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3381 प्रिय किसान साथियों, अक्टूबर माह की 28 तारीख से नवम्बर माह की 7 तारीख के दौरान शाहजहांपुर जिले के अल्लागंज क्षेत्र के दिन के तापमान में वृद्धि तथा रात का तापमान बराबर रहेगा| इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 31 से 35 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 21 से 23 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI इस दौरान पश्चिम उत्तर तथा कभी पूर्व दिशा से 1 से 6 किलोमीटर की गति से हवायें चलेंगी, जिसकी वजह से वायुमंडलीय आर्द्रता में कमी आयेगी जो की 38 से 70% तक रहेगी | किसान साथियों, मौसम गन्ना बुवाई के लिए अनुकूल रहेगा, अतः जिन किसान भाई गन्ना की बुवाई करना चाहते है कर सकते है| खेत की तैयारी की लिए 25 टन / एकड़ की दर से सड़ी गली गोबर की खाद खेत मिलाये, इसी समय 4-6 kg/एकड़ की दर से ट्राईकोडर्मा को भी मिलाये,गन्ने की बुवाई 3.5 से 4 की दूरी पर करें गन्ना बीज की उम्र 9 माह से अधिक न हो गन्ना बीज का टुकड़ा 2 आंख का ही प्रयोग करें तथा इस ½ घंटे के लिए 1 kg हेक्साटाप तथा 250 ml अमिड़ा को 1000 ली.पानी में डुबोकर रखें, बीज उपचार के लिए thiophinal mithyle का उपयोग करें, भूमि उपचार के लिए chloropyriphose 10 का उपयोग करें| बुवाई के समय 25 kg यूरिया +75kg डीएपी +50kg पोटास+ 25kg माइक्रो न्यूट्रीएंट का प्रयोग करें, गन्ने के टुकड़ो की हल्की मिट्टी से ढँक कर हल्की सिंचाई अवस्य करें गन्ने के लाइनों में सहफसल अवश्य लें| बीज निरोग तथा कीट रहित होना चाहिए| खड़े गन्ने की बुवारी तथा पेंडी फसल में नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें,जिससे गन्ने की वजन में बढोत्तरी हो सके, जिन किसान भाइयो के खेत अभी खली नही है तथा माह के अंत तक खेत खली होने की उम्मीद है वह किसान STP विधि से गन्ने की नर्सरी लगायें,जब यह नर्सरी 3-4 सप्ताह की हो जाये तब गन्ने के खेत में ट्रांसप्लांट करें| नियमित रूप से अपने खेतो का निरिक्षण करते रहे तथा किसी भी प्रकार के कीट तथा बीमारी के प्रकोप पाए जाने पर मिल कर्मचारी को सूचित करे तथा मिल के साथ मिलकर रोकथाम की व्यवस्था करें | गन्ने की पत्ती को निकाल देने कीटो का प्रकोप कम होता हैं, खरपतवार कम निकलते हैं तथा पत्ती बाद में सड्गल कर गन्ने की पैदावार बढ़ाने में मददगार होती हैं, गन्ने की सूखी पत्ती को अवश्य निकाले, और गन्ने के नालियों में पत्तियां बिछाये | गन्ने की खेती में खासकर लाल सडन रोग की पुष्टि होने पर ऐसे पौधों को जड़ से निकाल लें और उन्हें खेत से दूर ले जाकर तीन से चार फूट गहरे गड्ढे में दबा देंI उखाड़े गये स्थान पर ब्लीचिंग पाउडर को भरें और मिट्टी से दबा देंI ऐसे खेतों में 4-6 किग्रा ट्राईकोडर्मा को 1-2 कुंटल गोबर की सडी खाद में मिलाकर नमी में खेतो में डालें.धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें | स्मार्ट एग्री कार्यक्रम की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 27-10-2024 10:44:00 SCHEDULED
3382 प्रिय किसान साथियों, अक्टूबर माह की 28 तारीख से नवम्बर माह की 7 तारीख के दौरान शाहजहांपुर जिले के पुवाया क्षेत्र के दिन के तापमान में वृद्धि तथा रात का तापमान बराबर रहेगा| इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 31 से 35 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 21 से 23 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI इस दौरान पश्चिम उत्तर तथा कभी पूर्व दिशा से 1 से 6 किलोमीटर की गति से हवायें चलेंगी, जिसकी वजह से वायुमंडलीय आर्द्रता में कमी आयेगी जो की 38 से 70% तक रहेगी | किसान साथियों, मौसम गन्ना बुवाई के लिए अनुकूल रहेगा, अतः जिन किसान भाई गन्ना की बुवाई करना चाहते है कर सकते है| खेत की तैयारी की लिए 25 टन / एकड़ की दर से सड़ी गली गोबर की खाद खेत मिलाये, इसी समय 4-6 kg/एकड़ की दर से ट्राईकोडर्मा को भी मिलाये,गन्ने की बुवाई 3.5 से 4 की दूरी पर करें गन्ना बीज की उम्र 9 माह से अधिक न हो गन्ना बीज का टुकड़ा 2 आंख का ही प्रयोग करें तथा इस ½ घंटे के लिए 1 kg हेक्साटाप तथा 250 ml अमिड़ा को 1000 ली.