Message Schedule List : 11,636
| S. No. | Message | Language | Created By | Date | Time | Status | Action |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 2211 | Solidaridad, Nayara energy, વોડાફોન આઇડિયા ફાઉન્ડેશન અને ઇનડસ ટાવર તરફ થી આવતા વાણી સંદેશમાં આપનું હાર્દિક સ્વાગત છે. મીઠોઇ, આહીર સિંહણ અને મોટા આંબલા ના વેધર સ્ટેશનની માહિતીના આધારે તમારા વિસ્તારમાં તારીખ 11-12-2024 થી 17-12-2024 સુધી હવામાન ચોખ્ખું રહેવાની સંભાવના છે. આ સમયગાળા દરમ્યાન દિવસનું તાપમાન 27 થી 28 ડિગ્રી સે., રાત્રિ નું તાપમાન 13 થી 14 ડિગ્રી સે. અને પવનની ગતિ 15-19 કિમી/કલાક રહેવાની સંભાવના છે. જે ખેડૂતમિત્રોએ જીરું અને ચણા પાકનું વાવેતર કરેલ હોય અને પાક 25 થી 30 દિવસનો થઈ ગયો હોય તેઓ એ 50 ગ્રામ 19-19-19 ખાતર અને 15 ગ્રામ માઇક્રોન્યુટ્રીયન્ટ ને 15 લીટર પાણીમાં મીક્ષ કરીને છંટકાવ કરવો જોઈએ. જે ખેડૂત ભાઈઓ પાકને પિયત આપે છે તેને પાણી સાથે 200 લીટર બાયો ડિકમ્પોઝર બેકટરિયા એક એકર જમીનમાં આપવું. | Gujrati | Gujrat | 11-12-2024 | 09:30:00 | SCHEDULED |
|
| 2212 | ନମସ୍କାର କଟକ ଜିଲ୍ଲା ର ମାହାଙ୍ଗା, ଟାଙ୍ଗୀ , ନିଶ୍ଚିନ୍ତ କୋଇଲ ଏବଂ କେନ୍ଦ୍ରାପଡ଼ା ଜିଲ୍ଲାର ଡେରାବିଶ ଏବଂ ଗଜପତି ଜିଲ୍ଲାର ଗୁମ୍ମା ଓ ମୋହନା ର ସମସ୍ତ ଚାଷୀ ମାନଙ୍କୁ ସଲିଡାରିଡlଡ ତରଫରୁ ଭୋଡlଫୋନ ଆଇଡିଆ ସହଯୋଗ ରେ ଚାଲୁଥିବା ଆଧୁନିକ କୃଷି କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ କୁ ସ୍ଵାଗତ କରାଯାଉଛି। କ୍ଷେତରେ ଶତକଡା ୮୦-୮୫ ଭାଗ ଧାନ କେଣ୍ଡାରେ ପାଚିଗଲା ପରେ ଧାନକୁ ଦାଆ କିମ୍ବା ହାର୍ଭେଷ୍ଟର ଦ୍ବାରା କାଟି ଅମଳ କରିଦିଅନ୍ତୁ । ଅମଳ ପରେ ଧାନକୁ ଭଲଭାବେ ଖରାରେ ଶୁଖାଇ ବିହନ ପାଇଁ ୧୨ ଶତକଡ଼ା ଆର୍ଦ୍ରତା ଓ ଖାଦ୍ୟ ଉପଯୋଗୀ ପାଇଁ ୧୪ ଶତକଡ଼ା ଆର୍ଦ୍ରତାରେ ସାଇତି ରଖନ୍ତୁ । ଅମଳ କରିଥିବା ଧାନ କିସମ ଅନୁସାରେ ଅଲଗା ଅଲଗା କରି ବଜାରରେ ମିଳୁଥିବା ସୁପରଗ୍ରେନ୍ ବସ୍ତା ରେ ଭର୍ତି କରି ସୁରକ୍ଷିତ ଜାଗାରେ ଭଲଭାବେ ଘୋଡେଇ ରଖନ୍ତୁ ଯେପରିକି ବର୍ଷାଦ୍ଵାରା କିଛି କ୍ଷତି ନ ହୁଏ । ଧାନ ସାଇତି ରଖିଥିବା ବସ୍ତା ବା କୋଠାରୀରେ ପୋକ ଦେଖାଦେଲେ ଆଲୁମିନିୟମ୍ ଫସ୍ଫାଇଡ ଟାବ୍ଲେଟ୍ ଏକ ଟନ୍ ଧାନ ପିଛା ୩ଟି ଟାବ୍ଲେଟ୍ ଗୁଡାଇ ରଖନ୍ତୁ । ଏହା ଉପରେ ଭଲଭାବେ ତାରପୋଲିନ୍ ଘୋଡାଇ ଦିଅନ୍ତୁ ଯେପରିକି କିଛି ଫାଙ୍କାଜାଗା ନ ରୁହେ । ଯଦି କୋଠରୀର ସନ୍ଧି ଜାଗା କିମ୍ବା କବାଟ ତଳ ଫାଙ୍କ ଜାଗା ଥାଏ ତେବେ କାଦୁଅ କିମ୍ବା ସେଲୋଟେପ୍ ଦେଇ ଭଲରେ ବନ୍ଦ କରନ୍ତୁ, ଯେପରିକି ବାଷ୍ପ ବାହାରକୁ ନ ଆସେ । ଏହିପରି ୭ ରୁ ୧୦ ଦିନ ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ କୋଠାରୀ ବା ବସ୍ତାର ମୂହଁ ଭଲଭାବରେ ବନ୍ଦ ରଖନ୍ତୁ । ଲୋକ ଚଳପ୍ରଚଳ କରୁଥିବା ଜାଗାରେ ଏଭଳି ଔଷଧ ପ୍ରୟୋଗ କରନ୍ତୁ ନାହିଁ ।ଧାନ ଅମଳ ସମୟରେ ମୂଷା ମଧ୍ୟ କ୍ଷତି ଘଟାଇପାରେ । ମୂଷାକୁ ନିୟନ୍ତ୍ରଣ କରିବା ପାଇଁ ମୂଷା ଗାତକୁ ଚିହ୍ନଟ କରି ତା ଉପରେ କାଦୁଅ ଲିପି ଗାତ ବନ୍ଦ କରିଦିଅନ୍ତୁ । ତା ପରଦିନ ଯେଉଁ ଗାତ ମୂହଁ ଖୋଲାଥିବ ସେ ଗାତରେ ଆଲୁମିନିୟମ୍ ଫସ୍ଫାଇଡ୍ ୬% ବଟିକା କନାରେ ବାନ୍ଧି ଗାତପିଛା ଗୋଟିଏ ରଖି ଗାଡମୂହଁକୁ କାଦୁଅରେ ବନ୍ଦ କରିଦିଅନ୍ତୁ । ଜଳସେଚିତ ମଧ୍ୟମ କିମ୍ବା ବଡ ଖାଲୁଆ ଜମିରେ ମୁଗ, ଝୁଡଙ୍ଗ ଇତ୍ୟାଦି କମ୍ ଦିନିଆ ରବି ଫସଲ ହିସାବରେ ଚାଷ କରନ୍ତୁ । ଆବଶ୍ୟକତା ଅନୁଯାୟୀ ୧ରୁ ୨ ଥର ଜଳସେଚନ କରନ୍ତୁ। ଅଧିକ ସୂଚନା ପାଇଁ ଆମ ଟୋଲ ଫ୍ରି ନମ୍ବର ୭୦୬୫୦୦୫୦୫୪ ରେ ମିସ୍ କଲ କରନ୍ତୁ। ଧନ୍ୟବାଦ୍। | Odia | Orissa | 10-12-2024 | 08:00:00 | SCHEDULED |
