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261 Yavatmal(2) - ननमस्कार शेतकरी बंधूंनो...सॉलिडरीडॅड वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन आणि एरिक्सन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे ,नेर तालुक्यातील मोझर येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे दिनांक २४ एप्रिल २०२६ ते दिनांक ०३ मे २०२६ दरम्यानचा हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान २७ ते ३० अंश सेल्सियस तर कमाल ४० ते ४४ अंश सेल्सियस राहण्याची शक्यता आहे. तसेच दिनांक २४ एप्रिल ते दिनांक २९ एप्रिल २०२६ दरम्यान व दिनांक २ मे २०२६ दरम्यान वातावरण अंशतः ढगाळ राहण्याची शक्यता आहे. शेतकऱ्यांनी वातावरणीय बदलास अनुसरून शेती (Climate Resilient Agriculture) करण्यास खालील बाबींचा विचार करावा. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:- शेतकऱ्यांनी शेतातील काडीकचरा न जाळता त्यांचे कंपोस्ट खत तयार करावे. रब्बी पिके निघालेल्या शेताची नांगरणी करावी, त्यामुळे जमीन तपण्यास मदत होवून किडींचे कोष व घातक बुरशीचा नायनाट होईल. ज्या शेतकऱ्यांची जमीन खाली असेल त्यांनी जमीन तयार करण्याच्या अगोदर आपल्या शेतातील मातीचा नमुना विशिष्ठ पद्धतीने गोळा करावा व तो लगेच एप्रिल महिन्या अखेरीस माती परीक्षण प्रयोगशाळेत पाठवावा जेणेकरून पुढील हंगामातील पिकातील खत व्यवस्थापनासाठी त्यांचा फायदा होईल. शेतकऱ्यांनी उन्हाळी पिकामध्ये जमिनीतून बाष्पोत्सर्जन जास्त होत असल्यामुळे व पिकाच्या वाढीच्या अवस्थेनुसार उन्हाळी पिकास सकाळ व संध्याकाळ हलके ओलीत द्यावे. सध्या भुईमूंग पीक हे 50 ते 55 दिवसाचे असून फुलोरा अवस्थेत आहे. ह्या कालावधीत शेतकऱ्यांनी पीक वाढीसाठी संरक्षित ओलीत द्यावे. भुईमूंग पीकांत मावा, तुडतुडे व फुलकिडे चा प्रादुर्भाव दिसून आल्यास त्यांच्या एकत्रित व्यवस्थापनासाठी लॅम्बडा सायहॅलोथ्रीन 0.50 टक्के प्रवाही 200-300 मिली किंवा इमिडाक्लोप्रिड 17.80 टक्के एस. एल. 100-125 मिली प्रति हेक्टरी 500 लि. पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. भाजीपाला पिकांचे उन्हापासून संरक्षण करण्यासाठी गरजेनूसार हलके आणि वारंवार पाणी द्यावे. पिकलेल्या / बाजारात तयार असलेल्या भाज्यांची गुणवत्ता खराब होऊ नये म्हणुन त्यांची तत्काळ कापणी करावी. गहू पिक काढणीच्या अवस्थेत आहे , पिकाची काढणी करून माल तयार करावा व सुरक्षित ठिकाणी साठवणूक करावी. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबाईल क्रमांक 9158261922 धन्यवाद! हि माहिती पुन्हा ऐकण्यास शून्य दाबावे. Marathi MH 24-04-2026 08:30:00 SCHEDULED
