Message Schedule List : 11,652
S. No. Message Language Created By Date Time Status Action
8021 प्रिय किसान साथियों, जुलाई माह की 29 से 4 अगस्त की तारीख वाले सप्ताह के दौरान हरदोई जिले के पिहानी क्षेत्र के तापमान में बदलाव की कोई सम्भावना नहीं है I सप्ताह के दौरान दिन का अधिकतम तापमान 31 से 35 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 27 से 28 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI इस सप्ताह दक्षिण पश्चिम दिशा से 2 से 8 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवा चलने की सम्भावना हैI कभी कभी 15 से 22 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज हवा के झोके भी आ सकते है जिसकी वजह से पूरे सप्ताह आसमान में बादल छाये रहेंगे तथा 29 से 2 तारीख के बीच वर्षा होने की सम्भावना है I इस दौरान वायुमंडल में आर्द्रता 65 से 90 प्रतिशत तक रहेगीI हवा में अधिक समय तक अधिक आर्द्रता रहने की स्थिति में रोगों और बिमारियों के रोगाणुओं के अधिक जमाव की सम्भावना बढती हैI गन्ने की खेती में खास कर लाल सडन रोग के लिए यह मौसम बहुत अनुकूल होता हैI जिन गन्नो की ऊपर से तीसरी या चौथी पत्ती पीली पड़ रही हैं या सूख रही हैं, उन पर विशेष ध्यान देंI लाल सडन रोग की पुष्टि होने पर ऐसे पौधों को जड़ से निकाल लें और उन्हें खेत से दूर ले जाकर तीन से चार फूट गहरे गड्ढे में दबा देंI उखाड़े गये स्थान पर ब्लीचिंग पाउडर को भरें और मिट्टी से दबा देंI ऐसे खेतों में 4 किग्रा ट्राईकोडर्मा को 4-5 कुंटल गोबर की सडी खाद में मिला कर खेतो में डालें और हल्की सिंचाई करेंI याद रहे कि लाल सडन रोग से प्रभावित गन्ने के खेतों का पानी दूसरे स्वस्थ गन्ने वाले खेतों में न जाने पाये I हवा में अधिक समय तक अधिक आर्द्रता होने के कारण पोक्का बोईंग रोग के भी लक्षण दिखाई देते है | इसमें नई पत्ती के जड़ की ओर पीले रंग के धब्बे दिखाई देते है तथा पत्ती सिकुड़ने लगती है| ऐसी स्थिति में प्रति एकड की दर से 250 ग्राम कार्बेन्डाजिम या कॉपर ओक्सी क्लोराइड को 250 लीटर पानी में घोल बनाकर छिडकाव करे | किसान भाइयो को अगर अपने खेतो में पायरिल्ला कीट के लक्षण दिख रहे है तो ऐसे में किसान साथियों को सलाह दी जाती है कि वह अपने खेतो में किसी भी प्रकार के कीटनाशक का प्रियोग न करे | इस मौसम में ग्रीन होपर या फुदका नामक कीट भी दिखाई देते है खेतो में इनकी अधिक संख्या पाए जाने पर 125 मिली एमिडा को 250 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति एकड की दर से छिडकाव करे | मिटटी में अधिक समय तक नमी रहने तथा तेज हवा चलने के कारण गन्ना गिरने की सम्भावना अधिक हो जाती है ऐसे में किसान भाइयो को सलाह दी जाती है की वे शरदकाल में लगाये गए गन्नो पर भरपूर मिटटी चढाये व जिन गन्नो की ऊंचाई अगर 5-6 फीट की हो गयी हो उसकी पहली बंधाई जड़ से 3-4 फीट की ऊँचाई पर करेंI ऐसे खेत जो खाली पड़े है जिनमे किसान भाई शरद कालीन गन्ने की बुवाई करना चाहते है उन खेतो में सनई, ढ़ैचा आदि हरी खाद की फसलो को अवश्य बोये | ‘स्मार्ट एग्री कार्यक्रम’ की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 28-07-2023 08:03:00 SCHEDULED