|
| 2213 | शेतकरी बंधू आणि भगिनींनो नमस्कार. स्मार्ट ॲग्री कार्यक्रमांमध्ये आपले स्वागत आहे. 8 डिसेंबर ते 17 डिसेंबर या तारखेदरम्यान कराड- शिराळा परिसरामध्ये दिवसाचे तापमान 28 ते 30 अंश सेल्सिअस तर रात्रीचे तापमान 15 ते 19 अंश सेल्सिअस राहील. या 10 दिवसांमध्ये पूर्व-उत्तर दिशेने वारे ताशी 4 ते 13 किलोमीटर वेगाने वाहतील, तर हवेतील आर्द्रता कमी होऊन 48 ते 74 टक्के राहील. संपूर्ण आठवडाभर आकाश ढगाळ राहील, परंतु पाऊस पडण्याची शक्यता नाही. खोडवा पिकाच्या उत्पन वाढीसाठी ज्या शेतात ऊसाची तोडणी केली जात आहे त्या शेतकर्यांनी ऊसाची तोडणी जमिनीलगत करावी किवा बुडके छाटणी करावी. खोडकीवर एकरी 1 किलो ट्रायकोडरमाची फवारणी करावी. ऊसाचा वाळलेला पाला वेस्ट डीकंपोजरच्या साह्याने शेतातच कुजवावा असे केल्याने जमिनीस चांगले सेंद्रिय खत उपलब्ध होईल. ऊस तोडल्यानंतर एका महिन्याच्या आत बैल नांगरीने बगला फोडून एकरी 45 किलो युरिया, 150 किलो सिंगल सुपर फॉस्फेट, 50 किलो पोटॅश, 5 किलो मायक्रोसोल, 5 किलो सल्फर मिसळून खोडव्यास टाकावे त्यामुळे पिकाची वाढ चांगली होईल तसेच शक्य आसल्यास खोडव्यामध्ये आंतरपीक घ्या. खोडव्यामध्ये रोपांच्या सह्याने नांग्या भरणी करावी. शेतकरी मित्रानो आपल्या शेतातील माती परीक्षण व जमिनीची मशागत करून घ्यावी आणि एकरी 10 टन शेणखत किंवा 1 ते 1.5 टन गांडूळखत किंवा 8 ते 10 टन प्रेस मड शेतात मिसळावे. सध्या कांडी लागण करण्यासाठी वातावरण अनुकूल नाही शक्यतो रोपांच्या साह्यानेच लागण करा, लागण करते वेळी एकरी युरिया-25 किलो, 100 किलो-सिंगल सुपर फॉस्फेट, 25 किलो-पोटॅश, 50 किलो-निंबोळी पेंढ, 5 किलो-मायक्रोसोल, हा बेसल डोस टाकावा. 2 महिन्याच्या ऊस पिकासाठी एकरी 50 किलो युरिया किंवा 200 लिटर पाण्यामध्ये 2 किलो 19:19:19 मिसळून फवारणी करावी. स्मार्ट ॲग्री कार्यक्रमाच्या अधिक माहितीसाठी 9205021814 या नंबर वर संपर्क करा तसेच हा संदेश पुन्हा ऐकण्यासाठी 7065005054 या नंबर वरती संपर्क करा धन्यवाद. | Marathi | MH | 08-12-2024 | 11:50:00 | SCHEDULED |
|
| 2214 | शेतकरी बंधू आणि भगिनींनो नमस्कार. स्मार्ट ॲग्री कार्यक्रमांमध्ये आपले स्वागत आहे. 8 डिसेंबर ते 17 डिसेंबर या तारखेदरम्यान पन्हाळा-शाहुवाडी परिसरामध्ये दिवसाचे तापमान 28 ते 30 अंश सेल्सिअस तर रात्रीचे तापमान 15 ते 19 अंश सेल्सिअस राहील. या 10 दिवसांमध्ये पूर्व-उत्तर दिशेने वारे ताशी 4 ते 13 किलोमीटर वेगाने वाहतील, तर हवेतील आर्द्रता कमी होऊन 48 ते 74 टक्के राहील. संपूर्ण आठवडाभर आकाश ढगाळ राहील, परंतु पाऊस पडण्याची शक्यता नाही. खोडवा पिकाच्या उत्पन वाढीसाठी ज्या शेतात ऊसाची तोडणी केली जात आहे त्या शेतकर्यांनी ऊसाची तोडणी जमिनीलगत करावी किवा बुडके छाटणी करावी. खोडकीवर एकरी 1 किलो ट्रायकोडरमाची फवारणी करावी. ऊसाचा वाळलेला पाला वेस्ट डीकंपोजरच्या साह्याने शेतातच कुजवावा असे केल्याने जमिनीस चांगले सेंद्रिय खत उपलब्ध होईल. ऊस तोडल्यानंतर एका महिन्याच्या आत बैल नांगरीने बगला फोडून एकरी 45 किलो युरिया, 150 किलो सिंगल सुपर फॉस्फेट, 50 किलो पोटॅश, 5 किलो