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5731 प्रिय किसान साथियों, 6 जनवरी से 12 जनवरी वाले सप्ताह के दौरान शाहजहांपुर जिले के बावल खेडा क्षेत्र के तापमान में कमी आयेगी I सप्ताह के दौरान दिन का अधिकतम तापमान 19 से 23 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 8 से 11 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI इस सप्ताह के दौरान पूर्व तथा उत्तर दिशा से 1 से 8 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवा चलने की सम्भावना हैI इस सप्ताह के दौरान आसमान में बादल छाए रहेंगे तथा 9 व 10 तारीख को हल्की वर्षा की संभावना है | इस दौरान वायुमंडल में आर्द्रता 48 से 90 प्रतिशत तक रहेगीI गन्ने की खेती में लाल सडन रोग के लिए यह मौसम बहुत अनुकूल हैI जिन गन्नो की ऊपर से तीसरी या चौथी पत्ती पीली पड़ रही हैं या सूख रही हैं, उन पर विशेष ध्यान देंI लाल सडन रोग की पुष्टि होने पर ऐसे पौधों को जड़ से निकाल लें और उन्हें खेत से दूर ले जाकर तीन से चार फूट गहरे गड्ढे में दबा देंI उखाड़े गये स्थान पर ब्लीचिंग पाउडर को भरें और मिट्टी से दबा देंI ऐसे खेतों में 4 किग्रा ट्राईकोडर्मा को 4-5 कुंटल गोबर की सडी खाद में मिला कर खेतो में डालें और हल्की सिंचाई करेंI याद रहे कि लाल सडन रोग से प्रभावित गन्ने के खेतों का पानी दूसरे स्वस्थ गन्ने वाले खेतों में न जाने पाये I बसंतकालीन गन्ने की बुवाई के लिए स्वस्थ गन्ना बीज नर्सरी का ही चयन करे और बुवाई से पहले 4 किलो ट्राईकोडर्मा को 100 किलो गोबर की सड़ी खाद में मिलाकर आखिरी जुताई के साथ खेत में मिला दे | जो किसान भाई गन्ने की पेड़ी लेना चाहते है उनसे यह अनुरोध है कि गन्ने की कटाई जमीन की सतह से करे तथा सूखी पत्तियों को खेतो में फैलाकर वेस्ट डीकम्पोजर का प्रयोग कर हल्की सिचाई करे | गन्ना कटाई के 15 दिन के अंदर 75 किलो ग्राम डी ए पी, 50 किलो ग्राम यूरिया, 50 किलो ग्राम पोटाश को 25 किलो ग्राम माइक्रो न्यूट्रयंट में मिलाकर गन्ने की जड़ो के पास डाले | पेड़ी गन्ने में फुटाव के लिए 20 मिली ईथरल को 200 लीटर पानी में घोल बनाकर जड़ो के पास डाले | इस सप्ताह के दौरान पाला पड़ेगा तथा शीतलहर भी चलेगी ऐसे में किसान साथियों को सलाह दी जाती है कि मौसम को ध्यान में रखते हुए शरदकालीन में बोये गए गन्ने की नालियों में हल्की सिचाई करे | खरपतवार नियंत्रण के लिए नियमित रूप से निराई गुड़ाई अवश्य करते रहे | गन्ने में फुटाव शुरू होने पर 50 किलो ग्राम यूरिया प्रति एकड की दर से गन्ने की जड़ो के पास डाले | खड़े गन्ने को ठंड के प्रभाव से बचाने के लिए किसान भाई खेतो में उचित नमी अवश्य बनाये रखे | जिन किसान साथियों ने सहफसल के रूप में सरसों की बुवाई की है उनसे यह अनुरोध है कि वे सरसों की पत्तियों की छटाई करे तथा सरसों की फसल में फूल आने पर माहू रोग लगने की सम्भावना अधिक हो जाती है ऐसे में किसान भाई 100 मिली मेटासिस्टोक्स को 200 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति एकड की दर से छिडकाव करे तथा पाले से बाचने के लिए उचित नमी बनाये रखे| आलू तथा सरसों की फसल यदि 45 दिन से ऊपर की हो गयी हो तो उसमे 50 किलो ग्राम यूरिया प्रति एकड की दर से जड़ो के पास डाले | ‘स्मार्ट एग्री कार्यक्रम’ की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 05-01-2024 08:01:00 SCHEDULED
