Message Schedule List : 12,218
| S. No. | Message | Language | Created By | Date | Time | Status | Action |
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| 2751 | प्रिय किसान साथियों, दिसम्बर माह की 18 तारीख से 27 तारीख के दौरान हरदोई जिले के सांडी क्षेत्र के दिन तथा रात के तापमान में कमी आयेगी | इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 20 से 25 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 7 से 9 डिग्री सेंटीग्रेड तक रहेगा I इस दौरान उत्तर पश्चिम दिशा से 2 से 16 किलोमीटर की गति से ठंडी हवायें चलेंगी, जिसकी वजह से रात्रि एवं सुबह धुंध पड़ने की संभावना रहेगी, आमतौर पर मौसम साफ़ रहेगा तथा वर्षा की संभावना कम है | जिसकी वजह से वायुमंडलीय आर्द्रता 40 से 80% तक रहने की संभावना है | किसान भाई बुवारी तथा पेंडी गन्ना इस समय परिपक्वता की अवस्था में है,इस अवस्था में सुखा था ठण्ड का दुस्प्रभाव अधिक पड़ता है जिससे गन्ना सूखकर कम पैदावार देता है ऐसे में नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें,जिससे गन्ने की वजन में बढोत्तरी हो सके, ठण्डी के दिनों में गन्ना तथा इसके अन्तर्गत intercrops को इसके दुस्प्रभाव से बचने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है की आवश्यक्ता के अनुसार हल्की सिचांई करते रहे इससे फसलो के अंदर तापमान अधिक रहता है, यह कार्य खड़े तथा शरद कालीन बुवाई के गन्ने दोनों में ही करें| किसान भाइयो गन्ने की पेंडी फसल से अच्छी पैदावार लेने के लिए, हमेशा गन्ने की कटाई जमीन की सतह से ही करें, गन्ना कटाई के एक सप्ताह के अंदर सिंचाई करें, गन्ने की सूखी पत्ती को कभी जलाये नही सूखी पत्ती को खेत में बिछाये पत्ती को सडाने के लिए waste decomposer का उपयोग करें, खेत में हल चलाकर 50kg यूरिया + 75kg DAP+ 50kg पोटास + 25kg Micronutrient एक एकड़ में डालें| जिन किसान भाइयों ने सितम्बर – अक्टूबर माह में गन्ना बुवाई की है, गैपफिलिंग के लिए ट्रे में उगाई गई नर्सरी के पौधों का उपयोग अधिक लाभकारी होगा, गन्ने की नालियों में निराई गुड़ाई करे, जिस शरद कालीन गन्ने की उम्र 65 से 70 दिन की हो गई है ऐसे खेतो में 50kg / एकड़ की दर से यूरिया लाइनों में प्रयोग करें, जिन किसानो के पास जमीन कम है तथा वह गेंहू कटाई के बाद गन्ना बुवाई करते है ऐसे किसान भाई FIRB विधि से गेंहू की बुवाई करे तथा फरवरी के महीने में उचित तापमान आने पर पानी लगाकर लाइनों में बुवाई करें, ध्यान रखे गन्ने के लिए कोई अलग से खाद न डालें| सरसों के intercrop अथवा पूरी फसल में ध्यान रखें इसमें चैंपा रोग लग सकता है इसकी रोकथाम के लिए Metacide / Metasystox 100ml प्रति एकड़ अथवा रोगोर 400ml प्रति एकड़ की दर से 200 ली. पानी में डालकर छिडकाव करें, धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें |शरदकालीन गन्ने में नियमित निराई गुड़ाई करते रहे, गन्ना फुटाव की अवस्था में निराई गुड़ाई, और पर्याप्त मात्रा में नमी अत्यंत अवश्यक होता है| स्मार्ट एग्री कार्यक्रम की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI | Hindi | Uttar Pradesh | 18-12-2024 | 10:12:00 | SCHEDULED |
