को जड़ से उखाड़ लें और खेत से बाहर जमीन के नीचे ३-४ फीट गड्ढा खोद कर दबा देंI उखाड़े गए स्थान पर ब्लीचिंग पाउडर डाल कर मिट्टी से ढक देI ध्यान रखें कि सिंचाई के दौरान इस खेत का पानी दूसरे खेतों में न जायेI जो किसान धान की फसल लेना चाहते है उनसे अनुरोध है कि इस सप्ताह तक धान की नर्सरी निश्चित रूप से लगा लेंI धान की रोपाई के लिए खेत की तैयारी अच्छे से करेंI ‘स्मार्ट एग्री कार्यक्रम’ की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Marathi Uttar Pradesh 17-06-2022 08:05:00 SCHEDULED
11392 বতৰৰ বতৰা আৰু আমাৰ পৰামৰ্শ VI Smart Agri Project ৰ প্ৰিয় ট্ৰিনিটি ক্ষুদ্ৰ চাহ খেতিয়ক । স্মাৰ্ট কৃষি পৰামৰ্শলৈ স্বাগতম। আমাৰ বতৰ বিজ্ঞান কেন্দ্ৰৰ পৰা পোৱা বতৰৰ আগলি বতৰা অনুযায়ী অহা সপ্তাহত সংশ্লিষ্ট অঞ্চলবোৰত মধ্যমীয়াৰ পৰা ধাৰাসাৰ বৰষুণ হোৱাৰ সম্ভাৱনাৰ সৈতে বতৰ ডাৱৰীয়া হৈ থাকিব। সৰ্বাধিক তাপমাত্ৰা প্ৰায় ২৪°চে.ৰ পৰা ৩০ °চে. আৰু নিম্নতম তাপমাত্ৰা প্ৰায় ২২°চে.ৰ পৰা ২৬° চে. হৈ থাকিব বুলি ধাৰণা কৰা হৈছে। ৰাতিপুৱা আৰু আবেলিৰ আপেক্ষিক আৰ্দ্ৰতা ক্ৰমান্বয়ে প্ৰায় ৯৮% আৰু ৮০% হব। বতাহ গড়ে প্ৰতি ঘণ্টাত প্ৰায় ৮ - ৪ কিলোমিটাৰ বেগত প্ৰবাহিত হব। যিহেতু বাৰিষা আৰম্ভ হৈছে, চাহ আৰু পাচলিৰ বাগিচাত পানী জমা হোৱাৰ পৰিস্থিতিত, অতিৰিক্ত পানীখিনি উলিয়াই অনাৰ বাবে সৰু সৰু নলাৰ ব্যৱস্থা কৰিব। কৃষকসকলে নিশ্চয় প্ৰথম কিস্তিত কৰিব লগা সাৰ প্ৰয়োগ প্ৰায় সকলোবোৰ বাগানত ইতিমধ্যে সম্পন্ন কৰিছে । যত এতিয়াও সাৰ প্ৰয়োগ সম্পন্ন কৰা হোৱা নাই, অতি সোনকালেই বাগিচাবোৰত সাৰৰ প্ৰয়োগ কৰিব লাগিব । অনুগ্ৰহ কৰি নিশ্চিত কৰক যে চাহ বাগিছাখন অপতৃণৰ পৰা মুক্ত। প্ৰতিজোপা চাহ গছত আৰু প্ৰতি বিঘাত প্ৰয়োগ কৰিব লগা সাৰৰ হিচাব প্ৰয়োগৰ আগতে শুদ্ধভাৱে কৰি লব। সাৰ প্ৰয়োগ বৰষুণ নোহোৱা সময়ত কৰিব I ভেণ্ডিৰ বাৰিষা কালত কৰা খেতিৰ উপযুক্ত সময় হল- মে মাহৰ পৰা জুলাই মাহ। মাটি ডৰা ভাল দৰে প্ৰস্তুত কৰি লব লাগে আৰু জৈৱিক সাৰ প্ৰয়োগ কৰিব লাগে। শাৰি আৰু গছৰ মাজৰ ব্যৱধান ক্ৰমে ৬০ ছেন্টিমিটাৰ আৰু ৪৫ ছেন্টিমিটাৰ হব লাগে। কৃষকসকলে পুচা চাৱানী (Pusa Sawani), প্ৰভানী ক্ৰান্তি (Prabhani Kranti) আৰু অন্যান্য নিৰ্বাচিত স্থানীয় প্ৰকাৰৰ বীজ সংগ্ৰহ কৰিব পাৰে আৰু উপযুক্ত বতৰৰ পৰিস্থিতিত বীজ ৰোপণ কৰিব পাৰে। যিহেতু অহা কেইদিনমানত বৰষুণৰ সম্ভাৱনা আছে, সেয়েহে বতৰ চাই-চিতি কীট নাশক দৰৱ স্প্ৰে কৰিব। যদি গছত সংক্ৰমণ বেছি পৰিমানে দেখা যায়, বৰষুণ মুক্ত অৱস্থাত স্প্ৰে কৰিব পাৰে। ধন্যবাদ। Marathi Assam 16-06-2022 10:00:00 SCHEDULED