5732 प्रिय किसान साथियों, 6 जनवरी से 12 जनवरी वाले सप्ताह के दौरान शाहजहांपुर जिले के मदनपुर क्षेत्र के तापमान में कमी आयेगी I सप्ताह के दौरान दिन का अधिकतम तापमान 19 से 23 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 8 से 11 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI इस सप्ताह के दौरान पूर्व तथा उत्तर दिशा से 1 से 8 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवा चलने की सम्भावना हैI इस सप्ताह के दौरान आसमान में बादल छाए रहेंगे तथा 9 व 10 तारीख को हल्की वर्षा की संभावना है | इस दौरान वायुमंडल में आर्द्रता 48 से 90 प्रतिशत तक रहेगीI गन्ने की खेती में लाल सडन रोग के लिए यह मौसम बहुत अनुकूल हैI जिन गन्नो की ऊपर से तीसरी या चौथी पत्ती पीली पड़ रही हैं या सूख रही हैं, उन पर विशेष ध्यान देंI लाल सडन रोग की पुष्टि होने पर ऐसे पौधों को जड़ से निकाल लें और उन्हें खेत से दूर ले जाकर तीन से चार फूट गहरे गड्ढे में दबा देंI उखाड़े गये स्थान पर ब्लीचिंग पाउडर को भरें और मिट्टी से दबा देंI ऐसे खेतों में 4 किग्रा ट्राईकोडर्मा को 4-5 कुंटल गोबर की सडी खाद में मिला कर खेतो में डालें और हल्की सिंचाई करेंI याद रहे कि लाल सडन रोग से प्रभावित गन्ने के खेतों का पानी दूसरे स्वस्थ गन्ने वाले खेतों में न जाने पाये I बसंतकालीन गन्ने की बुवाई के लिए स्वस्थ गन्ना बीज नर्सरी का ही चयन करे और बुवाई से पहले 4 किलो ट्राईकोडर्मा को 100 किलो गोबर की सड़ी खाद में मिलाकर आखिरी जुताई के साथ खेत में मिला दे | जो किसान भाई गन्ने की पेड़ी लेना चाहते है उनसे यह अनुरोध है कि गन्ने की कटाई जमीन की सतह से करे तथा सूखी पत्तियों को खेतो में फैलाकर वेस्ट डीकम्पोजर का प्रयोग कर हल्की सिचाई करे | गन्ना कटाई के 15 दिन के अंदर 75 किलो ग्राम डी ए पी, 50 किलो ग्राम यूरिया, 50 किलो ग्राम पोटाश को 25 किलो ग्राम माइक्रो न्यूट्रयंट में मिलाकर गन्ने की जड़ो के पास डाले | पेड़ी गन्ने में फुटाव के लिए 20 मिली ईथरल को 200 लीटर पानी में घोल बनाकर जड़ो के पास डाले | इस सप्ताह के दौरान पाला पड़ेगा तथा शीतलहर भी चलेगी ऐसे में किसान साथियों को सलाह दी जाती है कि मौसम को ध्यान में रखते हुए शरदकालीन में बोये गए गन्ने की नालियों में हल्की सिचाई करे | खरपतवार नियंत्रण के लिए नियमित रूप से निराई गुड़ाई अवश्य करते रहे | गन्ने में फुटाव शुरू होने पर 50 किलो ग्राम यूरिया प्रति एकड की दर से गन्ने की जड़ो के पास डाले | खड़े गन्ने को ठंड के प्रभाव से बचाने के लिए किसान भाई खेतो में उचित नमी अवश्य बनाये रखे | जिन किसान साथियों ने सहफसल के रूप में सरसों की बुवाई की है उनसे यह अनुरोध है कि वे सरसों की पत्तियों की छटाई करे तथा सरसों की फसल में फूल आने पर माहू रोग लगने की सम्भावना अधिक हो जाती है ऐसे में किसान भाई 100 मिली मेटासिस्टोक्स को 200 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति एकड की दर से छिडकाव करे तथा पाले से बाचने के लिए उचित नमी बनाये रखे| आलू तथा सरसों की फसल यदि 45 दिन से ऊपर की हो गयी हो तो उसमे 50 किलो ग्राम यूरिया प्रति एकड की दर से जड़ो के पास डाले | ‘स्मार्ट एग्री कार्यक्रम’ की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 05-01-2024 08:00:00 SCHEDULED
5733 प्रिय किसान साथियों, 6 जनवरी से 12 जनवरी वाले सप्ताह के दौरान शाहजहांपुर जिले के पुवाया क्षेत्र के तापमान में कमी आयेगी I सप्ताह के दौरान दिन का अधिकतम तापमान 19 से 23 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 8 से 11 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI इस सप्ताह के दौरान पूर्व तथा उत्तर दिशा से 1 से 8 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवा चलने की सम्भावना हैI इस सप्ताह के दौरान आसमान में बादल छाए रहेंगे तथा 9 व 10 तारीख को हल्की वर्षा की संभावना है | इस दौरान वायुमंडल में आर्द्रता 48 से 90 प्रतिशत तक रहेगीI गन्ने की खेती में लाल सडन रोग के लिए यह मौसम बहुत अनुकूल हैI जिन गन्नो