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361 वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, एरिक्सन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Ujjain ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 29th June - 8th July के दौरान दिन में 32 और रात में 24 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। पिछले सप्ताह 114.2 mm बारिश दर्ज हुई है। जून माह से अबतक कुल 143.6mm बारिश दर्ज हुई है। आगामी सप्ताह मे 50-90% बारिश होने की संभावना हे। आगामी सप्ताह मे मानसून की बारिश होने की संभावना है I न्यूनतम 100 मिलीमीटर बारिश होने पर ही सोयाबीन की बुवाई करें I सोयाबीन के फसल में अनुशंसित रसायनिक उर्वरकों की संतुलित मात्रा खेत में अंतिम जुताई से पूर्व डालकर भली भाँति मिट्टी में मिला देंवे I जैव उर्वरक एवं जैविक खाद अधिक से अधिक उपयोग करे I कार्बनिक खादों के अतिरिक्त सोयाबीन फसल के लिए आवश्यक पोषकतत्वों ( 25:60:40:20 कि.ग्रा/हे. नाइट्रोजन ,फॉस्फोरस ,पोटाश व सल्फर) का प्रयोग बोवनी के समय करें। I उर्वरकों की मात्रा का मृदा जॉंच के परिणाम के विश्लेषण के आधार पर समायोजन करें I बीज के साथ उर्वरक मिलाकर बोवनी कदापि न करें I सोयाबीन की बुवाई लाइनों 45 X 5 सेन्टीमीटर की दूरी में करना चाहिए I स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I Hindi MP 29-06-2026 16:52:00 SCHEDULED
362 वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Mandsaur ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 29th June - 8th July के दौरान दिन में 32 और रात में 25 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। पिछले सप्ताह 92.6 mm बारिश दर्ज हुई है। जून माह से अबतक कुल 110mm बारिश दर्ज हुई है। आगामी सप्ताह मे 30-85% बारिश होने की संभावना हे। आगामी सप्ताह मे मानसून की बारिश होने की संभावना है I न्यूनतम 100 मिलीमीटर बारिश होने पर ही सोयाबीन की बुवाई करें I सोयाबीन के फसल में अनुशंसित रसायनिक उर्वरकों की संतुलित मात्रा खेत में अंतिम जुताई से पूर्व डालकर भली भाँति मिट्टी में मिला देंवे I जैव उर्वरक एवं जैविक खाद अधिक से अधिक उपयोग करे I कार्बनिक खादों के अतिरिक्त सोयाबीन फसल के लिए आवश्यक पोषकतत्वों ( 25:60:40:20 कि.ग्रा/हे. नाइट्रोजन ,फॉस्फोरस ,पोटाश व सल्फर) का प्रयोग बोवनी के समय करें। I उर्वरकों की मात्रा का मृदा जॉंच के परिणाम के विश्लेषण के आधार पर समायोजन करें I बीज के साथ उर्वरक मिलाकर बोवनी कदापि न करें I सोयाबीन की बुवाई लाइनों 45 X 5 सेन्टीमीटर की दूरी में करना चाहिए I स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I Hindi MP 29-06-2026 16:50:00 SCHEDULED