पानी में डुबोकर रखें, बीज उपचार के लिए thiophinal mithyle का उपयोग करें, भूमि उपचार के लिए chloropyriphose 10 का उपयोग करें| बुवाई के समय 25 kg यूरिया +75kg डीएपी +50kg पोटास+ 25kg माइक्रो न्यूट्रीएंट का प्रयोग करें, गन्ने के टुकड़ो की हल्की मिट्टी से ढँक कर हल्की सिंचाई अवस्य करें गन्ने के लाइनों में सहफसल अवश्य लें| बीज निरोग तथा कीट रहित होना चाहिए| खड़े गन्ने की बुवारी तथा पेंडी फसल में नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें,जिससे गन्ने की वजन में बढोत्तरी हो सके, जिन किसान भाइयो के खेत अभी खली नही है तथा माह के अंत तक खेत खली होने की उम्मीद है वह किसान STP विधि से गन्ने की नर्सरी लगायें,जब यह नर्सरी 3-4 सप्ताह की हो जाये तब गन्ने के खेत में ट्रांसप्लांट करें| नियमित रूप से अपने खेतो का निरिक्षण करते रहे तथा किसी भी प्रकार के कीट तथा बीमारी के प्रकोप पाए जाने पर मिल कर्मचारी को सूचित करे तथा मिल के साथ मिलकर रोकथाम की व्यवस्था करें | गन्ने की पत्ती को निकाल देने कीटो का प्रकोप कम होता हैं, खरपतवार कम निकलते हैं तथा पत्ती बाद में सड्गल कर गन्ने की पैदावार बढ़ाने में मददगार होती हैं, गन्ने की सूखी पत्ती को अवश्य निकाले, और गन्ने के नालियों में पत्तियां बिछाये | गन्ने की खेती में खासकर लाल सडन रोग की पुष्टि होने पर ऐसे पौधों को जड़ से निकाल लें और उन्हें खेत से दूर ले जाकर तीन से चार फूट गहरे गड्ढे में दबा देंI उखाड़े गये स्थान पर ब्लीचिंग पाउडर को भरें और मिट्टी से दबा देंI ऐसे खेतों में 4-6 किग्रा ट्राईकोडर्मा को 1-2 कुंटल गोबर की सडी खाद में मिलाकर नमी में खेतो में डालें.धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें | स्मार्ट एग्री कार्यक्रम की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 27-10-2024 10:42:00 SCHEDULED
3383 प्रिय किसान साथियों, अक्टूबर माह की 28 तारीख से नवम्बर माह की 7 तारीख के दौरान शाहजहांपुर जिले के मदनपुर क्षेत्र के दिन के तापमान में वृद्धि तथा रात का तापमान बराबर रहेगा| इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 31 से 35 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 21 से 23 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI इस दौरान पश्चिम उत्तर तथा कभी पूर्व दिशा से 1 से 6 किलोमीटर की गति से हवायें चलेंगी, जिसकी वजह से वायुमंडलीय आर्द्रता में कमी आयेगी जो की 38 से 70% तक रहेगी | किसान साथियों, मौसम गन्ना बुवाई के लिए अनुकूल रहेगा, अतः जिन किसान भाई गन्ना की बुवाई करना चाहते है कर सकते है| खेत की तैयारी की लिए 25 टन / एकड़ की दर से सड़ी गली गोबर की खाद खेत मिलाये, इसी समय 4-6 kg/एकड़ की दर से ट्राईकोडर्मा को भी मिलाये,गन्ने की बुवाई 3.5 से 4 की दूरी पर करें गन्ना बीज की उम्र 9 माह से अधिक न हो गन्ना बीज का टुकड़ा 2 आंख का ही प्रयोग करें तथा इस ½ घंटे के लिए 1 kg हेक्साटाप तथा 250 ml अमिड़ा को 1000 ली.