Message Schedule List : 12,614
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3541 प्रिय किसान साथियों, अक्टूबर माह की 8 से 17 तारीख के दौरान हरदोई जिले के पिहानी क्षेत्र के दिन तथा रात के तापमान में गिरावट आयेगी| इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 28 से 33 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 23 से 24 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI इस दौरान पूर्व तथा उत्तर दिशा से 2 से 7 किलोमीटर की गति से हवायें चलेंगी,इस वजह से बादल छाये रहेगें परन्तु वर्षा की सम्भावना कम हैं जिसकी वजह से वायुमंडल में आर्द्रता 55 से 90% तक रहेगी | किसान साथियों, मौसम गन्ना बुवाई के लिए अनुकूल रहेगा, अतः जिन किसान भाई गन्ना की बुवाई करना चाहते है कर सकते है| खेत की तैयारी की लिए 25 टन / एकड़ की दर से सड़ी गली गोबर की खाद खेत मिलाये, गन्ने की बुवाई 3.5 से 4 की दूरी पर करें गन्ना बीज की उम्र 9 माह से अधिक न हो गन्ना बीज का टुकड़ा 2 आंख का ही प्रयोग करें तथा इस ½ घंटे के लिए 1 kg हेक्साटाप तथा 250 ml अमिड़ा को 1000 ली.पानी में डुबोकर रखें, बीज उपचार के लिए thiophinal mithyle का उपयोग करें, भूमि उपचार के लिए chloropyriphose 10 का उपयोग करें| बुवाई के समय 25 kg यूरिया +75kg डीएपी +50kg पोटास+ 25kg माइक्रो न्यूट्रीएंट का प्रयोग करें, गन्ने के टुकड़ो की हल्की मिट्टी से ढँक कर हल्की सिंचाई अवस्य करें गन्ने के लाइनों में सहफसल अवश्य लें| बीज निरोग तथा कीट रहित होना चाहिए| खड़े गन्ने की बुवारी तथा पेंडी फसल में हल्की नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें, जिन किसान भाइयो के खेत अभी खली नही है तथा माह के अंत तक खेत खली होने की उम्मीद है वह किसान STP विधि से गन्ने की नर्सरी लगायें. Pyrilla इस कीट को पाए जाने पर किसी भी प्रकार का कीटनाशी का प्रयोग न करें| |गन्ने की पत्ती को निकाल देने से इस कीट का प्रकोप कम होता हैं, खरपतवार कम निकलते हैं तथा पत्ती बाद में सड्गल कर गन्ने की पैदावार बढ़ाने में मददगार होती हैं, गन्ने की सूखी पत्ती को अवश्य निकाले, और गन्ने के नालियों में पत्तियां बिछाये | गन्ने की खेती में खासकर लाल सडन रोग की पुष्टि होने पर ऐसे पौधों को जड़ से निकाल लें और उन्हें खेत से दूर ले जाकर तीन से चार फूट गहरे गड्ढे में दबा देंI उखाड़े गये स्थान पर ब्लीचिंग पाउडर को भरें और मिट्टी से दबा देंI ऐसे खेतों में 4-6 किग्रा ट्राईकोडर्मा को 1-2 कुंटल गोबर की सडी खाद में मिलाकर नमी में खेतो में डालें.धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें | स्मार्ट एग्री कार्यक्रम की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 08-10-2024 10:10:00 SCHEDULED
3542 प्रिय किसान साथियों, अक्टूबर माह की 8 से 17 तारीख के दौरान हरदोई जिले के हरपालपुर क्षेत्र के दिन तथा रात के तापमान में गिरावट आयेगी| इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 28 से 33 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 23 से 24 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI इस दौरान पूर्व तथा उत्तर दिशा से 2 से 7 किलोमीटर की गति से हवायें चलेंगी,इस वजह से बादल छाये रहेगें परन्तु वर्षा की सम्भावना कम हैं जिसकी वजह से वायुमंडल में आर्द्रता 55 से 90% तक रहेगी | किसान साथियों, मौसम गन्ना बुवाई के लिए अनुकूल रहेगा, अतः जिन किसान भाई गन्ना की बुवाई करना चाहते है कर सकते है| खेत की तैयारी की लिए 25 टन / एकड़ की दर से सड़ी गली गोबर की खाद खेत मिलाये, गन्ने की बुवाई 3.5 से 4 की दूरी पर करें गन्ना बीज की उम्र 9 माह से अधिक न हो गन्ना बीज का टुकड़ा 2 आंख का ही प्रयोग करें तथा इस ½ घंटे के लिए 1 kg हेक्साटाप तथा 250 ml अमिड़ा को 1000 ली.पानी में डुबोकर रखें, बीज उपचार के लिए thiophinal mithyle का उपयोग करें, भूमि उपचार के लिए chloropyriphose 10 का उपयोग करें| बुवाई के समय 25 kg यूरिया +75kg डीएपी +50kg पोटास+ 25kg माइक्रो न्यूट्रीएंट का प्रयोग करें, गन्ने के टुकड़ो की हल्की मिट्टी से ढँक कर हल्की सिंचाई अवस्य करें गन्ने के लाइनों में सहफसल अवश्य लें| बीज निरोग तथा कीट रहित होना चाहिए| खड़े गन्ने की बुवारी तथा पेंडी फसल में हल्की नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें, जिन किसान भाइयो के खेत अभी खली नही है तथा माह के अंत तक खेत खली होने की उम्मीद है वह किसान STP विधि से गन्ने की नर्सरी लगायें. Pyrilla इस कीट को पाए जाने पर किसी भी प्रकार का कीटनाशी का प्रयोग न करें| |गन्ने की पत्ती को निकाल देने से इस कीट का प्रकोप कम होता हैं, खरपतवार कम निकलते हैं तथा पत्ती बाद में सड्गल कर गन्ने की पैदावार बढ़ाने में मददगार होती हैं, गन्ने की सूखी पत्ती को अवश्य निकाले, और गन्ने के नालियों में पत्तियां बिछाये | गन्ने की खेती में खासकर लाल सडन रोग की पुष्टि होने पर ऐसे पौधों को जड़ से निकाल लें और उन्हें खेत से दूर ले जाकर तीन से चार फूट गहरे गड्ढे में दबा देंI उखाड़े गये स्थान पर ब्लीचिंग पाउडर को भरें और मिट्टी से दबा देंI ऐसे खेतों में 4-6 किग्रा ट्राईकोडर्मा को 1-2 कुंटल गोबर की सडी खाद में मिलाकर नमी में खेतो में डालें.धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें | स्मार्ट एग्री कार्यक्रम की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 08-10-2024 10:08:00 SCHEDULED
3543 प्रिय किसान साथियों, अक्टूबर माह की 8 से 17 तारीख के दौरान हरदोई जिले के हरियावा क्षेत्र के दिन तथा रात के तापमान में गिरावट आयेगी| इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 28 से 33 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 23 से 24 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI इस दौरान पूर्व तथा उत्तर दिशा से 2 से 7 किलोमीटर की गति से हवायें चलेंगी,इस वजह से बादल छाये रहेगें परन्तु वर्षा की सम्भावना कम हैं जिसकी वजह से वायुमंडल में आर्द्रता 55 से 90% तक रहेगी | किसान साथियों, मौसम गन्ना बुवाई के लिए अनुकूल रहेगा, अतः जिन किसान भाई गन्ना की बुवाई करना चाहते है कर सकते है| खेत की तैयारी की लिए 25 टन / एकड़ की दर से सड़ी गली गोबर की खाद खेत मिलाये, गन्ने की बुवाई 3.5 से 4 की दूरी पर करें गन्ना बीज की उम्र 9 माह से अधिक न हो गन्ना बीज का टुकड़ा 2 आंख का ही प्रयोग करें तथा इस ½ घंटे के लिए 1 kg हेक्साटाप तथा 250 ml अमिड़ा को 1000 ली.