363 वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, एरिक्सन एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Dewas ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 29th June - 8th July के दौरान दिन में 31 और रात में 23 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। पिछले सप्ताह 110.2 mm बारिश दर्ज हुई है। जून माह से अबतक कुल 147.4mm बारिश दर्ज हुई है। आगामी सप्ताह मे 70-95% बारिश होने की संभावना हे। आगामी सप्ताह मे मानसून की बारिश होने की संभावना है I न्यूनतम 100 मिलीमीटर बारिश होने पर ही सोयाबीन की बुवाई करें I सोयाबीन के फसल में अनुशंसित रसायनिक उर्वरकों की संतुलित मात्रा खेत में अंतिम जुताई से पूर्व डालकर भली भाँति मिट्टी में मिला देंवे I जैव उर्वरक एवं जैविक खाद अधिक से अधिक उपयोग करे I कार्बनिक खादों के अतिरिक्त सोयाबीन फसल के लिए आवश्यक पोषकतत्वों ( 25:60:40:20 कि.ग्रा/हे. नाइट्रोजन ,फॉस्फोरस ,पोटाश व सल्फर) का प्रयोग बोवनी के समय करें। I उर्वरकों की मात्रा का मृदा जॉंच के परिणाम के विश्लेषण के आधार पर समायोजन करें I बीज के साथ उर्वरक मिलाकर बोवनी कदापि न करें I सोयाबीन की बुवाई लाइनों 45 X 5 सेन्टीमीटर की दूरी में करना चाहिए I स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I Hindi MP 29-06-2026 16:45:00 SCHEDULED
364 प्रिय किसान साथियों,वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं सोलिडेरीडाड संस्था द्वारा संचालित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है किसानों के लिए समसामयिक सलाह एडवांस वेदर स्टेशन के अनुसार जून माह की 28 तारीखों से 7 जुलाई के दौरान तापमान में कमी आद्रता में बढ़ोतरी होगी । तथा इस सप्ताह वर्षा की संभावना है ।इन दिनों में दिन का अधिकतम तापमान 34-40 डिग्री सेल्सियस तथा रात का अधिकतम तापमान 27-30 डिग्री सेल्सियस तक रहने की सम्भावना रहेगी। दक्षिण पश्चिम तथा कभी पूर्व की दिशा से 2-16 किलोमीटर प्रति घंटा की दर से हवाएं चलेंगी बढ़ती हुई वायुमंडलीय आर्द्रता की वजह से जमीन से नमी के वाष्प बनकर हवा में उड़ने की दर में कमी आयेगी। जो कि 5-6 मिली प्रति दिन के लगभग होगी। गर्म तथा आर्द्र मौसम में चोटी बेंधक व लाल सड़न की कार्यशीलता में वृद्धि होगी ।अतःइस प्रकार के मौसम में अपने गन्ने के खेतों में निम्न कृषि कार्य अवश्य करें। 1.कीट व बीमारी प्रबंधन:- चोटी बेंधक लाईट ट्रैप व फेरोमेन ट्रैप लगाकर प्रयोग करें 150 एम एल/एकड़ की दर से नत्रजन/ कोराजन/सिपट्राल को 400 लीटर पानी में घोलकर जड़ों के पास ड्रेचिग करें इसके तुरंत बाद हल्की सिंचाई करें । 2.सफेद गिडार:- लाईट ट्रैप एवम फेरोमोन ट्रेप को लगाकर बीटल को पकड़ कर नष्ट करें 2 किलोग्राम की दर से व्यूवेरिया बेसियाना को 2-3 कुन्तल गोबर की खाद में मिलाकर जड़ों के पास उपयोग करें। 3.