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| 2752 | प्रिय किसान साथियों, दिसम्बर माह की 18 तारीख से 27 तारीख के दौरान हरदोई जिले के पिहानी क्षेत्र के दिन तथा रात के तापमान में कमी आयेगी | इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 20 से 25 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 7 से 9 डिग्री सेंटीग्रेड तक रहेगा I इस दौरान उत्तर पश्चिम दिशा से 2 से 16 किलोमीटर की गति से ठंडी हवायें चलेंगी, जिसकी वजह से रात्रि एवं सुबह धुंध पड़ने की संभावना रहेगी, आमतौर पर मौसम साफ़ रहेगा तथा वर्षा की संभावना कम है | जिसकी वजह से वायुमंडलीय आर्द्रता 40 से 80% तक रहने की संभावना है | किसान भाई बुवारी तथा पेंडी गन्ना इस समय परिपक्वता की अवस्था में है,इस अवस्था में सुखा था ठण्ड का दुस्प्रभाव अधिक पड़ता है जिससे गन्ना सूखकर कम पैदावार देता है ऐसे में नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें,जिससे गन्ने की वजन में बढोत्तरी हो सके, ठण्डी के दिनों में गन्ना तथा इसके अन्तर्गत intercrops को इसके दुस्प्रभाव से बचने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है की आवश्यक्ता के अनुसार हल्की सिचांई करते रहे इससे फसलो के अंदर तापमान अधिक रहता है, यह कार्य खड़े तथा शरद कालीन बुवाई के गन्ने दोनों में ही करें| किसान भाइयो गन्ने की पेंडी फसल से अच्छी पैदावार लेने के लिए, हमेशा गन्ने की कटाई जमीन की सतह से ही करें, गन्ना कटाई के एक सप्ताह के अंदर सिंचाई करें, गन्ने की सूखी पत्ती को कभी जलाये नही सूखी पत्ती को खेत में बिछाये पत्ती को सडाने के लिए waste decomposer का उपयोग करें, खेत में हल चलाकर 50kg यूरिया + 75kg DAP+ 50kg पोटास + 25kg Micronutrient एक एकड़ में डालें| जिन किसान भाइयों ने सितम्बर – अक्टूबर माह में गन्ना बुवाई की है, गैपफिलिंग के लिए ट्रे में उगाई गई नर्सरी के पौधों का उपयोग अधिक लाभकारी होगा, गन्ने की नालियों में निराई गुड़ाई करे, जिस शरद कालीन गन्ने की उम्र 65 से 70 दिन की हो गई है ऐसे खेतो में 50kg / एकड़ की दर से यूरिया लाइनों में प्रयोग करें, जिन किसानो के पास जमीन कम है तथा वह गेंहू कटाई के बाद गन्ना बुवाई करते है ऐसे किसान भाई FIRB विधि से गेंहू की बुवाई करे तथा फरवरी के महीने में उचित तापमान आने पर पानी लगाकर लाइनों में बुवाई करें, ध्यान रखे गन्ने के लिए कोई अलग से खाद न डालें| सरसों के intercrop अथवा पूरी फसल में ध्यान रखें इसमें चैंपा रोग लग सकता है इसकी रोकथाम के लिए Metacide / Metasystox 100ml प्रति एकड़ अथवा रोगोर 400ml प्रति एकड़ की दर से 200 ली. पानी में डालकर छिडकाव करें, धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें |शरदकालीन गन्ने में नियमित निराई गुड़ाई करते रहे, गन्ना फुटाव की अवस्था में निराई गुड़ाई, और पर्याप्त मात्रा में नमी अत्यंत अवश्यक होता है| स्मार्ट एग्री कार्यक्रम की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI | Hindi | Uttar Pradesh | 18-12-2024 | 10:10:00 | SCHEDULED |
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| 2753 | प्रिय किसान साथियों, दिसम्बर माह की 18 तारीख से 27 तारीख के दौरान हरदोई जिले के हरपालपुर क्षेत्र के दिन तथा रात के तापमान में कमी आयेगी | इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 20 से 25 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 7 से 9 डिग्री सेंटीग्रेड तक रहेगा I इस दौरान उत्तर पश्चिम दिशा से 2 से 16 किलोमीटर की गति से ठंडी हवायें चलेंगी, जिसकी वजह से रात्रि एवं सुबह धुंध पड़ने की संभावना रहेगी, आमतौर पर मौसम साफ़ रहेगा तथा वर्षा की संभावना कम है | जिसकी वजह से वायुमंडलीय आर्द्रता 40 से 80% तक रहने की संभावना है | किसान भाई बुवारी तथा पेंडी गन्ना इस समय परिपक्वता की अवस्था में है,इस अवस्था में सुखा था ठण्ड का दुस्प्रभाव अधिक पड़ता है जिससे गन्ना सूखकर कम पैदावार देता है ऐसे में नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें,जिससे गन्ने की वजन में बढोत्तरी हो सके, ठण्डी के दिनों में गन्ना तथा इसके अन्तर्गत intercrops को इसके दुस्प्रभाव