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2171 प्रिय किसान साथियों, दिसम्बर माह की 18 तारीख से 27 तारीख के दौरान हरदोई जिले के हरपालपुर क्षेत्र के दिन तथा रात के तापमान में कमी आयेगी | इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 20 से 25 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 7 से 9 डिग्री सेंटीग्रेड तक रहेगा I इस दौरान उत्तर पश्चिम दिशा से 2 से 16 किलोमीटर की गति से ठंडी हवायें चलेंगी, जिसकी वजह से रात्रि एवं सुबह धुंध पड़ने की संभावना रहेगी, आमतौर पर मौसम साफ़ रहेगा तथा वर्षा की संभावना कम है | जिसकी वजह से वायुमंडलीय आर्द्रता 40 से 80% तक रहने की संभावना है | किसान भाई बुवारी तथा पेंडी गन्ना इस समय परिपक्वता की अवस्था में है,इस अवस्था में सुखा था ठण्ड का दुस्प्रभाव अधिक पड़ता है जिससे गन्ना सूखकर कम पैदावार देता है ऐसे में नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें,जिससे गन्ने की वजन में बढोत्तरी हो सके, ठण्डी के दिनों में गन्ना तथा इसके अन्तर्गत intercrops को इसके दुस्प्रभाव से बचने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है की आवश्यक्ता के अनुसार हल्की सिचांई करते रहे इससे फसलो के अंदर तापमान अधिक रहता है, यह कार्य खड़े तथा शरद कालीन बुवाई के गन्ने दोनों में ही करें| किसान भाइयो गन्ने की पेंडी फसल से अच्छी पैदावार लेने के लिए, हमेशा गन्ने की कटाई जमीन की सतह से ही करें, गन्ना कटाई के एक सप्ताह के अंदर सिंचाई करें, गन्ने की सूखी पत्ती को कभी जलाये नही सूखी पत्ती को खेत में बिछाये पत्ती को सडाने के लिए waste decomposer का उपयोग करें, खेत में हल चलाकर 50kg यूरिया + 75kg DAP+ 50kg पोटास + 25kg Micronutrient एक एकड़ में डालें| जिन किसान भाइयों ने सितम्बर – अक्टूबर माह में गन्ना बुवाई की है, गैपफिलिंग के लिए ट्रे में उगाई गई नर्सरी के पौधों का उपयोग अधिक लाभकारी होगा, गन्ने की नालियों में निराई गुड़ाई करे, जिस शरद कालीन गन्ने की उम्र 65 से 70 दिन की हो गई है ऐसे खेतो में 50kg / एकड़ की दर से यूरिया लाइनों में प्रयोग करें, जिन किसानो के पास जमीन कम है तथा वह गेंहू कटाई के बाद गन्ना बुवाई करते है ऐसे किसान भाई FIRB विधि से गेंहू की बुवाई करे तथा फरवरी के महीने में उचित तापमान आने पर पानी लगाकर लाइनों में बुवाई करें, ध्यान रखे गन्ने के लिए कोई अलग से खाद न डालें| सरसों के intercrop अथवा पूरी फसल में ध्यान रखें इसमें चैंपा रोग लग सकता है इसकी रोकथाम के लिए Metacide / Metasystox 100ml प्रति एकड़ अथवा रोगोर 400ml प्रति एकड़ की दर से 200 ली. पानी में डालकर छिडकाव करें, धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें |शरदकालीन गन्ने में नियमित निराई गुड़ाई करते रहे, गन्ना फुटाव की अवस्था में निराई गुड़ाई, और पर्याप्त मात्रा में नमी अत्यंत अवश्यक होता है| स्मार्ट एग्री कार्यक्रम की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 18-12-2024 10:08:00 SCHEDULED
