Message Schedule List : 12,462
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11541 काढणी केलेल्या गहू व हरभरा यांची सुरक्षित ठिकाणी साठवण करावी. भुईमूग पिकाच्या नाजुक अवस्थेव्यतिरिक्त जमिनीच्या मगदुराप्रमाणे 8 ते 10 दिवसांच्या अंतराने पीक पक्व होईपर्यंत पाण्याच्या पाळया द्याव्यात. कांदा पिकांवर फूलकिडींचा किंवा करपा रोगाचा प्रादुर्भाव दिसून आल्यास लॅमडा साह्यलोथ्रिन 0.6 मिलि., टेब्युकोनाझोल 1मिलि व स्टिकर 1 मिलि 10 ते 15 दिवसांच्या अंतराने साध्या हात पंपाने प्रति लिटर याप्रमाणे फवारावे. भाजीपाला पिकांवरील रसशोषक किडींचा नियंत्रणासाठी 5 टक्के निंबोळी अर्क किंवा फीप्रोनील 2.5 मिलि प्रति लिटर पाणी याप्रमाणे फवारणी करावी. काढणी केलेल्या गहू व हरभरा यांची सुरक्षित ठिकाणी साठवण कराव Telugu MH 18-04-2022 08:30:00 COMPLETED
11542 काढणी केलेल्या गहू व हरभरा यांची सुरक्षित ठिकाणी साठवण करावी. भुईमूग पिकाच्या नाजुक अवस्थेव्यतिरिक्त जमिनीच्या मगदुराप्रमाणे 8 ते 10 दिवसांच्या अंतराने पीक पक्व होईपर्यंत पाण्याच्या पाळया द्याव्यात. कांदा पिकांवर फूलकिडींचा किंवा करपा रोगाचा प्रादुर्भाव दिसून आल्यास लॅमडा साह्यलोथ्रिन 0.6 मिलि., टेब्युकोनाझोल 1मिलि व स्टिकर 1 मिलि 10 ते 15 दिवसांच्या अंतराने साध्या हात पंपाने प्रति लिटर याप्रमाणे फवारावे. भाजीपाला पिकांवरील रसशोषक किडींचा नियंत्रणासाठी 5 टक्के निंबोळी अर्क किंवा फीप्रोनील 2.5 मिलि प्रति लिटर पाणी याप्रमाणे फवारणी करावी. काढणी केलेल्या गहू व हरभरा यांची सुरक्षित ठिकाणी साठवण कराव Telugu MH 18-04-2022 08:30:00 COMPLETED
11543 काढणी केलेल्या गहू व हरभरा यांची सुरक्षित ठिकाणी साठवण करावी. भुईमूग पिकाच्या नाजुक अवस्थेव्यतिरिक्त जमिनीच्या मगदुराप्रमाणे 8 ते 10 दिवसांच्या अंतराने पीक पक्व होईपर्यंत पाण्याच्या पाळया द्याव्यात. कांदा पिकांवर फूलकिडींचा किंवा करपा रोगाचा प्रादुर्भाव दिसून आल्यास लॅमडा साह्यलोथ्रिन 0.6 मिलि., टेब्युकोनाझोल 1मिलि व स्टिकर 1 मिलि 10 ते 15 दिवसांच्या अंतराने साध्या हात पंपाने प्रति लिटर याप्रमाणे फवारावे. भाजीपाला पिकांवरील रसशोषक किडींचा नियंत्रणासाठी 5 टक्के निंबोळी अर्क किंवा फीप्रोनील 2.5 मिलि प्रति लिटर पाणी याप्रमाणे फवारणी करावी. काढणी केलेल्या गहू व हरभरा यांची सुरक्षित ठिकाणी साठवण कराव Telugu MH 18-04-2022 08:30:00 COMPLETED
11544 काढणी केलेल्या गहू व हरभरा यांची सुरक्षित ठिकाणी साठवण करावी. भुईमूग पिकाच्या नाजुक अवस्थेव्यतिरिक्त जमिनीच्या मगदुराप्रमाणे 8 ते 10 दिवसांच्या अंतराने पीक पक्व होईपर्यंत पाण्याच्या पाळया द्याव्यात. कांदा पिकांवर फूलकिडींचा किंवा करपा रोगाचा प्रादुर्भाव दिसून आल्यास लॅमडा साह्यलोथ्रिन 0.6 मिलि., टेब्युकोनाझोल 1मिलि व स्टिकर 1 मिलि 10 ते 15 दिवसांच्या अंतराने साध्या हात पंपाने प्रति लिटर याप्रमाणे फवारावे. भाजीपाला पिकांवरील रसशोषक किडींचा नियंत्रणासाठी 5 टक्के निंबोळी अर्क किंवा फीप्रोनील 2.5 मिलि प्रति लिटर पाणी याप्रमाणे फवारणी करावी. काढणी केलेल्या गहू व हरभरा यांची सुरक्षित ठिकाणी साठवण कराव Telugu MH 18-04-2022 08:30:00 COMPLETED
