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641 জিলা: ওদালগুৰি ( ষ্টেচন: দাৰোগাচুবা_AWS ) বতৰৰ বতৰা আৰু আমাৰ পৰামৰ্শ (বৈধতাৰ সময়সীমা: ১৬ৰ পৰা ২৫ আগষ্টলৈ, ২০২৫) চলিদাৰীডেড ৰ প্রিয় ক্ষুদ্ৰ চাহ খেতিয়ক সকল । ভি আই স্মাৰ্ট কৃষি ( VI Smart Agri) পৰামৰ্শলৈ স্বাগতম। ওদালগুৰি জিলাৰ দাৰোগাচুবাত অৱস্থিত স্বয়ংক্ৰিয় বতৰ বিজ্ঞান কেন্দ্ৰৰ (Automatic Weather Station) পৰা পোৱা বতৰৰ পূৰ্বানুমান অনুসৰি ১৬ৰ পৰা ২৫ আগষ্টলৈ, ২০২৫ বতৰ সাধাৰণতে ডাৱৰীয়াৰ পৰা আংশিকভাৱে ডাৱৰীয়া হৈ থাকিব আৰু লগতে পাতলীয়াৰ পৰা মজলীয়া বৰষুণৰ সম্ভাৱনা আছে। সপ্তাহটোত সর্বোচ্চ তাপমাত্ৰা ২৯-৩৪ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ আৰু সর্বনির্বম্ন তাপমাত্ৰা প্ৰায় ২৬-২৮ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ হৈ থাকিব বুলি ধাৰনা কৰা হয়। ৰাতিপুৱা আৰু আবেলিৰ আপেক্ষিক আৰ্দ্ৰতা ক্ৰমান্বয়ে প্ৰায ৯৫% আৰু ৭০ % আশে-পাশে থাকিব। বতাহ প্ৰতি ঘন্টাত ৩-১০ কি: মি: বেগেৰে ঘাইকৈ উত্তৰ-পশ্চিম আৰু উত্তৰ-পূব দিশৰ পৰা বলিব। চাহ খেতিৰ বাবে: • পাত তোলা ৰাউণ্ড বাঢ়ি যোৱাৰ সম্ভাৱনা থাকিব পাৰে ৷ গতিকে পাততোলা কাৰ্য্য খিনিৰ ওপৰত চকু ৰাখিব যাতে ই চাহপাতৰ কোৱালিটিৰ ওপৰত কোনো প্ৰভাৱ পেলাব নোৱাৰে। • যদি এনে পৰিস্থিতিৰ সৃষ্টি হয়, প্ৰয়োজন অনুসৰি শ্ৰমিকৰ সহায়ত পাততোলা কাৰ্য্য খিনি পুনৰ ৭-৮ দিনৰ ৰাউণ্ডত তুলিব পৰাকৈ চেষ্টা কৰিব ৷ • পাত ছিঙি যোৱাৰ পাছত টেবুলৰ ওপৰত থকা খুটিৰ দৰে ওলাই থকা খৰি (stub) বোৰ চোকা কটাৰিৰে কাটি সমান কৰিব লাগে। • হেলোপেল্টিছৰ দ্বাৰা সংক্ৰমিত বাগানবোৰত , ৰোগ নিয়ন্ত্ৰণৰ বাবে ২০০ লিটাৰ পানীত ৪৫ গ্ৰাম Thiomethoxam ষ্টিকাৰৰ সৈতে বা ২০০ লিটাৰ পানীত ১০০ মি.লি ডেচিছ মিহলাই স্প্ৰে কৰিব । বৰষুণৰ তীব্ৰতা অতি বেছি হলে স্প্ৰে নকৰিব । অন্যান্য শস্যৰ বাবে: • মাটিৰ আৰ্দ্ৰতাৰ সুবিধা লৈ কৃষকসকলে আগতীয়াকৈ ফুলকবিৰ বীজ সিঁচিব পাৰে। বীজ সিঁচাৰ কাৰ্য্যৰ বাবে Early Kuwari, Pusa Katki, Pusa Deepali আদি জাত সংগ্ৰহ কৰি নিৰপেক্ষ বতৰৰ পৰিস্থিতিত বীজ ৰোপণ কৰিব পাৰে। শাৰী আৰু গছৰ মাজৰ ব্যৱধান ৪৫ ছেন্টিমিটাৰ * ৪৫ ছেন্টিমিটাৰ হব লাগে। • আগতীয়াকৈ মূলা খেতিৰ বাবে অনুমোদিত প্ৰকাৰৰ বীজ যেনে Pusa Deshi, Pusa Himani, আদি সংগ্ৰহ কৰিব পাৰে। এক বিঘা মাটিৰ বাবে ১.৩ কেজি বীজৰ প্ৰয়োজন হয়। । প্ৰতি বিঘাত ২.৬ টন FYM, ৭.৩৫ কেজি Urea, ৪২.০ কেজি SSP আৰু ২২.৭ কেজি MOP সাৰ প্ৰয়োগ কৰিব লাগে। বীজ সিঁচাৰ আগতে প্ৰতি কেজি বীজত ২-২.৫ গ্ৰাম Carboxin দি শোধন কৰিব লাগে। বতৰ আৰু কৃষি সম্পৰ্কীয় তথ্যৰ বিষয়ে জানিবলৈ কৃষকসকলে ৭০৬৫-০০-৫০৫৪ নম্বৰত মিছড কল দিব পাৰে। ধন্যবাদ । Assamese Assam 16-08-2025 08:00:00 SCHEDULED
642 জিলা: ওদালগুৰি ( ষ্টেচন: আমজুলি_AWS ) বতৰৰ বতৰা আৰু আমাৰ পৰামৰ্শ (বৈধতাৰ সময়সীমা: ১৬ৰ পৰা ২৫ আগষ্টলৈ, ২০২৫) চলিদাৰীডেড ৰ প্রিয় ক্ষুদ্ৰ চাহ খেতিয়ক সকল । ভি আই স্মাৰ্ট কৃষি ( VI Smart Agri) পৰামৰ্শলৈ স্বাগতম। ওদালগুৰি জিলাৰ আমজুলিত অৱস্থিত স্বয়ংক্ৰিয় বতৰ বিজ্ঞান কেন্দ্ৰৰ (Automatic Weather Station) পৰা পোৱা বতৰৰ পূৰ্বানুমান অনুসৰি ১৬ৰ পৰা ২৫ আগষ্টলৈ, ২০২৫ বতৰ সাধাৰণতে ডাৱৰীয়াৰ পৰা আংশিকভাৱে ডাৱৰীয়া হৈ থাকিব আৰু লগতে পাতলীয়াৰ পৰা মজলীয়া বৰষুণৰ সম্ভাৱনা আছে। সপ্তাহটোত সর্বোচ্চ তাপমাত্ৰা ২৯-৩২ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ আৰু সর্বনির্বম্ন তাপমাত্ৰা প্ৰায় ২৫-২৬ ডিগ্ৰী চেলচিয়াছ হৈ থাকিব বুলি ধাৰনা কৰা হয়। ৰাতিপুৱা আৰু আবেলিৰ আপেক্ষিক আৰ্দ্ৰতা ক্ৰমান্বয়ে প্ৰায ৯৯ % আৰু ৮০ % আশে-পাশে থাকিব। বতাহ প্ৰতি ঘন্টাত ৩-১১ কি: মি: বেগেৰে ঘাইকৈ উত্তৰ-পশ্চিম আৰু উত্তৰ-পূব দিশৰ পৰা বলিব। চাহ খেতিৰ বাবে: • পাত তোলা ৰাউণ্ড বাঢ়ি যোৱাৰ সম্ভাৱনা থাকিব পাৰে ৷ গতিকে পাততোলা কাৰ্য্য খিনিৰ ওপৰত চকু ৰাখিব যাতে ই চাহপাতৰ কোৱালিটিৰ ওপৰত কোনো প্ৰভাৱ পেলাব নোৱাৰে। • যদি এনে পৰিস্থিতিৰ সৃষ্টি হয়, প্ৰয়োজন অনুসৰি শ্ৰমিকৰ সহায়ত পাততোলা কাৰ্য্য খিনি পুনৰ ৭-৮ দিনৰ ৰাউণ্ডত তুলিব পৰাকৈ চেষ্টা কৰিব ৷ • পাত ছিঙি যোৱাৰ পাছত টেবুলৰ ওপৰত থকা খুটিৰ দৰে ওলাই থকা খৰি (stub) বোৰ চোকা কটাৰিৰে কাটি সমান কৰিব লাগে। • হেলোপেল্টিছৰ দ্বাৰা সংক্ৰমিত বাগানবোৰত , ৰোগ নিয়ন্ত্ৰণৰ বাবে ২০০ লিটাৰ পানীত ৪৫ গ্ৰাম Thiomethoxam ষ্টিকাৰৰ সৈতে বা ২০০ লিটাৰ পানীত ১০০ মি.লি ডেচিছ মিহলাই স্প্ৰে কৰিব । বৰষুণৰ তীব্ৰতা অতি বেছি হলে স্প্ৰে নকৰিব । অন্যান্য শস্যৰ বাবে: • মাটিৰ আৰ্দ্ৰতাৰ সুবিধা লৈ কৃষকসকলে আগতীয়াকৈ ফুলকবিৰ বীজ সিঁচিব পাৰে। বীজ সিঁচাৰ কাৰ্য্যৰ বাবে Early Kuwari, Pusa Katki, Pusa Deepali আদি জাত সংগ্ৰহ কৰি নিৰপেক্ষ বতৰৰ পৰিস্থিতিত বীজ ৰোপণ কৰিব পাৰে। শাৰী আৰু গছৰ মাজৰ ব্যৱধান ৪৫ ছেন্টিমিটাৰ * ৪৫ ছেন্টিমিটাৰ হব লাগে। • আগতীয়াকৈ মূলা খেতিৰ বাবে অনুমোদিত প্ৰকাৰৰ বীজ যেনে Pusa Deshi, Pusa Himani, আদি সংগ্ৰহ কৰিব পাৰে। এক বিঘা মাটিৰ বাবে ১.৩ কেজি বীজৰ প্ৰয়োজন হয়। । প্ৰতি বিঘাত ২.৬ টন FYM, ৭.৩৫ কেজি Urea, ৪২.০ কেজি SSP আৰু ২২.৭ কেজি MOP সাৰ প্ৰয়োগ কৰিব লাগে। বীজ সিঁচাৰ আগতে প্ৰতি কেজি বীজত ২-২.৫ গ্ৰাম Carboxin দি শোধন কৰিব লাগে। বতৰ আৰু কৃষি সম্পৰ্কীয় তথ্যৰ বিষয়ে জানিবলৈ কৃষকসকলে ৭০৬৫-০০-৫০৫৪ নম্বৰত মিছড কল দিব পাৰে। ধন্যবাদ । Assamese Assam 16-08-2025 08:00:00 SCHEDULED
643 VIL-2 - Amravati-Talegaon Dashasar- 14.08.2025 नमस्कार शेतकरी बंधूंनो...सॉलिडरीडॅड आणि वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. धामनगाव तालुक्यातील तळेगाव दशासार येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे या आठवड्यातील हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान २४ ते २५ अंश तर कमाल २७ ते २८ अंश सेल्सियस एवढे राहील.या कालावधीत दिनांक १४ ऑगस्ट २०२५ ते २३ ऑगस्ट २०२५ ,भारी स्वरूपाचा पाऊस पडण्याची शक्यता आहे. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:- सध्या कापूस व सोयाबीन पीक हे ५० ते ५५ दिवसाचे आहे, पिकावर मावा व तुडतुडे ह्या किडीचा प्रादुर्भाव दिसून येत आहे, तरी शेतकऱ्यांनी त्यांच्या नियंत्रणासाठी पहिली फवारणी हि निंबोळी अर्क १०००० PPM ची ५० ते ६० मिली प्रति पंप किंवा वातावरणात पुरेशी आर्द्रता असतांना मेटारायझीयम अनिसोपली ५० ग्रॅम किंवा ब्यूव्हेरिया बँसीयाना १.