11393 జైనాద్ మండల రైతు సోదరులకు సూచన :: సోయబీన్ విత్తనం ధరలు అధికముగా ఉన్నందు వలన, విత్తన వృధా మరియు ఖర్చు తగ్గించు కోవడానికి రైతులు తప్పనిసరిగా విత్తన మొలక శాతాన్ని నిర్దారించుకోవాలి. వంద సొయా విత్తనాలలో కనీసం 75 విత్తనాలు మొలుస్తేనే ఆ విత్తనాన్ని వాడాలి. తగిన వర్షాలు కురిస్తేనే అనగా కనీసం 80mm వర్షం అనగా, రెండు పెద్ద వర్షాలు పడితేనే విత్తనాన్ని విత్తుకోవాలి. ఇట్లు సాలిడేరిడాడ్ ఆసియా Telugu Telangana 15-06-2022 10:05:00 SCHEDULED
11394 शेतकर्‍यांना पुन्हा एकदा सुचविण्यात येते की 80 ते 100 मिमी पाऊस झाल्यानंतरच पेरणी करावी. आज आपण कापूस पिकाच्या खत नियोजना बद्द्ल माहिती घेऊ. खत नियोजन करताना शक्यतो माती परिक्षणाच्या अहवाला नुसार करावे . कापूस पिकासाठी साधारण खत मात्रा खालीलप्रमाणे आहेत. संकरित कापसासाठी प्रति हेक्टरी १०० किलो नत्र, ५० किलो स्फुरद व ५० किलो पालाश, तर सुधारित वाणांसाठी शेणखत शेवटच्या कुळवाच्या पाळी अगोदर द्यावे किंवा खते कमी असल्यास लागवडीच्या वेळी प्रत्येक फुलीवर छोटा खड्डा घेऊन त्यात ओंजळभर शेणखत टाकावे व मातीत चांगले मिसळावे. वीस टक्के नत्र व संपूर्ण स्फुरद व पालाश पेरणीच्या वेळी द्यावे व उरलेले नत्र समान दोन हप्त्यांत पेरणीनंतर ३० व ६० दिवसांनी द्यावे. बीटी वाणासाठी शिफारशीत खतमात्रेपेक्षा २५ टक्के रासायनिक खतमात्रा जास्त घ्याव्यात. नत्र, स्फुरद व पालाश या प्रमुख घटकांव्यतिरिक्त कापूस पिकास मॅग्नेशियम, गंधक, लोह, जस्त, मॅगनीज आणि बोरॉन या सूक्ष्म अन्नद्रव्यांची सुध्दा गरज असते. ही अन्नद्रव्ये विद्राव्य खतांमध्ये उपलब्ध असतात. सूक्ष्म अन्नद्रव्यांमुळे बोंडाची पूर्णपणे वाढ होऊन बोंडे लवकर फुटतात. द्रवरुप खते संचाद्वारे देण्यासाठी व्हेंचुरी किंवा खत टाकी इंजेक्टर पंप या साधनांचा वापर करावा. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट अॅग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबा. क्र. 9158261922. Telugu MH 15-06-2022 08:30:00 SCHEDULED
11395 शेतकर्‍यांना पुन्हा एकदा सुचविण्यात येते की 80 ते 100 मिमी पाऊस झाल्यानंतरच पेरणी करावी. आज आपण कापूस पिकाच्या खत नियोजना बद्द्ल माहिती घेऊ. खत नियोजन करताना शक्यतो माती परिक्षणाच्या अहवाला नुसार करावे . कापूस पिकासाठी साधारण खत मात्रा खालीलप्रमाणे आहेत. संकरित कापसासाठी प्रति हेक्टरी १०० किलो नत्र, ५० किलो स्फुरद व ५० किलो पालाश, तर सुधारित वाणांसाठी शेणखत शेवटच्या कुळवाच्या पाळी अगोदर द्यावे किंवा खते कमी असल्यास लागवडीच्या वेळी प्रत्येक फुलीवर छोटा खड्डा घेऊन त्यात ओंजळभर शेणखत टाकावे व मातीत चांगले मिसळावे. वीस टक्के नत्र व संपूर्ण स्फुरद व पालाश पेरणीच्या वेळी द्यावे व उरलेले नत्र समान दोन हप्त्यांत पेरणीनंतर ३० व ६० दिवसांनी द्यावे. बीटी वाणासाठी शिफारशीत खतमात्रेपेक्षा २५ टक्के रासायनिक