Message Schedule List : 12,205
| S. No. | Message | Language | Created By | Date | Time | Status | Action |
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| 371 | জিলা: তিনিচুকীয়া ( ষ্টেচন: দৰিয়াভেটি_AWS ) বতৰৰ বতৰা আৰু আমাৰ পৰামৰ্শ (বৈধতাৰ সময়সীমা: ২৬ মাৰ্চৰ পৰা ৫ এপ্ৰিললৈ, ২০২৬) চলিদাৰীডেড ৰ প্রিয় ক্ষুদ্ৰ চাহ খেতিয়ক সকল। ভি আই স্মাৰ্ট কৃষি ( VI Smart Agri) পৰামৰ্শলৈ স্বাগতম। তিনিচুকীয়া জিলাৰ দৰিয়াভেটিত অৱস্থিত স্বয়ংক্ৰিয় বতৰ বিজ্ঞান কেন্দ্ৰৰ (Automatic Weather Station) পৰা পোৱা বতৰৰ আগলি বতৰা অনুযায়ী ২৬ মাৰ্চৰ পৰা ৫ এপ্ৰিললৈ, ২০২৬ বতৰ সাধাৰণতে ডাৱৰীয়াৰ পৰা আংশিকভাৱে ডাৱৰীয়া হৈ থাকিব আৰু লগতে পাতলীয়াৰ পৰা মজলীয়া বৰষুণৰ সম্ভাৱনা আছে। দিনৰ উষ্ণতা প্ৰায় ২২-২৯ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ আৰু নিশাৰ উষ্ণতা প্ৰায় ১৫-২০ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ হব বুলি অনুমান কৰা হৈছে। ৰাতিপুৱা আৰু আবেলিৰ আপেক্ষিক আৰ্দ্ৰতা ক্ৰমান্বয়ে প্ৰায় ৯৫ % আৰু ৭০ % আশে-পাশে থাকিব। বতাহ প্ৰতি ঘন্টাত ৩-১২ কিলোমিটাৰ বেগত উত্তৰ-পূব দিশৰ পৰা প্ৰবাহিত হব। চাহ খেতিৰ বাবে: • এফিড, গ্ৰীন ফ্লাইৰ দৰে পোক যদি চাহ বাগান বোৰত লক্ষ্য কৰা হৈছে, নিয়ন্ত্ৰণ কৰিবলৈ Thiacloprid (Alanto) @২০০ মিলিলিটাৰ ২০০ লিটাৰ পানীত বা Thiamethoxam 25 WG(Actara) @ ৫০ মিলিলিটাৰ ২০০ লিটাৰ পানীত মিহলাই হেণ্ড স্প্ৰেয়াৰৰ সহায়ত স্প্ৰে কৰিব। কৃষকসকলক গছৰ পাতৰ তলপিনে ভিজা কৈ স্প্ৰে কৰিবলৈ পৰামৰ্শ দিয়া হৈছে কাৰণ এই পোক সদায় গছৰ পাতৰ তল পিনে হে থাকে। • যিহেতু অহা কেইদিনমানত বৰষুণৰ সম্ভাৱনা আছে , সেয়েহে বৰষুণ মুক্ত সময়ত স্প্ৰে কৰিব। বৰষুণৰ তীব্ৰতা অতি বেছি হলে ঔষধ স্প্ৰে কৰাৰ পৰা বিৰত থাকিব। • বৰষুণ লাভ কৰাৰ লগে লগে জলাশয়ৰ স্থাপন আৰু গছ উদ্ভিদ ৰোপণ কৰা ব্যৱস্থাৰ ওপৰত গুৰুত্ব দিব লাগে যাতে চাহ বাগানত উপযুক্ত ক্ষুদ্ৰ জলবায়ু বাতাবৰণ সৃষ্টিৰ সুবিধা হয়। • এই সময়ত বাগানৰ ভিতৰত যি বোৰ হাবি বনৰ ফুল ফুলি থকা দেখা যায় সেই সকলোবোৰ গুটি হোৱাৰ আগতে শিপাৰে সৈতে উভালি পেলাই বাহিৰত জমা কৰি পচন সাৰ বনোৱাৰ চেষ্টা কৰিব লাগে। অন্যান্য শস্যৰ বাবে: • জিকা খেতিৰ বাবে ওখ, পানী জমা নোহোৱা পলসুৱা আৰু অধিক জৈৱিক পদাৰ্থ থকা মাটিয়েই উত্তম। কৃষকসকলে জিকাৰ অনুমোদিত জাত যেনে- এ এ ইউ জে-১(AAUJ-1), পুছা নাছদাৰ (Pusa Nasdar) আদিৰ বীজ সংগ্রহ কৰিব পাৰে। বীজ সিঁচাৰ উপযুক্ত সময় হৈছে মাঘ মাহৰ পৰা আৰম্ভ কৰি আহাৰ মাহলৈকে অৰ্থাৎ জানুৱাৰী মাহৰ পৰা জুন মাহৰ লৈকে। • কৃষক সকলে শাক পাচিলৰ পুলি বাৰীখনত যাতে অতিৰিক্ত পানীভাগ ওলাই যাব পাৰে তাৰ বাবে সৰু নলা খান্দি দিয়াৰ ব্যৱস্থা কৰিব। বতৰ আৰু কৃষি সম্পৰ্কীয় তথ্যৰ বিষয়ে জানিবলৈ কৃষকসকলে ৭০৬৫-০০-৫০৫৪ নম্বৰত মিছড কল দিব পাৰে। ধন্যবাদ । | Assamese | Assam | 27-03-2026 | 13:20:00 | SCHEDULED |