१५ टक्के ५० ग्रॅम प्रति १० लिटर पाण्यामध्ये मिसळून फवारणी करावी तसेच दुसरी व तिसरी फवारणी ८ दिवसांनी थायोमेथोकझोंम १२-१५ मिली किंवा असिटामाप्रिड ८ ते १० ग्रॅम प्रति पम्प ह्या प्रमाणे फवारणी करावी. शेतकऱ्यांनी गुलाबी व अमेरिकन बोंडअळीच्या सर्वेक्षण व व्यवस्थापनासाठी कापूस पिकाचे नियमित निऱिक्षण ठेवावे. त्यासाठी कपाशी पिकामध्ये एकरी ६ ते ८ कामगंध सापळे लावावे. या सापळ्यामध्ये अडकलेले नरपतंग वेळोवेळी काढून नष्ट करावे तसेच विशिष्ट कालावधीत वड्या (ल्युर) बदलणे अनिवार्य आहे. सोयाबीन पिकामध्ये पिवळा मोझॅक विषाणू या रोगाचा प्रसार करण्यास कारणीभूत असलेल्या पांढऱ्या माशी या किडीच्या प्रतिबंधात्मक व्यवस्थापनासाठी कापूस व सोयाबीन पिकामध्ये ठीक ठिकाणी पिवळे व निळे चिकट सापळे लावावेत. शेतकरी बांधवांनी अळ्या खाणाऱ्या शिकारी पक्ष्यांना थांबण्यासाठी सोयाबीन व कापूस पिकामध्ये ‘T’ आकाराचे पक्षीथांबे उभारावेत. सेंद्रिय सोयाबीन उत्पादन करणाऱ्या शेतकरी बांधवांनी पाने खाणाऱ्या किडीच्या (उंटअळी, तंबाखूची पाने खाणारी अळी) नियंत्रणासाठी बॅसिलस थुरिंजेनेसिस किंवा ब्यूव्हेरिया बेसियाना १ लिटर प्रती हे. या प्रमाणात वापर करावा. स्मार्ट ॲग्री ॲडव्हायझरी ॲप चे अपडेटेड व्हर्जन प्ले स्टोअर मध्ये उपलब्ध आहे ते मोबाईल मध्ये डाऊनलोड करणे सदर अपडेटेड व्हर्जन मध्ये हवामान केंद्राच्या माहितीचा तपशील समाविष्ट करण्यात आला आहे. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबाईल क्रमांक 9039133541 धन्यवाद! हि माहिती पुन्हा ऐकण्यास शुन्य दाबावे. Marathi MH 14-08-2025 08:30:00 SCHEDULED
644 VIL-2 - Amravati- Dabhada- 14.08.2025 नमस्कार शेतकरी बंधूंनो...सॉलिडरीडॅड आणि वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. धामनगाव तालुक्यातील दाभाडा येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे या आठवड्यातील हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान २४ ते २५ अंश तर कमाल २७ ते २८ अंश सेल्सियस एवढे राहील.या कालावधीत दिनांक १४ ऑगस्ट २०२५ ते २३ ऑगस्ट २०२५ ,भारी स्वरूपाचा पाऊस पडण्याची शक्यता आहे. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:- सध्या कापूस व सोयाबीन पीक हे ५० ते ५५ दिवसाचे आहे, पिकावर मावा व तुडतुडे ह्या किडीचा प्रादुर्भाव दिसून येत आहे, तरी शेतकऱ्यांनी त्यांच्या नियंत्रणासाठी पहिली फवारणी हि निंबोळी अर्क १०००० PPM ची ५० ते ६० मिली प्रति पंप किंवा वातावरणात पुरेशी आर्द्रता असतांना मेटारायझीयम अनिसोपली ५० ग्रॅम किंवा ब्यूव्हेरिया बँसीयाना १.१५ टक्के ५० ग्रॅम प्रति १० लिटर पाण्यामध्ये मिसळून फवारणी करावी तसेच दुसरी व तिसरी फवारणी ८ दिवसांनी थायोमेथोकझोंम १२-१५ मिली किंवा असिटामाप्रिड ८ ते १० ग्रॅम प्रति पम्प ह्या प्रमाणे फवारणी करावी. शेतकऱ्यांनी गुलाबी व अमेरिकन बोंडअळीच्या सर्वेक्षण व व्यवस्थापनासाठी कापूस पिकाचे नियमित निऱिक्षण ठेवावे. त्यासाठी कपाशी पिकामध्ये एकरी ६ ते ८ कामगंध सापळे लावावे. या सापळ्यामध्ये अडकलेले नरपतंग वेळोवेळी काढून नष्ट करावे तसेच विशिष्ट कालावधीत वड्या (ल्युर) बदलणे अनिवार्य आहे. सोयाबीन पिकामध्ये पिवळा मोझॅक विषाणू या रोगाचा प्रसार करण्यास कारणीभूत असलेल्या पांढऱ्या माशी या किडीच्या प्रतिबंधात्मक व्यवस्थापनासाठी कापूस व सोयाबीन पिकामध्ये ठीक ठिकाणी पिवळे व निळे चिकट सापळे