262 Yavatmal(1)- - नमस्कार शेतकरी बंधूंनो...सॉलिडरीडॅड वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन आणि एरिक्सन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे . घाटंजी तालुक्यातील मारेगाव येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे दिनांक २४ एप्रिल २०२६ ते दिनांक ०३ मे २०२६ दरम्यानचा हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान २७ ते ३० अंश सेल्सियस तर कमाल ४० ते ४४ अंश सेल्सियस राहण्याची शक्यता आहे. तसेच दिनांक २४ एप्रिल ते ३० एप्रिल दरम्यान तसेच दिनांक १ मे २०२६ रोजी वातावरण अंशतः ढगाळ राहण्याची शक्यता आहे. वातावरणीय बदलास अनुसरून शेती (Climate Resilient Agriculture) करण्यास खालील बाबींचा विचार करावा. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:- शेतकऱ्यांनी शेतातील काडीकचरा न जाळता त्यांचे कंपोस्ट खत तयार करावे. रब्बी पिके निघालेल्या शेताची नांगरणी करावी, त्यामुळे जमीन तपण्यास मदत होवून किडींचे कोष व घातक बुरशीचा नायनाट होईल. ज्या शेतकऱ्यांची जमीन खाली असेल त्यांनी जमीन तयार करण्याच्या अगोदर आपल्या शेतातील मातीचा नमुना विशिष्ठ पद्धतीने गोळा करावा व तो लगेच एप्रिल महिन्या अखेरीस माती परीक्षण प्रयोगशाळेत पाठवावा जेणेकरून पुढील हंगामातील पिकातील खत व्यवस्थापनासाठी त्यांचा फायदा होईल. शेतकऱ्यांनी उन्हाळी पिकामध्ये जमिनीतून बाष्पोत्सर्जन जास्त होत असल्यामुळे व पिकाच्या वाढीच्या अवस्थेनुसार उन्हाळी पिकास सकाळ व संध्याकाळ हलके ओलीत द्यावे. सध्या भुईमूंग पीक हे 50 ते 55 दिवसाचे असून फुलोरा अवस्थेत आहे. ह्या कालावधीत शेतकऱ्यांनी पीक वाढीसाठी संरक्षित ओलीत द्यावे. भुईमूंग पीकांत मावा, तुडतुडे व फुलकिडे चा प्रादुर्भाव दिसून आल्यास त्यांच्या एकत्रित व्यवस्थापनासाठी लॅम्बडा सायहॅलोथ्रीन 0.50 टक्के प्रवाही 200-300 मिली किंवा इमिडाक्लोप्रिड 17.80 टक्के एस. एल. 100-125 मिली प्रति हेक्टरी 500 लि. पाण्यात मिसळून फवारणी करावी. भाजीपाला पिकांचे उन्हापासून संरक्षण करण्यासाठी गरजेनूसार हलके आणि वारंवार पाणी द्यावे. पिकलेल्या / बाजारात तयार असलेल्या भाज्यांची गुणवत्ता खराब होऊ नये म्हणुन त्यांची तत्काळ कापणी करावी. गहू पिक काढणीच्या अवस्थेत आहे , पिकाची काढणी करून माल तयार करावा व सुरक्षित ठिकाणी साठवणूक करावी. