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2851 प्रिय किसान साथियों, जनवरी माह की 8 तारीख से 17 जनवरी के दौरान शाहजहांपुर जिले के मदनपुर क्षेत्र के दिन तथा रात के तापमान में कमी आयेगी | इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 16 से 21 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 7 से 10 डिग्री सेंटीग्रेड तक रहेगा I इस दौरान पश्चिम उत्तर दिशा से 2 से 8 किलोमीटर की गति से शीत लहर चलेंगी, जिसकी वजह से आसमान पर बादल छाये रहेगें वर्षा की सम्भावना नही है, धुंध पड़ेगी| जिसकी वजह से वायुमंडलीय आर्द्रता 58 से 90 % तक रहने की संभावना है | किसान भाई बुवारी तथा पेंडी गन्ना इस समय परिपक्वता की अवस्था में है, इस अवस्था ठण्ड का दुस्प्रभाव अधिक पड़ता है जिससे गन्ना सूखकर कम पैदावार देता है ऐसे में नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें, जिससे गन्ने की वजन में बढोत्तरी हो सके, ठण्डी के दिनों में गन्ना तथा इसके अन्तर्गत intercrops को इसके दुस्प्रभाव से बचने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है की आवश्यक्ता के अनुसार हल्की सिचांई करते रहे इससे फसलो के अंदर तापमान अधिक रहता है, यह कार्य खड़े तथा शरद कालीन बुवाई के गन्ने दोनों में ही करें| किसान भाइयो गन्ने की पेंडी फसल से अच्छी पैदावार लेने के लिए, हमेशा गन्ने की कटाई जमीन की सतह से ही करें, गन्ना कटाई के एक सप्ताह के अंदर सिंचाई करें, गन्ने की सूखी पत्ती को कभी जलाये नही सूखी पत्ती को खेत में बिछाये पत्ती को सडाने के लिए waste decomposer का उपयोग करें, खेत में हल चलाकर 50kg यूरिया + 75kg DAP+ 50kg पोटास + 25kg Micronutrient एक एकड़ में डालें| जिन किसान भाइयों ने सितम्बर – अक्टूबर माह में गन्ना बुवाई की है, गैपफिलिंग के लिए ट्रे में उगाई गई नर्सरी के पौधों का उपयोग अधिक लाभकारी होगा, गन्ने की नालियों में निराई गुड़ाई करे, जिस शरद कालीन गन्ने की उम्र 65 से 70 दिन की हो गई है ऐसे खेतो में 50kg / एकड़ की दर से यूरिया लाइनों में प्रयोग करें, जिन किसानो के पास जमीन कम है तथा वह गेंहू कटाई के बाद गन्ना बुवाई करते है ऐसे किसान भाई FIRB विधि से गेंहू की बुवाई करे तथा फरवरी के महीने में उचित तापमान आने पर पानी लगाकर लाइनों में बुवाई करें, ध्यान रखे गन्ने के लिए कोई अलग से खाद न डालें| सरसों, लाही और आलू आदि में जिनमे फूल या फली बनना शुरू हो गई है, इस अवस्था में Aphid आने के लिए मौसम अनुकूल रहेगा, ध्यान रखें इसमें चैंपा रोग लग सकता है इसकी रोकथाम के लिए Metacide / Metasystox 100ml प्रति एकड़ अथवा रोगोर 400ml प्रति एकड़ की दर से 200 ली. पानी में डालकर छिडकाव करें, धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें |शरदकालीन गन्ने में नियमित निराई गुड़ाई करते रहे, गन्ना फुटाव की अवस्था में निराई गुड़ाई, और पर्याप्त मात्रा में नमी अत्यंत अवश्यक होता है| स्मार्ट एग्री कार्यक्रम की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 08-01-2025 10:44:00 SCHEDULED
2852 प्रिय किसान साथियों, जनवरी माह की 8 तारीख से 17 जनवरी के दौरान शाहजहांपुर जिले के बावल खेडा क्षेत्र के दिन तथा रात के तापमान में कमी आयेगी | इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 16 से 21 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 7 से 10 डिग्री सेंटीग्रेड तक रहेगा I इस दौरान पश्चिम उत्तर दिशा से 2 से 8 किलोमीटर की गति से शीत लहर चलेंगी, जिसकी वजह से आसमान पर बादल छाये रहेगें वर्षा की सम्भावना नही है, धुंध पड़ेगी| जिसकी वजह से वायुमंडलीय आर्द्रता 58 से 90 % तक रहने की संभावना है | किसान भाई बुवारी तथा पेंडी गन्ना इस समय परिपक्वता की अवस्था में है, इस