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121 वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Ujjain ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 25 December से 06 January के दौरान दिन में 27 और रात में 9 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। सभी किसान साथियो को नव वर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाये ! गेंहू की फसल मैं पौधों की उचित बढ़वार एवं विकास के लिए पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी से पौधों की वृद्धि, जनन क्षमता एवं कार्यिकी पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। जस्ते (जिंक) की कमी के लक्षण पत्तियों पर दिखाई देते है खड़ी फसल में जस्ते(जिंक) की कमी के लक्षण दिखाई देने पर 0.5 प्रतिशत जिंक सल्फेट के घोल का छिड़काव 10 दिनों के अंतराल पर 2-3 बार करना चाहिए। स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I Hindi MP 29-12-2025 11:07:00 SCHEDULED
122 वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Mandsaur ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 25 December से 06 January के दौरान दिन में 26 और रात में 10 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। सभी किसान साथियो को नव वर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाये ! गेंहू की फसल मैं पौधों की उचित बढ़वार एवं विकास के लिए पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी से पौधों की वृद्धि, जनन क्षमता एवं कार्यिकी पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। जस्ते (जिंक) की कमी के लक्षण पत्तियों पर दिखाई देते है खड़ी फसल में जस्ते(जिंक) की कमी के लक्षण दिखाई देने पर 0.5 प्रतिशत जिंक सल्फेट के घोल का छिड़काव 10 दिनों के अंतराल पर 2-3 बार करना चाहिए। स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I Hindi MP 29-12-2025 11:06:00 SCHEDULED
123 वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Dewas ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 25 December से 06 January के दौरान दिन में 26 और रात में 9 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। सभी किसान साथियो को नव वर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाये ! गेंहू की फसल मैं पौधों की उचित बढ़वार एवं विकास के लिए पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी से पौधों की वृद्धि, जनन क्षमता एवं कार्यिकी पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। जस्ते (जिंक) की कमी के लक्षण पत्तियों पर दिखाई देते है खड़ी फसल में जस्ते(जिंक) की कमी के लक्षण दिखाई देने पर 0.5 प्रतिशत जिंक सल्फेट के घोल का छिड़काव 10 दिनों के अंतराल पर 2-3 बार करना चाहिए। स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I Hindi MP 29-12-2025 11:05:00 SCHEDULED