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबाईल क्रमांक 9158261922 धन्यवाद!वरील माहिती पुन्हा ऐकण्यास शून्य दाबावे. Marathi MH 24-04-2026 08:30:00 SCHEDULED
263 জিলা: তিনিচুকীয়া ( ষ্টেচন: দৰিয়াভেটি_AWS ) বতৰৰ বতৰা আৰু আমাৰ পৰামৰ্শ (বৈধতাৰ সময়সীমা: ২৬ এপ্ৰিলৰ পৰা ৫ মে’লৈ, ২০২৬) চলিদাৰীডেড ৰ প্রিয় ক্ষুদ্ৰ চাহ খেতিয়ক সকল। ভি আই স্মাৰ্ট কৃষি (VI Smart Agri) পৰামৰ্শলৈ স্বাগতম। তিনিচুকীয়া জিলাৰ দৰিয়াভেটিত অৱস্থিত স্বয়ংক্ৰিয় বতৰ বিজ্ঞান কেন্দ্ৰৰ (Automatic Weather Station) পৰা পোৱা বতৰৰ আগলি বতৰা অনুযায়ী ২৬ এপ্ৰিলৰ পৰা ৫ মে’লৈ, ২০২৬ বতৰ সাধাৰণতে ডাৱৰীয়াৰ পৰা আংশিকভাৱে ডাৱৰীয়া হৈ থাকিব আৰু লগতে মজলীয়াৰ পৰা প্ৰবল বৰষুণৰ সম্ভাৱনা আছে। দিনৰ উষ্ণতা প্ৰায় ২৪-৩৩ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ আৰু নিশাৰ উষ্ণতা প্ৰায় ২১-২৪ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ হব বুলি অনুমান কৰা হৈছে। ৰাতিপুৱা আৰু আবেলিৰ আপেক্ষিক আৰ্দ্ৰতা ক্ৰমান্বয়ে প্ৰায় ৯৫ % আৰু ৭০ % আশে-পাশে থাকিব। বতাহ প্ৰতি ঘন্টাত ৪-১৩ কিলোমিটাৰ বেগত উত্তৰ-পূব দিশৰ পৰা প্ৰবাহিত হব। আগন্তুক দিনত কিছুমান অঞ্চলত প্ৰচণ্ড বৰষুণ, ধুমুহা আৰু বজ্ৰপাতৰ সম্ভাৱনা আছে। চাহ খেতিৰ বাবে: • এই সময়ত পৈণত আৰু অপৈণত চাহ গছত First Split Dose সাৰ প্ৰয়োগ কৰিব লাগে। সাৰ প্ৰয়োগৰ বাবে আগতে প্ৰচাৰ কৰা Manuring Chart অনুসৰণ কৰিব লাগিব । • যিহেতু যোৱা কেইদিনমানত বৰষুণ লাভ কৰা হৈছে গতিকে সাৰ প্ৰয়োগে গছৰ উৎপাদনত যথেষ্ট সহায় কৰিব। বৰষুণৰ ফলত যাতে সাৰৰ অপচয় নহয় তাৰ প্ৰতি লক্ষ্য ৰাখিব লাগিব। • বাঞ্জী পাতৰ সমস্যা থকা বাগান বোৰত ইউৰিয়া (Urea) আৰু জিংক ছালফেট (Zinc Sulphate) ৰ মিশ্ৰণ (১%কৈ) বৰষুণমুক্ত সময়ত Foliar স্প্ৰে কৰিব লাগে। অন্যান্য শস্যৰ বাবে: • জিকা খেতিৰ বীজ সিঁচাৰ কাৰ্য্য মে মাহলৈকে কৃষকসকলে অনুকূল বতৰ চাই অব্যাহত ৰাখিব পাৰে। জিকা খেতিৰ বাবে ওখ, পানী জমা নোহোৱা পলসুৱা আৰু অধিক জৈৱিক পদাৰ্থ থকা মাটিয়েই উত্তম। কৃষকসকলে জিকাৰ অনুমোদিত জাত যেনে- এ এ ইউ জে-১(AAUJ-1), পুছা নাছদাৰ (Pusa Nasdar) আদিৰ বীজ সংগ্রহ কৰিব পাৰে। • দুটা শাৰীৰ মাজত ১.