2172 प्रिय किसान साथियों, दिसम्बर माह की 18 तारीख से 27 तारीख के दौरान हरदोई जिले के हरियावा क्षेत्र के दिन तथा रात के तापमान में कमी आयेगी | इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 20 से 25 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 7 से 9 डिग्री सेंटीग्रेड तक रहेगा I इस दौरान उत्तर पश्चिम दिशा से 2 से 16 किलोमीटर की गति से ठंडी हवायें चलेंगी, जिसकी वजह से रात्रि एवं सुबह धुंध पड़ने की संभावना रहेगी, आमतौर पर मौसम साफ़ रहेगा तथा वर्षा की संभावना कम है | जिसकी वजह से वायुमंडलीय आर्द्रता 40 से 80% तक रहने की संभावना है | किसान भाई बुवारी तथा पेंडी गन्ना इस समय परिपक्वता की अवस्था में है,इस अवस्था में सुखा था ठण्ड का दुस्प्रभाव अधिक पड़ता है जिससे गन्ना सूखकर कम पैदावार देता है ऐसे में नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें,जिससे गन्ने की वजन में बढोत्तरी हो सके, ठण्डी के दिनों में गन्ना तथा इसके अन्तर्गत intercrops को इसके दुस्प्रभाव से बचने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है की आवश्यक्ता के अनुसार हल्की सिचांई करते रहे इससे फसलो के अंदर तापमान अधिक रहता है, यह कार्य खड़े तथा शरद कालीन बुवाई के गन्ने दोनों में ही करें| किसान भाइयो गन्ने की पेंडी फसल से अच्छी पैदावार लेने के लिए, हमेशा गन्ने की कटाई जमीन की सतह से ही करें, गन्ना कटाई के एक सप्ताह के अंदर सिंचाई करें, गन्ने की सूखी पत्ती को कभी जलाये नही सूखी पत्ती को खेत में बिछाये पत्ती को सडाने के लिए waste decomposer का उपयोग करें, खेत में हल चलाकर 50kg यूरिया + 75kg DAP+ 50kg पोटास + 25kg Micronutrient एक एकड़ में डालें| जिन किसान भाइयों ने सितम्बर – अक्टूबर माह में गन्ना बुवाई की है, गैपफिलिंग के लिए ट्रे में उगाई गई नर्सरी के पौधों का उपयोग अधिक लाभकारी होगा, गन्ने की नालियों में निराई गुड़ाई करे, जिस शरद कालीन गन्ने की उम्र 65 से 70 दिन की हो गई है ऐसे खेतो में 50kg / एकड़ की दर से यूरिया लाइनों में प्रयोग करें, जिन किसानो के पास जमीन कम है तथा वह गेंहू कटाई के बाद गन्ना बुवाई करते है ऐसे किसान भाई FIRB विधि से गेंहू की बुवाई करे तथा फरवरी के महीने में उचित तापमान आने पर पानी लगाकर लाइनों में बुवाई करें, ध्यान रखे गन्ने के लिए कोई अलग से खाद न डालें| सरसों के intercrop अथवा पूरी फसल में ध्यान रखें इसमें चैंपा रोग लग सकता है इसकी रोकथाम के लिए Metacide / Metasystox 100ml प्रति एकड़ अथवा रोगोर 400ml प्रति एकड़ की दर से 200 ली. पानी में डालकर छिडकाव करें, धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें |शरदकालीन गन्ने में नियमित निराई गुड़ाई करते रहे, गन्ना फुटाव की अवस्था में निराई गुड़ाई, और पर्याप्त मात्रा में नमी अत्यंत अवश्यक होता है| स्मार्ट एग्री कार्यक्रम की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 18-12-2024 10:06:00 SCHEDULED
2173 प्रिय किसान साथियों, दिसम्बर माह की 18 तारीख से 27 तारीख के दौरान हरदोई जिले के टोडरपुर क्षेत्र के दिन तथा रात के तापमान में कमी आयेगी | इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 20 से 25 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 7 से 9 डिग्री सेंटीग्रेड तक रहेगा I इस दौरान उत्तर पश्चिम दिशा से 2 से 16 किलोमीटर की गति से ठंडी हवायें चलेंगी, जिसकी वजह से रात्रि एवं सुबह धुंध पड़ने की संभावना रहेगी, आमतौर पर मौसम साफ़ रहेगा तथा वर्षा की संभावना कम है | जिसकी वजह से वायुमंडलीय आर्द्रता 40 से 80% तक रहने की संभावना है | किसान भाई बुवारी तथा पेंडी गन्ना इस समय परिपक्वता की अवस्था में है,इस अवस्था में सुखा था ठण्ड का दुस्प्रभाव अधिक पड़ता है जिससे गन्ना सूखकर कम पैदावार देता है ऐसे में नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें,जिससे गन्ने की वजन में बढोत्तरी हो सके, ठण्डी के दिनों में गन्ना तथा इसके अन्तर्गत intercrops को इसके दुस्प्रभाव से बचने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है की आवश्यक्ता के अनुसार हल्की सिचांई करते रहे इससे फसलो के अंदर तापमान अधिक रहता है, यह कार्य खड़े तथा शरद कालीन बुवाई के गन्ने दोनों में ही करें| किसान भाइयो गन्ने की पेंडी फसल से अच्छी पैदावार लेने के लिए, हमेशा गन्ने की कटाई जमीन की सतह से ही करें, गन्ना कटाई के एक सप्ताह के अंदर सिंचाई करें, गन्ने की सूखी पत्ती को कभी जलाये नही सूखी पत्ती को खेत में बिछाये पत्ती को सडाने के लिए waste decomposer का उपयोग करें, खेत में हल चलाकर 50kg यूरिया + 75kg DAP+ 50kg पोटास + 25kg Micronutrient एक एकड़ में डालें| जिन किसान भाइयों ने सितम्बर – अक्टूबर माह में गन्ना बुवाई की है, गैपफिलिंग के लिए ट्रे में उगाई गई नर्सरी के पौधों का उपयोग अधिक लाभकारी होगा, गन्ने की नालियों में निराई गुड़ाई करे, जिस शरद कालीन गन्ने की उम्र 65 से 70 दिन की हो गई है ऐसे खेतो में 50kg / एकड़ की दर से यूरिया लाइनों में प्रयोग करें, जिन किसानो के पास जमीन कम है तथा वह गेंहू कटाई के बाद गन्ना बुवाई करते है ऐसे किसान भाई FIRB विधि से गेंहू की बुवाई करे तथा फरवरी के महीने में उचित तापमान आने पर पानी लगाकर लाइनों में बुवाई करें, ध्यान रखे गन्ने के लिए कोई अलग से खाद न डालें| सरसों के intercrop अथवा पूरी फसल में ध्यान रखें इसमें चैंपा रोग लग सकता है इसकी रोकथाम के लिए Metacide / Metasystox 100ml प्रति एकड़ अथवा रोगोर 400ml प्रति एकड़ की दर से 200 ली. पानी में डालकर छिडकाव करें, धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें |शरदकालीन गन्ने में नियमित निराई गुड़ाई करते रहे, गन्ना फुटाव की अवस्था में निराई गुड़ाई, और पर्याप्त मात्रा में नमी अत्यंत अवश्यक होता है| स्मार्ट एग्री कार्यक्रम की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 18-12-2024 10:04:00 SCHEDULED
2174 प्रिय किसान साथियों, दिसम्बर माह की 18 तारीख से 27 तारीख के दौरान हरदोई जिले के बिलग्राम क्षेत्र के दिन तथा रात के तापमान में कमी आयेगी | इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 20 से 25 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 7 से 9 डिग्री सेंटीग्रेड तक रहेगा I इस दौरान उत्तर पश्चिम दिशा से 2 से 16 किलोमीटर की गति से ठंडी हवायें चलेंगी, जिसकी वजह से रात्रि एवं सुबह धुंध पड़ने की संभावना रहेगी, आमतौर पर मौसम साफ़ रहेगा तथा वर्षा की संभावना कम है | जिसकी वजह से वायुमंडलीय आर्द्रता 40 से 80% तक रहने की संभावना है | किसान भाई बुवारी तथा पेंडी गन्ना इस समय परिपक्वता की अवस्था में है,इस अवस्था में सुखा था ठण्ड का दुस्प्रभाव अधिक पड़ता है जिससे गन्ना सूखकर कम पैदावार देता है ऐसे में नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें,जिससे गन्ने की वजन में बढोत्तरी हो सके, ठण्डी के दिनों में गन्ना तथा इसके अन्तर्गत intercrops को इसके दुस्प्रभाव से बचने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है की आवश्यक्ता के अनुसार हल्की सिचांई करते रहे इससे फसलो के अंदर तापमान अधिक रहता है, यह कार्य खड़े तथा शरद कालीन बुवाई के गन्ने दोनों में ही करें| किसान