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11531 खरीफ के फसल में जैविक खाद उपलब्धता के लिए वेस्ट डीकम्पोज़र के उपयोग की सलाह दी जाती है I वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल बनाने के लिए सर्व प्रथम 200 लीटर का एक ड्रम या टंकी में ले कर उसमे 2 किलो गुड पानी में डाल कर अच्छी तरह से मिला ले I इसके बाद वेस्ट डीकम्पोज़र को पानी के टंकी में डाल दे I ध्यान रखे की इसे लकड़ी की सहायता से मिलाए और हाथो के संपर्क में न लाये Iकिसी समतल स्थान पर 1 टन फसल अवशेष या घर से प्रति दिन निकलने वाले जैविक कचरे (सब्जी के छिलके, खराब खाना, पशुओं का गोबर) आदि को एक तह के रूप में बिछा ले I तैयार घोल से इसे भिगो दे Iइसके ऊपर अपशिष्ट कचरे की पुनः एक तह बिछा दे और पुनः इस पर घोल डाल कर पूरी तरह भिगों दे Iपूरी ढ़ेर की आद्रता (नमी) 60 प्रतिशत बनाए रखे I सात-सात दिनों के अंतराल पर इस समस्त कम्पोस्ट को उलटते-पलटते रहे और ज़रूरत हो तो पुनः घोल से भिगो दे I 40-50 दिनों के बाद यह कम्पोस्ट बन कर तैयार हो जाता है जिसे खेत में डाला जा सकता है I सोलिडरिडाड, स्मार्ट एग्री कार्यक्रम सम्पर्क: मो. न. 8251071818 Marathi MP 19-04-2022 12:00:00 COMPLETED
11532 खरीफ के फसल में जैविक खाद उपलब्धता के लिए वेस्ट डीकम्पोज़र के उपयोग की सलाह दी जाती है I वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल बनाने के लिए सर्व प्रथम 200 लीटर का एक ड्रम या टंकी में ले कर उसमे 2 किलो गुड पानी में डाल कर अच्छी तरह से मिला ले I इसके बाद वेस्ट डीकम्पोज़र को पानी के टंकी में डाल दे I ध्यान रखे की इसे लकड़ी की सहायता से मिलाए और हाथो के संपर्क में न लाये Iकिसी समतल स्थान पर 1 टन फसल अवशेष या घर से प्रति दिन निकलने वाले जैविक कचरे (सब्जी के छिलके, खराब खाना, पशुओं का गोबर) आदि को एक तह के रूप में बिछा ले I तैयार घोल से इसे भिगो दे Iइसके ऊपर अपशिष्ट कचरे की पुनः एक तह बिछा दे और पुनः इस पर घोल डाल कर पूरी तरह भिगों दे Iपूरी ढ़ेर की आद्रता (नमी) 60 प्रतिशत बनाए रखे I सात-सात दिनों के अंतराल पर इस समस्त कम्पोस्ट को उलटते-पलटते रहे और ज़रूरत हो तो पुनः घोल से भिगो दे I 40-50 दिनों के बाद यह कम्पोस्ट बन कर तैयार हो जाता है जिसे खेत में डाला जा सकता है I सोलिडरिडाड, स्मार्ट एग्री कार्यक्रम सम्पर्क: मो. न. 8251071818 Marathi MP 19-04-2022 11:30:00 COMPLETED
11533 खरीफ के फसल में जैविक खाद उपलब्धता के लिए वेस्ट डीकम्पोज़र के उपयोग की सलाह दी जाती है I वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल बनाने के लिए सर्व प्रथम 200 लीटर का एक ड्रम या टंकी में ले कर उसमे 2 किलो गुड पानी में डाल कर अच्छी तरह से मिला ले I इसके बाद वेस्ट डीकम्पोज़र को पानी के टंकी में डाल दे I ध्यान रखे की इसे लकड़ी की सहायता से मिलाए और हाथो के संपर्क में न लाये Iकिसी समतल स्थान पर 1 टन फसल अवशेष या घर से प्रति दिन निकलने वाले जैविक कचरे (सब्जी के छिलके, खराब खाना, पशुओं का गोबर) आदि को एक तह के रूप में बिछा ले I तैयार घोल से