8022 प्रिय किसान साथियों, जुलाई माह की 29 से 4 अगस्त की तारीख वाले सप्ताह के दौरान हरदोई जिले के हरपालपुर क्षेत्र के तापमान में बदलाव की कोई सम्भावना नहीं है I सप्ताह के दौरान दिन का अधिकतम तापमान 31 से 35 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 27 से 28 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI इस सप्ताह दक्षिण पश्चिम दिशा से 2 से 8 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवा चलने की सम्भावना हैI कभी कभी 15 से 22 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज हवा के झोके भी आ सकते है जिसकी वजह से पूरे सप्ताह आसमान में बादल छाये रहेंगे तथा 29 से 2 तारीख के बीच वर्षा होने की सम्भावना है I इस दौरान वायुमंडल में आर्द्रता 65 से 90 प्रतिशत तक रहेगीI हवा में अधिक समय तक अधिक आर्द्रता रहने की स्थिति में रोगों और बिमारियों के रोगाणुओं के अधिक जमाव की सम्भावना बढती हैI गन्ने की खेती में खास कर लाल सडन रोग के लिए यह मौसम बहुत अनुकूल होता हैI जिन गन्नो की ऊपर से तीसरी या चौथी पत्ती पीली पड़ रही हैं या सूख रही हैं, उन पर विशेष ध्यान देंI लाल सडन रोग की पुष्टि होने पर ऐसे पौधों को जड़ से निकाल लें और उन्हें खेत से दूर ले जाकर तीन से चार फूट गहरे गड्ढे में दबा देंI उखाड़े गये स्थान पर ब्लीचिंग पाउडर को भरें और मिट्टी से दबा देंI ऐसे खेतों में 4 किग्रा ट्राईकोडर्मा को 4-5 कुंटल गोबर की सडी खाद में मिला कर खेतो में डालें और हल्की सिंचाई करेंI याद रहे कि लाल सडन रोग से प्रभावित गन्ने के खेतों का पानी दूसरे स्वस्थ गन्ने वाले खेतों में न जाने पाये I हवा में अधिक समय तक अधिक आर्द्रता होने के कारण पोक्का बोईंग रोग के भी लक्षण दिखाई देते है | इसमें नई पत्ती के जड़ की ओर पीले रंग के धब्बे दिखाई देते है तथा पत्ती सिकुड़ने लगती है| ऐसी स्थिति में प्रति एकड की दर से 250 ग्राम कार्बेन्डाजिम या कॉपर ओक्सी क्लोराइड को 250 लीटर पानी में घोल बनाकर छिडकाव करे | किसान भाइयो को अगर अपने खेतो में पायरिल्ला कीट के लक्षण दिख रहे है तो ऐसे में किसान साथियों को सलाह दी जाती है कि वह अपने खेतो में किसी भी प्रकार के कीटनाशक का प्रियोग न करे | इस मौसम में ग्रीन होपर या फुदका नामक कीट भी दिखाई देते है खेतो में इनकी अधिक संख्या पाए जाने पर 125 मिली एमिडा को 250 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति एकड की दर से छिडकाव करे | मिटटी में अधिक समय तक नमी रहने तथा तेज हवा चलने के कारण गन्ना गिरने की सम्भावना अधिक हो जाती है ऐसे में किसान भाइयो को सलाह दी जाती है की वे शरदकाल में लगाये गए गन्नो पर भरपूर मिटटी चढाये व जिन गन्नो की ऊंचाई अगर 5-6 फीट की हो गयी हो उसकी पहली बंधाई जड़ से 3-4 फीट की ऊँचाई पर करेंI ऐसे खेत जो खाली पड़े है जिनमे किसान भाई शरद कालीन गन्ने की बुवाई करना चाहते है उन खेतो में सनई, ढ़ैचा आदि हरी खाद की फसलो को अवश्य बोये | ‘स्मार्ट एग्री कार्यक्रम’ की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 28-07-2023 08:02:00 SCHEDULED