की ऊपर से तीसरी या चौथी पत्ती पीली पड़ रही हैं या सूख रही हैं, उन पर विशेष ध्यान देंI लाल सडन रोग की पुष्टि होने पर ऐसे पौधों को जड़ से निकाल लें और उन्हें खेत से दूर ले जाकर तीन से चार फूट गहरे गड्ढे में दबा देंI उखाड़े गये स्थान पर ब्लीचिंग पाउडर को भरें और मिट्टी से दबा देंI ऐसे खेतों में 4 किग्रा ट्राईकोडर्मा को 4-5 कुंटल गोबर की सडी खाद में मिला कर खेतो में डालें और हल्की सिंचाई करेंI याद रहे कि लाल सडन रोग से प्रभावित गन्ने के खेतों का पानी दूसरे स्वस्थ गन्ने वाले खेतों में न जाने पाये I बसंतकालीन गन्ने की बुवाई के लिए स्वस्थ गन्ना बीज नर्सरी का ही चयन करे और बुवाई से पहले 4 किलो ट्राईकोडर्मा को 100 किलो गोबर की सड़ी खाद में मिलाकर आखिरी जुताई के साथ खेत में मिला दे | जो किसान भाई गन्ने की पेड़ी लेना चाहते है उनसे यह अनुरोध है कि गन्ने की कटाई जमीन की सतह से करे तथा सूखी पत्तियों को खेतो में फैलाकर वेस्ट डीकम्पोजर का प्रयोग कर हल्की सिचाई करे | गन्ना कटाई के 15 दिन के अंदर 75 किलो ग्राम डी ए पी, 50 किलो ग्राम यूरिया, 50 किलो ग्राम पोटाश को 25 किलो ग्राम माइक्रो न्यूट्रयंट में मिलाकर गन्ने की जड़ो के पास डाले | पेड़ी गन्ने में फुटाव के लिए 20 मिली ईथरल को 200 लीटर पानी में घोल बनाकर जड़ो के पास डाले | इस सप्ताह के दौरान पाला पड़ेगा तथा शीतलहर भी चलेगी ऐसे में किसान साथियों को सलाह दी जाती है कि मौसम को ध्यान में रखते हुए शरदकालीन में बोये गए गन्ने की नालियों में हल्की सिचाई करे | खरपतवार नियंत्रण के लिए नियमित रूप से निराई गुड़ाई अवश्य करते रहे | गन्ने में फुटाव शुरू होने पर 50 किलो ग्राम यूरिया प्रति एकड की दर से गन्ने की जड़ो के पास डाले | खड़े गन्ने को ठंड के प्रभाव से बचाने के लिए किसान भाई खेतो में उचित नमी अवश्य बनाये रखे | जिन किसान साथियों ने सहफसल के रूप में सरसों की बुवाई की है उनसे यह अनुरोध है कि वे सरसों की पत्तियों की छटाई करे तथा सरसों की फसल में फूल आने पर माहू रोग लगने की सम्भावना अधिक हो जाती है ऐसे में किसान भाई 100 मिली मेटासिस्टोक्स को 200 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति एकड की दर से छिडकाव करे तथा पाले से बाचने के लिए उचित नमी बनाये रखे| आलू तथा सरसों की फसल यदि 45 दिन से ऊपर की हो गयी हो तो उसमे 50 किलो ग्राम यूरिया प्रति एकड की दर से जड़ो के पास डाले | ‘स्मार्ट एग्री कार्यक्रम’ की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 05-01-2024 08:00:00 SCHEDULED
5734 प्रिय किसान साथियों, 6 जनवरी से 12 जनवरी वाले सप्ताह के दौरान शाहजहांपुर जिले के अल्लागंज क्षेत्र के तापमान में कमी आयेगी I सप्ताह के दौरान दिन का अधिकतम तापमान 19 से 23 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 8 से 11 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI इस सप्ताह के दौरान पूर्व तथा उत्तर दिशा से 1 से 8 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवा चलने की सम्भावना हैI इस सप्ताह के दौरान आसमान में बादल छाए रहेंगे तथा 9 व 10 तारीख को हल्की वर्षा की संभावना है | इस दौरान वायुमंडल में आर्द्रता 48 से 90 प्रतिशत तक रहेगीI गन्ने की खेती में लाल सडन रोग के लिए यह मौसम बहुत अनुकूल हैI जिन गन्नो की ऊपर से तीसरी या चौथी पत्ती पीली पड़ रही हैं या सूख रही हैं, उन पर विशेष ध्यान देंI लाल सडन रोग की पुष्टि होने पर ऐसे पौधों को जड़ से निकाल लें और उन्हें खेत से दूर ले जाकर तीन से चार फूट गहरे गड्ढे में दबा देंI उखाड़े गये स्थान पर ब्लीचिंग पाउडर को भरें और मिट्टी से दबा देंI ऐसे खेतों में 4 किग्रा ट्राईकोडर्मा को 4-5 कुंटल गोबर की सडी खाद में