लावावेत. शेतकरी बांधवांनी अळ्या खाणाऱ्या शिकारी पक्ष्यांना थांबण्यासाठी सोयाबीन व कापूस पिकामध्ये ‘T’ आकाराचे पक्षीथांबे उभारावेत. सेंद्रिय सोयाबीन उत्पादन करणाऱ्या शेतकरी बांधवांनी पाने खाणाऱ्या किडीच्या (उंटअळी, तंबाखूची पाने खाणारी अळी) नियंत्रणासाठी बॅसिलस थुरिंजेनेसिस किंवा ब्यूव्हेरिया बेसियाना १ लिटर प्रती हे. या प्रमाणात वापर करावा. स्मार्ट ॲग्री ॲडव्हायझरी ॲप चे अपडेटेड व्हर्जन प्ले स्टोअर मध्ये उपलब्ध आहे ते मोबाईल मध्ये डाऊनलोड करणे सदर अपडेटेड व्हर्जन मध्ये हवामान केंद्राच्या माहितीचा तपशील समाविष्ट करण्यात आला आहे. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबाईल क्रमांक 9039133541 धन्यवाद! हि माहिती पुन्हा ऐकण्यास शुन्य दाबावे. Marathi MH 14-08-2025 08:30:00 SCHEDULED
645 VIL 2- Yavatmal-Ner-Mozar 14.08.2025 - नमस्कार शेतकरी बंधूंनो...सॉलिडरीडॅड आणि वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. नेर तालुक्यातील मोझर येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे या आठवड्यातील हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान २३ ते २५ अंश तर कमाल २७ ते २८ अंश सेल्सियस एवढे राहील.या कालावधीत दिनांक १४ ऑगस्ट २०२५ ते २३ ऑगस्ट २०२५ ,भारी स्वरूपाचा पाऊस पडण्याची शक्यता आहे. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:- सध्या कापूस व सोयाबीन पीक हे ५० ते ५५ दिवसाचे आहे, पिकावर मावा व तुडतुडे ह्या किडीचा प्रादुर्भाव दिसून येत आहे, तरी शेतकऱ्यांनी त्यांच्या नियंत्रणासाठी पहिली फवारणी हि निंबोळी अर्क १०००० PPM ची ५० ते ६० मिली प्रति पंप किंवा वातावरणात पुरेशी आर्द्रता असतांना मेटारायझीयम अनिसोपली ५० ग्रॅम किंवा ब्यूव्हेरिया बँसीयाना १.१५ टक्के ५० ग्रॅम प्रति १० लिटर पाण्यामध्ये मिसळून फवारणी करावी तसेच दुसरी व तिसरी फवारणी ८ दिवसांनी थायोमेथोकझोंम १२-१५ मिली किंवा असिटामाप्रिड ८ ते १० ग्रॅम प्रति पम्प ह्या प्रमाणे फवारणी करावी. शेतकऱ्यांनी गुलाबी व अमेरिकन बोंडअळीच्या सर्वेक्षण व व्यवस्थापनासाठी कापूस पिकाचे नियमित निऱिक्षण ठेवावे. त्यासाठी कपाशी पिकामध्ये एकरी ६ ते ८ कामगंध सापळे लावावे. या सापळ्यामध्ये अडकलेले नरपतंग वेळोवेळी काढून नष्ट करावे तसेच विशिष्ट कालावधीत वड्या (ल्युर) बदलणे अनिवार्य आहे. सोयाबीन पिकामध्ये पिवळा मोझॅक विषाणू या रोगाचा प्रसार करण्यास कारणीभूत असलेल्या पांढऱ्या माशी या किडीच्या प्रतिबंधात्मक व्यवस्थापनासाठी कापूस व सोयाबीन पिकामध्ये ठीक ठिकाणी पिवळे व निळे चिकट सापळे लावावेत. शेतकरी बांधवांनी अळ्या खाणाऱ्या शिकारी पक्ष्यांना थांबण्यासाठी सोयाबीन व कापूस पिकामध्ये ‘T’ आकाराचे पक्षीथांबे उभारावेत. सेंद्रिय सोयाबीन उत्पादन करणाऱ्या शेतकरी बांधवांनी पाने खाणाऱ्या किडीच्या (उंटअळी, तंबाखूची पाने खाणारी अळी) नियंत्रणासाठी बॅसिलस थुरिंजेनेसिस किंवा ब्यूव्हेरिया बेसियाना १ लिटर प्रती हे. या प्रमाणात वापर करावा. स्मार्ट ॲग्री ॲडव्हायझरी ॲप चे अपडेटेड व्हर्जन प्ले स्टोअर मध्ये उपलब्ध आहे ते मोबाईल मध्ये डाऊनलोड करणे सदर अपडेटेड व्हर्जन मध्ये हवामान केंद्राच्या माहितीचा तपशील समाविष्ट करण्यात आला आहे. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा मोबाईल क्रमांक 9158261922 किंवा 8975485796 धन्यवाद! Marathi MH 14-08-2025 08:30:00 SCHEDULED