124 प्रिय किसान साथियों,वोडाफोन आइडिया फाउंडेशन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है ।किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह जिला वाराणसी ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह 26 दिसंबर से 5 जनवरी के दौरान वाराणसी जिले के दिन तथा रात के तापमान में कमी आएगी दिन का अधिकतम तापमान 18 -22 डिग्री सेल्सियस तथा रात का अधिकतम तापमान 8 -12 डिग्री सेल्सियस तापमान रहने का अनुमान है, इस सप्ताह वर्षा की संभावना नहीं है ,इस दौरान पश्चिम उत्तर की दिशा से दो से आठ किलोमीटर की गति से ठंडी हवाएं चलेंगी इस सप्ताह छितरे बादल छाए तथा धुंध पड़ेगी जिसकी वजह से शीत लहर व ठंडक बढ़ेगी ।और वायुमंडलीय आद्रता में कमी आएगी जो की 45-90%तक रहेगी सभी फसलों में उचित नमी बनाए रखें जिससे पाले का प्रकोप फसलों पर ना होऔर आलू की फसल में पाले से बचाव के लिए मैकोजेब 75 प्रतिशत 2.5ग्राम प्रति लीटर पानी के साथ प्रयोग करें ।गेहूं की फसल में सिंचाई, दोमट या भारी दोमट भूमि के निम्न चार से छह सिंचाईयां करके किसान भाई गेहूं की अच्छी पैदावार प्राप्त कर सकते हैं पहली सिंचाई बुवाई के 21- 24 दिन पर ताजमूल अवस्था पर दूसरी सिंचाई बुवाई के 40-45 दिन पर कल्ले निकलते समय तीसरी सिंचाई बुवाई के 60- 65 दिन पर दीर्घ संधि अथवा गांठे बनते समय चौथी सिंचाई बुवाई के 80- 85 दिन पर पुष्पा अवस्था पांचवी सिंचाई बुवाई के 100 दिन पर दुग्धा अवस्था छठी सिंचाई बुवाई के 115-120 दिन पर दाना भरते समय यदि किसान भाई के पास दो सिंचाई उपलब्ध हो तो प्रथम सिंचाई ताजमूल व दूसरी सिंचाई पुष्पा अवस्था पर करें ।सरसों की फसल में उर्वरक का प्रयोग , सरसों की फसल सिंचाई के 6-8 दिन पर प्रथम बार यूरिया 100-120 किलोग्राम व सल्फर डब्लू डी जी 80 प्रतिशत 7-10 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर प्रयोग करें अगर फसल पीला दिख रहा है तो जिंक का भी प्रयोग करें अगर मृदा परीक्षण किसान भाई खेत का कराये हो तो उसे मानक के अनुसार उर्वरक की मात्रा का प्रयोग करें ।खेती से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए 7065005054 पर मिस्ड कॉल करें और उपयोगी सलाह प्राप्त करें। Hindi Uttar Pradesh 27-12-2025 10:18:00 SCHEDULED
125 प्रिय किसान साथियों ,वोडाफोन आइडिया फाउंडेशन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है ।किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह जिला अयोध्या ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह 26 दिसंबर से 5 जनवरी के दौरान अयोध्या जिले के दिन तथा रात के तापमान में कमी आएगी दिन का अधिकतम तापमान 18-21 डिग्री सेल्सियस तथा रात का अधिकतम तापमान 9-12 डिग्री सेल्सियस तापमान रहने का अनुमान है। इस सप्ताह वर्षा की संभावना नहीं है ।इस दौरान पश्चिम उत्तर की दिशा से दो से बारह किलोमीटर की गति से ठंडी हवाएं चलेंगी ।इस सप्ताह छितरे बादल छाए तथा धुंध पड़ेगी जिसकी वजह से शीत लहर व ठंडक बढ़ेगी ।और वायुमंडलीय आद्रता में कमी आएगी जो की 50-95 % तक रहेगी,सभी फसलों में उचित नमी बनाए रखें जिससे पाले का प्रकोप फसलों पर ना हो और आलू की फसल में पाले से बचाव के लिए मैकोजेब 75 प्रतिशत 2.5ग्राम प्रति लीटर पानी के साथ प्रयोग करें ।गेहूं की फसल में सिंचाई दोमट या भारी दोमट भूमि के निम्न चार से छह सिंचाईयां करके किसान भाई गेहूं की अच्छी पैदावार प्राप्त कर सकते हैं पहली सिंचाई बुवाई के 21-24 दिन पर ताजमूल अवस्था पर दूसरी सिंचाई बुवाई के 40- 45 दिन पर कल्ले निकलते समय तीसरी सिंचाई बुवाई के 60-65 दिन पर दीर्घ संधि अथवा गांठे बनते समय चौथी सिंचाई बुवाई के 80 -85 दिन पर पुष्पा अवस्था पांचवी सिंचाई बुवाई के 100 दिन पर दुग्धा अवस्था छठी सिंचाई बुवाई के 115-120 दिन पर दाना भरते समय यदि किसान भाई के पास दो सिंचाई उपलब्ध हो तो प्रथम सिंचाई ताजमूल व दूसरी सिंचाई पुष्पा अवस्था पर करें ।