11545 प्रिय किसान साथियों, अप्रैल माह की १८ से २४ तारीख के दौरान तापमान 2५ से ४३ डिग्री के बीच होने की सम्भावना हैI दोपहर के समय गर्म हवा और लू चलने की सम्भावना हैI इस मौसम में गन्ने के खेतों में कीटों का प्रकोप बढ़ जाता है I किसान साथी इसको ध्यान में रख कर फसल का निरीक्षण लगातार करते रहें I इस मौसम में टॉप बोरर, शूट बोरर, पिंक बोरर और लाल सडन, की सम्भावना बढ़ती है I टॉप बोरर की नर और मादा तितलियों को सुबह के समय आसानी से पकड़ कर नष्ट किया जा सकता हैI इसके बाद पत्ती की निचली सतह पर उपस्थित अण्डों को नष्ट कर दे I ट्राईकोग्रामा परजीवी के कार्ड खतों में लगाये I डेल्टा फेरोमोन ट्रैप का भी इस्तेमाल किया जा सकता है I लाल सडन की बीमारी पर विशेष ध्यान दें I इस बीमारी में गन्ने की ऊपर से तीसरी या चौथी पत्ती के मध्य शिरा पर रुद्र्क्ष की माला दिखायी देती है तथा पत्ती पिली पड़ कर सूख जाती हैI ऐसे गन्नो को तुरंत जड़ से निकल कर खेत से दूर ३ फीट गहरा गड्ढा खोद कर दबा देंI गन्ने के उखाड़े गए स्थान पर ब्लीचिंग पाउडर डाल कर ढक दें I इसके बाद ४ किलो प्रति एकड़ की दर से ट्राईकोडर्मा पाउडर को ४-५ कुन्तल गोबर की खाद में मिला कर खेत की नालियों में डालें और हलकी सिंचाई करें I प्रभावित खेत का पानी दुसरे खेतों में न जाने दे I शरद कालीन गन्ने की फसल में गैप फिलिंग अवश्य करे I १५० से १८० दिन की फसल में ७५ किलो प्रति एकड़ की दर से जड़ो के पास यूरिया डालकर हलकी मिट्टी चढ़ाएं इससे अनावश्यक कल्लो को रोकने में मदद मिलेगी I ‘स्मार्ट एग्री कार्यक्रम’ की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Marathi Uttar Pradesh 15-04-2022 08:05:00 COMPLETED
11546 ग्रीष्मकालीन मूंग एवं उड़द की फसल में खरपतवार प्रबंधन अतिआवश्यक है ताकि प्रारंभिक विकास के चरण में फसल व खरपतवार की प्रतिस्पर्धा को कम कर अधिक उत्पादन लिया जा सके I फसल खरपतवार प्रतिस्पर्धा बुआई के 20 से 25 दिनों बाद अधिकतम होती है इस क्रांतिक अवस्था पर खरपतवार प्रबंधन नहीं करने की स्थिति में 30 से 50 प्रतिशत तक उपज का नुकसान हो सकता है I बुआई के 20 से 25 दिनों बाद हाथ से निराई गुड़ाई फायदेमंद रहती है I खड़ी फसल में खरपतवार नियंत्रण के लिए बुआई के 15 से 20 दिनों बाद इमाजीथायपर 10 प्रतिशत एस. एल . 55 ग्राम सक्रिय तत्व प्रति हेक्टेयर कि दर से मृदा में पर्याप्त नमी होने की अवस्था में छिड़काव करना चाहिए I सोलिडरिडाड, स्मार्ट एग्री कार्यक्रम सम्पर्क: मो. न. 8251071818 Marathi MP 14-04-2022 14:30:00 COMPLETED