मायक्रोसोल, 5 किलो सल्फर मिसळून खोडव्यास टाकावे त्यामुळे पिकाची वाढ चांगली होईल तसेच शक्य आसल्यास खोडव्यामध्ये आंतरपीक घ्या. खोडव्यामध्ये रोपांच्या सह्याने नांग्या भरणी करावी. शेतकरी मित्रानो आपल्या शेतातील माती परीक्षण व जमिनीची मशागत करून घ्यावी आणि एकरी 10 टन शेणखत किंवा 1 ते 1.5 टन गांडूळखत किंवा 8 ते 10 टन प्रेस मड शेतात मिसळावे. सध्या कांडी लागण करण्यासाठी वातावरण अनुकूल नाही शक्यतो रोपांच्या साह्यानेच लागण करा, लागण करते वेळी एकरी युरिया-25 किलो, 100 किलो-सिंगल सुपर फॉस्फेट, 25 किलो-पोटॅश, 50 किलो-निंबोळी पेंढ, 5 किलो-मायक्रोसोल, हा बेसल डोस टाकावा. 2 महिन्याच्या ऊस पिकासाठी एकरी 50 किलो युरिया किंवा 200 लिटर पाण्यामध्ये 2 किलो 19:19:19 मिसळून फवारणी करावी. स्मार्ट ॲग्री कार्यक्रमाच्या अधिक माहितीसाठी 9205021814 या नंबर वर संपर्क करा तसेच हा संदेश पुन्हा ऐकण्यासाठी 7065005054 या नंबर वरती संपर्क करा धन्यवाद. | Marathi | MH | 08-12-2024 | 12:05:00 | SCHEDULED |
|
| 2215 | प्रिय किसान साथियों, दिसम्बर माह की 8 तारीख से 17 तारीख के दौरान शाहजहांपुर जिले के महोली क्षेत्र के दिन तथा रात के तापमान में कमी आयेगी | इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 21 से 24 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 7 से 10 डिग्री सेंटीग्रेड तक रहेगा I इस दौरान पश्चिमोत्त्तर दिशा से 2 से 16 किलोमीटर की गति से ठंडी हवायें चलेंगी, जिसकी वजह से रात्रि एवं सुबह धुंध पड़ने की संभावना रहेगी, आमतौर पर मौसम साफ़ रहेगा तथा वर्षा की संभावना कम है | जिसकी वजह से वायुमंडलीय आर्द्रता 38 से 68% तक रहने की संभावना है | किसान भाई बुवारी तथा पेंडी गन्ना इस समय परिपक्वता की अवस्था में है,इस अवस्था में सुखा था ठण्ड का दुस्प्रभाव अधिक पड़ता है जिससे गन्ना सूखकर कम पैदावार देता है ऐसे में नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें,जिससे गन्ने की वजन में बढोत्तरी हो सके, जिन किसान भाइयो के खेत अभी खाली नही है तथा माह के अंत तक खेत खली होने की उम्मीद है वह किसान STP विधि से गन्ने की नर्सरी लगायें,जब यह नर्सरी 3-4 सप्ताह की हो जाये तब गन्ने के खेत में ट्रांसप्लांट करें| किसान भाइयो गन्ने की पेंडी फसल से अच्छी पैदावार लेने के लिए, हमेशा गन्ने की कटाई जमीन की सतह से ही करें, गन्ना कटाई के एक सप्ताह के अंदर सिंचाई करें, गन्ने की सूखी पत्ती को कभी जलाये नही सूखी पत्ती को खेत में बिछाये पत्ती को सडाने के लिए waste decomposer का उपयोग करें, खेत में हल चलाकर 50kg यूरिया + 75kg DAP+ 50kg पोटास + 25kg Micronutrient एक एकड़ में डालें| जिन किसान भाइयों ने सितम्बर – अक्टूबर माह में गन्ना बुवाई की है, गैपफिलिंग के लिए ट्रे में उगाई गई नर्सरी के पौधों का उपयोग अधिक लाभकारी होगा, गन्ने की नालियों में निराई गुड़ाई करे, जिस शरद कालीन गन्ने की उम्र 65 से 70 दिन की हो गई है ऐसे खेतो में 50kg / एकड़ की दर से यूरिया लाइनों में प्रयोग करें, जिन किसानो के पास जमीन कम है तथा वह गेंहू कटाई के बाद गन्ना बुवाई