Message Schedule List : 11,808
| S. No. | Message | Language | Created By | Date | Time | Status | Action |
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| 1681 | VIL-1 Nagpur, Kalmeshwar, Sawali buzurg- 14.03.25 - नमस्कार शेतकरी बंधूंनो सॉलिडरीडॅड आणि वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. कळमेश्वर तालुक्यातील सावळी बुजरूक येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे या आठवड्यातील हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान २३ ते २५ अंश तर कमाल ३७ ते ३९ अंश सेल्सियस तसेच ,वातावरण अंशतः ढगाळ राहण्याची शक्यता आहे. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:- शेतकऱ्यांनी परिपक्व अवस्थेतील हरभरा, गहू, मोहरी व इतर रब्बी हंगामातील पिकाची कापणी व मळणी प्राधान्याने उरकून घ्यावी. कापणी केलेला शेतमाल कोरड्या व सुरक्षित ठिकाणी साठवावा. हंगामी पिके, फळपिके व भाजीपाला पिकामध्ये आवश्यकता असल्यास ठिबक सिंचन/तुषार सिंचन पद्धतीद्वारे हलके ओलीत करावे. तसेच, आंतरमशागतीची कामे (डवरणी, खुरपणी इ.), कीड व रोग व्यवस्थापनासाठी कृषी रसायनांची फवारणीची कामे व उभ्या पिकामध्ये खते देण्याची कामे पुढील ५ दिवस सुरु ठेवावीत. तीळ पिकास जमिनीच्या मगदुराप्रमाणे १२ ते १५ दिवसाच्या अंतराने ओलीत करावे. ओलीत करताना पिक क्षेत्रामध्ये पाणी साचून राहणार नाही याची दक्षता घ्यावी. आवश्यकते नुसार २ ते ३ वेळा खुरपणी/ कोळपणी करून शेत स्वच्छ ठेवावे. पिकाची सुरुवातीची वाढ हळू होत असल्याने पिक एक महिन्याचे होईपर्यंत शेतात तन होणार नाही याची काळजी घ्यावी. उन्हाळी भुईमुग पिकास दर ८ ते १० दिवसाच्या अंतराने दोन ओळी आड ओलीत करावे. मार्च महिन्यात तापमान वाढ झाल्यामुळे, शेतकऱ्यांनी संत्रा पिकाला १-४, ५-७ वर्षे आणि त्यावरील वयाच्या झाडांना दररोज अनुक्रमे १२-५३, ७८-१२७ आणि १४५-१८० लिटर पाणी ठिबक सिंचन पद्धतीद्वारे द्यावे. दुहेरी आळे पद्धत अवलंब करावा आणि बगीच्यास ७ ते १० दिवसाच्या अंतराने ओलीत करावे. झाडांच्या आळ्यांमध्ये आच्छादनाचा वापर करावा. या महिन्यात झाडाच्या खोडावर फायटोप्थोराची लक्षणे आढळल्यास खोडाचा प्रभावित भाग चाकूच्या सहाय्याने खरडून घ्यावा. पृष्ठभाग पोटॅशियम परमॅंगनेट द्रावणाने धुवावा आणि त्यावर मेफेनोक्साम एमझेड-६८ ची पेस्ट लावावी. संपूर्ण झाडावर मेफेनोक्साम एमझेड-६८ @ २.५० ग्रॅम/लिटर किंवा फॉसेटाइल एएल @ २.५ ग्रॅम/लिटर पाणी या प्रमाणात बुरशीनाशकाची फवारणी करावी. ब्रशच्या सहाय्याने झाडाच्या खोडावर ६० सेमी उंचीपर्यंत बोर्डोपेस्ट लावावी. तसेच स्मार्ट ॲग्री ॲडव्हायझरी ॲप चे अपडेटेड व्हर्जन प्ले स्टोअर मध्ये उपलब्ध आहे ते मोबाईल मध्ये डाऊनलोड करणे सदर अपडेटेड व्हर्जन मध्ये हवामान केंद्राच्या माहितीचा तपशील समाविष्ट करण्यात आला आहे. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा मोबाईल क्रमांक 9039133541 धन्यवाद! | Marathi | MH | 14-03-2025 | 08:30:00 | SCHEDULED |
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| 1682 | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं सोलीडरीडाड द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला झाबुआ ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 13 March से 22 March के दौरान दिन में 33 और रात में 22 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है।तिल की खेती अच्छी जल निकासी वाली पर्याप्त नमी वाली रेतीली दोमट भूमि तिल की खेती के लिए सबसे उपयुक्त है। तिल की बुवाई मे बीज की मात्रा छिडकाव विधि से 5 किग्रा/हे. एवं सीड ड्रिल से बुवाई मे 2.5-3 किग्रा/हेक्टेयर की बीज के आवश्यकता होती है किसान साथियों अधिक उपज प्राप्त करने के लिए लाइन से लाइनके बीच उचित दूरी रखकर सीड ड्रिल से बुआई करे| किसान साथियों से अनुरोध हे कि गेंहू कटाई के बाद बची हुई पराली (फसल अवशेष ) को नहीं जलाये। इसे जलाने से खेत में उपस्थित जीवाणु मर जाते है खेत की उत्तपादन शक्ति घट जाती है बाजार में उपलब्ध फसल अपघटक (बायो-डीकंपोजर) का उपयोग करने से पराली (फसल अवशेष ) को खाद में परवर्तित हो जाएगी एवं मृदा के उर्बरता बढ़ेगी एवं फसल का उत्तपादन बढ़ेगा। अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । | Hindi | MP | 12-03-2025 | 17:20:00 | SCHEDULED |
