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2091 वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Ujjain ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 23 January से 02 February के दौरान दिन में 25 और रात में 14 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है। सिंचित गेहूँ की फसल को बोवनी के समय के हिसाब से 40-45 दिन (कल्ले फूटने से समय) और 60-65 दिन (तने में गाँठ पड़ते समय) बाद सिंचाई अवश्य दें ऐसा करने से वातावरण के तापक्रम में भी अधिक कमी आने से भी फसल को नुकसान नहीं होगा । चने की फसल में भी अगर फूल आ रहे हों तो सिंचाई न करें । चने में सिंचाई या तो फूल आने के पूर्व या दाना भरने के समय करने की अनुशंसा है । चने की फसल में फली छेदक कीट का प्रकोप दिखने पर 6 फिरोमोन ट्रैप्स प्रति एकड़ लगायें। चिड़ियों के बैठने के लिए बर्ड-पर्च लगायें । वायरस आधारित कीटनाशक एन.पी.वी. @ 250 एल.ई./हेक्टे.का छिड़काव करें । स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें । अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । Hindi MP 24-01-2025 08:20:00 SCHEDULED
2092 वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Sehore ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 23 January से 02 February के दौरान दिन में 25 और रात में 14 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है। सिंचित गेहूँ की फसल को बोवनी के समय के हिसाब से 40-45 दिन (कल्ले फूटने से समय) और 60-65 दिन (तने में गाँठ पड़ते समय) बाद सिंचाई अवश्य दें ऐसा करने से वातावरण के तापक्रम में भी अधिक कमी आने से भी फसल को नुकसान नहीं होगा । चने की फसल में भी अगर फूल आ रहे हों तो सिंचाई न करें । चने में सिंचाई या तो फूल आने के पूर्व या दाना भरने के समय करने की अनुशंसा है । चने की फसल में फली छेदक कीट का प्रकोप दिखने पर 6 फिरोमोन ट्रैप्स प्रति एकड़ लगायें। चिड़ियों के बैठने के लिए बर्ड-पर्च लगायें । वायरस आधारित कीटनाशक एन.पी.वी. @ 250 एल.ई./हेक्टे.का छिड़काव करें । स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें । अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । Hindi MP 24-01-2025 08:18:00 SCHEDULED
2093 वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Agar ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 23 January से 02 February के दौरान दिन में 25 और रात में 14 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है। सिंचित गेहूँ की फसल को बोवनी के समय के हिसाब से 40-45 दिन (कल्ले फूटने से समय) और 60-65 दिन (तने में गाँठ पड़ते समय) बाद सिंचाई अवश्य दें ऐसा करने से वातावरण के तापक्रम में भी अधिक कमी आने से भी फसल को नुकसान नहीं होगा । चने की फसल में भी अगर फूल आ रहे हों तो सिंचाई न करें । चने में सिंचाई या तो फूल आने के पूर्व या दाना भरने के समय करने की अनुशंसा है । चने की फसल में फली छेदक कीट का प्रकोप दिखने पर 6 फिरोमोन ट्रैप्स प्रति एकड़ लगायें। चिड़ियों के बैठने के लिए बर्ड-पर्च लगायें । वायरस आधारित कीटनाशक एन.