मिला कर खेतो में डालें और हल्की सिंचाई करेंI याद रहे कि लाल सडन रोग से प्रभावित गन्ने के खेतों का पानी दूसरे स्वस्थ गन्ने वाले खेतों में न जाने पाये I बसंतकालीन गन्ने की बुवाई के लिए स्वस्थ गन्ना बीज नर्सरी का ही चयन करे और बुवाई से पहले 4 किलो ट्राईकोडर्मा को 100 किलो गोबर की सड़ी खाद में मिलाकर आखिरी जुताई के साथ खेत में मिला दे | जो किसान भाई गन्ने की पेड़ी लेना चाहते है उनसे यह अनुरोध है कि गन्ने की कटाई जमीन की सतह से करे तथा सूखी पत्तियों को खेतो में फैलाकर वेस्ट डीकम्पोजर का प्रयोग कर हल्की सिचाई करे | गन्ना कटाई के 15 दिन के अंदर 75 किलो ग्राम डी ए पी, 50 किलो ग्राम यूरिया, 50 किलो ग्राम पोटाश को 25 किलो ग्राम माइक्रो न्यूट्रयंट में मिलाकर गन्ने की जड़ो के पास डाले | पेड़ी गन्ने में फुटाव के लिए 20 मिली ईथरल को 200 लीटर पानी में घोल बनाकर जड़ो के पास डाले | इस सप्ताह के दौरान पाला पड़ेगा तथा शीतलहर भी चलेगी ऐसे में किसान साथियों को सलाह दी जाती है कि मौसम को ध्यान में रखते हुए शरदकालीन में बोये गए गन्ने की नालियों में हल्की सिचाई करे | खरपतवार नियंत्रण के लिए नियमित रूप से निराई गुड़ाई अवश्य करते रहे | गन्ने में फुटाव शुरू होने पर 50 किलो ग्राम यूरिया प्रति एकड की दर से गन्ने की जड़ो के पास डाले | खड़े गन्ने को ठंड के प्रभाव से बचाने के लिए किसान भाई खेतो में उचित नमी अवश्य बनाये रखे | जिन किसान साथियों ने सहफसल के रूप में सरसों की बुवाई की है उनसे यह अनुरोध है कि वे सरसों की पत्तियों की छटाई करे तथा सरसों की फसल में फूल आने पर माहू रोग लगने की सम्भावना अधिक हो जाती है ऐसे में किसान भाई 100 मिली मेटासिस्टोक्स को 200 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति एकड की दर से छिडकाव करे तथा पाले से बाचने के लिए उचित नमी बनाये रखे| आलू तथा सरसों की फसल यदि 45 दिन से ऊपर की हो गयी हो तो उसमे 50 किलो ग्राम यूरिया प्रति एकड की दर से जड़ो के पास डाले | ‘स्मार्ट एग्री कार्यक्रम’ की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 05-01-2024 08:00:00 SCHEDULED
5735 प्रिय किसान साथियों, 6 जनवरी से 12 जनवरी वाले सप्ताह के दौरान शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद क्षेत्र के तापमान में कमी आयेगी I सप्ताह के दौरान दिन का अधिकतम तापमान 19 से 23 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 8 से 11 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI इस सप्ताह के दौरान पूर्व तथा उत्तर दिशा से 1 से 8 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवा चलने की सम्भावना हैI इस सप्ताह के दौरान आसमान में बादल छाए रहेंगे तथा 9 व 10 तारीख को हल्की वर्षा की संभावना है | इस दौरान वायुमंडल में आर्द्रता 48 से 90 प्रतिशत तक रहेगीI गन्ने की खेती में लाल सडन रोग के लिए यह मौसम बहुत अनुकूल हैI जिन गन्नो की ऊपर से तीसरी या चौथी पत्ती पीली पड़ रही हैं या सूख रही हैं, उन पर विशेष ध्यान देंI लाल सडन रोग की पुष्टि होने पर ऐसे पौधों को जड़ से निकाल लें और उन्हें खेत से दूर ले जाकर तीन से चार फूट गहरे गड्ढे में दबा देंI उखाड़े गये स्थान पर ब्लीचिंग पाउडर को भरें और मिट्टी से दबा देंI ऐसे खेतों में 4 किग्रा ट्राईकोडर्मा को 4-5 कुंटल गोबर की सडी खाद में मिला कर खेतो में डालें और हल्की सिंचाई करेंI याद रहे कि लाल सडन रोग से प्रभावित गन्ने के खेतों का पानी दूसरे स्वस्थ गन्ने वाले खेतों में न जाने पाये I बसंतकालीन गन्ने की बुवाई के लिए स्वस्थ गन्ना बीज नर्सरी का ही चयन करे और बुवाई से पहले 4 किलो ट्राईकोडर्मा को 100 किलो गोबर की सड़ी खाद में मिलाकर आखिरी जुताई के साथ खेत में मिला दे | जो किसान भाई गन्ने की पेड़ी लेना चाहते है उनसे यह अनुरोध है कि गन्ने की कटाई जमीन की सतह से करे तथा सूखी पत्तियों को खेतो में फैलाकर वेस्ट डीकम्पोजर का प्रयोग कर हल्की सिचाई करे | गन्ना कटाई के 15 दिन के अंदर 75 किलो ग्राम डी ए पी, 50 किलो ग्राम यूरिया, 50 किलो ग्राम पोटाश को 25 किलो ग्राम माइक्रो न्यूट्रयंट में मिलाकर गन्ने की जड़ो के पास डाले | पेड़ी गन्ने में फुटाव के लिए 20 मिली ईथरल को 200 लीटर पानी में घोल बनाकर जड़ो के पास डाले | इस सप्ताह के दौरान पाला पड़ेगा तथा शीतलहर भी चलेगी ऐसे में किसान साथियों को सलाह दी जाती है कि मौसम को ध्यान में रखते हुए शरदकालीन में बोये गए गन्ने की नालियों में हल्की सिचाई करे | खरपतवार नियंत्रण के लिए नियमित रूप से निराई गुड़ाई अवश्य करते रहे | गन्ने में फुटाव शुरू होने पर 50 किलो ग्राम यूरिया प्रति एकड की दर से गन्ने की जड़ो के पास डाले | खड़े गन्ने को ठंड के प्रभाव से बचाने के लिए किसान भाई खेतो में उचित नमी अवश्य बनाये रखे | जिन किसान साथियों ने सहफसल के रूप में सरसों की बुवाई की है उनसे यह अनुरोध है कि वे सरसों की पत्तियों की छटाई करे तथा सरसों की फसल में फूल आने पर माहू रोग लगने की सम्भावना अधिक हो जाती है ऐसे में किसान भाई 100 मिली मेटासिस्टोक्स को 200 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति एकड की दर से छिडकाव करे तथा पाले से बाचने के लिए उचित नमी बनाये रखे| आलू तथा सरसों की फसल यदि 45 दिन से ऊपर की हो गयी हो तो उसमे 50 किलो ग्राम यूरिया प्रति एकड की दर से जड़ो के पास डाले | ‘स्मार्ट एग्री कार्यक्रम’ की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 05-01-2024 08:00:00 SCHEDULED
5736 प्रिय किसान साथियों, 6 जनवरी से 12 जनवरी वाले सप्ताह के दौरान शाहजहांपुर जिले के मोहोली क्षेत्र के तापमान में कमी आयेगी I सप्ताह के दौरान दिन का अधिकतम तापमान 19 से 23 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 8 से 11 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI इस सप्ताह के दौरान पूर्व तथा उत्तर दिशा से 1 से 8 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवा चलने की सम्भावना हैI इस सप्ताह के दौरान आसमान में बादल छाए रहेंगे तथा 9 व 10 तारीख को हल्की वर्षा की संभावना है | इस दौरान वायुमंडल में आर्द्रता 48 से 90 प्रतिशत तक रहेगीI गन्ने की खेती में लाल सडन रोग के लिए यह मौसम बहुत अनुकूल हैI जिन गन्नो की ऊपर से तीसरी या चौथी पत्ती पीली पड़ रही हैं या सूख रही हैं, उन पर विशेष ध्यान देंI लाल सडन रोग की पुष्टि होने पर ऐसे पौधों को जड़ से निकाल लें और उन्हें खेत से दूर ले जाकर तीन से चार फूट गहरे गड्ढे में दबा देंI उखाड़े गये स्थान पर ब्लीचिंग पाउडर को भरें और मिट्टी से दबा देंI ऐसे खेतों में 4 किग्रा ट्राईकोडर्मा को 4-5 कुंटल गोबर की सडी खाद में मिला कर खेतो में डालें और हल्की सिंचाई करेंI याद रहे कि लाल सडन रोग से प्रभावित गन्ने के खेतों का पानी दूसरे स्वस्थ गन्ने वाले खेतों में न जाने पाये I बसंतकालीन गन्ने की बुवाई के लिए स्वस्थ गन्ना बीज नर्सरी का ही चयन करे और बुवाई से पहले 4 किलो ट्राईकोडर्मा को 100 किलो गोबर की सड़ी खाद में मिलाकर आखिरी जुताई के साथ खेत में मिला दे | जो किसान भाई गन्ने की पेड़ी लेना चाहते है उनसे यह अनुरोध है कि गन्ने की कटाई जमीन की सतह से करे तथा सूखी पत्तियों को खेतो में फैलाकर वेस्ट डीकम्पोजर का प्रयोग कर हल्की सिचाई करे | गन्ना कटाई के 15 दिन के अंदर 75 किलो ग्राम डी ए पी, 50 किलो ग्राम यूरिया, 50 किलो ग्राम पोटाश को 25 किलो ग्राम माइक्रो न्यूट्रयंट में मिलाकर गन्ने की