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| 372 | জিলা: তিনিচুকীয়া ( ষ্টেচন: ৰূপজান_AWS ) বতৰৰ বতৰা আৰু আমাৰ পৰামৰ্শ (বৈধতাৰ সময়সীমা: ২৬ মাৰ্চৰ পৰা ৫ এপ্ৰিললৈ, ২০২৬) চলিদাৰীডেড ৰ প্রিয় ক্ষুদ্ৰ চাহ খেতিয়ক সকল । ভি আই স্মাৰ্ট কৃষি ( VI Smart Agri) পৰামৰ্শলৈ স্বাগতম। তিনিচুকীয়া জিলাৰ ৰূপজানত অৱস্থিত স্বয়ংক্ৰিয় বতৰ বিজ্ঞান কেন্দ্ৰৰ (Automatic Weather Station) পৰা পোৱা বতৰৰ আগলি বতৰা অনুযায়ী ২৬ মাৰ্চৰ পৰা ৫ এপ্ৰিললৈ, ২০২৬ বতৰ সাধাৰণতে ডাৱৰীয়াৰ পৰা আংশিকভাৱে ডাৱৰীয়া হৈ থাকিব আৰু লগতে পাতলীয়াৰ পৰা মজলীয়া বৰষুণৰ সম্ভাৱনা আছে। দিনৰ উষ্ণতা প্ৰায় ২২-২৯ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ আৰু নিশাৰ উষ্ণতা প্ৰায় ১৫-২০ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ হব বুলি অনুমান কৰা হৈছে। ৰাতিপুৱা আৰু আবেলিৰ আপেক্ষিক আৰ্দ্ৰতা ক্ৰমান্বয়ে প্ৰায় ৯৫ % আৰু ৭০ % আশে-পাশে থাকিব। বতাহ প্ৰতি ঘন্টাত ৩-১২ কিলোমিটাৰ বেগত উত্তৰ-পূব দিশৰ পৰা প্ৰবাহিত হব। চাহ খেতিৰ বাবে: • এফিড, গ্ৰীন ফ্লাইৰ দৰে পোক যদি চাহ বাগান বোৰত লক্ষ্য কৰা হৈছে, নিয়ন্ত্ৰণ কৰিবলৈ Thiacloprid (Alanto) @২০০ মিলিলিটাৰ ২০০ লিটাৰ পানীত বা Thiamethoxam 25 WG(Actara) @ ৫০ মিলিলিটাৰ ২০০ লিটাৰ পানীত মিহলাই হেণ্ড স্প্ৰেয়াৰৰ সহায়ত স্প্ৰে কৰিব। কৃষকসকলক গছৰ পাতৰ তলপিনে ভিজা কৈ স্প্ৰে কৰিবলৈ পৰামৰ্শ দিয়া হৈছে কাৰণ এই পোক সদায় গছৰ পাতৰ তল পিনে হে থাকে। • যিহেতু অহা কেইদিনমানত বৰষুণৰ সম্ভাৱনা আছে , সেয়েহে বৰষুণ মুক্ত সময়ত স্প্ৰে কৰিব। বৰষুণৰ তীব্ৰতা অতি বেছি হলে ঔষধ স্প্ৰে কৰাৰ পৰা বিৰত থাকিব। • বৰষুণ লাভ কৰাৰ লগে লগে জলাশয়ৰ স্থাপন আৰু গছ উদ্ভিদ ৰোপণ কৰা ব্যৱস্থাৰ ওপৰত গুৰুত্ব দিব লাগে যাতে চাহ বাগানত উপযুক্ত ক্ষুদ্ৰ জলবায়ু বাতাবৰণ সৃষ্টিৰ সুবিধা হয়। • এই সময়ত বাগানৰ ভিতৰত যি বোৰ হাবি বনৰ ফুল ফুলি থকা দেখা যায় সেই সকলোবোৰ গুটি হোৱাৰ আগতে শিপাৰে সৈতে উভালি পেলাই বাহিৰত জমা কৰি পচন সাৰ বনোৱাৰ চেষ্টা কৰিব লাগে। অন্যান্য শস্যৰ বাবে: • জিকা খেতিৰ বাবে ওখ, পানী জমা নোহোৱা পলসুৱা আৰু অধিক জৈৱিক পদাৰ্থ থকা মাটিয়েই উত্তম। কৃষকসকলে জিকাৰ অনুমোদিত জাত যেনে- এ এ ইউ জে-১(AAUJ-1), পুছা নাছদাৰ (Pusa Nasdar) আদিৰ বীজ সংগ্রহ কৰিব পাৰে। বীজ সিঁচাৰ উপযুক্ত সময় হৈছে মাঘ মাহৰ পৰা আৰম্ভ কৰি আহাৰ মাহলৈকে অৰ্থাৎ জানুৱাৰী মাহৰ পৰা জুন মাহৰ লৈকে। • কৃষক সকলে শাক পাচিলৰ পুলি বাৰীখনত যাতে অতিৰিক্ত পানীভাগ ওলাই যাব পাৰে তাৰ বাবে সৰু নলা খান্দি দিয়াৰ ব্যৱস্থা কৰিব। বতৰ আৰু কৃষি সম্পৰ্কীয় তথ্যৰ বিষয়ে জানিবলৈ কৃষকসকলে ৭০৬৫-০০-৫০৫৪ নম্বৰত মিছড কল দিব পাৰে। ধন্যবাদ । | Assamese | Assam | 27-03-2026 | 13:20:00 | SCHEDULED |