पानी में डुबोकर रखें, बीज उपचार के लिए thiophinal mithyle का उपयोग करें, भूमि उपचार के लिए chloropyriphose 10 का उपयोग करें| बुवाई के समय 25 kg यूरिया +75kg डीएपी +50kg पोटास+ 25kg माइक्रो न्यूट्रीएंट का प्रयोग करें, गन्ने के टुकड़ो की हल्की मिट्टी से ढँक कर हल्की सिंचाई अवस्य करें गन्ने के लाइनों में सहफसल अवश्य लें| बीज निरोग तथा कीट रहित होना चाहिए| खड़े गन्ने की बुवारी तथा पेंडी फसल में हल्की नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें, जिन किसान भाइयो के खेत अभी खली नही है तथा माह के अंत तक खेत खली होने की उम्मीद है वह किसान STP विधि से गन्ने की नर्सरी लगायें. Pyrilla इस कीट को पाए जाने पर किसी भी प्रकार का कीटनाशी का प्रयोग न करें| |गन्ने की पत्ती को निकाल देने से इस कीट का प्रकोप कम होता हैं, खरपतवार कम निकलते हैं तथा पत्ती बाद में सड्गल कर गन्ने की पैदावार बढ़ाने में मददगार होती हैं, गन्ने की सूखी पत्ती को अवश्य निकाले, और गन्ने के नालियों में पत्तियां बिछाये | गन्ने की खेती में खासकर लाल सडन रोग की पुष्टि होने पर ऐसे पौधों को जड़ से निकाल लें और उन्हें खेत से दूर ले जाकर तीन से चार फूट गहरे गड्ढे में दबा देंI उखाड़े गये स्थान पर ब्लीचिंग पाउडर को भरें और मिट्टी से दबा देंI ऐसे खेतों में 4-6 किग्रा ट्राईकोडर्मा को 1-2 कुंटल गोबर की सडी खाद में मिलाकर नमी में खेतो में डालें.धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें | स्मार्ट एग्री कार्यक्रम की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 08-10-2024 10:06:00 SCHEDULED
3544 प्रिय किसान साथियों, अक्टूबर माह की 8 से 17 तारीख के दौरान हरदोई जिले के टोडरपुर क्षेत्र के दिन तथा रात के तापमान में गिरावट आयेगी| इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 28 से 33 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 23 से 24 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI इस दौरान पूर्व तथा उत्तर दिशा से 2 से 7 किलोमीटर की गति से हवायें चलेंगी,इस वजह से बादल छाये रहेगें परन्तु वर्षा की सम्भावना कम हैं जिसकी वजह से वायुमंडल में आर्द्रता 55 से 90% तक रहेगी | किसान साथियों, मौसम गन्ना बुवाई के लिए अनुकूल रहेगा, अतः जिन किसान भाई गन्ना की बुवाई करना चाहते है कर सकते है| खेत की तैयारी की लिए 25 टन / एकड़ की दर से सड़ी गली गोबर की खाद खेत मिलाये, गन्ने की बुवाई 3.5 से 4 की दूरी पर करें गन्ना बीज की उम्र 9 माह से अधिक न हो गन्ना बीज का टुकड़ा 2 आंख का ही प्रयोग करें तथा इस ½ घंटे के लिए 1 kg हेक्साटाप तथा 250 ml अमिड़ा को 1000 ली.पानी में डुबोकर रखें, बीज उपचार के लिए thiophinal mithyle का उपयोग करें, भूमि उपचार के लिए chloropyriphose 10 का उपयोग करें| बुवाई के समय 25 kg यूरिया +75kg डीएपी +50kg पोटास+ 25kg माइक्रो न्यूट्रीएंट का प्रयोग करें, गन्ने के टुकड़ो की हल्की मिट्टी से ढँक कर हल्की सिंचाई अवस्य करें गन्ने के लाइनों में सहफसल अवश्य लें| बीज निरोग तथा कीट रहित होना चाहिए| खड़े गन्ने की बुवारी तथा पेंडी फसल में हल्की नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें, जिन किसान भाइयो के खेत अभी खली नही है तथा माह के अंत तक खेत खली होने की उम्मीद है वह किसान STP विधि से गन्ने की नर्सरी लगायें. Pyrilla इस कीट को पाए जाने पर किसी भी प्रकार का कीटनाशी का प्रयोग न करें| |गन्ने की पत्ती को निकाल देने से इस कीट का प्रकोप कम होता हैं, खरपतवार कम निकलते हैं तथा पत्ती बाद में सड्गल कर गन्ने की पैदावार बढ़ाने में मददगार होती हैं, गन्ने की सूखी पत्ती को अवश्य निकाले, और गन्ने के नालियों में पत्तियां बिछाये | गन्ने की खेती में खासकर लाल सडन रोग की पुष्टि होने पर ऐसे पौधों को जड़ से निकाल लें और उन्हें खेत से दूर ले जाकर तीन से चार फूट गहरे गड्ढे में दबा देंI उखाड़े गये स्थान पर ब्लीचिंग पाउडर को भरें और मिट्टी से दबा देंI ऐसे खेतों में 4-6 किग्रा ट्राईकोडर्मा को 1-2 कुंटल गोबर की सडी खाद में मिलाकर नमी में खेतो में डालें.धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें | स्मार्ट एग्री कार्यक्रम की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 08-10-2024 10:04:00 SCHEDULED