जड़ो के पास डाले | पेड़ी गन्ने में फुटाव के लिए 20 मिली ईथरल को 200 लीटर पानी में घोल बनाकर जड़ो के पास डाले | इस सप्ताह के दौरान पाला पड़ेगा तथा शीतलहर भी चलेगी ऐसे में किसान साथियों को सलाह दी जाती है कि मौसम को ध्यान में रखते हुए शरदकालीन में बोये गए गन्ने की नालियों में हल्की सिचाई करे | खरपतवार नियंत्रण के लिए नियमित रूप से निराई गुड़ाई अवश्य करते रहे | गन्ने में फुटाव शुरू होने पर 50 किलो ग्राम यूरिया प्रति एकड की दर से गन्ने की जड़ो के पास डाले | खड़े गन्ने को ठंड के प्रभाव से बचाने के लिए किसान भाई खेतो में उचित नमी अवश्य बनाये रखे | जिन किसान साथियों ने सहफसल के रूप में सरसों की बुवाई की है उनसे यह अनुरोध है कि वे सरसों की पत्तियों की छटाई करे तथा सरसों की फसल में फूल आने पर माहू रोग लगने की सम्भावना अधिक हो जाती है ऐसे में किसान भाई 100 मिली मेटासिस्टोक्स को 200 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति एकड की दर से छिडकाव करे तथा पाले से बाचने के लिए उचित नमी बनाये रखे| आलू तथा सरसों की फसल यदि 45 दिन से ऊपर की हो गयी हो तो उसमे 50 किलो ग्राम यूरिया प्रति एकड की दर से जड़ो के पास डाले | ‘स्मार्ट एग्री कार्यक्रम’ की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 05-01-2024 08:00:00 SCHEDULED
5737 জিলা: ওদালগুৰি ( ষ্টেচন: আমজুলি_AWS ) বতৰৰ বতৰা আৰু আমাৰ পৰামৰ্শ (বৈধতাৰ সময়সীমা: ৪ৰ পৰা ১০ জানুৱাৰীলৈ, ২০২৪) VI Smart Agri Project ৰ প্ৰিয় ট্ৰিনিটি ক্ষুদ্ৰ চাহ খেতিয়ক । স্মাৰ্ট কৃষি পৰামৰ্শলৈ স্বাগতম। ওদালগুৰি জিলাৰ আমজুলিত অৱস্থিত Automatic Weather Station (AWS) ৰ পৰা পোৱা বতৰৰ পূৰ্বানুমান অনুসৰি ওচৰৰ অঞ্চলবোৰত, ৪ৰ পৰা ১০ জানুৱাৰীলৈ, ২০২৪ বতৰ ফৰকাল হৈ থাকিব। সপ্তাহটোত সর্বোচ্চ তাপমাত্ৰা ২৪-২৫ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ আৰু সর্বনির্বম্ন তাপমাত্ৰা প্ৰায় ১২-১৩ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ হৈ থাকিব বুলি ধাৰনা কৰা হয়। ৰাতিপুৱা আৰু আবেলিৰ আপেক্ষিক আৰ্দ্ৰতা ক্ৰমান্বয়ে প্ৰায ৮০ % আৰু ৩৫ % আশে-পাশে থাকিব। বতাহ প্ৰতি ঘন্টাত ৬-১০ কি: মি: বেগেৰে ঘাইকৈ উত্তৰ-পূব আৰু দক্ষিণ-পূব দিশৰ পৰা বলিব। চাহ খেতিৰ বাবে: • UP / LOS বাগান বোৰত চাহ গছত আৰ্দ্ৰতাৰ চাপ প্ৰতিৰোধ কৰিবলৈ MOP আৰু মেগনেছিয়াম ছালফেট ৰ (Magnesium Sulphate) মিশ্ৰণৰ (১%কৈ) Foliar স্প্ৰে কৰি থাকিব লাগে। • কলম গছবোৰত নতুনকৈ পোখা মেলাৰ সময়তে গছক পানীৰ প্ৰয়োজন হয়। বর্তমান অব্যাহত থকা শুকান আৰু ফৰকাল বতৰৰ প্ৰতি লক্ষ্য ৰাখি প্রয়োজন অনুসৰি জলসিঞ্চনৰ ব্যৱস্থা লব পাৰে । • বাগান বোৰত মাঘ বিহুৰ আগতে Pruningৰ কাৰ্য্য সম্পূৰ্ণ কৰিবলৈ চেষ্টা কৰিব। Pruning কৰাৰ লগে লগে ডালবোৰত কপাৰ অক্সিক্লৰাইড (Copper Oxychloride) বা ট্ৰাইকডাৰ্মা হাৰ্জিয়ানাম (Trichoderma harzianum) (তৰল) স্প্ৰে কৰিব যাতে ভেঁকুৰ বা বেক্টেৰিয়াৰ দ্বাৰা ৰোগৰ নিয়ন্ত্ৰণত সহায় কৰে । • বিশেষকৈ LP কলম কৰা বাগিচাৰ পুৰণি গছবোৰত জানুৱাৰী মাহৰ ভিতৰত পৰিষ্কাৰকৰণৰ ব্যৱস্থা লব। অন্যান্য শস্যৰ বাবে: • মূল পথাৰত বেঙেনাৰ পুলি সমূ্হ ৰোপণ কৰাৰ ২০ দিনৰ পিছত কৃষকসকলে ২-৩ গ্ৰাম ফৰেট (Phorate) বা ফুৰাডান(Furadan) প্ৰতিটো গছজোপাত প্ৰয়োগ কৰিব লাগে যাতে বেঙেনাৰ খেতিডৰাত ডাল আৰু ফল বিন্ধা পোকৰ (Fruit and Shoot Borer) আক্ৰমণৰ পৰা সুৰক্ষিত হয়। • ফুলকবি খেতিত পাতলকৈ এটা জলসিঞ্চন মূল পথাৰত ৰুৱা লগালগ দিব লাগে আৰু পৰৱর্তী জলসিঞ্চন সমূহ প্ৰয়োজন অনুসৰি দিব লাগে। মুঠ ৫ টা জলসিঞ্চন কৰিলে যথেষ্ট হয়। প্ৰথম নিৰণিকৰণ মূল পথাৰত ৰুৱা ২০ দিন আৰু দ্বিতিয় বাৰ ৪০ দিন পিছত দিয়া উচিত। বতৰ আৰু কৃষি সম্পৰ্কীয় তথ্যৰ বিষয়ে জানিবলৈ কৃষকসকলে ৭০৬৫-০০-৫০৫৪ নম্বৰত মিছড কল দিব পাৰে। ধন্যবাদ । Assamese Assam 04-01-2024 09:00:00 SCHEDULED