करते है ऐसे किसान भाई FIRB विधि से गेंहू की बुवाई करे तथा फरवरी के महीने में उचित तापमान आने पर पानी लगाकर लाइनों में बुवाई करें, ध्यान रखे गन्ने के लिए कोई अलग से खाद न डालें| सरसों के intercrop अथवा पूरी फसल में ध्यान रखें इसमें चैंपा रोग लग सकता है इसकी रोकथाम के लिए Metacide / Metasystox 100ml प्रति एकड़ अथवा रोगोर 400ml प्रति एकड़ की दर से 200 ली. पानी में डालकर छिडकाव करें, धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें |शरदकालीन गन्ने में नियमित निराई गुड़ाई करते रहे, गन्ना फुटाव की अवस्था में निराई गुड़ाई, और पर्याप्त मात्रा में नमी अत्यंत अवश्यक होता है| स्मार्ट एग्री कार्यक्रम की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI | Hindi | Uttar Pradesh | 08-12-2024 | 12:00:00 | SCHEDULED |
|
| 2216 | प्रिय किसान साथियों, दिसम्बर माह की 8 तारीख से 17 तारीख के दौरान शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद क्षेत्र के दिन तथा रात के तापमान में कमी आयेगी | इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 21 से 24 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 7 से 10 डिग्री सेंटीग्रेड तक रहेगा I इस दौरान पश्चिमोत्त्तर दिशा से 2 से 16 किलोमीटर की गति से ठंडी हवायें चलेंगी, जिसकी वजह से रात्रि एवं सुबह धुंध पड़ने की संभावना रहेगी, आमतौर पर मौसम साफ़ रहेगा तथा वर्षा की संभावना कम है | जिसकी वजह से वायुमंडलीय आर्द्रता 38 से 68% तक रहने की संभावना है | किसान भाई बुवारी तथा पेंडी गन्ना इस समय परिपक्वता की अवस्था में है,इस अवस्था में सुखा था ठण्ड का दुस्प्रभाव अधिक पड़ता है जिससे गन्ना सूखकर कम पैदावार देता है ऐसे में नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें,जिससे गन्ने की वजन में बढोत्तरी हो सके, जिन किसान भाइयो के खेत अभी खाली नही है तथा माह के अंत तक खेत खली होने की उम्मीद है वह किसान STP विधि से गन्ने की नर्सरी लगायें,जब यह नर्सरी 3-4 सप्ताह की हो जाये तब गन्ने के खेत में ट्रांसप्लांट करें| किसान भाइयो गन्ने की पेंडी फसल से अच्छी पैदावार लेने के लिए, हमेशा गन्ने की कटाई जमीन की सतह से ही करें, गन्ना कटाई के एक सप्ताह के अंदर सिंचाई करें, गन्ने की सूखी पत्ती को कभी जलाये नही सूखी पत्ती को खेत में बिछाये पत्ती को सडाने के लिए waste decomposer का उपयोग करें, खेत में हल चलाकर 50kg यूरिया + 75kg DAP+ 50kg पोटास + 25kg Micronutrient एक एकड़ में डालें| जिन किसान भाइयों ने सितम्बर – अक्टूबर माह में गन्ना बुवाई की है, गैपफिलिंग के लिए ट्रे में उगाई गई नर्सरी के पौधों का उपयोग अधिक लाभकारी होगा, गन्ने की नालियों में निराई गुड़ाई करे, जिस शरद कालीन गन्ने की उम्र 65 से 70 दिन की हो गई है ऐसे खेतो में 50kg / एकड़ की दर से यूरिया लाइनों में प्रयोग करें, जिन किसानो के पास जमीन कम है तथा वह गेंहू कटाई के बाद गन्ना बुवाई करते है ऐसे किसान भाई FIRB विधि से गेंहू की बुवाई करे तथा फरवरी के महीने में उचित तापमान आने पर पानी लगाकर लाइनों में