3545 प्रिय किसान साथियों, अक्टूबर माह की 8 से 17 तारीख के दौरान हरदोई जिले के बिलग्राम क्षेत्र के दिन तथा रात के तापमान में गिरावट आयेगी| इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 28 से 33 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 23 से 24 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI इस दौरान पूर्व तथा उत्तर दिशा से 2 से 7 किलोमीटर की गति से हवायें चलेंगी,इस वजह से बादल छाये रहेगें परन्तु वर्षा की सम्भावना कम हैं जिसकी वजह से वायुमंडल में आर्द्रता 55 से 90% तक रहेगी | किसान साथियों, मौसम गन्ना बुवाई के लिए अनुकूल रहेगा, अतः जिन किसान भाई गन्ना की बुवाई करना चाहते है कर सकते है| खेत की तैयारी की लिए 25 टन / एकड़ की दर से सड़ी गली गोबर की खाद खेत मिलाये, गन्ने की बुवाई 3.5 से 4 की दूरी पर करें गन्ना बीज की उम्र 9 माह से अधिक न हो गन्ना बीज का टुकड़ा 2 आंख का ही प्रयोग करें तथा इस ½ घंटे के लिए 1 kg हेक्साटाप तथा 250 ml अमिड़ा को 1000 ली.पानी में डुबोकर रखें, बीज उपचार के लिए thiophinal mithyle का उपयोग करें, भूमि उपचार के लिए chloropyriphose 10 का उपयोग करें| बुवाई के समय 25 kg यूरिया +75kg डीएपी +50kg पोटास+ 25kg माइक्रो न्यूट्रीएंट का प्रयोग करें, गन्ने के टुकड़ो की हल्की मिट्टी से ढँक कर हल्की सिंचाई अवस्य करें गन्ने के लाइनों में सहफसल अवश्य लें| बीज निरोग तथा कीट रहित होना चाहिए| खड़े गन्ने की बुवारी तथा पेंडी फसल में हल्की नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें, जिन किसान भाइयो के खेत अभी खली नही है तथा माह के अंत तक खेत खली होने की उम्मीद है वह किसान STP विधि से गन्ने की नर्सरी लगायें. Pyrilla इस कीट को पाए जाने पर किसी भी प्रकार का कीटनाशी का प्रयोग न करें| |गन्ने की पत्ती को निकाल देने से इस कीट का प्रकोप कम होता हैं, खरपतवार कम निकलते हैं तथा पत्ती बाद में सड्गल कर गन्ने की पैदावार बढ़ाने में मददगार होती हैं, गन्ने की सूखी पत्ती को अवश्य निकाले, और गन्ने के नालियों में पत्तियां बिछाये | गन्ने की खेती में खासकर लाल सडन रोग की पुष्टि होने पर ऐसे पौधों को जड़ से निकाल लें और उन्हें खेत से दूर ले जाकर तीन से चार फूट गहरे गड्ढे में दबा देंI उखाड़े गये स्थान पर ब्लीचिंग पाउडर को भरें और मिट्टी से दबा देंI ऐसे खेतों में 4-6 किग्रा ट्राईकोडर्मा को 1-2 कुंटल गोबर की सडी खाद में मिलाकर नमी में खेतो में डालें.धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें | स्मार्ट एग्री कार्यक्रम की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 08-10-2024 10:02:00 SCHEDULED