पानी में डुबोकर रखें, बीज उपचार के लिए thiophinal mithyle का उपयोग करें, भूमि उपचार के लिए chloropyriphose 10 का उपयोग करें| बुवाई के समय 25 kg यूरिया +75kg डीएपी +50kg पोटास+ 25kg माइक्रो न्यूट्रीएंट का प्रयोग करें, गन्ने के टुकड़ो की हल्की मिट्टी से ढँक कर हल्की सिंचाई अवस्य करें गन्ने के लाइनों में सहफसल अवश्य लें| बीज निरोग तथा कीट रहित होना चाहिए| खड़े गन्ने की बुवारी तथा पेंडी फसल में नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें,जिससे गन्ने की वजन में बढोत्तरी हो सके, जिन किसान भाइयो के खेत अभी खली नही है तथा माह के अंत तक खेत खली होने की उम्मीद है वह किसान STP विधि से गन्ने की नर्सरी लगायें,जब यह नर्सरी 3-4 सप्ताह की हो जाये तब गन्ने के खेत में ट्रांसप्लांट करें| नियमित रूप से अपने खेतो का निरिक्षण करते रहे तथा किसी भी प्रकार के कीट तथा बीमारी के प्रकोप पाए जाने पर मिल कर्मचारी को सूचित करे तथा मिल के साथ मिलकर रोकथाम की व्यवस्था करें | गन्ने की पत्ती को निकाल देने कीटो का प्रकोप कम होता हैं, खरपतवार कम निकलते हैं तथा पत्ती बाद में सड्गल कर गन्ने की पैदावार बढ़ाने में मददगार होती हैं, गन्ने की सूखी पत्ती को अवश्य निकाले, और गन्ने के नालियों में पत्तियां बिछाये | गन्ने की खेती में खासकर लाल सडन रोग की पुष्टि होने पर ऐसे पौधों को जड़ से निकाल लें और उन्हें खेत से दूर ले जाकर तीन से चार फूट गहरे गड्ढे में दबा देंI उखाड़े गये स्थान पर ब्लीचिंग पाउडर को भरें और मिट्टी से दबा देंI ऐसे खेतों में 4-6 किग्रा ट्राईकोडर्मा को 1-2 कुंटल गोबर की सडी खाद में मिलाकर नमी में खेतो में डालें.धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें | स्मार्ट एग्री कार्यक्रम की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 27-10-2024 10:40:00 SCHEDULED
3384 प्रिय किसान साथियों, अक्टूबर माह की 28 तारीख से नवम्बर माह की 7 तारीख के दौरान शाहजहांपुर जिले के बावल खेडा क्षेत्र के दिन के तापमान में वृद्धि तथा रात का तापमान बराबर रहेगा| इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 31 से 35 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 21 से 23 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI इस दौरान पश्चिम उत्तर तथा कभी पूर्व दिशा से 1 से 6 किलोमीटर की गति से हवायें चलेंगी, जिसकी वजह से वायुमंडलीय आर्द्रता में कमी आयेगी जो की 38 से 70% तक रहेगी | किसान साथियों, मौसम गन्ना बुवाई के लिए अनुकूल रहेगा, अतः जिन किसान भाई गन्ना की बुवाई करना चाहते है कर सकते है| खेत की तैयारी की लिए 25 टन / एकड़ की दर से सड़ी गली गोबर की खाद खेत मिलाये, इसी समय 4-6 kg/एकड़ की दर से ट्राईकोडर्मा को भी मिलाये,गन्ने की बुवाई 3.5 से 4 की दूरी पर करें गन्ना बीज की उम्र 9 माह से अधिक न हो गन्ना बीज का टुकड़ा 2 आंख का ही प्रयोग करें तथा इस ½ घंटे के लिए 1 kg हेक्साटाप तथा 250 ml अमिड़ा को 1000 ली.पानी में डुबोकर रखें, बीज उपचार के लिए thiophinal mithyle का उपयोग करें, भूमि उपचार के लिए chloropyriphose 10 का उपयोग करें| बुवाई के समय 25 kg यूरिया +75kg डीएपी +50kg पोटास+ 25kg माइक्रो न्यूट्रीएंट का प्रयोग करें, गन्ने के टुकड़ो की हल्की मिट्टी से ढँक कर हल्की सिंचाई अवस्य करें गन्ने के लाइनों में सहफसल अवश्य लें| बीज निरोग तथा कीट रहित होना चाहिए| खड़े गन्ने की बुवारी तथा पेंडी फसल में नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें,जिससे गन्ने की वजन में बढोत्तरी हो सके, जिन किसान भाइयो के खेत अभी खली नही है तथा माह के अंत तक खेत खली होने की उम्मीद है वह किसान STP विधि से गन्ने की नर्सरी लगायें,जब यह नर्सरी 3-4 सप्ताह की हो जाये तब गन्ने के खेत में ट्रांसप्लांट करें| नियमित रूप से अपने खेतो का निरिक्षण करते रहे तथा किसी भी प्रकार के कीट तथा बीमारी के प्रकोप पाए जाने पर मिल कर्मचारी को सूचित करे तथा मिल के साथ मिलकर रोकथाम की व्यवस्था करें | गन्ने की पत्ती को निकाल देने कीटो का प्रकोप