से बचने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है की आवश्यक्ता के अनुसार हल्की सिचांई करते रहे इससे फसलो के अंदर तापमान अधिक रहता है, यह कार्य खड़े तथा शरद कालीन बुवाई के गन्ने दोनों में ही करें| किसान भाइयो गन्ने की पेंडी फसल से अच्छी पैदावार लेने के लिए, हमेशा गन्ने की कटाई जमीन की सतह से ही करें, गन्ना कटाई के एक सप्ताह के अंदर सिंचाई करें, गन्ने की सूखी पत्ती को कभी जलाये नही सूखी पत्ती को खेत में बिछाये पत्ती को सडाने के लिए waste decomposer का उपयोग करें, खेत में हल चलाकर 50kg यूरिया + 75kg DAP+ 50kg पोटास + 25kg Micronutrient एक एकड़ में डालें| जिन किसान भाइयों ने सितम्बर – अक्टूबर माह में गन्ना बुवाई की है, गैपफिलिंग के लिए ट्रे में उगाई गई नर्सरी के पौधों का उपयोग अधिक लाभकारी होगा, गन्ने की नालियों में निराई गुड़ाई करे, जिस शरद कालीन गन्ने की उम्र 65 से 70 दिन की हो गई है ऐसे खेतो में 50kg / एकड़ की दर से यूरिया लाइनों में प्रयोग करें, जिन किसानो के पास जमीन कम है तथा वह गेंहू कटाई के बाद गन्ना बुवाई करते है ऐसे किसान भाई FIRB विधि से गेंहू की बुवाई करे तथा फरवरी के महीने में उचित तापमान आने पर पानी लगाकर लाइनों में बुवाई करें, ध्यान रखे गन्ने के लिए कोई अलग से खाद न डालें| सरसों के intercrop अथवा पूरी फसल में ध्यान रखें इसमें चैंपा रोग लग सकता है इसकी रोकथाम के लिए Metacide / Metasystox 100ml प्रति एकड़ अथवा रोगोर 400ml प्रति एकड़ की दर से 200 ली. पानी में डालकर छिडकाव करें, धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें |शरदकालीन गन्ने में नियमित निराई गुड़ाई करते रहे, गन्ना फुटाव की अवस्था में निराई गुड़ाई, और पर्याप्त मात्रा में नमी अत्यंत अवश्यक होता है| स्मार्ट एग्री कार्यक्रम की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI | Hindi | Uttar Pradesh | 18-12-2024 | 10:08:00 | SCHEDULED |
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| 2754 | प्रिय किसान साथियों, दिसम्बर माह की 18 तारीख से 27 तारीख के दौरान हरदोई जिले के हरियावा क्षेत्र के दिन तथा रात के तापमान में कमी आयेगी | इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 20 से 25 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 7 से 9 डिग्री सेंटीग्रेड तक रहेगा I इस दौरान उत्तर पश्चिम दिशा से 2 से 16 किलोमीटर की गति से ठंडी हवायें चलेंगी, जिसकी वजह से रात्रि एवं सुबह धुंध पड़ने की संभावना रहेगी, आमतौर पर मौसम साफ़ रहेगा तथा वर्षा की संभावना कम है | जिसकी वजह से वायुमंडलीय आर्द्रता 40 से 80% तक रहने की संभावना है | किसान भाई बुवारी तथा पेंडी गन्ना इस समय परिपक्वता की अवस्था में है,इस अवस्था में सुखा था ठण्ड का दुस्प्रभाव अधिक पड़ता है जिससे गन्ना सूखकर कम पैदावार देता है ऐसे में नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें,जिससे गन्ने की वजन में बढोत्तरी हो सके, ठण्डी के दिनों में गन्ना तथा इसके अन्तर्गत intercrops को इसके दुस्प्रभाव से बचने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है की आवश्यक्ता के अनुसार हल्की सिचांई करते रहे इससे फसलो के अंदर तापमान अधिक रहता है, यह कार्य खड़े तथा शरद कालीन बुवाई के गन्ने दोनों में ही करें| किसान भाइयो गन्ने की पेंडी फसल से अच्छी पैदावार लेने के लिए, हमेशा गन्ने की कटाई जमीन की सतह से ही करें, गन्ना कटाई के एक सप्ताह के अंदर सिंचाई करें, गन्ने की सूखी पत्ती को कभी जलाये नही सूखी पत्ती को खेत में बिछाये पत्ती को सडाने के लिए waste decomposer का उपयोग करें, खेत में हल चलाकर 50kg यूरिया + 75kg DAP+ 50kg