Message Schedule List : 12,010
| S. No. | Message | Language | Created By | Date | Time | Status | Action |
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| 351 | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Shajapur ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 11 February से 20 February के दौरान दिन में 29 और रात में 14 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। गेंहू की बालियों मे दुध बनने की क्रांतिक अवस्था में सिंचाई अवश्य करें I गेहूं की फसल मे यूरिया का अंतिम सिंचाई अवस्था पर टॉप-ड्रेसिंग द्वारा 20 से 25 किलो प्रति एकड़ के हिसाब से छिड़काव करें I यूरिया के स्थान पर जीवाअमृत का उपयोग करना भी लाभकारी होता है गेंहू की फसल मैं पौधों की उचित बढ़वार एवं विकास के लिए पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। यदि जस्ते (जिंक) की कमी के लक्षण पत्तियों पर दिखाई देते है खड़ी फसल में जस्ते(जिंक) की कमी के लक्षण दिखाई देने पर 0.5 प्रतिशत जिंक सल्फेट के घोल का छिड़काव 10 दिनों के अंतराल पर 2-3 बार करना चाहिए। स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I | Hindi | MP | 11-02-2026 | 10:20:00 | SCHEDULED |
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| 352 | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Raisen ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 11 February से 20 February के दौरान दिन में 29 और रात में 15 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। गेंहू की बालियों मे दुध बनने की क्रांतिक अवस्था में सिंचाई अवश्य करें I गेहूं की फसल मे यूरिया का अंतिम सिंचाई अवस्था पर टॉप-ड्रेसिंग द्वारा 20 से 25 किलो प्रति एकड़ के हिसाब से छिड़काव करें I यूरिया के स्थान पर जीवाअमृत का उपयोग करना भी लाभकारी होता है गेंहू की फसल मैं पौधों की उचित बढ़वार एवं विकास के लिए पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। यदि जस्ते (जिंक) की कमी के लक्षण पत्तियों पर दिखाई देते है खड़ी फसल में जस्ते(जिंक) की कमी के लक्षण दिखाई देने पर 0.5 प्रतिशत जिंक सल्फेट के घोल का छिड़काव 10 दिनों के अंतराल पर 2-3 बार करना चाहिए। स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I | Hindi | MP | 11-02-2026 | 10:20:00 | SCHEDULED |