पी.वी. @ 250 एल.ई./हेक्टे.का छिड़काव करें । स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें । अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । Hindi MP 24-01-2025 08:16:00 SCHEDULED
2094 वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Dewas ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 23 January से 02 February के दौरान दिन में 24 और रात में 15 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है। सिंचित गेहूँ की फसल को बोवनी के समय के हिसाब से 40-45 दिन (कल्ले फूटने से समय) और 60-65 दिन (तने में गाँठ पड़ते समय) बाद सिंचाई अवश्य दें ऐसा करने से वातावरण के तापक्रम में भी अधिक कमी आने से भी फसल को नुकसान नहीं होगा । चने की फसल में भी अगर फूल आ रहे हों तो सिंचाई न करें । चने में सिंचाई या तो फूल आने के पूर्व या दाना भरने के समय करने की अनुशंसा है । चने की फसल में फली छेदक कीट का प्रकोप दिखने पर 6 फिरोमोन ट्रैप्स प्रति एकड़ लगायें। चिड़ियों के बैठने के लिए बर्ड-पर्च लगायें । वायरस आधारित कीटनाशक एन.पी.वी. @ 250 एल.ई./हेक्टे.का छिड़काव करें । स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें । अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 7-6-6-9-0-4-7-7-4-7) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें । Hindi MP 24-01-2025 08:15:00 SCHEDULED
2095 VIL_4-Nagpur-Umred-Aptur-24.01.25 नमस्कार शेतकरी बंधूंनो सॉलिडरीडॅड, वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. उमरेड तालुक्यातील आपतूर येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे या आठवड्यातील हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान १५ ते १८ अंश तर कमाल २९ ते ३१ अंश सेल्सियस एवढे राहील. दिनांक २४ व २५ जानेवारी रोजी वातावरण अंशतः ढगाळ राहण्याची शक्यता आहे. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:- कपाशी पिकाचे फरदड घेतल्यास शेंदरी बोडअळी सोबत इतर अळ्यांना खादय मिळाल्या मुळे त्याचा प्रादुर्भाव जास्त राहतो व त्याचा परिणाम पुढील हंगामातील पिकावर लवकर होता, यामळे फरदड घेवू नये. कापस संकलन व साठवनूक ठिकाणी शेंदरी बोडअळी व्यवस्थापनासाठी कामगंध सापळ्याची मदत घ्यावी व त्यामध्ये सापडलेल्या प्रौढ अवस्थेतील बोडअळीची नियमत वेचणी करावी, त्यामुळे पुढील वर्षी त्याचा प्रदुर्भाव कमी होईल. तूर पीक काढणीला आले असल्यास पिकाची काढणी करून व तयार झालेल्या सुकलेल्या मालाची सुरक्षित ठिकाणी साठवणूक करावी. हरभरा पिकास फुलवाढीसाठी पिकावर नायट्रोबेंझीन १० मी.लि.