৫ৰ পৰা ২.৫ মিটাৰ আৰু দুটা গছৰ মাজত ৬০ চে.মি.ৰ পৰা ১.২ মিটাৰ ব্যাবধান ৰাখি বীজবোৰ সিঁচিব লাগে। • লতাৰ দৰে পাচলিশস্য বোৰত লাঠি বা ৰছীৰ সমৰ্থন প্ৰদান কৰিব যাতে বৰষুণ আৰু বতাহৰ ফলত বেঁকা হোৱাৰ পৰা সুৰক্ষিত হৈ থাকে। বতৰ আৰু কৃষি সম্পৰ্কীয় তথ্যৰ বিষয়ে জানিবলৈ কৃষকসকলে ৭০৬৫-০০-৫০৫৪ নম্বৰত মিছড কল দিব পাৰে। ধন্যবাদ । Assamese Assam 26-04-2026 08:00:00 SCHEDULED
264 জিলা: তিনিচুকীয়া ( ষ্টেচন: ৰূপজান_AWS ) বতৰৰ বতৰা আৰু আমাৰ পৰামৰ্শ (বৈধতাৰ সময়সীমা: ২৬ এপ্ৰিলৰ পৰা ৫ মে’লৈ, ২০২৬) চলিদাৰীডেড ৰ প্রিয় ক্ষুদ্ৰ চাহ খেতিয়ক সকল । ভি আই স্মাৰ্ট কৃষি ( VI Smart Agri) পৰামৰ্শলৈ স্বাগতম। তিনিচুকীয়া জিলাৰ ৰূপজানত অৱস্থিত স্বয়ংক্ৰিয় বতৰ বিজ্ঞান কেন্দ্ৰৰ (Automatic Weather Station) পৰা পোৱা বতৰৰ আগলি বতৰা অনুযায়ী ২৬ এপ্ৰিলৰ পৰা ৫ মে’লৈ, ২০২৬ বতৰ সাধাৰণতে ডাৱৰীয়াৰ পৰা আংশিকভাৱে ডাৱৰীয়া হৈ থাকিব আৰু লগতে মজলীয়াৰ পৰা প্ৰবল বৰষুণৰ সম্ভাৱনা আছে। দিনৰ উষ্ণতা প্ৰায় ২৫-৩৪ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ আৰু নিশাৰ উষ্ণতা প্ৰায় ২১-২৪ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ হব বুলি অনুমান কৰা হৈছে। ৰাতিপুৱা আৰু আবেলিৰ আপেক্ষিক আৰ্দ্ৰতা ক্ৰমান্বয়ে প্ৰায় ৯৭ % আৰু ৭০ % আশে-পাশে থাকিব। বতাহ প্ৰতি ঘন্টাত ৫-১৩ কিলোমিটাৰ বেগত উত্তৰ-পূব দিশৰ পৰা প্ৰবাহিত হব। আগন্তুক দিনত কিছুমান অঞ্চলত প্ৰচণ্ড বৰষুণ, ধুমুহা আৰু বজ্ৰপাতৰ সম্ভাৱনা আছে। চাহ খেতিৰ বাবে: • এই সময়ত পৈণত আৰু অপৈণত চাহ গছত First Split Dose সাৰ প্ৰয়োগ কৰিব লাগে। সাৰ প্ৰয়োগৰ বাবে আগতে প্ৰচাৰ কৰা Manuring Chart অনুসৰণ কৰিব লাগিব । • যিহেতু যোৱা কেইদিনমানত বৰষুণ লাভ কৰা হৈছে গতিকে সাৰ প্ৰয়োগে গছৰ উৎপাদনত যথেষ্ট সহায় কৰিব। বৰষুণৰ ফলত যাতে সাৰৰ অপচয় নহয় তাৰ প্ৰতি লক্ষ্য ৰাখিব লাগিব। • বাঞ্জী পাতৰ সমস্যা থকা বাগান বোৰত ইউৰিয়া (Urea) আৰু জিংক ছালফেট (Zinc Sulphate) ৰ মিশ্ৰণ (১%কৈ) বৰষুণমুক্ত সময়ত Foliar স্প্ৰে কৰিব লাগে। • জিকা খেতিৰ বীজ সিঁচাৰ কাৰ্য্য মে মাহলৈকে কৃষকসকলে অনুকূল বতৰ চাই অব্যাহত ৰাখিব পাৰে। জিকা খেতিৰ বাবে ওখ, পানী জমা নোহোৱা পলসুৱা আৰু অধিক জৈৱিক পদাৰ্থ থকা মাটিয়েই উত্তম। কৃষকসকলে জিকাৰ অনুমোদিত জাত যেনে- এ এ ইউ জে-১(AAUJ-1), পুছা নাছদাৰ (Pusa Nasdar) আদিৰ বীজ সংগ্রহ কৰিব পাৰে। • দুটা শাৰীৰ মাজত ১.