अवस्था ठण्ड का दुस्प्रभाव अधिक पड़ता है जिससे गन्ना सूखकर कम पैदावार देता है ऐसे में नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें, जिससे गन्ने की वजन में बढोत्तरी हो सके, ठण्डी के दिनों में गन्ना तथा इसके अन्तर्गत intercrops को इसके दुस्प्रभाव से बचने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है की आवश्यक्ता के अनुसार हल्की सिचांई करते रहे इससे फसलो के अंदर तापमान अधिक रहता है, यह कार्य खड़े तथा शरद कालीन बुवाई के गन्ने दोनों में ही करें| किसान भाइयो गन्ने की पेंडी फसल से अच्छी पैदावार लेने के लिए, हमेशा गन्ने की कटाई जमीन की सतह से ही करें, गन्ना कटाई के एक सप्ताह के अंदर सिंचाई करें, गन्ने की सूखी पत्ती को कभी जलाये नही सूखी पत्ती को खेत में बिछाये पत्ती को सडाने के लिए waste decomposer का उपयोग करें, खेत में हल चलाकर 50kg यूरिया + 75kg DAP+ 50kg पोटास + 25kg Micronutrient एक एकड़ में डालें| जिन किसान भाइयों ने सितम्बर – अक्टूबर माह में गन्ना बुवाई की है, गैपफिलिंग के लिए ट्रे में उगाई गई नर्सरी के पौधों का उपयोग अधिक लाभकारी होगा, गन्ने की नालियों में निराई गुड़ाई करे, जिस शरद कालीन गन्ने की उम्र 65 से 70 दिन की हो गई है ऐसे खेतो में 50kg / एकड़ की दर से यूरिया लाइनों में प्रयोग करें, जिन किसानो के पास जमीन कम है तथा वह गेंहू कटाई के बाद गन्ना बुवाई करते है ऐसे किसान भाई FIRB विधि से गेंहू की बुवाई करे तथा फरवरी के महीने में उचित तापमान आने पर पानी लगाकर लाइनों में बुवाई करें, ध्यान रखे गन्ने के लिए कोई अलग से खाद न डालें| सरसों, लाही और आलू आदि में जिनमे फूल या फली बनना शुरू हो गई है, इस अवस्था में Aphid आने के लिए मौसम अनुकूल रहेगा, ध्यान रखें इसमें चैंपा रोग लग सकता है इसकी रोकथाम के लिए Metacide / Metasystox 100ml प्रति एकड़ अथवा रोगोर 400ml प्रति एकड़ की दर से 200 ली. पानी में डालकर छिडकाव करें, धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें |शरदकालीन गन्ने में नियमित निराई गुड़ाई करते रहे, गन्ना फुटाव की अवस्था में निराई गुड़ाई, और पर्याप्त मात्रा में नमी अत्यंत अवश्यक होता है| स्मार्ट एग्री कार्यक्रम की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 08-01-2025 10:42:00 SCHEDULED
2853 प्रिय किसान साथियों, जनवरी माह की 8 तारीख से 17 जनवरी के दौरान शाहजहांपुर जिले के मिर्जापुर क्षेत्र के दिन तथा रात के तापमान में कमी आयेगी | इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 16 से 21 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 7 से 10 डिग्री सेंटीग्रेड तक रहेगा I इस दौरान पश्चिम उत्तर दिशा से 2 से 8 किलोमीटर की गति से शीत लहर चलेंगी, जिसकी वजह से आसमान पर बादल छाये रहेगें वर्षा की सम्भावना नही है, धुंध पड़ेगी| जिसकी वजह से वायुमंडलीय आर्द्रता 58 से 90 % तक रहने की संभावना है | किसान भाई बुवारी तथा पेंडी गन्ना इस समय परिपक्वता की अवस्था में है, इस अवस्था ठण्ड का दुस्प्रभाव अधिक पड़ता है जिससे गन्ना सूखकर कम पैदावार देता है ऐसे में नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें, जिससे गन्ने की वजन में बढोत्तरी हो सके, ठण्डी के दिनों में गन्ना तथा इसके अन्तर्गत intercrops को इसके दुस्प्रभाव से बचने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है की आवश्यक्ता के अनुसार हल्की सिचांई करते रहे इससे फसलो के अंदर तापमान अधिक रहता है, यह कार्य खड़े तथा शरद कालीन बुवाई के गन्ने दोनों में ही करें| किसान भाइयो गन्ने की पेंडी फसल से अच्छी पैदावार लेने के लिए, हमेशा गन्ने की कटाई जमीन की सतह से ही करें, गन्ना कटाई के एक सप्ताह के अंदर सिंचाई करें, गन्ने की सूखी पत्ती