कम होता हैं, खरपतवार कम निकलते हैं तथा पत्ती बाद में सड्गल कर गन्ने की पैदावार बढ़ाने में मददगार होती हैं, गन्ने की सूखी पत्ती को अवश्य निकाले, और गन्ने के नालियों में पत्तियां बिछाये | गन्ने की खेती में खासकर लाल सडन रोग की पुष्टि होने पर ऐसे पौधों को जड़ से निकाल लें और उन्हें खेत से दूर ले जाकर तीन से चार फूट गहरे गड्ढे में दबा देंI उखाड़े गये स्थान पर ब्लीचिंग पाउडर को भरें और मिट्टी से दबा देंI ऐसे खेतों में 4-6 किग्रा ट्राईकोडर्मा को 1-2 कुंटल गोबर की सडी खाद में मिलाकर नमी में खेतो में डालें.धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें | स्मार्ट एग्री कार्यक्रम की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 27-10-2024 10:38:00 SCHEDULED
3385 प्रिय किसान साथियों, अक्टूबर माह की 28 तारीख से नवम्बर माह की 7 तारीख के दौरान शाहजहांपुर जिले के मिर्जापुर क्षेत्र के दिन के तापमान में वृद्धि तथा रात का तापमान बराबर रहेगा| इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 31 से 35 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 21 से 23 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI इस दौरान पश्चिम उत्तर तथा कभी पूर्व दिशा से 1 से 6 किलोमीटर की गति से हवायें चलेंगी, जिसकी वजह से वायुमंडलीय आर्द्रता में कमी आयेगी जो की 38 से 70% तक रहेगी | किसान साथियों, मौसम गन्ना बुवाई के लिए अनुकूल रहेगा, अतः जिन किसान भाई गन्ना की बुवाई करना चाहते है कर सकते है| खेत की तैयारी की लिए 25 टन / एकड़ की दर से सड़ी गली गोबर की खाद खेत मिलाये, इसी समय 4-6 kg/एकड़ की दर से ट्राईकोडर्मा को भी मिलाये,गन्ने की बुवाई 3.5 से 4 की दूरी पर करें गन्ना बीज की उम्र 9 माह से अधिक न हो गन्ना बीज का टुकड़ा 2 आंख का ही प्रयोग करें तथा इस ½ घंटे के लिए 1 kg हेक्साटाप तथा 250 ml अमिड़ा को 1000 ली.पानी में डुबोकर रखें, बीज उपचार के लिए thiophinal mithyle का उपयोग करें, भूमि उपचार के लिए chloropyriphose 10 का उपयोग करें| बुवाई के समय 25 kg यूरिया +75kg डीएपी +50kg पोटास+ 25kg माइक्रो न्यूट्रीएंट का प्रयोग करें, गन्ने के टुकड़ो की हल्की मिट्टी से ढँक कर हल्की सिंचाई अवस्य करें गन्ने के लाइनों में सहफसल अवश्य लें| बीज निरोग तथा कीट रहित होना चाहिए| खड़े गन्ने की बुवारी तथा पेंडी फसल में नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें,जिससे गन्ने की वजन में बढोत्तरी हो सके, जिन किसान भाइयो के खेत अभी खली नही है तथा माह के अंत तक खेत खली होने की उम्मीद है वह किसान STP विधि से गन्ने की नर्सरी लगायें,जब यह नर्सरी 3-4 सप्ताह की हो जाये तब गन्ने के खेत में ट्रांसप्लांट करें| नियमित रूप से अपने खेतो का निरिक्षण करते रहे तथा किसी भी प्रकार के कीट तथा बीमारी के प्रकोप पाए जाने पर मिल कर्मचारी को सूचित करे तथा मिल के साथ मिलकर रोकथाम की व्यवस्था करें | गन्ने की पत्ती को निकाल देने कीटो का प्रकोप कम होता हैं, खरपतवार कम निकलते हैं तथा पत्ती बाद में सड्गल कर गन्ने की पैदावार बढ़ाने में मददगार होती हैं, गन्ने की सूखी पत्ती को अवश्य निकाले, और गन्ने के नालियों में पत्तियां बिछाये | गन्ने की खेती में खासकर लाल सडन रोग की पुष्टि होने पर ऐसे पौधों को जड़ से निकाल लें और उन्हें खेत से दूर ले जाकर तीन से चार फूट गहरे गड्ढे में दबा देंI उखाड़े गये स्थान पर ब्लीचिंग पाउडर को भरें और मिट्टी से दबा देंI ऐसे खेतों में 4-6 किग्रा ट्राईकोडर्मा को 1-2 कुंटल गोबर की सडी खाद में मिलाकर नमी में खेतो में डालें.धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें | स्मार्ट एग्री कार्यक्रम की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 27-10-2024 10:36:00 SCHEDULED