৫ৰ পৰা ২.৫ মিটাৰ আৰু দুটা গছৰ মাজত ৬০ চে.মি.ৰ পৰা ১.২ মিটাৰ ব্যাবধান ৰাখি বীজবোৰ সিঁচিব লাগে। • লতাৰ দৰে পাচলিশস্য বোৰত লাঠি বা ৰছীৰ সমৰ্থন প্ৰদান কৰিব যাতে বৰষুণ আৰু বতাহৰ ফলত বেঁকা হোৱাৰ পৰা সুৰক্ষিত হৈ থাকে। বতৰ আৰু কৃষি সম্পৰ্কীয় তথ্যৰ বিষয়ে জানিবলৈ কৃষকসকলে ৭০৬৫-০০-৫০৫৪ নম্বৰত মিছড কল দিব পাৰে। ধন্যবাদ । Assamese Assam 26-04-2026 08:00:00 SCHEDULED
265 ନମସ୍କାର କଟକ, କେନ୍ଦ୍ରାପଡ଼ା ଓ ଗଜପତି ଜିଲ୍ଲାର ସମସ୍ତ ଚାଷୀଭାଇ ମାନଙ୍କୁ ଭୋଡାଫୋନ ଆଇଡିଆ ସହଯୋଗରେ ସଲିଡାରିଡାଡ ଏବଂ ଶରତ କର ଓ ଅନିମା କର ଫାଉଣ୍ଡେସନର ମିଳିତ ପ୍ରଚେଷ୍ଟାରେ ଚାଲୁଥିବା ଅଭିନବ କୃଷି ପ୍ରକଳ୍ପକୁ ସ୍ଵାଗତ କରାଯାଉଛି । ଏକ ଏକର କ୍ଷେତ୍ର ନିମନ୍ତେ ଘନଜୀବାମୃତ ପ୍ରସ୍ତୁତି : ଆବଶ୍ୟକ ଉପକରଣ - ୧-ସଜ ଗୋବର-୧୦ କି.ଗ୍ରା. ୨-ଗାଈ ପରିସ୍ରା -୫ଲି. ୩-ଗୁଡ-୨କି.ଗ୍ରା. ୪-କଞ୍ଚା ଚୋପାଲଗା ଡାଲି ଗୁଣ୍ଡ-୨କି.ଗ୍ରା. ୫-ଉଇ ହୁଙ୍କା ମାଟି -ଆଞ୍ଜୁଳାଏ ୬-ପାଣି -୨୦ଲି. ପ୍ରସ୍ତୁତି:-ସମସ୍ତ ଆବଶ୍ୟକ ସାମଗ୍ରୀ କୁ ଏକ ବଡ଼ ମାଟି କିମ୍ବା ପ୍ଲାଷ୍ଟିକ ପାତ୍ରରେ ଭଲ ଭାବେ ମିଶ୍ରଣ କରି ଛାଇ ସ୍ଥାନ ରେ ଘୋଡାଇ ରଖନ୍ତୁ। ଦିନକୁ ୨-୩ ଥର ସକାଳେ ଏବଂ ସନ୍ଧ୍ୟାରେ ବାଡ଼ିରେ ଘାଣ୍ଟି ଦିଅନ୍ତୁ।ସାତ ଦିନ ପରେ ଏହି ମିଶ୍ରଣ କୁ ୨ କ୍ଵିଣ୍ଟାଲ ଗୋବର ଖତରେ ମିଶ୍ରଣ କରି ଘନଜୀବାମୃତ ପ୍ରସ୍ତୁତ କରନ୍ତୁ।ଖତରେ ମିଶାଇବାର ୪୮ଘ. ପରେ ଏହାକୁ ଜମିରେ ପ୍ରୟୋଗ କରିପାରିବେ ଏବଂ ଛଅ ମାସ ଯାଏ ଏହାକୁ ରଖି ବ୍ୟବହାର କରି ପାରିବେ। * ଏହାକୁ ମୂଳ ସାର ଭାବେ ଆମେ ପରିବା ଗଛରେ ପ୍ରୟୋଗ କରିପାରିବା, ଧାନ ଓ ମୁଗ ଫସଲ ଆଗରୁ ଜମିରେ ଏହାକୁ ପ୍ରୟୋଗ କଲେ ଉତ୍ପାଦନ ବୃଦ୍ଧି ସହ ଗଛର ଭଲ ଅଭିବୃଦ୍ଧି ହୋଇଥାଏ। * ଏହାର ପ୍ରୟୋଗ ଦ୍ୱାରା ମାଟିର ପି. ଏଚ ୭.୨୦, ଜୈବ ଅଙ୍ଗାର ୧୭. ୨୯ %, ଯବକ୍ଷାରଜାନ ୨%,ଫସଫରସ ୦.୪୬%, ପୋଟାସିୟମ ୦.୧୦%,ସୋଡିୟମ ୦.୧୫%,କ୍ୟାଲସିୟମ ୧୩୨ମିଲିଗ୍ରାମ/କିଲୋ,ମ୍ୟାଗ୍ନେସିୟମ ୬୧.୭୫ମିଲିଗ୍ରାମ/ଲି.,ସଲଫେଟ ୧୧୨ମିଲିଗ୍ରାମ /ଲି., କପର ୦.୧୩ ମିଲିଗ୍ରାମ /ଲି., ମାଗ୍ନେସିୟମ ୨.୦୩ମିଲିଗ୍ରାମ /ଲି., ଜିଙ୍କ ୦.୯୯ମିଲିଗ୍ରାମ /ଲି., ଆଇରନ ୩୪.୩୦ମିଲିଗ୍ରାମ /ଲି. ଆଦି ମାଟିକୁ ମିଳିଥାଏ। * ମାଟିରେ ଅଣୁଜୀବ ବୃଦ୍ଧି ହୋଇଥାନ୍ତି ଏବଂ ମାଟିର ଜଳଧାରଣ ର କ୍ଷମତା ବଢିଥାଏ। • ଏହାକୁ ବ୍ୟବହାର କଲେ ରାସାୟନିକ ସାର ଦରକାର କମିଯାଏ, ଯାହା ଖର୍ଚ୍ଚ କମାଏ ଓ ପରିବେଶକୁ ସୁରକ୍ଷିତ ରଖେ। * ଘନଜୀବାମୃତ ମାଟିକୁ ଛିଦ୍ରାଳୁ କରେ, ଯାହା ଜଳ ଓ ବାୟୁ ପ୍ରବାହକୁ ସହଜ କରେ। •ଫସଲର ଉତ୍ପାଦନ ବଢ଼େ ଓ ଗୁଣତ୍ୱ ଉନ୍ନତ ହୁଏ, ଯାହା ବଜାରରେ ଭଲ ଦର ମିଳିବାରେ ସହାୟକ। Odia Orissa 21-04-2026 00:11:00 SCHEDULED