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| 373 | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Jhalawar ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 22 March - 03 April के दौरान दिन में 36 और रात में 19 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। ग्रीष्मकालीन मूंग फसल की खेती मे नाइट्रोजन की आवश्यकता कम होती है क्योंकि ये फसलें स्वयं वायुमण्डलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करके भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाती हैं। यह कार्य इनकी जड़ों में उपस्थित जीवाणु करते हैं। इससे भूमि में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ जाती है और फसल इसका उपयोग कर अच्छी उपज देती है एवं मिट्टी का स्वास्थ मे भी सुधार होता है गर्मियों में मूंग की खेती हेतु अच्छी गुणवत्ता वाला बीज एवं पीला मोजाइक रोग प्रतिरोधी प्रजाति शिखा-IPM 410-3 या टॉम्बे जवाहर मूंग-3 (T.J.M-3) या विराट-IPM 205-7) का चयन करें एवं अनुसंशित बीज दर 10 से 12 किलो ग्राम बीज प्रति एकड़ रखें I बोवनी के पूर्व अनुशंशित कवकनाशक से व राईजोबियम कल्चर से अवश्य उपचारित करें | स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिये शून्य दबाए I | Hindi | Rajasthan User | 24-03-2026 | 14:40:00 | SCHEDULED |
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| 374 | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Bundi ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 22 March - 03 April के दौरान दिन में 36 और रात में 19 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। ग्रीष्मकालीन मूंग फसल की खेती मे नाइट्रोजन की आवश्यकता कम होती है क्योंकि ये फसलें स्वयं वायुमण्डलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करके भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाती हैं। यह कार्य इनकी जड़ों में उपस्थित जीवाणु करते हैं। इससे भूमि में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ जाती है और फसल इसका उपयोग कर अच्छी उपज देती है एवं मिट्टी का स्वास्थ मे भी सुधार होता है गर्मियों में मूंग की खेती हेतु अच्छी गुणवत्ता वाला बीज एवं पीला मोजाइक रोग प्रतिरोधी प्रजाति शिखा-IPM 410-3 या टॉम्बे जवाहर मूंग-3 (T.J.M-3) या विराट-IPM 205-7) का चयन करें एवं अनुसंशित बीज दर 10 से 12 किलो ग्राम बीज प्रति एकड़ रखें I बोवनी के पूर्व अनुशंशित कवकनाशक से व राईजोबियम कल्चर से अवश्य उपचारित करें | स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिये शून्य दबाए I | Hindi | Rajasthan User | 24-03-2026 | 14:30:00 | SCHEDULED |