3386 प्रिय किसान साथियों, अक्टूबर माह की 28 तारीख से नवम्बर माह की 7 तारीख के दौरान लखीमपुर जिले के बावन क्षेत्र के दिन के तापमान में वृद्धि तथा रात का तापमान बराबर रहेगा| इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 31 से 35 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 21 से 23 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI इस दौरान पश्चिम उत्तर तथा कभी पूर्व दिशा से 1 से 6 किलोमीटर की गति से हवायें चलेंगी, जिसकी वजह से वायुमंडलीय आर्द्रता में कमी आयेगी जो की 38 से 70% तक रहेगी | किसान साथियों, मौसम गन्ना बुवाई के लिए अनुकूल रहेगा, अतः जिन किसान भाई गन्ना की बुवाई करना चाहते है कर सकते है| खेत की तैयारी की लिए 25 टन / एकड़ की दर से सड़ी गली गोबर की खाद खेत मिलाये, इसी समय 4-6 kg/एकड़ की दर से ट्राईकोडर्मा को भी मिलाये,गन्ने की बुवाई 3.5 से 4 की दूरी पर करें गन्ना बीज की उम्र 9 माह से अधिक न हो गन्ना बीज का टुकड़ा 2 आंख का ही प्रयोग करें तथा इस ½ घंटे के लिए 1 kg हेक्साटाप तथा 250 ml अमिड़ा को 1000 ली.पानी में डुबोकर रखें, बीज उपचार के लिए thiophinal mithyle का उपयोग करें, भूमि उपचार के लिए chloropyriphose 10 का उपयोग करें| बुवाई के समय 25 kg यूरिया +75kg डीएपी +50kg पोटास+ 25kg माइक्रो न्यूट्रीएंट का प्रयोग करें, गन्ने के टुकड़ो की हल्की मिट्टी से ढँक कर हल्की सिंचाई अवस्य करें गन्ने के लाइनों में सहफसल अवश्य लें| बीज निरोग तथा कीट रहित होना चाहिए| खड़े गन्ने की बुवारी तथा पेंडी फसल में नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें,जिससे गन्ने की वजन में बढोत्तरी हो सके, जिन किसान भाइयो के खेत अभी खली नही है तथा माह के अंत तक खेत खली होने की उम्मीद है वह किसान STP विधि से गन्ने की नर्सरी लगायें,जब यह नर्सरी 3-4 सप्ताह की हो जाये तब गन्ने के खेत में ट्रांसप्लांट करें| नियमित रूप से अपने खेतो का निरिक्षण करते रहे तथा किसी भी प्रकार के कीट तथा बीमारी के प्रकोप पाए जाने पर मिल कर्मचारी को सूचित करे तथा मिल के साथ मिलकर रोकथाम की व्यवस्था करें | गन्ने की पत्ती को निकाल देने कीटो का प्रकोप कम होता हैं, खरपतवार कम निकलते हैं तथा पत्ती बाद में सड्गल कर गन्ने की पैदावार बढ़ाने में मददगार होती हैं, गन्ने की सूखी पत्ती को अवश्य निकाले, और गन्ने के नालियों में पत्तियां बिछाये | गन्ने की खेती में खासकर लाल सडन रोग की पुष्टि होने पर ऐसे पौधों को जड़ से निकाल लें और उन्हें खेत से दूर ले जाकर तीन से चार फूट गहरे गड्ढे में दबा देंI उखाड़े गये स्थान पर ब्लीचिंग पाउडर को भरें और मिट्टी से दबा देंI ऐसे खेतों में 4-6 किग्रा ट्राईकोडर्मा को 1-2 कुंटल गोबर की सडी खाद में मिलाकर नमी में खेतो में डालें.धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें | स्मार्ट एग्री कार्यक्रम की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 27-10-2024 10:34:00 SCHEDULED
3387 प्रिय किसान साथियों, अक्टूबर माह की 28 तारीख से नवम्बर माह की 7 तारीख के दौरान लखीमपुर जिले के पसगवा क्षेत्र के दिन के तापमान में वृद्धि तथा रात का तापमान बराबर रहेगा| इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 31 से 35 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 21 से 23 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI इस दौरान पश्चिम उत्तर तथा कभी पूर्व दिशा से 1 से 6 किलोमीटर की गति से हवायें चलेंगी, जिसकी वजह से वायुमंडलीय आर्द्रता में कमी आयेगी जो की 38 से 70% तक रहेगी | किसान साथियों, मौसम गन्ना बुवाई के लिए अनुकूल रहेगा, अतः जिन किसान भाई गन्ना की बुवाई करना चाहते है कर सकते है| खेत की तैयारी की लिए 25 टन / एकड़ की दर से सड़ी गली गोबर की खाद खेत मिलाये, इसी समय 4-6 kg/एकड़ की दर से ट्राईकोडर्मा को भी मिलाये,गन्ने की बुवाई 3.5 से 4 की दूरी पर करें गन्ना बीज की उम्र 9 माह से अधिक न हो गन्ना बीज का टुकड़ा 2 आंख का ही प्रयोग करें तथा इस ½ घंटे के लिए 1 kg हेक्साटाप तथा 250 ml अमिड़ा को 1000 ली.