थिप्स :-इस कीट के प्रकोप से पत्तियों का ऊपरी हिस्सा अंदर की तरफ मुड़कर गोल हो जाता है इसकी रोकथाम के लिए 200 एम एल ईमडा दवाई को 200 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें । 4.वेब माइट:- यदि वर्षा ना हो तब 1.5 एम एल प्रति लीटर पानी में घोलकर स्प्रे करें । 5.लाल सड़न:- प्रभावित गाठो को जड़ से उखाड़ कर खेत के बाहर ले जाकर नष्ट करें उखाड़े गए स्थान पर ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करें उस खेत का पानी दूसरे खेतों में न जाने दें । 6.सिचाई :-किसान साथियों वर्षा की सम्भावना को ध्यान में रखते हुए नालियों में हल्की सिंचाई करें ।जल निकासी की व्यवस्था करें ताकि जड़ों को नुकसान न हो। 7.उर्वरक प्रबंधन:- बसन्तकालीन गन्ने में 50 किलोग्राम यूरिया तथा 50 किलोग्राम पोटाश मिलाकर जडो के पास डाल कर भारी मात्रा में मिट्टी चढ़ायें। 8.खरपतवार नियन्त्रण :- सभी प्रकार के गन्नों में मुख्यतः देर से बोये तथा काटे गये गन्ने में खरपतवार नियन्त्रण के लिए नियमित हल चलायें। खेती-बाड़ी से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए किसान भाई 7065 00 5054 पर मिस्ड कॉल करें और उपयोगी सलाह प्राप्त करें । Hindi Uttar Pradesh 27-06-2026 10:16:00 SCHEDULED
365 VIL-Adilabad-Bela-24-06-2026-రైతు సోదరులారా నమస్కారం... సాలిడారిటీడాడ్ మరియు వోడాఫోన్ ఐడియా ఫౌండేషన్ వారి స్మార్ట్ అగ్రి కార్యక్రమానికి మీకు స్వాగతం. ఆదిలాబాద్‌లోని బేలాలో ఉన్న ఆటోమేటెడ్ వాతావరణ కేంద్రం ప్రకారం, 2026 జూన్ 24 నుండి 2026 జూలై 4 వరకు కనిష్ట ఉష్ణోగ్రత 25 నుండి 27 డిగ్రీల సెల్సియస్ మధ్య, గరిష్ట ఉష్ణోగ్రత 29 నుండి 35 డిగ్రీల సెల్సియస్ మధ్య ఉండే అవకాశం ఉంది. ఈ కాలంలో వాతావరణం మేఘావృతమై ఉండి, వర్షం కురిసే అవకాశం ఉంది. వాతావరణ మార్పులకు అనుగుణంగా వ్యవసాయం (వాతావరణ మార్పులను తట్టుకునే వ్యవసాయం) కోసం ఈ క్రింది అంశాలను పరిగణనలోకి తీసుకోవాలి. రైతులకు సూచనలు:- 75 మిల్లీలీటర్ల వర్షం పడితే రెండు మూడు రోజులలో వరుసగా సోయాబీన్స్, 100 మిల్లీలీటర్ల వర్షం పడితే పత్తి విత్తనాలు విత్తాలి. లేకపోతే, విత్తనాలు విత్తడంలో తొందరపడకూడదు. విత్తనాలు విత్తే ముందు, అన్ని విత్తనాల (ముఖ్యంగా సోయాబీన్స్) మొలకెత్తే సామర్థ్యాన్ని ఇంట్లోనే తనిఖీ చేసుకోవాలి. విత్తనాల మొలకెత్తే సామర్థ్యం 70 నుండి 80 శాతం మధ్య ఉంటే, ఆ విత్తనాలను విత్తడానికి ఉపయోగించాలి. మొలకెత్తే సామర్థ్యం 60% వరకు ఉంటే, విత్తనాల పరిమాణాన్ని పెంచాలి. దీనివల్ల హెక్టారుకు సరైన సంఖ్యలో చెట్లు ఉండేలా చూసి, మంచి ఉత్పత్తిని సాధించవచ్చు. రాబోయే ఖరీఫ్ సీజన్‌లో, బిటి, మెరుగైన మరియు స్ట్రెయిట్ రకాలు, సేంద్రియ మరియు రసాయన ఎరువులు, మరియు ఉద్యానవన పత్తితో పాటు ఇతర పంటలను కూడా బిందు సేద్యం పద్ధతిలో పండించాలంటే, బిందు సేద్య వ్యవస్థ మరియు ఇతర అవసరమైన సామగ్రిని ప్రణాళిక చేసుకోవాలి. పత్తి పంట కోసం విత్తే ముందు విత్తనాలను కిలోకు 25 గ్రాముల చొప్పున అజటోబాక్టర్ మరియు పి.