8023 प्रिय किसान साथियों, जुलाई माह की 29 से 4 अगस्त की तारीख वाले सप्ताह के दौरान हरदोई जिले के हरियावा क्षेत्र के तापमान में बदलाव की कोई सम्भावना नहीं है I सप्ताह के दौरान दिन का अधिकतम तापमान 31 से 35 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 27 से 28 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI इस सप्ताह दक्षिण पश्चिम दिशा से 2 से 8 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवा चलने की सम्भावना हैI कभी कभी 15 से 22 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज हवा के झोके भी आ सकते है जिसकी वजह से पूरे सप्ताह आसमान में बादल छाये रहेंगे तथा 29 से 2 तारीख के बीच वर्षा होने की सम्भावना है I इस दौरान वायुमंडल में आर्द्रता 65 से 90 प्रतिशत तक रहेगीI हवा में अधिक समय तक अधिक आर्द्रता रहने की स्थिति में रोगों और बिमारियों के रोगाणुओं के अधिक जमाव की सम्भावना बढती हैI गन्ने की खेती में खास कर लाल सडन रोग के लिए यह मौसम बहुत अनुकूल होता हैI जिन गन्नो की ऊपर से तीसरी या चौथी पत्ती पीली पड़ रही हैं या सूख रही हैं, उन पर विशेष ध्यान देंI लाल सडन रोग की पुष्टि होने पर ऐसे पौधों को जड़ से निकाल लें और उन्हें खेत से दूर ले जाकर तीन से चार फूट गहरे गड्ढे में दबा देंI उखाड़े गये स्थान पर ब्लीचिंग पाउडर को भरें और मिट्टी से दबा देंI ऐसे खेतों में 4 किग्रा ट्राईकोडर्मा को 4-5 कुंटल गोबर की सडी खाद में मिला कर खेतो में डालें और हल्की सिंचाई करेंI याद रहे कि लाल सडन रोग से प्रभावित गन्ने के खेतों का पानी दूसरे स्वस्थ गन्ने वाले खेतों में न जाने पाये I हवा में अधिक समय तक अधिक आर्द्रता होने के कारण पोक्का बोईंग रोग के भी लक्षण दिखाई देते है | इसमें नई पत्ती के जड़ की ओर पीले रंग के धब्बे दिखाई देते है तथा पत्ती सिकुड़ने लगती है| ऐसी स्थिति में प्रति एकड की दर से 250 ग्राम कार्बेन्डाजिम या कॉपर ओक्सी क्लोराइड को 250 लीटर पानी में घोल बनाकर छिडकाव करे | किसान भाइयो को अगर अपने खेतो में पायरिल्ला कीट के लक्षण दिख रहे है तो ऐसे में किसान साथियों को सलाह दी जाती है कि वह अपने खेतो में किसी भी प्रकार के कीटनाशक का प्रियोग न करे | इस मौसम में ग्रीन होपर या फुदका नामक कीट भी दिखाई देते है खेतो में इनकी अधिक संख्या पाए जाने पर 125 मिली एमिडा को 250 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति एकड की दर से छिडकाव करे | मिटटी में अधिक समय तक नमी रहने तथा तेज हवा चलने के कारण गन्ना गिरने की सम्भावना अधिक हो जाती है ऐसे में किसान भाइयो को सलाह दी जाती है की वे शरदकाल में लगाये गए गन्नो पर भरपूर मिटटी चढाये व जिन गन्नो की ऊंचाई अगर 5-6 फीट की हो गयी हो उसकी पहली बंधाई जड़ से 3-4 फीट की ऊँचाई पर करेंI ऐसे खेत जो खाली पड़े है जिनमे किसान भाई शरद कालीन गन्ने की बुवाई करना चाहते है उन खेतो में सनई, ढ़ैचा आदि हरी खाद की फसलो को अवश्य बोये | ‘स्मार्ट एग्री कार्यक्रम’ की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 28-07-2023 08:01:00 SCHEDULED