खतमात्रा जास्त घ्याव्यात. नत्र, स्फुरद व पालाश या प्रमुख घटकांव्यतिरिक्त कापूस पिकास मॅग्नेशियम, गंधक, लोह, जस्त, मॅगनीज आणि बोरॉन या सूक्ष्म अन्नद्रव्यांची सुध्दा गरज असते. ही अन्नद्रव्ये विद्राव्य खतांमध्ये उपलब्ध असतात. सूक्ष्म अन्नद्रव्यांमुळे बोंडाची पूर्णपणे वाढ होऊन बोंडे लवकर फुटतात. द्रवरुप खते संचाद्वारे देण्यासाठी व्हेंचुरी किंवा खत टाकी इंजेक्टर पंप या साधनांचा वापर करावा. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट अॅग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबा. क्र. 9158261922. Telugu MH 15-06-2022 08:30:00 SCHEDULED
11396 शेतकर्‍यांना पुन्हा एकदा सुचविण्यात येते की 80 ते 100 मिमी पाऊस झाल्यानंतरच पेरणी करावी. आज आपण कापूस पिकाच्या खत नियोजना बद्द्ल माहिती घेऊ. खत नियोजन करताना शक्यतो माती परिक्षणाच्या अहवाला नुसार करावे . कापूस पिकासाठी साधारण खत मात्रा खालीलप्रमाणे आहेत. संकरित कापसासाठी प्रति हेक्टरी १०० किलो नत्र, ५० किलो स्फुरद व ५० किलो पालाश, तर सुधारित वाणांसाठी शेणखत शेवटच्या कुळवाच्या पाळी अगोदर द्यावे किंवा खते कमी असल्यास लागवडीच्या वेळी प्रत्येक फुलीवर छोटा खड्डा घेऊन त्यात ओंजळभर शेणखत टाकावे व मातीत चांगले मिसळावे. वीस टक्के नत्र व संपूर्ण स्फुरद व पालाश पेरणीच्या वेळी द्यावे व उरलेले नत्र समान दोन हप्त्यांत पेरणीनंतर ३० व ६० दिवसांनी द्यावे. बीटी वाणासाठी शिफारशीत खतमात्रेपेक्षा २५ टक्के रासायनिक खतमात्रा जास्त घ्याव्यात. नत्र, स्फुरद व पालाश या प्रमुख घटकांव्यतिरिक्त कापूस पिकास मॅग्नेशियम, गंधक, लोह, जस्त, मॅगनीज आणि बोरॉन या सूक्ष्म अन्नद्रव्यांची सुध्दा गरज असते. ही अन्नद्रव्ये विद्राव्य खतांमध्ये उपलब्ध असतात. सूक्ष्म अन्नद्रव्यांमुळे बोंडाची पूर्णपणे वाढ होऊन बोंडे लवकर फुटतात. द्रवरुप खते संचाद्वारे देण्यासाठी व्हेंचुरी किंवा खत टाकी इंजेक्टर पंप या साधनांचा वापर करावा. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट अॅग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबा. क्र. 9158261922. Telugu MH 15-06-2022 08:30:00 SCHEDULED
11397 शेतकर्‍यांना पुन्हा एकदा सुचविण्यात येते की 80 ते 100 मिमी पाऊस झाल्यानंतरच पेरणी करावी. आज आपण कापूस पिकाच्या खत नियोजना बद्द्ल माहिती घेऊ. खत नियोजन करताना शक्यतो माती परिक्षणाच्या अहवाला नुसार करावे . कापूस पिकासाठी साधारण खत मात्रा खालीलप्रमाणे आहेत. संकरित कापसासाठी प्रति हेक्टरी १०० किलो नत्र, ५० किलो स्फुरद व ५० किलो पालाश, तर सुधारित वाणांसाठी शेणखत शेवटच्या कुळवाच्या पाळी अगोदर द्यावे किंवा खते कमी असल्यास लागवडीच्या वेळी प्रत्येक फुलीवर छोटा खड्डा घेऊन