पोटास + 25kg Micronutrient एक एकड़ में डालें| जिन किसान भाइयों ने सितम्बर – अक्टूबर माह में गन्ना बुवाई की है, गैपफिलिंग के लिए ट्रे में उगाई गई नर्सरी के पौधों का उपयोग अधिक लाभकारी होगा, गन्ने की नालियों में निराई गुड़ाई करे, जिस शरद कालीन गन्ने की उम्र 65 से 70 दिन की हो गई है ऐसे खेतो में 50kg / एकड़ की दर से यूरिया लाइनों में प्रयोग करें, जिन किसानो के पास जमीन कम है तथा वह गेंहू कटाई के बाद गन्ना बुवाई करते है ऐसे किसान भाई FIRB विधि से गेंहू की बुवाई करे तथा फरवरी के महीने में उचित तापमान आने पर पानी लगाकर लाइनों में बुवाई करें, ध्यान रखे गन्ने के लिए कोई अलग से खाद न डालें| सरसों के intercrop अथवा पूरी फसल में ध्यान रखें इसमें चैंपा रोग लग सकता है इसकी रोकथाम के लिए Metacide / Metasystox 100ml प्रति एकड़ अथवा रोगोर 400ml प्रति एकड़ की दर से 200 ली. पानी में डालकर छिडकाव करें, धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें |शरदकालीन गन्ने में नियमित निराई गुड़ाई करते रहे, गन्ना फुटाव की अवस्था में निराई गुड़ाई, और पर्याप्त मात्रा में नमी अत्यंत अवश्यक होता है| स्मार्ट एग्री कार्यक्रम की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI | Hindi | Uttar Pradesh | 18-12-2024 | 10:06:00 | SCHEDULED |
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| 2755 | प्रिय किसान साथियों, दिसम्बर माह की 18 तारीख से 27 तारीख के दौरान हरदोई जिले के टोडरपुर क्षेत्र के दिन तथा रात के तापमान में कमी आयेगी | इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 20 से 25 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 7 से 9 डिग्री सेंटीग्रेड तक रहेगा I इस दौरान उत्तर पश्चिम दिशा से 2 से 16 किलोमीटर की गति से ठंडी हवायें चलेंगी, जिसकी वजह से रात्रि एवं सुबह धुंध पड़ने की संभावना रहेगी, आमतौर पर मौसम साफ़ रहेगा तथा वर्षा की संभावना कम है | जिसकी वजह से वायुमंडलीय आर्द्रता 40 से 80% तक रहने की संभावना है | किसान भाई बुवारी तथा पेंडी गन्ना इस समय परिपक्वता की अवस्था में है,इस अवस्था में सुखा था ठण्ड का दुस्प्रभाव अधिक पड़ता है जिससे गन्ना सूखकर कम पैदावार देता है ऐसे में नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें,जिससे गन्ने की वजन में बढोत्तरी हो सके, ठण्डी के दिनों में गन्ना तथा इसके अन्तर्गत intercrops को इसके दुस्प्रभाव से बचने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है की आवश्यक्ता के अनुसार हल्की सिचांई करते रहे इससे फसलो के अंदर तापमान अधिक रहता है, यह कार्य खड़े तथा शरद कालीन बुवाई के गन्ने दोनों में ही करें| किसान भाइयो गन्ने की पेंडी फसल से अच्छी पैदावार लेने के लिए, हमेशा गन्ने की कटाई जमीन की सतह से ही करें, गन्ना कटाई के एक सप्ताह के अंदर सिंचाई करें, गन्ने की सूखी पत्ती को कभी जलाये नही सूखी पत्ती को खेत में बिछाये पत्ती को सडाने के लिए waste decomposer का उपयोग करें, खेत में हल चलाकर 50kg यूरिया + 75kg DAP+ 50kg पोटास + 25kg Micronutrient एक एकड़ में डालें| जिन किसान भाइयों ने सितम्बर – अक्टूबर माह में गन्ना बुवाई की है, गैपफिलिंग के लिए ट्रे में उगाई गई नर्सरी के पौधों का उपयोग अधिक लाभकारी होगा, गन्ने की नालियों में निराई गुड़ाई करे, जिस शरद कालीन गन्ने की उम्र 65 से 70 दिन की हो गई है ऐसे खेतो में 50kg / एकड़ की दर से यूरिया लाइनों में प्रयोग करें, जिन किसानो के पास जमीन कम है तथा वह गेंहू कटाई के बाद गन्ना बुवाई करते है ऐसे किसान भाई FIRB विधि से गेंहू की बुवाई करे तथा फरवरी के महीने में उचित तापमान आने पर पानी लगाकर लाइनों