बुवाई करें, ध्यान रखे गन्ने के लिए कोई अलग से खाद न डालें| सरसों के intercrop अथवा पूरी फसल में ध्यान रखें इसमें चैंपा रोग लग सकता है इसकी रोकथाम के लिए Metacide / Metasystox 100ml प्रति एकड़ अथवा रोगोर 400ml प्रति एकड़ की दर से 200 ली. पानी में डालकर छिडकाव करें, धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें |शरदकालीन गन्ने में नियमित निराई गुड़ाई करते रहे, गन्ना फुटाव की अवस्था में निराई गुड़ाई, और पर्याप्त मात्रा में नमी अत्यंत अवश्यक होता है| स्मार्ट एग्री कार्यक्रम की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI | Hindi | Uttar Pradesh | 08-12-2024 | 11:55:00 | SCHEDULED |
|
| 2217 | प्रिय किसान साथियों, दिसम्बर माह की 8 तारीख से 17 तारीख के दौरान शाहजहांपुर जिले के अल्लागंज क्षेत्र के दिन तथा रात के तापमान में कमी आयेगी | इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 21 से 24 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 7 से 10 डिग्री सेंटीग्रेड तक रहेगा I इस दौरान पश्चिमोत्त्तर दिशा से 2 से 16 किलोमीटर की गति से ठंडी हवायें चलेंगी, जिसकी वजह से रात्रि एवं सुबह धुंध पड़ने की संभावना रहेगी, आमतौर पर मौसम साफ़ रहेगा तथा वर्षा की संभावना कम है | जिसकी वजह से वायुमंडलीय आर्द्रता 38 से 68% तक रहने की संभावना है | किसान भाई बुवारी तथा पेंडी गन्ना इस समय परिपक्वता की अवस्था में है,इस अवस्था में सुखा था ठण्ड का दुस्प्रभाव अधिक पड़ता है जिससे गन्ना सूखकर कम पैदावार देता है ऐसे में नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें,जिससे गन्ने की वजन में बढोत्तरी हो सके, जिन किसान भाइयो के खेत अभी खाली नही है तथा माह के अंत तक खेत खली होने की उम्मीद है वह किसान STP विधि से गन्ने की नर्सरी लगायें,जब यह नर्सरी 3-4 सप्ताह की हो जाये तब गन्ने के खेत में ट्रांसप्लांट करें| किसान भाइयो गन्ने की पेंडी फसल से अच्छी पैदावार लेने के लिए, हमेशा गन्ने की कटाई जमीन की सतह से ही करें, गन्ना कटाई के एक सप्ताह के अंदर सिंचाई करें, गन्ने की सूखी पत्ती को कभी जलाये नही सूखी पत्ती को खेत में बिछाये पत्ती को सडाने के लिए waste decomposer का उपयोग करें, खेत में हल चलाकर 50kg यूरिया + 75kg DAP+ 50kg पोटास + 25kg Micronutrient एक एकड़ में डालें| जिन किसान भाइयों ने सितम्बर – अक्टूबर माह में गन्ना बुवाई की है, गैपफिलिंग के लिए ट्रे में उगाई गई नर्सरी के पौधों का उपयोग अधिक लाभकारी होगा, गन्ने की नालियों में निराई गुड़ाई करे, जिस शरद कालीन गन्ने की उम्र 65 से 70 दिन की हो गई है ऐसे खेतो में 50kg / एकड़ की दर से यूरिया लाइनों में प्रयोग करें, जिन किसानो के पास जमीन कम है तथा वह गेंहू कटाई के बाद गन्ना बुवाई करते है ऐसे किसान भाई FIRB विधि से गेंहू की बुवाई करे तथा फरवरी के महीने में उचित तापमान आने पर पानी लगाकर लाइनों में बुवाई करें, ध्यान रखे गन्ने के लिए कोई अलग से खाद न डालें| सरसों के intercrop अथवा पूरी फसल में ध्यान रखें इसमें चैंपा रोग लग सकता है इसकी रोकथाम के लिए