को कभी जलाये नही सूखी पत्ती को खेत में बिछाये पत्ती को सडाने के लिए waste decomposer का उपयोग करें, खेत में हल चलाकर 50kg यूरिया + 75kg DAP+ 50kg पोटास + 25kg Micronutrient एक एकड़ में डालें| जिन किसान भाइयों ने सितम्बर – अक्टूबर माह में गन्ना बुवाई की है, गैपफिलिंग के लिए ट्रे में उगाई गई नर्सरी के पौधों का उपयोग अधिक लाभकारी होगा, गन्ने की नालियों में निराई गुड़ाई करे, जिस शरद कालीन गन्ने की उम्र 65 से 70 दिन की हो गई है ऐसे खेतो में 50kg / एकड़ की दर से यूरिया लाइनों में प्रयोग करें, जिन किसानो के पास जमीन कम है तथा वह गेंहू कटाई के बाद गन्ना बुवाई करते है ऐसे किसान भाई FIRB विधि से गेंहू की बुवाई करे तथा फरवरी के महीने में उचित तापमान आने पर पानी लगाकर लाइनों में बुवाई करें, ध्यान रखे गन्ने के लिए कोई अलग से खाद न डालें| सरसों, लाही और आलू आदि में जिनमे फूल या फली बनना शुरू हो गई है, इस अवस्था में Aphid आने के लिए मौसम अनुकूल रहेगा, ध्यान रखें इसमें चैंपा रोग लग सकता है इसकी रोकथाम के लिए Metacide / Metasystox 100ml प्रति एकड़ अथवा रोगोर 400ml प्रति एकड़ की दर से 200 ली. पानी में डालकर छिडकाव करें, धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें |शरदकालीन गन्ने में नियमित निराई गुड़ाई करते रहे, गन्ना फुटाव की अवस्था में निराई गुड़ाई, और पर्याप्त मात्रा में नमी अत्यंत अवश्यक होता है| स्मार्ट एग्री कार्यक्रम की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 08-01-2025 10:38:00 SCHEDULED
2854 प्रिय किसान साथियों, जनवरी माह की 8 तारीख से 17 जनवरी के दौरान लखीमपुर जिले के बावन क्षेत्र के दिन तथा रात के तापमान में कमी आयेगी | इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 16 से 21 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 7 से 10 डिग्री सेंटीग्रेड तक रहेगा I इस दौरान पश्चिम उत्तर दिशा से 2 से 8 किलोमीटर की गति से शीत लहर चलेंगी, जिसकी वजह से आसमान पर बादल छाये रहेगें वर्षा की सम्भावना नही है, धुंध पड़ेगी| जिसकी वजह से वायुमंडलीय आर्द्रता 58 से 90 % तक रहने की संभावना है | किसान भाई बुवारी तथा पेंडी गन्ना इस समय परिपक्वता की अवस्था में है, इस अवस्था ठण्ड का दुस्प्रभाव अधिक पड़ता है जिससे गन्ना सूखकर कम पैदावार देता है ऐसे में नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें, जिससे गन्ने की वजन में बढोत्तरी हो सके, ठण्डी के दिनों में गन्ना तथा इसके अन्तर्गत intercrops को इसके दुस्प्रभाव से बचने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है की आवश्यक्ता के अनुसार हल्की सिचांई करते रहे इससे फसलो के अंदर तापमान अधिक रहता है, यह कार्य खड़े तथा शरद कालीन बुवाई के गन्ने दोनों में ही करें| किसान भाइयो गन्ने की पेंडी फसल से अच्छी पैदावार लेने के लिए, हमेशा गन्ने की कटाई जमीन की सतह से ही करें, गन्ना कटाई के एक सप्ताह के अंदर सिंचाई करें, गन्ने की सूखी पत्ती को कभी जलाये नही सूखी पत्ती को खेत में बिछाये पत्ती को सडाने के लिए waste decomposer का उपयोग करें, खेत में हल चलाकर 50kg यूरिया + 75kg DAP+ 50kg पोटास + 25kg Micronutrient एक एकड़ में डालें| जिन किसान भाइयों ने सितम्बर – अक्टूबर माह में गन्ना बुवाई की है, गैपफिलिंग के लिए ट्रे में उगाई गई नर्सरी के पौधों का उपयोग अधिक लाभकारी होगा, गन्ने की नालियों में निराई गुड़ाई करे, जिस शरद कालीन गन्ने की उम्र 65 से 70 दिन की हो गई है ऐसे खेतो में 50kg / एकड़ की दर से यूरिया लाइनों में प्रयोग करें, जिन किसानो के पास जमीन कम है तथा वह गेंहू कटाई के बाद गन्ना बुवाई करते है ऐसे किसान भाई FIRB विधि से गेंहू की बुवाई करे तथा फरवरी के महीने में उचित