5738 জিলা: ওদালগুৰি ( ষ্টেচন: দাৰোগাচুবা_AWS ) বতৰৰ বতৰা আৰু আমাৰ পৰামৰ্শ (বৈধতাৰ সময়সীমা: ৪ৰ পৰা ১০ জানুৱাৰীলৈ, ২০২৪) VI Smart Agri Project ৰ প্ৰিয় ট্ৰিনিটি ক্ষুদ্ৰ চাহ খেতিয়ক । স্মাৰ্ট কৃষি পৰামৰ্শলৈ স্বাগতম। ওদালগুৰি জিলাৰ দাৰোগাচুবাত অৱস্থিত Automatic Weather Station (AWS) ৰ পৰা পোৱা বতৰৰ পূৰ্বানুমান অনুসৰি ওচৰৰ অঞ্চলবোৰত, ৪ৰ পৰা ১০ জানুৱাৰীলৈ, ২০২৪ বতৰ ফৰকাল হৈ থাকিব। সপ্তাহটোত সর্বোচ্চ তাপমাত্ৰা ২৫-২৬ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ আৰু সর্বনির্বম্ন তাপমাত্ৰা প্ৰায় ১২-১৩ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ হৈ থাকিব বুলি ধাৰনা কৰা হয়। ৰাতিপুৱা আৰু আবেলিৰ আপেক্ষিক আৰ্দ্ৰতা ক্ৰমান্বয়ে প্ৰায ৮০ % আৰু ৩৫ % আশে-পাশে থাকিব। বতাহ প্ৰতি ঘন্টাত ৬-১১ কি: মি: বেগেৰে ঘাইকৈ উত্তৰ-পূব আৰু দক্ষিণ-পূব দিশৰ পৰা বলিব। চাহ খেতিৰ বাবে: • UP / LOS বাগান বোৰত চাহ গছত আৰ্দ্ৰতাৰ চাপ প্ৰতিৰোধ কৰিবলৈ MOP আৰু মেগনেছিয়াম ছালফেট ৰ (Magnesium Sulphate) মিশ্ৰণৰ (১%কৈ) Foliar স্প্ৰে কৰি থাকিব লাগে। • কলম গছবোৰত নতুনকৈ পোখা মেলাৰ সময়তে গছক পানীৰ প্ৰয়োজন হয়। বর্তমান অব্যাহত থকা শুকান আৰু ফৰকাল বতৰৰ প্ৰতি লক্ষ্য ৰাখি প্রয়োজন অনুসৰি জলসিঞ্চনৰ ব্যৱস্থা লব পাৰে । • বাগান বোৰত মাঘ বিহুৰ আগতে Pruningৰ কাৰ্য্য সম্পূৰ্ণ কৰিবলৈ চেষ্টা কৰিব। Pruning কৰাৰ লগে লগে ডালবোৰত কপাৰ অক্সিক্লৰাইড (Copper Oxychloride) বা ট্ৰাইকডাৰ্মা হাৰ্জিয়ানাম (Trichoderma harzianum) (তৰল) স্প্ৰে কৰিব যাতে ভেঁকুৰ বা বেক্টেৰিয়াৰ দ্বাৰা ৰোগৰ নিয়ন্ত্ৰণত সহায় কৰে । • বিশেষকৈ LP কলম কৰা বাগিচাৰ পুৰণি গছবোৰত জানুৱাৰী মাহৰ ভিতৰত পৰিষ্কাৰকৰণৰ ব্যৱস্থা লব। অন্যান্য শস্যৰ বাবে: • মূল পথাৰত বেঙেনাৰ পুলি সমূ্হ ৰোপণ কৰাৰ ২০ দিনৰ পিছত কৃষকসকলে ২-৩ গ্ৰাম ফৰেট (Phorate) বা ফুৰাডান(Furadan) প্ৰতিটো গছজোপাত প্ৰয়োগ কৰিব লাগে যাতে বেঙেনাৰ খেতিডৰাত ডাল আৰু ফল বিন্ধা পোকৰ (Fruit and Shoot Borer) আক্ৰমণৰ পৰা সুৰক্ষিত হয়। • ফুলকবি খেতিত পাতলকৈ এটা জলসিঞ্চন মূল পথাৰত ৰুৱা লগালগ দিব লাগে আৰু পৰৱর্তী জলসিঞ্চন সমূহ প্ৰয়োজন অনুসৰি দিব লাগে। মুঠ ৫ টা জলসিঞ্চন কৰিলে যথেষ্ট হয়। প্ৰথম নিৰণিকৰণ মূল পথাৰত ৰুৱা ২০ দিন আৰু দ্বিতিয় বাৰ ৪০ দিন পিছত দিয়া উচিত। বতৰ আৰু কৃষি সম্পৰ্কীয় তথ্যৰ বিষয়ে জানিবলৈ কৃষকসকলে ৭০৬৫-০০-৫০৫৪ নম্বৰত মিছড কল দিব পাৰে। ধন্যবাদ । Assamese Assam 04-01-2024 09:00:00 SCHEDULED
5739 জিলা: তিনিচুকীয়া ( ষ্টেচন: ৰূপজান_AWS ) বতৰৰ বতৰা আৰু আমাৰ পৰামৰ্শ (বৈধতাৰ সময়সীমা: ৪ৰ পৰা ১০ জানুৱাৰীলৈ, ২০২৪) VI Smart Agri Project ৰ প্ৰিয় ট্ৰিনিটি ক্ষুদ্ৰ চাহ খেতিয়ক । স্মাৰ্ট কৃষি পৰামৰ্শলৈ স্বাগতম। তিনিচুকীয়া জিলাৰ ৰূপজানত অৱস্থিত Automatic Weather Station (AWS) ৰ পৰা পোৱা বতৰৰ আগলি বতৰা অনুযায়ী ৪ৰ পৰা ১০ জানুৱাৰীলৈ, ২০২৪ বতৰ ফৰকাল হৈ থাকিব। দিনৰ উষ্ণতা প্ৰায় ২৪-২৫ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ আৰু নিশাৰ উষ্ণতা প্ৰায় ৮-১০ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ হব বুলি অনুমান কৰা হৈছে। ৰাতিপুৱা আৰু আবেলিৰ আপেক্ষিক আৰ্দ্ৰতা ক্ৰমান্বয়ে প্ৰায় ৯০ % আৰু ৪০ % আশে-পাশে থাকিব। বতাহ প্ৰতি ঘন্টাত ৪-৭ কিলোমিটাৰ বেগত উত্তৰ-পূব দিশৰ পৰা প্ৰবাহিত হব । চাহ খেতিৰ বাবে: • UP / LOS বাগান বোৰত চাহ গছত আৰ্দ্ৰতাৰ চাপ প্ৰতিৰোধ কৰিবলৈ MOP আৰু মেগনেছিয়াম ছালফেট ৰ (Magnesium Sulphate) মিশ্ৰণৰ (১%কৈ) Foliar স্প্ৰে কৰি থাকিব লাগে। • কলম গছবোৰত নতুনকৈ পোখা মেলাৰ সময়তে গছক পানীৰ প্ৰয়োজন হয়। বর্তমান অব্যাহত