Metacide / Metasystox 100ml प्रति एकड़ अथवा रोगोर 400ml प्रति एकड़ की दर से 200 ली. पानी में डालकर छिडकाव करें, धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें |शरदकालीन गन्ने में नियमित निराई गुड़ाई करते रहे, गन्ना फुटाव की अवस्था में निराई गुड़ाई, और पर्याप्त मात्रा में नमी अत्यंत अवश्यक होता है| स्मार्ट एग्री कार्यक्रम की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI | Hindi | Uttar Pradesh | 08-12-2024 | 11:50:00 | SCHEDULED |
|
| 2218 | प्रिय किसान साथियों, दिसम्बर माह की 8 तारीख से 17 तारीख के दौरान शाहजहांपुर जिले के पुवाया क्षेत्र के दिन तथा रात के तापमान में कमी आयेगी | इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 21 से 24 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 7 से 10 डिग्री सेंटीग्रेड तक रहेगा I इस दौरान पश्चिमोत्त्तर दिशा से 2 से 16 किलोमीटर की गति से ठंडी हवायें चलेंगी, जिसकी वजह से रात्रि एवं सुबह धुंध पड़ने की संभावना रहेगी, आमतौर पर मौसम साफ़ रहेगा तथा वर्षा की संभावना कम है | जिसकी वजह से वायुमंडलीय आर्द्रता 38 से 68% तक रहने की संभावना है | किसान भाई बुवारी तथा पेंडी गन्ना इस समय परिपक्वता की अवस्था में है,इस अवस्था में सुखा था ठण्ड का दुस्प्रभाव अधिक पड़ता है जिससे गन्ना सूखकर कम पैदावार देता है ऐसे में नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें,जिससे गन्ने की वजन में बढोत्तरी हो सके, जिन किसान भाइयो के खेत अभी खाली नही है तथा माह के अंत तक खेत खली होने की उम्मीद है वह किसान STP विधि से गन्ने की नर्सरी लगायें,जब यह नर्सरी 3-4 सप्ताह की हो जाये तब गन्ने के खेत में ट्रांसप्लांट करें| किसान भाइयो गन्ने की पेंडी फसल से अच्छी पैदावार लेने के लिए, हमेशा गन्ने की कटाई जमीन की सतह से ही करें, गन्ना कटाई के एक सप्ताह के अंदर सिंचाई करें, गन्ने की सूखी पत्ती को कभी जलाये नही सूखी पत्ती को खेत में बिछाये पत्ती को सडाने के लिए waste decomposer का उपयोग करें, खेत में हल चलाकर 50kg यूरिया + 75kg DAP+ 50kg पोटास + 25kg Micronutrient एक एकड़ में डालें| जिन किसान भाइयों ने सितम्बर – अक्टूबर माह में गन्ना बुवाई की है, गैपफिलिंग के लिए ट्रे में उगाई गई नर्सरी के पौधों का उपयोग अधिक लाभकारी होगा, गन्ने की नालियों में निराई गुड़ाई करे, जिस शरद कालीन गन्ने की उम्र 65 से 70 दिन की हो गई है ऐसे खेतो में 50kg / एकड़ की दर से यूरिया लाइनों में प्रयोग करें, जिन किसानो के पास जमीन कम है तथा वह गेंहू कटाई के बाद गन्ना बुवाई करते है ऐसे किसान भाई FIRB विधि से गेंहू की बुवाई करे तथा फरवरी के महीने में उचित तापमान आने पर पानी लगाकर लाइनों में बुवाई करें, ध्यान रखे गन्ने के लिए कोई अलग से खाद न डालें| सरसों के intercrop अथवा पूरी फसल में ध्यान रखें इसमें चैंपा रोग लग सकता है इसकी रोकथाम के लिए Metacide / Metasystox 100ml प्रति एकड़ अथवा रोगोर 400ml प्रति एकड़ की दर से 200 ली. पानी में डालकर छिडकाव करें, धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें |शरदकालीन गन्ने में नियमित निराई गुड़ाई करते रहे, गन्ना फुटाव की अवस्था में निराई गुड़ाई, और पर्याप्त मात्रा में नमी अत्यंत अवश्यक होता है| स्मार्ट एग्री कार्यक्रम की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI | Hindi | Uttar Pradesh | 08-12-2024 | 11:45:00 | SCHEDULED |