व फुलगळ थांबविण्यासाठी एन. ए. ए. नेपथेलीन ऍसिटिक ऍसिड २ मी. ली. प्रति १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. हरभरा पिकात मर रोगाचा प्रादुर्भाव दिसताच रोगट झाडे नष्ट करावी. ट्रायकोडर्मा शेणखतात मिसळून द्यावा. घाटेअळीच्या सर्वेक्षण व नियंत्रणासाठी ५ कामगंध सापळे प्रति एकरी उभारावे व त्यासोबत २० पक्षीथांबे प्रति हेक्टरी याप्रमाणे उभारावेत. घाटे अळीने आर्थिक नुकसानाची पातळी (१-२ अळ्या प्रति ओळ किंवा ५ टक्के कीडग्रस्त घाटे) पार केल्यास त्यांच्या नियंत्रणासाठी पहिली फवारणी ५ टक्के निंबोळी अर्क किंवा ३०० पीपीएम अझाडिरेक्टीन ५० मी.ली. किंवा क्विनॉलफॉस २५ टक्के इ.सि. २० मि. ली. प्रति १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी तसेच दुसरी फवारणी इमामेक्टीन बॉंझोएट ५ टक्के एस जी ३ ग्रॅम किंवा किंवा फ्लूबेंडामाइड २० टक्के डब्ल्यू जी ५ मिली प्रति १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. बागायती गव्हास पेरणीनंतर १८ ते २०, ३० ते ३५, ४५ ते ५० व ६५ ते ७० दिवसांनी अनुक्रमे मुकुटमुळे अवस्था, जास्तीत जास्त फुटवे अवस्था, कांडी अवस्था व फुलोरा अवस्थेत ओलित करावे. तसेच स्मार्ट ॲग्री ॲडव्हायझरी ॲप चे अपडेटेड व्हर्जन प्ले स्टोअर मध्ये उपलब्ध आहे ते मोबाईल मध्ये डाऊनलोड करणे सदर अपडेटेड व्हर्जन मध्ये हवामान केंद्राच्या माहितीचा तपशील समाविष्ट करण्यात आला आहे. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा मोबाईल क्रमांक 9923224043 धन्यवाद! Marathi MH 24-01-2025 07:30:00 SCHEDULED
2096 VIL-Adilabad-Bela-24.01.24 - హలో తోటి రైతులకు..సాలిడారిడాడ్ మరియు వోడాఫోన్ ఐడియా ఫౌండేషన్ యొక్క స్మార్ట్ అగ్రికల్చర్ ప్రోగ్రామ్‌కు స్వాగతం. ఈ వారం కనిష్టంగా బేల, ఆదిలాబాద్ వద్ద ఆటోమేటెడ్ వాతావరణ స్టేషన్ యొక్క వాతావరణ సూచన 18 నుండి 20 డిగ్రీల సెల్సియస్ మరియు గరిష్టంగా 32 నుండి 34 డిగ్రీల సెల్సియస్. రైతులకు సలహాలు:- పత్తి పంటకు ఎరువుతో శుద్ధి చేస్తే ఇతర లార్వాలతో పాటు కాయతొలుచు పురుగు ఉధృతి ఎక్కువగా ఉండడంతో దాని ప్రభావం వచ్చే సీజన్లో వచ్చే పంటపై ప్రారంభంలోనే ఉంటుంది కాబట్టి ఎరువు వేయకూడదు.పత్తి సేకరణ మరియు నిల్వ చేసే ప్రదేశాలలో కాయతొలుచు పురుగుల నిర్వహణ కోసం, కామగంధ ఉచ్చులను ఉపయోగించడం మరియు పత్తిలో కనిపించే కాయతొలుచు పురుగులను క్రమం తప్పకుండా ఎంచుకోవడం వలన తరువాతి సంవత్సరంలో దాని సంభవం తగ్గుతుంది.తుర్రు పంట కోతకు వచ్చినట్లయితే, పంటను కోయాలి మరియు ఎండిన పదార్థాన్ని సురక్షితమైన స్థలంలో నిల్వ చేయాలి.పంటపై నైట్రోబెంజీన్ 10 మి.లీ.లు పూలు పూయడానికి మరియు పుష్పించకుండా ఉండటానికి ఎన్. ఎ. ఎ. నాఫ్తలీన్ ఎసిటిక్ యాసిడ్ 2 మీ. లీ. 10 లీటర్ల నీటిలో కలిపి పిచికారీ చేయాలి.మినుము పంటలో డై వ్యాధి ప్రబలిన వెంటనే వ్యాధి సోకిన చెట్లను నాశనం చేయాలి. ట్రైకోడెర్మాను పేడలో కలపాలి. ఘటేల సర్వే మరియు నియంత్రణ కోసం, హెక్టారుకు 20 బర్డ్ స్టాండ్‌లతో పాటు ఎకరానికి 5 కమగండ్ల ఉచ్చులు ఏర్పాటు చేయాలి.