भाइयो गन्ने की पेंडी फसल से अच्छी पैदावार लेने के लिए, हमेशा गन्ने की कटाई जमीन की सतह से ही करें, गन्ना कटाई के एक सप्ताह के अंदर सिंचाई करें, गन्ने की सूखी पत्ती को कभी जलाये नही सूखी पत्ती को खेत में बिछाये पत्ती को सडाने के लिए waste decomposer का उपयोग करें, खेत में हल चलाकर 50kg यूरिया + 75kg DAP+ 50kg पोटास + 25kg Micronutrient एक एकड़ में डालें| जिन किसान भाइयों ने सितम्बर – अक्टूबर माह में गन्ना बुवाई की है, गैपफिलिंग के लिए ट्रे में उगाई गई नर्सरी के पौधों का उपयोग अधिक लाभकारी होगा, गन्ने की नालियों में निराई गुड़ाई करे, जिस शरद कालीन गन्ने की उम्र 65 से 70 दिन की हो गई है ऐसे खेतो में 50kg / एकड़ की दर से यूरिया लाइनों में प्रयोग करें, जिन किसानो के पास जमीन कम है तथा वह गेंहू कटाई के बाद गन्ना बुवाई करते है ऐसे किसान भाई FIRB विधि से गेंहू की बुवाई करे तथा फरवरी के महीने में उचित तापमान आने पर पानी लगाकर लाइनों में बुवाई करें, ध्यान रखे गन्ने के लिए कोई अलग से खाद न डालें| सरसों के intercrop अथवा पूरी फसल में ध्यान रखें इसमें चैंपा रोग लग सकता है इसकी रोकथाम के लिए Metacide / Metasystox 100ml प्रति एकड़ अथवा रोगोर 400ml प्रति एकड़ की दर से 200 ली. पानी में डालकर छिडकाव करें, धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें |शरदकालीन गन्ने में नियमित निराई गुड़ाई करते रहे, गन्ना फुटाव की अवस्था में निराई गुड़ाई, और पर्याप्त मात्रा में नमी अत्यंत अवश्यक होता है| स्मार्ट एग्री कार्यक्रम की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 18-12-2024 10:02:00 SCHEDULED
2175 प्रिय किसान साथियों, दिसम्बर माह की 18 तारीख से 27 तारीख के दौरान हरदोई जिले के भरखनी क्षेत्र के दिन तथा रात के तापमान में कमी आयेगी | इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 20 से 25 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 7 से 9 डिग्री सेंटीग्रेड तक रहेगा I इस दौरान उत्तर पश्चिम दिशा से 2 से 16 किलोमीटर की गति से ठंडी हवायें चलेंगी, जिसकी वजह से रात्रि एवं सुबह धुंध पड़ने की संभावना रहेगी, आमतौर पर मौसम साफ़ रहेगा तथा वर्षा की संभावना कम है | जिसकी वजह से वायुमंडलीय आर्द्रता 40 से 80% तक रहने की संभावना है | किसान भाई बुवारी तथा पेंडी गन्ना इस समय परिपक्वता की अवस्था में है,इस अवस्था में सुखा था ठण्ड का दुस्प्रभाव अधिक पड़ता है जिससे गन्ना सूखकर कम पैदावार देता है ऐसे में नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें,जिससे गन्ने की वजन में बढोत्तरी हो सके, ठण्डी के दिनों में गन्ना तथा इसके अन्तर्गत intercrops को इसके दुस्प्रभाव से बचने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है की आवश्यक्ता के अनुसार हल्की सिचांई करते रहे इससे फसलो के अंदर तापमान अधिक रहता है, यह कार्य खड़े तथा शरद कालीन बुवाई के गन्ने दोनों में ही करें| किसान भाइयो गन्ने की पेंडी फसल से अच्छी पैदावार लेने के लिए, हमेशा गन्ने की कटाई जमीन की सतह से ही करें, गन्ना कटाई के एक सप्ताह के अंदर सिंचाई करें, गन्ने की सूखी पत्ती को कभी जलाये नही सूखी पत्ती को खेत में बिछाये पत्ती को सडाने के लिए waste decomposer का उपयोग करें, खेत में हल चलाकर 50kg यूरिया + 75kg DAP+ 50kg पोटास + 25kg Micronutrient एक एकड़ में डालें| जिन किसान भाइयों ने सितम्बर – अक्टूबर माह में गन्ना बुवाई की है, गैपफिलिंग के लिए ट्रे में उगाई गई नर्सरी के पौधों का उपयोग अधिक लाभकारी होगा, गन्ने की नालियों में निराई गुड़ाई करे, जिस शरद कालीन गन्ने की उम्र 65 से 70 दिन की हो गई है ऐसे खेतो में 50kg / एकड़ की दर से यूरिया लाइनों में प्रयोग करें, जिन किसानो के पास जमीन कम है तथा वह गेंहू कटाई के बाद गन्ना बुवाई करते है ऐसे किसान भाई FIRB विधि से गेंहू की बुवाई करे तथा फरवरी के महीने में उचित तापमान आने पर पानी लगाकर लाइनों में बुवाई करें, ध्यान रखे गन्ने के लिए कोई अलग से खाद न डालें| सरसों के intercrop अथवा पूरी फसल में ध्यान रखें इसमें चैंपा रोग लग सकता है इसकी रोकथाम के लिए Metacide / Metasystox 100ml प्रति एकड़ अथवा रोगोर 400ml प्रति एकड़ की दर से 200 ली. पानी में डालकर छिडकाव करें, धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें |शरदकालीन गन्ने में नियमित निराई गुड़ाई करते रहे, गन्ना फुटाव की अवस्था में निराई गुड़ाई, और पर्याप्त मात्रा में नमी अत्यंत अवश्यक होता है| स्मार्ट एग्री कार्यक्रम की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 18-12-2024 10:00:00 SCHEDULED
2176 জিলা: যোৰহাট ( ষ্টেচন: নামচিছু_AWS ) বতৰৰ বতৰা আৰু আমাৰ পৰামৰ্শ (বৈধতাৰ সময়সীমা: ১৬ৰ পৰা ২৫ ডিচেম্বৰলৈ, ২০২৪) চলিদাৰীডেড ৰ প্রিয় ক্ষুদ্ৰ চাহ খেতিয়ক সকল । ভি আই স্মাৰ্ট কৃষি ( VI Smart Agri) পৰামৰ্শলৈ স্বাগতম। যোৰহাট জিলাৰ নামচিছুত অৱস্থিত স্বয়ংক্ৰিয় বতৰ বিজ্ঞান কেন্দ্ৰৰ (Automatic Weather Station) ৰ পৰা পোৱা বতৰৰ পূৰ্বানুমান অনুসৰি ১৬ৰ পৰা ২৫ ডিচেম্বৰলৈ, ২০২৪ বতৰ সামান্যভাৱে ডাৱৰীয়াৰ পৰা ফৰকাল হৈ থাকিব। দিনৰ উষ্ণতা প্ৰায় ২৩-২৬ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ আৰু নিশাৰ উষ্ণতা প্ৰায় ১০-১২ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ হব বুলি অনুমান কৰা হৈছে। ৰাতিপুৱা আৰু আবেলিৰ আপেক্ষিক আৰ্দ্ৰতা ক্ৰমান্বয়ে প্ৰায় ৯৮ % আৰু ৪৫ % আশে-পাশে থাকিব। বতাহ প্ৰতি ঘন্টাত ৩-১১ কিলোমিটাৰ বেগত উত্তৰ-পূব আৰু দক্ষিণ-পূব দিশৰ পৰা প্ৰবাহিত হব। চাহ খেতিৰ বাবে: • এই সময়ত বাগানবোৰ পৰিষ্কাৰ কৰি ৰাখিব যাতে অহা চিজনলৈ কোনো কীট-পতংগৰ কণী বা পলু চাহৰ জোপোহা বোৰত ৰৈ নাযায় । • কলম কৰাৰ পিচত চাহ গছৰ ডাল আৰু পাত বোৰ বাগানৰ ভিতৰত ৰাখিব পাৰিব লাগে । বহুতে খৰিৰ বাবে ডাল আৰু পাতৰ সৈতে ঘৰলৈ লৈ যায় । • প্ৰায় সকলোবোৰ খেতিয়কে চাহ খেতিৰ বাগান বোৰ Section হিচাপে বেলেগ কৰি নাৰাখে । সেইবাবে কলম চাইকল বিজ্ঞান সন্মত ভাবে follow কৰা নহয় যিটোৰ বাবে প্ৰায় ৮০% শতাংশ খেতিয়কেই LP বাগান নাৰাখে কাৰণ LP ৰাখিলে May /Juneৰ পৰাহে পাত ওলাব ধৰে । DS ৰ ওপৰত আকৌ ৪বছৰৰ পিচত ঘূৰি আহি DS কৰা দেখা যায় । ফলস্বৰূপে গছৰ ডাল বোৰ বহুত শকত হৈ যায় আৰু গাঁঠিও বহুত হয় । উপায়হীন হৈ শেষত মাটিৰ পৰা ১৪-১৬ ইন্চিত ১০-১২ বছৰৰ পিচত কাটিব লগা হয় আৰু বহুতে তাকে LP কলম বুলি ভাবে । সেই বাবে কম মাটি থাকিলেও তিনিটা মান section কৰি ভাগ কৰি Pruning চাইকলৰ মতে ৩-৪বছৰৰ মূৰে মূৰে কলম LP-UP-DS-UP বা LP-UP-DS-MS কলম কৰিলে পাতো গুণগত হব আৰু বেমাৰো কম হব । মানুহো কম লাগিব । অন্যান্য শস্যৰ বাবে: • শীতকালিন শাক পাচলী খেতিত প্রয়োজন অনুসৰিহে কীটনাশক ঔষধ ব্যৱহাৰ কৰিব। • নতুনকৈ ৰোৱা শাক-পাচলীৰ খেতিত প্রয়োজন অনুসৰি জলঞ্চিনৰ ব্যৱস্থা লব। • প্রয়োজন আনুসৰি বন্ধাকবিৰ পুলিবোৰ খুচুৰি দিয়াৰ লগতে বন-বাত নিৰোৱাৰ ব্যৱস্থা কৰিব। পাতখোৱা পলু আদি নিয়ন্ত্রণ কৰিবলৈ Clothianidin 50 WDG দৰব অনুমোদিত হাৰত প্রয়োগ কৰিব পাৰে । বতৰ আৰু কৃষি সম্পৰ্কীয় তথ্যৰ বিষয়ে জানিবলৈ কৃষকসকলে ৭০৬৫-০০-৫০৫৪ নম্বৰত মিছড কল দিব পাৰে। ধন্যবাদ । Assamese Assam 16-12-2024 14:00:00 SCHEDULED