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| 353 | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, एरिक्सन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Sehore ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 11 February से 20 February के दौरान दिन में 29 और रात में 14 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। गेंहू की बालियों मे दुध बनने की क्रांतिक अवस्था में सिंचाई अवश्य करें I गेहूं की फसल मे यूरिया का अंतिम सिंचाई अवस्था पर टॉप-ड्रेसिंग द्वारा 20 से 25 किलो प्रति एकड़ के हिसाब से छिड़काव करें I यूरिया के स्थान पर जीवाअमृत का उपयोग करना भी लाभकारी होता है गेंहू की फसल मैं पौधों की उचित बढ़वार एवं विकास के लिए पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। यदि जस्ते (जिंक) की कमी के लक्षण पत्तियों पर दिखाई देते है खड़ी फसल में जस्ते(जिंक) की कमी के लक्षण दिखाई देने पर 0.5 प्रतिशत जिंक सल्फेट के घोल का छिड़काव 10 दिनों के अंतराल पर 2-3 बार करना चाहिए। स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I | Hindi | MP | 11-02-2026 | 10:15:00 | SCHEDULED |
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| 354 | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, एरिक्सन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Bhopal ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 11 February से 20 February के दौरान दिन में 29 और रात में 15 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। गेंहू की बालियों मे दुध बनने की क्रांतिक अवस्था में सिंचाई अवश्य करें I गेहूं की फसल मे यूरिया का अंतिम सिंचाई अवस्था पर टॉप-ड्रेसिंग द्वारा 20 से 25 किलो प्रति एकड़ के हिसाब से छिड़काव करें I यूरिया के स्थान पर जीवाअमृत का उपयोग करना भी लाभकारी होता है गेंहू की फसल मैं पौधों की उचित बढ़वार एवं विकास के लिए पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। यदि जस्ते (जिंक) की कमी के लक्षण पत्तियों पर दिखाई देते है खड़ी फसल में जस्ते(जिंक) की कमी के लक्षण दिखाई देने पर 0.5 प्रतिशत जिंक सल्फेट के घोल का छिड़काव 10 दिनों के अंतराल पर 2-3 बार करना चाहिए। स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I | Hindi | MP | 11-02-2026 | 10:10:00 | SCHEDULED |
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| 355 | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, एरिक्सन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Agar ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 11 February से 20 February के दौरान दिन में 28 और रात में 14 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। गेंहू की बालियों मे दुध बनने की क्रांतिक अवस्था में सिंचाई अवश्य करें I गेहूं की फसल मे यूरिया का अंतिम सिंचाई अवस्था पर टॉप-ड्रेसिंग द्वारा 20 से 25 किलो प्रति एकड़ के हिसाब से छिड़काव