3546 प्रिय किसान साथियों, अक्टूबर माह की 8 से 17 तारीख के दौरान हरदोई जिले के भरखनी क्षेत्र के दिन तथा रात के तापमान में गिरावट आयेगी| इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 28 से 33 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 23 से 24 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI इस दौरान पूर्व तथा उत्तर दिशा से 2 से 7 किलोमीटर की गति से हवायें चलेंगी,इस वजह से बादल छाये रहेगें परन्तु वर्षा की सम्भावना कम हैं जिसकी वजह से वायुमंडल में आर्द्रता 55 से 90% तक रहेगी | किसान साथियों, मौसम गन्ना बुवाई के लिए अनुकूल रहेगा, अतः जिन किसान भाई गन्ना की बुवाई करना चाहते है कर सकते है| खेत की तैयारी की लिए 25 टन / एकड़ की दर से सड़ी गली गोबर की खाद खेत मिलाये, गन्ने की बुवाई 3.5 से 4 की दूरी पर करें गन्ना बीज की उम्र 9 माह से अधिक न हो गन्ना बीज का टुकड़ा 2 आंख का ही प्रयोग करें तथा इस ½ घंटे के लिए 1 kg हेक्साटाप तथा 250 ml अमिड़ा को 1000 ली.पानी में डुबोकर रखें, बीज उपचार के लिए thiophinal mithyle का उपयोग करें, भूमि उपचार के लिए chloropyriphose 10 का उपयोग करें| बुवाई के समय 25 kg यूरिया +75kg डीएपी +50kg पोटास+ 25kg माइक्रो न्यूट्रीएंट का प्रयोग करें, गन्ने के टुकड़ो की हल्की मिट्टी से ढँक कर हल्की सिंचाई अवस्य करें गन्ने के लाइनों में सहफसल अवश्य लें| बीज निरोग तथा कीट रहित होना चाहिए| खड़े गन्ने की बुवारी तथा पेंडी फसल में हल्की नमी बनाये रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें, जिन किसान भाइयो के खेत अभी खली नही है तथा माह के अंत तक खेत खली होने की उम्मीद है वह किसान STP विधि से गन्ने की नर्सरी लगायें. Pyrilla इस कीट को पाए जाने पर किसी भी प्रकार का कीटनाशी का प्रयोग न करें| |गन्ने की पत्ती को निकाल देने से इस कीट का प्रकोप कम होता हैं, खरपतवार कम निकलते हैं तथा पत्ती बाद में सड्गल कर गन्ने की पैदावार बढ़ाने में मददगार होती हैं, गन्ने की सूखी पत्ती को अवश्य निकाले, और गन्ने के नालियों में पत्तियां बिछाये | गन्ने की खेती में खासकर लाल सडन रोग की पुष्टि होने पर ऐसे पौधों को जड़ से निकाल लें और उन्हें खेत से दूर ले जाकर तीन से चार फूट गहरे गड्ढे में दबा देंI उखाड़े गये स्थान पर ब्लीचिंग पाउडर को भरें और मिट्टी से दबा देंI ऐसे खेतों में 4-6 किग्रा ट्राईकोडर्मा को 1-2 कुंटल गोबर की सडी खाद में मिलाकर नमी में खेतो में डालें.धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगायें खेत में मिलाने की कोशिश करें | स्मार्ट एग्री कार्यक्रम की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 08-10-2024 10:00:00 SCHEDULED
3547 জিলা: যোৰহাট ( ষ্টেচন: নামচিছু_AWS ) বতৰৰ বতৰা আৰু আমাৰ পৰামৰ্শ (বৈধতাৰ সময়সীমা: ৬ৰ পৰা ১৫ অক্টোবৰলৈ, ২০২৪) চলিদাৰীডেড ৰ প্রিয় ক্ষুদ্ৰ চাহ খেতিয়ক সকল । ভি আই স্মাৰ্ট কৃষি ( VI Smart Agri) পৰামৰ্শলৈ স্বাগতম। যোৰহাট জিলাৰ নামচিছুত অৱস্থিত স্বয়ংক্ৰিয় বতৰ বিজ্ঞান কেন্দ্ৰৰ (Automatic Weather Station) ৰ পৰা পোৱা বতৰৰ পূৰ্বানুমান অনুসৰি ৬ৰ পৰা ১৫ অক্টোবৰলৈ, ২০২৪ বতৰ সাধাৰণতে ডাৱৰীয়াৰ পৰা আংশিকভাৱে ডাৱৰীয়া হৈ থাকিব আৰু লগতে পাতলীয়াৰ পৰা মজলীয়া বৰষুণৰ সম্ভাৱনা আছে। দিনৰ উষ্ণতা প্ৰায় ২৬-২৯ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ আৰু নিশাৰ উষ্ণতা প্ৰায় ২২-২৪ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ হব বুলি অনুমান কৰা হৈছে। ৰাতিপুৱা আৰু আবেলিৰ আপেক্ষিক আৰ্দ্ৰতা ক্ৰমান্বয়ে প্ৰায় ৯৭ % আৰু ৮০ % আশে-পাশে থাকিব। বতাহ প্ৰতি ঘন্টাত ২-৮ কিলোমিটাৰ বেগত উত্তৰ-পূব দিশৰ পৰা প্ৰবাহিত হব। বিগত ছেপ্টেম্বৰ মাহত মুঠ ৪২.৮০ মি.