इसे भिगो दे Iइसके ऊपर अपशिष्ट कचरे की पुनः एक तह बिछा दे और पुनः इस पर घोल डाल कर पूरी तरह भिगों दे Iपूरी ढ़ेर की आद्रता (नमी) 60 प्रतिशत बनाए रखे I सात-सात दिनों के अंतराल पर इस समस्त कम्पोस्ट को उलटते-पलटते रहे और ज़रूरत हो तो पुनः घोल से भिगो दे I 40-50 दिनों के बाद यह कम्पोस्ट बन कर तैयार हो जाता है जिसे खेत में डाला जा सकता है I सोलिडरिडाड, स्मार्ट एग्री कार्यक्रम सम्पर्क: मो. न. 8251071818 Marathi MP 19-04-2022 11:00:00 COMPLETED
11534 खरीफ के फसल में जैविक खाद उपलब्धता के लिए वेस्ट डीकम्पोज़र के उपयोग की सलाह दी जाती है I वेस्ट डीकम्पोज़र का घोल बनाने के लिए सर्व प्रथम 200 लीटर का एक ड्रम या टंकी में ले कर उसमे 2 किलो गुड पानी में डाल कर अच्छी तरह से मिला ले I इसके बाद वेस्ट डीकम्पोज़र को पानी के टंकी में डाल दे I ध्यान रखे की इसे लकड़ी की सहायता से मिलाए और हाथो के संपर्क में न लाये Iकिसी समतल स्थान पर 1 टन फसल अवशेष या घर से प्रति दिन निकलने वाले जैविक कचरे (सब्जी के छिलके, खराब खाना, पशुओं का गोबर) आदि को एक तह के रूप में बिछा ले I तैयार घोल से इसे भिगो दे Iइसके ऊपर अपशिष्ट कचरे की पुनः एक तह बिछा दे और पुनः इस पर घोल डाल कर पूरी तरह भिगों दे Iपूरी ढ़ेर की आद्रता (नमी) 60 प्रतिशत बनाए रखे I सात-सात दिनों के अंतराल पर इस समस्त कम्पोस्ट को उलटते-पलटते रहे और ज़रूरत हो तो पुनः घोल से भिगो दे I 40-50 दिनों के बाद यह कम्पोस्ट बन कर तैयार हो जाता है जिसे खेत में डाला जा सकता है I सोलिडरिडाड, स्मार्ट एग्री कार्यक्रम सम्पर्क: मो. न. 8251071818 Marathi MP 19-04-2022 10:30:00 COMPLETED
11535 దశపర్ణి ప్రక్రియ- పొలాల్లో మరియు గ్రామాలలో లభించే మొక్కలను తెగులు నియంత్రణ కోసం దశపర్ణి ఉత్పత్తికి ఉపయోగిస్తారు. ఇందులో ప్రధానంగా వేప, ఘనేరి, సీతాఫల్, నిర్గుండి, తానతని, కరంజ్, అడవి ఆముదం, బొప్పాయి, గుల్వెల్ తదితర వాటిని వాడాలి. ఒక్కొక్కటి 2 కిలోల ఆకులను తీసుకుని, 200 లీటర్ల నీరు ఉన్న ట్యాంక్‌లో నీడలో ఉంచండి. కారం పొడి మరియు వెల్లుల్లి జోడించండి. మిశ్రమాన్ని ప్రతిరోజూ ఒక కర్రతో కదిలించండి. ఒక నెల తర్వాత, చిన్న ట్యాంకుల్లో ఉంచండి. ప్రతి ఎనిమిది రోజులకు లేదా అవసరమైనప్పుడు పిచికారీ చేయాలి. సాలిడ్ రీడ్, స్మార్ట్ అగ్రి ప్రోగ్రామ్ Marathi Telangana 18-04-2022 11:15:00 COMPLETED
11536 काढणी केलेल्या गहू व हरभरा यांची सुरक्षित ठिकाणी साठवण करावी. भुईमूग पिकाच्या नाजुक अवस्थेव्यतिरिक्त जमिनीच्या मगदुराप्रमाणे 8 ते 10 दिवसांच्या अंतराने पीक पक्व होईपर्यंत पाण्याच्या पाळया द्याव्यात. कांदा पिकांवर फूलकिडींचा किंवा करपा रोगाचा प्रादुर्भाव दिसून आल्यास लॅमडा साह्यलोथ्रिन 0.6 मिलि., टेब्युकोनाझोल 1मिलि व स्टिकर 1 मिलि 10 ते 15 दिवसांच्या अंतराने साध्या हात पंपाने प्रति लिटर याप्रमाणे फवारावे. भाजीपाला पिकांवरील रसशोषक किडींचा नियंत्रणासाठी 5 टक्के निंबोळी अर्क किंवा फीप्रोनील 2.5 मिलि प्रति लिटर पाणी याप्रमाणे फवारणी करावी. काढणी केलेल्या गहू व हरभरा यांची सुरक्षित ठिकाणी साठवण कराव Telugu MH 18-04-2022 08:30:00 COMPLETED