करें I यूरिया के स्थान पर जीवाअमृत का उपयोग करना भी लाभकारी होता है गेंहू की फसल मैं पौधों की उचित बढ़वार एवं विकास के लिए पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। यदि जस्ते (जिंक) की कमी के लक्षण पत्तियों पर दिखाई देते है खड़ी फसल में जस्ते(जिंक) की कमी के लक्षण दिखाई देने पर 0.5 प्रतिशत जिंक सल्फेट के घोल का छिड़काव 10 दिनों के अंतराल पर 2-3 बार करना चाहिए। स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I | Hindi | MP | 11-02-2026 | 10:06:00 | SCHEDULED |
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| 356 | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, एरिक्सन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Ujjain ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 11 February से 20 February के दौरान दिन में 29 और रात में 14 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। गेंहू की बालियों मे दुध बनने की क्रांतिक अवस्था में सिंचाई अवश्य करें I गेहूं की फसल मे यूरिया का अंतिम सिंचाई अवस्था पर टॉप-ड्रेसिंग द्वारा 20 से 25 किलो प्रति एकड़ के हिसाब से छिड़काव करें I यूरिया के स्थान पर जीवाअमृत का उपयोग करना भी लाभकारी होता है गेंहू की फसल मैं पौधों की उचित बढ़वार एवं विकास के लिए पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। यदि जस्ते (जिंक) की कमी के लक्षण पत्तियों पर दिखाई देते है खड़ी फसल में जस्ते(जिंक) की कमी के लक्षण दिखाई देने पर 0.5 प्रतिशत जिंक सल्फेट के घोल का छिड़काव 10 दिनों के अंतराल पर 2-3 बार करना चाहिए। स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I | Hindi | MP | 11-02-2026 | 10:05:00 | SCHEDULED |
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| 357 | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Mandsaur ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 11 February से 20 February के दौरान दिन में 28 और रात में 15 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। गेंहू की बालियों मे दुध बनने की क्रांतिक अवस्था में सिंचाई अवश्य करें I गेहूं की फसल मे यूरिया का अंतिम सिंचाई अवस्था पर टॉप-ड्रेसिंग द्वारा 20 से 25 किलो प्रति एकड़ के हिसाब से छिड़काव करें I यूरिया के स्थान पर जीवाअमृत का उपयोग करना भी लाभकारी होता है गेंहू की फसल मैं पौधों की उचित बढ़वार एवं विकास के लिए पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। यदि जस्ते (जिंक) की कमी के लक्षण पत्तियों पर दिखाई देते है खड़ी फसल में जस्ते(जिंक) की कमी के लक्षण दिखाई देने पर 0.5 प्रतिशत जिंक सल्फेट के घोल का छिड़काव 10 दिनों के अंतराल पर 2-3 बार करना चाहिए। स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I | Hindi | MP | 11-02-2026 | 10:03:00 | SCHEDULED |