11547 ग्रीष्मकालीन मूंग एवं उड़द की फसल में खरपतवार प्रबंधन अतिआवश्यक है ताकि प्रारंभिक विकास के चरण में फसल व खरपतवार की प्रतिस्पर्धा को कम कर अधिक उत्पादन लिया जा सके I फसल खरपतवार प्रतिस्पर्धा बुआई के 20 से 25 दिनों बाद अधिकतम होती है इस क्रांतिक अवस्था पर खरपतवार प्रबंधन नहीं करने की स्थिति में 30 से 50 प्रतिशत तक उपज का नुकसान हो सकता है I बुआई के 20 से 25 दिनों बाद हाथ से निराई गुड़ाई फायदेमंद रहती है I खड़ी फसल में खरपतवार नियंत्रण के लिए बुआई के 15 से 20 दिनों बाद इमाजीथायपर 10 प्रतिशत एस. एल . 55 ग्राम सक्रिय तत्व प्रति हेक्टेयर कि दर से मृदा में पर्याप्त नमी होने की अवस्था में छिड़काव करना चाहिए I सोलिडरिडाड, स्मार्ट एग्री कार्यक्रम सम्पर्क: मो. न. 8251071818 Marathi MP 14-04-2022 14:00:00 COMPLETED
11548 ग्रीष्मकालीन मूंग एवं उड़द की फसल में खरपतवार प्रबंधन अतिआवश्यक है ताकि प्रारंभिक विकास के चरण में फसल व खरपतवार की प्रतिस्पर्धा को कम कर अधिक उत्पादन लिया जा सके I फसल खरपतवार प्रतिस्पर्धा बुआई के 20 से 25 दिनों बाद अधिकतम होती है इस क्रांतिक अवस्था पर खरपतवार प्रबंधन नहीं करने की स्थिति में 30 से 50 प्रतिशत तक उपज का नुकसान हो सकता है I बुआई के 20 से 25 दिनों बाद हाथ से निराई गुड़ाई फायदेमंद रहती है I खड़ी फसल में खरपतवार नियंत्रण के लिए बुआई के 15 से 20 दिनों बाद इमाजीथायपर 10 प्रतिशत एस. एल . 55 ग्राम सक्रिय तत्व प्रति हेक्टेयर कि दर से मृदा में पर्याप्त नमी होने की अवस्था में छिड़काव करना चाहिए I सोलिडरिडाड, स्मार्ट एग्री कार्यक्रम सम्पर्क: मो. न. 8251071818 Marathi 14-04-2022 13:55:00 COMPLETED
11549 ग्रीष्मकालीन मूंग एवं उड़द की फसल में खरपतवार प्रबंधन अतिआवश्यक है ताकि प्रारंभिक विकास के चरण में फसल व खरपतवार की प्रतिस्पर्धा को कम कर अधिक उत्पादन लिया जा सके I फसल खरपतवार प्रतिस्पर्धा बुआई के 20 से 25 दिनों बाद अधिकतम होती है इस क्रांतिक अवस्था पर खरपतवार प्रबंधन नहीं करने की स्थिति में 30 से 50 प्रतिशत तक उपज का नुकसान हो सकता है I बुआई के 20 से 25 दिनों बाद हाथ से निराई गुड़ाई फायदेमंद रहती है I खड़ी फसल में खरपतवार नियंत्रण के लिए बुआई के 15 से 20 दिनों बाद इमाजीथायपर 10 प्रतिशत एस. एल . 55 ग्राम सक्रिय तत्व प्रति हेक्टेयर कि दर से मृदा में पर्याप्त नमी होने की अवस्था में छिड़काव करना चाहिए I सोलिडरिडाड, स्मार्ट एग्री कार्यक्रम सम्पर्क: मो. न. 8251071818 Marathi MP 14-04-2022 12:50:00 COMPLETED
11550 दशपर्णी निर्मितीची प्रक्रिया. कीडनियंत्रणाच्या दृष्टीने शेतात आणि गावात उपलब्ध वनस्पति दशपर्णी निर्मितीसाठी वापरल्या जातातण् यामध्ये प्रामुख्याने कडूलिंबए घाणेरीए सिताफळ निर्गुंडी टणटणी करंजए जंगली एरंड पपई गुळवेल आदींचा वापर करावा प्रत्येकी किलो पाला घेऊन त्यांचे तुकडे व 200 लिटर पाणी असे द्रावण सोडलेली टाकी सावलीत ठेवावी यात मिरचीचा ठेचा व लसूण घालावी मिश्रण काठीने दररोज हलवावे एक महिना झाल्यानंतर छोट्या टाक्यांमध्ये ते ठेवावे दर आठ दिवसांनी किंवा गरजेनुसार याची फवारणी करावी सॉलिडरीडॅड स्मार्ट अॅग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा मोबा क्र 9158261922 Telugu MH 14-04-2022 12:34:00 COMPLETED