ఎస్.బి.తో, ​​మరియు 4 గ్రాముల చొప్పున ట్రైకోడెర్మాతో శుద్ధి చేయాలి. సోయాబీన్ పంట కోసం విత్తే ముందు విత్తనాలను కిలోకు 25 గ్రాముల చొప్పున రైజోబియంతో శుద్ధి చేయాలి. పత్తి మరియు సోయాబీన్ పంటలలో రసం పీల్చే కీటకాలు మరియు ఆకుదోమల ప్రాథమిక నియంత్రణ కోసం వేప మరియు దశాపర్ణి సారాలను ముందుగానే తయారు చేసుకోవాలి. రైతులు పత్తి పంటలో పెసలు, మినుములు లేదా చావలిని అంతరపంటలుగా వేయాలి, తద్వారా రసం పీల్చే ప్రధాన కీటకాలను నియంత్రించవచ్చు. పత్తి పంటలో పచ్చ కాయతొలుచు పురుగు, పొగాకు రసం తినే పురుగు, ఒంటె పురుగు మరియు గులాబీ కాయతొలుచు పురుగుల సమగ్ర నివారణ కోసం, పంట సరిహద్దు చుట్టూ బంతి, ఆముదం లేదా అవిసెను ఉచ్చు పంటగా వేయాలి. మీ సందేహాలను పరిష్కరించుకోవడానికి, సాలిడారిటీ స్మార్ట్ అగ్రి ప్రోగ్రామ్‌లో మమ్మల్ని సంప్రదించండి, మొబైల్ నంబర్ 7798008855. ధన్యవాదాలు! ఈ సమాచారాన్ని మళ్లీ వినడానికి సున్నా నొక్కండి. Telugu Telangana 24-06-2026 08:30:00 SCHEDULED
366 VIL-Adilabad-Jainad-24-06-2026-రైతు సోదరులారా నమస్కారం... సాలిడారిటీడాడ్ మరియు వోడాఫోన్ ఐడియా ఫౌండేషన్ వారి స్మార్ట్ అగ్రి కార్యక్రమానికి మీకు స్వాగతం. ఆదిలాబాద్‌లోని జైనాద్‌లో ఉన్న ఆటోమేటెడ్ వాతావరణ కేంద్రం ప్రకారం, జూన్ 24, 2026 నుండి జూలై 4, 2026 వరకు కనిష్ట ఉష్ణోగ్రత 25 నుండి 28 డిగ్రీల సెల్సియస్ మధ్య, గరిష్ట ఉష్ణోగ్రత 29 నుండి 36 డిగ్రీల సెల్సియస్ మధ్య ఉండే అవకాశం ఉంది. ఈ కాలంలో వాతావరణం మేఘావృతమై ఉండి, వర్షం కురిసే అవకాశం ఉంది. వాతావరణ మార్పులకు అనుగుణంగా వ్యవసాయం (వాతావరణ మార్పులను తట్టుకునే వ్యవసాయం) కోసం ఈ క్రింది అంశాలను పరిగణనలోకి తీసుకోవాలి. రైతులకు సూచనలు:- 75 మిల్లీలీటర్ల వర్షం పడితే రెండు మూడు రోజులలో వరుసగా సోయాబీన్స్, 100 మిల్లీలీటర్ల వర్షం పడితే పత్తి విత్తనాలు విత్తాలి. లేకపోతే, విత్తనాలు విత్తడంలో తొందరపడకూడదు. విత్తనాలు విత్తే ముందు, అన్ని విత్తనాల (ముఖ్యంగా సోయాబీన్స్) మొలకెత్తే సామర్థ్యాన్ని ఇంట్లోనే తనిఖీ చేసుకోవాలి. విత్తనాల మొలకెత్తే సామర్థ్యం 70 నుండి 80 శాతం మధ్య ఉంటే, ఆ విత్తనాలను విత్తడానికి ఉపయోగించాలి. మొలకెత్తే సామర్థ్యం 60% వరకు ఉంటే, విత్తనాల పరిమాణాన్ని పెంచాలి. దీనివల్ల హెక్టారుకు సరైన సంఖ్యలో చెట్లు ఉండేలా చూసి, మంచి ఉత్పత్తిని సాధించవచ్చు. రాబోయే ఖరీఫ్ సీజన్‌లో, బిటి, మెరుగైన మరియు స్ట్రెయిట్ రకాలు, సేంద్రియ మరియు రసాయన ఎరువులు, మరియు ఉద్యానవన పత్తితో పాటు ఇతర పంటలను కూడా బిందు సేద్యం పద్ధతిలో పండించాలంటే, బిందు సేద్య వ్యవస్థ మరియు ఇతర అవసరమైన సామగ్రిని ప్రణాళిక చేసుకోవాలి. పత్తి పంట కోసం విత్తే ముందు విత్తనాలను కిలోకు 25 గ్రాముల చొప్పున అజటోబాక్టర్ మరియు పి.ఎస్.బి.