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| 1683 | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं सोलीडरीडाड द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला धार ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 13 March से 22 March के दौरान दिन में 33 और रात में 22 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है।तिल की खेती अच्छी जल निकासी वाली पर्याप्त नमी वाली रेतीली दोमट भूमि तिल की खेती के लिए सबसे उपयुक्त है। तिल की बुवाई मे बीज की मात्रा छिडकाव विधि से 5 किग्रा/हे. एवं सीड ड्रिल से बुवाई मे 2.5-3 किग्रा/हेक्टेयर की बीज के आवश्यकता होती है किसान साथियों अधिक उपज प्राप्त करने के लिए लाइन से लाइनके बीच उचित दूरी रखकर सीड ड्रिल से बुआई करे| किसान साथियों से अनुरोध हे कि गेंहू कटाई के बाद बची हुई पराली (फसल अवशेष ) को नहीं जलाये। इसे जलाने से खेत में उपस्थित जीवाणु मर जाते है खेत की उत्तपादन शक्ति घट जाती है बाजार में उपलब्ध फसल अपघटक (बायो-डीकंपोजर) का उपयोग करने से पराली (फसल अवशेष ) को खाद में परवर्तित हो जाएगी एवं मृदा के उर्बरता बढ़ेगी एवं फसल का उत्तपादन बढ़ेगा। अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । | Hindi | MP | 12-03-2025 | 17:15:00 | SCHEDULED |
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| 1684 | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं सोलीडरीडाड द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला मंदसौर ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 13 March से 22 March के दौरान दिन में 35 और रात में 22 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है।तिल की खेती अच्छी जल निकासी वाली पर्याप्त नमी वाली रेतीली दोमट भूमि तिल की खेती के लिए सबसे उपयुक्त है। तिल की बुवाई मे बीज की मात्रा छिडकाव विधि से 5 किग्रा/हे. एवं सीड ड्रिल से बुवाई मे 2.5-3 किग्रा/हेक्टेयर की बीज के आवश्यकता होती है किसान साथियों अधिक उपज प्राप्त करने के लिए लाइन से लाइनके बीच उचित दूरी रखकर सीड ड्रिल से बुआई करे| किसान साथियों से अनुरोध हे कि गेंहू कटाई के बाद बची हुई पराली (फसल अवशेष ) को नहीं जलाये। इसे जलाने से खेत में उपस्थित जीवाणु मर जाते है खेत की उत्तपादन शक्ति घट जाती है बाजार में उपलब्ध फसल अपघटक (बायो-डीकंपोजर) का उपयोग करने से पराली (फसल अवशेष ) को खाद में परवर्तित हो जाएगी एवं मृदा के उर्बरता बढ़ेगी एवं फसल का उत्तपादन बढ़ेगा। अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । | Hindi | MP | 12-03-2025 | 17:20:00 | SCHEDULED |
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| 1685 | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं सोलीडरीडाड द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला रतलाम ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 13 March से 22 March के दौरान दिन में 35 और रात में 22 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है।