2177 জিলা: যোৰহাট ( ষ্টেচন: এলেংগি_AWS ) বতৰৰ বতৰা আৰু আমাৰ পৰামৰ্শ (বৈধতাৰ সময়সীমা: ১৬ৰ পৰা ২৫ ডিচেম্বৰলৈ, ২০২৪) চলিদাৰীডেড ৰ প্রিয় ক্ষুদ্ৰ চাহ খেতিয়ক সকল । ভি আই স্মাৰ্ট কৃষি ( VI Smart Agri) পৰামৰ্শলৈ স্বাগতম। যোৰহাট জিলাৰ এলেংগিত অৱস্থিত স্বয়ংক্ৰিয় বতৰ বিজ্ঞান কেন্দ্ৰৰ (Automatic Weather Station)ৰ পৰা পোৱা বতৰৰ পূৰ্বানুমান অনুসৰি ১৬ৰ পৰা ২৫ ডিচেম্বৰলৈ, ২০২৪ বতৰ সামান্যভাৱে ডাৱৰীয়াৰ পৰা ফৰকাল হৈ থাকিব। দিনৰ উষ্ণতা প্ৰায় ২৩-২৫ ১১-১৩ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ আৰু নিশাৰ উষ্ণতা প্ৰায় ১১-১৩ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ হব বুলি অনুমান কৰা হৈছে। ৰাতিপুৱা আৰু আবেলিৰ আপেক্ষিক আৰ্দ্ৰতা ক্ৰমান্বয়ে প্ৰায় ৯৫ % আৰু ৫০ % আশে-পাশে থাকিব। বতাহ প্ৰতি ঘন্টাত ৩-১০ কিলোমিটাৰ বেগত উত্তৰ-পূব আৰু দক্ষিণ-পূব দিশৰ পৰা প্ৰবাহিত হব। চাহ খেতিৰ বাবে: • এই সময়ত বাগানবোৰ পৰিষ্কাৰ কৰি ৰাখিব যাতে অহা চিজনলৈ কোনো কীট-পতংগৰ কণী বা পলু চাহৰ জোপোহা বোৰত ৰৈ নাযায় । • কলম কৰাৰ পিচত চাহ গছৰ ডাল আৰু পাত বোৰ বাগানৰ ভিতৰত ৰাখিব পাৰিব লাগে । বহুতে খৰিৰ বাবে ডাল আৰু পাতৰ সৈতে ঘৰলৈ লৈ যায় । • প্ৰায় সকলোবোৰ খেতিয়কে চাহ খেতিৰ বাগান বোৰ Section হিচাপে বেলেগ কৰি নাৰাখে । সেইবাবে কলম চাইকল বিজ্ঞান সন্মত ভাবে follow কৰা নহয় যিটোৰ বাবে প্ৰায় ৮০% শতাংশ খেতিয়কেই LP বাগান নাৰাখে কাৰণ LP ৰাখিলে May /Juneৰ পৰাহে পাত ওলাব ধৰে । DS ৰ ওপৰত আকৌ ৪বছৰৰ পিচত ঘূৰি আহি DS কৰা দেখা যায় । ফলস্বৰূপে গছৰ ডাল বোৰ বহুত শকত হৈ যায় আৰু গাঁঠিও বহুত হয় । উপায়হীন হৈ শেষত মাটিৰ পৰা ১৪-১৬ ইন্চিত ১০-১২ বছৰৰ পিচত কাটিব লগা হয় আৰু বহুতে তাকে LP কলম বুলি ভাবে । সেই বাবে কম মাটি থাকিলেও তিনিটা মান section কৰি ভাগ কৰি Pruning চাইকলৰ মতে ৩-৪বছৰৰ মূৰে মূৰে কলম LP-UP-DS-UP বা LP-UP-DS-MS কলম কৰিলে পাতো গুণগত হব আৰু বেমাৰো কম হব । মানুহো কম লাগিব । অন্যান্য শস্যৰ বাবে: • শীতকালিন শাক পাচলী খেতিত প্রয়োজন অনুসৰিহে কীটনাশক ঔষধ ব্যৱহাৰ কৰিব। • নতুনকৈ ৰোৱা শাক-পাচলীৰ খেতিত প্রয়োজন অনুসৰি জলঞ্চিনৰ ব্যৱস্থা লব। • প্রয়োজন আনুসৰি বন্ধাকবিৰ পুলিবোৰ খুচুৰি দিয়াৰ লগতে বন-বাত নিৰোৱাৰ ব্যৱস্থা কৰিব। পাতখোৱা পলু আদি নিয়ন্ত্রণ কৰিবলৈ Clothianidin 50 WDG দৰব অনুমোদিত হাৰত প্রয়োগ কৰিব পাৰে । বতৰ আৰু কৃষি সম্পৰ্কীয় তথ্যৰ বিষয়ে জানিবলৈ কৃষকসকলে ৭০৬৫-০০-৫০৫৪ নম্বৰত মিছড কল দিব পাৰে। ধন্যবাদ । Assamese Assam 16-12-2024 11:45:00 SCHEDULED
2178 জিলা: ডিব্ৰুগড় (ষ্টেচন: বেটোনিবাম_AWS) বতৰৰ বতৰা আৰু আমাৰ পৰামৰ্শ (বৈধতাৰ সময়সীমা: ১৬ৰ পৰা ২৫ ডিচেম্বৰলৈ, ২০২৪) চলিদাৰীডেড ৰ প্রিয় ক্ষুদ্ৰ চাহ খেতিয়ক সকল । ভি আই স্মাৰ্ট কৃষি ( VI Smart Agri) পৰামৰ্শলৈ স্বাগতম। ডিব্ৰুগড় জিলাৰ বেটোনিবামত অৱস্থিত স্বয়ংক্ৰিয় বতৰ বিজ্ঞান কেন্দ্ৰৰ (Automatic Weather Station) ৰ পৰা পোৱা বতৰৰ আগলি বতৰা অনুযায়ী ১৬ৰ পৰা ২৫ ডিচেম্বৰলৈ, ২০২৪ বতৰ সামান্যভাৱে ডাৱৰীয়াৰ পৰা ফৰকাল হৈ থাকিব দিনৰ উষ্ণতা প্ৰায় ২১-২৫ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ আৰু নিশাৰ উষ্ণতা প্ৰায় ৯-১১ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ হব বুলি অনুমান কৰা হৈছে। ৰাতিপুৱা আৰু আবেলিৰ আপেক্ষিক আৰ্দ্ৰতা ক্ৰমান্বয়ে প্ৰায় ৯৫ % আৰু ৬০ % আশে-পাশে থাকিব। বতাহ প্ৰতি ঘন্টাত ২-১০ কিলোমিটাৰ বেগত উত্তৰ-পূব আৰু দক্ষিণ-পূব দিশৰ পৰা প্ৰবাহিত হব। চাহ খেতিৰ বাবে: • এই সময়ত বাগানবোৰ পৰিষ্কাৰ কৰি ৰাখিব যাতে অহা চিজনলৈ কোনো কীট-পতংগৰ কণী বা পলু চাহৰ জোপোহা বোৰত ৰৈ নাযায় । • কলম কৰাৰ পিচত চাহ গছৰ ডাল আৰু পাত বোৰ বাগানৰ ভিতৰত ৰাখিব পাৰিব লাগে । বহুতে খৰিৰ বাবে ডাল আৰু পাতৰ সৈতে ঘৰলৈ লৈ যায় । • প্ৰায় সকলোবোৰ খেতিয়কে চাহ খেতিৰ বাগান বোৰ Section হিচাপে বেলেগ কৰি নাৰাখে । সেইবাবে কলম চাইকল বিজ্ঞান সন্মত ভাবে follow কৰা নহয় যিটোৰ বাবে প্ৰায় ৮০% শতাংশ খেতিয়কেই LP বাগান নাৰাখে কাৰণ LP ৰাখিলে May /Juneৰ পৰাহে পাত ওলাব ধৰে । DS ৰ ওপৰত আকৌ ৪বছৰৰ পিচত ঘূৰি আহি DS কৰা দেখা যায় । ফলস্বৰূপে গছৰ ডাল বোৰ বহুত শকত হৈ যায় আৰু গাঁঠিও বহুত হয় । উপায়হীন হৈ শেষত মাটিৰ পৰা ১৪-১৬ ইন্চিত ১০-১২ বছৰৰ পিচত কাটিব লগা হয় আৰু বহুতে তাকে LP কলম বুলি ভাবে । সেই বাবে কম মাটি থাকিলেও তিনিটা মান section কৰি ভাগ কৰি Pruning চাইকলৰ মতে ৩-৪বছৰৰ মূৰে মূৰে কলম LP-UP-DS-UP বা LP-UP-DS-MS কলম কৰিলে পাতো গুণগত হব আৰু বেমাৰো কম হব । মানুহো কম লাগিব । অন্যান্য শস্যৰ বাবে: • শীতকালিন শাক পাচলী খেতিত প্রয়োজন অনুসৰিহে কীটনাশক ঔষধ ব্যৱহাৰ কৰিব। • নতুনকৈ ৰোৱা শাক-পাচলীৰ খেতিত প্রয়োজন অনুসৰি জলঞ্চিনৰ ব্যৱস্থা লব। • প্রয়োজন আনুসৰি বন্ধাকবিৰ পুলিবোৰ খুচুৰি দিয়াৰ লগতে বন-বাত নিৰোৱাৰ ব্যৱস্থা কৰিব। পাতখোৱা পলু আদি নিয়ন্ত্রণ কৰিবলৈ Clothianidin 50 WDG দৰব অনুমোদিত হাৰত প্রয়োগ কৰিব পাৰে । বতৰ আৰু কৃষি সম্পৰ্কীয় তথ্যৰ বিষয়ে জানিবলৈ কৃষকসকলে ৭০৬৫-০০-৫০৫৪ নম্বৰত মিছড কল দিব পাৰে। ধন্যবাদ । Assamese Assam 16-12-2024 11:30:00 SCHEDULED
2179 Solidaridad மற்றும் Vodafone நிறுவனம் இணைந்து செயல்படுத்தும் Smart Agri Project மூலமாக பின்வரும் செய்தியினை பதிவு செய்கின்றோம். டிசம்பர் மாதம் 6ம் தேதி முதல் 15ம் தேதி வரை நீலகிரி மாவட்டத்தில் உள்ள கோத்தகிரியில் 49.2mm மழை பொழிவானது பதிவாகியுள்ளது. அதிக பட்ச வெப்பநிலையானது 20.8 degree celsius ஆகவும் குறைந்த பட்ச வெப்பநிலையானது 13.5 degree celsius ஆகவும் பதிவாகியுள்ளது. வருகின்ற டிசம்பர் மாதம் 16ம் தேதி முதல் 25ம் தேதி வரை வானம் மேகமூட்டத்துடன் காணப்படும். மிக லேசானது முதல் லேசான மழை பொழிவிற்கு வாய்ப்புள்ளது. அதிக பட்ச வெப்பநிலையானது 18 முதல் 20 degree celsius ஆகவும் குறைந்த பட்ச வெப்பநிலையானது 12 முதல் 16 degree celsius ஆகவும் காணப்படும். காற்றின் ஈரப்பதமானது காலை நேரத்தில் 98 சதவீதமாகவும் மாலை நேரத்தில் 75 சதவீதமாகவும் காணப்படும். காற்றின் வேகமானது தென்கிழக்கு மற்றும் வடகிழக்கு திசையில் மணிக்கு சுமார் 3 முதல் 10 கிலோமீட்டர் வேகத்தில் வீசக்கூடும். இந்த மாதம் உரமிடுவதற்கு சரியான தருணம் ஆகும். ஒரு ஏக்கர் தோட்டத்திற்கு Ammonia Sulphate 120 கிலோ மற்றும் 30 கிலோ MOP கலந்து இட வேண்டும். நீலகிரியில் உள்ள சில பகுதிகளில் கொப்புள நோயின் தாக்கம் இந்த மாதத்தில் காணப்படலாம். இவ்வாறு காணப்பட்டால் ஒரு இலையில் ஒன்று அல்லது இரண்டு கொப்பளங்கள் உள்ளபோதே மருந்து தெளிக்க ஆரம்பிக்க வேண்டும். ஒரு ஏக்கர் கொண்ட தோட்டத்திற்கு காண்டாப் (Contaf) 