तापमान आने पर पानी लगाकर लाइनों में बुवाई करें, ध्यान रखे गन्ने के लिए कोई अलग से खाद न डालें| सरसों, लाही और आलू आदि में जिनमे फूल या फली बनना शुरू हो गई है, इस अवस्था में Aphid आने के लिए मौसम अनुकूल रहेगा, ध्यान रखें इसमें चैंपा रोग लग सकता है इसकी रोकथाम के लिए Metacide / Metasystox 100ml प्रति एकड़ अथवा रोगोर 400ml प्रति एकड़ की दर से 200 ली. पानी में डालकर छिडकाव करें, धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें |शरदकालीन गन्ने में नियमित निराई गुड़ाई करते रहे, गन्ना फुटाव की अवस्था में निराई गुड़ाई, और पर्याप्त मात्रा में नमी अत्यंत अवश्यक होता है| स्मार्ट एग्री कार्यक्रम की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 08-01-2025 10:36:00 SCHEDULED
2855 प्रिय किसान साथियों, जनवरी माह की 8 तारीख से 17 जनवरी के दौरान लखीमपुर जिले के पसगवा क्षेत्र के दिन तथा रात के तापमान में कमी आयेगी | इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 16 से 21 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 7 से 10 डिग्री सेंटीग्रेड तक रहेगा I इस दौरान पश्चिम उत्तर दिशा से 2 से 8 किलोमीटर की गति से शीत लहर चलेंगी, जिसकी वजह से आसमान पर बादल छाये रहेगें वर्षा की सम्भावना नही है, धुंध पड़ेगी| जिसकी वजह से वायुमंडलीय आर्द्रता 58 से 90 % तक रहने की संभावना है | किसान भाई बुवारी तथा पेंडी गन्ना इस समय परिपक्वता की अवस्था में है, इस अवस्था ठण्ड का दुस्प्रभाव अधिक पड़ता है जिससे गन्ना सूखकर कम पैदावार देता है ऐसे में नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें, जिससे गन्ने की वजन में बढोत्तरी हो सके, ठण्डी के दिनों में गन्ना तथा इसके अन्तर्गत intercrops को इसके दुस्प्रभाव से बचने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है की आवश्यक्ता के अनुसार हल्की सिचांई करते रहे इससे फसलो के अंदर तापमान अधिक रहता है, यह कार्य खड़े तथा शरद कालीन बुवाई के गन्ने दोनों में ही करें| किसान भाइयो गन्ने की पेंडी फसल से अच्छी पैदावार लेने के लिए, हमेशा गन्ने की कटाई जमीन की सतह से ही करें, गन्ना कटाई के एक सप्ताह के अंदर सिंचाई करें, गन्ने की सूखी पत्ती को कभी जलाये नही सूखी पत्ती को खेत में बिछाये पत्ती को सडाने के लिए waste decomposer का उपयोग करें, खेत में हल चलाकर 50kg यूरिया + 75kg DAP+ 50kg पोटास + 25kg Micronutrient एक एकड़ में डालें| जिन किसान भाइयों ने सितम्बर – अक्टूबर माह में गन्ना बुवाई की है, गैपफिलिंग के लिए ट्रे में उगाई गई नर्सरी के पौधों का उपयोग अधिक लाभकारी होगा, गन्ने की नालियों में निराई गुड़ाई करे, जिस शरद कालीन गन्ने की उम्र 65 से 70 दिन की हो गई है ऐसे खेतो में 50kg / एकड़ की दर से यूरिया लाइनों में प्रयोग करें, जिन किसानो के पास जमीन कम है तथा वह गेंहू कटाई के बाद गन्ना बुवाई करते है ऐसे किसान भाई FIRB विधि से गेंहू की बुवाई करे तथा फरवरी के महीने में उचित तापमान आने पर पानी लगाकर लाइनों में बुवाई करें, ध्यान रखे गन्ने के लिए कोई अलग से खाद न डालें| सरसों, लाही और आलू आदि में जिनमे फूल या फली बनना शुरू हो गई है, इस अवस्था में Aphid आने के लिए मौसम अनुकूल रहेगा, ध्यान रखें इसमें चैंपा रोग लग सकता है इसकी रोकथाम के लिए Metacide / Metasystox 100ml प्रति एकड़ अथवा रोगोर 400ml प्रति एकड़ की दर से 200 ली. पानी में डालकर छिडकाव करें, धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें |शरदकालीन गन्ने में नियमित निराई गुड़ाई करते रहे, गन्ना फुटाव की अवस्था में निराई गुड़ाई, और पर्याप्त मात्रा में नमी अत्यंत अवश्यक होता है| स्मार्ट एग्री कार्यक्रम की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 08-01-2025 10:34:00 SCHEDULED