గొంగళి పురుగులు ఆర్థిక నష్ట స్థాయిని దాటితే (ఒక పంక్తికి 1-2 లార్వా లేదా 5 శాతం సోకిన గొంగళి పురుగులు), వాటిని నియంత్రించడానికి మొదటి స్ప్రే 5 శాతం నింబోలి సారం లేదా 300 ppm అజాడైరెక్టిన్ 50 ml.లేదా క్వినాల్ఫాస్ 25 శాతం ఇ.సి. 20 నిమి. లీ. 10 లీటర్ల నీటికి కలిపి పిచికారీ చేయాలి మరియు రెండవసారి ఎమామెక్టిన్ బెంజోయేట్ 5 శాతం SG 3 గ్రా లేదా ఫ్లూబెండమైడ్ 20 శాతం W G 5 ml 10 లీటర్ల నీటికి కలిపి పిచికారీ చేయాలి.ఉద్యాన గోధుమలకు వరుసగా 18 నుండి 20, 30 నుండి 35, 45 నుండి 50 మరియు 65 నుండి 70 రోజుల వరకు విత్తిన తర్వాత, గరిష్ట పాదాల దశ, చెరకు దశ మరియు పుష్పించే దశలో నీరు పెట్టాలి. అలాగే, స్మార్ట్ అగ్రి అడ్వైజరీ యాప్ అప్‌డేటెడ్ వెర్షన్ ప్లే స్టోర్‌లో అందుబాటులో ఉంది మరియు మొబైల్ ఫోన్‌లో డౌన్‌లోడ్ చేసుకోవచ్చు. Solidaridad స్మార్ట్ అగ్రి ప్రోగ్రామ్‌లో మీ ప్రశ్నను పరిష్కరించడానికి దయచేసి మొబైల్ నంబర్‌ను సంప్రదించండి 7798008855 ధన్యవాదాలు! Telugu Telangana 24-01-2025 08:30:00 SCHEDULED
2097 VIL-Adilabad-Jainad-24.01.25 - హలో తోటి రైతులకు..సాలిడారిడాడ్ మరియు వోడాఫోన్ ఐడియా ఫౌండేషన్ యొక్క స్మార్ట్ అగ్రికల్చర్ ప్రోగ్రామ్‌కు స్వాగతం. జైనద్, ఆదిలాబాద్‌లోని ఆటోమేటిక్ వాతావరణ స్టేషన్ వాతావరణ సూచన ప్రకారం ఈ వారం కనిష్ట ఉష్ణోగ్రత 17 నుండి 19 డిగ్రీల సెల్సియస్ మరియు గరిష్టంగా ३२ నుండి ३३ డిగ్రీల సెల్సియస్. రైతులకు సలహాలు:- పత్తి పంటకు ఎరువుతో శుద్ధి చేస్తే ఇతర లార్వాలతో పాటు కాయతొలుచు పురుగు ఉధృతి ఎక్కువగా ఉండడంతో దాని ప్రభావం వచ్చే సీజన్లో వచ్చే పంటపై ప్రారంభంలోనే ఉంటుంది కాబట్టి ఎరువు వేయకూడదు.పత్తి సేకరణ మరియు నిల్వ చేసే ప్రదేశాలలో కాయతొలుచు పురుగుల నిర్వహణ కోసం, కామగంధ ఉచ్చులను ఉపయోగించడం మరియు పత్తిలో కనిపించే కాయతొలుచు పురుగులను క్రమం తప్పకుండా ఎంచుకోవడం వలన తరువాతి సంవత్సరంలో దాని సంభవం తగ్గుతుంది.తుర్రు పంట కోతకు వచ్చినట్లయితే, పంటను కోయాలి మరియు ఎండిన పదార్థాన్ని సురక్షితమైన స్థలంలో నిల్వ చేయాలి.పంటపై నైట్రోబెంజీన్ 10 మి.లీ.లు పూలు పూయడానికి మరియు పుష్పించకుండా ఉండటానికి ఎన్. ఎ. ఎ. నాఫ్తలీన్ ఎసిటిక్ యాసిడ్ 2 మీ. లీ. 10 లీటర్ల నీటిలో కలిపి పిచికారీ చేయాలి.మినుము పంటలో డై వ్యాధి ప్రబలిన వెంటనే వ్యాధి సోకిన చెట్లను నాశనం చేయాలి. ట్రైకోడెర్మాను పేడలో కలపాలి. ఘటేల సర్వే మరియు నియంత్రణ కోసం, హెక్టారుకు 20 బర్డ్ స్టాండ్‌లతో పాటు ఎకరానికి 5 కమగండ్ల ఉచ్చులు ఏర్పాటు చేయాలి.గొంగళి పురుగులు ఆర్థిక నష్ట స్థాయిని దాటితే (ఒక పంక్తికి 1-2 లార్వా లేదా 5 శాతం సోకిన గొంగళి పురుగులు), వాటిని నియంత్రించడానికి మొదటి స్ప్రే 5 శాతం నింబోలి సారం లేదా 300 ppm అజాడైరెక్టిన్ 50 ml.లేదా క్వినాల్ఫాస్ 25 శాతం ఇ.సి. 20 నిమి. లీ. 10 లీటర్ల నీటికి కలిపి పిచికారీ చేయాలి మరియు రెండవసారి ఎమామెక్టిన్ బెంజోయేట్ 5 శాతం SG 3 గ్రా లేదా ఫ్లూబెండమైడ్ 20 శాతం W G 5 ml 10 లీటర్ల నీటికి కలిపి పిచికారీ చేయాలి.