पानी में डुबोकर रखें, बीज उपचार के लिए thiophinal mithyle का उपयोग करें, भूमि उपचार के लिए chloropyriphose 10 का उपयोग करें| बुवाई के समय 25 kg यूरिया +75kg डीएपी +50kg पोटास+ 25kg माइक्रो न्यूट्रीएंट का प्रयोग करें, गन्ने के टुकड़ो की हल्की मिट्टी से ढँक कर हल्की सिंचाई अवस्य करें गन्ने के लाइनों में सहफसल अवश्य लें| बीज निरोग तथा कीट रहित होना चाहिए| खड़े गन्ने की बुवारी तथा पेंडी फसल में नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें,जिससे गन्ने की वजन में बढोत्तरी हो सके, जिन किसान भाइयो के खेत अभी खली नही है तथा माह के अंत तक खेत खली होने की उम्मीद है वह किसान STP विधि से गन्ने की नर्सरी लगायें,जब यह नर्सरी 3-4 सप्ताह की हो जाये तब गन्ने के खेत में ट्रांसप्लांट करें| नियमित रूप से अपने खेतो का निरिक्षण करते रहे तथा किसी भी प्रकार के कीट तथा बीमारी के प्रकोप पाए जाने पर मिल कर्मचारी को सूचित करे तथा मिल के साथ मिलकर रोकथाम की व्यवस्था करें | गन्ने की पत्ती को निकाल देने कीटो का प्रकोप कम होता हैं, खरपतवार कम निकलते हैं तथा पत्ती बाद में सड्गल कर गन्ने की पैदावार बढ़ाने में मददगार होती हैं, गन्ने की सूखी पत्ती को अवश्य निकाले, और गन्ने के नालियों में पत्तियां बिछाये | गन्ने की खेती में खासकर लाल सडन रोग की पुष्टि होने पर ऐसे पौधों को जड़ से निकाल लें और उन्हें खेत से दूर ले जाकर तीन से चार फूट गहरे गड्ढे में दबा देंI उखाड़े गये स्थान पर ब्लीचिंग पाउडर को भरें और मिट्टी से दबा देंI ऐसे खेतों में 4-6 किग्रा ट्राईकोडर्मा को 1-2 कुंटल गोबर की सडी खाद में मिलाकर नमी में खेतो में डालें.धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें | स्मार्ट एग्री कार्यक्रम की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 27-10-2024 10:32:00 SCHEDULED
3388 प्रिय किसान साथियों, अक्टूबर माह की 28 तारीख से नवम्बर माह की 7 तारीख के दौरान लखीमपुर जिले के मोहम्मदी क्षेत्र के दिन के तापमान में वृद्धि तथा रात का तापमान बराबर रहेगा| इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 31 से 35 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 21 से 23 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI इस दौरान पश्चिम उत्तर तथा कभी पूर्व दिशा से 1 से 6 किलोमीटर की गति से हवायें चलेंगी, जिसकी वजह से वायुमंडलीय आर्द्रता में कमी आयेगी जो की 38 से 70% तक रहेगी | किसान साथियों, मौसम गन्ना बुवाई के लिए अनुकूल रहेगा, अतः जिन किसान भाई गन्ना की बुवाई करना चाहते है कर सकते है| खेत की तैयारी की लिए 25 टन / एकड़ की दर से सड़ी गली गोबर की खाद खेत मिलाये, इसी समय 4-6 kg/एकड़ की दर से ट्राईकोडर्मा को भी मिलाये,गन्ने की बुवाई 3.5 से 4 की दूरी पर करें गन्ना बीज की उम्र 9 माह से अधिक न हो गन्ना बीज का टुकड़ा 2 आंख का ही प्रयोग करें तथा इस ½ घंटे के लिए 1 kg हेक्साटाप तथा 250 ml अमिड़ा को 1000 ली.