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| 375 | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Baran ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 22 March - 03 April के दौरान दिन में 35 और रात में 20 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। ग्रीष्मकालीन मूंग फसल की खेती मे नाइट्रोजन की आवश्यकता कम होती है क्योंकि ये फसलें स्वयं वायुमण्डलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करके भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाती हैं। यह कार्य इनकी जड़ों में उपस्थित जीवाणु करते हैं। इससे भूमि में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ जाती है और फसल इसका उपयोग कर अच्छी उपज देती है एवं मिट्टी का स्वास्थ मे भी सुधार होता है गर्मियों में मूंग की खेती हेतु अच्छी गुणवत्ता वाला बीज एवं पीला मोजाइक रोग प्रतिरोधी प्रजाति शिखा-IPM 410-3 या टॉम्बे जवाहर मूंग-3 (T.J.M-3) या विराट-IPM 205-7) का चयन करें एवं अनुसंशित बीज दर 10 से 12 किलो ग्राम बीज प्रति एकड़ रखें I बोवनी के पूर्व अनुशंशित कवकनाशक से व राईजोबियम कल्चर से अवश्य उपचारित करें | स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिये शून्य दबाए I | Hindi | Rajasthan User | 24-03-2026 | 14:25:00 | SCHEDULED |
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| 376 | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Kota ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 22 March - 03 April के दौरान दिन में 35 और रात में 20 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। ग्रीष्मकालीन मूंग फसल की खेती मे नाइट्रोजन की आवश्यकता कम होती है क्योंकि ये फसलें स्वयं वायुमण्डलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करके भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाती हैं। यह कार्य इनकी जड़ों में उपस्थित जीवाणु करते हैं। इससे भूमि में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ जाती है और फसल इसका उपयोग कर अच्छी उपज देती है एवं मिट्टी का स्वास्थ मे भी सुधार होता है गर्मियों में मूंग की खेती हेतु अच्छी गुणवत्ता वाला बीज एवं पीला मोजाइक रोग प्रतिरोधी प्रजाति शिखा-IPM 410-3 या टॉम्बे जवाहर मूंग-3 (T.J.M-3) या विराट-IPM 205-7) का चयन करें एवं अनुसंशित बीज दर 10 से 12 किलो ग्राम बीज प्रति एकड़ रखें I बोवनी के पूर्व अनुशंशित कवकनाशक से व राईजोबियम कल्चर से अवश्य उपचारित करें | स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिये शून्य दबाए I | Hindi | Rajasthan User | 24-03-2026 | 14:15:00 | SCHEDULED |