মি বৰষুণৰ পৰিমাণ লাভ কৰা হৈছে। চাহ খেতিৰ বাবে: • সকলো বাগান বোৰত ফ্লাছৰ বৃদ্ধিৰ বাবে ১৫ দিনৰ ব্যৱধানত ১% Urea , MOP আৰু Zinc Sulphate, ১০০ লিটাৰ পানীত মিহলাই নিৰপেক্ষ বতৰৰ পৰিস্থিতিত ৰাতিপুৱা আৰু আবেলিৰ সময়ত স্প্ৰে কৰি থাকিব। • UP, LOS আৰু LS বাগান বোৰত পাত তোলা টেবুল খন সমান কৰি ৰাখিব যাতে টেবুলৰ ওপৰত দীঘল খুটি ৰৈ নাযায়। জনম পাতৰ ওপৰত ৭-৮ দিনৰ ব্যৱধানত পাত তুলিব লাগে। • এই সময়ত Black rot , Red rust, Fusarium আদি বেমাৰ বিশেষ ভাবে দেখা যায়। এই বেমাৰ বোৰৰ নিয়ন্ত্ৰণৰ বাবে প্ৰতিৰোধমূলক ব্যৱস্থা লব । ৰোগ নিয়ন্ত্ৰণৰ বাবে প্ৰয়োগ কৰিব লগা সকলো ৰাসায়নিক পদাৰ্থ নিম্নতম ৬-৭ দিনৰ ব্যৱধান ৰাখি স্প্ৰে কৰিব লাগিব যাতে পিছত কোনো এম.আৰ.এল. (MRL) সমস্যা নাহে। • UP /MS বাগান বোৰত বান্জী পাত দেখা যাব পাৰে, এই বান্জী পাত বোৰ টৈবুলৰ সমানে তুলিব। কুমলীয়া বান্জী পাত বোৰ Fine হিচাপে লব লাগে। • LP ,DS বাগান বোৰত পাত তোলোতে টেবুল ওখ হবলৈ দিব নালাগে , পাৰিলে যি কেইটা বাগান অহা বছৰত UP ৰখাৰ পৰিকল্পনা আছে সেইবোৰত এতিয়াৰ পৰাই এখিলা পাতৰ ওপৰত STEP UP প্লাকিং কৰিলে অহা বছৰত পাতৰ উৎপাদন বেছি হব । অন্যান্য শস্যৰ বাবে: • দেৰিকৈ কৰা মূলাৰ কিছুমান জাত যেনে-Bombay Red, Jaunpuri আদি বীজ সিঁচা কার্য্যৰ বাবে সংগ্ৰহ কৰিব পাৰে। বীজ সিঁচাৰ উপযুক্ত সময় অক্টোবৰ মাহৰ পৰা নবেম্বৰ মাহৰ ভিতৰত। বীজবোৰ সাৰিৰ মাজত ২০ ছে: মি: ব্যাবধান ৰাখি সিঁচিব লাগে । • পাচলি বাগিছাত অতিৰিক্ত পানী উলিয়াবলৈ বাগিচাবোৰত প্ৰয়োজনীয় ব্যৱধানত সৰু নলাৰ ব্যৱস্থা কৰিব। • প্ৰতিকূল বতৰৰ প্ৰতি লক্ষ্য ৰাখি কৃষক ৰাইজে পথাৰৰ পৰা পূৰঠ ফল-মূল আৰু পাচলিসমূহ চপাই সঠিক স্থানত ৰাখিব যাতে বৰষুণৰ পৰা সুৰক্ষিত থাকে। বতৰ আৰু কৃষি সম্পৰ্কীয় তথ্যৰ বিষয়ে জানিবলৈ কৃষকসকলে ৭০৬৫-০০-৫০৫৪ নম্বৰত মিছড কল দিব পাৰে। ধন্যবাদ । Assamese Assam 06-10-2024 10:15:00 SCHEDULED
3548 জিলা: যোৰহাট ( ষ্টেচন: এলেংগি_AWS ) বতৰৰ বতৰা আৰু আমাৰ পৰামৰ্শ (বৈধতাৰ সময়সীমা: ৬ৰ পৰা ১৫ অক্টোবৰলৈ, ২০২৪) চলিদাৰীডেড ৰ প্রিয় ক্ষুদ্ৰ চাহ খেতিয়ক সকল । ভি আই স্মাৰ্ট কৃষি ( VI Smart Agri) পৰামৰ্শলৈ স্বাগতম। যোৰহাট জিলাৰ এলেংগিত অৱস্থিত স্বয়ংক্ৰিয় বতৰ বিজ্ঞান কেন্দ্ৰৰ (Automatic Weather Station)ৰ পৰা পোৱা বতৰৰ পূৰ্বানুমান অনুসৰি ৬ৰ পৰা ১৫ অক্টোবৰলৈ, ২০২৪ বতৰ সাধাৰণতে ডাৱৰীয়াৰ পৰা আংশিকভাৱে ডাৱৰীয়া হৈ থাকিব আৰু লগতে পাতলীয়াৰ পৰা মজলীয়া বৰষুণৰ সম্ভাৱনা আছে। দিনৰ উষ্ণতা প্ৰায় ২৬-২৮ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ আৰু নিশাৰ উষ্ণতা প্ৰায় ২২-২৪ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ হব বুলি অনুমান কৰা হৈছে। ৰাতিপুৱা আৰু আবেলিৰ আপেক্ষিক আৰ্দ্ৰতা ক্ৰমান্বয়ে প্ৰায় ৯৭ % আৰু ৮০ % আশে-পাশে থাকিব। বতাহ প্ৰতি ঘন্টাত ৩-৭ কিলোমিটাৰ বেগত উত্তৰ-পূব দিশৰ পৰা প্ৰবাহিত হব। বিগত ছেপ্টেম্বৰ মাহত মুঠ ১৩৪.২০ মি.মি বৰষুণৰ পৰিমাণ লাভ কৰা হৈছে। চাহ খেতিৰ বাবে: • সকলো বাগান বোৰত ফ্লাছৰ বৃদ্ধিৰ বাবে ১৫ দিনৰ ব্যৱধানত ১% Urea , MOP আৰু Zinc Sulphate, ১০০ লিটাৰ পানীত মিহলাই নিৰপেক্ষ বতৰৰ পৰিস্থিতিত ৰাতিপুৱা আৰু আবেলিৰ সময়ত স্প্ৰে কৰি থাকিব। • UP, LOS আৰু LS বাগান বোৰত পাত তোলা টেবুল খন সমান কৰি ৰাখিব যাতে টেবুলৰ ওপৰত দীঘল খুটি ৰৈ নাযায়। জনম পাতৰ ওপৰত ৭-৮ দিনৰ ব্যৱধানত পাত তুলিব লাগে। • এই সময়ত Black rot , Red rust, Fusarium আদি বেমাৰ বিশেষ ভাবে দেখা যায়। এই বেমাৰ বোৰৰ নিয়ন্ত্ৰণৰ বাবে প্ৰতিৰোধমূলক ব্যৱস্থা লব । ৰোগ নিয়ন্ত্ৰণৰ বাবে প্ৰয়োগ কৰিব লগা সকলো ৰাসায়নিক পদাৰ্থ নিম্নতম ৬-৭ দিনৰ ব্যৱধান ৰাখি স্প্ৰে কৰিব লাগিব যাতে পিছত কোনো এম.আৰ.