पानी में डुबोकर रखें, बीज उपचार के लिए thiophinal mithyle का उपयोग करें, भूमि उपचार के लिए chloropyriphose 10 का उपयोग करें| बुवाई के समय 25 kg यूरिया +75kg डीएपी +50kg पोटास+ 25kg माइक्रो न्यूट्रीएंट का प्रयोग करें, गन्ने के टुकड़ो की हल्की मिट्टी से ढँक कर हल्की सिंचाई अवस्य करें गन्ने के लाइनों में सहफसल अवश्य लें| बीज निरोग तथा कीट रहित होना चाहिए| खड़े गन्ने की बुवारी तथा पेंडी फसल में नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें,जिससे गन्ने की वजन में बढोत्तरी हो सके, जिन किसान भाइयो के खेत अभी खली नही है तथा माह के अंत तक खेत खली होने की उम्मीद है वह किसान STP विधि से गन्ने की नर्सरी लगायें,जब यह नर्सरी 3-4 सप्ताह की हो जाये तब गन्ने के खेत में ट्रांसप्लांट करें| नियमित रूप से अपने खेतो का निरिक्षण करते रहे तथा किसी भी प्रकार के कीट तथा बीमारी के प्रकोप पाए जाने पर मिल कर्मचारी को सूचित करे तथा मिल के साथ मिलकर रोकथाम की व्यवस्था करें | गन्ने की पत्ती को निकाल देने कीटो का प्रकोप कम होता हैं, खरपतवार कम निकलते हैं तथा पत्ती बाद में सड्गल कर गन्ने की पैदावार बढ़ाने में मददगार होती हैं, गन्ने की सूखी पत्ती को अवश्य निकाले, और गन्ने के नालियों में पत्तियां बिछाये | गन्ने की खेती में खासकर लाल सडन रोग की पुष्टि होने पर ऐसे पौधों को जड़ से निकाल लें और उन्हें खेत से दूर ले जाकर तीन से चार फूट गहरे गड्ढे में दबा देंI उखाड़े गये स्थान पर ब्लीचिंग पाउडर को भरें और मिट्टी से दबा देंI ऐसे खेतों में 4-6 किग्रा ट्राईकोडर्मा को 1-2 कुंटल गोबर की सडी खाद में मिलाकर नमी में खेतो में डालें.धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें | स्मार्ट एग्री कार्यक्रम की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 27-10-2024 10:30:00 SCHEDULED
3389 प्रिय किसान साथियों, अक्टूबर माह की 28 तारीख से नवम्बर माह की 7 तारीख के दौरान लखीमपुर जिले के मितौली क्षेत्र के दिन के तापमान में वृद्धि तथा रात का तापमान बराबर रहेगा| इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 31 से 35 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 21 से 23 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI इस दौरान पश्चिम उत्तर तथा कभी पूर्व दिशा से 1 से 6 किलोमीटर की गति से हवायें चलेंगी, जिसकी वजह से वायुमंडलीय आर्द्रता में कमी आयेगी जो की 38 से 70% तक रहेगी | किसान साथियों, मौसम गन्ना बुवाई के लिए अनुकूल रहेगा, अतः जिन किसान भाई गन्ना की बुवाई करना चाहते है कर सकते है| खेत की तैयारी की लिए 25 टन / एकड़ की दर से सड़ी गली गोबर की खाद खेत मिलाये, इसी समय 4-6 kg/एकड़ की दर से ट्राईकोडर्मा को भी मिलाये,गन्ने की बुवाई 3.5 से 4 की दूरी पर करें गन्ना बीज की उम्र 9 माह से अधिक न हो गन्ना बीज का टुकड़ा 2 आंख का ही प्रयोग करें तथा इस ½ घंटे के लिए 1 kg हेक्साटाप तथा 250 ml अमिड़ा को 1000 ली.पानी में डुबोकर रखें, बीज उपचार के लिए thiophinal mithyle का उपयोग करें, भूमि उपचार के लिए chloropyriphose 10 का उपयोग करें| बुवाई के समय 25 kg यूरिया +75kg डीएपी +50kg पोटास+ 25kg माइक्रो न्यूट्रीएंट का प्रयोग करें, गन्ने के टुकड़ो की हल्की मिट्टी से ढँक कर हल्की सिंचाई अवस्य करें गन्ने के लाइनों में सहफसल अवश्य लें| बीज निरोग तथा कीट रहित होना चाहिए| खड़े गन्ने की बुवारी तथा पेंडी फसल में नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें,जिससे गन्ने की वजन में बढोत्तरी हो सके, जिन किसान भाइयो के खेत अभी खली नही है तथा माह के अंत तक खेत खली होने की उम्मीद है वह किसान STP विधि से गन्ने की नर्सरी लगायें,जब यह नर्सरी 3-4 सप्ताह की हो जाये तब गन्ने के खेत में ट्रांसप्लांट करें| नियमित रूप से अपने खेतो का निरिक्षण करते रहे तथा किसी भी प्रकार के कीट तथा बीमारी के प्रकोप पाए जाने पर मिल कर्मचारी को सूचित करे तथा मिल के साथ मिलकर रोकथाम की व्यवस्था करें | गन्ने की पत्ती को निकाल देने कीटो का प्रकोप कम होता हैं, खरपतवार कम निकलते हैं तथा पत्ती बाद में सड्गल कर गन्ने की पैदावार बढ़ाने में मददगार होती हैं, गन्ने की सूखी पत्ती को अवश्य निकाले, और गन्ने के नालियों में पत्तियां बिछाये | गन्ने की खेती में खासकर लाल सडन रोग की पुष्टि होने पर ऐसे पौधों को जड़ से निकाल लें और उन्हें खेत से दूर ले जाकर तीन से चार फूट गहरे गड्ढे में दबा देंI उखाड़े गये स्थान पर ब्लीचिंग पाउडर को भरें और मिट्टी से दबा देंI ऐसे खेतों में 4-6 किग्रा ट्राईकोडर्मा को 1-2 कुंटल गोबर की सडी खाद में मिलाकर नमी में खेतो में डालें.धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें | स्मार्ट एग्री कार्यक्रम की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 28-10-2024 10:30:00 SCHEDULED
3390 प्रिय किसान साथियों, अक्टूबर माह की 28 तारीख से नवम्बर माह की 7 तारीख के दौरान हरदोई जिले के अहिरौरी क्षेत्र के दिन के तापमान में वृद्धि तथा रात का तापमान बराबर रहेगा| इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 31 से 35 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 21 से 23 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI इस दौरान पश्चिम उत्तर तथा कभी पूर्व दिशा से 1 से 6 किलोमीटर की गति से हवायें चलेंगी, जिसकी वजह से वायुमंडलीय आर्द्रता में कमी आयेगी जो की 38 से 70% तक रहेगी | किसान साथियों, मौसम गन्ना बुवाई के लिए अनुकूल रहेगा, अतः जिन किसान भाई गन्ना की बुवाई करना चाहते है कर सकते है| खेत की तैयारी की लिए 25 टन / एकड़ की दर से सड़ी गली गोबर की खाद खेत मिलाये, इसी समय 4-6 kg/एकड़ की दर से ट्राईकोडर्मा को भी मिलाये,गन्ने की बुवाई 3.5 से 4 की दूरी पर करें गन्ना बीज की उम्र 9 माह से अधिक न हो गन्ना बीज का टुकड़ा 2 आंख का ही प्रयोग करें तथा इस ½ घंटे के लिए 1 kg हेक्साटाप तथा 250 ml अमिड़ा को 1000 ली.पानी में डुबोकर रखें, बीज उपचार के लिए thiophinal mithyle का उपयोग करें, भूमि उपचार के लिए chloropyriphose 10 का उपयोग करें| बुवाई के समय 25 kg यूरिया +75kg डीएपी +50kg पोटास+ 25kg माइक्रो न्यूट्रीएंट का प्रयोग करें, गन्ने के टुकड़ो की हल्की मिट्टी से ढँक कर हल्की सिंचाई अवस्य करें गन्ने के लाइनों में सहफसल अवश्य लें| बीज निरोग तथा कीट रहित होना चाहिए| खड़े गन्ने की बुवारी तथा पेंडी फसल में नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें,जिससे गन्ने की वजन में बढोत्तरी हो सके, जिन किसान भाइयो के खेत अभी खली नही है तथा माह के अंत तक खेत खली होने की उम्मीद है वह किसान STP विधि से गन्ने की नर्सरी लगायें,जब यह नर्सरी 3-4 सप्ताह की हो जाये तब गन्ने के खेत में ट्रांसप्लांट करें| नियमित रूप से अपने खेतो का निरिक्षण करते रहे तथा किसी भी प्रकार के कीट तथा बीमारी के प्रकोप पाए जाने पर मिल कर्मचारी को सूचित करे तथा मिल के साथ मिलकर रोकथाम की व्यवस्था करें | गन्ने की पत्ती को निकाल देने कीटो का प्रकोप कम होता हैं, खरपतवार कम निकलते हैं तथा पत्ती बाद में सड्गल कर गन्ने की पैदावार बढ़ाने में मददगार होती हैं, गन्ने की सूखी पत्ती को अवश्य निकाले, और गन्ने के नालियों में पत्तियां बिछाये | गन्ने की खेती में खासकर लाल सडन रोग की पुष्टि होने पर ऐसे पौधों को जड़ से निकाल लें और उन्हें खेत से दूर ले जाकर तीन से चार फूट गहरे गड्ढे में दबा देंI उखाड़े गये स्थान पर ब्लीचिंग पाउडर को भरें और मिट्टी से दबा देंI ऐसे खेतों में 4-6 किग्रा ट्राईकोडर्मा को 1-2 कुंटल गोबर की सडी खाद में मिलाकर नमी में खेतो में डालें.धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें | स्मार्ट एग्री कार्यक्रम की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 27-10-2024 10:26:00 SCHEDULED