8024 प्रिय किसान साथियों, जुलाई माह की 29 से 4 अगस्त की तारीख वाले सप्ताह के दौरान हरदोई जिले के टोडरपुर क्षेत्र के तापमान में बदलाव की कोई सम्भावना नहीं है I सप्ताह के दौरान दिन का अधिकतम तापमान 31 से 35 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 27 से 28 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI इस सप्ताह दक्षिण पश्चिम दिशा से 2 से 8 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवा चलने की सम्भावना हैI कभी कभी 15 से 22 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज हवा के झोके भी आ सकते है जिसकी वजह से पूरे सप्ताह आसमान में बादल छाये रहेंगे तथा 29 से 2 तारीख के बीच वर्षा होने की सम्भावना है I इस दौरान वायुमंडल में आर्द्रता 65 से 90 प्रतिशत तक रहेगीI हवा में अधिक समय तक अधिक आर्द्रता रहने की स्थिति में रोगों और बिमारियों के रोगाणुओं के अधिक जमाव की सम्भावना बढती हैI गन्ने की खेती में खास कर लाल सडन रोग के लिए यह मौसम बहुत अनुकूल होता हैI जिन गन्नो की ऊपर से तीसरी या चौथी पत्ती पीली पड़ रही हैं या सूख रही हैं, उन पर विशेष ध्यान देंI लाल सडन रोग की पुष्टि होने पर ऐसे पौधों को जड़ से निकाल लें और उन्हें खेत से दूर ले जाकर तीन से चार फूट गहरे गड्ढे में दबा देंI उखाड़े गये स्थान पर ब्लीचिंग पाउडर को भरें और मिट्टी से दबा देंI ऐसे खेतों में 4 किग्रा ट्राईकोडर्मा को 4-5 कुंटल गोबर की सडी खाद में मिला कर खेतो में डालें और हल्की सिंचाई करेंI याद रहे कि लाल सडन रोग से प्रभावित गन्ने के खेतों का पानी दूसरे स्वस्थ गन्ने वाले खेतों में न जाने पाये I हवा में अधिक समय तक अधिक आर्द्रता होने के कारण पोक्का बोईंग रोग के भी लक्षण दिखाई देते है | इसमें नई पत्ती के जड़ की ओर पीले रंग के धब्बे दिखाई देते है तथा पत्ती सिकुड़ने लगती है| ऐसी स्थिति में प्रति एकड की दर से 250 ग्राम कार्बेन्डाजिम या कॉपर ओक्सी क्लोराइड को 250 लीटर पानी में घोल बनाकर छिडकाव करे | किसान भाइयो को अगर अपने खेतो में पायरिल्ला कीट के लक्षण दिख रहे है तो ऐसे में किसान साथियों को सलाह दी जाती है कि वह अपने खेतो में किसी भी प्रकार के कीटनाशक का प्रियोग न करे | इस मौसम में ग्रीन होपर या फुदका नामक कीट भी दिखाई देते है खेतो में इनकी अधिक संख्या पाए जाने पर 125 मिली एमिडा को 250 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति एकड की दर से छिडकाव करे | मिटटी में अधिक समय तक नमी रहने तथा तेज हवा चलने के कारण गन्ना गिरने की सम्भावना अधिक हो जाती है ऐसे में किसान भाइयो को सलाह दी जाती है की वे शरदकाल में लगाये गए गन्नो पर भरपूर मिटटी चढाये व जिन गन्नो की ऊंचाई अगर 5-6 फीट की हो गयी हो उसकी पहली बंधाई जड़ से 3-4 फीट की ऊँचाई पर करेंI ऐसे खेत जो खाली पड़े है जिनमे किसान भाई शरद कालीन गन्ने की बुवाई करना चाहते है उन खेतो में सनई, ढ़ैचा आदि हरी खाद की फसलो को अवश्य बोये | ‘स्मार्ट एग्री कार्यक्रम’ की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 28-07-2023 08:01:00 SCHEDULED