80 மி. லிட்டர் + காப்பர் ஆக்ஸி குளோரைடு 85 கிராம் (அல்லது) டில்ட் 50 மி லிட்டர் + காப்பர் ஆக்ஸி குளோரைடு 85 கிராம் உடன் 40 லிட்டர் தண்ணீர் கலந்து விசைதெளிப்பான் மூலம் இருபுறமும் இருவரிசையும், கைத்தெளிப்பான் மூலம் 80 லிட்டர் தண்ணீருடன் கலந்து இருபுறமும் ஒருவரிசையும் தெளிக்க வேண்டும். பொதுவாக டிசம்பர் மாதத்தில் நீலகிரி மாவட்டத்தில் கடும் உறைபனி காணப்படும். இந்த சமயத்தில் மகசூல் இழப்பானது மிக அதிகமாக ஏற்படும். இதை கட்டுப்படுத்த தேயிலை செடியின் மேற்பரப்பை பரணி என்ற செடி வகையை கொண்டு மூடுவதினால் தேயிலை செடியை ஓரளவிற்கு பனி பொழிவிலிருந்து பாதுகாக்க முடியும். மேலும் 7065005054 என்ற எண்ணுக்கு மிஸ்டு கால் கொடுப்பதின் மூலம் தேயிலை மற்றும் வேளாண் பயிர்களின் சந்தேகங்களை கேட்டு நிவர்த்தி செய்து கொள்ளலாம். Tamil Tamil Nadu 16-12-2024 10:50:00 SCHEDULED
2180 জিলা: ডিব্ৰুগড় ( ষ্টেচন: নেমুপথাৰ_AWS ) বতৰৰ বতৰা আৰু আমাৰ পৰামৰ্শ (বৈধতাৰ সময়সীমা: ১৬ৰ পৰা ২৫ ডিচেম্বৰলৈ, ২০২৪) চলিদাৰীডেড ৰ প্রিয় ক্ষুদ্ৰ চাহ খেতিয়ক সকল । ভি আই স্মাৰ্ট কৃষি ( VI Smart Agri) পৰামৰ্শলৈ স্বাগতম। ডিব্ৰুগড় জিলাৰ নেমুপথাৰত অৱস্থিত স্বয়ংক্ৰিয় বতৰ বিজ্ঞান কেন্দ্ৰৰ (Automatic Weather Station) পৰা পোৱা বতৰৰ আগলি বতৰা অনুযায়ী ১৬ৰ পৰা ২৫ ডিচেম্বৰলৈ, ২০২৪, বতৰ সামান্যভাৱে ডাৱৰীয়াৰ পৰা ফৰকাল হৈ থাকিব। দিনৰ উষ্ণতা প্ৰায় ২৩-২৬ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ আৰু নিশাৰ উষ্ণতা প্ৰায় ৮-১১ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ হব বুলি অনুমান কৰা হৈছে। ৰাতিপুৱা আৰু আবেলিৰ আপেক্ষিক আৰ্দ্ৰতা ক্ৰমান্বয়ে প্ৰায় ৯৫ % আৰু ৪০ % আশে-পাশে থাকিব। বতাহ প্ৰতি ঘন্টাত ২-১০ কিলোমিটাৰ বেগত উত্তৰ-পূব আৰু দক্ষিণ-পূব দিশৰ পৰা প্ৰবাহিত হব। চাহ খেতিৰ বাবে: • এই সময়ত বাগানবোৰ পৰিষ্কাৰ কৰি ৰাখিব যাতে অহা চিজনলৈ কোনো কীট-পতংগৰ কণী বা পলু চাহৰ জোপোহা বোৰত ৰৈ নাযায় । • কলম কৰাৰ পিচত চাহ গছৰ ডাল আৰু পাত বোৰ বাগানৰ ভিতৰত ৰাখিব পাৰিব লাগে । বহুতে খৰিৰ বাবে ডাল আৰু পাতৰ সৈতে ঘৰলৈ লৈ যায় । • প্ৰায় সকলোবোৰ খেতিয়কে চাহ খেতিৰ বাগান বোৰ Section হিচাপে বেলেগ কৰি নাৰাখে । সেইবাবে কলম চাইকল বিজ্ঞান সন্মত ভাবে follow কৰা নহয় যিটোৰ বাবে প্ৰায় ৮০% শতাংশ খেতিয়কেই LP বাগান নাৰাখে কাৰণ LP ৰাখিলে May /Juneৰ পৰাহে পাত ওলাব ধৰে । DS ৰ ওপৰত আকৌ ৪বছৰৰ পিচত ঘূৰি আহি DS কৰা দেখা যায় । ফলস্বৰূপে গছৰ ডাল বোৰ বহুত শকত হৈ যায় আৰু গাঁঠিও বহুত হয় । উপায়হীন হৈ শেষত মাটিৰ পৰা ১৪-১৬ ইন্চিত ১০-১২ বছৰৰ পিচত কাটিব লগা হয় আৰু বহুতে তাকে LP কলম বুলি ভাবে । সেই বাবে কম মাটি থাকিলেও তিনিটা মান section কৰি ভাগ কৰি Pruning চাইকলৰ মতে ৩-৪বছৰৰ মূৰে মূৰে কলম LP-UP-DS-UP বা LP-UP-DS-MS কলম কৰিলে পাতো গুণগত হব আৰু বেমাৰো কম হব । মানুহো কম লাগিব । অন্যান্য শস্যৰ বাবে: • শীতকালিন শাক পাচলী খেতিত প্রয়োজন অনুসৰিহে কীটনাশক ঔষধ ব্যৱহাৰ কৰিব। • নতুনকৈ ৰোৱা শাক-পাচলীৰ খেতিত প্রয়োজন অনুসৰি জলঞ্চিনৰ ব্যৱস্থা লব। • প্রয়োজন আনুসৰি বন্ধাকবিৰ পুলিবোৰ খুচুৰি দিয়াৰ লগতে বন-বাত নিৰোৱাৰ ব্যৱস্থা কৰিব। পাতখোৱা পলু আদি নিয়ন্ত্রণ কৰিবলৈ Clothianidin 50 WDG দৰব অনুমোদিত হাৰত প্রয়োগ কৰিব পাৰে । বতৰ আৰু কৃষি সম্পৰ্কীয় তথ্যৰ বিষয়ে জানিবলৈ কৃষকসকলে ৭০৬৫-০০-৫০৫৪ নম্বৰত মিছড কল দিব পাৰে। ধন্যবাদ । Assamese Assam 16-12-2024 10:30:00 SCHEDULED