266 ନମସ୍କାର କେନ୍ଦ୍ରାପଡା ଜିଲ୍ଲାର ଡେରାବିଶ ବ୍ଲକର ସମସ୍ତ ଚାଷୀଭାଇ ମାନଙ୍କୁ ଭୋଡାଫୋନ ଆଇଡିଆ ସହଯୋଗରେ ସଲିଡାରିଡାଡ ଏବଂ ଶରତ କର & ଅନିମା କର ଫାଉଣ୍ଡେସନର ମିଳିତ ପ୍ରଚେଷ୍ଟାରେ ଚାଲୁଥିବା ଅଭିନବ କୃଷି ପ୍ରକଳ୍ପକୁ ସ୍ଵାଗତ କରାଯାଉଛି । ଆଗାମୀ ୨୦ ଏପ୍ରିଲ ରୁ ୨୬ ଏପ୍ରିଲ ମଧ୍ୟରେ ଡେରାବିଶ ବ୍ଲକରେ ବୃଷ୍ଟିପାତର ସମ୍ଭାବନା ନାହିଁ ଏବଂ ସର୍ବାଧିକ ତାପମାତ୍ରା ୨୪°C-୩୫°C ମଧ୍ୟରେ ରହିବ। ୧- ବୋଇତାଳୁ, କାକୁଡି, ଜହ୍ନି ପ୍ରଭୃତିରେ ପତ୍ରପୋଡ଼ା ରୋଗ ରୋକିବା ପାଇଁ ୧ଲି. ଘୋଳ ଦହିରେ ୧୫ଲି. ପାଣି ମିଶାଇ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ୨- ଖରାଟିଆ ପରିବା ଫସଲରେ କାଣ୍ଡବିନ୍ଧା, ଶୋଷକ କୀଟ ଓ ପତ୍ର ପୋଡା ଲାଗିବାର ଅବଧି ଥିବାରୁ ଏହାକୁ ପ୍ରତି ୪ ଦିନ ଅନ୍ତରାଳରେ ଆଗ୍ନେୟସ୍ତ୍ର ସିଂଚନ କରନ୍ତୁ। ୩- ଲଙ୍କା, କଲରା ଫସଲରେ ୧ ଲିଟର ଦହିରେ ୨୦ ଲିଟର ପାଣି ମିଶାଇ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ୪- ବାଇଗଣର ମୁଖ୍ୟ କୀଟ କାଣ୍ଡବିନ୍ଧା ଓ ଫଳବିନ୍ଧା ରୋକିବା ପାଇଁ ବ୍ରହ୍ମାସ୍ତ୍ର ପ୍ରୟୋଗ କରନ୍ତୁ ଓ ତାର ୨ ଦିନ ବ୍ୟବଧାନରେ ୧ କି.ଗ୍ରା. ନିମପିଡିଆ ୨୦ ଲିଟର ପାଣିରେ ବତୁରାଇ ସକାଳୁ ସିଂଚନ କରନ୍ତୁ। ୫-ପାଚିଯାଇଥିବା ସମସ୍ତ ସୂର୍ଯ୍ୟମୁଖୀ ଫୁଲ କୁ କାଟିଦିଅନ୍ତୁ। ୬- ସୂର୍ଯ୍ୟମୁଖୀ ଅମଳ କରି 8 ପ୍ରତିଶତ ଆଦ୍ରତା ରଖି ପେଡାଇ ଦିଅନ୍ତୁ। ୭- ତେଲ ପେଡାପରେ ପିଡିଆକୁ ପାଖରେ ରଖନ୍ତୁ ଏହା ଭବିଷ୍ୟତରେ ଜୈବସାର ହିସବାରେ ବ୍ୟବହାର ହେବ। ଅଧିକ ସୂଚନା ପାଇଁ ଆମ ଟୋଲ ଫ୍ରି ନମ୍ବର ୭୦୬୫୦୦୫୦୫୪ ରେ ମିସ କଲ୍ କରନ୍ତୁ। ଧନ୍ୟବାଦ୍। Odia Orissa 20-04-2026 23:52:00 SCHEDULED
267 ନମସ୍କାର କଟକ ଜିଲ୍ଲା ର ମାହାଙ୍ଗା, ଟାଙ୍ଗୀ ଓ ନିଶ୍ଚିନ୍ତକୋଇଲି ବ୍ଲକର ସମସ୍ତ ଚାଷୀଭାଇ ମାନଙ୍କୁ ଭୋଡାଫୋନ ଆଇଡିଆ ସହଯୋଗରେ ସଲିଡାରିଡାଡ ଏବଂ ଶରତ କର & ଅନିମା କର ଫାଉଣ୍ଡେସନର ମିଳିତ ପ୍ରଚେଷ୍ଟାରେ ଚାଲୁଥିବା ଅଭିନବ କୃଷି ପ୍ରକଳ୍ପକୁ ସ୍ଵାଗତ କରାଯାଉଛି । ଆଗାମୀ ୨୦ ଏପ୍ରିଲ ରୁ ୨୬ ଏପ୍ରିଲ ମଧ୍ୟରେ ମାହାଙ୍ଗା, ଟାଙ୍ଗୀ ଓ ନିଶ୍ଚିନ୍ତକୋଇଲି ବ୍ଲକରେ ବୃଷ୍ଟିପାତର ସମ୍ଭାବନା ନାହିଁ ଏବଂ ସର୍ବତ୍ର ସର୍ବାଧିକ ତାପମାତ୍ରା ୨୪°C-୩୫°C ମଧ୍ୟରେ ରହିବ। ୧- ବୋଇତାଳୁ, କାକୁଡି, ଜହ୍ନି ପ୍ରଭୃତିରେ ପତ୍ରପୋଡ଼ା ରୋଗ ରୋକିବା ପାଇଁ ୧ଲି. ଘୋଳ ଦହିରେ ୧୫ଲି. ପାଣି ମିଶାଇ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ୨- ଖରାଟିଆ ପରିବା ଫସଲରେ କାଣ୍ଡବିନ୍ଧା, ଶୋଷକ କୀଟ ଓ ପତ୍ର ପୋଡା ଲାଗିବାର ଅବଧି ଥିବାରୁ ଏହାକୁ ପ୍ରତି ୪ ଦିନ ଅନ୍ତରାଳରେ ଆଗ୍ନେୟସ୍ତ୍ର ସିଂଚନ କରନ୍ତୁ। ୩- ଲଙ୍କା, କଲରା ଫସଲରେ ୧ ଲିଟର ଦହିରେ ୨୦ ଲିଟର ପାଣି ମିଶାଇ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ୪- ବାଇଗଣର ମୁଖ୍ୟ କୀଟ କାଣ୍ଡବିନ୍ଧା ଓ ଫଳବିନ୍ଧା ରୋକିବା ପାଇଁ ବ୍ରହ୍ମାସ୍ତ୍ର ପ୍ରୟୋଗ କରନ୍ତୁ ଓ ତାର ୨ ଦିନ ବ୍ୟବଧାନରେ ୧ କି.