में बुवाई करें, ध्यान रखे गन्ने के लिए कोई अलग से खाद न डालें| सरसों के intercrop अथवा पूरी फसल में ध्यान रखें इसमें चैंपा रोग लग सकता है इसकी रोकथाम के लिए Metacide / Metasystox 100ml प्रति एकड़ अथवा रोगोर 400ml प्रति एकड़ की दर से 200 ली. पानी में डालकर छिडकाव करें, धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें |शरदकालीन गन्ने में नियमित निराई गुड़ाई करते रहे, गन्ना फुटाव की अवस्था में निराई गुड़ाई, और पर्याप्त मात्रा में नमी अत्यंत अवश्यक होता है| स्मार्ट एग्री कार्यक्रम की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI | Hindi | Uttar Pradesh | 18-12-2024 | 10:04:00 | SCHEDULED |
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| 2756 | प्रिय किसान साथियों, दिसम्बर माह की 18 तारीख से 27 तारीख के दौरान हरदोई जिले के बिलग्राम क्षेत्र के दिन तथा रात के तापमान में कमी आयेगी | इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 20 से 25 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 7 से 9 डिग्री सेंटीग्रेड तक रहेगा I इस दौरान उत्तर पश्चिम दिशा से 2 से 16 किलोमीटर की गति से ठंडी हवायें चलेंगी, जिसकी वजह से रात्रि एवं सुबह धुंध पड़ने की संभावना रहेगी, आमतौर पर मौसम साफ़ रहेगा तथा वर्षा की संभावना कम है | जिसकी वजह से वायुमंडलीय आर्द्रता 40 से 80% तक रहने की संभावना है | किसान भाई बुवारी तथा पेंडी गन्ना इस समय परिपक्वता की अवस्था में है,इस अवस्था में सुखा था ठण्ड का दुस्प्रभाव अधिक पड़ता है जिससे गन्ना सूखकर कम पैदावार देता है ऐसे में नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें,जिससे गन्ने की वजन में बढोत्तरी हो सके, ठण्डी के दिनों में गन्ना तथा इसके अन्तर्गत intercrops को इसके दुस्प्रभाव से बचने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है की आवश्यक्ता के अनुसार हल्की सिचांई करते रहे इससे फसलो के अंदर तापमान अधिक रहता है, यह कार्य खड़े तथा शरद कालीन बुवाई के गन्ने दोनों में ही करें| किसान भाइयो गन्ने की पेंडी फसल से अच्छी पैदावार लेने के लिए, हमेशा गन्ने की कटाई जमीन की सतह से ही करें, गन्ना कटाई के एक सप्ताह के अंदर सिंचाई करें, गन्ने की सूखी पत्ती को कभी जलाये नही सूखी पत्ती को खेत में बिछाये पत्ती को सडाने के लिए waste decomposer का उपयोग करें, खेत में हल चलाकर 50kg यूरिया + 75kg DAP+ 50kg पोटास + 25kg Micronutrient एक एकड़ में डालें| जिन किसान भाइयों ने सितम्बर – अक्टूबर माह में गन्ना बुवाई की है, गैपफिलिंग के लिए ट्रे में उगाई गई नर्सरी के पौधों का उपयोग अधिक लाभकारी होगा, गन्ने की नालियों में निराई गुड़ाई करे, जिस शरद कालीन गन्ने की उम्र 65 से 70 दिन की हो गई है ऐसे खेतो में 50kg / एकड़ की दर से यूरिया लाइनों में प्रयोग करें, जिन किसानो के पास जमीन कम है तथा वह गेंहू कटाई के बाद गन्ना बुवाई करते है ऐसे किसान भाई FIRB विधि से गेंहू की बुवाई करे तथा फरवरी के महीने में उचित तापमान आने पर पानी लगाकर लाइनों में बुवाई करें, ध्यान रखे गन्ने के लिए कोई अलग से खाद न डालें| सरसों के intercrop अथवा पूरी फसल में ध्यान रखें इसमें चैंपा रोग लग सकता है इसकी रोकथाम के लिए Metacide / Metasystox 100ml प्रति एकड़ अथवा रोगोर 400ml प्रति एकड़ की दर से 200 ली. पानी में डालकर छिडकाव करें, धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें |शरदकालीन गन्ने में नियमित निराई गुड़ाई करते रहे, गन्ना फुटाव की अवस्था में निराई गुड़ाई, और पर्याप्त मात्रा में नमी अत्यंत अवश्यक होता है| स्मार्ट एग्री कार्यक्रम की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI | Hindi | Uttar Pradesh | 18-12-2024 | 10:02:00 | SCHEDULED |