తో, ​​మరియు 4 గ్రాముల చొప్పున ట్రైకోడెర్మాతో శుద్ధి చేయాలి. సోయాబీన్ పంట కోసం విత్తే ముందు విత్తనాలను కిలోకు 25 గ్రాముల చొప్పున రైజోబియంతో శుద్ధి చేయాలి. పత్తి మరియు సోయాబీన్ పంటలలో రసం పీల్చే కీటకాలు మరియు ఆకుదోమల ప్రాథమిక నియంత్రణ కోసం వేప మరియు దశాపర్ణి సారాలను ముందుగానే తయారు చేసుకోవాలి. రైతులు పత్తి పంటలో పెసలు, మినుములు లేదా చావలిని అంతరపంటలుగా వేయాలి, తద్వారా రసం పీల్చే ప్రధాన కీటకాలను నియంత్రించవచ్చు. పత్తి పంటలో పచ్చ కాయతొలుచు పురుగు, పొగాకు రసం తినే పురుగు, ఒంటె పురుగు మరియు గులాబీ కాయతొలుచు పురుగుల సమగ్ర నివారణ కోసం, పంట సరిహద్దు చుట్టూ బంతి, ఆముదం లేదా అవిసెను ఉచ్చు పంటగా వేయాలి. మీ సందేహాలను పరిష్కరించుకోవడానికి, సాలిడారిటీ స్మార్ట్ అగ్రి ప్రోగ్రామ్‌లో మమ్మల్ని సంప్రదించండి, మొబైల్ నంబర్ 7798008855. ధన్యవాదాలు! ఈ సమాచారాన్ని మళ్లీ వినడానికి సున్నా నొక్కండి. Telugu Telangana 24-06-2026 08:30:00 SCHEDULED
367 नमस्कार शेतकरी बंधूंनो...सॉलिडरीडॅड, वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन आणि एरिक्सन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. नेर तालुक्यातील मोझर येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे दिनांक २४ जून २०२६ ते दिनांक ४ जुलै २०२६ दरम्यानचा हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान २६ ते २८ अंश सेल्सियस तर कमाल ३० ते ३६ अंश सेल्सियस राहण्याची शक्यता आहे. या कालावधीत वातावरण ढगाळ राहून पाऊस पडण्याची शक्यता आहे. वातावरणीय बदलास अनुसरून शेती (Climate Resilient Agriculture) करण्यास खालील बाबींचा विचार करावा. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:- शेतकरी बंधूंनी सलग दोन ते तीन दिवसात ७५ मिली. पाऊस झाल्यास सोयाबीनची व १०० मिली. पाऊस झाल्यास कापूस पिकाची पेरणी करावी अन्यथा पेरणीची घाई करू नये. पेरणीपूर्व सर्व बियाण्यांची (विशेषत:सोयाबीनची) उगवणशक्ती घरीच तपासावी. बियाण्यांची उगवण क्षमता ७० ते ८० टक्के पर्यंत असल्यास पेरणीसाठी बियाणे वापरावे. ६०% पर्यंत उगवण क्षमता असल्यास बियाण्याची मात्रा वाढवावी. यामुळे हेक्टरी झाडांची योग्य संख्या राहून चांगले उत्पादन मिळते. येणाऱ्या खरीप हंगामासाठी इतर पीक व कपाशीसाठी लागणारे बीटी तसेच सुधारीत व सरळ वाणाचे बियाणे, सेंद्रिय व रासायनिक खते तसेच बागायती कपाशी ठिंबक सिंचनावर घ्यावयाची असल्यास ठिंबक संचाची मांडणी व इतर लागणारे साहित्याचे नियोजन करावे. पेरणीपूर्व बियाण्यांना कापूस पिकासाठी अझाटोब्याक्टर व पी.एस.