2856 प्रिय किसान साथियों, जनवरी माह की 8 तारीख से 17 जनवरी के दौरान लखीमपुर जिले के मोहम्मदी क्षेत्र के दिन तथा रात के तापमान में कमी आयेगी | इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 16 से 21 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 7 से 10 डिग्री सेंटीग्रेड तक रहेगा I इस दौरान पश्चिम उत्तर दिशा से 2 से 8 किलोमीटर की गति से शीत लहर चलेंगी, जिसकी वजह से आसमान पर बादल छाये रहेगें वर्षा की सम्भावना नही है, धुंध पड़ेगी| जिसकी वजह से वायुमंडलीय आर्द्रता 58 से 90 % तक रहने की संभावना है | किसान भाई बुवारी तथा पेंडी गन्ना इस समय परिपक्वता की अवस्था में है, इस अवस्था ठण्ड का दुस्प्रभाव अधिक पड़ता है जिससे गन्ना सूखकर कम पैदावार देता है ऐसे में नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें, जिससे गन्ने की वजन में बढोत्तरी हो सके, ठण्डी के दिनों में गन्ना तथा इसके अन्तर्गत intercrops को इसके दुस्प्रभाव से बचने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है की आवश्यक्ता के अनुसार हल्की सिचांई करते रहे इससे फसलो के अंदर तापमान अधिक रहता है, यह कार्य खड़े तथा शरद कालीन बुवाई के गन्ने दोनों में ही करें| किसान भाइयो गन्ने की पेंडी फसल से अच्छी पैदावार लेने के लिए, हमेशा गन्ने की कटाई जमीन की सतह से ही करें, गन्ना कटाई के एक सप्ताह के अंदर सिंचाई करें, गन्ने की सूखी पत्ती को कभी जलाये नही सूखी पत्ती को खेत में बिछाये पत्ती को सडाने के लिए waste decomposer का उपयोग करें, खेत में हल चलाकर 50kg यूरिया + 75kg DAP+ 50kg पोटास + 25kg Micronutrient एक एकड़ में डालें| जिन किसान भाइयों ने सितम्बर – अक्टूबर माह में गन्ना बुवाई की है, गैपफिलिंग के लिए ट्रे में उगाई गई नर्सरी के पौधों का उपयोग अधिक लाभकारी होगा, गन्ने की नालियों में निराई गुड़ाई करे, जिस शरद कालीन गन्ने की उम्र 65 से 70 दिन की हो गई है ऐसे खेतो में 50kg / एकड़ की दर से यूरिया लाइनों में प्रयोग करें, जिन किसानो के पास जमीन कम है तथा वह गेंहू कटाई के बाद गन्ना बुवाई करते है ऐसे किसान भाई FIRB विधि से गेंहू की बुवाई करे तथा फरवरी के महीने में उचित तापमान आने पर पानी लगाकर लाइनों में बुवाई करें, ध्यान रखे गन्ने के लिए कोई अलग से खाद न डालें| सरसों, लाही और आलू आदि में जिनमे फूल या फली बनना शुरू हो गई है, इस अवस्था में Aphid आने के लिए मौसम अनुकूल रहेगा, ध्यान रखें इसमें चैंपा रोग लग सकता है इसकी रोकथाम के लिए Metacide / Metasystox 100ml प्रति एकड़ अथवा रोगोर 400ml प्रति एकड़ की दर से 200 ली. पानी में डालकर छिडकाव करें, धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें |शरदकालीन गन्ने में नियमित निराई गुड़ाई करते रहे, गन्ना फुटाव की अवस्था में निराई गुड़ाई, और पर्याप्त मात्रा में नमी अत्यंत अवश्यक होता है| स्मार्ट एग्री कार्यक्रम की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 08-01-2025 10:32:00 SCHEDULED
2857 प्रिय किसान साथियों, जनवरी माह की 8 तारीख से 17 जनवरी के दौरान लखीमपुर जिले के मितौली क्षेत्र के दिन तथा रात के तापमान में कमी आयेगी | इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 16 से 21 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 7 से 10 डिग्री सेंटीग्रेड तक रहेगा I इस दौरान पश्चिम उत्तर दिशा से 2 से 8 किलोमीटर की गति से शीत लहर चलेंगी, जिसकी वजह से आसमान पर बादल छाये रहेगें वर्षा की सम्भावना नही है, धुंध पड़ेगी| जिसकी वजह से वायुमंडलीय आर्द्रता 58 से 90 % तक रहने की संभावना है | किसान भाई बुवारी तथा पेंडी गन्ना इस समय परिपक्वता की अवस्था में है, इस अवस्था ठण्ड का