8025 प्रिय किसान साथियों, जुलाई माह की 29 से 4 अगस्त की तारीख वाले सप्ताह के दौरान हरदोई जिले के बिलग्राम क्षेत्र के तापमान में बदलाव की कोई सम्भावना नहीं है I सप्ताह के दौरान दिन का अधिकतम तापमान 31 से 35 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 27 से 28 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI इस सप्ताह दक्षिण पश्चिम दिशा से 2 से 8 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवा चलने की सम्भावना हैI कभी कभी 15 से 22 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज हवा के झोके भी आ सकते है जिसकी वजह से पूरे सप्ताह आसमान में बादल छाये रहेंगे तथा 29 से 2 तारीख के बीच वर्षा होने की सम्भावना है I इस दौरान वायुमंडल में आर्द्रता 65 से 90 प्रतिशत तक रहेगीI हवा में अधिक समय तक अधिक आर्द्रता रहने की स्थिति में रोगों और बिमारियों के रोगाणुओं के अधिक जमाव की सम्भावना बढती हैI गन्ने की खेती में खास कर लाल सडन रोग के लिए यह मौसम बहुत अनुकूल होता हैI जिन गन्नो की ऊपर से तीसरी या चौथी पत्ती पीली पड़ रही हैं या सूख रही हैं, उन पर विशेष ध्यान देंI लाल सडन रोग की पुष्टि होने पर ऐसे पौधों को जड़ से निकाल लें और उन्हें खेत से दूर ले जाकर तीन से चार फूट गहरे गड्ढे में दबा देंI उखाड़े गये स्थान पर ब्लीचिंग पाउडर को भरें और मिट्टी से दबा देंI ऐसे खेतों में 4 किग्रा ट्राईकोडर्मा को 4-5 कुंटल गोबर की सडी खाद में मिला कर खेतो में डालें और हल्की सिंचाई करेंI याद रहे कि लाल सडन रोग से प्रभावित गन्ने के खेतों का पानी दूसरे स्वस्थ गन्ने वाले खेतों में न जाने पाये I हवा में अधिक समय तक अधिक आर्द्रता होने के कारण पोक्का बोईंग रोग के भी लक्षण दिखाई देते है | इसमें नई पत्ती के जड़ की ओर पीले रंग के धब्बे दिखाई देते है तथा पत्ती सिकुड़ने लगती है| ऐसी स्थिति में प्रति एकड की दर से 250 ग्राम कार्बेन्डाजिम या कॉपर ओक्सी क्लोराइड को 250 लीटर पानी में घोल बनाकर छिडकाव करे | किसान भाइयो को अगर अपने खेतो में पायरिल्ला कीट के लक्षण दिख रहे है तो ऐसे में किसान साथियों को सलाह दी जाती है कि वह अपने खेतो में किसी भी प्रकार के कीटनाशक का प्रियोग न करे | इस मौसम में ग्रीन होपर या फुदका नामक कीट भी दिखाई देते है खेतो में इनकी अधिक संख्या पाए जाने पर 125 मिली एमिडा को 250 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति एकड की दर से छिडकाव करे | मिटटी में अधिक समय तक नमी रहने तथा तेज हवा चलने के कारण गन्ना गिरने की सम्भावना अधिक हो जाती है ऐसे में किसान भाइयो को सलाह दी जाती है की वे शरदकाल में लगाये गए गन्नो पर भरपूर मिटटी चढाये व जिन गन्नो की ऊंचाई अगर 5-6 फीट की हो गयी हो उसकी पहली बंधाई जड़ से 3-4 फीट की ऊँचाई पर करेंI ऐसे खेत जो खाली पड़े है जिनमे किसान भाई शरद कालीन गन्ने की बुवाई करना चाहते है उन खेतो में सनई, ढ़ैचा आदि हरी खाद की फसलो को अवश्य बोये | ‘स्मार्ट एग्री कार्यक्रम’ की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 28-07-2023 08:00:00 SCHEDULED