त्यात ओंजळभर शेणखत टाकावे व मातीत चांगले मिसळावे. वीस टक्के नत्र व संपूर्ण स्फुरद व पालाश पेरणीच्या वेळी द्यावे व उरलेले नत्र समान दोन हप्त्यांत पेरणीनंतर ३० व ६० दिवसांनी द्यावे. बीटी वाणासाठी शिफारशीत खतमात्रेपेक्षा २५ टक्के रासायनिक खतमात्रा जास्त घ्याव्यात. नत्र, स्फुरद व पालाश या प्रमुख घटकांव्यतिरिक्त कापूस पिकास मॅग्नेशियम, गंधक, लोह, जस्त, मॅगनीज आणि बोरॉन या सूक्ष्म अन्नद्रव्यांची सुध्दा गरज असते. ही अन्नद्रव्ये विद्राव्य खतांमध्ये उपलब्ध असतात. सूक्ष्म अन्नद्रव्यांमुळे बोंडाची पूर्णपणे वाढ होऊन बोंडे लवकर फुटतात. द्रवरुप खते संचाद्वारे देण्यासाठी व्हेंचुरी किंवा खत टाकी इंजेक्टर पंप या साधनांचा वापर करावा. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट अॅग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबा. क्र. 9158261922. Telugu MH 15-06-2022 08:30:00 SCHEDULED
11398 शेतकर्‍यांना पुन्हा एकदा सुचविण्यात येते की 80 ते 100 मिमी पाऊस झाल्यानंतरच पेरणी करावी. आज आपण कापूस पिकाच्या खत नियोजना बद्द्ल माहिती घेऊ. खत नियोजन करताना शक्यतो माती परिक्षणाच्या अहवाला नुसार करावे . कापूस पिकासाठी साधारण खत मात्रा खालीलप्रमाणे आहेत. संकरित कापसासाठी प्रति हेक्टरी १०० किलो नत्र, ५० किलो स्फुरद व ५० किलो पालाश, तर सुधारित वाणांसाठी शेणखत शेवटच्या कुळवाच्या पाळी अगोदर द्यावे किंवा खते कमी असल्यास लागवडीच्या वेळी प्रत्येक फुलीवर छोटा खड्डा घेऊन त्यात ओंजळभर शेणखत टाकावे व मातीत चांगले मिसळावे. वीस टक्के नत्र व संपूर्ण स्फुरद व पालाश पेरणीच्या वेळी द्यावे व उरलेले नत्र समान दोन हप्त्यांत पेरणीनंतर ३० व ६० दिवसांनी द्यावे. बीटी वाणासाठी शिफारशीत खतमात्रेपेक्षा २५ टक्के रासायनिक खतमात्रा जास्त घ्याव्यात. नत्र, स्फुरद व पालाश या प्रमुख घटकांव्यतिरिक्त कापूस पिकास मॅग्नेशियम, गंधक, लोह, जस्त, मॅगनीज आणि बोरॉन या सूक्ष्म अन्नद्रव्यांची सुध्दा गरज असते. ही अन्नद्रव्ये विद्राव्य खतांमध्ये उपलब्ध असतात. सूक्ष्म अन्नद्रव्यांमुळे बोंडाची पूर्णपणे वाढ होऊन बोंडे लवकर फुटतात. द्रवरुप खते संचाद्वारे देण्यासाठी व्हेंचुरी किंवा खत टाकी इंजेक्टर पंप या साधनांचा वापर करावा. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट अॅग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबा. क्र. 9158261922. Telugu MH 15-06-2022 08:30:00 SCHEDULED