ఉద్యాన గోధుమలకు వరుసగా 18 నుండి 20, 30 నుండి 35, 45 నుండి 50 మరియు 65 నుండి 70 రోజుల వరకు విత్తిన తర్వాత, గరిష్ట పాదాల దశ, చెరకు దశ మరియు పుష్పించే దశలో నీరు పెట్టాలి. అలాగే, స్మార్ట్ అగ్రి అడ్వైజరీ యాప్ అప్‌డేటెడ్ వెర్షన్ ప్లే స్టోర్‌లో అందుబాటులో ఉంది మరియు మొబైల్ ఫోన్‌లో డౌన్‌లోడ్ చేసుకోవచ్చు. Solidaridad స్మార్ట్ అగ్రి ప్రోగ్రామ్‌లో మీ ప్రశ్నను పరిష్కరించడానికి దయచేసి మొబైల్ నంబర్‌ను సంప్రదించండి 7798008855 ధన్యవాదాలు! Telugu Telangana 24-01-2025 08:30:00 SCHEDULED
2098 VIL-2 - Amravati- Dabhada- 24.01.25 - नमस्कार शेतकरी बंधूंनो...सॉलिडरीडॅड, वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. धामनगाव रे तालुक्यातील दाभाडा येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे या आठवड्यातील हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान १५ ते १८ अंश तर कमाल ३१ ते ३२ अंश सेल्सियस एवढे राहील. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:- कपाशी पिकाचे फरदड घेतल्यास शेंदरी बोडअळी सोबत इतर अळ्यांना खादय मिळाल्या मुळे त्याचा प्रादुर्भाव जास्त राहतो व त्याचा परिणाम पुढील हंगामातील पिकावर लवकर होता, यामळे फरदड घेवू नये. कापस संकलन व साठवनूक ठिकाणी शेंदरी बोडअळी व्यवस्थापनासाठी कामगंध सापळ्याची मदत घ्यावी व त्यामध्ये सापडलेल्या प्रौढ अवस्थेतील बोडअळीची नियमत वेचणी करावी, त्यामुळे पुढील वर्षी त्याचा प्रदुर्भाव कमी होईल. तूर पीक काढणीला आले असल्यास पिकाची काढणी करून व तयार झालेल्या सुकलेल्या मालाची सुरक्षित ठिकाणी साठवणूक करावी. हरभरा पिकास फुलवाढीसाठी पिकावर नायट्रोबेंझीन १० मी.लि.व फुलगळ थांबविण्यासाठी एन. ए. ए. नेपथेलीन ऍसिटिक ऍसिड २ मी. ली. प्रति १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. हरभरा पिकात मर रोगाचा प्रादुर्भाव दिसताच रोगट झाडे नष्ट करावी. ट्रायकोडर्मा शेणखतात मिसळून द्यावा. घाटेअळीच्या सर्वेक्षण व नियंत्रणासाठी ५ कामगंध सापळे प्रति एकरी उभारावे व त्यासोबत २० पक्षीथांबे प्रति हेक्टरी याप्रमाणे उभारावेत. घाटे अळीने आर्थिक नुकसानाची पातळी (१-२ अळ्या प्रति ओळ किंवा ५ टक्के कीडग्रस्त घाटे) पार केल्यास त्यांच्या नियंत्रणासाठी पहिली फवारणी ५ टक्के निंबोळी अर्क किंवा ३०० पीपीएम अझाडिरेक्टीन ५० मी.ली. किंवा क्विनॉलफॉस २५ टक्के इ.सि. २० मि. ली. प्रति १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी तसेच दुसरी फवारणी इमामेक्टीन बॉंझोएट ५ टक्के एस जी ३ ग्रॅम किंवा किंवा फ्लूबेंडामाइड २० टक्के डब्ल्यू जी ५ मिली प्रति १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. बागायती गव्हास पेरणीनंतर १८ ते २०, ३० ते ३५, ४५ ते ५० व ६५ ते ७० दिवसांनी अनुक्रमे मुकुटमुळे अवस्था, जास्तीत जास्त फुटवे अवस्था, कांडी अवस्था व फुलोरा अवस्थेत ओलित करावे. स्मार्ट ॲग्री ॲडव्हायझरी ॲप चे अपडेटेड व्हर्जन प्ले स्टोअर मध्ये उपलब्ध आहे ते मोबाईल मध्ये डाऊनलोड करणे सदर अपडेटेड व्हर्जन मध्ये हवामान केंद्राच्या माहितीचा तपशील समाविष्ट करण्यात आला आहे. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबा. क्र. 9158261922. Marathi MH 24-01-2025 08:30:00 SCHEDULED