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| 358 | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, एरिक्सन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Dewas ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 11 February से 20 February के दौरान दिन में 29 और रात में 14 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। गेंहू की बालियों मे दुध बनने की क्रांतिक अवस्था में सिंचाई अवश्य करें I गेहूं की फसल मे यूरिया का अंतिम सिंचाई अवस्था पर टॉप-ड्रेसिंग द्वारा 20 से 25 किलो प्रति एकड़ के हिसाब से छिड़काव करें I यूरिया के स्थान पर जीवाअमृत का उपयोग करना भी लाभकारी होता है गेंहू की फसल मैं पौधों की उचित बढ़वार एवं विकास के लिए पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। यदि जस्ते (जिंक) की कमी के लक्षण पत्तियों पर दिखाई देते है खड़ी फसल में जस्ते(जिंक) की कमी के लक्षण दिखाई देने पर 0.5 प्रतिशत जिंक सल्फेट के घोल का छिड़काव 10 दिनों के अंतराल पर 2-3 बार करना चाहिए। स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I | Hindi | MP | 11-02-2026 | 09:52:00 | SCHEDULED |
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| 359 | ନମସ୍କାର କେନ୍ଦ୍ରାପଡା ଜିଲ୍ଲାର ଡେରାବିଶ ବ୍ଲକର ସମସ୍ତ ଚାଷୀଭାଇ ମାନଙ୍କୁ ଭୋଡାଫୋନ ଆଇଡିଆ ସହଯୋଗରେ ସଲିଡାରିଡାଡ ଏବଂ ଶରତ କର & ଅନିମା କର ଫାଉଣ୍ଡେସନର ମିଳିତ ପ୍ରଚେଷ୍ଟାରେ ଚାଲୁଥିବା ଅଭିନବ କୃଷି ପ୍ରକଳ୍ପକୁ ସ୍ଵାଗତ କରାଯାଉଛି । ଆଗାମୀ ୧୦ଫେବୃଆରୀ ରୁ ୧୬ ଫେବୃଆରୀ ମଧ୍ୟରେ ଡେରାବିଶ ବ୍ଲକରେ ବୃଷ୍ଟିପାତର ସମ୍ଭାବନା ନାହିଁ। ଏବଂ ସର୍ବାଧିକ ତାପମାତ୍ରା ୧୭°C-୩୨°C ମଧ୍ୟରେ ରହିବ। ୧. ଶୀତ ଓ ଗରମର ମଧ୍ୟବର୍ତ୍ତୀ ସମୟରେ ଲତାଜାତୀୟ ପନିପରିବା ପାଇଁ ଏହି ସପ୍ତାହ ଏକ ବିପଦ ଜନଙ୍କ ସମୟ। ଏଣୁ ୧୦-୧୫ ଗୋଟି ଭଣ୍ଡା ପତ୍ରକୁ ୨୦ଲି. ପାଣିରେ ରାତ୍ରରେ ଭିଜାଇ ସକାଳକୁ ଚିପୁଟିକି ଛାଣି ସେଥିରେ ୫୦ମି.ଲି. ସାବୁନ ପାଣି ମିଶାଇ ଫସଲରେ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ଏହାଦ୍ୱାରା ପାଉଁସିଆ ରୋଗ ଓ ପତ୍ରକଟା କୀଟ ଙ୍କ ଦମନ ହୋଇଥାଏ। ୨. ପ୍ରତ୍ୟେକ ପରିବା କ୍ଷେତ ଓ ମନ୍ଦାରେ ଜୈବିକ ଛାଦନ କରନ୍ତୁ। ୩. ଫସଲ ବୃଦ୍ଧି ପାଇଁ ସପ୍ତଶସ୍ୟ ର ସରକୁ ୪୦ମି.ଲି. ୧ଲି. ପାଣିରେ ମିଶାଇ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ୪. ପରିବା ଓ ଅନ୍ୟାନ୍ୟ ଗଛରେ ଫୁଲ ଆଣିବା ପାଇଁ ୧୦୦ମି.ଲି.ନଡ଼ିଆ ରସ +ଦହି ୨୫୦ମି.ଲି.+୧୫୦ମି.ଲି.