ଗ୍ରା. ନିମପିଡିଆ ୨୦ ଲିଟର ପାଣିରେ ବତୁରାଇ ସକାଳୁ ସିଂଚନ କରନ୍ତୁ। ୫-ପାଚିଯାଇଥିବା ସମସ୍ତ ସୂର୍ଯ୍ୟମୁଖୀ ଫୁଲ କୁ କାଟିଦିଅନ୍ତୁ। ୬- ସୂର୍ଯ୍ୟମୁଖୀ ଅମଳ କରି 8 ପ୍ରତିଶତ ଆଦ୍ରତା ରଖି ପେଡାଇ ଦିଅନ୍ତୁ। ୭- ତେଲ ପେଡାପରେ ପିଡିଆକୁ ପାଖରେ ରଖନ୍ତୁ ଏହା ଭବିଷ୍ୟତରେ ଜୈବସାର ହିସବାରେ ବ୍ୟବହାର ହେବ। ଅଧିକ ସୂଚନା ପାଇଁ ଆମ ଟୋଲ ଫ୍ରି ନମ୍ବର ୭୦୬୫୦୦୫୦୫୪ ରେ ମିସ କଲ୍ କରନ୍ତୁ। ଧନ୍ୟବାଦ୍। Odia Orissa 20-04-2026 23:49:00 SCHEDULED
268 ନମସ୍କାର ଗଜପତି ଜିଲ୍ଲାର ମୋହନା ଓ ଗୁମ୍ମା ବ୍ଲକର ସମସ୍ତ ଚାଷୀ ମାନଙ୍କୁ ସଲିଡାରିଡାଡ ତରଫରୁ ଭୋଡାଫୋନ ଆଇଡିଆ ସହଯୋଗ ରେ ଚାଲୁଥିବା ଅଭିନବ କୃଷି ପ୍ରକଳ୍ପକୁ ସ୍ଵାଗତ କରାଯାଉଛି । ଆଗାମୀ ୨୦ ଏପ୍ରିଲ ରୁ ୨୬ ଏପ୍ରିଲ ମଧ୍ୟରେ ଗଜପତିର ମୋହନା ଏବଂ ଗୁମ୍ମା ବ୍ଲକରେ ବୃଷ୍ଟିପାତର ସମ୍ଭାବନା ନାହିଁ ଓ ସର୍ବତ୍ର ସର୍ବାଧିକ ତାପମାତ୍ରା ୨୧°c ରୁ ୪୦°c ମଧ୍ୟରେ ରହିବ। ୧- ବୋଇତାଳୁ, କାକୁଡି, ଜହ୍ନି ପ୍ରଭୃତିରେ ପତ୍ରପୋଡ଼ା ରୋଗ ରୋକିବା ପାଇଁ ୧ଲି. ଘୋଳ ଦହିରେ ୧୫ଲି. ପାଣି ମିଶାଇ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ୨- ଖରାଟିଆ ପରିବା ଫସଲରେ କାଣ୍ଡବିନ୍ଧା, ଶୋଷକ କୀଟ ଓ ପତ୍ର ପୋଡା ଲାଗିବାର ଅବଧି ଥିବାରୁ ଏହାକୁ ପ୍ରତି ୪ ଦିନ ଅନ୍ତରାଳରେ ଆଗ୍ନେୟସ୍ତ୍ର ସିଂଚନ କରନ୍ତୁ। ୩- ଲଙ୍କା, କଲରା ଫସଲରେ ୧ ଲିଟର ଦହିରେ ୨୦ ଲିଟର ପାଣି ମିଶାଇ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ୪- ବାଇଗଣର ମୁଖ୍ୟ କୀଟ କାଣ୍ଡବିନ୍ଧା ଓ ଫଳବିନ୍ଧା ରୋକିବା ପାଇଁ ବ୍ରହ୍ମାସ୍ତ୍ର ପ୍ରୟୋଗ କରନ୍ତୁ ଓ ତାର ୨ ଦିନ ବ୍ୟବଧାନରେ ୧ କି.ଗ୍ରା. ନିମପିଡିଆ ୨୦ ଲିଟର ପାଣିରେ ବତୁରାଇ ସକାଳୁ ସିଂଚନ କରନ୍ତୁ। ୫-ପାଚିଯାଇଥିବା ସମସ୍ତ ସୂର୍ଯ୍ୟମୁଖୀ ଫୁଲ କୁ କାଟିଦିଅନ୍ତୁ। ୬- ସୂର୍ଯ୍ୟମୁଖୀ ଅମଳ କରି 8 ପ୍ରତିଶତ ଆଦ୍ରତା ରଖି ପେଡାଇ ଦିଅନ୍ତୁ। ୭- ତେଲ ପେଡାପରେ ପିଡିଆକୁ ପାଖରେ ରଖନ୍ତୁ ଏହା ଭବିଷ୍ୟତରେ ଜୈବସାର ହିସବାରେ ବ୍ୟବହାର ହେବ। ଅଧିକ ସୂଚନା ପାଇଁ ଆମ ଟୋଲ ଫ୍ରି ନମ୍ବର ୭୦୬୫୦୦୫୦୫୪ ରେ ମିସ କଲ୍ କରନ୍ତୁ। ଧନ୍ୟବାଦ୍। Odia Orissa 20-04-2026 23:31:00 SCHEDULED