646 VIL 1- Yavatmal-Ghatanji-Maregaon:- 14.08.2025 - नमस्कार शेतकरी बंधूंनो, सॉलिडरीडॅड आणि वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. घाटंजी तालुक्यातील मारेगाव येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे या आठवड्यातील हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान २३ ते २५ अंश तर कमाल २७ ते २८ अंश सेल्सियस एवढे राहील. या कालावधीत दिनांक १४ ऑगस्ट २०२५ ते २३ ऑगस्ट २०२५ ,भारी स्वरूपाचा पाऊस पडण्याची शक्यता आहे. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:- सध्या कापूस व सोयाबीन पीक हे ५० ते ५५ दिवसाचे आहे, पिकावर मावा व तुडतुडे ह्या किडीचा प्रादुर्भाव दिसून येत आहे, तरी शेतकऱ्यांनी त्यांच्या नियंत्रणासाठी पहिली फवारणी हि निंबोळी अर्क १०००० PPM ची ५० ते ६० मिली प्रति पंप किंवा वातावरणात पुरेशी आर्द्रता असतांना मेटारायझीयम अनिसोपली ५० ग्रॅम किंवा ब्यूव्हेरिया बँसीयाना १.१५ टक्के ५० ग्रॅम प्रति १० लिटर पाण्यामध्ये मिसळून फवारणी करावी तसेच दुसरी व तिसरी फवारणी ८ दिवसांनी थायोमेथोकझोंम १२-१५ मिली किंवा असिटामाप्रिड ८ ते १० ग्रॅम प्रति पम्प ह्या प्रमाणे फवारणी करावी. शेतकऱ्यांनी गुलाबी व अमेरिकन बोंडअळीच्या सर्वेक्षण व व्यवस्थापनासाठी कापूस पिकाचे नियमित निऱिक्षण ठेवावे. त्यासाठी कपाशी पिकामध्ये एकरी ६ ते ८ कामगंध सापळे लावावे. या सापळ्यामध्ये अडकलेले नरपतंग वेळोवेळी काढून नष्ट करावे तसेच विशिष्ट कालावधीत वड्या (ल्युर) बदलणे अनिवार्य आहे. सोयाबीन पिकामध्ये पिवळा मोझॅक विषाणू या रोगाचा प्रसार करण्यास कारणीभूत असलेल्या पांढऱ्या माशी या किडीच्या प्रतिबंधात्मक व्यवस्थापनासाठी कापूस व सोयाबीन पिकामध्ये ठीक ठिकाणी पिवळे व निळे चिकट सापळे लावावेत. शेतकरी बांधवांनी अळ्या खाणाऱ्या शिकारी पक्ष्यांना थांबण्यासाठी सोयाबीन व कापूस पिकामध्ये ‘T’ आकाराचे पक्षीथांबे उभारावेत. सेंद्रिय सोयाबीन उत्पादन करणाऱ्या शेतकरी बांधवांनी पाने खाणाऱ्या किडीच्या (उंटअळी, तंबाखूची पाने खाणारी अळी) नियंत्रणासाठी बॅसिलस थुरिंजेनेसिस किंवा ब्यूव्हेरिया बेसियाना १ लिटर प्रती हे. या प्रमाणात वापर करावा. स्मार्ट ॲग्री ॲडव्हायझरी ॲप चे अपडेटेड व्हर्जन प्ले स्टोअर मध्ये उपलब्ध आहे ते मोबाईल मध्ये डाऊनलोड करणे सदर अपडेटेड व्हर्जन मध्ये हवामान केंद्राच्या माहितीचा तपशील समाविष्ट करण्यात आला आहे. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा मोबाईल क्रमांक 9158261922 किंवा 8975485796 धन्यवाद! Marathi MH 14-08-2025 08:30:00 SCHEDULED
647 VIL-2 - Amravati- Dabhada- 14.08.2025 - नमस्कार शेतकरी बंधूंनो...सॉलिडरीडॅड आणि वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. धामनगाव तालुक्यातील दाभाडा येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे या आठवड्यातील हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान २४ ते २५ अंश तर कमाल २७ ते २८ अंश सेल्सियस एवढे राहील.या कालावधीत दिनांक १४ ऑगस्ट २०२५ ते २३ ऑगस्ट २०२५ ,भारी स्वरूपाचा पाऊस पडण्याची शक्यता आहे. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:- सध्या कापूस व सोयाबीन पीक हे ५० ते ५५ दिवसाचे आहे, पिकावर मावा व तुडतुडे ह्या किडीचा प्रादुर्भाव दिसून येत आहे, तरी शेतकऱ्यांनी त्यांच्या नियंत्रणासाठी पहिली फवारणी हि निंबोळी अर्क १०००० PPM ची ५० ते ६० मिली प्रति पंप किंवा वातावरणात पुरेशी आर्द्रता असतांना मेटारायझीयम अनिसोपली ५० ग्रॅम किंवा ब्यूव्हेरिया बँसीयाना १.१५ टक्के ५० ग्रॅम प्रति १० लिटर पाण्यामध्ये मिसळून फवारणी करावी तसेच दुसरी व तिसरी फवारणी ८ दिवसांनी थायोमेथोकझोंम १२-१५ मिली किंवा असिटामाप्रिड ८ ते १० ग्रॅम प्रति पम्प ह्या प्रमाणे फवारणी करावी. शेतकऱ्यांनी गुलाबी व अमेरिकन बोंडअळीच्या सर्वेक्षण व व्यवस्थापनासाठी कापूस पिकाचे नियमित निऱिक्षण ठेवावे. त्यासाठी कपाशी पिकामध्ये एकरी ६ ते ८ कामगंध सापळे लावावे. या सापळ्यामध्ये अडकलेले नरपतंग वेळोवेळी काढून नष्ट करावे तसेच विशिष्ट कालावधीत वड्या (ल्युर) बदलणे अनिवार्य आहे. सोयाबीन पिकामध्ये पिवळा मोझॅक विषाणू या रोगाचा प्रसार करण्यास कारणीभूत असलेल्या पांढऱ्या माशी या किडीच्या प्रतिबंधात्मक व्यवस्थापनासाठी कापूस व सोयाबीन पिकामध्ये ठीक ठिकाणी पिवळे व निळे चिकट सापळे लावावेत. शेतकरी बांधवांनी अळ्या खाणाऱ्या शिकारी पक्ष्यांना थांबण्यासाठी सोयाबीन व कापूस पिकामध्ये ‘T’ आकाराचे पक्षीथांबे उभारावेत. सेंद्रिय सोयाबीन उत्पादन करणाऱ्या शेतकरी बांधवांनी पाने खाणाऱ्या किडीच्या (उंटअळी, तंबाखूची पाने खाणारी अळी) नियंत्रणासाठी बॅसिलस थुरिंजेनेसिस किंवा ब्यूव्हेरिया बेसियाना १ लिटर प्रती हे. या प्रमाणात वापर करावा. स्मार्ट ॲग्री ॲडव्हायझरी ॲप चे अपडेटेड व्हर्जन प्ले स्टोअर मध्ये उपलब्ध आहे ते मोबाईल मध्ये डाऊनलोड करणे सदर अपडेटेड व्हर्जन मध्ये हवामान केंद्राच्या माहितीचा तपशील समाविष्ट करण्यात आला आहे. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबाईल क्रमांक 9039133541 धन्यवाद! Marathi MH 14-08-2025 08:30:00 SCHEDULED
648 VIL-1-Amravati-Talegaon-14.08.2025 - नमस्कार शेतकरी बंधूंनो...सॉलिडरीडॅड आणि वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. धामनगाव तालुक्यातील तळेगाव दशांसर येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे या आठवड्यातील हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान २५ ते २५ अंश तर कमाल २६ ते २९ अंश सेल्सियस एवढे राहील. या कालावधीत दिनांक १४ ऑगस्ट २०२५ ते २३ ऑगस्ट २०२५ ,भारी स्वरूपाचा पाऊस पडण्याची शक्यता आहे. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:- सध्या कापूस व सोयाबीन पीक हे ५० ते ५५ दिवसाचे आहे, पिकावर मावा व तुडतुडे ह्या किडीचा प्रादुर्भाव दिसून येत आहे, तरी शेतकऱ्यांनी त्यांच्या नियंत्रणासाठी पहिली फवारणी हि निंबोळी अर्क १०००० PPM ची ५० ते ६० मिली प्रति पंप किंवा वातावरणात पुरेशी आर्द्रता असतांना मेटारायझीयम अनिसोपली ५० ग्रॅम किंवा ब्यूव्हेरिया बँसीयाना १.