11399 शेतकर्‍यांना पुन्हा एकदा सुचविण्यात येते की 80 ते 100 मिमी पाऊस झाल्यानंतरच पेरणी करावी. आज आपण कापूस पिकाच्या खत नियोजना बद्द्ल माहिती घेऊ. खत नियोजन करताना शक्यतो माती परिक्षणाच्या अहवाला नुसार करावे . कापूस पिकासाठी साधारण खत मात्रा खालीलप्रमाणे आहेत. संकरित कापसासाठी प्रति हेक्टरी १०० किलो नत्र, ५० किलो स्फुरद व ५० किलो पालाश, तर सुधारित वाणांसाठी शेणखत शेवटच्या कुळवाच्या पाळी अगोदर द्यावे किंवा खते कमी असल्यास लागवडीच्या वेळी प्रत्येक फुलीवर छोटा खड्डा घेऊन त्यात ओंजळभर शेणखत टाकावे व मातीत चांगले मिसळावे. वीस टक्के नत्र व संपूर्ण स्फुरद व पालाश पेरणीच्या वेळी द्यावे व उरलेले नत्र समान दोन हप्त्यांत पेरणीनंतर ३० व ६० दिवसांनी द्यावे. बीटी वाणासाठी शिफारशीत खतमात्रेपेक्षा २५ टक्के रासायनिक खतमात्रा जास्त घ्याव्यात. नत्र, स्फुरद व पालाश या प्रमुख घटकांव्यतिरिक्त कापूस पिकास मॅग्नेशियम, गंधक, लोह, जस्त, मॅगनीज आणि बोरॉन या सूक्ष्म अन्नद्रव्यांची सुध्दा गरज असते. ही अन्नद्रव्ये विद्राव्य खतांमध्ये उपलब्ध असतात. सूक्ष्म अन्नद्रव्यांमुळे बोंडाची पूर्णपणे वाढ होऊन बोंडे लवकर फुटतात. द्रवरुप खते संचाद्वारे देण्यासाठी व्हेंचुरी किंवा खत टाकी इंजेक्टर पंप या साधनांचा वापर करावा. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट अॅग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबा. क्र. 9158261922. Telugu MH 15-06-2022 08:30:00 SCHEDULED
11400 शेतकर्‍यांना पुन्हा एकदा सुचविण्यात येते की 80 ते 100 मिमी पाऊस झाल्यानंतरच पेरणी करावी. आज आपण कापूस पिकाच्या खत नियोजना बद्द्ल माहिती घेऊ. खत नियोजन करताना शक्यतो माती परिक्षणाच्या अहवाला नुसार करावे . कापूस पिकासाठी साधारण खत मात्रा खालीलप्रमाणे आहेत. संकरित कापसासाठी प्रति हेक्टरी १०० किलो नत्र, ५० किलो स्फुरद व ५० किलो पालाश, तर सुधारित वाणांसाठी शेणखत शेवटच्या कुळवाच्या पाळी अगोदर द्यावे किंवा खते कमी असल्यास लागवडीच्या वेळी प्रत्येक फुलीवर छोटा खड्डा घेऊन त्यात ओंजळभर शेणखत टाकावे व मातीत चांगले मिसळावे. वीस टक्के नत्र व संपूर्ण स्फुरद व पालाश पेरणीच्या वेळी द्यावे व उरलेले नत्र समान दोन हप्त्यांत पेरणीनंतर ३० व ६० दिवसांनी द्यावे. बीटी वाणासाठी शिफारशीत खतमात्रेपेक्षा २५ टक्के रासायनिक खतमात्रा जास्त घ्याव्यात. नत्र, स्फुरद व पालाश या प्रमुख घटकांव्यतिरिक्त कापूस पिकास मॅग्नेशियम, गंधक, लोह, जस्त, मॅगनीज आणि बोरॉन या सूक्ष्म अन्नद्रव्यांची सुध्दा गरज असते. ही अन्नद्रव्ये विद्राव्य खतांमध्ये उपलब्ध असतात. सूक्ष्म अन्नद्रव्यांमुळे बोंडाची पूर्णपणे वाढ होऊन बोंडे लवकर फुटतात. द्रवरुप खते संचाद्वारे देण्यासाठी व्हेंचुरी किंवा खत टाकी इंजेक्टर पंप या साधनांचा वापर करावा. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट अॅग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबा. क्र. 9158261922. Telugu MH 15-06-2022 08:30:00 SCHEDULED