सरसों की फसल में उर्वरक का प्रयोग, सरसों की फसल सिंचाई के 6- 8 दिन पर प्रथम बार यूरिया 100-120 किलोग्राम व सल्फर डब्लू डी जी 80 प्रतिशत 7-10 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर प्रयोग करें। अगर फसल पीला दिख रहा है तो जिंक का भी प्रयोग करें । अगर मृदा परीक्षण किसान भाई खेत का कराये हो तो उसे मानक के अनुसार उर्वरक की मात्रा का प्रयोग करें ।खेती से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए 7065-00-5054 पर मिस्ड कॉल करें और उपयोगी सलाह प्राप्त करें। Hindi Uttar Pradesh 27-12-2025 10:01:00 SCHEDULED
126 Nanded(1)-नमस्कार शेतकरी बंधूंनो...सॉलिडरीडॅड आणि वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे.माहुर तालुक्यातील तुळशी येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे दिनांक २४ डिसेम्बर २०२५ ते दिनांक ३ जानेवारी २०२६ दरम्यानचा हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान १२ ते १५ अंश सेल्सियस तर कमाल २७ ते २९ अंश सेल्सियस एवढे राहील. या कालावधीत वातावरण स्वच्छ राहण्याची शक्यता आहे. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:- शेतकऱ्यांनी तिसऱ्या व शेवटच्या वेचणीचा कापूस वेगळा साठवून ठेवावा. कापूस वेचणी व साठवणुकीसाठी कॉटन पिशव्याचा वापर करावा. शेतकऱ्यांनी साठवणूक केलेल्या कापसाच्या ठिकाणी १-२ कामगंध सापळे लावावे, जेणेकरून गुलाबी बोण्डअळीचे नर पतंग सापळ्यात अडकेल.  ज्या शेतकऱ्यांची कापसाची वेचणी पूर्ण झालेली आहे, त्या ठिकाणी शेतकऱ्यांनी रोटाव्हेटर किंवा मल्चर किंवा श्रेडर चा वापर करून पिकाचे अवशेष बारीक करून घ्यावे व ते गोळा करून शेताच्या एका कोपऱ्याला १०x४x३ फुटाचा खड्डा करावा व त्यात ते सर्व पिकाचे अवशेष टाकून त्यांचे कंपोस्ट खत तयार करावे व त्यांचा वापर पुढील हंगामासाठी करावा, किंवा शेतकऱ्यांनी कपाशी पिकाच्या अवशेषांचा वापर करून बायोचार तयार करावे. कृपया शेतकऱ्यांनी ते अवशेष जाळू नये.  सध्या हरभरा पीक हे 30-35 दिवसाचे आहे, अन्नद्रव्याची कमतरता भरून काढण्यासाठी व योग्य वाढ होण्यासाठी हरभरा पिकाला २०० लिटर जीवामृत मध्ये १ किलो मायकोरायझा एकत्र मिसळून मुळाभोवती आळवणी करावी. त्यानंतर लगेच ५ ते ६ दिवसांनी जिथे १५-२०% टक्के पर्यंत मर आढळून आलेली असल्यास प्रति एकर १ ते २ किलो ट्रायकोडर्मा व्हिरीडी किंवा बायोमिक्स २०० लिटर पाण्यात मिसळून पिकाच्या मुळाभोवती ड्रेंचिंग पद्धतीने द्यावे. शेतकऱ्यांनी हरभरा पिकाला तुषार सिंचन पद्धतीने ओलित करावे त्यामुळे उत्पादन वाढीस मदत होईल. हरभरा पिकावर घाटे अळीच्या बारीक अळ्या दिसून येताच ५% निंबोळी अर्काची फवारणी करावी तसेच ८-१० दिवसानंतर HaNPV (हेलिओकील) २०० मिली २०० लिटर पाण्यात प्रति एकर ह्या प्रमाणे फवारावी. स्मार्ट ॲग्री ॲडव्हायझरी ॲप चे अपडेटेड व्हर्जन प्ले स्टोअर मध्ये उपलब्ध आहे ते मोबाईल मध्ये डाऊनलोड करणे सदर अपडेटेड व्हर्जन मध्ये हवामान केंद्राच्या माहितीचा तपशील समाविष्ट करण्यात आला आहे. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबाईल क्रमांक ९१५८२६१९२२ धन्यवाद! Marathi MH 24-12-2025 08:30:00 SCHEDULED