2099 VIL-1-Amravati-Talegaon-24.01.25 - नमस्कार शेतकरी बंधूंनो...सॉलिडरीडॅड, वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. धामनगाव रे तालुक्यातील तळेगाव दशांसर येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे या आठवड्यातील हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान १६ ते १८ अंश तर कमाल ३१ ते ३२ अंश सेल्सियस एवढे राहील. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:- कपाशी पिकाचे फरदड घेतल्यास शेंदरी बोडअळी सोबत इतर अळ्यांना खादय मिळाल्या मुळे त्याचा प्रादुर्भाव जास्त राहतो व त्याचा परिणाम पुढील हंगामातील पिकावर लवकर होता, यामळे फरदड घेवू नये. कापस संकलन व साठवनूक ठिकाणी शेंदरी बोडअळी व्यवस्थापनासाठी कामगंध सापळ्याची मदत घ्यावी व त्यामध्ये सापडलेल्या प्रौढ अवस्थेतील बोडअळीची नियमत वेचणी करावी, त्यामुळे पुढील वर्षी त्याचा प्रदुर्भाव कमी होईल. तूर पीक काढणीला आले असल्यास पिकाची काढणी करून व तयार झालेल्या सुकलेल्या मालाची सुरक्षित ठिकाणी साठवणूक करावी. हरभरा पिकास फुलवाढीसाठी पिकावर नायट्रोबेंझीन १० मी.लि.व फुलगळ थांबविण्यासाठी एन. ए. ए. नेपथेलीन ऍसिटिक ऍसिड २ मी. ली. प्रति १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. हरभरा पिकात मर रोगाचा प्रादुर्भाव दिसताच रोगट झाडे नष्ट करावी. ट्रायकोडर्मा शेणखतात मिसळून द्यावा. घाटेअळीच्या सर्वेक्षण व नियंत्रणासाठी ५ कामगंध सापळे प्रति एकरी उभारावे व त्यासोबत २० पक्षीथांबे प्रति हेक्टरी याप्रमाणे उभारावेत. घाटे अळीने आर्थिक नुकसानाची पातळी (१-२ अळ्या प्रति ओळ किंवा ५ टक्के कीडग्रस्त घाटे) पार केल्यास त्यांच्या नियंत्रणासाठी पहिली फवारणी ५ टक्के निंबोळी अर्क किंवा ३०० पीपीएम अझाडिरेक्टीन ५० मी.ली. किंवा क्विनॉलफॉस २५ टक्के इ.सि. २० मि. ली. प्रति १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी तसेच दुसरी फवारणी इमामेक्टीन बॉंझोएट ५ टक्के एस जी ३ ग्रॅम किंवा किंवा फ्लूबेंडामाइड २० टक्के डब्ल्यू जी ५ मिली प्रति १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. बागायती गव्हास पेरणीनंतर १८ ते २०, ३० ते ३५, ४५ ते ५० व ६५ ते ७० दिवसांनी अनुक्रमे मुकुटमुळे अवस्था, जास्तीत जास्त फुटवे अवस्था, कांडी अवस्था व फुलोरा अवस्थेत ओलित करावे. स्मार्ट ॲग्री ॲडव्हायझरी ॲप चे अपडेटेड व्हर्जन प्ले स्टोअर मध्ये उपलब्ध आहे ते मोबाईल मध्ये डाऊनलोड करणे सदर अपडेटेड व्हर्जन मध्ये हवामान केंद्राच्या माहितीचा तपशील समाविष्ट करण्यात आला आहे. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबाईल क्रमांक 9039133541 . Marathi MH 24-01-2025 08:30:00 SCHEDULED