8026 प्रिय किसान साथियों, जुलाई माह की 29 से 4 अगस्त की तारीख वाले सप्ताह के दौरान हरदोई जिले के बरखनी क्षेत्र के तापमान में बदलाव की कोई सम्भावना नहीं है I सप्ताह के दौरान दिन का अधिकतम तापमान 31 से 35 डिग्री सेंटीग्रेड तथा रात का न्यूनतम तापमान 27 से 28 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की सम्भावना हैI इस सप्ताह दक्षिण पश्चिम दिशा से 2 से 8 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवा चलने की सम्भावना हैI कभी कभी 15 से 22 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज हवा के झोके भी आ सकते है जिसकी वजह से पूरे सप्ताह आसमान में बादल छाये रहेंगे तथा 29 से 2 तारीख के बीच वर्षा होने की सम्भावना है I इस दौरान वायुमंडल में आर्द्रता 65 से 90 प्रतिशत तक रहेगीI हवा में अधिक समय तक अधिक आर्द्रता रहने की स्थिति में रोगों और बिमारियों के रोगाणुओं के अधिक जमाव की सम्भावना बढती हैI गन्ने की खेती में खास कर लाल सडन रोग के लिए यह मौसम बहुत अनुकूल होता हैI जिन गन्नो की ऊपर से तीसरी या चौथी पत्ती पीली पड़ रही हैं या सूख रही हैं, उन पर विशेष ध्यान देंI लाल सडन रोग की पुष्टि होने पर ऐसे पौधों को जड़ से निकाल लें और उन्हें खेत से दूर ले जाकर तीन से चार फूट गहरे गड्ढे में दबा देंI उखाड़े गये स्थान पर ब्लीचिंग पाउडर को भरें और मिट्टी से दबा देंI ऐसे खेतों में 4 किग्रा ट्राईकोडर्मा को 4-5 कुंटल गोबर की सडी खाद में मिला कर खेतो में डालें और हल्की सिंचाई करेंI याद रहे कि लाल सडन रोग से प्रभावित गन्ने के खेतों का पानी दूसरे स्वस्थ गन्ने वाले खेतों में न जाने पाये I हवा में अधिक समय तक अधिक आर्द्रता होने के कारण पोक्का बोईंग रोग के भी लक्षण दिखाई देते है | इसमें नई पत्ती के जड़ की ओर पीले रंग के धब्बे दिखाई देते है तथा पत्ती सिकुड़ने लगती है| ऐसी स्थिति में प्रति एकड की दर से 250 ग्राम कार्बेन्डाजिम या कॉपर ओक्सी क्लोराइड को 250 लीटर पानी में घोल बनाकर छिडकाव करे | किसान भाइयो को अगर अपने खेतो में पायरिल्ला कीट के लक्षण दिख रहे है तो ऐसे में किसान साथियों को सलाह दी जाती है कि वह अपने खेतो में किसी भी प्रकार के कीटनाशक का प्रियोग न करे | इस मौसम में ग्रीन होपर या फुदका नामक कीट भी दिखाई देते है खेतो में इनकी अधिक संख्या पाए जाने पर 125 मिली एमिडा को 250 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति एकड की दर से छिडकाव करे | मिटटी में अधिक समय तक नमी रहने तथा तेज हवा चलने के कारण गन्ना गिरने की सम्भावना अधिक हो जाती है ऐसे में किसान भाइयो को सलाह दी जाती है की वे शरदकाल में लगाये गए गन्नो पर भरपूर मिटटी चढाये व जिन गन्नो की ऊंचाई अगर 5-6 फीट की हो गयी हो उसकी पहली बंधाई जड़ से 3-4 फीट की ऊँचाई पर करेंI ऐसे खेत जो खाली पड़े है जिनमे किसान भाई शरद कालीन गन्ने की बुवाई करना चाहते है उन खेतो में सनई, ढ़ैचा आदि हरी खाद की फसलो को अवश्य बोये | ‘स्मार्ट एग्री कार्यक्रम’ की और अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9205021814 पर संपर्क करेंI इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिए 7065-00-5054 पर संपर्क करेI Hindi Uttar Pradesh 28-07-2023 08:00:00 SCHEDULED