|
| 2219 | प्रिय किसान साथियों, दिसम्बर माह की 8 तारीख से 17 तारीख के दौरान शाहजहांपुर जिले के मदनपुर क्षेत्र के दिन तथा रात के तापमान में कमी आयेगी | इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 21 से 24 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 7 से 10 डिग्री सेंटीग्रेड तक रहेगा I इस दौरान पश्चिमोत्त्तर दिशा से 2 से 16 किलोमीटर की गति से ठंडी हवायें चलेंगी, जिसकी वजह से रात्रि एवं सुबह धुंध पड़ने की संभावना रहेगी, आमतौर पर मौसम साफ़ रहेगा तथा वर्षा की संभावना कम है | जिसकी वजह से वायुमंडलीय आर्द्रता 38 से 68% तक रहने की संभावना है | किसान भाई बुवारी तथा पेंडी गन्ना इस समय परिपक्वता की अवस्था में है,इस अवस्था में सुखा था ठण्ड का दुस्प्रभाव अधिक पड़ता है जिससे गन्ना सूखकर कम पैदावार देता है ऐसे में नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें,जिससे गन्ने की वजन में बढोत्तरी हो सके, जिन किसान भाइयो के खेत अभी खाली नही है तथा माह के अंत तक खेत खली होने की उम्मीद है वह किसान STP विधि से गन्ने की नर्सरी लगायें,जब यह नर्सरी 3-4 सप्ताह की हो जाये तब गन्ने के खेत में ट्रांसप्लांट करें| किसान भाइयो गन्ने की पेंडी फसल से अच्छी पैदावार लेने के लिए, हमेशा गन्ने की कटाई जमीन की सतह से ही करें, गन्ना कटाई के एक सप्ताह के अंदर सिंचाई करें, गन्ने की सूखी पत्ती को कभी जलाये नही सूखी पत्ती को खेत में बिछाये पत्ती को सडाने के लिए waste decomposer का उपयोग करें, खेत में हल चलाकर 50kg यूरिया + 75kg DAP+ 50kg पोटास + 25kg Micronutrient एक एकड़ में डालें| जिन किसान भाइयों ने सितम्बर – अक्टूबर माह में गन्ना बुवाई की है, गैपफिलिंग के लिए ट्रे में उगाई गई नर्सरी के पौधों का उपयोग अधिक लाभकारी होगा, गन्ने की नालियों में निराई गुड़ाई करे, जिस शरद कालीन गन्ने की उम्र 65 से 70 दिन की हो गई है ऐसे खेतो में 50kg / एकड़ की दर से यूरिया लाइनों में प्रयोग करें, जिन किसानो के पास जमीन कम है तथा वह गेंहू कटाई के बाद गन्ना बुवाई करते है ऐसे किसान भाई FIRB विधि से गेंहू की बुवाई करे तथा फरवरी के महीने में उचित तापमान आने पर पानी लगाकर लाइनों में बुवाई करें, ध्यान रखे गन्ने के लिए कोई अलग से खाद न डालें| सरसों के intercrop अथवा पूरी फसल में ध्यान रखें इसमें चैंपा रोग लग सकता है इसकी रोकथाम के लिए Metacide / Metasystox 100ml प्रति एकड़ अथवा रोगोर 400ml प्रति एकड़ की दर से 200 ली. पानी में डालकर छिडकाव करें, धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें |शरदकालीन गन्ने में नियमित निराई गुड़ाई करते रहे, गन्ना फुटाव की अवस्था में निराई गुड़ाई, और पर्याप्त मात्रा में नमी अत्यंत अवश्यक होता है| स्मार्ट एग्री कार्यक्रम की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI | Hindi | Uttar Pradesh | 08-12-2024 | 11:40:00 | SCHEDULED |