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| 2757 | प्रिय किसान साथियों, दिसम्बर माह की 18 तारीख से 27 तारीख के दौरान हरदोई जिले के भरखनी क्षेत्र के दिन तथा रात के तापमान में कमी आयेगी | इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 20 से 25 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 7 से 9 डिग्री सेंटीग्रेड तक रहेगा I इस दौरान उत्तर पश्चिम दिशा से 2 से 16 किलोमीटर की गति से ठंडी हवायें चलेंगी, जिसकी वजह से रात्रि एवं सुबह धुंध पड़ने की संभावना रहेगी, आमतौर पर मौसम साफ़ रहेगा तथा वर्षा की संभावना कम है | जिसकी वजह से वायुमंडलीय आर्द्रता 40 से 80% तक रहने की संभावना है | किसान भाई बुवारी तथा पेंडी गन्ना इस समय परिपक्वता की अवस्था में है,इस अवस्था में सुखा था ठण्ड का दुस्प्रभाव अधिक पड़ता है जिससे गन्ना सूखकर कम पैदावार देता है ऐसे में नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें,जिससे गन्ने की वजन में बढोत्तरी हो सके, ठण्डी के दिनों में गन्ना तथा इसके अन्तर्गत intercrops को इसके दुस्प्रभाव से बचने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है की आवश्यक्ता के अनुसार हल्की सिचांई करते रहे इससे फसलो के अंदर तापमान अधिक रहता है, यह कार्य खड़े तथा शरद कालीन बुवाई के गन्ने दोनों में ही करें| किसान भाइयो गन्ने की पेंडी फसल से अच्छी पैदावार लेने के लिए, हमेशा गन्ने की कटाई जमीन की सतह से ही करें, गन्ना कटाई के एक सप्ताह के अंदर सिंचाई करें, गन्ने की सूखी पत्ती को कभी जलाये नही सूखी पत्ती को खेत में बिछाये पत्ती को सडाने के लिए waste decomposer का उपयोग करें, खेत में हल चलाकर 50kg यूरिया + 75kg DAP+ 50kg पोटास + 25kg Micronutrient एक एकड़ में डालें| जिन किसान भाइयों ने सितम्बर – अक्टूबर माह में गन्ना बुवाई की है, गैपफिलिंग के लिए ट्रे में उगाई गई नर्सरी के पौधों का उपयोग अधिक लाभकारी होगा, गन्ने की नालियों में निराई गुड़ाई करे, जिस शरद कालीन गन्ने की उम्र 65 से 70 दिन की हो गई है ऐसे खेतो में 50kg / एकड़ की दर से यूरिया लाइनों में प्रयोग करें, जिन किसानो के पास जमीन कम है तथा वह गेंहू कटाई के बाद गन्ना बुवाई करते है ऐसे किसान भाई FIRB विधि से गेंहू की बुवाई करे तथा फरवरी के महीने में उचित तापमान आने पर पानी लगाकर लाइनों में बुवाई करें, ध्यान रखे गन्ने के लिए कोई अलग से खाद न डालें| सरसों के intercrop अथवा पूरी फसल में ध्यान रखें इसमें चैंपा रोग लग सकता है इसकी रोकथाम के लिए Metacide / Metasystox 100ml प्रति एकड़ अथवा रोगोर 400ml प्रति एकड़ की दर से 200 ली. पानी में डालकर छिडकाव करें, धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें |शरदकालीन गन्ने में नियमित निराई गुड़ाई करते रहे, गन्ना फुटाव की अवस्था में निराई गुड़ाई, और पर्याप्त मात्रा में नमी अत्यंत अवश्यक होता है| स्मार्ट एग्री कार्यक्रम की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI | Hindi | Uttar Pradesh | 18-12-2024 | 10:00:00 | SCHEDULED |