8027 ସୋଲିଡାରିଦାଡ, ଭୋଡଫୋନ ଆଇଡିଆ ଫାଉଣ୍ଡେସନ, ଇଣ୍ଡସ ଟାୱାର ଓ ଲାଇଭଲିହୁଡ ଅଲ୍ଟର ନେଟିଭ ତରଫରୁ ପରିଚାଳିତ ହେଉଥିବା ଆଧୁନିକ କୃଷି କାଯ୍ୟକ୍ରମରେ ଗଜପତି ଜିଲ୍ଲା ର ଘୁମା ଓ ମୋହନା ବ୍ଲକ ର କୃଷକ ମାନଙ୍କୁ ସ୍ଵାଗତ କରାଯାଉଅଛି।ମକା ଚାଷ କରୁଥିବା କୃଷକ ମାନଙ୍କୁ ସାପ୍ତାହିକ କୃଷି ସୂଚନା। Fall army warm ଫଲ୍ ଅlର୍ମି ୱାର୍ମ (FAW) ପୋକ ମକା ଫସଲରେ ଅନେକ କ୍ଷତି ଘଟାଏ | ଫସଲର ପ୍ରାରମ୍ଭିକ ପର୍ଯ୍ୟାୟରେ (30 ଦିନ ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ) ଫଲ୍ ଆର୍ମି କୀଟ (FAW) ର କ୍ଷେତରେ ଉପସ୍ଥିତି ଜାଣିବା ପାଇଁ ଏକର ପିଛା 5 ଫେରୋମୋନ୍ ଟ୍ରାପ୍ ଏବଂ ଏହାର ନିୟନ୍ତ୍ରଣ ପାଇଁ ଏକର ପିଛା 15 ଫେରୋମୋନ୍ ଟ୍ରାପ୍ ପ୍ରୟୋଗ କରନ୍ତୁ | ଏହାପରେ ଯଦି ଫଲ୍ ଆର୍ମି ୱାର୍ମ କୀଟ ଦେଖା ଯାଆନ୍ତି ଏହାର ନିୟନ୍ତ୍ରଣ ପାଇଁ ଏକର ପିଛା ମୋଟ 7 ଟି ଡ୍ରମ୍ ରେ ଏକ ଲିଟର ନିମ ତେଲ ମିଶାଇ ସ୍ପ୍ରେ କରନ୍ତୁ , ଅର୍ଥାତ୍ ଲିଟର ପିଛା ୫ ମିଲି ଗ୍ରାମ। ଏହି କୀଟନାଶକକୁ ରାସାୟନିକ ନିୟନ୍ତ୍ରଣ ପାଇଁ, ଏମାମେକ୍ଟିନ୍ ବେଞ୍ଜୋଏଟ୍ 5% SG କୁ ଲିଟର ପିଛା 0.4 ଗ୍ରାମ କିମ୍ବା ସ୍ପିନୋସାଡ 45% ଏସସି ବ୍ୟବହାର କରି ଲିଟର ପିଛା 0.3 ମିଲି କିମ୍ବା କ୍ଲୋରାଣ୍ଟ୍ରାନିଲିପ୍ରୋଲ 18.5% ଏସସି ସହିତ ଲିଟର ପାଣିରେ 0.3 ମିଲି ବ୍ୟବହାର କରନ୍ତୁ |ଅଧିକ ସୂଚନା ପାଇଁ ଆମ ଟୋଲ ଫ୍ରି ନମ୍ବର ୭୦୬୫୦୦୫୦୫୪ ରେ ମିସ୍ କଲ କରନ୍ତୁ ଧନ୍ୟବାଦ୍। Odia Orissa 26-07-2023 17:20:00 SCHEDULED
8028 वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं सोलीडरिडाड द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, ग्राम Pali जिला Vidisha ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 25 July - 31 July के दौरान दिन में 31 और रात में 25 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है। पिछले सप्ताह 92 mm बारिश दर्ज हुई है। जून माह में अबतक कुल 417.8mm बारिश दर्ज हुई है। आगामी सप्ताह मे मंगलवार से सोमवार को 55-90% बारिश होने की संभावना हे। मूंगफली की प्रारंभिक पत्ती धब्बा (early blight ) एक कवक रोग है यह मूंगफली की पत्तियों पर लगने वाली एक प्रमुख बीमारी है और इससे उपज को काफी नुकसान हो सकता है। प्रारंभिक पत्ती धब्बे के लक्षण आमतौर पर रोपण के 30-50 दिन बाद दिखाई देते हैं। पत्ती की ऊपरी सतह पर छोटे, भूरे रंग के धब्बे दिखाई देते हैं। ये धब्बे बड़े हो जाते हैं और पीले गोलाकार हो जाते हैं। अंततः पूरी पत्ती को ढक लेते हैं। रोग का पता चलते ही इसकी रोकथाम के लिये मेनकोजेब 75% WP (डायथेन एम-45) का 2 ग्रा./लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करना चाहिये I छिड़काव 10-12 दिनों के अूंतर पर पुनः करें।रोग के प्रतिरोध के विकास को रोकने के लिए आप जिन कवकनाशी का उपयोग करते हैं उन्हें बारी-बारी से करें। रोग से बचाव के लिए फसल की नियमित निगरानी करें। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिये शून्य दबाए I Hindi MP 26-07-2023 16:00:00 SCHEDULED