11537 काढणी केलेल्या गहू व हरभरा यांची सुरक्षित ठिकाणी साठवण करावी. भुईमूग पिकाच्या नाजुक अवस्थेव्यतिरिक्त जमिनीच्या मगदुराप्रमाणे 8 ते 10 दिवसांच्या अंतराने पीक पक्व होईपर्यंत पाण्याच्या पाळया द्याव्यात. कांदा पिकांवर फूलकिडींचा किंवा करपा रोगाचा प्रादुर्भाव दिसून आल्यास लॅमडा साह्यलोथ्रिन 0.6 मिलि., टेब्युकोनाझोल 1मिलि व स्टिकर 1 मिलि 10 ते 15 दिवसांच्या अंतराने साध्या हात पंपाने प्रति लिटर याप्रमाणे फवारावे. भाजीपाला पिकांवरील रसशोषक किडींचा नियंत्रणासाठी 5 टक्के निंबोळी अर्क किंवा फीप्रोनील 2.5 मिलि प्रति लिटर पाणी याप्रमाणे फवारणी करावी. काढणी केलेल्या गहू व हरभरा यांची सुरक्षित ठिकाणी साठवण कराव Telugu MH 18-04-2022 08:30:00 COMPLETED
11538 काढणी केलेल्या गहू व हरभरा यांची सुरक्षित ठिकाणी साठवण करावी. भुईमूग पिकाच्या नाजुक अवस्थेव्यतिरिक्त जमिनीच्या मगदुराप्रमाणे 8 ते 10 दिवसांच्या अंतराने पीक पक्व होईपर्यंत पाण्याच्या पाळया द्याव्यात. कांदा पिकांवर फूलकिडींचा किंवा करपा रोगाचा प्रादुर्भाव दिसून आल्यास लॅमडा साह्यलोथ्रिन 0.6 मिलि., टेब्युकोनाझोल 1मिलि व स्टिकर 1 मिलि 10 ते 15 दिवसांच्या अंतराने साध्या हात पंपाने प्रति लिटर याप्रमाणे फवारावे. भाजीपाला पिकांवरील रसशोषक किडींचा नियंत्रणासाठी 5 टक्के निंबोळी अर्क किंवा फीप्रोनील 2.5 मिलि प्रति लिटर पाणी याप्रमाणे फवारणी करावी. काढणी केलेल्या गहू व हरभरा यांची सुरक्षित ठिकाणी साठवण कराव Telugu MH 18-04-2022 08:30:00 COMPLETED
11539 काढणी केलेल्या गहू व हरभरा यांची सुरक्षित ठिकाणी साठवण करावी. भुईमूग पिकाच्या नाजुक अवस्थेव्यतिरिक्त जमिनीच्या मगदुराप्रमाणे 8 ते 10 दिवसांच्या अंतराने पीक पक्व होईपर्यंत पाण्याच्या पाळया द्याव्यात. कांदा पिकांवर फूलकिडींचा किंवा करपा रोगाचा प्रादुर्भाव दिसून आल्यास लॅमडा साह्यलोथ्रिन 0.6 मिलि., टेब्युकोनाझोल 1मिलि व स्टिकर 1 मिलि 10 ते 15 दिवसांच्या अंतराने साध्या हात पंपाने प्रति लिटर याप्रमाणे फवारावे. भाजीपाला पिकांवरील रसशोषक किडींचा नियंत्रणासाठी 5 टक्के निंबोळी अर्क किंवा फीप्रोनील 2.5 मिलि प्रति लिटर पाणी याप्रमाणे फवारणी करावी. काढणी केलेल्या गहू व हरभरा यांची सुरक्षित ठिकाणी साठवण कराव Telugu MH 18-04-2022 08:30:00 COMPLETED
11540 काढणी केलेल्या गहू व हरभरा यांची सुरक्षित ठिकाणी साठवण करावी. भुईमूग पिकाच्या नाजुक अवस्थेव्यतिरिक्त जमिनीच्या मगदुराप्रमाणे 8 ते 10 दिवसांच्या अंतराने पीक पक्व होईपर्यंत पाण्याच्या पाळया द्याव्यात. कांदा पिकांवर फूलकिडींचा किंवा करपा रोगाचा प्रादुर्भाव दिसून आल्यास लॅमडा साह्यलोथ्रिन 0.6 मिलि., टेब्युकोनाझोल 1मिलि व स्टिकर 1 मिलि 10 ते 15 दिवसांच्या अंतराने साध्या हात पंपाने प्रति लिटर याप्रमाणे फवारावे. भाजीपाला पिकांवरील रसशोषक किडींचा नियंत्रणासाठी 5 टक्के निंबोळी अर्क किंवा फीप्रोनील 2.5 मिलि प्रति लिटर पाणी याप्रमाणे फवारणी करावी. काढणी केलेल्या गहू व हरभरा यांची सुरक्षित ठिकाणी साठवण कराव Telugu MH 18-04-2022 08:30:00 COMPLETED