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| 2758 | জিলা: যোৰহাট ( ষ্টেচন: নামচিছু_AWS ) বতৰৰ বতৰা আৰু আমাৰ পৰামৰ্শ (বৈধতাৰ সময়সীমা: ১৬ৰ পৰা ২৫ ডিচেম্বৰলৈ, ২০২৪) চলিদাৰীডেড ৰ প্রিয় ক্ষুদ্ৰ চাহ খেতিয়ক সকল । ভি আই স্মাৰ্ট কৃষি ( VI Smart Agri) পৰামৰ্শলৈ স্বাগতম। যোৰহাট জিলাৰ নামচিছুত অৱস্থিত স্বয়ংক্ৰিয় বতৰ বিজ্ঞান কেন্দ্ৰৰ (Automatic Weather Station) ৰ পৰা পোৱা বতৰৰ পূৰ্বানুমান অনুসৰি ১৬ৰ পৰা ২৫ ডিচেম্বৰলৈ, ২০২৪ বতৰ সামান্যভাৱে ডাৱৰীয়াৰ পৰা ফৰকাল হৈ থাকিব। দিনৰ উষ্ণতা প্ৰায় ২৩-২৬ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ আৰু নিশাৰ উষ্ণতা প্ৰায় ১০-১২ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ হব বুলি অনুমান কৰা হৈছে। ৰাতিপুৱা আৰু আবেলিৰ আপেক্ষিক আৰ্দ্ৰতা ক্ৰমান্বয়ে প্ৰায় ৯৮ % আৰু ৪৫ % আশে-পাশে থাকিব। বতাহ প্ৰতি ঘন্টাত ৩-১১ কিলোমিটাৰ বেগত উত্তৰ-পূব আৰু দক্ষিণ-পূব দিশৰ পৰা প্ৰবাহিত হব। চাহ খেতিৰ বাবে: • এই সময়ত বাগানবোৰ পৰিষ্কাৰ কৰি ৰাখিব যাতে অহা চিজনলৈ কোনো কীট-পতংগৰ কণী বা পলু চাহৰ জোপোহা বোৰত ৰৈ নাযায় । • কলম কৰাৰ পিচত চাহ গছৰ ডাল আৰু পাত বোৰ বাগানৰ ভিতৰত ৰাখিব পাৰিব লাগে । বহুতে খৰিৰ বাবে ডাল আৰু পাতৰ সৈতে ঘৰলৈ লৈ যায় । • প্ৰায় সকলোবোৰ খেতিয়কে চাহ খেতিৰ বাগান বোৰ Section হিচাপে বেলেগ কৰি নাৰাখে । সেইবাবে কলম চাইকল বিজ্ঞান সন্মত ভাবে follow কৰা নহয় যিটোৰ বাবে প্ৰায় ৮০% শতাংশ খেতিয়কেই LP বাগান নাৰাখে কাৰণ LP ৰাখিলে May /Juneৰ পৰাহে পাত ওলাব ধৰে । DS ৰ ওপৰত আকৌ ৪বছৰৰ পিচত ঘূৰি আহি DS কৰা দেখা যায় । ফলস্বৰূপে গছৰ ডাল বোৰ বহুত শকত হৈ যায় আৰু গাঁঠিও বহুত হয় । উপায়হীন হৈ শেষত মাটিৰ পৰা ১৪-১৬ ইন্চিত ১০-১২ বছৰৰ পিচত কাটিব লগা হয় আৰু বহুতে তাকে LP কলম বুলি ভাবে । সেই বাবে কম মাটি থাকিলেও তিনিটা মান section কৰি ভাগ কৰি Pruning চাইকলৰ মতে ৩-৪বছৰৰ মূৰে মূৰে কলম LP-UP-DS-UP বা LP-UP-DS-MS কলম কৰিলে পাতো গুণগত হব আৰু বেমাৰো কম হব । মানুহো কম লাগিব । অন্যান্য শস্যৰ বাবে: • শীতকালিন শাক পাচলী খেতিত প্রয়োজন অনুসৰিহে কীটনাশক ঔষধ ব্যৱহাৰ কৰিব। • নতুনকৈ ৰোৱা শাক-পাচলীৰ খেতিত প্রয়োজন অনুসৰি জলঞ্চিনৰ ব্যৱস্থা লব। • প্রয়োজন আনুসৰি বন্ধাকবিৰ পুলিবোৰ খুচুৰি দিয়াৰ লগতে বন-বাত নিৰোৱাৰ ব্যৱস্থা কৰিব। পাতখোৱা পলু আদি নিয়ন্ত্রণ কৰিবলৈ Clothianidin 50 WDG দৰব অনুমোদিত হাৰত প্রয়োগ কৰিব পাৰে । বতৰ আৰু কৃষি সম্পৰ্কীয় তথ্যৰ বিষয়ে জানিবলৈ কৃষকসকলে ৭০৬৫-০০-৫০৫৪ নম্বৰত মিছড কল দিব পাৰে। ধন্যবাদ । | Assamese | Assam | 16-12-2024 | 14:00:00 | SCHEDULED |
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| 2759 | জিলা: যোৰহাট ( ষ্টেচন: এলেংগি_AWS ) বতৰৰ বতৰা আৰু আমাৰ পৰামৰ্শ (বৈধতাৰ সময়সীমা: ১৬ৰ পৰা ২৫ ডিচেম্বৰলৈ, ২০২৪) চলিদাৰীডেড ৰ প্রিয় ক্ষুদ্ৰ চাহ খেতিয়ক সকল । ভি আই স্মাৰ্ট কৃষি ( VI Smart Agri) পৰামৰ্শলৈ স্বাগতম। যোৰহাট জিলাৰ এলেংগিত অৱস্থিত স্বয়ংক্ৰিয় বতৰ বিজ্ঞান কেন্দ্ৰৰ (Automatic Weather Station)ৰ পৰা পোৱা বতৰৰ পূৰ্বানুমান অনুসৰি ১৬ৰ পৰা ২৫ ডিচেম্বৰলৈ, ২০২৪ বতৰ সামান্যভাৱে ডাৱৰীয়াৰ পৰা ফৰকাল হৈ থাকিব। দিনৰ উষ্ণতা প্ৰায় ২৩-২৫ ১১-১৩ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ আৰু নিশাৰ উষ্ণতা প্ৰায় ১১-১৩ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ হব বুলি অনুমান কৰা হৈছে। ৰাতিপুৱা আৰু আবেলিৰ আপেক্ষিক আৰ্দ্ৰতা ক্ৰমান্বয়ে প্ৰায় ৯৫ % আৰু ৫০ % আশে-পাশে থাকিব। বতাহ প্ৰতি ঘন্টাত ৩-১০ কিলোমিটাৰ বেগত উত্তৰ-পূব আৰু দক্ষিণ-পূব দিশৰ পৰা প্ৰবাহিত হব। চাহ খেতিৰ বাবে: • এই সময়ত বাগানবোৰ পৰিষ্কাৰ কৰি ৰাখিব যাতে অহা চিজনলৈ কোনো কীট-পতংগৰ কণী বা পলু চাহৰ জোপোহা বোৰত ৰৈ নাযায় । • কলম কৰাৰ পিচত চাহ গছৰ ডাল আৰু পাত বোৰ বাগানৰ ভিতৰত ৰাখিব পাৰিব লাগে । বহুতে খৰিৰ বাবে ডাল আৰু পাতৰ সৈতে ঘৰলৈ লৈ যায় । • প্ৰায় সকলোবোৰ খেতিয়কে চাহ খেতিৰ বাগান বোৰ Section হিচাপে বেলেগ কৰি নাৰাখে । সেইবাবে কলম চাইকল বিজ্ঞান সন্মত ভাবে follow কৰা নহয় যিটোৰ বাবে প্ৰায় ৮০% শতাংশ খেতিয়কেই LP বাগান নাৰাখে কাৰণ LP ৰাখিলে May /Juneৰ পৰাহে পাত ওলাব ধৰে । DS ৰ ওপৰত আকৌ ৪বছৰৰ পিচত ঘূৰি আহি DS কৰা