127 Nanded(3)-नमस्कार शेतकरी बंधूंनो...सॉलिडरीडॅड आणि वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे.किनवट तालुक्यातील लोणी येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे दिनांक २४ डिसेम्बर २०२५ ते दिनांक ३ जानेवारी २०२६ दरम्यानचा हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान १३ ते १५ अंश सेल्सियस तर कमाल २७ ते २८ अंश सेल्सियस एवढे राहील. या कालावधीत वातावरण स्वच्छ राहण्याची शक्यता आहे. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:- शेतकऱ्यांनी तिसऱ्या व शेवटच्या वेचणीचा कापूस वेगळा साठवून ठेवावा. कापूस वेचणी व साठवणुकीसाठी कॉटन पिशव्याचा वापर करावा. शेतकऱ्यांनी साठवणूक केलेल्या कापसाच्या ठिकाणी १-२ कामगंध सापळे लावावे, जेणेकरून गुलाबी बोण्डअळीचे नर पतंग सापळ्यात अडकेल.  ज्या शेतकऱ्यांची कापसाची वेचणी पूर्ण झालेली आहे, त्या ठिकाणी शेतकऱ्यांनी रोटाव्हेटर किंवा मल्चर किंवा श्रेडर चा वापर करून पिकाचे अवशेष बारीक करून घ्यावे व ते गोळा करून शेताच्या एका कोपऱ्याला १०x४x३ फुटाचा खड्डा करावा व त्यात ते सर्व पिकाचे अवशेष टाकून त्यांचे कंपोस्ट खत तयार करावे व त्यांचा वापर पुढील हंगामासाठी करावा, किंवा शेतकऱ्यांनी कपाशी पिकाच्या अवशेषांचा वापर करून बायोचार तयार करावे. कृपया शेतकऱ्यांनी ते अवशेष जाळू नये.  सध्या हरभरा पीक हे 30-35 दिवसाचे आहे, अन्नद्रव्याची कमतरता भरून काढण्यासाठी व योग्य वाढ होण्यासाठी हरभरा पिकाला २०० लिटर जीवामृत मध्ये १ किलो मायकोरायझा एकत्र मिसळून मुळाभोवती आळवणी करावी. त्यानंतर लगेच ५ ते ६ दिवसांनी जिथे १५-२०% टक्के पर्यंत मर आढळून आलेली असल्यास प्रति एकर १ ते २ किलो ट्रायकोडर्मा व्हिरीडी किंवा बायोमिक्स २०० लिटर पाण्यात मिसळून पिकाच्या मुळाभोवती ड्रेंचिंग पद्धतीने द्यावे. शेतकऱ्यांनी हरभरा पिकाला तुषार सिंचन पद्धतीने ओलित करावे त्यामुळे उत्पादन वाढीस मदत होईल. हरभरा पिकावर घाटे अळीच्या बारीक अळ्या दिसून येताच ५% निंबोळी अर्काची फवारणी करावी तसेच ८-१० दिवसानंतर HaNPV (हेलिओकील) २०० मिली २०० लिटर पाण्यात प्रति एकर ह्या प्रमाणे फवारावी. स्मार्ट ॲग्री ॲडव्हायझरी ॲप चे अपडेटेड व्हर्जन प्ले स्टोअर मध्ये उपलब्ध आहे ते मोबाईल मध्ये डाऊनलोड करणे सदर अपडेटेड व्हर्जन मध्ये हवामान केंद्राच्या माहितीचा तपशील समाविष्ट करण्यात आला आहे. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबाईल क्रमांक ९१५८२६१९२२ धन्यवाद! Marathi MH 24-12-2025 08:30:00 SCHEDULED
128 Parbhani (3)-नमस्कार शेतकरी बंधूंनो...सॉलिडरीडॅड आणि वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे.परभणी तालुक्यातील पिंगळी येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे दिनांक २४ डिसेम्बर २०२५ ते दिनांक ३ जानेवारी २०२६ दरम्यानचा हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान १२ ते १४ अंश सेल्सियस तर कमाल २८ ते २९ अंश सेल्सियस एवढे राहील. दिनांक २४ डिसेम्बर २०२५ रोजी वातावरण अंशतः: ढगाळ राहण्याची तर इतर दिवशी वातावरण स्वच्छ राहण्याची शक्यता आहे. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:- शेतकऱ्यांनी तिसऱ्या व शेवटच्या वेचणीचा कापूस वेगळा साठवून ठेवावा. कापूस वेचणी व साठवणुकीसाठी कॉटन पिशव्याचा वापर करावा. शेतकऱ्यांनी साठवणूक केलेल्या कापसाच्या ठिकाणी १-२ कामगंध सापळे लावावे, जेणेकरून गुलाबी बोण्डअळीचे नर पतंग सापळ्यात अडकेल. ज्या शेतकऱ्यांची कापसाची वेचणी पूर्ण झालेली आहे, त्या ठिकाणी शेतकऱ्यांनी रोटाव्हेटर किंवा मल्चर किंवा श्रेडर चा वापर करून पिकाचे अवशेष बारीक करून घ्यावे व ते गोळा करून शेताच्या एका कोपऱ्याला १०x४x३ फुटाचा खड्डा करावा व त्यात ते सर्व पिकाचे अवशेष टाकून त्यांचे कंपोस्ट खत तयार करावे व त्यांचा वापर पुढील हंगामासाठी करावा, किंवा शेतकऱ्यांनी कपाशी पिकाच्या अवशेषांचा वापर करून बायोचार तयार करावे. कृपया शेतकऱ्यांनी ते अवशेष जाळू नये. सध्या हरभरा पीक हे 30-35 दिवसाचे आहे, अन्नद्रव्याची कमतरता भरून काढण्यासाठी व योग्य वाढ होण्यासाठी हरभरा पिकाला २०० लिटर जीवामृत मध्ये १ किलो मायकोरायझा एकत्र मिसळून मुळाभोवती आळवणी करावी. त्यानंतर लगेच ५ ते ६ दिवसांनी जिथे १५-२०% टक्के पर्यंत मर आढळून आलेली असल्यास प्रति एकर १ ते २ किलो ट्रायकोडर्मा व्हिरीडी किंवा बायोमिक्स २०० लिटर पाण्यात मिसळून पिकाच्या मुळाभोवती ड्रेंचिंग पद्धतीने द्यावे. शेतकऱ्यांनी हरभरा पिकाला तुषार सिंचन पद्धतीने ओलित करावे त्यामुळे उत्पादन वाढीस मदत होईल. हरभरा पिकावर घाटे अळीच्या बारीक अळ्या दिसून येताच ५% निंबोळी अर्काची फवारणी करावी तसेच ८-१० दिवसानंतर HaNPV (हेलिओकील) २०० मिली २०० लिटर पाण्यात प्रति एकर ह्या प्रमाणे फवारावी. स्मार्ट ॲग्री ॲडव्हायझरी ॲप चे अपडेटेड व्हर्जन प्ले स्टोअर मध्ये उपलब्ध आहे ते मोबाईल मध्ये डाऊनलोड करणे सदर अपडेटेड व्हर्जन मध्ये हवामान केंद्राच्या माहितीचा तपशील समाविष्ट करण्यात आला आहे. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबाईल क्रमांक ९१५८२६१९२२ धन्यवाद! Marathi MH 24-12-2025 08:30:00 SCHEDULED
129 Yavatmal (2)-नमस्कार शेतकरी बंधूंनो...सॉलिडरीडॅड आणि वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे.नेर तालुक्यातील मोझर येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे दिनांक २४ डिसेम्बर २०२५ ते दिनांक ३ जानेवारी २०२६ दरम्यानचा हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान १४ ते १६ अंश सेल्सियस तर कमाल २६ ते २८ अंश सेल्सियस एवढे राहील. दिनांक २४ डिसेम्बर २०२५ रोजी वातावरण अंशतः: ढगाळ राहण्याची तर इतर दिवशी वातावरण स्वच्छ राहण्याची शक्यता आहे. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:- शेतकऱ्यांनी तिसऱ्या व शेवटच्या वेचणीचा कापूस वेगळा साठवून ठेवावा. कापूस वेचणी व साठवणुकीसाठी कॉटन पिशव्याचा वापर करावा. शेतकऱ्यांनी साठवणूक केलेल्या कापसाच्या ठिकाणी १-२ कामगंध सापळे लावावे, जेणेकरून गुलाबी बोण्डअळीचे नर पतंग सापळ्यात अडकेल. ज्या शेतकऱ्यांची कापसाची वेचणी पूर्ण झालेली आहे, त्या ठिकाणी शेतकऱ्यांनी रोटाव्हेटर किंवा मल्चर किंवा श्रेडर चा वापर करून पिकाचे अवशेष बारीक करून घ्यावे व ते गोळा करून शेताच्या एका कोपऱ्याला १०x४x३ फुटाचा खड्डा करावा व त्यात ते सर्व पिकाचे अवशेष टाकून त्यांचे कंपोस्ट खत तयार करावे व त्यांचा वापर पुढील हंगामासाठी करावा, किंवा शेतकऱ्यांनी कपाशी पिकाच्या अवशेषांचा वापर करून बायोचार तयार करावे. कृपया शेतकऱ्यांनी ते अवशेष जाळू नये. सध्या हरभरा पीक हे 30-35 दिवसाचे आहे, अन्नद्रव्याची कमतरता भरून काढण्यासाठी व योग्य वाढ होण्यासाठी हरभरा पिकाला २०० लिटर जीवामृत मध्ये १ किलो मायकोरायझा एकत्र मिसळून मुळाभोवती आळवणी करावी. त्यानंतर लगेच ५ ते ६ दिवसांनी जिथे १५-२०% टक्के पर्यंत मर आढळून आलेली असल्यास प्रति एकर १ ते २ किलो ट्रायकोडर्मा व्हिरीडी