269 ନମସ୍କାର କେନ୍ଦ୍ରାପଡା ଜିଲ୍ଲାର ଡେରାବିଶ ବ୍ଲକର ସମସ୍ତ ଚାଷୀଭାଇ ମାନଙ୍କୁ ଭୋଡାଫୋନ ଆଇଡିଆ ସହଯୋଗରେ ସଲିଡାରିଡାଡ ଏବଂ ଶରତ କର & ଅନିମା କର ଫାଉଣ୍ଡେସନର ମିଳିତ ପ୍ରଚେଷ୍ଟାରେ ଚାଲୁଥିବା ଅଭିନବ କୃଷି ପ୍ରକଳ୍ପକୁ ସ୍ଵାଗତ କରାଯାଉଛି । ଆଗାମୀ ୨୦ ଏପ୍ରିଲ ରୁ ୨୬ ଏପ୍ରିଲ ମଧ୍ୟରେ ଡେରାବିଶ ବ୍ଲକରେ ବୃଷ୍ଟିପାତର ସମ୍ଭାବନା ନାହିଁ ଏବଂ ସର୍ବାଧିକ ତାପମାତ୍ରା ୨୪°C-୩୫°C ମଧ୍ୟରେ ରହିବ। ୧. କାଳବୈଶାଖୀ ଯୋଗୁଁ ବର୍ଷା, ପବନ ବହୁତ ହେବାର ସମ୍ଭାବନା ହେତୁ ପାକଳ ହୋଇଥିବା ମୁଗ ଫସଲ କୁ ଅମଳ କରି ଦିଅନ୍ତୁ। ୨. ମୁଗ ଫସଲ ଅମଳ ଯୋଗ୍ୟ ହୋଇଥିଲେ ତାକୁ ନଉପାଡ଼ି କାଟିକି ଆଣିବାକୁ ଚେଷ୍ଟା କରନ୍ତୁ, ଏହାର ମୂଳକୁ ମାଟିରେ ଛାଡିଦିଅନ୍ତୁ। ଏହା ଦ୍ୱାରା ମାଟିକୁ ପ୍ରଚୁର ପରିମାଣରେ ଯବକ୍ଷାରଜାନ ମିଳିଥାଏ ଯାହା ୟୁରିଆ ର ଖର୍ଚ୍ଚକୁ କମ୍ କରିଥାଏ। ୩. ଆଧୁନିକ କୃଷି ପ୍ରକଳ୍ପ ଦ୍ୱାରା ଆସୁଥିବା ଆଞ୍ଚଳିକ ପାଣିପାଗ ସୂଚନା ଆଧାରରେ, କାଟିକି ଆଣିଥିବା ଫସଲକୁ ସୁରକ୍ଷିତ ସ୍ଥାନରେ ରଖନ୍ତୁ। ଯଦି ଫସଲ ଉପାଡିକି ଅଣାଯାଇଥାଏ ତେବେ ଅମଳ ପରେ ମୂଳକୁ ଜମିରେ ପକାଇଦିଅନ୍ତୁ। ୪. ପ୍ରଥମ ପର୍ଯ୍ୟାୟରେ ଆସିଥିବା ମୁଗ ଗଛରେ ଛୁଇଁକୁ ତୋଳିକି ଅମଳ କରନ୍ତୁ ଏବଂ ସଠିକ ପରିମାଣର ବତର ରଖି ରଖନ୍ତୁ, ବିହନ ଗୁଡ଼ିକ ତୋଳି ଖରାରେ ଶୁଖାଇ ୧କି.ଗ୍ରା ମୁଗ ପ୍ରତି ୧୦୦ ଗ୍ରାମ ପାଉଁଶ ମିଶାଇ ବିହନକୁ ସଂଗ୍ରହ କରି ରଖନ୍ତୁ ଅଧିକ ସୂଚନା ପାଇଁ ଆମ ଟୋଲ ଫ୍ରି ନମ୍ବର ୭୦୬୫୦୦୫୦୫୪ ରେ ମିସ କଲ୍ କରନ୍ତୁ। ଧନ୍ୟବାଦ୍। Odia Orissa 20-04-2026 23:18:00 SCHEDULED
270 ନମସ୍କାର କଟକ ଜିଲ୍ଲା ର ମାହାଙ୍ଗା, ଟାଙ୍ଗୀ ଓ ନିଶ୍ଚିନ୍ତକୋଇଲି ବ୍ଲକର ସମସ୍ତ ଚାଷୀଭାଇ ମାନଙ୍କୁ ଭୋଡାଫୋନ ଆଇଡିଆ ସହଯୋଗରେ ସଲିଡାରିଡାଡ ଏବଂ ଶରତ କର & ଅନିମା କର ଫାଉଣ୍ଡେସନର ମିଳିତ ପ୍ରଚେଷ୍ଟାରେ ଚାଲୁଥିବା ଅଭିନବ କୃଷି ପ୍ରକଳ୍ପକୁ ସ୍ଵାଗତ କରାଯାଉଛି । ଆଗାମୀ ୨୦ ଏପ୍ରିଲ ରୁ ୨୬ ଏପ୍ରିଲ ମଧ୍ୟରେ ମାହାଙ୍ଗା, ଟାଙ୍ଗୀ ଓ ନିଶ୍ଚିନ୍ତକୋଇଲି ବ୍ଲକରେ ବୃଷ୍ଟିପାତର ସମ୍ଭାବନା ନାହିଁ ଏବଂ ସର୍ବତ୍ର ସର୍ବାଧିକ ତାପମାତ୍ରା ୨୪°C-୩୫°C ମଧ୍ୟରେ ରହିବ। ୧. କାଳବୈଶାଖୀ ଯୋଗୁଁ ବର୍ଷା, ପବନ ବହୁତ ହେବାର ସମ୍ଭାବନା ହେତୁ ପାକଳ ହୋଇଥିବା ମୁଗ ଫସଲ କୁ ଅମଳ କରି ଦିଅନ୍ତୁ। ୨. ମୁଗ ଫସଲ ଅମଳ ଯୋଗ୍ୟ ହୋଇଥିଲେ ତାକୁ ନଉପାଡ଼ି କାଟିକି ଆଣିବାକୁ ଚେଷ୍ଟା କରନ୍ତୁ, ଏହାର ମୂଳକୁ ମାଟିରେ ଛାଡିଦିଅନ୍ତୁ। ଏହା ଦ୍ୱାରା ମାଟିକୁ ପ୍ରଚୁର ପରିମାଣରେ ଯବକ୍ଷାରଜାନ ମିଳିଥାଏ ଯାହା ୟୁରିଆ ର ଖର୍ଚ୍ଚକୁ କମ୍ କରିଥାଏ। ୩. ଆଧୁନିକ କୃଷି ପ୍ରକଳ୍ପ ଦ୍ୱାରା ଆସୁଥିବା ଆଞ୍ଚଳିକ ପାଣିପାଗ ସୂଚନା ଆଧାରରେ, କାଟିକି ଆଣିଥିବା ଫସଲକୁ ସୁରକ୍ଷିତ ସ୍ଥାନରେ ରଖନ୍ତୁ। ଯଦି ଫସଲ ଉପାଡିକି ଅଣାଯାଇଥାଏ ତେବେ ଅମଳ ପରେ ମୂଳକୁ ଜମିରେ ପକାଇଦିଅନ୍ତୁ। ୪. ପ୍ରଥମ ପର୍ଯ୍ୟାୟରେ ଆସିଥିବା ମୁଗ ଗଛରେ ଛୁଇଁକୁ ତୋଳିକି ଅମଳ କରନ୍ତୁ ଏବଂ ସଠିକ ପରିମାଣର ବତର ରଖି ରଖନ୍ତୁ, ବିହନ ଗୁଡ଼ିକ ତୋଳି ଖରାରେ ଶୁଖାଇ ୧କି.ଗ୍ରା ମୁଗ ପ୍ରତି ୧୦୦ ଗ୍ରାମ ପାଉଁଶ ମିଶାଇ ବିହନକୁ ସଂଗ୍ରହ କରି ରଖନ୍ତୁ ଅଧିକ ସୂଚନା ପାଇଁ ଆମ ଟୋଲ ଫ୍ରି ନମ୍ବର ୭୦୬୫୦୦୫୦୫୪ ରେ ମିସ କଲ୍ କରନ୍ତୁ। ଧନ୍ୟବାଦ୍। Odia Orissa 20-04-2026 23:26:00 SCHEDULED