बी. प्रत्येकी २५ ग्रॅम व ट्रायकोडर्मा ४ ग्रॅम प्रति किलो ह्याप्रमाणे घेऊन बीजप्रक्रिया करावी. सोयाबीन पिकासाठी रायझोबियम २५ ग्रॅम प्रति किलो ह्याप्रमाणे पेरणीपूर्व बीजप्रक्रिया करावी. कापूस व सोयाबीन पिकातील रसशोषक किडी व अळिवर्गीय किडीच्या प्राथमिक नियंत्रणासाठी निंबोळी व दशपर्णी अर्क अगोदरच तयार करून ठेवावे. शेतकऱ्यांनी कापूस पिकांत आंतरपीक म्हणून मुंग, उडीद किंवा चवळी ह्या पिकांची लागवड करावी त्यामुळे प्राथमिक स्वरूपातील रस शोषक किडींचे नियंत्रण होईल. अळिवर्गीय किडीमध्ये हिरवी बोण्डअळी, तंबाखुची पाणे खाणारी अळी, उंटअळी व गुलाबी बोण्डअळीच्या एकात्मिक व्यवस्थापनासाठी पिकाच्या भोवती बॉर्डरला सापळापीक म्हणून झेंडू, एरंडी किंवा आंबाडी पिकाची लागवड करावी. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा, मोबाईल क्रमांक ९१५८२६१९२२ धन्यवाद! हि माहिती पुन्हा ऐकण्यास शून्य दाबावे. Marathi MH 24-06-2026 08:30:00 SCHEDULED
368 नमस्कार शेतकरी बंधूंनो...सॉलिडरीडॅड, वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन आणि एरिक्सन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. घाटंजी तालुक्यातील मारेगाव येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे दिनांक २४ जून २०२६ ते दिनांक ४ जुलै २०२६ दरम्यानचा हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान २५ ते २७ अंश सेल्सियस तर कमाल २९ ते ३५ अंश सेल्सियस राहण्याची शक्यता आहे. या कालावधीत वातावरण ढगाळ राहून पाऊस पडण्याची शक्यता आहे. वातावरणीय बदलास अनुसरून शेती (Climate Resilient Agriculture) करण्यास खालील बाबींचा विचार करावा. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:- शेतकरी बंधूंनी सलग दोन ते तीन दिवसात ७५ मिली. पाऊस झाल्यास सोयाबीनची व १०० मिली. पाऊस झाल्यास कापूस पिकाची पेरणी करावी अन्यथा पेरणीची घाई करू नये. पेरणीपूर्व सर्व बियाण्यांची (विशेषत:सोयाबीनची) उगवणशक्ती घरीच तपासावी. बियाण्यांची उगवण क्षमता ७० ते ८० टक्के पर्यंत असल्यास पेरणीसाठी बियाणे वापरावे. ६०% पर्यंत उगवण क्षमता असल्यास बियाण्याची मात्रा वाढवावी. यामुळे हेक्टरी झाडांची योग्य संख्या राहून चांगले उत्पादन मिळते. येणाऱ्या खरीप हंगामासाठी इतर पीक व कपाशीसाठी लागणारे बीटी तसेच सुधारीत व सरळ वाणाचे बियाणे, सेंद्रिय व रासायनिक खते तसेच बागायती कपाशी ठिंबक सिंचनावर घ्यावयाची असल्यास ठिंबक संचाची मांडणी व इतर लागणारे साहित्याचे नियोजन करावे. पेरणीपूर्व बियाण्यांना कापूस पिकासाठी अझाटोब्याक्टर व पी.एस.बी. प्रत्येकी २५ ग्रॅम व ट्रायकोडर्मा ४ ग्रॅम प्रति किलो ह्याप्रमाणे घेऊन बीजप्रक्रिया करावी. सोयाबीन पिकासाठी रायझोबियम २५ ग्रॅम प्रति किलो ह्याप्रमाणे पेरणीपूर्व बीजप्रक्रिया करावी. कापूस व सोयाबीन पिकातील रसशोषक किडी व अळिवर्गीय किडीच्या प्राथमिक नियंत्रणासाठी निंबोळी व दशपर्णी अर्क अगोदरच तयार करून ठेवावे. शेतकऱ्यांनी कापूस पिकांत आंतरपीक म्हणून मुंग, उडीद किंवा चवळी ह्या पिकांची लागवड करावी त्यामुळे प्राथमिक स्वरूपातील रस शोषक किडींचे नियंत्रण होईल. अळिवर्गीय किडीमध्ये हिरवी बोण्डअळी, तंबाखुची पाणे खाणारी अळी, उंटअळी व गुलाबी बोण्डअळीच्या एकात्मिक व्यवस्थापनासाठी पिकाच्या भोवती बॉर्डरला सापळापीक म्हणून झेंडू, एरंडी किंवा आंबाडी पिकाची लागवड करावी. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा, मोबाईल क्रमांक ९१५८२६१९२२ धन्यवाद! हि माहिती पुन्हा ऐकण्यास शून्य दाबावे. Marathi MH 24-06-2026 08:30:00 SCHEDULED
369 नमस्कार शेतकरी बंधूंनो...सॉलिडरीडॅड, वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन आणि एरिक्सन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. सावनेर तालुक्यातील मानेगाव येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे दिनांक २४ जून २०२६ ते दिनांक ४ जुलै २०२६ दरम्यानचा हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान २५ ते २८ अंश सेल्सियस तर कमाल २९ ते ३६ अंश सेल्सियस राहण्याची शक्यता आहे. या कालावधीत वातावरण ढगाळ राहून पाऊस पडण्याची शक्यता आहे. वातावरणीय बदलास अनुसरून शेती (Climate Resilient Agriculture) करण्यास खालील बाबींचा विचार करावा. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:- शेतकरी बंधूंनी सलग दोन ते तीन दिवसात ७५ मिली. पाऊस झाल्यास सोयाबीनची व १०० मिली. पाऊस झाल्यास कापूस पिकाची पेरणी करावी अन्यथा पेरणीची घाई करू नये. पेरणीपूर्व सर्व बियाण्यांची (विशेषत:सोयाबीनची) उगवणशक्ती घरीच तपासावी. बियाण्यांची उगवण क्षमता ७० ते ८० टक्के पर्यंत असल्यास पेरणीसाठी बियाणे वापरावे. ६०% पर्यंत उगवण क्षमता असल्यास बियाण्याची मात्रा वाढवावी. यामुळे हेक्टरी झाडांची योग्य संख्या राहून चांगले उत्पादन मिळते. येणाऱ्या खरीप हंगामासाठी इतर पीक व कपाशीसाठी लागणारे बीटी तसेच सुधारीत व सरळ वाणाचे बियाणे, सेंद्रिय व रासायनिक खते तसेच बागायती कपाशी ठिंबक सिंचनावर घ्यावयाची असल्यास ठिंबक संचाची मांडणी व इतर लागणारे साहित्याचे नियोजन करावे. पेरणीपूर्व बियाण्यांना कापूस पिकासाठी अझाटोब्याक्टर व पी.एस.बी. प्रत्येकी २५ ग्रॅम व ट्रायकोडर्मा ४ ग्रॅम प्रति किलो ह्याप्रमाणे घेऊन बीजप्रक्रिया करावी. सोयाबीन पिकासाठी रायझोबियम २५ ग्रॅम प्रति किलो ह्याप्रमाणे पेरणीपूर्व बीजप्रक्रिया करावी. कापूस व सोयाबीन पिकातील रसशोषक किडी व अळिवर्गीय किडीच्या प्राथमिक नियंत्रणासाठी निंबोळी व दशपर्णी अर्क अगोदरच तयार करून ठेवावे. शेतकऱ्यांनी कापूस पिकांत आंतरपीक म्हणून मुंग, उडीद किंवा चवळी ह्या पिकांची लागवड करावी त्यामुळे प्राथमिक स्वरूपातील रस शोषक किडींचे नियंत्रण होईल. अळिवर्गीय किडीमध्ये हिरवी बोण्डअळी, तंबाखुची पाणे खाणारी अळी, उंटअळी व गुलाबी बोण्डअळीच्या एकात्मिक व्यवस्थापनासाठी पिकाच्या भोवती बॉर्डरला सापळापीक म्हणून झेंडू, एरंडी किंवा आंबाडी पिकाची लागवड करावी. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा, मोबाईल क्रमांक ८२०८९१४५९४ धन्यवाद! हि माहिती पुन्हा ऐकण्यास शून्य दाबावे. Marathi MH 24-06-2026 08:30:00 SCHEDULED