तिल की खेती अच्छी जल निकासी वाली पर्याप्त नमी वाली रेतीली दोमट भूमि तिल की खेती के लिए सबसे उपयुक्त है। तिल की बुवाई मे बीज की मात्रा छिडकाव विधि से 5 किग्रा/हे. एवं सीड ड्रिल से बुवाई मे 2.5-3 किग्रा/हेक्टेयर की बीज के आवश्यकता होती है किसान साथियों अधिक उपज प्राप्त करने के लिए लाइन से लाइनके बीच उचित दूरी रखकर सीड ड्रिल से बुआई करे| किसान साथियों से अनुरोध हे कि गेंहू कटाई के बाद बची हुई पराली (फसल अवशेष ) को नहीं जलाये। इसे जलाने से खेत में उपस्थित जीवाणु मर जाते है खेत की उत्तपादन शक्ति घट जाती है बाजार में उपलब्ध फसल अपघटक (बायो-डीकंपोजर) का उपयोग करने से पराली (फसल अवशेष ) को खाद में परवर्तित हो जाएगी एवं मृदा के उर्बरता बढ़ेगी एवं फसल का उत्तपादन बढ़ेगा। अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । | Hindi | MP | 12-03-2025 | 17:15:00 | SCHEDULED |
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| 1686 | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं सोलीडरीडाड द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला विदिशा ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 13 March से 22 March के दौरान दिन में 33 और रात में 22 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है।तिल की खेती अच्छी जल निकासी वाली पर्याप्त नमी वाली रेतीली दोमट भूमि तिल की खेती के लिए सबसे उपयुक्त है। तिल की बुवाई मे बीज की मात्रा छिडकाव विधि से 5 किग्रा/हे. एवं सीड ड्रिल से बुवाई मे 2.5-3 किग्रा/हेक्टेयर की बीज के आवश्यकता होती है किसान साथियों अधिक उपज प्राप्त करने के लिए लाइन से लाइनके बीच उचित दूरी रखकर सीड ड्रिल से बुआई करे| किसान साथियों से अनुरोध हे कि गेंहू कटाई के बाद बची हुई पराली (फसल अवशेष ) को नहीं जलाये। इसे जलाने से खेत में उपस्थित जीवाणु मर जाते है खेत की उत्तपादन शक्ति घट जाती है बाजार में उपलब्ध फसल अपघटक (बायो-डीकंपोजर) का उपयोग करने से पराली (फसल अवशेष ) को खाद में परवर्तित हो जाएगी एवं मृदा के उर्बरता बढ़ेगी एवं फसल का उत्तपादन बढ़ेगा। अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । | Hindi | MP | 12-03-2025 | 17:10:00 | SCHEDULED |
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| 1687 | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं सोलीडरीडाड द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला रायसेन ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 13 March से 22 March के दौरान दिन में 34 और रात में 23 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है।तिल की खेती अच्छी जल निकासी वाली पर्याप्त नमी वाली रेतीली दोमट भूमि तिल की खेती के लिए सबसे उपयुक्त है। तिल की बुवाई मे बीज की मात्रा छिडकाव विधि से 5 किग्रा/हे. एवं सीड ड्रिल से बुवाई मे 2.5-3 किग्रा/हेक्टेयर की बीज के आवश्यकता होती है किसान साथियों अधिक उपज प्राप्त करने के लिए लाइन से लाइनके बीच उचित दूरी रखकर सीड ड्रिल से बुआई करे| किसान साथियों से अनुरोध हे कि गेंहू कटाई के बाद बची हुई पराली (फसल अवशेष ) को नहीं जलाये। इसे जलाने से खेत में उपस्थित जीवाणु मर जाते है खेत की उत्तपादन शक्ति घट जाती है बाजार में उपलब्ध फसल अपघटक (बायो-डीकंपोजर) का उपयोग करने से पराली (फसल अवशेष ) को खाद में परवर्तित हो जाएगी एवं मृदा के उर्बरता बढ़ेगी एवं फसल का उत्तपादन बढ़ेगा। अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । | Hindi | MP | 12-03-2025 | 17:15:00 | SCHEDULED |