दुस्प्रभाव अधिक पड़ता है जिससे गन्ना सूखकर कम पैदावार देता है ऐसे में नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें, जिससे गन्ने की वजन में बढोत्तरी हो सके, ठण्डी के दिनों में गन्ना तथा इसके अन्तर्गत intercrops को इसके दुस्प्रभाव से बचने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है की आवश्यक्ता के अनुसार हल्की सिचांई करते रहे इससे फसलो के अंदर तापमान अधिक रहता है, यह कार्य खड़े तथा शरद कालीन बुवाई के गन्ने दोनों में ही करें| किसान भाइयो गन्ने की पेंडी फसल से अच्छी पैदावार लेने के लिए, हमेशा गन्ने की कटाई जमीन की सतह से ही करें, गन्ना कटाई के एक सप्ताह के अंदर सिंचाई करें, गन्ने की सूखी पत्ती को कभी जलाये नही सूखी पत्ती को खेत में बिछाये पत्ती को सडाने के लिए waste decomposer का उपयोग करें, खेत में हल चलाकर 50kg यूरिया + 75kg DAP+ 50kg पोटास + 25kg Micronutrient एक एकड़ में डालें| जिन किसान भाइयों ने सितम्बर – अक्टूबर माह में गन्ना बुवाई की है, गैपफिलिंग के लिए ट्रे में उगाई गई नर्सरी के पौधों का उपयोग अधिक लाभकारी होगा, गन्ने की नालियों में निराई गुड़ाई करे, जिस शरद कालीन गन्ने की उम्र 65 से 70 दिन की हो गई है ऐसे खेतो में 50kg / एकड़ की दर से यूरिया लाइनों में प्रयोग करें, जिन किसानो के पास जमीन कम है तथा वह गेंहू कटाई के बाद गन्ना बुवाई करते है ऐसे किसान भाई FIRB विधि से गेंहू की बुवाई करे तथा फरवरी के महीने में उचित तापमान आने पर पानी लगाकर लाइनों में बुवाई करें, ध्यान रखे गन्ने के लिए कोई अलग से खाद न डालें| सरसों, लाही और आलू आदि में जिनमे फूल या फली बनना शुरू हो गई है, इस अवस्था में Aphid आने के लिए मौसम अनुकूल रहेगा, ध्यान रखें इसमें चैंपा रोग लग सकता है इसकी रोकथाम के लिए Metacide / Metasystox 100ml प्रति एकड़ अथवा रोगोर 400ml प्रति एकड़ की दर से 200 ली. पानी में डालकर छिडकाव करें, धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें |शरदकालीन गन्ने में नियमित निराई गुड़ाई करते रहे, गन्ना फुटाव की अवस्था में निराई गुड़ाई, और पर्याप्त मात्रा में नमी अत्यंत अवश्यक होता है| स्मार्ट एग्री कार्यक्रम की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 08-01-2025 10:30:00 SCHEDULED
2858 प्रिय किसान साथियों, जनवरी माह की 8 तारीख से 17 जनवरी के दौरान हरदोई जिले के महोली के दिन तथा रात के तापमान में कमी आयेगी | इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 16 से 21 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 7 से 10 डिग्री सेंटीग्रेड तक रहेगा I इस दौरान पश्चिम उत्तर दिशा से 2 से 8 किलोमीटर की गति से शीत लहर चलेंगी, जिसकी वजह से आसमान पर बादल छाये रहेगें वर्षा की सम्भावना नही है, धुंध पड़ेगी| जिसकी वजह से वायुमंडलीय आर्द्रता 58 से 90 % तक रहने की संभावना है | किसान भाई बुवारी तथा पेंडी गन्ना इस समय परिपक्वता की अवस्था में है, इस अवस्था ठण्ड का दुस्प्रभाव अधिक पड़ता है जिससे गन्ना सूखकर कम पैदावार देता है ऐसे में नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें, जिससे गन्ने की वजन में बढोत्तरी हो सके, ठण्डी के दिनों में गन्ना तथा इसके अन्तर्गत intercrops को इसके दुस्प्रभाव से बचने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है की आवश्यक्ता के अनुसार हल्की सिचांई करते रहे इससे फसलो के अंदर तापमान अधिक रहता है, यह कार्य खड़े तथा शरद कालीन बुवाई के गन्ने दोनों में ही करें| किसान भाइयो गन्ने की पेंडी फसल से अच्छी पैदावार लेने के लिए, हमेशा गन्ने की कटाई जमीन की सतह से ही करें, गन्ना कटाई के एक सप्ताह के अंदर सिंचाई करें, गन्ने की सूखी पत्ती को कभी जलाये नही सूखी पत्ती को खेत में