এল. (MRL) সমস্যা নাহে। • UP /MS বাগান বোৰত বান্জী পাত দেখা যাব পাৰে, এই বান্জী পাত বোৰ টৈবুলৰ সমানে তুলিব। কুমলীয়া বান্জী পাত বোৰ Fine হিচাপে লব লাগে। • LP ,DS বাগান বোৰত পাত তোলোতে টেবুল ওখ হবলৈ দিব নালাগে , পাৰিলে যি কেইটা বাগান অহা বছৰত UP ৰখাৰ পৰিকল্পনা আছে সেইবোৰত এতিয়াৰ পৰাই এখিলা পাতৰ ওপৰত STEP UP প্লাকিং কৰিলে অহা বছৰত পাতৰ উৎপাদন বেছি হব । অন্যান্য শস্যৰ বাবে: • দেৰিকৈ কৰা মূলাৰ কিছুমান জাত যেনে-Bombay Red, Jaunpuri আদি বীজ সিঁচা কার্য্যৰ বাবে সংগ্ৰহ কৰিব পাৰে। বীজ সিঁচাৰ উপযুক্ত সময় অক্টোবৰ মাহৰ পৰা নবেম্বৰ মাহৰ ভিতৰত। বীজবোৰ সাৰিৰ মাজত ২০ ছে: মি: ব্যাবধান ৰাখি সিঁচিব লাগে । • পাচলি বাগিছাত অতিৰিক্ত পানী উলিয়াবলৈ বাগিচাবোৰত প্ৰয়োজনীয় ব্যৱধানত সৰু নলাৰ ব্যৱস্থা কৰিব। • প্ৰতিকূল বতৰৰ প্ৰতি লক্ষ্য ৰাখি কৃষক ৰাইজে পথাৰৰ পৰা পূৰঠ ফল-মূল আৰু পাচলিসমূহ চপাই সঠিক স্থানত ৰাখিব যাতে বৰষুণৰ পৰা সুৰক্ষিত থাকে। বতৰ আৰু কৃষি সম্পৰ্কীয় তথ্যৰ বিষয়ে জানিবলৈ কৃষকসকলে ৭০৬৫-০০-৫০৫৪ নম্বৰত মিছড কল দিব পাৰে। ধন্যবাদ । Assamese Assam 06-10-2024 10:15:00 SCHEDULED
3549 জিলা: ডিব্ৰুগড় (ষ্টেচন: বেটোনিবাম_AWS) বতৰৰ বতৰা আৰু আমাৰ পৰামৰ্শ (বৈধতাৰ সময়সীমা: ৬ৰ পৰা ১৫ অক্টোবৰলৈ, ২০২৪) চলিদাৰীডেড ৰ প্রিয় ক্ষুদ্ৰ চাহ খেতিয়ক সকল । ভি আই স্মাৰ্ট কৃষি ( VI Smart Agri) পৰামৰ্শলৈ স্বাগতম। ডিব্ৰুগড় জিলাৰ বেটোনিবামত অৱস্থিত স্বয়ংক্ৰিয় বতৰ বিজ্ঞান কেন্দ্ৰৰ (Automatic Weather Station) ৰ পৰা পোৱা বতৰৰ আগলি বতৰা অনুযায়ী ৬ৰ পৰা ১৫ অক্টোবৰলৈ, ২০২৪ বতৰ সাধাৰণতে ডাৱৰীয়াৰ পৰা আংশিকভাৱে ডাৱৰীয়া হৈ থাকিব আৰু লগতে পাতলীয়াৰ পৰা মজলীয়া বৰষুণৰ সম্ভাৱনা আছে। দিনৰ উষ্ণতা প্ৰায় ২৬-২৮ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ আৰু নিশাৰ উষ্ণতা প্ৰায় ২২-২৪ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ হব বুলি অনুমান কৰা হৈছে। ৰাতিপুৱা আৰু আবেলিৰ আপেক্ষিক আৰ্দ্ৰতা ক্ৰমান্বয়ে প্ৰায় ৯৮ % আৰু ৭০ % আশে-পাশে থাকিব। বতাহ প্ৰতি ঘন্টাত ২-৮ কিলোমিটাৰ বেগত উত্তৰ-পূব দিশৰ পৰা প্ৰবাহিত হব। বিগত ছেপ্টেম্বৰ মাহত মুঠ ১৯৪.২০ মি.মি বৰষুণৰ পৰিমাণ লাভ কৰা হৈছে। চাহ খেতিৰ বাবে: • সকলো বাগান বোৰত ফ্লাছৰ বৃদ্ধিৰ বাবে ১৫ দিনৰ ব্যৱধানত ১% Urea , MOP আৰু Zinc Sulphate, ১০০ লিটাৰ পানীত মিহলাই নিৰপেক্ষ বতৰৰ পৰিস্থিতিত ৰাতিপুৱা আৰু আবেলিৰ সময়ত স্প্ৰে কৰি থাকিব। • UP, LOS আৰু LS বাগান বোৰত পাত তোলা টেবুল খন সমান কৰি ৰাখিব যাতে টেবুলৰ ওপৰত দীঘল খুটি ৰৈ নাযায়। জনম পাতৰ ওপৰত ৭-৮ দিনৰ ব্যৱধানত পাত তুলিব লাগে। • এই সময়ত Black rot , Red rust, Fusarium আদি বেমাৰ বিশেষ ভাবে দেখা যায়। এই বেমাৰ বোৰৰ নিয়ন্ত্ৰণৰ বাবে প্ৰতিৰোধমূলক ব্যৱস্থা লব । ৰোগ নিয়ন্ত্ৰণৰ বাবে প্ৰয়োগ কৰিব লগা সকলো ৰাসায়নিক পদাৰ্থ নিম্নতম ৬-৭ দিনৰ ব্যৱধান ৰাখি স্প্ৰে কৰিব লাগিব যাতে পিছত কোনো এম.আৰ.এল. (MRL) সমস্যা নাহে। • UP /MS বাগান বোৰত বান্জী পাত দেখা যাব পাৰে, এই বান্জী পাত বোৰ টৈবুলৰ সমানে তুলিব। কুমলীয়া বান্জী পাত বোৰ Fine হিচাপে লব লাগে। • LP ,DS বাগান বোৰত পাত তোলোতে টেবুল ওখ হবলৈ দিব নালাগে , পাৰিলে যি কেইটা বাগান অহা বছৰত UP ৰখাৰ পৰিকল্পনা আছে সেইবোৰত এতিয়াৰ পৰাই এখিলা পাতৰ ওপৰত STEP UP প্লাকিং কৰিলে অহা বছৰত পাতৰ উৎপাদন বেছি হব । অন্যান্য শস্যৰ বাবে: • দেৰিকৈ কৰা মূলাৰ কিছুমান জাত যেনে-Bombay Red, Jaunpuri আদি বীজ সিঁচা কার্য্যৰ বাবে সংগ্ৰহ কৰিব পাৰে। বীজ সিঁচাৰ উপযুক্ত