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| 1688 | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं सोलीडरीडाड द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला शाजापुर ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 13 March से 22 March के दौरान दिन में 35 और रात में 23 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है।तिल की खेती अच्छी जल निकासी वाली पर्याप्त नमी वाली रेतीली दोमट भूमि तिल की खेती के लिए सबसे उपयुक्त है। तिल की बुवाई मे बीज की मात्रा छिडकाव विधि से 5 किग्रा/हे. एवं सीड ड्रिल से बुवाई मे 2.5-3 किग्रा/हेक्टेयर की बीज के आवश्यकता होती है किसान साथियों अधिक उपज प्राप्त करने के लिए लाइन से लाइनके बीच उचित दूरी रखकर सीड ड्रिल से बुआई करे| किसान साथियों से अनुरोध हे कि गेंहू कटाई के बाद बची हुई पराली (फसल अवशेष ) को नहीं जलाये। इसे जलाने से खेत में उपस्थित जीवाणु मर जाते है खेत की उत्तपादन शक्ति घट जाती है बाजार में उपलब्ध फसल अपघटक (बायो-डीकंपोजर) का उपयोग करने से पराली (फसल अवशेष ) को खाद में परवर्तित हो जाएगी एवं मृदा के उर्बरता बढ़ेगी एवं फसल का उत्तपादन बढ़ेगा। अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । | Hindi | MP | 12-03-2025 | 17:05:00 | SCHEDULED |
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| 1689 | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं सोलीडरीडाड द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला उज्जैन ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 13 March से 22 March के दौरान दिन में 33 और रात में 22 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है।तिल की खेती अच्छी जल निकासी वाली पर्याप्त नमी वाली रेतीली दोमट भूमि तिल की खेती के लिए सबसे उपयुक्त है। तिल की बुवाई मे बीज की मात्रा छिडकाव विधि से 5 किग्रा/हे. एवं सीड ड्रिल से बुवाई मे 2.5-3 किग्रा/हेक्टेयर की बीज के आवश्यकता होती है किसान साथियों अधिक उपज प्राप्त करने के लिए लाइन से लाइनके बीच उचित दूरी रखकर सीड ड्रिल से बुआई करे| किसान साथियों से अनुरोध हे कि गेंहू कटाई के बाद बची हुई पराली (फसल अवशेष ) को नहीं जलाये। इसे जलाने से खेत में उपस्थित जीवाणु मर जाते है खेत की उत्तपादन शक्ति घट जाती है बाजार में उपलब्ध फसल अपघटक (बायो-डीकंपोजर) का उपयोग करने से पराली (फसल अवशेष ) को खाद में परवर्तित हो जाएगी एवं मृदा के उर्बरता बढ़ेगी एवं फसल का उत्तपादन बढ़ेगा। अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । | Hindi | MP | 12-03-2025 | 17:00:00 | SCHEDULED |
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| 1690 | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं सोलीडरीडाड द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला सेहोरे ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 13 March से 22 March के दौरान दिन में 34 और रात में 22 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है।तिल की खेती अच्छी जल निकासी वाली पर्याप्त नमी वाली रेतीली दोमट भूमि तिल की खेती के लिए सबसे उपयुक्त है। तिल की बुवाई मे बीज की मात्रा छिडकाव विधि से 5 किग्रा/हे. एवं सीड ड्रिल से बुवाई मे 2.5-3 किग्रा/हेक्टेयर की बीज के आवश्यकता होती है किसान साथियों अधिक उपज प्राप्त करने के लिए लाइन से लाइनके बीच उचित दूरी रखकर सीड ड्रिल से बुआई करे| किसान साथियों से अनुरोध हे कि गेंहू कटाई के बाद बची हुई पराली (फसल अवशेष ) को नहीं जलाये। इसे जलाने से खेत में उपस्थित जीवाणु मर जाते है खेत की उत्तपादन शक्ति घट जाती है बाजार में उपलब्ध फसल अपघटक (बायो-डीकंपोजर) का उपयोग करने से पराली (फसल अवशेष ) को खाद में परवर्तित हो जाएगी एवं मृदा के उर्बरता बढ़ेगी एवं फसल का उत्तपादन बढ़ेगा। अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन:7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । | Hindi | MP | 12-03-2025 | 16:50:00 | SCHEDULED |
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