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| 377 | वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन, एवं Solidaridad द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, जिला Tonk ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 22 March - 03 April के दौरान दिन में 35 और रात में 21 डिग्री सेल्सियस ताप क्रम रहने का अनुमान है। ग्रीष्मकालीन मूंग फसल की खेती मे नाइट्रोजन की आवश्यकता कम होती है क्योंकि ये फसलें स्वयं वायुमण्डलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करके भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाती हैं। यह कार्य इनकी जड़ों में उपस्थित जीवाणु करते हैं। इससे भूमि में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ जाती है और फसल इसका उपयोग कर अच्छी उपज देती है एवं मिट्टी का स्वास्थ मे भी सुधार होता है गर्मियों में मूंग की खेती हेतु अच्छी गुणवत्ता वाला बीज एवं पीला मोजाइक रोग प्रतिरोधी प्रजाति शिखा-IPM 410-3 या टॉम्बे जवाहर मूंग-3 (T.J.M-3) या विराट-IPM 205-7) का चयन करें एवं अनुसंशित बीज दर 10 से 12 किलो ग्राम बीज प्रति एकड़ रखें I बोवनी के पूर्व अनुशंशित कवकनाशक से व राईजोबियम कल्चर से अवश्य उपचारित करें | स्मार्ट अग्री कार्यक्रम के माध्यम से जलवायु -अनुकूल टिकाऊ खेती को अपनाना है। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिये शून्य दबाए I | Hindi | Rajasthan User | 24-03-2026 | 14:10:00 | SCHEDULED |
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| 378 | Amravati(2)-नमस्कार शेतकरी बंधूंनो...सॉलिडरीडॅड, वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन आणि Ericsson यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. धामणगांव तालुक्यातील दाभाडा येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे दिनांक २४ मार्च २०२६ ते दिनांक ०३ एप्रिल २०२६ दरम्यानचा हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान २३ ते २६ अंश सेल्सियस तर कमाल ३७ ते ४० अंश सेल्सियस एवढे राहील. तसेच दिनांक २७ मार्च ते दिनांक २९ मार्च २०२६ व दिनांक ३ व ४ एप्रिल २०२६ वगळता इतर दिवशी वातावरण अंशतः ढगाळ राहण्याची शक्यता आहे. वातावरणीय बदलास अनुसरून शेती (Climate Resilient Agriculture) करण्यास खालील बाबींचा विचार करावा. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:- शेतकऱ्यांनी परिपक्व अवस्थेतील गहू व इतर रब्बी हंगामातील पिकाची कापणी व मळणी प्राधान्याने उरकून घ्यावी. कापणी केलेला शेतमाल कोरड्या व सुरसुक्षित ठिकाणी साठवावा. शेतकऱ्यांनी गहू पिकाची काढणी झाल्यानंतर पिकांचे धसकटे जाळू नये त्यामुळे जमिनीतील सेंद्रिय कर्ब व सूक्ष्म जिवाणूंचा ऱ्हास होतो, त्याऐवजी शेतकऱ्यांनी पुढील हंगामासाठी जमीन तयार करण्याच्या वेळी ते जमिनीतच पुरवावे कारण त्यात सिलिकॉन हे अन्नद्रव्य मुबलक प्रमाणात असते व त्याचा फायदा पुढील पिकासाठी होतो. हंगामी पिके, फळपिके व भाजीपाला पिकामध्ये आवश्यकता असल्यास ठिबक सिंचन/तुषार सिंचन पद्धतीद्वारे हलके ओलीत करावे तसेच आंतरमशागतीची कामे व उभ्या पिकामध्ये खते देण्याची कामे पुढील 