দেখা যায় । ফলস্বৰূপে গছৰ ডাল বোৰ বহুত শকত হৈ যায় আৰু গাঁঠিও বহুত হয় । উপায়হীন হৈ শেষত মাটিৰ পৰা ১৪-১৬ ইন্চিত ১০-১২ বছৰৰ পিচত কাটিব লগা হয় আৰু বহুতে তাকে LP কলম বুলি ভাবে । সেই বাবে কম মাটি থাকিলেও তিনিটা মান section কৰি ভাগ কৰি Pruning চাইকলৰ মতে ৩-৪বছৰৰ মূৰে মূৰে কলম LP-UP-DS-UP বা LP-UP-DS-MS কলম কৰিলে পাতো গুণগত হব আৰু বেমাৰো কম হব । মানুহো কম লাগিব । অন্যান্য শস্যৰ বাবে: • শীতকালিন শাক পাচলী খেতিত প্রয়োজন অনুসৰিহে কীটনাশক ঔষধ ব্যৱহাৰ কৰিব। • নতুনকৈ ৰোৱা শাক-পাচলীৰ খেতিত প্রয়োজন অনুসৰি জলঞ্চিনৰ ব্যৱস্থা লব। • প্রয়োজন আনুসৰি বন্ধাকবিৰ পুলিবোৰ খুচুৰি দিয়াৰ লগতে বন-বাত নিৰোৱাৰ ব্যৱস্থা কৰিব। পাতখোৱা পলু আদি নিয়ন্ত্রণ কৰিবলৈ Clothianidin 50 WDG দৰব অনুমোদিত হাৰত প্রয়োগ কৰিব পাৰে । বতৰ আৰু কৃষি সম্পৰ্কীয় তথ্যৰ বিষয়ে জানিবলৈ কৃষকসকলে ৭০৬৫-০০-৫০৫৪ নম্বৰত মিছড কল দিব পাৰে। ধন্যবাদ । | Assamese | Assam | 16-12-2024 | 11:45:00 | SCHEDULED |
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| 2760 | জিলা: ডিব্ৰুগড় (ষ্টেচন: বেটোনিবাম_AWS) বতৰৰ বতৰা আৰু আমাৰ পৰামৰ্শ (বৈধতাৰ সময়সীমা: ১৬ৰ পৰা ২৫ ডিচেম্বৰলৈ, ২০২৪) চলিদাৰীডেড ৰ প্রিয় ক্ষুদ্ৰ চাহ খেতিয়ক সকল । ভি আই স্মাৰ্ট কৃষি ( VI Smart Agri) পৰামৰ্শলৈ স্বাগতম। ডিব্ৰুগড় জিলাৰ বেটোনিবামত অৱস্থিত স্বয়ংক্ৰিয় বতৰ বিজ্ঞান কেন্দ্ৰৰ (Automatic Weather Station) ৰ পৰা পোৱা বতৰৰ আগলি বতৰা অনুযায়ী ১৬ৰ পৰা ২৫ ডিচেম্বৰলৈ, ২০২৪ বতৰ সামান্যভাৱে ডাৱৰীয়াৰ পৰা ফৰকাল হৈ থাকিব দিনৰ উষ্ণতা প্ৰায় ২১-২৫ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ আৰু নিশাৰ উষ্ণতা প্ৰায় ৯-১১ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ হব বুলি অনুমান কৰা হৈছে। ৰাতিপুৱা আৰু আবেলিৰ আপেক্ষিক আৰ্দ্ৰতা ক্ৰমান্বয়ে প্ৰায় ৯৫ % আৰু ৬০ % আশে-পাশে থাকিব। বতাহ প্ৰতি ঘন্টাত ২-১০ কিলোমিটাৰ বেগত উত্তৰ-পূব আৰু দক্ষিণ-পূব দিশৰ পৰা প্ৰবাহিত হব। চাহ খেতিৰ বাবে: • এই সময়ত বাগানবোৰ পৰিষ্কাৰ কৰি ৰাখিব যাতে অহা চিজনলৈ কোনো কীট-পতংগৰ কণী বা পলু চাহৰ জোপোহা বোৰত ৰৈ নাযায় । • কলম কৰাৰ পিচত চাহ গছৰ ডাল আৰু পাত বোৰ বাগানৰ ভিতৰত ৰাখিব পাৰিব লাগে । বহুতে খৰিৰ বাবে ডাল আৰু পাতৰ সৈতে ঘৰলৈ লৈ যায় । • প্ৰায় সকলোবোৰ খেতিয়কে চাহ খেতিৰ বাগান বোৰ Section হিচাপে বেলেগ কৰি নাৰাখে । সেইবাবে কলম চাইকল বিজ্ঞান সন্মত ভাবে follow কৰা নহয় যিটোৰ বাবে প্ৰায় ৮০% শতাংশ খেতিয়কেই LP বাগান নাৰাখে কাৰণ LP ৰাখিলে May /Juneৰ পৰাহে পাত ওলাব ধৰে । DS ৰ ওপৰত আকৌ ৪বছৰৰ পিচত ঘূৰি আহি DS কৰা দেখা যায় । ফলস্বৰূপে গছৰ ডাল বোৰ বহুত শকত হৈ যায় আৰু গাঁঠিও বহুত হয় । উপায়হীন হৈ শেষত মাটিৰ পৰা ১৪-১৬ ইন্চিত ১০-১২ বছৰৰ পিচত কাটিব লগা হয় আৰু বহুতে তাকে LP কলম বুলি ভাবে । সেই বাবে কম মাটি থাকিলেও তিনিটা মান section কৰি ভাগ কৰি Pruning চাইকলৰ মতে ৩-৪বছৰৰ মূৰে মূৰে কলম LP-UP-DS-UP বা LP-UP-DS-MS কলম কৰিলে পাতো গুণগত হব আৰু বেমাৰো কম হব । মানুহো কম লাগিব । অন্যান্য শস্যৰ বাবে: • শীতকালিন শাক পাচলী খেতিত প্রয়োজন অনুসৰিহে কীটনাশক ঔষধ ব্যৱহাৰ কৰিব। • নতুনকৈ ৰোৱা শাক-পাচলীৰ খেতিত প্রয়োজন অনুসৰি জলঞ্চিনৰ ব্যৱস্থা লব। • প্রয়োজন আনুসৰি বন্ধাকবিৰ পুলিবোৰ খুচুৰি দিয়াৰ লগতে বন-বাত নিৰোৱাৰ ব্যৱস্থা কৰিব। পাতখোৱা পলু আদি নিয়ন্ত্রণ কৰিবলৈ Clothianidin 50 WDG দৰব অনুমোদিত হাৰত প্রয়োগ কৰিব পাৰে । বতৰ আৰু কৃষি সম্পৰ্কীয় তথ্যৰ বিষয়ে জানিবলৈ কৃষকসকলে ৭০৬৫-০০-৫০৫৪ নম্বৰত মিছড কল দিব পাৰে। ধন্যবাদ । | Assamese | Assam | 16-12-2024 | 11:30:00 | SCHEDULED |
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