१५ टक्के ५० ग्रॅम प्रति १० लिटर पाण्यामध्ये मिसळून फवारणी करावी तसेच दुसरी व तिसरी फवारणी ८ दिवसांनी थायोमेथोकझोंम १२-१५ मिली किंवा असिटामाप्रिड ८ ते १० ग्रॅम प्रति पम्प ह्या प्रमाणे फवारणी करावी. शेतकऱ्यांनी गुलाबी व अमेरिकन बोंडअळीच्या सर्वेक्षण व व्यवस्थापनासाठी कापूस पिकाचे नियमित निऱिक्षण ठेवावे. त्यासाठी कपाशी पिकामध्ये एकरी ६ ते ८ कामगंध सापळे लावावे. या सापळ्यामध्ये अडकलेले नरपतंग वेळोवेळी काढून नष्ट करावे तसेच विशिष्ट कालावधीत वड्या (ल्युर) बदलणे अनिवार्य आहे. सोयाबीन पिकामध्ये पिवळा मोझॅक विषाणू या रोगाचा प्रसार करण्यास कारणीभूत असलेल्या पांढऱ्या माशी या किडीच्या प्रतिबंधात्मक व्यवस्थापनासाठी कापूस व सोयाबीन पिकामध्ये ठीक ठिकाणी पिवळे व निळे चिकट सापळे लावावेत. शेतकरी बांधवांनी अळ्या खाणाऱ्या शिकारी पक्ष्यांना थांबण्यासाठी सोयाबीन व कापूस पिकामध्ये ‘T’ आकाराचे पक्षीथांबे उभारावेत. सेंद्रिय सोयाबीन उत्पादन करणाऱ्या शेतकरी बांधवांनी पाने खाणाऱ्या किडीच्या (उंटअळी, तंबाखूची पाने खाणारी अळी) नियंत्रणासाठी बॅसिलस थुरिंजेनेसिस किंवा ब्यूव्हेरिया बेसियाना १ लिटर प्रती हे. या प्रमाणात वापर करावा. स्मार्ट ॲग्री ॲडव्हायझरी ॲप चे अपडेटेड व्हर्जन प्ले स्टोअर मध्ये उपलब्ध आहे ते मोबाईल मध्ये डाऊनलोड करणे सदर अपडेटेड व्हर्जन मध्ये हवामान केंद्राच्या माहितीचा तपशील समाविष्ट करण्यात आला आहे. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा. मोबाईल क्रमांक 9039133541 धन्यवाद! Marathi MH 14-08-2025 08:30:00 SCHEDULED
649 VIL 2- Wardha- Ajansara 14.08.2025 - नमस्कार शेतकरी बंधूंनो.. सॉलिडरीडॅड आणि वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. हिंगणघाट तालुक्यातील आजनसरा येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे या आठवड्यातील हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान २५ ते २५ °C तर कमाल २८ ते २९ °C एवढे राहील. या कालावधीत दिनांक १४ ऑगस्ट २०२५ ते २३ ऑगस्ट २०२५ ,भारी स्वरूपाचा पाऊस पडण्याची शक्यता आहे. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:- सध्या कापूस व सोयाबीन पीक हे ५० ते ५५ दिवसाचे आहे, पिकावर मावा व तुडतुडे ह्या किडीचा प्रादुर्भाव दिसून येत आहे, तरी शेतकऱ्यांनी त्यांच्या नियंत्रणासाठी पहिली फवारणी हि निंबोळी अर्क १०००० PPM ची ५० ते ६० मिली प्रति पंप किंवा वातावरणात पुरेशी आर्द्रता असतांना मेटारायझीयम अनिसोपली ५० ग्रॅम किंवा ब्यूव्हेरिया बँसीयाना १.१५ टक्के ५० ग्रॅम प्रति १० लिटर पाण्यामध्ये मिसळून फवारणी करावी तसेच दुसरी व तिसरी फवारणी ८ दिवसांनी थायोमेथोकझोंम १२-१५ मिली किंवा असिटामाप्रिड ८ ते १० ग्रॅम प्रति पम्प ह्या प्रमाणे फवारणी करावी. शेतकऱ्यांनी गुलाबी व अमेरिकन बोंडअळीच्या सर्वेक्षण व व्यवस्थापनासाठी कापूस पिकाचे नियमित निऱिक्षण ठेवावे. त्यासाठी कपाशी पिकामध्ये एकरी ६ ते ८ कामगंध सापळे लावावे. या सापळ्यामध्ये अडकलेले नरपतंग वेळोवेळी काढून नष्ट करावे तसेच विशिष्ट कालावधीत वड्या (ल्युर) बदलणे अनिवार्य आहे. सोयाबीन पिकामध्ये पिवळा मोझॅक विषाणू या रोगाचा प्रसार करण्यास कारणीभूत असलेल्या पांढऱ्या माशी या किडीच्या प्रतिबंधात्मक व्यवस्थापनासाठी कापूस व सोयाबीन पिकामध्ये ठीक ठिकाणी पिवळे व निळे चिकट सापळे लावावेत. शेतकरी बांधवांनी अळ्या खाणाऱ्या शिकारी पक्ष्यांना थांबण्यासाठी सोयाबीन व कापूस