5 ते 6 दिवस सुरु ठेवावीत. सध्या तीळ पीक हे 35-40 दिवसाचे आहे. तरी शेतकऱ्यांनी खताचा दुसरा डोस म्हणून 12.5 किलो नत्र व 25 किलो स्फुरद प्रति हे. द्वावे तसेच 20 किलो/हे. झिंक व सल्फर द्वावे त्यामुळे सूक्ष्म अन्नद्रव्याची कमतरता भासत नाही. आवश्यकते नुसार 2 ते 3 वेळा खुरपणी/कोळपणी करून शेत स्वच्छ ठेवावे. पिकाची सुरुवातीची वाढ हळू होत असल्याने पिक एक महिन्याचे होई पर्यंत शेतात तन होणार नाही याची काळजी घ्यावी. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबाईल क्रमांक ९१५८२६१९२२ धन्यवाद! | Marathi | MH | 24-03-2026 | 08:30:00 | SCHEDULED |
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| 379 | Amravati(1)-नमस्कार शेतकरी बंधूंनो...सॉलिडरीडॅड,वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन आणि Ericsson यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. धामणगांव तालुक्यातील तळेगांव येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे दिनांक २४ मार्च २०२६ ते दिनांक ०३ एप्रिल २०२६ दरम्यानचा हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान २४ ते २६ अंश सेल्सियस तर कमाल ३७ ते ४० अंश सेल्सियस एवढे राहील. तसेच दिनांक २७ मार्च ते दिनांक २९ मार्च २०२६ व दिनांक ३ व ४ एप्रिल २०२६ वगळता इतर दिवशी वातावरण अंशतः ढगाळ राहण्याची शक्यता आहे. वातावरणीय बदलास अनुसरून शेती (Climate Resilient Agriculture) करण्यास खालील बाबींचा विचार करावा. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:- शेतकऱ्यांनी परिपक्व अवस्थेतील गहू व इतर रब्बी हंगामातील पिकाची कापणी व मळणी प्राधान्याने उरकून घ्यावी. कापणी केलेला शेतमाल कोरड्या व सुरसुक्षित ठिकाणी साठवावा. शेतकऱ्यांनी गहू पिकाची काढणी झाल्यानंतर पिकांचे धसकटे जाळू नये त्यामुळे जमिनीतील सेंद्रिय कर्ब व सूक्ष्म जिवाणूंचा ऱ्हास होतो, त्याऐवजी शेतकऱ्यांनी पुढील हंगामासाठी जमीन तयार करण्याच्या वेळी ते जमिनीतच पुरवावे कारण त्यात सिलिकॉन हे अन्नद्रव्य मुबलक प्रमाणात असते व त्याचा फायदा पुढील पिकासाठी होतो. हंगामी पिके, फळपिके व भाजीपाला पिकामध्ये आवश्यकता असल्यास ठिबक सिंचन/तुषार सिंचन पद्धतीद्वारे हलके ओलीत करावे तसेच आंतरमशागतीची कामे, कीड व रोग व्यवस्थापनासाठी कृषी रसायनांची फवारणीची कामे व उभ्या पिकामध्ये खते देण्याची कामे पुढील 5 ते 6 दिवस सुरु ठेवावीत. सध्या तीळ पीक हे 35-40 दिवसाचे आहे. तरी शेतकऱ्यांनी खताचा दुसरा डोस म्हणून 12.5 किलो नत्र व 25 किलो स्फुरद प्रति हे. द्वावे तसेच 20 किलो/हे. झिंक व सल्फर द्वावे त्यामुळे सूक्ष्म अन्नद्रव्याची कमतरता भासत नाही. तीळ पिकाच्या अधिक उत्पन्न वाढीसाठी पीक फुलावर असताना व बोण्डया/शेंगा धरण्याच्या वेळेस 2% DAP ची फवारणी करावी. तीळ पिकास जमिनीच्या मगदुराप्रमाणे 12 ते 15 दिवसाच्या अंतराने ओलीत करावे. ओलीत करताना पिक क्षेत्रामध्ये पाणी साचून राहणार नाही याची दक्षता घ्यावी. आवश्यकते नुसार 2 ते 3 वेळा खुरपणी/कोळपणी करून शेत स्वच्छ ठेवावे. पिकाची सुरुवातीची वाढ हळू होत असल्याने पिक एक महिन्याचे होई पर्यंत शेतात तन होणार नाही याची काळजी घ्यावी. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबाईल क्रमांक 9158261922 धन्यवाद! | Marathi | MH | 24-03-2026 | 08:30:00 | SCHEDULED |
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| 380 | Yavatmal (2)-नमस्कार शेतकरी बंधूंनो...सॉलिडरीडॅड, वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन आणि Ericsson यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. नेर तालुक्यातील मोझर येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे दिनांक २४ मार्च २०२६ ते दिनांक ०३ एप्रिल २०२६ दरम्यानचा हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान २४ ते २७ अंश सेल्सियस तर कमाल ३६ ते ३९ अंश सेल्सियस एवढे राहील. तसेच दिनांक २४ मार्च व दिनांक २६ मार्च २०२६ तसेच दिनांक ३० मार्च ते दिनांक २ एप्रिल २०२६ वगळता इतर दिवशी वातावरण अंशतः ढगाळ राहण्याची शक्यता आहे. वातावरणीय बदलास अनुसरून शेती (Climate Resilient Agriculture) करण्यास खालील बाबींचा विचार करावा. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:- शेतकऱ्यांनी परिपक्व अवस्थेतील गहू व इतर रब्बी हंगामातील पिकाची कापणी व मळणी प्राधान्याने उरकून घ्यावी. कापणी केलेला शेतमाल कोरड्या व सुरसुक्षित ठिकाणी साठवावा. शेतकऱ्यांनी गहू पिकाची काढणी झाल्यानंतर पिकांचे धसकटे जाळू नये त्यामुळे जमिनीतील सेंद्रिय कर्ब व सूक्ष्म जिवाणूंचा ऱ्हास होतो, त्याऐवजी शेतकऱ्यांनी पुढील हंगामासाठी जमीन तयार करण्याच्या वेळी ते जमिनीतच पुरवावे कारण त्यात सिलिकॉन हे अन्नद्रव्य मुबलक प्रमाणात असते व त्याचा फायदा पुढील पिकासाठी होतो. हंगामी पिके, फळपिके व भाजीपाला पिकामध्ये आवश्यकता असल्यास ठिबक सिंचन/तुषार सिंचन पद्धतीद्वारे हलके ओलीत करावे तसेच आंतरमशागतीची कामे व उभ्या पिकामध्ये खते देण्याची कामे पुढील 5 ते 6 दिवस सुरु ठेवावीत. सध्या तीळ पीक हे 35-40 दिवसाचे आहे. तरी शेतकऱ्यांनी खताचा दुसरा डोस म्हणून 12.5 किलो नत्र व 25 किलो स्फुरद प्रति हे. द्वावे तसेच 20 किलो/हे. झिंक व सल्फर द्वावे त्यामुळे सूक्ष्म अन्नद्रव्याची कमतरता भासत नाही. आवश्यकते नुसार 2 ते 3 वेळा खुरपणी/कोळपणी करून शेत स्वच्छ ठेवावे. पिकाची सुरुवातीची वाढ हळू होत असल्याने पिक एक महिन्याचे होई पर्यंत शेतात तन होणार नाही याची काळजी घ्यावी. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबाईल क्रमांक ९१५८२६१९२२ धन्यवाद! | Marathi | MH | 24-03-2026 | 08:30:00 | SCHEDULED |
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