बिछाये पत्ती को सडाने के लिए waste decomposer का उपयोग करें, खेत में हल चलाकर 50kg यूरिया + 75kg DAP+ 50kg पोटास + 25kg Micronutrient एक एकड़ में डालें| जिन किसान भाइयों ने सितम्बर – अक्टूबर माह में गन्ना बुवाई की है, गैपफिलिंग के लिए ट्रे में उगाई गई नर्सरी के पौधों का उपयोग अधिक लाभकारी होगा, गन्ने की नालियों में निराई गुड़ाई करे, जिस शरद कालीन गन्ने की उम्र 65 से 70 दिन की हो गई है ऐसे खेतो में 50kg / एकड़ की दर से यूरिया लाइनों में प्रयोग करें, जिन किसानो के पास जमीन कम है तथा वह गेंहू कटाई के बाद गन्ना बुवाई करते है ऐसे किसान भाई FIRB विधि से गेंहू की बुवाई करे तथा फरवरी के महीने में उचित तापमान आने पर पानी लगाकर लाइनों में बुवाई करें, ध्यान रखे गन्ने के लिए कोई अलग से खाद न डालें| सरसों, लाही और आलू आदि में जिनमे फूल या फली बनना शुरू हो गई है, इस अवस्था में Aphid आने के लिए मौसम अनुकूल रहेगा, ध्यान रखें इसमें चैंपा रोग लग सकता है इसकी रोकथाम के लिए Metacide / Metasystox 100ml प्रति एकड़ अथवा रोगोर 400ml प्रति एकड़ की दर से 200 ली. पानी में डालकर छिडकाव करें, धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें |शरदकालीन गन्ने में नियमित निराई गुड़ाई करते रहे, गन्ना फुटाव की अवस्था में निराई गुड़ाई, और पर्याप्त मात्रा में नमी अत्यंत अवश्यक होता है| स्मार्ट एग्री कार्यक्रम की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 08-01-2025 10:28:00 SCHEDULED
2859 प्रिय किसान साथियों, जनवरी माह की 8 तारीख से 17 जनवरी के दौरान हरदोई जिले के अहिरौरी क्षेत्र के दिन तथा रात के तापमान में कमी आयेगी | इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 16 से 21 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 7 से 10 डिग्री सेंटीग्रेड तक रहेगा I इस दौरान पश्चिम उत्तर दिशा से 2 से 8 किलोमीटर की गति से शीत लहर चलेंगी, जिसकी वजह से आसमान पर बादल छाये रहेगें वर्षा की सम्भावना नही है, धुंध पड़ेगी| जिसकी वजह से वायुमंडलीय आर्द्रता 58 से 90 % तक रहने की संभावना है | किसान भाई बुवारी तथा पेंडी गन्ना इस समय परिपक्वता की अवस्था में है, इस अवस्था ठण्ड का दुस्प्रभाव अधिक पड़ता है जिससे गन्ना सूखकर कम पैदावार देता है ऐसे में नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें, जिससे गन्ने की वजन में बढोत्तरी हो सके, ठण्डी के दिनों में गन्ना तथा इसके अन्तर्गत intercrops को इसके दुस्प्रभाव से बचने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है की आवश्यक्ता के अनुसार हल्की सिचांई करते रहे इससे फसलो के अंदर तापमान अधिक रहता है, यह कार्य खड़े तथा शरद कालीन बुवाई के गन्ने दोनों में ही करें| किसान भाइयो गन्ने की पेंडी फसल से अच्छी पैदावार लेने के लिए, हमेशा गन्ने की कटाई जमीन की सतह से ही करें, गन्ना कटाई के एक सप्ताह के अंदर सिंचाई करें, गन्ने की सूखी पत्ती को कभी जलाये नही सूखी पत्ती को खेत में बिछाये पत्ती को सडाने के लिए waste decomposer का उपयोग करें, खेत में हल चलाकर 50kg यूरिया + 75kg DAP+ 50kg पोटास + 25kg Micronutrient एक एकड़ में डालें| जिन किसान भाइयों ने सितम्बर – अक्टूबर माह में गन्ना बुवाई की है, गैपफिलिंग के लिए ट्रे में उगाई गई नर्सरी के पौधों का उपयोग अधिक लाभकारी होगा, गन्ने की नालियों में निराई गुड़ाई करे, जिस शरद कालीन गन्ने की उम्र 65 से 70 दिन की हो गई है ऐसे खेतो में 50kg / एकड़ की दर से यूरिया लाइनों में प्रयोग करें, जिन किसानो के पास जमीन कम है तथा वह गेंहू कटाई के बाद गन्ना बुवाई करते है ऐसे किसान भाई FIRB विधि से गेंहू की बुवाई करे तथा फरवरी के महीने में उचित तापमान आने पर पानी लगाकर लाइनों में बुवाई