|
| 2220 | प्रिय किसान साथियों, दिसम्बर माह की 8 तारीख से 17 तारीख के दौरान शाहजहांपुर जिले के बावल खेडा क्षेत्र के दिन तथा रात के तापमान में कमी आयेगी | इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 21 से 24 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 7 से 10 डिग्री सेंटीग्रेड तक रहेगा I इस दौरान पश्चिमोत्त्तर दिशा से 2 से 16 किलोमीटर की गति से ठंडी हवायें चलेंगी, जिसकी वजह से रात्रि एवं सुबह धुंध पड़ने की संभावना रहेगी, आमतौर पर मौसम साफ़ रहेगा तथा वर्षा की संभावना कम है | जिसकी वजह से वायुमंडलीय आर्द्रता 38 से 68% तक रहने की संभावना है | किसान भाई बुवारी तथा पेंडी गन्ना इस समय परिपक्वता की अवस्था में है,इस अवस्था में सुखा था ठण्ड का दुस्प्रभाव अधिक पड़ता है जिससे गन्ना सूखकर कम पैदावार देता है ऐसे में नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें,जिससे गन्ने की वजन में बढोत्तरी हो सके, जिन किसान भाइयो के खेत अभी खाली नही है तथा माह के अंत तक खेत खली होने की उम्मीद है वह किसान STP विधि से गन्ने की नर्सरी लगायें,जब यह नर्सरी 3-4 सप्ताह की हो जाये तब गन्ने के खेत में ट्रांसप्लांट करें| किसान भाइयो गन्ने की पेंडी फसल से अच्छी पैदावार लेने के लिए, हमेशा गन्ने की कटाई जमीन की सतह से ही करें, गन्ना कटाई के एक सप्ताह के अंदर सिंचाई करें, गन्ने की सूखी पत्ती को कभी जलाये नही सूखी पत्ती को खेत में बिछाये पत्ती को सडाने के लिए waste decomposer का उपयोग करें, खेत में हल चलाकर 50kg यूरिया + 75kg DAP+ 50kg पोटास + 25kg Micronutrient एक एकड़ में डालें| जिन किसान भाइयों ने सितम्बर – अक्टूबर माह में गन्ना बुवाई की है, गैपफिलिंग के लिए ट्रे में उगाई गई नर्सरी के पौधों का उपयोग अधिक लाभकारी होगा, गन्ने की नालियों में निराई गुड़ाई करे, जिस शरद कालीन गन्ने की उम्र 65 से 70 दिन की हो गई है ऐसे खेतो में 50kg / एकड़ की दर से यूरिया लाइनों में प्रयोग करें, जिन किसानो के पास जमीन कम है तथा वह गेंहू कटाई के बाद गन्ना बुवाई करते है ऐसे किसान भाई FIRB विधि से गेंहू की बुवाई करे तथा फरवरी के महीने में उचित तापमान आने पर पानी लगाकर लाइनों में बुवाई करें, ध्यान रखे गन्ने के लिए कोई अलग से खाद न डालें| सरसों के intercrop अथवा पूरी फसल में ध्यान रखें इसमें चैंपा रोग लग सकता है इसकी रोकथाम के लिए Metacide / Metasystox 100ml प्रति एकड़ अथवा रोगोर 400ml प्रति एकड़ की दर से 200 ली. पानी में डालकर छिडकाव करें, धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें |शरदकालीन गन्ने में नियमित निराई गुड़ाई करते रहे, गन्ना फुटाव की अवस्था में निराई गुड़ाई, और पर्याप्त मात्रा में नमी अत्यंत अवश्यक होता है| स्मार्ट एग्री कार्यक्रम की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI | Hindi | Uttar Pradesh | 08-12-2024 | 11:35:00 | SCHEDULED |
|