370 नमस्कार शेतकरी बंधूंनो...सॉलिडरीडॅड, वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन आणि एरिक्सन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे.धामणगाव तालुक्यातील दाभाडा येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे दिनांक २४ जून २०२६ ते दिनांक ४ जुलै २०२६ दरम्यानचा हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान २६ ते २८ अंश सेल्सियस तर कमाल ३० ते ३६ अंश सेल्सियस राहण्याची शक्यता आहे. या कालावधीत वातावरण ढगाळ राहून पाऊस पडण्याची शक्यता आहे. वातावरणीय बदलास अनुसरून शेती (Climate Resilient Agriculture) करण्यास खालील बाबींचा विचार करावा. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:- शेतकरी बंधूंनी सलग दोन ते तीन दिवसात ७५ मिली. पाऊस झाल्यास सोयाबीनची व १०० मिली. पाऊस झाल्यास कापूस पिकाची पेरणी करावी अन्यथा पेरणीची घाई करू नये. पेरणीपूर्व सर्व बियाण्यांची (विशेषत:सोयाबीनची) उगवणशक्ती घरीच तपासावी. बियाण्यांची उगवण क्षमता ७० ते ८० टक्के पर्यंत असल्यास पेरणीसाठी बियाणे वापरावे. ६०% पर्यंत उगवण क्षमता असल्यास बियाण्याची मात्रा वाढवावी. यामुळे हेक्टरी झाडांची योग्य संख्या राहून चांगले उत्पादन मिळते. येणाऱ्या खरीप हंगामासाठी इतर पीक व कपाशीसाठी लागणारे बीटी तसेच सुधारीत व सरळ वाणाचे बियाणे, सेंद्रिय व रासायनिक खते तसेच बागायती कपाशी ठिंबक सिंचनावर घ्यावयाची असल्यास ठिंबक संचाची मांडणी व इतर लागणारे साहित्याचे नियोजन करावे. पेरणीपूर्व बियाण्यांना कापूस पिकासाठी अझाटोब्याक्टर व पी.एस.बी. प्रत्येकी २५ ग्रॅम व ट्रायकोडर्मा ४ ग्रॅम प्रति किलो ह्याप्रमाणे घेऊन बीजप्रक्रिया करावी. सोयाबीन पिकासाठी रायझोबियम २५ ग्रॅम प्रति किलो ह्याप्रमाणे पेरणीपूर्व बीजप्रक्रिया करावी. कापूस व सोयाबीन पिकातील रसशोषक किडी व अळिवर्गीय किडीच्या प्राथमिक नियंत्रणासाठी निंबोळी व दशपर्णी अर्क अगोदरच तयार करून ठेवावे. शेतकऱ्यांनी कापूस पिकांत आंतरपीक म्हणून मुंग, उडीद किंवा चवळी ह्या पिकांची लागवड करावी त्यामुळे प्राथमिक स्वरूपातील रस शोषक किडींचे नियंत्रण होईल. अळिवर्गीय किडीमध्ये हिरवी बोण्डअळी, तंबाखुची पाणे खाणारी अळी, उंटअळी व गुलाबी बोण्डअळीच्या एकात्मिक व्यवस्थापनासाठी पिकाच्या भोवती बॉर्डरला सापळापीक म्हणून झेंडू, एरंडी किंवा आंबाडी पिकाची लागवड करावी. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा, मोबाईल क्रमांक ९१५८२६१९२२ धन्यवाद! हि माहिती पुन्हा ऐकण्यास शून्य दाबावे. Marathi MH 24-06-2026 08:30:00 SCHEDULED