থকা শুকান আৰু ফৰকাল বতৰৰ প্ৰতি লক্ষ্য ৰাখি প্রয়োজন অনুসৰি জলসিঞ্চনৰ ব্যৱস্থা লব পাৰে । • বাগান বোৰত মাঘ বিহুৰ আগতে Pruningৰ কাৰ্য্য সম্পূৰ্ণ কৰিবলৈ চেষ্টা কৰিব। Pruning কৰাৰ লগে লগে ডালবোৰত কপাৰ অক্সিক্লৰাইড (Copper Oxychloride) বা ট্ৰাইকডাৰ্মা হাৰ্জিয়ানাম (Trichoderma harzianum) (তৰল) স্প্ৰে কৰিব যাতে ভেঁকুৰ বা বেক্টেৰিয়াৰ দ্বাৰা ৰোগৰ নিয়ন্ত্ৰণত সহায় কৰে । • বিশেষকৈ LP কলম কৰা বাগিচাৰ পুৰণি গছবোৰত জানুৱাৰী মাহৰ ভিতৰত পৰিষ্কাৰকৰণৰ ব্যৱস্থা লব। অন্যান্য শস্যৰ বাবে: • মূল পথাৰত বেঙেনাৰ পুলি সমূ্হ ৰোপণ কৰাৰ ২০ দিনৰ পিছত কৃষকসকলে ২-৩ গ্ৰাম ফৰেট (Phorate) বা ফুৰাডান(Furadan) প্ৰতিটো গছজোপাত প্ৰয়োগ কৰিব লাগে যাতে বেঙেনাৰ খেতিডৰাত ডাল আৰু ফল বিন্ধা পোকৰ (Fruit and Shoot Borer) আক্ৰমণৰ পৰা সুৰক্ষিত হয়। • ফুলকবি খেতিত পাতলকৈ এটা জলসিঞ্চন মূল পথাৰত ৰুৱা লগালগ দিব লাগে আৰু পৰৱর্তী জলসিঞ্চন সমূহ প্ৰয়োজন অনুসৰি দিব লাগে। মুঠ ৫ টা জলসিঞ্চন কৰিলে যথেষ্ট হয়। প্ৰথম নিৰণিকৰণ মূল পথাৰত ৰুৱা ২০ দিন আৰু দ্বিতিয় বাৰ ৪০ দিন পিছত দিয়া উচিত। বতৰ আৰু কৃষি সম্পৰ্কীয় তথ্যৰ বিষয়ে জানিবলৈ কৃষকসকলে ৭০৬৫-০০-৫০৫৪ নম্বৰত মিছড কল দিব পাৰে। ধন্যবাদ । Assamese Assam 04-01-2024 09:00:00 SCHEDULED
5740 জিলা: তিনিচুকীয়া ( ষ্টেচন: দৰিয়াভেটি_AWS ) বতৰৰ বতৰা আৰু আমাৰ পৰামৰ্শ (বৈধতাৰ সময়সীমা: ৪ৰ পৰা ১০ জানুৱাৰীলৈ, ২০২৪) VI Smart Agri Project ৰ প্ৰিয় ট্ৰিনিটি ক্ষুদ্ৰ চাহ খেতিয়ক । স্মাৰ্ট কৃষি পৰামৰ্শলৈ স্বাগতম। তিনিচুকীয়া জিলাৰ দৰিয়াভেটিত অৱস্থিত Automatic Weather Station (AWS) ৰ পৰা পোৱা বতৰৰ আগলি বতৰা অনুযায়ী ৪ৰ পৰা ১০ জানুৱাৰীলৈ, ২০২৪ বতৰ ফৰকাল হৈ থাকিব। দিনৰ উষ্ণতা প্ৰায় ২৫-২৬ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ আৰু নিশাৰ উষ্ণতা প্ৰায় ৭-১১ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ হব বুলি অনুমান কৰা হৈছে। ৰাতিপুৱা আৰু আবেলিৰ আপেক্ষিক আৰ্দ্ৰতা ক্ৰমান্বয়ে প্ৰায় ৮০ % আৰু ৩৫ % আশে-পাশে থাকিব । বতাহ প্ৰতি ঘন্টাত ৪-১২ কিলোমিটাৰ বেগত উত্তৰ-পূব দিশৰ পৰা প্ৰবাহিত হব । চাহ খেতিৰ বাবে: • UP / LOS বাগান বোৰত চাহ গছত আৰ্দ্ৰতাৰ চাপ প্ৰতিৰোধ কৰিবলৈ MOP আৰু মেগনেছিয়াম ছালফেট ৰ (Magnesium Sulphate) মিশ্ৰণৰ (১%কৈ) Foliar স্প্ৰে কৰি থাকিব লাগে। • কলম গছবোৰত নতুনকৈ পোখা মেলাৰ সময়তে গছক পানীৰ প্ৰয়োজন হয়। বর্তমান অব্যাহত থকা শুকান আৰু ফৰকাল বতৰৰ প্ৰতি লক্ষ্য ৰাখি প্রয়োজন অনুসৰি জলসিঞ্চনৰ ব্যৱস্থা লব পাৰে । • বাগান বোৰত মাঘ বিহুৰ আগতে Pruningৰ কাৰ্য্য সম্পূৰ্ণ কৰিবলৈ চেষ্টা কৰিব। Pruning কৰাৰ লগে লগে ডালবোৰত কপাৰ অক্সিক্লৰাইড (Copper Oxychloride) বা ট্ৰাইকডাৰ্মা হাৰ্জিয়ানাম (Trichoderma harzianum) (তৰল) স্প্ৰে কৰিব যাতে ভেঁকুৰ বা বেক্টেৰিয়াৰ দ্বাৰা ৰোগৰ নিয়ন্ত্ৰণত সহায় কৰে । • বিশেষকৈ LP কলম কৰা বাগিচাৰ পুৰণি গছবোৰত জানুৱাৰী মাহৰ ভিতৰত পৰিষ্কাৰকৰণৰ ব্যৱস্থা লব। অন্যান্য শস্যৰ বাবে: • মূল পথাৰত বেঙেনাৰ পুলি সমূ্হ ৰোপণ কৰাৰ ২০ দিনৰ পিছত কৃষকসকলে ২-৩ গ্ৰাম ফৰেট (Phorate) বা ফুৰাডান(Furadan) প্ৰতিটো গছজোপাত প্ৰয়োগ কৰিব লাগে যাতে বেঙেনাৰ খেতিডৰাত ডাল আৰু ফল বিন্ধা পোকৰ (Fruit and Shoot Borer) আক্ৰমণৰ পৰা সুৰক্ষিত হয়। • ফুলকবি খেতিত পাতলকৈ এটা জলসিঞ্চন মূল পথাৰত ৰুৱা লগালগ দিব লাগে আৰু পৰৱর্তী জলসিঞ্চন সমূহ প্ৰয়োজন অনুসৰি দিব লাগে। মুঠ ৫ টা জলসিঞ্চন কৰিলে যথেষ্ট হয়। প্ৰথম নিৰণিকৰণ মূল পথাৰত ৰুৱা ২০ দিন আৰু দ্বিতিয় বাৰ ৪০ দিন পিছত দিয়া উচিত। বতৰ আৰু কৃষি সম্পৰ্কীয় তথ্যৰ বিষয়ে জানিবলৈ কৃষকসকলে ৭০৬৫-০০-৫০৫৪ নম্বৰত মিছড কল দিব পাৰে। ধন্যবাদ । Assamese Assam 04-01-2024 09:00:00 SCHEDULED