पिकामध्ये ‘T’ आकाराचे पक्षीथांबे उभारावेत. सेंद्रिय सोयाबीन उत्पादन करणाऱ्या शेतकरी बांधवांनी पाने खाणाऱ्या किडीच्या (उंटअळी, तंबाखूची पाने खाणारी अळी) नियंत्रणासाठी बॅसिलस थुरिंजेनेसिस किंवा ब्यूव्हेरिया बेसियाना १ लिटर प्रती हे. या प्रमाणात वापर करावा. तसेच स्मार्ट ॲग्री ॲडव्हायझरी ॲप चे अपडेटेड व्हर्जन प्ले स्टोअर मध्ये उपलब्ध आहे ते मोबाईल मध्ये डाऊनलोड करणे सदर अपडेटेड व्हर्जन मध्ये हवामान केंद्राच्या माहितीचा तपशील समाविष्ट करण्यात आला आहे. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा मोबाईल क्रमांक ९१५८२६१९२२ धन्यवाद! Marathi MH 14-08-2025 08:30:00 SCHEDULED
650 VIL 1- Wardha- Daroda – 14.08.2025 - नमस्कार शेतकरी बंधूंनो.. सॉलिडरीडॅड आणि वोडाफोन आयडिया फाऊंडेशन यांच्या स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले स्वागत आहे. हिंगणघाट तालुक्यातील दारोडा येथील स्वयंचलीत हवामान केंद्रातर्फे या आठवड्यातील हवामानाचा अंदाज असा, तापमान किमान २४ ते २५ °C तर कमाल २७ ते २८ °C एवढे राहील. . या कालावधीत दिनांक १४ ऑगस्ट २०२५ ते २३ ऑगस्ट २०२५ ,भारी स्वरूपाचा पाऊस पडण्याची शक्यता आहे. शेतकऱ्यांसाठी सूचना:- सध्या कापूस व सोयाबीन पीक हे ५० ते ५५ दिवसाचे आहे, पिकावर मावा व तुडतुडे ह्या किडीचा प्रादुर्भाव दिसून येत आहे, तरी शेतकऱ्यांनी त्यांच्या नियंत्रणासाठी पहिली फवारणी हि निंबोळी अर्क १०००० PPM ची ५० ते ६० मिली प्रति पंप किंवा वातावरणात पुरेशी आर्द्रता असतांना मेटारायझीयम अनिसोपली ५० ग्रॅम किंवा ब्यूव्हेरिया बँसीयाना १.१५ टक्के ५० ग्रॅम प्रति १० लिटर पाण्यामध्ये मिसळून फवारणी करावी तसेच दुसरी व तिसरी फवारणी ८ दिवसांनी थायोमेथोकझोंम १२-१५ मिली किंवा असिटामाप्रिड ८ ते १० ग्रॅम प्रति पम्प ह्या प्रमाणे फवारणी करावी. शेतकऱ्यांनी गुलाबी व अमेरिकन बोंडअळीच्या सर्वेक्षण व व्यवस्थापनासाठी कापूस पिकाचे नियमित निऱिक्षण ठेवावे. त्यासाठी कपाशी पिकामध्ये एकरी ६ ते ८ कामगंध सापळे लावावे. या सापळ्यामध्ये अडकलेले नरपतंग वेळोवेळी काढून नष्ट करावे तसेच विशिष्ट कालावधीत वड्या (ल्युर) बदलणे अनिवार्य आहे. सोयाबीन पिकामध्ये पिवळा मोझॅक विषाणू या रोगाचा प्रसार करण्यास कारणीभूत असलेल्या पांढऱ्या माशी या किडीच्या प्रतिबंधात्मक व्यवस्थापनासाठी कापूस व सोयाबीन पिकामध्ये ठीक ठिकाणी पिवळे व निळे चिकट सापळे लावावेत. शेतकरी बांधवांनी अळ्या खाणाऱ्या शिकारी पक्ष्यांना थांबण्यासाठी सोयाबीन व कापूस पिकामध्ये ‘T’ आकाराचे पक्षीथांबे उभारावेत. सेंद्रिय सोयाबीन उत्पादन करणाऱ्या शेतकरी बांधवांनी पाने खाणाऱ्या किडीच्या (उंटअळी, तंबाखूची पाने खाणारी अळी) नियंत्रणासाठी बॅसिलस थुरिंजेनेसिस किंवा ब्यूव्हेरिया बेसियाना १ लिटर प्रती हे. या प्रमाणात वापर करावा. तसेच स्मार्ट ॲग्री ॲडव्हायझरी ॲप चे अपडेटेड व्हर्जन प्ले स्टोअर मध्ये उपलब्ध आहे ते मोबाईल मध्ये डाऊनलोड करणे सदर अपडेटेड व्हर्जन मध्ये हवामान केंद्राच्या माहितीचा तपशील समाविष्ट करण्यात आला आहे. सॉलिडरीडॅड स्मार्ट ऍग्री प्रोग्राममध्ये आपले शंकासमाधान करण्यास कृपया संपर्क साधावा मोबाईल क्रमांक ९१५८२६१९२२ धन्यवाद! Marathi MH 14-08-2025 08:30:00 SCHEDULED