ପାଣି ମିଶାଇ ତାର ମୁହଁକୁ ଏକ କପଡ଼ାରେ ବାନ୍ଧି ୧୦ଦିନ ପାଇଁ ରଖିଦିଅନ୍ତୁ, ପରେ ସେଥିରେ ଦଶ ଗୁଣ ପାଣି ମିଶାଇ ଫସଲରେ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ୫. ଯେକୌଣସି ଫସଲ କରିବା ସମୟରେ ଗୋଟିଏ ପ୍ରକାର ଫସଲ ନକରି ଅତି କମରେ ୩ପ୍ରକାର ଫସଲ ମିଶାଇ କରିବା ଉଚିତ। ୬. ପ୍ରତି ସପ୍ତାହରେ ଜୀବାମୃତ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ ଓ କିଆରୀରେ ହଳଦିଆ ଅଠା ଜନ୍ତା ପୋତନ୍ତୁ। ୭. କୀଟ, ଗାଈ ଗୋରୁ, ମାଙ୍କଡ଼ ଛେଳି ଆଦିଙ୍କ ଦାଉରୁ ଫସଲକୁ ରକ୍ଷା କରିବା ପାଇଁ ଘରୋଇ ଜୈବିକ ଔଷଧ ପ୍ରସ୍ତୁତ କରନ୍ତୁ। (୨ଲି. ଦେଶୀ ଗାଈ ପରିସ୍ରା +୫୦୦ଗ୍ରାମ ନିମପତ୍ର +୨୦୦ଗ୍ରାମ ରସୁଣ )କୁ ନଅ ଦିନ ପାଇଁ ପଚାଇ ଏକ ଲିଟର ପାଣିରେ 30ମି.ଲି. ମିଶାଇ ଫସଲରେ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ଅଧିକ ସୂଚନା ପାଇଁ ଆମ ଟୋଲ ଫ୍ରି ନମ୍ବର ୭୦୬୫୦୦୫୦୫୪ ରେ ମିସ କଲ୍ କରନ୍ତୁ। ଧନ୍ୟବାଦ୍। | Odia | Orissa | 10-02-2026 | 19:20:00 | SCHEDULED |
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| 360 | ନମସ୍କାର କଟକ ଜିଲ୍ଲା ର ମାହାଙ୍ଗା, ଟାଙ୍ଗୀ ଓ ନିଶ୍ଚିନ୍ତକୋଇଲି ବ୍ଲକର ସମସ୍ତ ଚାଷୀଭାଇ ମାନଙ୍କୁ ଭୋଡାଫୋନ ଆଇଡିଆ ସହଯୋଗରେ ସଲିଡାରିଡାଡ ଏବଂ ଶରତ କର & ଅନିମା କର ଫାଉଣ୍ଡେସନର ମିଳିତ ପ୍ରଚେଷ୍ଟାରେ ଚାଲୁଥିବା ଅଭିନବ କୃଷି ପ୍ରକଳ୍ପକୁ ସ୍ଵାଗତ କରାଯାଉଛି । ଆଗାମୀ ୧୦ ଫେବୃଆରୀ ରୁ ୧୬ ଫେବୃଆରୀ ମଧ୍ୟରେ ମାହାଙ୍ଗା, ଟାଙ୍ଗୀ ଓ ନିଶ୍ଚିନ୍ତକୋଇଲି ବ୍ଲକରେ ବୃଷ୍ଟିପାତର ସମ୍ଭାବନା ନାହିଁ। ଏବଂ ସର୍ବତ୍ର ସର୍ବାଧିକ ତାପମାତ୍ରା ୧୭°C-୩୨°C ମଧ୍ୟରେ ରହିବ। ୧. ଶୀତ ଓ ଗରମର ମଧ୍ୟବର୍ତ୍ତୀ ସମୟରେ ଲତାଜାତୀୟ ପନିପରିବା ପାଇଁ ଏହି ସପ୍ତାହ ଏକ ବିପଦ ଜନଙ୍କ ସମୟ। ଏଣୁ ୧୦-୧୫ ଗୋଟି ଭଣ୍ଡା ପତ୍ରକୁ ୨୦ଲି. ପାଣିରେ ରାତ୍ରରେ ଭିଜାଇ ସକାଳକୁ ଚିପୁଟିକି ଛାଣି ସେଥିରେ ୫୦ମି.ଲି. ସାବୁନ ପାଣି ମିଶାଇ ଫସଲରେ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ଏହାଦ୍ୱାରା ପାଉଁସିଆ ରୋଗ ଓ ପତ୍ରକଟା କୀଟ ଙ୍କ ଦମନ ହୋଇଥାଏ। ୨. ପ୍ରତ୍ୟେକ ପରିବା କ୍ଷେତ ଓ ମନ୍ଦାରେ ଜୈବିକ ଛାଦନ କରନ୍ତୁ। ୩. ଫସଲ ବୃଦ୍ଧି ପାଇଁ ସପ୍ତଶସ୍ୟ ର ସରକୁ ୪୦ମି.ଲି. ୧ଲି. ପାଣିରେ ମିଶାଇ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ୪. ପରିବା ଓ ଅନ୍ୟାନ୍ୟ ଗଛରେ ଫୁଲ ଆଣିବା ପାଇଁ ୧୦୦ମି.ଲି.ନଡ଼ିଆ ରସ +ଦହି ୨୫୦ମି.ଲି.+୧୫୦ମି.ଲି.ପାଣି ମିଶାଇ ତାର ମୁହଁକୁ ଏକ କପଡ଼ାରେ ବାନ୍ଧି ୧୦ଦିନ ପାଇଁ ରଖିଦିଅନ୍ତୁ, ପରେ ସେଥିରେ ଦଶ ଗୁଣ ପାଣି ମିଶାଇ ଫସଲରେ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ୫. ଯେକୌଣସି ଫସଲ କରିବା ସମୟରେ ଗୋଟିଏ ପ୍ରକାର ଫସଲ ନକରି ଅତି କମରେ ୩ପ୍ରକାର ଫସଲ ମିଶାଇ କରିବା ଉଚିତ। ୬. ପ୍ରତି ସପ୍ତାହରେ ଜୀବାମୃତ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ ଓ କିଆରୀରେ ହଳଦିଆ ଅଠା ଜନ୍ତା ପୋତନ୍ତୁ। ୭. କୀଟ, ଗାଈ ଗୋରୁ, ମାଙ୍କଡ଼ ଛେଳି ଆଦିଙ୍କ ଦାଉରୁ ଫସଲକୁ ରକ୍ଷା କରିବା ପାଇଁ ଘରୋଇ ଜୈବିକ ଔଷଧ ପ୍ରସ୍ତୁତ କରନ୍ତୁ। (୨ଲି. ଦେଶୀ ଗାଈ ପରିସ୍ରା +୫୦୦ଗ୍ରାମ ନିମପତ୍ର +୨୦୦ଗ୍ରାମ ରସୁଣ )କୁ ନଅ ଦିନ ପାଇଁ ପଚାଇ ଏକ ଲିଟର ପାଣିରେ 30ମି.ଲି. ମିଶାଇ ଫସଲରେ ସିଞ୍ଚନ କରନ୍ତୁ। ଅଧିକ ସୂଚନା ପାଇଁ ଆମ ଟୋଲ ଫ୍ରି ନମ୍ବର ୭୦୬୫୦୦୫୦୫୪ ରେ ମିସ କଲ୍ କରନ୍ତୁ। ଧନ୍ୟବାଦ୍। | Odia | Orissa | 10-02-2026 | 18:55:00 | SCHEDULED |
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