8029 वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं सोलीडरिडाड द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, ग्राम Sadakhedi जिला Ratlam ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 25 July - 31 July के दौरान दिन में 28 और रात में 25 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है। पिछले सप्ताह 220.2 mm बारिश दर्ज हुई है। जून माह में अबतक कुल 672mm बारिश दर्ज हुई है। आगामी सप्ताह मे मंगलवार से सोमवार को 40-95% बारिश होने की संभावना हे। मूंगफली की प्रारंभिक पत्ती धब्बा (early blight ) एक कवक रोग है यह मूंगफली की पत्तियों पर लगने वाली एक प्रमुख बीमारी है और इससे उपज को काफी नुकसान हो सकता है। प्रारंभिक पत्ती धब्बे के लक्षण आमतौर पर रोपण के 30-50 दिन बाद दिखाई देते हैं। पत्ती की ऊपरी सतह पर छोटे, भूरे रंग के धब्बे दिखाई देते हैं। ये धब्बे बड़े हो जाते हैं और पीले गोलाकार हो जाते हैं। अंततः पूरी पत्ती को ढक लेते हैं। रोग का पता चलते ही इसकी रोकथाम के लिये मेनकोजेब 75% WP (डायथेन एम-45) का 2 ग्रा./लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करना चाहिये I छिड़काव 10-12 दिनों के अूंतर पर पुनः करें।रोग के प्रतिरोध के विकास को रोकने के लिए आप जिन कवकनाशी का उपयोग करते हैं उन्हें बारी-बारी से करें। रोग से बचाव के लिए फसल की नियमित निगरानी करें। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिये शून्य दबाए I Hindi MP 26-07-2023 15:59:00 SCHEDULED
8030 वोडाफोन आईडिया फाउंडेशन एवं सोलीडरिडाड द्वारा क्रियान्वित स्मार्ट एग्री कार्यक्रम में आपका स्वागत है। किसानों के लिए सम-सामयिक सलाह, ग्राम Bolai जिला Shajapur ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के अनुसार इस सप्ताह: 25 July - 31 July के दौरान दिन में 30 और रात में 24 डिग्री सेल्सियस तापक्रम रहने का अनुमान है। पिछले सप्ताह 150 mm बारिश दर्ज हुई है। जून माह में अबतक कुल 861.8mm बारिश दर्ज हुई है। आगामी सप्ताह मे मंगलवार से सोमवार को 55-90% बारिश होने की संभावना हे। मूंगफली की प्रारंभिक पत्ती धब्बा (early blight ) एक कवक रोग है यह मूंगफली की पत्तियों पर लगने वाली एक प्रमुख बीमारी है और इससे उपज को काफी नुकसान हो सकता है। प्रारंभिक पत्ती धब्बे के लक्षण आमतौर पर रोपण के 30-50 दिन बाद दिखाई देते हैं। पत्ती की ऊपरी सतह पर छोटे, भूरे रंग के धब्बे दिखाई देते हैं। ये धब्बे बड़े हो जाते हैं और पीले गोलाकार हो जाते हैं। अंततः पूरी पत्ती को ढक लेते हैं। रोग का पता चलते ही इसकी रोकथाम के लिये मेनकोजेब 75% WP (डायथेन एम-45) का 2 ग्रा./लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करना चाहिये I छिड़काव 10-12 दिनों के अूंतर पर पुनः करें।रोग के प्रतिरोध के विकास को रोकने के लिए आप जिन कवकनाशी का उपयोग करते हैं उन्हें बारी-बारी से करें। रोग से बचाव के लिए फसल की नियमित निगरानी करें। स्मार्ट एग्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत खेती संबंधित समसामयिक सलाह के लिए 7065-00-5054 पर मिस कॉल करें एवं उपयोगी सलाह प्राप्त करें I अधिक जानकारी के लिए कृपया आप हमारे कृषि-विशेषज्ञ (फ़ोन: 8251071818) से दिन में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच बात करें.I इस सन्देश को दोबारा सुनने के लिये शून्य दबाए I Hindi MP 26-07-2023 15:58:00 SCHEDULED