2100 VIL_4-Nagpur-Umred-Aptur-24.01.25 - नमस्कार शेतकरी बंधूंनो सॉलिडरीडॅड, वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. सावनेर तालुक्यातील मानेगाव येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे या आठवड्यातील हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान १५ ते १८ अंश तर कमाल २९ ते ३१ अंश सेल्सियस एवढे राहील. दिनांक २४ व २५ जानेवारी रोजी वातावरण अंशतः ढगाळ राहण्याची शक्यता आहे. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:- कपाशी पिकाचे फरदड घेतल्यास शेंदरी बोडअळी सोबत इतर अळ्यांना खादय मिळाल्या मुळे त्याचा प्रादुर्भाव जास्त राहतो व त्याचा परिणाम पुढील हंगामातील पिकावर लवकर होता, यामळे फरदड घेवू नये. कापस संकलन व साठवनूक ठिकाणी शेंदरी बोडअळी व्यवस्थापनासाठी कामगंध सापळ्याची मदत घ्यावी व त्यामध्ये सापडलेल्या प्रौढ अवस्थेतील बोडअळीची नियमत वेचणी करावी, त्यामुळे पुढील वर्षी त्याचा प्रदुर्भाव कमी होईल. तूर पीक काढणीला आले असल्यास पिकाची काढणी करून व तयार झालेल्या सुकलेल्या मालाची सुरक्षित ठिकाणी साठवणूक करावी. हरभरा पिकास फुलवाढीसाठी पिकावर नायट्रोबेंझीन १० मी.लि.व फुलगळ थांबविण्यासाठी एन. ए. ए. नेपथेलीन ऍसिटिक ऍसिड २ मी. ली. प्रति १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. हरभरा पिकात मर रोगाचा प्रादुर्भाव दिसताच रोगट झाडे नष्ट करावी. ट्रायकोडर्मा शेणखतात मिसळून द्यावा. घाटेअळीच्या सर्वेक्षण व नियंत्रणासाठी ५ कामगंध सापळे प्रति एकरी उभारावे व त्यासोबत २० पक्षीथांबे प्रति हेक्टरी याप्रमाणे उभारावेत. घाटे अळीने आर्थिक नुकसानाची पातळी (१-२ अळ्या प्रति ओळ किंवा ५ टक्के कीडग्रस्त घाटे) पार केल्यास त्यांच्या नियंत्रणासाठी पहिली फवारणी ५ टक्के निंबोळी अर्क किंवा ३०० पीपीएम अझाडिरेक्टीन ५० मी.ली. किंवा क्विनॉलफॉस २५ टक्के इ.सि. २० मि. ली. प्रति १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी तसेच दुसरी फवारणी इमामेक्टीन बॉंझोएट ५ टक्के एस जी ३ ग्रॅम किंवा किंवा फ्लूबेंडामाइड २० टक्के डब्ल्यू जी ५ मिली प्रति १० लिटर पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. बागायती गव्हास पेरणीनंतर १८ ते २०, ३० ते ३५, ४५ ते ५० व ६५ ते ७० दिवसांनी अनुक्रमे मुकुटमुळे अवस्था, जास्तीत जास्त फुटवे अवस्था, कांडी अवस्था व फुलोरा अवस्थेत ओलित करावे. तसेच स्मार्ट ॲग्री ॲडव्हायझरी ॲप चे अपडेटेड व्हर्जन प्ले स्टोअर मध्ये उपलब्ध आहे ते मोबाईल मध्ये डाऊनलोड करणे सदर अपडेटेड व्हर्जन मध्ये हवामान केंद्राच्या माहितीचा तपशील समाविष्ट करण्यात आला आहे. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा मोबाईल क्रमांक 9923224043 धन्यवाद! Marathi MH 24-01-2025 08:30:00 SCHEDULED