करें, ध्यान रखे गन्ने के लिए कोई अलग से खाद न डालें| सरसों, लाही और आलू आदि में जिनमे फूल या फली बनना शुरू हो गई है, इस अवस्था में Aphid आने के लिए मौसम अनुकूल रहेगा, ध्यान रखें इसमें चैंपा रोग लग सकता है इसकी रोकथाम के लिए Metacide / Metasystox 100ml प्रति एकड़ अथवा रोगोर 400ml प्रति एकड़ की दर से 200 ली. पानी में डालकर छिडकाव करें, धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें |शरदकालीन गन्ने में नियमित निराई गुड़ाई करते रहे, गन्ना फुटाव की अवस्था में निराई गुड़ाई, और पर्याप्त मात्रा में नमी अत्यंत अवश्यक होता है| स्मार्ट एग्री कार्यक्रम की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 08-01-2025 10:26:00 SCHEDULED
2860 प्रिय किसान साथियों, जनवरी माह की 8 तारीख से 17 जनवरी के दौरान हरदोई जिले के जल्लापुर क्षेत्र के दिन तथा रात के तापमान में कमी आयेगी | इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 16 से 21 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 7 से 10 डिग्री सेंटीग्रेड तक रहेगा I इस दौरान पश्चिम उत्तर दिशा से 2 से 8 किलोमीटर की गति से शीत लहर चलेंगी, जिसकी वजह से आसमान पर बादल छाये रहेगें वर्षा की सम्भावना नही है, धुंध पड़ेगी| जिसकी वजह से वायुमंडलीय आर्द्रता 58 से 90 % तक रहने की संभावना है | किसान भाई बुवारी तथा पेंडी गन्ना इस समय परिपक्वता की अवस्था में है, इस अवस्था ठण्ड का दुस्प्रभाव अधिक पड़ता है जिससे गन्ना सूखकर कम पैदावार देता है ऐसे में नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें, जिससे गन्ने की वजन में बढोत्तरी हो सके, ठण्डी के दिनों में गन्ना तथा इसके अन्तर्गत intercrops को इसके दुस्प्रभाव से बचने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है की आवश्यक्ता के अनुसार हल्की सिचांई करते रहे इससे फसलो के अंदर तापमान अधिक रहता है, यह कार्य खड़े तथा शरद कालीन बुवाई के गन्ने दोनों में ही करें| किसान भाइयो गन्ने की पेंडी फसल से अच्छी पैदावार लेने के लिए, हमेशा गन्ने की कटाई जमीन की सतह से ही करें, गन्ना कटाई के एक सप्ताह के अंदर सिंचाई करें, गन्ने की सूखी पत्ती को कभी जलाये नही सूखी पत्ती को खेत में बिछाये पत्ती को सडाने के लिए waste decomposer का उपयोग करें, खेत में हल चलाकर 50kg यूरिया + 75kg DAP+ 50kg पोटास + 25kg Micronutrient एक एकड़ में डालें| जिन किसान भाइयों ने सितम्बर – अक्टूबर माह में गन्ना बुवाई की है, गैपफिलिंग के लिए ट्रे में उगाई गई नर्सरी के पौधों का उपयोग अधिक लाभकारी होगा, गन्ने की नालियों में निराई गुड़ाई करे, जिस शरद कालीन गन्ने की उम्र 65 से 70 दिन की हो गई है ऐसे खेतो में 50kg / एकड़ की दर से यूरिया लाइनों में प्रयोग करें, जिन किसानो के पास जमीन कम है तथा वह गेंहू कटाई के बाद गन्ना बुवाई करते है ऐसे किसान भाई FIRB विधि से गेंहू की बुवाई करे तथा फरवरी के महीने में उचित तापमान आने पर पानी लगाकर लाइनों में बुवाई करें, ध्यान रखे गन्ने के लिए कोई अलग से खाद न डालें| सरसों, लाही और आलू आदि में जिनमे फूल या फली बनना शुरू हो गई है, इस अवस्था में Aphid आने के लिए मौसम अनुकूल रहेगा, ध्यान रखें इसमें चैंपा रोग लग सकता है इसकी रोकथाम के लिए Metacide / Metasystox 100ml प्रति एकड़ अथवा रोगोर 400ml प्रति एकड़ की दर से 200 ली. पानी में डालकर छिडकाव करें, धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें |शरदकालीन गन्ने में नियमित निराई गुड़ाई करते रहे, गन्ना फुटाव की अवस्था में निराई गुड़ाई, और पर्याप्त मात्रा में नमी अत्यंत अवश्यक होता है| स्मार्ट एग्री कार्यक्रम की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 08-01-2025 10:24:00 SCHEDULED