किंवा बायोमिक्स २०० लिटर पाण्यात मिसळून पिकाच्या मुळाभोवती ड्रेंचिंग पद्धतीने द्यावे. शेतकऱ्यांनी हरभरा पिकाला तुषार सिंचन पद्धतीने ओलित करावे त्यामुळे उत्पादन वाढीस मदत होईल. हरभरा पिकावर घाटे अळीच्या बारीक अळ्या दिसून येताच ५% निंबोळी अर्काची फवारणी करावी तसेच ८-१० दिवसानंतर HaNPV (हेलिओकील) २०० मिली २०० लिटर पाण्यात प्रति एकर ह्या प्रमाणे फवारावी. स्मार्ट ॲग्री ॲडव्हायझरी ॲप चे अपडेटेड व्हर्जन प्ले स्टोअर मध्ये उपलब्ध आहे ते मोबाईल मध्ये डाऊनलोड करणे सदर अपडेटेड व्हर्जन मध्ये हवामान केंद्राच्या माहितीचा तपशील समाविष्ट करण्यात आला आहे. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबाईल क्रमांक ९१५८२६१९२२ धन्यवाद! Marathi MH 24-12-2025 08:30:00 SCHEDULED
130 Yavatmal (1)-नमस्कार शेतकरी बंधूंनो...सॉलिडरीडॅड आणि वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे.घाटंजी तालुक्यातील मारेगाव येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे दिनांक २४ डिसेम्बर २०२५ ते दिनांक ३ जानेवारी २०२६ दरम्यानचा हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान १४ ते १७ अंश सेल्सियस तर कमाल २७ ते २८ अंश सेल्सियस एवढे राहील. दिनांक २४ डिसेम्बर २०२५ रोजी वातावरण अंशतः: ढगाळ राहण्याची तर इतर दिवशी वातावरण स्वच्छ राहण्याची शक्यता आहे. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:- शेतकऱ्यांनी तिसऱ्या व शेवटच्या वेचणीचा कापूस वेगळा साठवून ठेवावा. कापूस वेचणी व साठवणुकीसाठी कॉटन पिशव्याचा वापर करावा. शेतकऱ्यांनी साठवणूक केलेल्या कापसाच्या ठिकाणी १-२ कामगंध सापळे लावावे, जेणेकरून गुलाबी बोण्डअळीचे नर पतंग सापळ्यात अडकेल. ज्या शेतकऱ्यांची कापसाची वेचणी पूर्ण झालेली आहे, त्या ठिकाणी शेतकऱ्यांनी रोटाव्हेटर किंवा मल्चर किंवा श्रेडर चा वापर करून पिकाचे अवशेष बारीक करून घ्यावे व ते गोळा करून शेताच्या एका कोपऱ्याला १०x४x३ फुटाचा खड्डा करावा व त्यात ते सर्व पिकाचे अवशेष टाकून त्यांचे कंपोस्ट खत तयार करावे व त्यांचा वापर पुढील हंगामासाठी करावा, किंवा शेतकऱ्यांनी कपाशी पिकाच्या अवशेषांचा वापर करून बायोचार तयार करावे. कृपया शेतकऱ्यांनी ते अवशेष जाळू नये. सध्या हरभरा पीक हे 30-35 दिवसाचे आहे, अन्नद्रव्याची कमतरता भरून काढण्यासाठी व योग्य वाढ होण्यासाठी हरभरा पिकाला २०० लिटर जीवामृत मध्ये १ किलो मायकोरायझा एकत्र मिसळून मुळाभोवती आळवणी करावी. त्यानंतर लगेच ५ ते ६ दिवसांनी जिथे १५-२०% टक्के पर्यंत मर आढळून आलेली असल्यास प्रति एकर १ ते २ किलो ट्रायकोडर्मा व्हिरीडी किंवा बायोमिक्स २०० लिटर पाण्यात मिसळून पिकाच्या मुळाभोवती ड्रेंचिंग पद्धतीने द्यावे. शेतकऱ्यांनी हरभरा पिकाला तुषार सिंचन पद्धतीने ओलित करावे त्यामुळे उत्पादन वाढीस मदत होईल. हरभरा पिकावर घाटे अळीच्या बारीक अळ्या दिसून येताच ५% निंबोळी अर्काची फवारणी करावी तसेच ८-१० दिवसानंतर HaNPV (हेलिओकील) २०० मिली २०० लिटर पाण्यात प्रति एकर ह्या प्रमाणे फवारावी. स्मार्ट ॲग्री ॲडव्हायझरी ॲप चे अपडेटेड व्हर्जन प्ले स्टोअर मध्ये उपलब्ध आहे ते मोबाईल मध्ये डाऊनलोड करणे सदर अपडेटेड व्हर्जन मध्ये हवामान केंद्राच्या माहितीचा तपशील समाविष्ट करण्यात आला आहे. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबाईल क्रमांक ९१५८२६१९२२ धन्यवाद! Marathi MH 24-12-2025 08:30:00 SCHEDULED