সময় অক্টোবৰ মাহৰ পৰা নবেম্বৰ মাহৰ ভিতৰত। বীজবোৰ সাৰিৰ মাজত ২০ ছে: মি: ব্যাবধান ৰাখি সিঁচিব লাগে । • পাচলি বাগিছাত অতিৰিক্ত পানী উলিয়াবলৈ বাগিচাবোৰত প্ৰয়োজনীয় ব্যৱধানত সৰু নলাৰ ব্যৱস্থা কৰিব। • প্ৰতিকূল বতৰৰ প্ৰতি লক্ষ্য ৰাখি কৃষক ৰাইজে পথাৰৰ পৰা পূৰঠ ফল-মূল আৰু পাচলিসমূহ চপাই সঠিক স্থানত ৰাখিব যাতে বৰষুণৰ পৰা সুৰক্ষিত থাকে। বতৰ আৰু কৃষি সম্পৰ্কীয় তথ্যৰ বিষয়ে জানিবলৈ কৃষকসকলে ৭০৬৫-০০-৫০৫৪ নম্বৰত মিছড কল দিব পাৰে। ধন্যবাদ । Assamese Assam 06-10-2024 10:10:00 SCHEDULED
3550 জিলা: ডিব্ৰুগড় ( ষ্টেচন: নেমুপথাৰ_AWS ) বতৰৰ বতৰা আৰু আমাৰ পৰামৰ্শ (বৈধতাৰ সময়সীমা: ৬ৰ পৰা ১৫ অক্টোবৰলৈ, ২০২৪) চলিদাৰীডেড ৰ প্রিয় ক্ষুদ্ৰ চাহ খেতিয়ক সকল । ভি আই স্মাৰ্ট কৃষি ( VI Smart Agri) পৰামৰ্শলৈ স্বাগতম। ডিব্ৰুগড় জিলাৰ নেমুপথাৰত অৱস্থিত স্বয়ংক্ৰিয় বতৰ বিজ্ঞান কেন্দ্ৰৰ (Automatic Weather Station) পৰা পোৱা বতৰৰ আগলি বতৰা অনুযায়ী ৬ৰ পৰা ১৫ অক্টোবৰলৈ, ২০২৪, বতৰ সাধাৰণতে ডাৱৰীয়াৰ পৰা আংশিকভাৱে ডাৱৰীয়া হৈ থাকিব আৰু লগতে পাতলীয়াৰ পৰা মজলীয়া বৰষুণৰ সম্ভাৱনা আছে। দিনৰ উষ্ণতা প্ৰায় ২৬-৩০ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ আৰু নিশাৰ উষ্ণতা প্ৰায় ২২-২৪ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ হব বুলি অনুমান কৰা হৈছে। ৰাতিপুৱা আৰু আবেলিৰ আপেক্ষিক আৰ্দ্ৰতা ক্ৰমান্বয়ে প্ৰায় ৯৭ % আৰু ৭০ % আশে-পাশে থাকিব। বতাহ প্ৰতি ঘন্টাত ২-৮ কিলোমিটাৰ বেগত উত্তৰ-পূব দিশৰ পৰা প্ৰবাহিত হব। বিগত ছেপ্টেম্বৰ মাহত মুঠ ১৬১.২০ মি.মি বৰষুণৰ পৰিমাণ লাভ কৰা হৈছে। চাহ খেতিৰ বাবে: • সকলো বাগান বোৰত ফ্লাছৰ বৃদ্ধিৰ বাবে ১৫ দিনৰ ব্যৱধানত ১% Urea , MOP আৰু Zinc Sulphate, ১০০ লিটাৰ পানীত মিহলাই নিৰপেক্ষ বতৰৰ পৰিস্থিতিত ৰাতিপুৱা আৰু আবেলিৰ সময়ত স্প্ৰে কৰি থাকিব। • UP, LOS আৰু LS বাগান বোৰত পাত তোলা টেবুল খন সমান কৰি ৰাখিব যাতে টেবুলৰ ওপৰত দীঘল খুটি ৰৈ নাযায়। জনম পাতৰ ওপৰত ৭-৮ দিনৰ ব্যৱধানত পাত তুলিব লাগে। • এই সময়ত Black rot , Red rust, Fusarium আদি বেমাৰ বিশেষ ভাবে দেখা যায়। এই বেমাৰ বোৰৰ নিয়ন্ত্ৰণৰ বাবে প্ৰতিৰোধমূলক ব্যৱস্থা লব । ৰোগ নিয়ন্ত্ৰণৰ বাবে প্ৰয়োগ কৰিব লগা সকলো ৰাসায়নিক পদাৰ্থ নিম্নতম ৬-৭ দিনৰ ব্যৱধান ৰাখি স্প্ৰে কৰিব লাগিব যাতে পিছত কোনো এম.আৰ.এল. (MRL) সমস্যা নাহে। • UP /MS বাগান বোৰত বান্জী পাত দেখা যাব পাৰে, এই বান্জী পাত বোৰ টৈবুলৰ সমানে তুলিব। কুমলীয়া বান্জী পাত বোৰ Fine হিচাপে লব লাগে। • LP ,DS বাগান বোৰত পাত তোলোতে টেবুল ওখ হবলৈ দিব নালাগে , পাৰিলে যি কেইটা বাগান অহা বছৰত UP ৰখাৰ পৰিকল্পনা আছে সেইবোৰত এতিয়াৰ পৰাই এখিলা পাতৰ ওপৰত STEP UP প্লাকিং কৰিলে অহা বছৰত পাতৰ উৎপাদন বেছি হব । অন্যান্য শস্যৰ বাবে: • দেৰিকৈ কৰা মূলাৰ কিছুমান জাত যেনে-Bombay Red, Jaunpuri আদি বীজ সিঁচা কার্য্যৰ বাবে সংগ্ৰহ কৰিব পাৰে। বীজ সিঁচাৰ উপযুক্ত সময় অক্টোবৰ মাহৰ পৰা নবেম্বৰ মাহৰ ভিতৰত। বীজবোৰ সাৰিৰ মাজত ২০ ছে: মি: ব্যাবধান ৰাখি সিঁচিব লাগে । • পাচলি বাগিছাত অতিৰিক্ত পানী উলিয়াবলৈ বাগিচাবোৰত প্ৰয়োজনীয় ব্যৱধানত সৰু নলাৰ ব্যৱস্থা কৰিব। • প্ৰতিকূল বতৰৰ প্ৰতি লক্ষ্য ৰাখি কৃষক ৰাইজে পথাৰৰ পৰা পূৰঠ ফল-মূল আৰু পাচলিসমূহ চপাই সঠিক স্থানত ৰাখিব যাতে বৰষুণৰ পৰা সুৰক্ষিত থাকে। বতৰ আৰু কৃষি সম্পৰ্কীয় তথ্যৰ বিষয়ে জানিবলৈ কৃষকসকলে ৭০৬৫-০০-৫০৫৪ নম্বৰত মিছড কল দিব পাৰে। ধন্যবাদ । Assamese Assam 06-10-2024 10:10:00 SCHEDULED